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आगर मालवा में PACL भूमि: बंधक नहीं, किसान के कब्जे में

Agar, Madhya Pradesh:AGAR MALWA (MP), PACL ग्राम बिड माधोपुर आगर जिले के सुसनेर तहसील ग्राम (बिड माधोपुर). किसान नाम एसम पीएल कलेंटक्स पाइवेट लिमिटेड पुत्र विकास आदि. (1) क्रमांक 13608 सर्वे नम्बर 188/2 (9.16) hec. आदि. (2) क्रमांक 13895 सर्व नम्बर 4 (1.2), 10 (2.67), 105 (0.06), 180 (0.8), 18-258 (0.34), hec. आदि. (3) क्रमांक 13897 सेवे नम्बर 117(8.52) share- 5.15 hec. आदि. (4) क्रमांक 16563 सर्व नम्बर 36 (0.90), 101 (0.18), 107/2 (0.44), 133 (0.81), 169/6 (0.17), 170/1 (0.58), 249 (0.43), 251 (0.42), 252 (0.09), 258 (0.36), 261/3 (0.03), 262 (0.39), 264 (0.20), 377/3 (0.24), 403/1 (0.04), 419/3(0.08) आदि. (5) क्रमांक 13615 सर्वे नम्बर 86 (0.62), 88 (0.55), 91 (0.73), 92 (1.28), 93 (0.93), 94 (0.92) आदि. (6) क्रमांक 7837 सर्वे नम्बर 117 (5.15) आदि. इस जमीन पर किसी का बंधक नहीं है, वर्तमान जमीन किसान के पास ही है।
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पटना में स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारी शुरू, ऑनलाइन फीडबैक नहीं लिया जाएगा

Patna, Bihar:स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर पटना में तैयारी शुरू हो गई हैं...इस बार शहर के लोगों से ऑनलाइन फीडबैक नहीं लिया जाएगा। 15 अप्रैल के बाद केंद्रीय टीम पटना आएगी। वार्डों में जाकर सीधे लोगों से साफ-सफाई की जानकारी लेगी। टीम यहां कम से कम 7 दिन तक रहेगी। नागरिकों से सीधे बातचीत के बाद फीडबैक की पूरी रिपोर्ट बनेगी। पिछले साल फीडबैक देने के लिए लोगों को क्यूआर कोड स्कैन करना था। स्वच्छता सर्वे में इस बार 12,500 अंकों के आधार पर शहर में साफ-सफाई का मूल्यांकन होगा। इसमें कचरा प्रबंधन, स्वच्छ सर्वेक्षण, अपशिष्ट जल प्रबंधन, शिकायत निवारण और जनभागीदारी शामिल हैं। मुख्य तौर पर कचरा प्रबंधन के लिए 1500 अंक निर्धारित हैं। अभी राजधानी पटना में जर्जर गाड़ी और सिंगल उसे प्लास्टिक की वजह से शहर की सुंदरता सबसे अधिक खराब हो रही है इसके अलावा डम्पीग यार्ड भी शहर की हवा ख़राब करने के लिए जिम्मेदार हैं....
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8 महीने से लापता पुष्पा केस: हाईकोर्ट के दबाव के बीच प्रशासन पर सवाल उठे

Bokaro Steel City, Jharkhand:8 महीने से लापता पुष्पा केस में परिजनों ने पुलिस पर उठाए सवाल, जिला परिषद उपाध्यक्ष ने खोला मोर्चा. कहां है पुष्पा, कॉलेज का फॉर्म भरने के लिए निकली पुष्पा का अब तक सुराग नहीं मिलने से परिजन चिंतित. पुष्पा लापता है तो कहां है कौन है इसके पीछे जिसने उसके रहस्यमय तरीके से लापता कर दिया है. ये सवाल परिवार के लोग आज भी पूछ रहे हैं और पूरा मामला झारखंड हाई कोर्ट में भी चल रहा है. बोकारो जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र के खूंटाडीह गांव की 18 वर्षीय पुष्पा कुमारी के आठ महीने से लापता होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. मामले में जहां एक ओर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाते-लगाते थक चुका है. अब इस मामले में जिला परिषद उपाध्यक्ष बबीता देवी के खुलकर सामने आने से घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है. बबीता देवी ने प्रेस वार्ता कर बोकारो पुलिस पर लापरवाही और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि पुलिस का ध्यान पुष्पा की तलाश पर कम और पीड़ित परिवार को दबाव में लेने पर अधिक है. उन्होंने प्रशासन पर अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने का आरोप भी लगाया. मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने पहले बोकारो के एसपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था. इसके बाद हाल ही में डीजीपी तदाशा मिश्रा को वर्चुअल माध्यम से जवाब देने को कहा गया है. अदालत की सख्ती के बाद प्रशासन पर दबाव साफ नजर आ रहा है और आगामी सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं. पीड़िता की मां रेखा देवी ने पुलिस पर मारपीट और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि 3 अप्रैल को उनके रिश्तेदार को जांच के नाम पर थाने बुलाकर बेरहमी से पीटा गया. परिवार का आरोप है कि पुलिस निष्पक्ष जांच के बजाय उन्हें डराने और मामले को दबाने का प्रयास कर रही है. बबीता देवी ने पुलिस प्रशासन पर परिवार को ही धमकी देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं. उन्होंने कहा कि पीड़िता की मां को फोन कर केस को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. ऐसे में यह मामला अब केवल एक गुमशुदगी नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की बड़ी परीक्षा बन चुका है. वही मां का भी रो रोकर बुरा हाल है. वही बोकारो एसपी ने कहा कि परिवार के द्वारा लगाए गए आरोप की सच्चाई की जांच कर ऐसे पुलिस वाले पर करवाई की जाएगी. बताते चले कि मामला हाई कोर्ट में है और कोर्ट के द्वारा डीजीपी को भी इस मामले में तलब किया गया है.
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जयपुर में सरेराह हमला: लेन-देन विवाद पर युवक पर जानलेवा हमला, आरोपी फरार

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में सरेराह गुंडागर्दी: लेन-देन विवाद में युवक पर जानलेवा हमला, आरोपी फरार जयपुर शहर के महेश नगर थाना क्षेत्र में सरेराह गुंडागर्दी का मामला सामने आया है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है।जानकारी के अनुसार स्वेज फार्म सर्किल के पास आपसी लेन-देन के विवाद को लेकर 5 युवकों ने अपने ही एक साथी पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना के दौरान इलाके में दहशत फैल गई और मौके पर मौजूद लोग डर के कारण मूकदर्शक बने रहे।सूचना मिलते ही महेश नगर थाना पुलिस की चेतक टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। बताया जा रहा है कि हमलावर और पीड़ित एक-दूसरे के परिचित हैं और उनके बीच पुराने लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था।अभी तक किसी पक्ष की ओर से मामला दर्ज नहीं कराया गया है।प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि यह विवाद लेन-देन से जुड़ा हुआ है। आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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जोधपुर में NSUI स्थापना दिवस पर रोजगार के मुद्दे पर रन फॉर रोजगार, विजेताओं को इनाम

Jodhpur, Rajasthan:NSUI के स्थापना दिवस पर जोधपुर शहर में ‘रन फॉर रोजगार’ मैराथन का आयोजन किया गया। मैराथन की शुरुआत जेएनवीयू छात्रसंघ कार्यालय से हुई और यह करीब 5 किलोमीटर का रूट तय करते हुए अरोड़ा सर्कल, वीर दुर्गादास ब्रिज और गांधी स्टैच्यू से होकर वापस छात्रसंघ कार्यालय पहुंची। NSUI जिलाध्यक्ष डॉ. बबलू सोलंकी के नेतृत्व में आयोजित इस मैराथन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, लोकसभा प्रत्याशी करण सिंह उचियारड़ा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार वर्मा और पूर्व महापौर कुंती देवड़ा सहित कई कांग्रेस और NSUI पदाधिकारी मौजूद रहे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं के रोजगार के मुद्दे को उठाना रहा, जहां पदाधिकारियों ने सरकारों पर रोजगार के वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। वहीं मैराथन में पुरुष और महिला वर्ग के विजेताओं को 11 हजार रुपये तक के पुरस्कार दिए गए, साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और टी-शर्ट भी वितरित की गई।
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अंतरराज्यीय चोर पांच घंटे पानी के भीतर रहा, गोताखोरों ने दबोचा

Noida, Uttar Pradesh:अंतर राज्य चोर गिरफ्तारayern जबलपुर में पुलिस और एक शातिर अंतर्राज्यीय चोर के बीच फिल्मी ड्रामा देखने को मिला। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी खितौला रेलवे स्टेशन के पास काई से भारी तालाब में कूद गया वह करीब 5 घंटे तक पानी के अंदर छुपा रहा। चौंकाने वाली बात है कि वह सांस लेने के लिए कमल की डंठल का सहारा लेता रहा। आखिरकार गोताखोरों की मदद से उसे दबोच लिया गया। घटना रीवा इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन की है एसी कोच में एक महिला का पर चोरी करने के दौरान आरोपी आरपीएफ की नजर में आ गया जैसे ही ट्रेन खितौला रेलवे स्टेशन के पास धीमी हुई आरोपी कूदकर भागने लगा खिलौना थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने जब तलाश शुरू की तो पाया आरोपी पानी की सतह पर नहीं है शातिर चोर हरविंदर सिंह ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लिया था और केवल एक कमल की डंठल के सहारे बाहर से ऑक्सीजन ले रहा था करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे काई से खींच निकल जांच में जो खुलासा हुआ उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया 32 वर्ष की हरविंदर सिंह निवासी बिजनौर यू पी अब तक देश भर में 400 से ज्यादा चोरियां कर चुका है वह 2017 में बिजनौर के हल्दौर नगर निकाय से वार्ड पार्षद भी रह चुका है 2018 में उसके पास से 70 लाख की हीरे जवाहरात भी मिले थे फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है 8 राज्यों की पुलिस उसे तलाश कर रही थी जबलपुर पुलिस और आर पी एफ उसे अन्य वारदातों के सिलसिले में पूछताछ कर रही है
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150 साल बाद कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसों की वापसी, इतिहास फिर जीवंत

Mandla, Madhya Pradesh:कान्हा टाइगर रिजर्व एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज़ पर खड़ा है, करीब डेढ़ सौ साल बाद कान्हा की वादियों में फिर होगी जंगली भैंसों की मौजूदगी—एक ऐसी प्रजाति जो कभी इन जंगलों की पहचान हुआ करती थी, लेकिन वक्त के साथ यहां से लुप्त हो गई थी। इन वाइल्ड बफेलो को कान्हा पार्क के सुपखार रेंज में छोड़ा जाएगा, जहां उनके लिए विशेष बाड़े (एनक्लोजर) का निर्माण किया जा चुका है और सुरक्षा, भोजन, पानी और प्राकृतिक माहौल की पूरी व्यवस्था की गई है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन ने बताया है कि कान्हा के पर्यावरण जंगली भैंसों के लिए अनुकूल है और बहुत जल्द ये जंगल फिर से इस दुर्लभ प्रजाति की मौजूदगी से आबाद होंगे। करीब 150 वर्षों बाद जंगली भैंसें अपने पुराने आवास में लौटेंगी। देश के असम राज्य से जंगली भैंसों को लाकर मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में बसाने की योजना पूरी कर ली गई है। आबंटित समय के अनुसार अप्रैल माह अंत तक असम से कान्हा लाए जाएंगे और जैसे ही ये विशालकाय वन्यजीव कान्हा की धरती पर कदम रखेंगे, इतिहास एक बार फिर जीवंत हो उठेगा। तो कान्हा टाइगर रिजर्व सिर्फ बाघों, बारासिंघा के लिए ही नहीं, बल्कि जंगली भैंसों की वापसी के लिए भी माना जाएगा और यह पहल देश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक नई मिसाल साबित हो सकती है।
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