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BBBINDU BHUSHAN THAKURFollow25 Jun 2024, 05:59 am
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चित्रकूट की गौशाला में गर्मी से राहत के लिए हाईटेक शॉवर और पंखे

Satna, Madhya Pradesh:सतना:- भीषण गर्मी के इस मौसम में जहां लोग राहत पाने के लिए झरनों और वाटर फॉल का सहारा ले रहे हैं, वहीं धर्म नगरी चित्रकूट की एक गौशाला इन दिनों अपनी अनोखी व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। यहां रहने वाले गौवंशों की देखभाल किसी आम पशु की तरह नहीं,बल्कि परिवार के सदस्य की तरह की जा रही है. सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा संचालित हाईटेक गौशाला में गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिनका लाभ करीब 1300 गौवंश उठा रहे हैं। आप को बता दे कि चित्रकूट स्थित सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट की यह गौशाला लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. यहां भीषण गर्मी में गौवंशों को राहत देने के लिए आधुनिक शॉवर सिस्टम लगाया गया है। इस व्यवस्था के तहत गायों को समय-समय पर स्नान कराया जाता है, जिससे उन्हें तेज धूप और उमस से राहत मिलती है, इंसानों की तरह ठंडे पानी के शॉवर से नहलाए जाने के कारण गौवंश काफी आराम महसूस करते हैं। गौशाला में केवल स्नान की ही व्यवस्था नहीं है, बल्कि साफ-सफाई, पीने के स्वच्छ पानी और ठंडी हवा के लिए पंखों की भी विशेष व्यवस्था की गई है,और गौवंशों के रहने के स्थानों पर बड़े टीन शेड बनाए गए हैं ताकि सीधी धूप का असर उन पर न पड़े और उन्हें पंखों के नीचे रखा जाता है। जिससे वे लू और गर्म हवाओं से सुरक्षित रह सकें।
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रामपाल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालत में हाजिरी, अगली सुनवाई 24 जुलाई

Hisar, Haryana:हिसार के बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण से जुड़े बहुचर्चित देशद्रोह मामले में संत रामपाल को हिसार की अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने रामपाल को आगामी सभी सुनवाइयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से पेश होने की अनुमति दे दी है। हिसार में संत रामपाल के वकील एडवोकेट सचिन ने बताया संत रामपाल की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी जिसमें वीवीसी के माध्यम से कोर्ट में पेश होंगे। इससे पहले 14 मई को अदालत ने केवल एक दिन की अंतरिम राहत दी थी, जिसे अब पूरी प्रक्रिया के लिए बढ़ा दिया गया है। रामपाल के अधिवक्ता सचिन दास ने अदालत में दलील दी थी कि हर पेशी पर भारी सुरक्षा के बीच रामपाल को कोर्ट लाना प्रशासनिक रूप से चुनौतीपूर्ण है और इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है।
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मण्डला के नैनपुर में शराब ठेकेदार के गुर्गों का आतंक, हमला कर 11 गिरफ्तार

Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला जिले के नैनपुर में शराब ठेकेदार के गुर्गों का आतंक सामने आया है। शराब तस्करी के शक में युवकों पर ऐसा हमला किया गया कि कई युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। किसी का सिर फोड़ दिया गया तो किसी के हाथ-पैर तोड़ दिए गए। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मण्डला जिले की नैनपुर तहसील का है, जहां शराब ठेकेदार के गुर्गों द्वारा युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि नैनपुर शराब ठेकेदार के पार्टनर पप्पू सचान के कहने पर गुर्गों ने युवकों को रोककर हमला कर दिया। हमले में करीब आधा दर्जन युवक लहूलुहान हो गए। किसी युवक का सिर फूट गया तो किसी के हाथ-पैर टूट गए। पीड़ित युवकों का कहना है कि वे उर्स में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन शराब तस्करी के शक में उन्हें निशाना बनाया गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घायल युवाओं ने नैनपुर और महाराजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शराब ठेकेदार से जुड़े 5 नामजद ओर करीब 15 अन्य गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो बोलेरो वाहन भी जब्त किए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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ED की कार्रवाई: पंजाब के संटेक सिटी घोटाले में अजय सहगल गिरफ्तार

New Delhi, Delhi:फर्जी कागजों के दम पर बना करोड़ों का संटेक सिटी साम्राज्य ED की बड़ी कार्रवाई में अजय सहगल गिरफ्तार पंजाब में रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें किसानों की जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट खड़े करने का आरोप लगा है। इस मामले में ईडी ने इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी के सचिव अजय सहगल को गिरफ्तार किया है। ईडी ने अजय सहगल को 22 मई 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। आरोप है कि किसानों की सहमति के बिना उनकी जमीन के नकली कंसेंट लेटर तैयार किए गए और उन्हीं दस्तावेजों के जरिए सरकारी मंजूरी हासिल कर बड़े-बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट खड़े कर दिए गए। किसानों के नाम पर तैयार किए गए फर्जी कंसेंट लेटर पूरा मामला उस समय सामने आया जब कई किसानों ने पंजाब पुलिस से शिकायत की कि उनकी जमीन के संबंध में फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं। किसानों का आरोप था कि उन्होंने कभी भी अपनी जमीन के इस्तेमाल को बदलने यानी Change of Land Use (CLU) के लिए कोई मंजूरी नहीं दी, लेकिन उनके नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में सहमति पत्र जमा कर दिए गए। इसी शिकायत के आधार पर पंजाब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। बाद में ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि अजय सहगल और उससे जुड़े लोगों ने करीब 30.5 एकड़ जमीन से जुड़े 15 किसानों के नकली सहमति पत्र तैयार किए थे। इन दस्तावेजों में किसानों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और नकली अंगूठे के निशान लगाए गए ताकि सरकारी अधिकारियों को दिखाया जा सके कि जमीन मालिक इस प्रोजेक्ट के लिए तैयार हैं। फर्जी CLU लेकर खड़ा कर दिया संटेक सिटी ईडी की जांच के मुताबिक इन फर्जी कंसेंट लेटर के आधार पर संटेक सिटी नाम का बड़ा रियल एस्टेट मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया गया। CLU यानी Change of Land Use किसी भी कृषि जमीन को रिहायशी या कमर्शियल इस्तेमाल में बदलने की सरकारी मंजूरी होती है। बिना CLU के कोई भी बिल्डर खेती की जमीन पर कॉलोनी या कॉम्प्लेक्स नहीं बना सकता। जांच एजेंसी का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए यह मंजूरी हासिल की गई और फिर बड़े स्तर पर प्लॉटिंग और निर्माण शुरू कर दिया गया। ईडी के मुताबिक यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं था बल्कि इसी मंजूरी के आधार पर कई और बड़े निर्माण भी किए गए। ला कैनेला और डिस्ट्रिक्ट 7 भी जांच के घेरे में ईडी ने खुलासा किया है कि अजय सहगल ने सिर्फ संटेक सिटी ही नहीं बल्कि La Canela नाम का रिहायशी मल्टी-स्टोरी प्रोजेक्ट और District 7 नाम का कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी इसी विवादित CLU के आधार पर विकसित किया। आरोप है कि इन प्रोजेक्ट्स में फ्लैट, दुकानें और यूनिट्स की बिक्री नियमों को ताक पर रखकर शुरू कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि कई यूनिट्स की बिक्री उस समय की गई जब तक प्रोजेक्ट को RERA यानी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी से मंजूरी और रजिस्ट्रेशन नहीं मिला था। यानी खरीदारों से पैसा लिया जा रहा था लेकिन जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। ED की रेड और बालकनी से फेंके गए 21 लाख रुपये इस मामले में 7 मई 2026 को ईडी ने बड़ी छापेमारी की थी। इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी और ABS Township Private Limited से जुड़े 8 ठिकानों पर एक साथ रेड डाली गई। छापेमारी के दौरान एक बेहद नाटकीय और चौंकाने वाला दृश्य सामने आया ईडी के मुताबिक रेड के दौरान इमारत की बालकनी से करीब 21 लाख रुपये नकद नीचे सड़क पर फेंक दिए गए। नोट बालकनी के नीचे लगी जाली से निकलकर सड़क पर बिखर गए। बाद में ईडी अधिकारियों ने पूरे इलाके को घेरकर वह नकदी बरामद की। एजेंसी को शक है कि यह रकम जांच से बचाने के लिए जल्दबाजी में फेंकी गई थी। गरीबों के लिए आरक्षित प्लॉट भी नहीं सौंपे जांच में यह भी सामने आया कि प्रोजेक्ट में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS कैटेगरी के लिए जो प्लॉट आरक्षित किए गए थे, उन्हें अब तक GMADA को नहीं सौंपा गया। नियमों के मुताबिक बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में गरीब वर्ग के लिए कुछ हिस्से आरक्षित रखना जरूरी होता है। आरोप है कि इस नियम का भी पालन नहीं किया गया। GMADA और सरकारी अधिकारियों पर भी ED की नजर ईडी की जांच अब सिर्फ बिल्डर तक सीमित नहीं रही। एजेंसी अब GMADA और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। ईडी का दावा है कि कई सरकारी अधिकारियों ने कथित तौर पर रिश्वत लेकर फर्जी दस्तावेजों को मंजूरी दिलाने में मदद की। जांच एजेंसी के मुताबिक पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हुई चर्चा के बावजूद सिर्फ 30 एकड़ जमीन का आंशिक CLU रद्द किया गया। आरोप है कि जानबूझकर सख्त कार्रवाई नहीं की गई ताकि “संटेक सिटी” अपने बाकी फ्लैट और प्लॉट बेच सके। ईडी का कहना है कि जहां पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एक्ट की धारा 90 के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी, वहां हल्की कार्रवाई वाली धारा 85 लगाई गई। रियल एस्टेट-सरकारी गठजोड़ की जांच ईडी का कहना है कि यह मामला सिर्फ फर्जी दस्तावेजों तक सीमित नहीं है बल्कि पंजाब में रियल एस्टेट सेक्टर और कुछ सरकारी अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि किन अधिकारियों ने रिश्वत लेकर नियमों के खिलाफ मंजूरी दी और कितने लोगों को इसका फायदा पहुंचा। सूत्रों के मुताबिक जांच में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ईडी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में GMADA और टाउन प्लानिंग विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि कैसे किसानों की जमीन, फर्जी दस्तावेज और सरकारी मंजूरियों के जरिए करोड़ों रुपये का रियल एस्टेट कारोबार खड़ा किया गया।
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नीमराना में महिला सुरक्षा संकल्प: डिकॉय ऑपरेशन से तीन गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:नीमराना (कोटपूतली) में पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा संकल्प अभियान चलाया गया. कोटपूतली - बहरोड़ जिले के अंतर्गत नीमराना कस्बे में डिकॉय ऑपरेशन चला कर महिला सुरक्षा सुनिश्चित की गई. डिकॉय ऑपरेशन के तहत महिला पुलिसकर्मियों को सार्वजनिक स्थल, स्कूल- कॉलेजों के आसपास तैनात किया गया. अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और छात्राओं के साथ होने वाली असभ्य टिप्पणियाँ, फब्तियाँ और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर रोक लगाना है. डिकॉय ऑपरेशन के दौरान तीन व्यक्तियों - साधु यादव, बड़क यादव और प्रमोद कुमार को शांति भंग की धाराओं में गिरफ्तार किया गया. पुलिस टीम ने महिलाओं और छात्राओं को राजकोप नागरिक ऐप, SOS, महिला हेल्पलाइन 1090 और अन्य सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर जागरूक किया.
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मौलाना शहाबुद्दीन की अपील,खुली जगह पर न करें कुर्बानी, सोशल मीडिया पर न करें कोई पोस्ट

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली: बंगाल और दिल्ली मे कुर्बानी को लेकर हो रहे विवाद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नमाज़ वाले बयान पर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने बयान जारी किया है। प्रेस को जारी किये गये बयान मे मौलाना ने बहुत स्पष्ट अंदाज मे बाते कहीं है, उन्होंने कहा कि कुर्बानी इस्लाम के हिस्सो मे से एक हिस्सा है, खुदा ने हज़रत इब्राहीम को आजमाने के लिए अपने बेटे की कुर्बानी देने का आदेश दिया था। ये कार्य खुदा को बहुत पसंद आया, इसी वजह से पैग़म्बरे इस्लाम ने भी मालदार मुसलमानो के लिए कुर्बानी को जरुरी करार दिया। यादगार के तौर पर सालो से कुर्बानी होती आ रही है। जो लोग यह समझते हैं कि कुर्बानी इस्लाम का हिस्सा नही है, वोह लोग ग़लत फहमी का शिकार है, और उन्होंने इस्लाम का अध्ययन नहीं किया है। मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने कहा कि नमाज़ रोड़ और चौराहों पर न पड़ी जाये, चुकी नमाज़ मे खुलूस और अल्लाह की याद उसी वक्त हो सकती है जब नमाज़ पढ़ने वाले नमाज़ी को इतमिनान व सुकून हासिल हो। इस्लाम का नजरिया है कि नमाज पढ़ने वाले और खुदा के दरमियान कोई भी चीज़ बीच मे हाईल (रुकावट) न हो। रोड़ और चौराहों पर पढ़ने वाले व्यक्ति को इतमिनान व सुकून नही मिल सकता, यहां पर शोर व शराबा और ट्राफिक का हंगामा रहता है, इसलिए इतमिनान व सुकून हासिल नही हो सकता। मुसलमान मस्जिदो और घरो ने नमाज़ पढ़े। मौलाना ने कहा कि बाज शहरी और दिहाती इलाकों मे आबादी बढ़ जाने और मस्जिद के जूय के तूय होने की वजह से एक साथ मे मस्जिद मे या ईदगाह मे नही आ पाते हैं। शरीयत ने इसकी व्यवस्था इस तरह की है कि एक बार इमाम पहली जमात करा दे, फिर दुसरी जमात दुसरा इमाम पढ़ा दे, आदमी ज्यादा हैं तो एक के अलावा एक ही मस्जिद या एक ईदगाह मे एक से ज्यादा जमाते हो सकती है। इस व्यवस्था को अपनाने से सारी समस्याएं खत्म हो जाती है। मौलाना ने कहा कि पूरे भारत मे कुर्बानी पर कहीं प्रतिबंध नही लगा हुआ है, कुर्बानी खुली जगह पर न करें, स्लाटर हाउस या अपने घरों में कुर्बानी करें। कुर्बानी करते वक्त एक छोटा सा गड्ढा खोद ले, कुर्बानी के जानवर का खुन और अवशेष गड्डे मे दफन कर दें। और इस बात का भी ध्यान रखे कि कुर्बानी का फोटो, वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें, अपने परिवार के नौजवान बच्चों को भी समझा दें। मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने आगे कहा कि कुर्बानी का दिन साल मे एक बार आता है, उस दिन इस्लाम अपने अनुयायियों को सबक सिखाता है कि किसी को तक्लीफ़ मत दो। इसलिए दूसरे धर्मों के मानने वाले लोगो की आस्था व भावना को कोई ठेस न पहुंचे। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। और साथ ही उन जानवरों की कुर्बानी न करें जिन पर प्रतिबंध लगाया गया है। कुर्बानी के तीन दिनों में अगर कोई विवाद उत्पन्न होता है तो उसको शांतिपूर्वक अंदाज मे निपटाएं। और उच्च अधिकारियों को सम्पर्क करके जानकारी दें।
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अंबाला पुलिस ने बिना नंबर प्लेट व ट्रिपल राइडिंग पर शिकंजा कसा

Ambala, Haryana:अंबाला शहर में इन दिनों सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। बिना नंबर प्लेट के दौड़ने वाले वाहनों,ट्रिपल राइडिंग और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सेक्टर 9 थाना प्रभारी सुनीता ढाका ने बताया पुलिस द्वारा 18 मई से 24 मई तक स्पेशल चेकिंग अभियान चला रही है। अंबाला में अब नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर गाड़ियां दौड़ाने वालों की खैर नहीं है। शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, विशेषकर स्नैचिंग के मामलों पर लगाम लगाने और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अंबाला पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। अंबाला की सड़कों पर मुस्तैद ये पुलिसकर्मी और नाकों पर सघन चेकिंग, ये नजारा है अंबाला शहर का। जहाँ इन दिनों पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड़ पर नजर आ रहा है। दरअसल, उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस द्वारा 18 मई से 24 मई तक एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना और सड़कों पर होने वाली हुड़दंगबाजी को रोकना है। इस अभियान के तहत मुख्य रूप से बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों, मोटरसाइकिल पर ट्रिपल राइडिंग करने वालों और सड़कों पर प्रेशर हॉर्न बजाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले चालकों पर शिकंजा कसा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अक्सर बिना नंबर वाले वाहनों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों, जैसे चेन और मोबाइल स्नैचिंग में किया जाता है, जिस पर रोक लगाना बेहद जरूरी है। राहत की बात यह है कि पुलिस यहाँ केवल सख्ती ही नहीं दिखा रही, बल्कि जनता को प्यार से जागरूक भी कर रही है। थाना प्रभारी ने साफ किया कि पुलिस का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं है, बल्कि कुछ सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर वे लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। हालांकि, जो शरारती तत्व बार-बार नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जा रहा है。
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ईंधन बचत से सरकारी दफ्तर ऑनलाइन, IAS अधिकारी भी वीडियो मीटिंग से जुड़े

Jaipur, Rajasthan:बईंधन बचत की पहल का असर अब सरकारी महकमों तक पहुंचा, IAS सचिव शर्मा सहकारिता में सभी काम ऑनलाइन कर रहे हैं। जयपुर- ऊर्जा संकट के बीच ईंधन बचत में अब IAS अधिकारी भी पहल के लिए आगे आ रहे हैं। अब सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग हो रही है। अफसरों को दूसरे जिलों से जयपुर भी नहीं आना पड़ रहा है। सहकारिता सचिव डॉ.समित शर्मा ने यह पहल की है, ताकि ईंधन बचत में सहकारिता अपना योगदान दे सके। सचिवालय आने की जरूरत नहीं- मुख्यमंत्री, मंत्रियों ने ईधन बचत के लिए अपना काफिला घटा दिया। इलेक्ट्रिक व्हीकल का उपयोग, सुरक्षा काफिला घटाकर ऊर्जा संकट में अपना योगदान दे रहे हैं। अब पीएम मोदी की अपील का असर सरकारी विभागों पर भी दिखने लगा है। अब IAS अफसर भी इस पहल में हिस्सा ले रहे हैं। सहकारिता सचिव, रजिस्ट्रार डॉ.समित शर्मा ने अपने विभाग की सभी मीटिंग्स को ऑनलाइन कर दिया है। जयपुर में अफसरों को सचिवालय आने ही जरूरत नहीं पड़ रही है। दूसरे जिलों के अधिकारियों की मीटिंग भी समित शर्मा वीसी के जरिए ही ले रहे हैं। यानि समीक्षा मीटिंग से लेकर मॉनिटरिंग तक सभी काम पहले के मुकाबले ज्यादा ऑनलाइन ही किए जा रहे हैं। हालाँकि समित शर्मा IT फ्रेंडली अफसर हैं। उर्जा संकट से पहले भी वो अधिकतर कार्य ऑनलाइन मोड पर भी लाए हैं। ताकि काम आसान हो सके, इसके साथ साथ समय, धन की बचत भी हो रही है। सहकारिता कोर्ट भी ऑनलाइन- राजस्थान सहकारी अधिनियम, 2001 की धारा 104, 107 के अंतर्गत की जाने वाली अपील निगरानी प्रकरणों की सुनवाई भी अब वीसी के माध्यम से की जा रही हैं। इन प्रकरणों में अब सरकारी अधिकारियों द्वारा वीसी के माध्यम से अपना पक्ष रखा जा रहा है। वहीं, अन्य सुनवाई भी वीसी के माध्यम से शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। सीएम, मंत्रियों ने काफिला घटाया- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपना सुरक्षा काफिला घटाकर आम जनता को ईंधन बचत का संदेश दिया। इसके साथ सीएम EV गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा सरकार में मंत्री अविनाश गहलोत, कन्हैयालाल चौधरी ने अपना सुरक्षा काफिला घटा दिया है। डिप्टी सीएम दिगा कुमारी ट्रेन से सफर कर रही हैं। प्रेमचंद बैरवा बस से सफर करते दिखे। सरकार में तमाम मंत्रियों ऊर्जा संकट के बीच संकट देने की कोशिश में जुटे हैं, ताकि आम जनता संकट के बीच ईंधन की बचत कर सके.
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Sant Kabir Nagar में रोडवेज बस में मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस जांच शुरू

Uska Khurd, Uttar Pradesh:एंकर-Santkabirnagar में रोडवेज बस में दो पक्षों के बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दोनों पक्ष किसी बात को लेकर आपस मे भिड़ गए और एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगे। मारपीट के कारण बस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। यह घटना खलीलाबाद शहर के रोडवेज बस स्टैंड के पास की देर रात की बताई जा रही है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है。
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कोखराज में प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर दी जान; पुलिस जांच शुरू

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर दी जान कौशांबी जिले में प्रेम संबंध का दर्दनाक अंत सामने आया है। कोखराज थाना क्षेत्र में एक प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों एक ही गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है मामला कोखराज थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां प्रेमी और प्रेमिका की लाशें उनके-अपने घरों में फांसी के फंदे पर लटकती मिलीं। बताया जा रहा है कि दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे, लेकिन परिवार की ओर से मिलने-जुलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। इसी तनाव में आकर दोनों ने यह खौफनाक कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी कर रहे है। वही पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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रायबरेली में बच्चों की आदत सुधार के लिए गांववालों ने खम्भे से बाँध दिया

Raebareli, Uttar Pradesh:एंकर.. रायबरेली मे बच्चों की गलत आदत छुड़ाने के लिए उनके घर वालों ने अमानवीय युक्ति निकाली है। परिजनों ने खलिहान से गेहूं चुराने की शिकायत मिलने पर उनकी आदत सुधार के लिए एक खम्बे से बाँध दिया। हालांकि इसका वीडियो बनाकर कुछ लोगों ने अपनी निजी दुश्मनी निकालते हुए इसे ग्राम प्रधान की हरकत बताकर उसे वायरल कर दिया। एस ओ हरचंदपुर की जांच मे ग्राम प्रधान की कोई संलिप्तता सामने नहीं आयी। पुलिस के मुताबिक यह बच्चे स्कूल न जाकर दिनभर इधर उधर घुमते हैं। एक दिन पहले किसी ने शिकायत की थी कि इन बच्चों ने गेहूं चुराया है। इसकी शिकायत मिलने पर ग्रामीण गंगाराम ने अपने ही बच्चे को अन्य के साथ आदत सुधार के लिए खम्बे से बाँध दिया था। पुलिस ने परिजनों को ऐसे कृत्य आगे से न किये जाने की चेतावनी देकर जाने दिया है। मामला हरचंदपुर थाना इलाके मे मझिगवां करण के उस्मानपुर गांव का है.
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बाराबंकी में बिजली कटौती ने छीनी पूरे परिवार की जिंदगी: घर के बाहर सो रहे परिवार को ट्रक ने कुचला l

NNitinFollow11m ago
Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत महमूदाबाद मार्ग पर स्थित झांसा तालगांव में शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ट्रेलर संख्या UP 40 BT 5365 ने सड़क किनारे घर के बाहर सो रहे एक परिवार को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल है, जिसका लखनऊ के लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों में प्रशासन और भारी वाहनों की संचालन व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रत्यक्षदर्शी अनुपम सिंह के मुताबिक महमूदाबाद की ओर से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक ट्रेलर रात करीब 1 बजे अनियंत्रित हो गया। बेकाबू ट्रेलर सड़क से करीब 40 फीट दूरी पर घर के बाहर सो रहे परिवार को कुचलता हुआ पास में लगे एक विशालकाय पेड़ से जा टकराया। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त ट्रेलर चालक वाहन में सो रहा था, जबकि स्टेयरिंग खलासी के हाथ में था। इसी कथित लापरवाही ने चार जिंदगियां छीन लीं। हादसे में ग्राम झांसा तालगांव निवासी 35 वर्षीय नीरज जो की मेहनत मजदूरी कर अपना परिवार चलाते थे की मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ सो रहे तीन बच्चों—13 वर्षीय अनुराग, 10 वर्षीय अंशिका और 6 वर्षीय अंशू—ने भी दम तोड़ दिया। वहीं नीरज की पत्नी आरती गंभीर रूप से घायल हो गईं, उन्हें पहले जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर लाया गया जहां उनकी सीरियस कंडीशन के चलते प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। लोग दौड़कर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। परिजनों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती हो रही थी। भीषण गर्मी और उमस से परेशान होकर पूरा परिवार घर के बाहर सोने को मजबूर था। अगर बिजली आपूर्ति सामान्य होती तो शायद परिवार बाहर न सोता और यह हादसा टल सकता था। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था और भारी वाहनों की निगरानी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद ट्रक ट्रेलर चालक और खलासी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही फतेहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रेलर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बाराबंकी में लगातार हो रहे सड़क हादसों के बाद एक बार फिर बेलगाम भारी वाहनों का मुद्दा चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के अंधेरे में ट्रक और ट्रेलर बिना किसी नियंत्रण के तेज रफ्तार से दौड़ते हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने सख्ती दिखाई होती तो शायद आज एक परिवार उजड़ने से बच सकता था।
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