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खैरथल के किशनगढ़बास में नाबालिग से गैंगरेप: चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

Bagheri Kalan, Rajasthan:खैरथल के किशनगढ़बास में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है, बताया जा रहा है कि परिवार में किसी व्यक्ति की मौत के बाद पूरा परिवार अस्थियों को लेकर हरिद्वार गए हुए थे, बीती आधी रात को दो व्यक्ति नाबालिग को लेकर चले गए जहां पहले से दो और लोग मौजूद थे, परिजनों का आरोप है कि उन चारों लोगो ने बच्ची के साथ गैंगरेप किया है, वही इस घटना की जानकारी लगते ही ग्रामीण और परिजन इकट्ठा हुए और किशनगढ़बास थाने में चार लोगों के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए बच्ची का मेडिकल करवाया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी, वही ग्रामीणों का आरोप है कि किशनगढ़बास थाने में पिछले कुछ माह से गैंगरेप के मामले सामने आने से कस्बे की बच्चियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
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बैतूल में एक्सल गैंग लूट: तीन गिरफ्तारी, किसानों से 65 हजार नकद-फोन बरामद

Betul, Madhya Pradesh:एंकर - बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के खेड़ीसंवालीगढ़ में किसानों के साथ हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में सक्रिय एक्सल गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दरअसल बीते दिनों किसान यूरिया का ई-पंजीयन करवा कर वापस लौट रहे थे,तभी रास्ते में कुछ बदमाशों ने घेराबंदी कर उन्हें डरा-धमकाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने किसानों से करीब 65 हजार रुपए नगद और मोबाइल फोन लूट लिए थे और मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद किसानों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि इस वारदात के पीछे क्षेत्र में सक्रिय एक्सल गैंग का हाथ हो सकता है। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नगदी और मोबाइल भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।
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राजस्थान में 100 kW से अधिक लोड वाले भवनों पर नया ऊर्जा संरक्षण कोड 2026 लागू

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में भवन निर्माण को अब ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा जल्द ही राजस्थान एनर्जी कंजर्वेशन एंड सस्टेनेबल बिल्डिंग कोड लागू किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शुक्रवार को विद्युत भवन में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस कोड और रूल्स-2026 के प्रारूपों की विस्तृत समीक्षा की और इसे जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि यह कोड मुख्य रूप से उन व्यावसायिक भवनों पर लागू होगा जिनका बिल्ड अप एरिया 2000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है। इसके अलावा जिन भवनों का कनेक्टेड लोड 100 किलोवाट या उससे अधिक है, और कनेक्टेड डिमांड 120 केवीए से ज्यादा है, उन पर भी ये नए नियम अनिवार्य होंगे। यानी जयपुर, जोधपुर, कोटा जैसे शहरों में बनने वाले मॉल, ऑफिस, हॉस्पिटल और बड़ी कमर्शियल बिल्डिंग्स को अब एनर्जी एफिशिएंसी के मानक पूरे करने होंगे। प्रदेश में पहली बार पर्यावरण-अनुकूल निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए इस कोड में विशेष वित्तीय और तकनीकी लाभ जोड़े गए हैं। कोड के प्लस मानकों का पालन करने वाले भवनों को 5 प्रतिशत और सुपर बिल्डिंग कोड मानकों को पूरा करने वाले भवनों को 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त बिल्ट एरिया रेशियो FAR मिलेगा। यानी बिल्डरों को ज्यादा एरिया बनाने की छूट मिलेगी, जिससे ग्रीन बिल्डिंग का चलन बढ़ेगा। नए कोड के तहत हर बड़ी व्यावसायिक बिल्डिंग में नवीकरणीय ऊर्जा को अनिवार्य किया गया है। भवनों में अनुबंधित बिजली मांग का 4 प्रतिशत या उपलब्ध रूफ टॉप का 50 प्रतिशत हिस्सा सोलर पैनल या अन्य नवीकरणीय ऊर्जा के लिए आरक्षित करना होगा। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अलग से EV चार्जिंग और पार्किंग की व्यवस्था भी करनी पड़ेगी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अनुबंधित ऊर्जा ऑडिटर समय-समय पर जांच और अनुमोदन करेंगे। उल्लंघन रोकने के लिए रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपोजिट और पेनल्टी का प्रावधान भी रखा गया है। सभी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए अक्षय ऊर्जा निगम एक इंटीग्रेटेड ऑनलाइन वेब-पोर्टल भी बना रहा है, जहां से भवन स्वीकृति से लेकर ऑडिट तक सब कुछ ऑनलाइन होगा。
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रोहट में ACB कार्रवाई: BCMO डॉ हार्दिक राजपुरोहित पर संलिप्तता की आशंका; रिश्वत बरामद

Pali, Rajasthan:रोहट में ACB की कार्रवाई से निकली एक और बात, BCMO डॉ हार्दिक राजपुरोहित की संलिप्तता की भी आशंका ! ACB जोधपुर की टीम ने ली घर की तलाशी, लेकिन ACB कार्रवाई की भनक लगने से BCMO डॉ हार्दिक राजपुरोहित फरार, आरोपी लेखा सहायक देवकीनंदन शर्मा ने रिश्वत राशि को रखा था दराज में, BCMO कार्यालय के प्रथम तल में रखी लकड़ी की दराज से हुई बरामदगी, आरोपी देवकीनंदन संविदाकर्मी के रूप में था कार्यरत, वही BCMO रोहट में टेंडर में लगी गाड़ी को निरंतर चालू रखने एवं बिल पास करने की एवज में थी डिमांड, ऐसे में एसीबी ASP देरावरसिंह सोढ़ा की टीम मॉनिटरिंग से मिली सफलता, एसीबी DGP रेंज जोधपुर नारायण टोगस का रहा सुपरविजन ।
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योग दिवस पर ब्लाक प्रमुख और अधिकारी ने किया योगाभ्यास

Manoj KumarManoj KumarFollow2m ago
Khandwari, Uttar Pradesh:अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ब्लाक प्रमुख ने अधिकारियों व कर्मचारियों संग किया सामूहिक योगाभ्यास। चहनिया । बारहवीं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर चहनिया स्थित खंड विकास कार्यालय के प्रांगण में रविवार को उत्साहपूर्वक कार्यक्रम की आयोजन मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख अरुण कुमार जायसवाल ने मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ मंगलाचरण एवं सरस्वती वंदना से हुई । जिसके पश्चात ब्लाक प्रमुख विकास खंड के समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ वार्म-अप, सूर्य नमस्कार भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम-विलोम,शीर्षासन सर्वांगासन,व वृक्षासन एवं विभिन्न प्राणायामों का अभ्यास किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि योग केवल एक शारीरिक नहीं है, बल्कि यह मानव एकता का आधार है, और बढ़ती उम्र में भी स्वास्थ्य व सक्रिय रहने का एक उत्तम माध्यम है।आज भारत के लोग अनेक शारीरिक और मानसिक व्याधियों से जूझ रहे है। ऐसे में योग व प्राणायाम को अपनाकर हम एक स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो सकते हैं। हमें योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए क्योंकि शरीर,मन और आत्मा को जोड़ने के साथ -साथ शारीरिक, स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आत्म - जागरुकता को बढ़ावा देने में अत्यंत प्रभावी है। इस दौरान खंड विकास अधिकारी जावेद अख्तर, ज्वाइंट विडियो ओमप्रकाश, सहायक विकास अधिकारी राजेश सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी आंनद यादव, डा अजय सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य रविकांत चौहान, पूर्व मंडल अध्यक्ष संकठा राजभर,अजीत सिंह, बालमुकुंद, प्रकाश यादव, सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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जयपुर कलेक्ट्रेट में फायर सेफ्टी ढांचे पर सवाल, एक्सपायर्ड यंत्रों से आपदा का जोखिम

Jaipur, Rajasthan:जिस दफ्तर से पूरे जिले की आपदा से निपटने की तैयारी तय होती है... उसी दफ्तर में फायर बुझाने के इंतजाम ही दम तकड़ दें तो सवाल उठना लाजिमी है। जयपुर जिला कलेक्ट्रेट...जहां हर दिन हजारों लोग पहुंचते हैं, जहां बड़े-बड़े अधिकारी बैठते हैं... लेकिन इसी कलेक्ट्रेट में फायर सेफ्टी के इंतजाम खुद खतरे में नजर आ रहे हैं। फायर एक्सटिंग्विशर लगे जरूर हैं, लेकिन कई की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है। यानी आग लगने पर जिस सिस्टम पर भरोसा होना चाहिए, वही सिस्टम वक्त से पहले जवाब दे सकता है। देखिए जी मीडिया की ये पड़ताल... जिस जिला कलेक्ट्रेट से पूरे जयपुर जिले की प्रशासनिक व्यवस्था चलती है, जहां रोजाना हजारों लोग अपने कामों के लिए पहुंचते हैं... वहीं आग जैसी आपदा से निपटने के इंतजाम खुद सवालों के घेरे में हैं। जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में कलक्टर, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार सहित कई महत्वपूर्ण अधिकारी बैठते हैं। यहां राजस्व मामलों से लेकर अदालतों की सुनवाई, रजिस्ट्री और आम लोगों की समस्याओं से जुड़े काम होते हैं। दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है, लेकिन सुरक्षा के सबसे जरूरी इंतजामों में से एक फायर फाइटिंग सिस्टम की स्थिति चिंताजनक है। सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों, निजी संस्थानों और सार्वजनिक भवनों में आग बुझाने के इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दे रखे हैं। फायर एनओसी नहीं होने पर कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये नियम जिला कलेक्ट्रेट पर लागू नहीं होते.....जांच में सामने आया कि कलेक्ट्रेट में लगे कई अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग डेट निकल चुकी है। कई जगह पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेजों के बीच रखे कार्यालयों में आग लगने की स्थिति में तत्काल नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आए क्या कलेक्ट्रेट में फायर ऑडिट हुआ है? एक्सपायर अग्निशमन यंत्रों की जिम्मेदारी किसकी है? हजारों लोगों की आवाजाही वाले भवन में आग लगने पर तत्काल बचाव की व्यवस्था क्या है? क्या कार्रवाई सिर्फ निजी संस्थानों तक सीमित है? कलेक्ट्रेट को भी फायर सेफ्टी के नियमों के दायरे में लाने की जरूरत है ताकि ‘आग लगे तो कुआं खोदने’ वाली स्थिति से बचा जा सके। हैरानी की बात यह है कि जिस भवन में आपदा प्रबंधन शाखा भी संचालित है, वहीं आपदा से निपटने की तैयारी अधूरी दिखाई दे रही है। अधिकारियों के कक्षों और गलियारों में लगे फायर एक्सटिंग्विशर तक समय पर रिफिल नहीं करवाए गए। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला कलक्टर के कार्यालय के सामने लगा अग्निशमन यंत्र भी रिफिल करवाने की जरूरत में है। अगर आपात स्थिति में इसका इस्तेमाल करना पड़े तो क्या यह काम करेगा, यह बड़ा सवाल है। नियमों के अनुसार फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल नहीं होने पर भी समय-समय पर उसकी जांच और रिफिलिंग जरूरी होती है, ताकि जरूरत पड़ने पर वह प्रभावी साबित हो सके। गौरतलब हैं की जयपुर नगर निगम की कार्मिक शाखा में लगी आग के दौरान भी फायर सेफ्टी सिस्टम की हकीकत सामने आई थी। आग बुझाने के लिए सिस्टम चालू करने पर पता चला था कि कई अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग अवधि खत्म हो चुकी थी। अब सवाल उठ रहा है कि जब आम संस्थानों पर फायर सेफ्टी नियमों की सख्ती से पालना करवाई जा रही है तो जिला प्रशासन के सबसे बड़े कार्यालय में ही लापरवाही क्यों बहरहाल, जिस कलेक्ट्रेट से पूरे जिले को नियमों की पालना का पाठ पढ़ाया जाता है... वहीं सुरक्षा के नियम खुद दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। आग कभी चेतावनी देकर नहीं आती, लेकिन उससे बचाव की तैयारी पहले से करनी पड़ती है। सवाल यही है कि जिम्मेदारों के दफ्तर में ही अगर फायर सिस्टम सो रहा है, तो आम लोगों की सुरक्षा का भरोसा कैसे कायम रहेगा......क्योंकि हादसे के बाद जांच और कार्रवाई तो होती है... लेकिन उससे पहले अगर तैयारी होती, तो शायद हादसा टाला भी जा सकता था।
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नीमकाठाना में री-नीट परीक्षा, 11 केंद्रों पर सुरक्षा के बीच सुचारू संचालन

Sikar, Rajasthan:नीमकाठाना में री-नीट परीक्षा आज। प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद। शहर के 11 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हो रही परीक्षा में करीब 3408 अभ्यर्थी हो रहे शामिल। केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन किया गया है अनिवार्य। सघन जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को दिया गया प्रवेश। नीमकाठाना में आज री-नीट परीक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। शहर के 11 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हो रही परीक्षा में करीब 3408 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों का प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू हुआ, जो दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक जारी रहेगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे से परीक्षा शुरू हुई, जो शाम 5 बजकर 15 मिनट तक चलेगी। प्रश्नपत्रों को बैंकों के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया था, जहां से बीएसएफ जवानों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया। सभी केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया है तथा सघन जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश मिला। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस के जवानों के साथ बीएसएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं। वहीं चिकित्सकों की टीम भी मौजूद है। बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों के लिए छाया और पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।एडीएम भागीरथ साख, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश मीणा, उपखंड अधिकारी राजवीर यादव, तहसीलदार देवीलाल चौधरी तथा कोतवाली थाना अधिकारी विजेंद्र सिंह लगातार परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है。
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बाढ़ के बासोबागी में जुआ रोकने पर गोली, मुखिया के बेटे और चाचा घायल

Barh, Bihar:बाढ़ अनुमंडल में बासोबागी गाँव में जुआ खेलाने से रोकने पर बदमाशों ने मुखिया राजकुमार के बेटे और भाई को गोली मार दी। बासोबागी मुखिया ने बाढ़ नगर परिषद के संवेदक राकेश कुमार, उसके भाई मटरू और भुल्लू पर गोली चलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले मुखिया चुनाव के समय से ही उनका विवाद चल रहा है। इसी चुनावी रंजिश के कारण उनके बेटे और भाई को बाजार में गोली मारी गई है। मुखिया का बेटा साहिल बिहारशरीफ में एक प्राइवेट स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ता है। वह गर्मी की छुट्टी में अपने घर आया हुआ था। वह अपने चाचा के साथ बाजार गया था। तभी घर लौटने के दौरान उसके चाचा पुरुषोत्तम कुमार का जुआ खेलाने को लेकर कुछ लोगों से विवाद हो गया। इस दौरान बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की। विवाद बढ़ने पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक गोली साहिल और उसके चाचा को जाकर लगी। परिवार को सूचना मिलते ही तुरंत दोनों घायलों को बाढ़ सदर अस्पताल लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी को पटना रेफर कर दिया गया है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है।
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हिंदू युवक की हत्या पर बीजेपी-सपा पर हमला; दलित हिंसा पर गौतम का निशाना

Noida, Uttar Pradesh:संतकबीर नगर में हिंदू दोस्त की मुस्लिम युवक द्वारा की गई हत्या पर बीजेपी सपा पर हुई हमलावर योगी सरकार की मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम बोलीं, हिंदू युवक की मुर्गा काटने वाले हथियार से की गई हत्या सपा के पाले हुए पुत्र लगातार दलितों पर अत्याचार कर रहे हैं: विजय लक्ष्मी गौतम यूपी के आंकड़े भी बता रहे है कि दलितों पर सबसे अधिक अत्याचार यादव और मुस्लिम कर ही कर रहे हैं: विजय लक्ष्मी गौतम अखिलेश यादव अपने मतदाताओं को समझाइये की दलितों के खिलाफ हिंसा बंद करे: विजय लक्ष्मी गौतम PDA की बात करने वाले दलितों के खिलाफ हिंसा कर रहे, जनता कभी माफ नहीं करेगी: विजय लक्ष्मी गौतम दलितों के खिलाफ हो रही हिंसा पर अखिलेश क्यों मौन है: विजय लक्ष्मी गौतम आपको खुले मंच से दलितों पर मुस्लिमों द्वारा की जा रही हिंसा की निंदा करनी चाहिए: विजय लक्ष्मी गौतम
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राजस्थान में 2026 कोड से बड़े भवनों में सोलर और EV चार्जिंग अनिवार्य

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में ग्रीन बिल्डिंग को बढ़ावा, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने किया एनर्जी कंजर्वेशन बिल्डिंग कोड 2026 का रिव्यू, 100 KW वाले व्यावसायिक भवनों पर लागू होगा नया नियम राजस्थान में भवन निर्माण को अब ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा जल्द ही राजस्थान एनर्जी कंजर्वेशन एंड सस्टेनेबल बिल्डिंग कोड लागू किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार को विद्युत भवन में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस कोड और रूल्स-2026 के प्रारूपों की विस्तृत समीक्षा की और इसे जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।बैठक में जानकारी दी गई कि यह कोड मुख्य रूप से उन व्यावसायिक भवनों पर लागू होगा जिनका बिल्ड अप एरिया 2000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है। इसके अलावा जिन भवनों का कनेक्टेड लोड 100 किलोवाट या उससे अधिक है, और कनेक्टेड डिमांड 120 केवीए से ज्यादा है, उन पर भी ये नए नियम अनिवार्य होंगे। यानी जयपुर, जोधपुर, कोटा जैसे शहरों में बनने वाले मॉल, ऑफिस,हॉस्पिटल और बड़ी कमर्शियल बिल्डिंग्स को अब एनर्जी एफिशिएंसी के मानक पूरे करने होंगे। प्रदेश में पहली बार पर्यावरण-अनुकूल निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए इस कोड में विशेष वित्तीय और तकनीकी लाभ जोड़े गए हैं। कोड के 'प्लस मानकों' का पालन करने वाले भवनों को 5 प्रतिशत और 'सुपर बिल्डिंग कोड' मानकों को पूरा करने वाले भवनों को 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त बिल्ट एरिया रेशियो FAR मिलेगा। यानी बिल्डरों को ज्यादा एरिया बनाने की छूट मिलेगी, जिससे ग्रीन बिल्डिंग का चलन बढ़ेगा। नए कोड के तहत हर बड़ी व्यावसायिक बिल्डिंग में नवीकरणीय ऊर्जा को अनिवार्य किया गया है। भवनों में अनुबंधित बिजली मांग का 4 प्रतिशत या उपलब्ध रूफ टॉप का 50 प्रतिशत हिस्सा सोलर पैनल या अन्य नवीकरणीय ऊर्जा के लिए आरक्षित करना होगा। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अलग से EV चार्जिंग और पार्किंग की व्यवस्था भी करनी पड़ेगी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अनुबंधित ऊर्जा ऑडिटर समय-समय पर जांच और अनुमोदन करेंगे। उल्लंघन रोकने के लिए रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपोजिट और पेनल्टी का प्रावधान भी रखा गया है। सभी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए अक्षय ऊर्जा निगम एक इंटीग्रेटेड ऑनलाइन वेब-पोर्टल भी बना रहा है, जहां से भवन स्वीकृति से लेकर ऑडिट तक सब कुछ ऑनलाइन होगा।
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