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समस्तीपुर के सरायरंजन में श्मशान घाट पर भवन निर्माण विरोध; मिट्टी से कंकाल मिलने तनाव

Samastipur, Bihar:श्मशान घाट में पंचायत सरकार भवन निर्माण का ग्रामीणों ने किया विरोध ।मिट्टी खुदाई के दौरान निकले मानव कंकाल, प्रशासन के आश्वासन पर शांत हुआ मामला । समस्तीपुर के सरायरंजन प्रखंड अंतर्गत भगवतपुर पंचायत के वार्ड संख्या 6 एवं 7 में स्थित श्मशान घाट की जमीन पर पंचायत सरकार भवन निर्माण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने निर्माण कार्य का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जगह पर पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जा रहा है, वह वर्षों पुराना श्मशान घाट है। बताया गया कि पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए मिट्टी कटाई का कार्य शुरू किया गया था, तभी जमीन से मानव कंकाल निकलने लगे। कंकाल निकलते ही ग्रामीण उग्र हो गए और निर्माण कार्य रोकने की मांग करने लगे। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पंचायत की समाजसेवी विभा रानी द्वारा पूर्व में भी अंचलाधिकारी सहित कई वरीय अधिकारियों को सार्वजनिक आवेदन देकर श्मशान घाट में भवन निर्माण नहीं कराने की मांग की गई थी, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीण श्मशान घाट पहुंचे और निर्माण कार्य के विरोध में प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासन द्वारा फिलहाल निर्माण कार्य बंद कराने तथा कटाई की गई मिट्टी को पुनः भरवाने का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण शांत हुए। सरायर्नन के अंचल अधिकारी निशांत कुमार ने बताया कि फिलहाल पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य रोक दी गई है और साथ ही मामले की जांच भी की जा रही है, जांच उपरांत न्याय संगत कार्य किया जाएगा।
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जमुई के पवना में लूट: सीएसपी संचालक से लाखों की रकम लूट, तीन बदमाश फरार

Jamui, Bihar:जमुई जिले के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पवना गांव में अपराधियों ने सीएसपी संचालक से पैसे लूट की घटना को अंजाम देकर इलाके में दहशत फैला दी। बताया जा रहा है कि सीएसपी संचालक श्यामसुंदर साह से करीब 1 लाख 20 हजार रुपए की लूट हुई है। जानकारी के अनुसार, तीन अपराधी ब्लू रंग की अपाचे बाइक पर सवार होकर पहुंचे और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर लक्ष्मीपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है तथा अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चला रही है। दिनदहाड़े हुई इस लूट की घटना के बाद इलाके के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
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जमीनी विवाद में हत्या: नालंदा के कुबड़ा बीघा गांव में सनसनी

Pariaunna, Bihar:नालंदा में जमीनी विवाद को लेकर खूनी संघर्ष जारी है। ताजा मामला नूरसराय थाना क्षेत्र के कुबड़ा बीघा गांव से सामने आया है, जहां महज सवा कट्ठा जमीन के विवाद के चलते दबंगों ने एक महादलित युवक कमलेश मांझी की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान कमलेश मांझी के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि जमीन विवाद को लेकर दबंगों ने पहले कमलेश मांझी की बेरहमी से पिटाई की, फिर घसीट-घसीटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने मृतक की झोपड़ी को भी तोड़ दिया। गंभीर हालत में परिजन इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। नूरसराय थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि कमलेश मांझी और जोगेंद्र पासवान के बीच सवा कट्ठा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद को लेकर जोगेंद्र पासवान अपने सहयोगियों के साथ कमलेश मांझी के घर पहुंचा और विवाद बढ़ने पर मारपीट शुरू कर दी। परिजनों के मुताबिक आरोपी इतने पीटा कि वह अधमरा हो गया, पर इसके बाद भी दबंगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसे घसीट-घसीटकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक के शरीर पर गंभीर जख्म और चमड़ी उधड़ने के निशान घटना की बर्बरता को बयान कर रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। एफएसएल टीम भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी है。
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मुंगेर के सरौन गांव में संदिग्ध मौत: पति पर पत्नी की हत्या का आरोप

Munger, Bihar:संदिग्ध अवस्था में एक महिला की मौत। महिला के परिवार वालों की हत्या पीट-पीट कर पति ने पत्नी की हत्या, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा मुंगेर अस्पताल। पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामला का होगा खुलासा। मुंगेर: तारापुर थाना क्षेत्र के सरौंन गांव में एक 25 वर्षीय महिला की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गयी, बताया जाता है कि महिला का कई दिनों से तबीयत खराब थी जिसका इलाज स्थानीय डॉक्टरों से चल रहा था। मृतक महिला सीमा देवी रवि पासवान की पत्नी है। मृतक महिला के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। मौत की खबर सुनकर सीमा का परिवार सरौन गांव पहुंचे, जहां सभी लोगों ने दामाद रवि पासवान पर पीट-पीट कर हत्या का आरोप लगाया। मृतक के पिता ने बताया कि दस वर्ष पूर्व सीमा की शादी रवि पासवान से हुई थी। बुधवार को उनकी बेटी की शादी की थी जिसमें सीमा अपने परिवार के साथ हमारे घर आयी थी। पिता ने बताया कि दहेज के कारण लड़के वालों को सामान दिए थे, इसी को देख रवि पासवान बार-बार हमारी बेटी को परेशान व मारपीट करना शुरू कर दिया, और सामान की मांग करने लगा। आज सुबह जब जानकारी हुई कि सीमा की मौत हो गयी है, परिवार वालों ने दमाद पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि बीती रात सीमा को पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। मृतिका के भाई ने कहा कि मेरी बहन की पीट-पीट कर जीजा रवि पासवान ने हत्या कर दी है, उसे कड़ी से कड़ी सजा हो। इन बयानों के साथ मामले की तफ्तीश चल रही है। तारापुर पुलिस ने घटनास्थल से एफएसएल टीम भेजकर कुछ साक्ष्य इकट्ठे किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है; पुलिस का कहना है कि मायके वालों का आरोप है कि पति ने पीट-पीटकर हत्या कर दी है, अभी तक कोई आवेदन नहीं मिला है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा होगा कि मौत किन परिस्थितियों में हुई है।
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ग्वालियर में दंपत्ति से सोने के गहने लूट, चार बदमाश फरार; CCTV से जुटे सुराग

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र के तोरिया मोड के पास एक दंपत्ति के साथ चार बदमाशों ने सोने का मंगलसूत्र व कानों की झुमकी लूट ली। दंपति ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई और मामले की जांच शुरू हो गई है; CCTV फुटेज खंगाली जा रही है ताकि बदमाशों का पता चल सके। भूपेन्द्र सिंह सोनवार और उनकी पत्नी अर्चना सोनवार निजी कंपनी में काम करते हैं और कृपालपुर गांव में रिश्तेदारी की शादी में शामिल होने जा रहे थे जब चार बदमाशों ने उनकी स्कूटी के सामने बाइक लगाकर धमकी दी और सोने की जेकमात लूट लीं। बदमाशों के भाग जाने के बाद दंपति ने दूसरे गांव जाकर गाड़ी रोकी और पुलिस को सूचना दी।
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मुरैना: फायरिंग के फरार आरोपी गिरफ्तार, हथियार व बाइक मौके पर बरामद

Morena, Madhya Pradesh:मुरैना फायरिंग के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद की गई है। दरअसल, मामला माताबसैया थाना क्षेत्र का है, जहां 27 अप्रैल 2026 को गांव में पुरानी रंजिश को लेकर फायरिंग की घटना हुई थी। शिकायतकर्ता कमलेश यादव ने पुलिस को बताया था कि आरोपी अंकित यादव ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और बाद में अपने साथियों के साथ बाइक पर आकर फायरिंग कर दी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। एसपी धर्मराज मीणा के निर्देशन में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अंकित उर्फ गोलू जाटव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, दो खाली खोखे और घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल जब्त की है। बरामद हथियार की कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई जा रही है। फिलहाल आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है,
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विनेश फोगाट अयोध्या से गोंडा रवाना, वेरिफिकेशन और मेडल का सपना

Ayodhya, Uttar Pradesh:यौन शोषण को लेकर जिन बृजभूषण शरण सिंह से विनेश फोगाट ने लड़ाई लड़ी, उन्हीं की विद्यालय में रेसलिंग प्रतियोगिता में भाग लेने विनेश फोगाट गोंडा पहुंच रही है,हरियाणा की मशहूर महिला रेसलर विनेश फोगाट आज रामनगरी अयोध्या पहुंचीं। गोंडा के नंदिनीनगर में आयोजित नेशनल ओपन रेसलिंग रैंकिंग टूर्नामेंट में शामिल होने से पहले उन्होंने रामलला और हनुमंत लला के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। अयोध्या पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में विनेश फोगाट ने कहा कि वह गोंडा जा रही हैं, जहां उनका वेरिफिकेशन होना है। उन्होंने कहा कि “प्रभु राम ने आशीर्वाद देने के लिए बुलाया है, मैं रामलला का आशीर्वाद लेकर नंदिनीनगर जाऊंगी।” अपने ऊपर लगे प्रतिबंध के सवाल पर विनेश ने कहा कि “देखा जाएगा, खेलती हूं कि नहीं खेलती हूं।” वहीं सोशल मीडिया पर शायरी अंदाज में किए गए पोस्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि जो कुछ भी चल रहा है, वह सबके सामने है और वह लगातार मेहनत कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि रामलला की धरती पर आने से उनकी मनोकामना जरूर पूरी होगी और वह देश के लिए मेडल जीतना चाहती हैं। कारण बताओ नोटिस को लेकर विनेश फोगाट ने कहा कि उन्हें जवाब देने का मौका मिला है और वह अपना पक्ष रखेंगी। वहीं कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के कॉलेज में प्रतियोगिता होने पर उन्होंने कहा कि वहां जाकर प्रतियोगिता में भाग लेना उनके लिए मानसिक रूप से काफी कठिन है, लेकिन खिलाड़ी को वहीं जाना पड़ता है जहां प्रतियोगिता आयोजित होती है।
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8 रुपये में पोषण संभव है या नहीं? कुपोषण का बढ़ता संकट

Chhindwara, Madhya Pradesh:महंगाई के इस दौर में 8 रूपये प्रतिदिन में कैसे मिलेगा पोषण, प्रतिदिन बढ़ रही कुपोषित बच्चों की संख्या छिंदवाड़ा जिले में पिछले 1 साल में 6 माह से 7 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों की संख्या 477 है जो कि पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) पहुंचे है. इनमें सबसे ज्यादा मामले छिंदवाड़ा और जुन्नारदेव विकासखंड के है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में उक्त स्थिति सामने आई है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अप्रैल 2025 से मई 2026 तक 6 माह से 7 वर्ष की आयु तक एक लाख 50 हजार 305 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से 477 कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती किया गया. जिनमें से 26 का उपचार जारी हैं. प्रदेश में कुपोषण की लड़ाई एक बड़ा सवाल पैदा करती है कि 8 रूपये प्रतिदिन में पोषण कैसे मिल सकता है जहां दूध की कीमत ही 60 रुपए से 70 रूपये प्रति लीटर है. वही दूसरी तरफ जमीनी आंकड़े भी इस दावे को चुनौती देते नजर आते है क्योंकि विशेषज्ञों की माने तो आज की समय में न्यूनतम संतुलित आहार के लिए रोज 25 रूपये से 40 रूपये प्रतिदिन की जरूरत है मतलब सरकारी खर्च और वास्तविक खर्च में 4 से 5 गुना का अंतर हैजमीनी स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों में सप्लाई अनियमित, टेक-होम राशन की गुणवत्ता पर सवाल और मॉनिटरिंग की कमी जैसे कारण इस संकट को और गहरा कर रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 8 रुपए में पोषण संभव है, या यह केवल कागजों में चल रही योजना है؟
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मोदी की अपील पर राजस्थान में सियासत, खाचरियावास बोले- जनता पर ही भार क्यों?

Jaipur, Rajasthan:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोलियम उत्पादों, सोना खरीद और फिजूलखर्ची में कटौती की अपील के बाद राजस्थान में सियासत शुरू हो गई है। बीजेपी नेता जहां पीएम की अपील को देश में बताते हुए लोगों का सपोर्ट मिलने की बात कह रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि जनता पर ही भार क्यों? नसीहत देने से पहले खुद के खर्चों में कटौती करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान, इजरैन-America युद्ध के कारण उत्पन्न संकट को देखते हुए देश के लोगों से सोना खरीदना बंद करने, पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग कम करने, कारपूल करने, फिजूलखर्ची में कटौती आदि की अपील की है। इधर अपील को लेकर बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच जुबानी बयानों से सियासत शुरू हो गई है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि आज दुनिया जिस दौर से गुजर رہی है, उसमें वैश्विक परिस्थितियों का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ना स्वाभाविक है. अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव और खाड़ी देशों में अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 प्रतिशत क्रूड ऑयल खाड़ी देशों से आयात करता है, ऐसे में तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. राठौड़ ने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 7.4 प्रतिशत की विकास दर से आगे बढ़ रही है. प्रधानमंत्री मोदी देश को आर्थिक रूप से पहले पायदान पर ले जाने का लक्ष्य है। पीएम देश को मजबूत बनाने के लिए लोगों से संयम और जिम्मेदारी की अपील कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की बचत, विवाह समारोहों में फिजूल खर्ची कम करना, सोने की अनावश्यक खरीद रोकना और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे समय की जरूरत हैं. राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील समसामायिक है, इसके अनुसार देश के सभी लोगों को ढालना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी शासित राज्य भी प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुरूप काम कर रहे हैं और ऊर्जा बचत व खर्च नियंत्रण को लेकर आवश्यक कदम उठा रहे हैं. प्रताप सिंह खाचरियावास ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के नेता हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर से चलते हैं. बीजेपी के नेताओं के काफिले चल रहे हैं. सारी बात जनता पर डाल रहे हैं। अगर देश में इतना बड़ा आर्थिक संकट है तो सरकार पहले अपने फिजूल के खर्चे बंद करे. सरकार खुद को सही साबित करना चाहती है और जनता को गलत साबित करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हर समस्या का बोझ जनता पर डाल रही है और अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश कर रही है. खाचरियावास ने मनरेगा बंद कर दी। खाद्य सुरक्षा और बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि Rural और गरीब वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित है. आज आम आदमी दो वक्त की रोटी और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है, ऐसे समय में सरकार जनता को पेट्रोल-डीजल, सोना और जरूरी चीजों की खरीद कम करने की सलाह दे रही है। सरकार को लोगों की आय बढ़ाने और रोजगार देने पर ध्यान देना चाहिए, न कि सिर्फ बचत की सलाह देने के बजाय खुद को सुधारना चाहिए। इतना ही बड़ा संकट आ गया है तो सरकार खुद फिजूल खर्चे करने बंद करो। बाइट: राजेन्द्र राठौड़, पूर्व नेता प्रतिपक्‍ष बाइट - भूपेंद्र सैनी, बीजेपी प्रदेश महामंत्री बाइट : प्रतापसिंह खाचरियावास, पूर्व मंत्री कांग्रेस
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SIR प्रक्रिया से मतदाता नाम हटने का चुनावी असर, TMC ने SC में दावा किया

Noida, Uttar Pradesh:*हार के लिए SIR प्रक्रिया जिम्मेदार! टीएमसी का सुप्रीम कोर्ट में दावा,SC ने कहा- नई अर्जी दाखिल करें* पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार का ठीकरा टीएमसी ने अब SIR प्रक्रिया पर फोड़ा है। टीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया है कि वोटर लिस्ट की SIR प्रक्रिया के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए, उसका असर पश्चिम बंगाल की कई विधानसभा सीटों के चुनाव नतीजों पर पड़ा। टीएमसी के मुताबिक 31 सीटों पर बीजेपी की जीत का अंतर उन वोटरों की संख्या से कम था, जिनके नाम SIR प्रक्रिया में हटाए गए। सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी और दूसरे याचिकाकर्ताओं से कहा है कि वे चाहें तो इस पहलू को लेकर नई याचिका दाखिल कर सकते हैं। *31 सीटों पर जीत का अंतर डिलीट वोटरों से कम* पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के खिलाफ ममता बनर्जी, टीएमसी नेताओं डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन, मोस्तारी बानू तथा बंगाली कवि जॉय गोस्वामी ने याचिकाएं दायर की थीं। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने और नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद यह मामला पहली बार सुनवाई पर आया। टीएमसी की ओर से वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने दलील दी कि SIR प्रक्रिया की वजह से चुनाव नतीजे प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि 31 सीटों पर बीजेपी की जीत का अंतर उन वोटरों की संख्या से कम था, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। कई सीटों पर हटाए गए वोटरों की संख्या और हार-जीत का अंतर लगभग बराबर था। *जीत का अंतर 32 लाख, 35 लाख अपीलें लंबित* कल्याण बनर्जी ने कहा कि चुनाव में बीजेपी और टीएमसी के बीच कुल वोटों का अंतर करीब 32 लाख रहा, जबकि लगभग 35 लाख अपीलें अभी भी अपीलीय ट्रिब्यूनल के पास लंबित हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक सीट पर उम्मीदवार सिर्फ 862 वोटों से हारा, जबकि वहां 5,432 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे। कल्याण बनर्जी ने कहा कि SIR पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पहले याचिकाकर्ताओं को आश्वस्त किया था कि अगर जीत का अंतर हटाए गए वोटों की संख्या से कम हुआ, तो कोर्ट इस पहलू पर विचार करेगा। *चुनाव आयोग का जवाब* चुनाव आयोग ने कल्याण बनर्जी की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि अगर किसी को चुनाव नतीजों या वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने से शिकायत है, तो उसका सही कानूनी रास्ता इलेक्शन पिटीशन दायर करना है। आयोग ने कहा कि टीएमसी चाहे तो चुनाव याचिका दाखिल कर सकती है *सुप्रीम कोर्ट का रुख* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर पार्टी को लगता है कि वोट हटाए जाने से चुनाव नतीजे प्रभावित हुए हैं, तो इस संबंध में अलग से विस्तृत अर्जी दाखिल की जाए। टीएमसी ने कोर्ट से यह स्पष्ट करने की मांग की कि वोटर लिस्ट से नाम हटाना भी चुनाव याचिका का आधार माना जा सकता है। हालांकि, चीफ जस्टिस ने कहा कि कोर्ट ऐसा आदेश कैसे दे सकता है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अगर वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने की वजह से चुनाव नतीजे प्रभावित हुए हैं, तो इस संबंध में अलग आवेदन दाखिल किया जा सकता है। अगर ऐसा आवेदन दाखिल होता है, तो कोर्ट चुनाव आयोग की आपत्तियां सुनने के बाद आदेश पारित करेगा। *अपीलीय ट्रिब्यूनल के पास पेंडिंग अपील* वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि फिलहाल अपीलीय ट्रिब्यूनल के पास जितनी अपीलें लंबित हैं, उनके निपटारे में करीब चार साल लग सकते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि अपीलीय ट्रिब्यूनल के पास लंबित अपीलों का जल्द निपटारा हो। इन अपीलों को तय करने में कितना समय लगेगा, इस पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
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