icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

हरिद्वार के शिवालयों में सावन के पहले सोमवार पर भक्तों का सैलाब

Haridwar, Uttarakhand:ब्रेकिंग न्यूज़/हरिद्वार सावन के पहले सोमवार पर शिवमय हुआ हरिद्वार, मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब। कनखल स्थित भगवान भोलेनाथ के ससुराल दक्ष प्रजापति मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतार, हर तरफ गूंज रहे बम-बम भोले के जयकारे। सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का सिलसिला जारी, बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे। बिल्वकेश्वर महादेव, पारद शिवलिंग, दरिद्र भंजन महादेव और तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर समेत शहर के प्रमुख शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़। श्रद्धालु भांग, धतूरा, बेलपत्र, दूध, दही और गंगाजल समेत विभिन्न पूजन सामग्रियों से भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं, मंदिरों में हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं। हरिद्वार के मठ-मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाए, सुबह से ही श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। सावन के पहले सोमवार को लेकर मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड पर।
0
0
Report
Advertisement

सावन के पहले सोमवार पर जैसलमेर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़

Jaisalmer, Rajasthan:जिला-जैसलमेर विधानसभा - जैसलमेर लोकेशन - जैसलमेर सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब प्राचीन देव चंद्रेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की लगी कतार जैसलमेर, सावन मास के प्रथम सोमवार के अवसर पर जिले भर के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी भगवान शिव के भक्तों ने जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा एवं पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना की सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिरों में "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष गूंजते रहे। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक एवं विशेष आरती का आयोजन किया गया इस अवसर पर जैसलमर शिव रोड स्तिथ प्राचीन देवचंद्रेश्वर शिवालय में भक्तों की कतार लगी श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया व मंदिर समितियों द्वारा दर्शन एवं पूजा की सुचारु व्यवस्था की गई, वहीं प्रशासन ने भी सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक प्रबंध किए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है व मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है सावन के प्रथम सोमवार पर पूरे जिले में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण देखने को मिला
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

महिदपुर रोड रेलवे स्टेशन पर 11kV तार गिरने से बड़ा हादसा टला; रेल यातायात प्रभावित

Kota, Rajasthan:महिदपुर रोड स्टेशन पर बड़ा हादसा टला: चलती मेमू ट्रेन पर गिरा 11 हजार वोल्ट का तार, यात्री बाल-बाल बचे दिल्ली-मुंबई डाउन लाइन पर ढाई घंटे बाधित रहा रेल यातायात; सीनियर डीसीएम ने दिए जांच के आदेश महिदपुर रोड/कोटा: कोटा-नागदा रेलखंड स्थित महिदपुर रोड रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया। रतलाम-कोटा मेमू पैसेंजर ट्रेन जैसे ही प्लेटफॉर्म पर पहुंची, अचानक उसके ऊपर 11 हजार वोल्ट का ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तार टूटकर गिर गया। हादसे में ट्रेन के ड्राइविंग मोटर कोच (डीएमसी) का इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी यात्री और रेलकर्मी पूरी तरह सुरक्षित रहे। घटना सुबह करीब 8:53 बजे की है। तार टूटते ही स्टेशन पर हड़कंप मच गया और ट्रेन का एक मोटर कोच बंद हो गया। इस कारण दिल्ली-मुंबई डाउन लाइन पर करीब ढाई घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही ठप रही और मेमू ट्रेन तीन घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही। रेलवे की तकनीकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दूसरे डीएमसी को सक्रिय किया और सुबह 11 बजे ट्रेन को कोटा के लिए रवाना किया। दोपहर 12:30 बजे क्षतिग्रस्त तार की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
0
0
Report

मुजफ्फरनगर में स्वामी जी का फरमान: कांवड़ लाने वालों को भगवा वर्दी, विवाद गरम

Noida, Uttar Pradesh:मुस्लिम कावड़ियों पर फरमान ( बुरखा पहनकर टोपी लगाकर कावड़ लाने वाले मुस्लिम लोगों का सनातनी करें विरोध, मुस्लिम लोगों को कावड़ लानी है तो सनातनी भगवा कपड़े पहन कर लाएं, अगर किसी मुस्लिम की कावड़ में आस्था है तो वह सनातन धर्म में घर वापसी कर ले, टोपी बुरखा पहनकर कावड़ लाने वाले मुस्लिम लोग मीडिया में छाने के लिए करते हैं ढोंग, यदि मुस्लिम महिला पुरुष श्रद्धा के साथ सनातनी वस्त्रों में कावड़ लाते हैं तो मैं उनका धन्यवाद करता हूं स्वामी यशवीर जी महाराज।) एंकर - 2026 कावड़ यात्रा के दौरान एक नया विवाद छिड़ गया है हमने देखा होगा की टोपी या बुरखा पहनकर कुछ मुस्लिम महिला पुरुष भी कावड़ यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं। जिसको लेकर मुजफ्फरनगर जनपद स्थित योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर जी महाराज ने एक नया फरमान जारी करते हुए अपनी वीडियो वायरल की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि कोई मुस्लिम महिला पुरुष कावड़ श्रद्धा के साथ ला रहे हैं तो मैं इसका धन्यवाद करता हूं। लेकिन जो मुस्लिम महिला बुर्के में और पुरुष टोपी पहनकर कावड़ ला रहा है तो मैं इसका घोर विरोध करता हूं क्युकी कावड़ हमारे सनातन धर्म की परंपरा और आस्था का प्रतीक है यदि मुस्लिम लोगों को कावड़ लानी है तो वह अपने मजहब के कपड़े छोड़कर सनातन धर्म के भगवा कपड़ों में ही कावड़ लाए। स्वामी यशवीर जी महाराज ने कहा कि यदि इस प्रकार मुस्लिम समाज की महिला और पुरुष अपने मजहब के कपड़ों में कावड़ लेकर आ रहे हैं तो सनातनी लोग उसका विरोध करें क्योंकि ऐसे मुस्लिम लोग मीडिया में छाने के लिए ऐसा कार्य करते हैं जिसे हिंदू समाज बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। स्वामी जी ने तो अपनी वायरल वीडियो में यहाँ तक कह दिया कि अगर कोई मुस्लिम महिला पुरुष कहता है की कावड़ और सनातन धर्म में उनकी आस्था है तो मैं उन्हें निमंत्रण देता हूं उनको कहता हूं कि वह सनातन धर्म में घर वापसी कर ले, लेकिन अगर उन्हें कावड़ लानी ही है तो वह अपने कपड़े छोड़कर सनातनी भगवा कपडे पहनकर ही कावड़ लाए तभी हिंदू समाज उन्हें इसका अधिकार देगा वरना इसका विरोध किया जाएगा। आपको बता दे स्वामी यशवीर जी महाराज वही शख्स है जिन्होंने अब से 4 साल पूर्व कावड़ मेले में नेम प्लेट का मुद्दा उठाते हुए पहचान अभियान चलाया था। बस तभी से स्वामी जी हमेशा सनातन धर्म को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। अपनी वायरल वीडियो में स्वामी यशवीर जी महाराज का रहे हैं कि देखिए मेरा यह कहना है। यदि मुस्लिम महिलाएं मुस्लिम पुरुष कावड़ श्रद्धावस ला रहे हैं। तो इसका तो मैं धन्यवाद करता हूं। लेकिन वह जो कावड़ ला रहे हैं, महिलाएं बुरखे में और मुस्लिम लड़के अपने मजहब की गोल टोपी ओढ़कर ला रहे हैं। मैं इसका घोर विरोध करता हूं। क्योंकि कावड़ हमारी सनातन धर्म की परंपरा का आस्था का प्रतीक है। यदि उनको कावड़ लानी है। तो अपने मजहब की वर्दी में ना लाकर सनातन धर्म की कावड़ को जो भगवे रंग की वर्दी है। उसे वर्दी को पहन कर ही लाए। लेकिन यदि वह इस तरह अपनी वर्दी में कावड़ लाने का एक ढोंग करते हो, मीडिया में छाने का कार्य करते हो, यह हिंदू समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। और मैं हिंदू समाज से कहना चाहूंगा। यदि इस प्रकार से मुस्लिम समाज के महिला मुस्लिम समाज का कोई पुरुष अपने मजहब के वर्दी पहने हुए। कावड़ लेकर आ रहा है। तो उसका वहीं विरोध करिए उसको रोकिए हम हिंदू समाज के लोग इस खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेंगे। और यदि वह कहे की हमारी आस्था है। सनातन धर्म में आस्था है। तो मैं निमंत्रण देता हूं। उनको वह घर वापसी कर लें। और घर वापसी नहीं करते लेकिन कावड़ लानी है। तो फिर अपनी वर्दी में नहीं सनातन धर्म की वर्दी में कावड़ लाए। तब हिंदू समाज उन्हें कावड़ लाने का अधिकार देगा। नहीं तो विरोध होगा। बाइट - स्वामी यशवीर जी महाराज ( महंत - योग साधना आश्रम मुजफ्फरनगर )
0
0
Report
Advertisement

झुंझुनूं में लहरिया-2026: महिलाएं राजस्थानी संस्कृति के रंग में ढाल

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं शहर में सावन फुहारों के बीच स्त्री शक्ति समूह द्वारा आयोजित लहरिया-2026 रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक लहरिया साड़ियों, लहरिया लहंगा-चुन्नी, सूट आदि राजस्थानी परिधानों में भाग लेकर सावन की सांस्कृतिक छटा बिखेरी। हल्की बारिश और डीजे के संगीत पर महिलाओं ने नृत्य किया, वहीं 'फ्लोर डांस इन लहरिया' मुख्य आकर्षण रहा। फन गेम्स, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और मनोरंजक प्रतियोगिताओं ने सभी को आनंदित किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पारिवारिक-परंपराओं को भी विशेष स्थान दिया गया। पीहर आई बेटियों और पहली तीज मना रही नवेली बहुओं को सिंधारा कर सम्मानित किया गया, महिलाओं ने पारंपरिक झूलों का आनंद लिया और सावन थीम पर सेल्फी पॉइंट पर तस्वीरें लीं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी परिधानों में शामिल बनीं और पोषण-स्वास्थ्य और सुरक्षा हेतु एप के बारे में जागरूकता भी फैलाई गई। कार्यक्रम के आयोजक समूह ने बताया कि यह लहरिया कार्यक्रम पिछले नौ वर्षों से आयोजित हो रहा है, जिसके प्रभाव से स्त्री शक्ति समूह जैसी संस्थाएं स्थापित हो रही हैं ताकि संस्कृति, परंपराओं और परिवारिक मूल्यों का संरक्षण सम्भव हो सके। इस अवसर पर समूह की सदस्यों ने युवा पीढ़ी को सिंधारा, झूला, तीज आदि पारंपरिक क्रियाओं से परिचित कराकर उन्हें सामाजिक- culturales leadership सशक्त बनाकर नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top