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MKMadesh Kumar TiwariFollow1 Oct 2024, 06:09 am
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जयपुर के मंदिरों में नंदोत्सव ने जन्माष्टमी की धूम मचाई

Jaipur, Rajasthan:जयपुर_LOCATIONS-JAIPUR_FEED-OFC एंकर- नंद के घर आनंद भयो... यशोदा के लाल के जन्म की खुशी मंदिरों में जमकर बरसी। ‘यशोदा जायो ललना...’ और ‘जन्मे हैं कृष्ण कन्हाई... बधाई हो बधाई’ जैसे बधाई गीतों के बीच शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में नंदोत्सव की उछाल हुई। ठाकुरजी को अर्पित किए गए खिलौने, मेवे, फल, टॉफियां, कपड़े, बिस्किट और अन्य सामग्री भक्तों के बीच उछाली गई। उछाल लूटने के लिए बच्चे ही नहीं, हर उम्र के श्रद्धालु हाथ ऊपर किए नजर आए। गोविंददेवजी, गोपीनाथजी, कृष्ण बलराम मंदिर, इस्कॉन, अक्षरधाम सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही भक्ति का रंग चढ़ा रहा। कहीं बधाई गीतों पर भक्त झूमे तो कहीं आरती और झांकियों के बीच कान्हा की लीलाओं में डूबे रहे। मंदिरों में घंटियों, शंखध्वनि और जयकारों के बीच नंदोत्सव ने जन्माष्टमी की खुशियों को अगले दिन भी जीवंत रखा। गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में नंदोत्सव मनाया गया। सुबह अधिवास, तिल और यवदान पूजन के बाद उत्सव शुरू हुआ। ठाकुरजी को केसरिया रंग की नई पोशाक धारण कराकर फूलों से मनोरम श्रृंगार किया गया। इसके बाद कपड़े, फल, ट्रॉफी, बिस्किट और खिलौनों की उछाल हुई। प्रसाद पाने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मच गई। गोपीनाथजी मंदिर में महंत सिद्धार्थ गोस्वामी के सान्निध्य में कार्यक्रम हुआ। चांदनी चौक स्थित आनंद कृष्ण बिहारी मंदिर में पुजारी मातृप्रसाद शर्मा की देखरेख में नंदोत्सव मनाया गया। हंस विहार मंदिर, सरस निकुंज, राधा दामोदर मंदिर, बृजनिधि मंदिर और लक्ष्मीनारायण बाईजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी बधाई गान और धार्मिक आयोजन हुए। ठाकुरजी को अर्पित सामग्री में खिलौने, मेवे, फल, टॉफी, बिस्किट, कपड़े और ट्रॉफी शामिल रहे। उछाल शुरू होते ही इन्हें पाने के लिए श्रद्धालु उत्साहित नजर आए। बच्चों में खिलौनों को लेकर खासा उत्साह रहा。
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रामनगर के शिक्षक ने 25 लाख से सायंकालीन विद्यालय खोला; बच्चों को मुफ्त शिक्षा

Noida, Uttar Pradesh:शिक्षक दिवस पर सलाम: 25 लाख की जमा पूंजी लगाकर वंचित बच्चों के लिए खड़े किए तीन सायंकालीन स्कूल, 400 से ज्यादा बच्चों को मिल रही मुफ्त शिक्षा। रिपोर्टर-विजय कश्यप स्थान-रामनगर एंकर-शिक्षक दिवस पर जब समाज अपने शिक्षकों के योगदान को याद कर रहा है, ऐसे में रामनगर के एक शिक्षक की कहानी सिर्फ शिक्षा देने की नहीं, बल्कि अपने संसाधनों और जीवनभर की जमा पूंजी को बच्चों के भविष्य के नाम कर देने की है,राजकीय इंटर कॉलेज ढेला के अंग्रेजी प्रवक्ता नवेंदु मठपाल पिछले करीब छह वर्षों से उन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जिनके परिवार आर्थिक तंगी, मजदूरी और सामाजिक परिस्थितियों के कारण अपने बच्चों को नियमित स्कूल नहीं भेज पाते,रामनगर कोसी नदी के किनारे रेता खनन से जुड़े मजदूर परिवारों और कूड़ा बीनने वाले परिवारों के बच्चों से शुरू हुई यह मुहिम आज रामनगर के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित तीन सायंकालीन विद्यालयों तक पहुंच चुकी है,इन विद्यालयों में वर्तमान में 400 से अधिक बच्चे जुड़े हुए हैं और उन्हें पूरी तरह निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। इस अभियान की सबसे बड़ी और प्रेरणादायक बात यह है कि सांवल्दे पश्चिम में बुक्सा समुदाय के बच्चों के लिए विद्यालय भवन तैयार करने में नवेंदु मठपाल ने अपनी निजी जमा पूंजी से करीब 25 लाख रुपये लगा दिए,उन्होंने जमीन लेकर विद्यालय भवन तैयार कराया, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और जनजातीय परिवारों के बच्चों को पढ़ने के लिए बेहतर स्थान मिल सके। झोपड़ी से शुरू हुई शिक्षा की मुहिम इस पूरी कहानी की शुरुआत नवंबर 2020 में हुई,अक्टूबर 2020 में कोसी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद नवेंदु मठपाल और रचनात्मक शिक्षक मंडल से जुड़े शिक्षकों ने आपदाग्रस्त परिवारों के बीच जाकर उनकी स्थिति को समझा,इस दौरान सामने आया कि कई बच्चे मजदूरी और परिवार की आर्थिक परेशानियों के कारण शिक्षा से दूर हो गए हैं, 26 नवंबर 2020 को संविधान दिवस के अवसर पर रामनगर के पूछड़ी में ज्योतिबा फुले सायंकालीन विद्यालय की शुरुआत की गई, शुरुआत किसी पक्की इमारत से नहीं, बल्कि एक झोपड़ी से हुई थी, संसाधन सीमित थे, लेकिन बच्चों को पढ़ाने का संकल्प मजबूत था,धीरे-धीरे मजदूरी करने वाले और कूड़ा बीनने वाले परिवारों के बच्चे इस विद्यालय से जुड़ने लगे,अभियान का असर ऐसा रहा कि बड़ी संख्या में बच्चों ने शिक्षा की ओर कदम बढ़ाया और बाद में 200 से अधिक बच्चों का नजदीकी सरकारी विद्यालयों में दाखिला कराया गया। पटरानी के जंगलों में जली शिक्षा की दूसरी मशाल: जनवरी 2021 में इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए कार्बेट पार्क से सटे और घने जंगलों के बीच बसे पटरानी गांव में सावित्रीबाई फुले सायंकालीन विद्यालय शुरू किया गया,पटरानी की बालिकाओं को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने के लिए बाद में सावित्रीबाई फुले बालिका कंप्यूटर केंद्र की शुरुआत भी की गई, यहां बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें तकनीक और रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा गया। इन दोनों विद्यालयों के माध्यम से उन बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने का प्रयास किया गया, जो सामान्य परिस्थितियों में शायद स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। 25 लाख की जमा पूंजी से सांवल्दे में बनाया विद्यालय: अभियान की तीसरी और सबसे बड़ी पहल इस वर्ष सामने आई,जनजातीय बच्चों, विशेषकर बुक्सा समुदाय के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से नवेंदु मठपाल ने सांवल्दे पश्चिम में अपनी निजी जमा पूंजी से करीब 25 लाख रुपये खर्च कर जमीन लेकर विद्यालय भवन तैयार कराया,इस विद्यालय की नींव तत्कालीन उत्तराखंड बोर्ड सचिव और वर्तमान में शिक्षा निदेशक माध्यमिक वीपी सिमल्टी ने रखी,इसके बाद 30 जनवरी 2026 को अपर शिक्षा निदेशक एसपी सेमवाल ने विद्यालय के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की,आज इस विद्यालय में 100 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं,यहां कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए तीन कक्षा-कक्ष हैं और स्थानीय युवा शिक्षक-शिक्षिकाओं के रूप में बच्चों को पढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं। सिर्फ किताबें नहीं, जिंदगी की पढ़ाई भी: इन सायंकालीन विद्यालयों की खासियत यह है कि यहां बच्चों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रखा जाता,पढ़ाई के साथ थिएटर, सिनेमा, खेल, पर्यावरण, स्काउट और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों को जोड़ा जाता है। समय-समय पर बाहर से विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों को बुलाकर बच्चों को नई चीजों की जानकारी दी जाती है। जनसहयोग से बच्चों को शैक्षणिक सामग्री के साथ सर्दियों में गर्म कपड़े भी उपलब्ध कराए जाते हैं। इन विद्यालयों में स्थानीय युवाओं की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है,शिक्षक मंडल से जुड़े सरकारी शिक्षक सहयोगी की भूमिका में रहते हैं, जबकि स्थानीय युवा नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा संभालते हैं। नवेंदु सर की वजह से मुझे भी बच्चों को पढ़ाने का मौका मिला: सायंकालीन विद्यालय में पिछले कई वर्षों से बच्चों को पढ़ा रहे सुमित बताते हैं कि वर्ष 2021 में कोसी नदी की बाढ़ के दौरान उनका परिचय नवेंदु मठपाल से हुआ था,उस समय वह बीएससी पार्ट-1 के छात्र थे,नवेंदु मठपाल ने उनकी मदद की और इसी अभियान से जुड़ने के बाद उन्होंने बच्चों को पढ़ाना शुरू किया, आज सुमित एमएससी फिजिक्स की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और बच्चों को पढ़ाने को अपने लिए गर्व की बात मानते हैं, उनका कहना है कि शिक्षा हासिल करने के बाद उसे जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने का अवसर मिलना उनके लिए बड़ी खुशी है। सुमित कहते हैं कि आज के समय में अपनी जमा पूंजी से 25 लाख रुपये लगाकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए विद्यालय खड़ा करना आसान नहीं है, नवेंदु मठपाल ने अपनी सोच और पहल से उन बच्चों के लिए रास्ता खोला है, जो आर्थिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा से दूर थे। बच्चों के लिए स्कूल बना खुशी का ठिकाना: विद्यालय की शिक्षिका ऋतु बेलवाल कहती हैं कि सांवल्दे के विद्यालय में 100 से अधिक बच्चे पढ़ने आते हैं,बच्चों को पढ़ाई के साथ उनकी प्रतिभा निखारने का अवसर भी दिया जाता है, विशेष कार्यक्रमों में बच्चों को नृत्य और अन्य प्रस्तुतियों के लिए तैयार किया जाता है। बच्चों की जुबान पर भी दिखता है बदलाव: सायंकालीन विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा आयशा का कहना है कि यहां शिक्षक कठिन विषयों को भी सरल तरीके से समझाते हैं, पहले जो बातें समझने में परेशानी होती थी, अब उन्हें आसानी से समझ लिया जाता है। वहीं छात्रा इशा नूर बताती हैं कि यहां सभी विषय पढ़ाए जाते हैं और शिक्षक बच्चों को बहुत अच्छे तरीके से समझाते हैं। पुरस्कार नहीं, बच्चों की मुस्कान ही सम्मान: नवेंदु मठपाल इस पूरे अभियान को किसी पुरस्कार या सम्मान के लिए नहीं चलाते, उनका स्पष्ट कहना है कि वह व्यक्तिगत रूप से कभी कोई पुरस्कार नहीं लेंगे,उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान उन बच्चों का स्कूल तक पहुंचना है, जो कभी शिक्षा से दूर थे। ज्योत्सिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के विचारों से प्रेरित होकर शुरू हुई यह मुहिम आज तीन विद्यालयों और 400 से अधिक बच्चों तक पहुंच चुकी है। यह कहानी सिर्फ एक शिक्षक की नहीं, बल्कि उस सोच की कहानी है जिसमें शिक्षा नौकरी नहीं, जिम्मेदारी बन जाती है। शिक्षक दिवस पर नवेंदु मठपाल की कहानी यह सवाल भी छोड़ती है कि अगर एक सरकारी शिक्षक अपनी निजी जमा पूंजी के 25 लाख रुपये बच्चों के भविष्य के लिए लगा सकता है, तो समाज के बाकी सक्षम लोग शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए कितना योगदान दे सकते हैं? शायद शिक्षक दिवस पर किसी शिक्षक को इससे बड़ा सम्मान नहीं मिल सकता कि उसके पढ़ाए बच्चे कल अपने पैरों पर खड़े होकर कहें—हमारी जिंदगी बदलने की शुरुआत यहीं से हुई थी।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री ने शिक्षक पुरस्कार वितरण समारोह में शिरकत कर क्षेत्र की प्रगति जताई

Chandigarh, Chandigarh:मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य शिक्षक पुरस्कार वितरण समारोह में की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत पंंचकूला में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन आज राज्य शिक्षक पुरस्कार वितरण समारोह में आना मेरे लिए गौरव और सम्मान का क्षण- मुख्यमंत्र सबसे पहले शिक्षक दिवस के इस पावन अवसर पर सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं आज सम्मानित होने वाले सभी शिक्षकों का भी हार्दिक अभिनंदन- शिक्षक दिवस समारोह का उद्देश्य यह समारोह शिक्षा के प्रति अपने समर्पण के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर आज भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्मदिन- मुख्यमंत्री उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है- मुख्यमंत्री इस तकनीक के युग में शिक्षक की भूमिका कम नहीं हुई बल्कि और अधिक महत्वपूर्ण हो गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति बनाकर समझ, कौशल, नवाचार और भारतीय मूल्यों को जोड़ने का मार्ग किया प्रशस्त अब शिक्षा का लक्ष्य डिग्री के साथ योग्य, आत्मनिर्भर, संवेदनशील और राष्ट्रीय निष्ठ नागरिक तैयार करना- मुख्यमंत्री हरियाणा में भी शिक्षा व्यवस्था में निरंतर कर रहे हैं सुधार चालू वित्त वर्ष के लिए स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ाकर 18538 करोड रुपए किया प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए मॉडल संस्कृत विद्यालयों की संख्या 218 की 251 पीएम श्री विद्यालय विकसित किए गए 250 विद्यालयों को CM- EEE स्कूलों के रूप में किया जा रहा है विकसित- मुख्यमंत्री पढ़ाई के साथ खेलों में प्रोत्साहन देने के लिए 3328 विद्यालयों में खेल मैदान किया जा रहे हैं विकसित गणित में बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए हरियाणा गणित ओलंपियाड किया गया शुरू युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए कौशल बिजनेस चैलेंज किया शुरू- मुख्यमंत्री इसके अतिरिक्त एक विद्यालय को स्कूल आफ एक्सीलेंस इन स्किल एजुकेशन के रूप में किया जा रहा है विकसित सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए सुपर हंड्रेड और बुनियाद कार्यक्रमों को और मजबूत बनाया देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 23 देशों के प्रतिनिधि भी हरियाणा के निपुण कार्यक्रम को देखने और समझने आ रहे हैं बच्चों और उनके परिवारों को संकट की घड़ी में सुरक्षा देने के लिए वीर बाल मेमोरियल इनीशिएटिव योजना का प्रावधान किया शिक्षक स्थानांतरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नई शिक्षक स्थानांतरण नीति लागू की- मुख्यमंत्री आप शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाएं, विकसित भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दें- मुख्यमंत्री
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रीवा गांधी स्मारक अस्पताल मामले में जांच शुरू, 30 दिनों में रिपोर्ट जरूरी

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा के गांधी स्मारक चिकित्सालय के स्त्रीरोग विभाग में 26 अगस्त को हुई कल्पना मिश्रा पत्नी अमित मिश्रा की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जांच की जिम्मेदारी SDM सिरमौर दृष्टि जायसवाल को सौंपी है और 30 दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। जांच में कल्पना मिश्रा के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर चिकित्सकीय परीक्षण, डॉक्टरों की सलाह और उपचार, अस्पताल से छुट्टी के बाद उनकी स्थिति और उपचार, साथ ही नवजात शिशु की मौत की परिस्थितियों की जांच की जाएगी। इसके अलावा अस्पताल में हुई पूरी घटना, परिजनों द्वारा लगाए गए कथित अवैध लाभ मांगने के आरोप और संबंधित डॉक्टर, नर्सिंग-पैरामेडिकल स्टाफ, स्त्रीरोग विभागाध्यक्ष, अधीक्षक, डीन मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्टाफ की भूमिका व संभावित लापरवाही भी जांच के दायरे में रहेगी। तकनीकी जांच को लेकर राज्य स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट को भी ध्यान में रखा जाएगा। अब जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि मामले में उपचार के दौरान किसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही या अन्य अनियमितता हुई थी या नहीं。
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सिकंद्राराऊ में श्रद्धा और उल्लास से मना श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व

Mohammad RajaMohammad RajaFollow2m ago
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंद्राराऊ-श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर नगर सहित कोतवाली परिसर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कोतवाली परिसर स्थित मंदिर में प्रभारी निरीक्षक शिवकुमार शर्मा ने पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया। इस दौरान मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रभारी निरीक्षक शिवकुमार शर्मा ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कस्बा इंचार्ज रामनरेश सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिवारजन मौजूद रहे। जन्माष्टमी के अवसर पर नगर के प्रमुख मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया। विभिन्न मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियां सजाई गईं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर पूजा-अर्चना की और भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और लोगों ने हर्षोल्लास के साथ जन्माष्टमी पर्व मनाया।
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बीकानेर के मॉल में भीषण आग, दमकल ने राहत कार्य शुरू कर दिया

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से बड़ी खबरबीकानेर के मॉल में लगी भीषण आग, मॉल को करवाया गया खाली स्टेशन में सामने मौजूद मॉल में आग, किचन में आग लगने की बात सामने आ रही, आग ने लिया विकराल रूप आग की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं थानाधिकारों विक्रम तिवारी सहित पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची, मॉल को कराया गया खाली आग पर काबू पाने के प्रयास लगातार जारी सुरक्षा के लिहाज से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा, लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया फिलहाल आग लगने के कारणों और नुकसान का आकलन किया जा रहा है मौके पर पुलिस-प्रशासन और दमकल की टीमें मौजूद
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दिल्ली में जलभराव और यातायात बाधित: मानसून के बाद भी सड़कों पर पानी

New Delhi, Delhi:दिल्ली में बीते कुछ दिनों से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को 4 सितंबर की दोपहर से लगातार बारिश के बाद राहत मिली है। बारिश के दौरान कई जगह जलभराव के कारण यातायात बाधित रहा। दिल्ली सरकार के सिविक एजेंसियों की सफाई के दावों की पोल खुल गयी और मेहरौली-बदरपुर रोड, खानपुर से ओखला मोड़ तक जलभराव 2 से 3 फीट तक पहुंच गया है जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दक्षिण-पूर्व दिल्ली के मुख्य मार्गों पर जलभराव की समस्या रही, खासकर तुगलकाबाद गांव के मार्ग और मेहरौली बदरपुर रोड ओखला मोड़ पर। IMD ने मॉनसून सक्रिय रहने और Low Pressure System के कारण दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। आज बारिश के कारण मेहरौली बदरपुर रोड खानपुर से पोखरा मोर तक लगभग 5 किलोमीटर के मार्ग में जलभराव की जगह-जगह दिखी।
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जमशेदपुर के जुगसलाई में प्रतिबंधित मांस के विवाद पर लाठीचार्ज, हवाई फायरिंग

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर: प्रतिबंधित पशु चोरी के बाद जुगसलाई में दो पक्षों में तनाव, लाठी चार्ज के बाद हवाई फायरिंग जमशेदपुर जुगसलाई थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित मांस बेचने पर एक ही समुदाय के 2 पक्षों के बीच झड़प हो गई. शुक्रवार देर रात जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र स्थित ईदगाह मैदान के पास दो पक्ष आपस में भीड़ गए. प्रतिबंधित मांस बेचने के आरोप पर शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया. बिष्टुपुर के रामदास भट्ठा ग्वाला बस्ती और जुगसलाई गद्दी मोहल्ला के सैकड़ों लोग एक दूसरे से भीड़ गए. दोनों ही पक्षों के लोग लाठी और डंडा लेकर मैदान के पास पहुंच गए और इलाके में तनाव को स्थिति उत्पन्न हो गई. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन लोगों ने पुलिस की एक ना सुनी और लोगों और उग्र होते गए. इसके बाद मौके पर भारी मात्रा में पुलिस फोर्स उतारी गई. स्थिति बिगड़ता देख पुलिस को हल्का बल के प्रयोग करना पड़ा. पुलिस ने उग्र लोगों पर लाठी चार्ज करना शुरू कर दिया. वहीं, पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग भी की है. इस दौरान लोगों ने पुलिस पर पथराव भी किया.बताया का रहा है कि पुलिस ने भीड़ को तितर बितर कारण के लिए 3 राउंड गोलियां चलाई. हालांकि पुलिस ने फायरिंग करने से इनकार किया है. इधर, फायरिंग और लाठी चार्ज के बाद भीड़ मौके से हट गई. मौके पर फोर्स अब भी तैनात है. बताया का रहा है कि बिष्टुपुर के रामदास भट्ठा ग्वाला बस्ती निवासी लालू गद्दी के घर के पास से एक प्रतिबंधित पशु चोरी की चोरी कर ली गई थी. उक्त पशु को जुगसलाई इस्लामनगर की एक स्कॉर्पियो से ले जाया गया. पशु मालिक ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जुगसलाई के ईदगाह मैदान तक स्कॉर्पियो जाने की जानकारी जुटाई. उसे जानकारी मिली कि ईदगाह मैदान के पास स्थित केजीएन होटल के संचालक सगुआ कुरैशी और उसके बेटे फेकू कुरैशी ने उक्त पशु का मांस पकाकर बेच दिया है. इसी सूचना के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया. वहीं, पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. इलाके में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. इसके बाद भी मौके पर पुलिस की तैनाती को गई है. जुगसलाई पुलिस का कहना है कि पशु चोरी के विवाद में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था.
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बिटिया की बीमारी के बीच मां मोबाइल टावर पर चढ़ी, पुलिस ने नीचे उतारा

Kushinagar, Uttar Pradesh:कुशीनगर - बेटी के इलाज की चिंता में मोबाइल टावर पर चढ़ी मां - मोबाइल टावर पर महिला के चढ़ने की सूचना पर मचा हड़कम्प - बेटी की लगातार बिगड़ रही तबीयत से परेशान है महिला - आर्थिक तंगी के चलते इलाज में आ रही परेशानी - ग्रामीणों ने पहले चंदा जुटाकर कराया था बच्ची का इलाज - हालत में सुधार नहीं होने पर मां ने उठाया खौफनाक कदम - सूचना मिलते ही मौके पर जुटी ग्रामीणों की भारी भीड़ - पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची महिला को समझाने का किया प्रयास - महिला को मनाने के लिए पति भी टावर पर चढ़ा - काफी समझाने के बाद पति पत्नी को टावर से नीचे उतारा - रामकोला थाना क्षेत्र के बनकटा गांव का मामला
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सहरसा की वैष्णवी ने जन्मदिन पर गुल्लक खोलकर बाढ़ पीड़ितों के लिए दान किया

Saharsa, Bihar:नेपाल में आई प्रलयंकारी बाढ़ ने बड़ी संख्या में नेपाल में रहने वाले परिवारों और बच्चों को प्रभावित किया है, इस आपदा ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है, वहीं इस त्रासदी के बीच सहरसा की एक छोटी बच्ची वैष्णवी ने मानवता की मिसाल पेश की है, बच्ची ने अपने जन्मदिन पर जश्न मनाने के बजाय अपनी गुल्लक फोड़कर जमा पैसे नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए देने का फैसला किया, बच्ची के इस फैसले के बाद हर तरफ चर्चा हो रही है. तस्वीरें सहरसा की हैं... जहां एक बच्ची ने अपने जन्मदिन को खास अंदाज में मनाने का फैसला किया. जन्मदिन पर केक काटने और जश्न मनाने के बजाय वैष्णवी ने अपनी गुल्लक फोड़ दी और उसमें जमा पैसे नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए देने का निर्णय लिया. वैष्णवी ने बताया कि नेपाल में बाढ़ से कई परिवार और बच्चे प्रभावित हुए हैं, ऐसे में उसे लगा कि जन्मदिन पर खर्च होने वाले पैसों से जरूरतमंदों की मदद करना ज्यादा जरूरी है,इसी को लेकर वैष्णवी ने अपना जन्मदिन नहीं मनाया और अपनी गुल्लक में जमा राशि सहायता के लिए देने का फैसला किया. नेपाल में बाढ़ से कई परिवार और बच्चे प्रभावित हुए हैं, ये पैसे मैंने अपने जन्मदिन के लिए जमा किये थे, ताकि जन्मदिन मना सकूं. लेकिन नेपाल की हालत देखकर मैंने सोचा कि इन पैसों से जरूरतमंद लोगों की मदद क्यों न की जाए. वैष्णवी के इस फैसले की जानकारी मिलने पर उनके जन्मदिन के मौके पर माधेपुरा-सहरसा लोकसभा क्षेत्र के सांसद दिनेश चंद्र यादव भी पहुंचे. उन्होंने बच्ची के इस कदम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणाक بتایا. हम ऐसे जन्मदिन में शरीक हुए, जिनके पिता प्रवीण आनंद हैं. उनकी बच्ची ने नेपाल की त्रासदी को देखते हुए निर्णय लिया कि वह अपना जन्मदिन नहीं मनाएगी और अपनी गुल्लक में जमा पैसे नेपाल सरकार को भेजेगी। राशि भले ही कम हो, लेकिन यह पूरे समाज के लिए प्रेरणा के समान है, जब एक छोटी बच्ची पीड़ितों की सहायता कर सकती है, तो निश्चित रूप से दूसरे लोग भी इससे प्रेरणा लेकर आगे आएंगे. बाइट..1 - वैष्णवी, छोटी बच्ची. बाइट..2 - दिनेशचंद्र यादव, जेडीयू, सांसद.
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