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कुशीनगर में एमडीएम भोजन में कीड़े, बीएसए ने जांच के आदेश दिए

Kushinagar, Uttar Pradesh:कुशीनगर कुशीनगर में बीते दिन एक स्कूल में बच्चों को परोसे जाने वाले मिड-डे मील में कीड़े मिलने वाले मामले के बाद कुशीनगर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच बैठा दी है..मामला बीते दिन दुदही ब्लॉक के खिरिया स्थित संविलयन विद्यालय की है... जहां बच्चों को दोपहर के भोजन में परोसी गई सब्जी में कीड़े मिलने की बात सामने आई थी..जिसको प्रमुखता से Zee मीडिया ने खबर दिखाई थी..बता दे कि बच्चों को जब दोपहर का खाना दिया गया तब भोजन की थाली में परोसी गई सब्जी में कीड़े दिखाई दिए थे जिसके बाद बच्चों ने खाना खाने से इनकार कर दिया...मामला सामने आने के बाद स्कूल में परोसे जाने वाले एमडीएम की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। सवाल ये भी था कि आखिर बच्चों को भोजन परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई..क्योंकि बच्चों के भोजन से जुड़ा मामला सीधे उनकी सेहत और सुरक्षा से जुड़ा है...लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल इसलिए भी खड़ा हो रहा है... क्योंकि बताया जा रहा है कि करीब एक साल पहले भी इसी विद्यालय के एमडीएम में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई थी...यानी एक शिकायत के बाद भी अगर दोबारा ऐसी तस्वीर सामने आई है... तो फिर एमडीएम की निगरानी और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है...अब मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच के निर्देश दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी पूरे मामले की जांच करेंगे। बाइट - अनिल सिंह,BSA बाइट - छात्र बाइट - छात्र बाइट - छात्र
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भजनलाल शर्मा मॉडल से बीजेपी ने निकाय चुनाव में असाधारण जीत पाई

Noida, Uttar Pradesh:जयपुर भजनलाल मॉडल ने बदली निकायों में चुनावी बयार सीएम ने जमीनी मुद्दों के साथ किया धुआंधार प्रचार प्रत्याशी सर्वे से लेकर टिकट वितरण तक मुख्यमंत्री रहे सुपर एक्टिव जोधपुर संभाग में भाजपा की 87 प्रतिशत निकायों में ऐतिहासिक विजय गहलोत के गढ़ को सीएम ने किया धराशाई भरतपुर संभाग में 75 प्रतिशत निकायों में भाजपा ने बनाया बोर्ड अजमेर में 69, बीकानेर में 66, उदयपुर संभाग में 64 प्रतिशत सफलता सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व को पार्टी आलाकमान ने सराहा पीएम मोदी समेत तमाम दिग्गजों ने दी बधाई मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में हुए निकाय चुनाव में इस बात को साबित कर दिया है कि यदि किसी भी चुनाव को जमीनी मुद्दों और मजबूत संगठनात्मक रणनीति के साथ लड़ा जाए तो सफलता मिलना तय है। मुख्यमंत्री जहां प्रत्याशी सर्वे से लेकर टिकट वितरण तक सुपर एक्टिव रहे। वहीं, राजस्थान में पहली बार निकाय चुनाव प्रचार में रोड शो जैसा मॉडल स्थापित किया। इसी भजनलाल मॉडल का नतीजा है कि भाजपा ने वन स्टेट-वन इलेक्शन के तहत 309 निकायों में एक साथ हुए चुनाव में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए अब तक घोषित 303 निकायों में से 200 में अपना प्रमुख बना लिया है। वहीं, आने वाले पंचायत चुनाव में भी भाजपा इसी मॉडल को बरकरार रखते हुए अपनी जीत के प्रतिशत को और बढ़ाना सुनिश्चित करेगी। संभागवार निकाय चुनाव परिणाम पर नजर डाली जाए तो भाजपा का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन जोधपुर में रहा है जो कांग्रेस केSenior नेता और तीन बार के मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत का गढ़ कहा जाता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी विजन के साथ काम करते हुए भाजपा ने यहां 87 प्रतिशत निकायों में अपना बोर्ड बनाया है। जो यह दर्शाता है कि हर सीट और हर वार्ड पर जमीनी स्तर पर होमवर्क के बाद चुनाव में उतरा गया। जोधपुर संभाग के कुल 41 निकायों में से बीजेपी ने 35 में बोर्ड बनाया जबकि कांग्रेस 5 बोर्ड तक सिमट कर रह गई। यहां बीजेपी को 30 सीटों की बड़ी बढ़त मिली। उल्लेखनीय है कि पाली नगर निगम में पिछड़ने के बावजूद भाजपा ने निर्दलीयों के समर्थन से अपना बोर्ड बनाया है। वहीं, अभी जोधपुर नगर निगम का परिणाम आना बाकी है। जहां भाजपा निर्दलीयों के समर्थन से मजबूत स्थिति में है। भरतपुर संभाग की बात करें तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इसी क्षेत्र से आते हैं और संगठन में मजबूत पकड़ होने के कारण वे यहां की राजनीति को ग्राउंड जीरो से जानते हैं। इसी का परिणाम है कि भाजपा ने यहां 75 प्रतिशत निकायों में अपना बोर्ड बना लिया है। भरतपुर संभाग के सीटवार आकलन में भाजपा ने कुल 32 निकायों में से 24 पर अपना कब्जा जमाया है जबकि कांग्रेस को 7 सीटें ही मिल पाई। यहां बीजेपी 16 सीटों से आगे रही। अजमेर संभाग में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए कुल 69 प्रतिशत निकायों में बना बोर्ड बनाया है। इसमें सबसे खास अजमेर नगर निगम रहा, जहां भाजपा ने पिछड़ने के बावजूद निर्दलीयों के समर्थन से अपना महापौर बनाया। अजमेर संभाग में कुल 52 निकाय प्रमुखों में से भाजपा ने 36 प्रमुख बनाए। वहीं, कांग्रेस ने मात्र 14 सीटें जीतीं, यहां बीजेपी 22 सीटों से आगे रही। बीकानेर संभाग में भी भाजपा ने 66 प्रतिशत से अधिक निकायों पर कब्जा जमाया है। यहां कुल 37 निकायों में से बीजेपी ने 24 में अपना बोर्ड बनाया, वहीं कांग्रेस ने 10 सीटें हासिल कीं। यहाँ बीजेपी की बढ़त 14 सीटों की रही। उल्लेखनीय है कि यहाँ श्रीविजयनगर नगरपालिका का परिणाम आना बाकी है। वहीं उदयपुर संभाग में भाजपा ने 64 प्रतिशत निकाय प्रमुख बना लिए हैं। संभाग के कुल 28 निकायों में से 18 पर भाजपा विजयी रही। वहीं कांग्रेस ने 9 सीटें हासिल की, यहां बीजेपी की बढ़त 9 सीटों की रही। कोटा और जयपुर संभाग में भी भाजपा ने आधे से अधिक निकायों में अपने प्रमुख बना लिए हैं। कोटा संभाग के कुल 28 निकायों में से बीजेपी ने 15 और कांग्रेस ने 10 में अपना प्रमुख बनाया। यहां बीजेपी को 55 प्रतिशत सफलता के साथ 5 सीटों की बढ़त मिली। फिलहाल कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिका का परिणाम आना बाकी है। इसी प्रकार, जयपुर संभाग के कुल 91 शहरी स्थानीय निकायों में से बीजेपी ने 48 और कांग्रेस ने 40 पर जीत दर्ज की, जिससे बीजेपी को 54 प्रतिशत सफलता के साथ 8 सीटों की बढ़त मिली। यहां जयपुर नगर निगम के अलावा खाटूश्यामजी नगर पालिका का परिणाम आना बाकी है। कुल मिलाकर प्रदेशभर में अब तक घोषित 303 निकायों में से बीजेपी ने 200 और कांग्रेस ने 95 सीटों पर जीत हासिल की है। इस प्रकार पूरे चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस पर 105 सीटों की कुल बढ़त बनाई है। भाजपा की सभी निकायों में कुल सफलता दो-तिहाई यानी 66 प्रतिशत दर्ज हुई। जबकि जयपुर, जोधपुर एवं कोटा नगर निगम के अलावा सुकेत, खाटूश्यामजी एवं श्रीविजयनगर नगर पालिका का परिणाम आना बाकी है। इस चुनाव का एक और खास पहलू 9 प्रशासनिक जिलों में कांग्रेस का पूरी तरह से सफाया होना रहा। प्रदेश के बालोतरा, बाड़मेर, ब्यावर, भरतपुर, डीग, डूंगरपुर, कोटा, फलोदी और पाली जिलों में कांग्रेस एक भी नगर निकाय में अपना बोर्ड नहीं बना सकी और ये सभी जिले पूरी तरह कांग्रेस विहीन हो गए। इसके अलावा अजमेर, बांसवाड़ा, जैसलमेर, जालोर, प्रतापगढ़ और सिरोही ऐसे 6 जिले रहे जहां कांग्रेस केवल 1-1 बोर्ड ही जीत पाने में सफल रही। यह जीत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल राजनीतिक नेतृत्व और रणनीतिक चातुर्य का प्रत्यक्ष प्रमाण है। आमतौर पर स्थानीय निकाय चुनावों में सत्ताधारी दलों को एंटी-इन्कम्बेंसी और असंतोष का सामना करना पड़ता है, लेकिन मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों, शहरी विकास की प्राथमिकताओं और सुशासन को चुनाव का मुख्य एजेंडा बनाया। उन्होंने स्वयं अग्रिम मोर्चे पर रहकर चुनाव अभियान की कमान संभाली, प्रमुख शहरों में तूफानी प्रचार किया और संगठन व सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया। मुख्यमंत्री के इसी विकास केंद्रित रिपोर्ट कार्ड और बूथ-स्तरीय प्रबंधन ने विपक्षी चक्रव्यूह को ध्वस्त कर भाजपा के लिए इस ऐतिहासिक जीत की राह आसान की।
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बलरामपुर में डीजे प्रवेश पर रोक: 25 हजार जुर्माना और जेल की सिफारिश

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर डिवाइन पब्लिक स्कूल में कक्षा-2 की 7 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद धार्मिक आयोजनों में बजने वाले डीजे को लेकर नगर पालिका ने बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने आपात बैठक बुलाकर विभिन्न धर्मों के लोगों के साथ चर्चा की। बैठक के बाद नगर क्षेत्र में धार्मिक आयोजनों के दौरान डीजे के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि सोमवार को हुई घटना ने सभी को झकझोर दिया है। घटना के बाद सभी धर्मों के लोग मौके पर पहुंचे और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इस पर चर्चा हुई। इसके बाद जनसुरक्षा और नगर की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए डीजे को नगर क्षेत्र में प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया गया है। नियम तोड़ा तो 25 हजार का जुर्माना और जेल का प्रस्ताव अध्यक्ष ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई डीजे नगर क्षेत्र में प्रवेश करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 25 हजार रुपए जुर्माना और जेल की कार्रवाई का प्रावधान किए जाने का प्रस्ताव प्रशासन के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नियम सभी के लिए समान होगा। कोई व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली हो या किसी संगठन से जुड़ा हो, नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक आयोजनों में बिजली कटौती नहीं करने की मांग नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान विद्युत कटौती नहीं किए जाने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी। उनका कहना है कि कार्यक्रमों के दौरान पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था रहने से सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में मदद मिलेगी। साथ ही धार्मिक आयोजनों को यथासंभव नगर क्षेत्र के बाहर कराने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि जुलूस और कार्यक्रमों से यातायात प्रभावित न हो। बुधवार को डीएम को सौंपेंगे ज्ञापन अध्यक्ष ने बताया कि बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर धार्मिक जुलूसों और आयोजनों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा पहली बार इस तरह का निर्णय लिया गया है। उद्देश्य किसी धर्म के आयोजन पर रोक लगाना नहीं, बल्कि सभी धर्मों के आयोजनों में जनसुरक्षा, सामाजिक सौहार्द और नगर की व्यवस्था बनाए रखना है。
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अमेठी पुलिस ने 107.9 किलो गांजे का विनष्टरण, कीमत लगभग 53 लाख

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी:- अमेठी पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के तहत बड़ी मात्रा में गांजे का कराया विनष्टीकरण। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. के निर्देश में जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने की यह कार्रवाई। क्षेत्राधिकारी पुलिस लाइन श्वेताभ भाष्कर की मौजूदगी में थाना गौरीगंज में दर्ज मुकदमे से संबंधित कुल 107 किलो 900 ग्राम गांजे का कराया गया निस्तारण। *पुलिस के मुताबिक विनष्टीकरण किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 53 लाख 95 हजार रुपये है*। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गठित कमेटी ने निर्धारित मानकों के अनुसार की पूरी कार्रवाई। गांजे का विनष्टीकरण जनपद सुलतानपुर स्थित मेसर्स रॉयल पॉल्यूशन कंट्रोल सर्विसेज के इन्सिनरेटर के माध्यम से कराया गया। पुलिस का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई रहेगी जारी ।
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बेगूसराय के मोख्तियारपुर स्कूल में परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन उपयोग पर निगरानी सवाल

Begusarai, Bihar:बेगूसराय के भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय मोख्तियारपुर में अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। परीक्षा कक्ष में कुछ छात्राएं मोबाइल फोन देखते हुए परीक्ष देर्ते नजर आ रहीं हैं। तस्वीरों के आधार पर निगरानी के लिए कोई शिक्षक उपस्थित नहीं दिख रहा है। प्रधानाध्यापिका लूसी कुमारी ने शिक्षकों की कमी का हवाला दिया है, लेकिन इतने दबाव के बावजूद निगरानी की वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई, यह भी सवाल है। अर्धवार्षिक परीक्षा छात्रों के मूल्यांकन की अहम प्रक्रिया है और कैमरे में मोबाइल उपयोग से परीक्षा कक्ष की निगरानी पर बहस तेज हो गई है। शिक्षा विभाग से अब कदम उठाने की उम्मीद है।
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बाढ़ के तेज पानी में दो भाइयों की डूबने से मौत, एक बचा रहा

Begusarai, Bihar:बेगूसराय के बछवाड़ा थाना क्षेत्र के बिशनपुर पंचायत के पटनी चौक के समीप मंगलवार को अपनी बहन के घर जाने के दौरान बाढ़ की पानी की तेज धार में बह जाने से एक बाइक पर सवार दो चचेरे भाइयों में एक की डूबने से मौत हो गई, जबकि ग्रामीणों के सहयोग से दूसरे भाई को बचा लिया गया। मृतक की पहचान समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफापुर वार्ड संख्या पांच विशनपुर निवासी नुनु लाल राय के करीब 30 वर्षीय पुत्र संजीत कुमार के रूप में हुई है। वही ग्रामीणों द्वारा बचाए गए दूसरे भाई की पहचान राम भजन राय के 25 वर्षीय पुत्र मुकेश कुमार के रूप में हुई है। मुकेश कुमार ने बताया कि वह अपने चचेरे भाई के साथ घर से बाइक पर सवार होकर अपने बिशनपुर वार्ड संख्या 13 निवासी बहनोई बिट्टू कुमार उर्फ धर्मेंद्र राय के घर जा रहा था। इसी दौरान पटनी चौक के समीप पुलिया पर पानी के तेज बहाव में अनियंत्रित होकर बाइक समेत दोनों भाई गहरे पानी में चला गया। स्थानीय लोगों के द्वारा उसे तत्काल पानी से बाहर निकल गया जबकि घटना के करीब 1 घंटे बाद संजीत कुमार को बाहर निकल गया। युवक ने बताया कि संजीत जब एक वर्ष का था उसी समय उसकी मां की मौत हो गई थी। इसके बाद वह भी भीखमचक पंचायत के वार्ड संख्या 5 स्थित ननिहाल में नाना स्वर्गीय राम सुदीन राय के साथ रहता था। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता संतान था इसकी शादी करीब 5 वर्ष पूर्व हुई थी इसे एक चार वर्षीय एवं दूसरा दो वर्ष या पुत्री भी है। इसके मौत से छोटी बच्ची समेत संपूर्ण परिवार पर दुख का पहाड़ सा गिर पड़ा है।
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पारबिरोली में बदहाल सड़क और पुल, बारिश में पानी भरने से ग्रामीण चिंतित

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले के मुलताई तहसील के ग्राम पारबिरोली में सड़क और पुल की बदहाली से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत खड़कवार से पारबिरोली को जोड़ने वाली सड़क कच्ची और बेहद खराब है। बारिश के दिनों में सड़क पर जगह-जगह पानी और दलदल की स्थिति बन जाती है। सबसे बड़ी परेशानी बीच में बने पुल को लेकर है, जहां बारिश के दौरान करीब 2 से 3 फीट तक पानी भर जाता है। ऐसे में स्कूली बच्चों, मरीजों और ग्रामीणों को जोखिम उठाकर पुल पार करना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक इसी रास्ते पर खड़कवार का श्मशान घाट भी है, यानी अंतिम यात्रा के दौरान भी लोगों को इसी बदहाल रास्ते और पानी से भरे पुल से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि कई लोग दलदल और नाले में गिरकर हादसों का शिकार हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण और पुल को ऊंचा करने की मांग को लेकर विधायक, सांसद और कलेक्टर तक कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब ग्रामीणों ने सड़क के डामरीकरण और पुल को ऊंचा करने की मांग की है। सवाल यह है कि विकास के दावों के बीच ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन और सम्मानजनक अंतिम यात्रा का अधिकार आखिर कब मिलेगा।
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रामनगर में स्थायी मंडी के प्रस्ताव से दुकानदारों ने किया अनशन खत्म, आश्वासन मिला

Bagaha, Bihar:खबर बगहा से है जहाँ रामनगर में स्थायी मंडी की मांग को लेकर दुकानदारों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चौथे दिन खत्म हो गया है। जेडीयू सांसद सुनील कुमार के आश्वासन के बाद अनशनकारियों ने अपना अनशन तोड़ दिया। पश्चिम चम्पारण के डीएम, अंचल और नगर प्रशासन की पहल से स्थायी मंडी का प्रस्ताव भेजने का भरोसा दिया गया है वहीं फिलहाल दुकानदारों से रामनगर शहर में यथावत दुकानें लगाकर कारोबार शुरू करने की अपील की गई है। दरअसल रामनगर नगर परिषद क्षेत्र में स्थायी फल, सब्जी और मांसाहारी मंडी की मांग को लेकर दुकानदारों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आखिरकार चौथे दिन खत्म हो गया। नगर परिषद के चेयरमैन प्रतिनिधि नागेंद्र साह और डिप्टी चेयरमैन प्रतिनिधि सूजल सिंह के नेतृत्व में दुकानदार बेमियादी हड़ताल पर थे औऱ दुकानदारों की मांग थी कि उनके लिए स्थायी मंडी की व्यवस्था की जाए। इसी बीच मौके पर अनशन स्थल पर पहुंचे वाल्मीकिनगर के जेडीयू सांसद सुनील कुमार ने दुकानदारों से बातचीत कर समस्या के समाधान का भरोसा दिया। सांसद ने बताया कि डीएम से लेकर अंचल और नगर प्रशासन के स्तर पर पहल कर स्थायी मंडी का प्रस्ताव शहरी विकास विभाग को भेजा जाएगा। बताया जा रहा है की सांसद द्वारा आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अनशन खत्म कर दोबारा दुकानें खोलने और बाजार सजाने पर सहमति जताई है लिहाजा फिलहाल दुकानदारों से रामनगर शहर में यथावत दुकानें लगाकर कारोबार करने की अपील की गई है। अब स्थायी मंडी के प्रस्ताव और प्रशासनिक पहल के बाद दुकानदारों को लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है। बता दें की रामनगर शहर में मुख्य सड़क किनारे रामरेखा नदी पुल तक दुकानदार अलग अलग फ़ल, सब्ज़ी औऱ मीट मछली की दुकानें लगाकर बमुश्किल कारोबार करते हैं जहाँ ट्रैफ़िक की समस्याओं से जूझना पड़ता है हालांकि गंडक सिचाई विभाग समेत कई सरकारी जमीन शहर के आस पास खाली हैं जहाँ मंडी बनाने की मांग लम्बे समय से होती रहीं है लेकिन नगर प्रशासन औऱ सिचाई विभाग की लापरवाही के कारण दुकानदार पीस रहें हैं औऱ कारोबार पीट रहा है जिससे जाम की समस्याओं से आम आवाम को दिक्कतें होती हैं।
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राज्यपाल गंगवार ने ICCR छात्रवृत्ति के अंतर्गत विदेशी विद्यार्थियों से संवाद किया

Ranchi, Jharkhand:लोकभवन, रांची में झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत IIT (ISM), धनबाद में अध्ययनरत विदेशी विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद किया। कार्यक्रम में यमन, तंजानिया, घाना, युगांडा, सोमालिया, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका सहित विभिन्न देशों के कुल 36 विदेशी विद्यार्थी शामिल हुए। ये विद्यार्थी IIT (ISM), धनबाद में सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सहित विभिन्न विषयों में Ph.D., M.Tech. और अन्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। संवाद के दौरान विदेशी विद्यार्थियों ने राज्यपाल के साथ अपने शैक्षणिक अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने भारत में अध्ययन, प्रवास और भारतीय समाज के साथ अपने संवाद को लेकर भी अपने विचार रखे। अपने संबोधन में राज्यपाल ने भारत के प्राचीन इतिहास और समृद्ध शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की ज्ञान और शिक्षा की परंपरा सदियों से विश्व को प्रेरणा देती रही है। राज्यपाल ने विदेशी विद्यार्थियों से भारत की आधुनिक विकास यात्रा से सीख लेने और भारत के अनुभवों को अपने-अपने देशों के संदर्भ में समझने तथा साझा करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब ये विद्यार्थी अपने देशों में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में होंगे, तब भारत के साथ अपने अनुभवों और संबंधों को याद रखते हुए दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने में भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, रांची के अधिकारियों के साथ ICCR क्षेत्रीय कार्यालय, पटना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी रांची सुश्री मनिता के, भारतीय विदेश सेवा ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। IIT (ISM), धनबाद की टीम, जिसमें डीन (इंटरनेशनल रिलेशंस) प्रो. रजनी सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल थे, भी उपस्थित रहे। यह संवाद अंतरराष्ट्रीय शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा भारत और अन्य देशों के बीच जन-से-जन संबंधों को मजबूत करने में ICCR छात्रवृत्ति कार्यक्रम की भूमिका को भी रेखांकित करता है।
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