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बलरामपुर में एक ही परिवार के चार लोगों की गोलीकांड, आत्महत्या की आशंका पर पुलिस जांच

Noida, Uttar Pradesh:पहले पत्नी और दो मासूमों को गोलियों से भूना, फिर खुद को भी मारी गोली बलरामपुर में एक ही परिवार की चार मौतों से सनसनी घर से मिला कट्टा, फोरेंसिक टीम जुटी, हर पहलू पर जांच स्पी बोले- शुरुआती संकेत आत्मघाती वारदात की ओर, लेकिन जांच पूरी होने से पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी। बलरामपुर। जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के झौहना गांव के गोसाई पुरवा में शुक्रवार शाम करीब 6:50 बजे हुई गोलीबारी की वारदात ने पूरे जिले को झकझोरा। घर के भीतर एक ही परिवार के चार सदस्य खून से लथपथ पड़े मिले। मृतकों में 28 वर्षीय बजरंग गिरी, उनकी 25 वर्षीय पत्नी कोमल, तीन वर्षीय बेटी श्रद्धा और महज 10 माह का मासूम जयदीप शामिल हैं। प्रारम्भिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पहले पत्नी कोमल और दोनों बच्चों श्रद्धा और जयदीप को गोली मारी गई और उसके बाद बजरंग गिरी ने खुद को गोली मार ली। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे तो घर के भीतर चारों के शव पड़े थे। सूचना पर कोतवाली देहात पुलिस के साथ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी तथा फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पूरे घर को सील कर साक्ष्य जुटाए गए और घंटों तक घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई। मृतक के भाई राम कुमार गिरी ने बताया कि घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर पर नहीं थे। सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि चारों को देशी कट्टे से गोली मारी गई है घटना किस कारण हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि घटनास्थल से दो देशी कट्टा और कई खोखे बरामद हुए हैं। मृतक के दोनों भाइयों से पूछताछ की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह घटना हत्या के बाद आत्महत्या की ओर संकेत करती है, लेकिन अभी किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। पुलिस मोबाइल फोन, पारिवारिक परिस्थितियों, आर्थिक और सामाजिक पहलुओं समेत हर संभावित एंगल की जांच कर रही है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से गोसाई पुरवा गांव में मातम पसरा है। देर रात तक पुलिस की मौजूदगी में जांच जारी रही और गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। इस दर्दनाक वारदात ने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया है। विकास कुमार एसपी बलरामपुर
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जोधपुर: स्मैक-आफीम मामले में दो आरोपी को 2-2 साल की कठोर सजा

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। एनडीपीएस न्यायालय संख्या 1 जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश अजय कुमार भोजक ने 13 साल पुराने अवैध मादक पदार्थ स्मैक और अफीम के मामले में फैसला सुनाते हुए 2 आरोपियों को 2-2 वर्षों का कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। विशिष्ट लोक अभियोजक गोविन्द जोशी ने बताया कि दिनांक 08/05/2013 को पुलिस थाना मंडोर के तत्कालीन थानाधिकारी कमलसिंह ने मंडोर तिराहे स्थित गोपाल चौधरी की होटल के आगे बैठे अशोक देवड़ा से 17 ग्राम अवैध स्मैक और नोरतराम से 33 ग्राम अवैध अफीम बरामद कर उनको गिरफ्तार किया तथा बाद अनुसंधान आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। अवैध मादक पदार्थों के अपराध गंभीर किस्म की प्रकृति के अपराध होने और उसका समाज में प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की वजह से आरोपी को कठोरतम सजा देने की मांग की जबकि आरोपी ने नरमी बरतने का आग्रह किया। विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस संख्या 1 जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत कुल 08 गवाह, 29 दस्तावेजी साक्ष्य और 7 आर्टिकल के आधार पर अभियुक्त अशोक देवड़ा जोधपुर और नोरतराम जोधपुर को अवैध मादक पदार्थ स्मैक और अफीम रखने के आरोप में दोषी ठहराते हुए 2-2 वर्षों का कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
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जयनगर अस्पताल में सर्पदंश से मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया

Madhubani, Bihar:सरकार के लाख कोशिशों के बावजूद अस्पताल में व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। मधुबनी के जयनगर स्थित अस्पताल में सर्पदंश से बालक पप्पू की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया, अस्पताल में तोड़फोड़। घटना जयनगर अनुमंडलीय अस्पताल की है। जयनगर थाना क्षेत्र के पड़वा गांव में शाम में 4 वर्षीय बालक पप्पू पासवान सर्पदंश का शिकार हो गया। परिजनों ने बालक को जयनगर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बच्चे की मौत हो गई। बालक की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा, परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर बवाल काटा और तोड़फोड़ किया। इस क्रम में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मीयों के साथ मारपीट की भी सूचना है। अस्पताल में तोड़फोड़ और उग्र भीड़ को देख चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी को जान बचा कर भागना पड़ा। परिजनों की माने तो बच्चे को आपताल लाये तो एक चिकित्सक ले जाने के लिए बोला जिससे काफी देर तक बच्चे का इलाज नहीं हुआ। फिर दूसरा डॉक्टर इलाज शुरू किया देर होने से इलाज होने के कारण बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया अस्पताल पहुंचने पर तुरंत इलाज किया होता तो बच्चे की जान बच सकती थी। अस्पताल में हंगामा की सूचना पर जयनगर थानाध्यक्ष रमण कुमार दलबल के साथ अस्पताल पहुंच कर लोगों को समझाने का प्रयास किया। जयनगर एसडीपीओ सदानंद कुमार भी घटनास्थल पर पहुंच कर मामले की छानबीन कर रहे हैं। आक्रोशित लोगों को समझाने के प्रयास में लगे हुए हैं। बाइट परिजन
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राजस्थान हाईकोर्ट पार्किंग नियमों को कड़ाई से लागू कराने के निर्देश देता है

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सार्वजनिक सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग और यातायात बाधा के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य के सभी नगर निकायों को पार्किंग प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि बढ़ते वाहनों के कारण शहरों में सड़क किनारे अनियंत्रित पार्किंग गंभीर समस्या बन चुकी है, इसलिए नगर निकायों को कानून के तहत पार्किंग शुल्क तय कर नियमन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। साथ ही दो माह के भीतर नगरपालिकावार अनुपालन रिपोर्ट भी पेश करने के आदेश दिए गए हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायाधीश प्रवीर भटनागर की खंडपीठ में अमृत नगर, पाल रोड क्षेत्र के निवासियों की याचिका पर सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने स्थानीय स्वशासन विभाग के सचिव की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के तहत नगर निकायों को पार्किंग शुल्क लगाने, सार्वजनिक स्थानों पर पार्किंग नियंत्रित करने और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने के पर्याप्त अधिकार प्राप्त हैं। सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि मॉडल राजस्थान भवन विनियम-2025 में सभी प्रकार के भवनों के लिए अनिवार्य ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग, विजिटर पार्किंग, ईवी चार्जिंग सुविधा और पार्किंग के दुरुपयोग पर कार्रवाई जैसे प्रावधान किए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि पार्किंग के लिए आरक्षित स्थान का अन्य उपयोग स्वीकार नहीं किया जा सकता और स्थानीय निकाय ऐसे अतिक्रमण हटाने के लिए अधिकृत हैं। खंडपीठ ने स्थानीय स्वशासन विभाग के निदेशक को निर्देश दिए कि वे दो माह में सभी नगर निकायों की विस्तृत रिपोर्ट शपथपत्र के साथ पेश करें। रिपोर्ट में यह भी बताया जाए कि किन निकायों ने पार्किंग शुल्क और नियमन लागू किया है तथा जहां व्यवस्था लागू नहीं हुई, वहां उसकी वर्तमान स्थिति क्या है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अनिता गहलोत ने पैरवी की。
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राजस्थान हाईकोर्ट ने आयुक्त को 17 अगस्त को व्यक्तिगत पेशी के निर्देश दिए

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राजसेस (राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसायटी) के तहत संचालित कॉलेजों में कार्यरत विद्या संबल योजना के गेस्ट फैकल्टी सहायक आचार्यों से जुड़े अवमानना मामले में कॉलेज शिक्षा विभाग के आयुक्त नथमल डिडेल को 17 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस अशोक कुमार जैन की बेंच ने डॉ. गणेशाराम व अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि पूर्व में दिए गए आदेश के अनुसार राजसेस के 371 कॉलेजों में नियुक्तियाँ सिर्फ वर्ष 2023 के नियमों के तहत ही की जानी हैं, न कि विद्या संबल योजना के माध्यम से। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि अदालत के आदेश के बावजूद उसका पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने आयुक्त से सभी संबंधित दस्तावेजों सहित उपस्थित होकर यह बताने को कहा है कि याचिकाकर्ताओं को कितने पीरियड आवंटित किए गए, उनके विषय में किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त किया गया या नहीं तथा प्रत्येक माह उन्हें कितना कार्य और कितना भुगतान दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी.
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राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी फिर उजागर, डोटासरा-गहलोत समर्थकों में टकराव तेज

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। बाप पार्टी से आए नेताओं की कांग्रेस में जॉइनिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी और सोशल मीडिया तक पहुंच गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान के बाद अब कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप चौधरी की सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी हलचल और तेज कर दी है।दरअसल, गुरुवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बिना किसी का नाम लिए कहा था, राहुल जी ने मुझसे कहा था कि डोटासरा और जूली, तुम लोग बहुत अच्छा काम कर रहे हो। अब मुझे किसी ऐरे-गैरे नत्थू-खैरे से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। जब मेरा नेता यह कह रहा है, तो मैं भी यही उम्मीद करता हूं।" डोटासरा का यह बयान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर परोक्ष निशाना माना गया। अब शुक्रवार को कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप चौधरी ने भी बिना किसी का नाम लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पलटवार किया। उन्होंने लिखा, "ऐरे-गैरे नत्थू-खैरे कुछ बन जाते हैं तो पागल हो जाते हैं।" राजनीतिक गलियारों में इस पोस्ट को डोटासरा के बयान का जवाब माना जा रहा है।संदीप चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी समर्थकों में गिने जाते हैं। वे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के भी नजदीकी माने जाते हैं। गहलोत सरकार के दौरान उन्हें बंजर भूमि विकास बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया था और राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया गया था।लगातार सामने आ रहे बयानों से साफ है कि राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी ने संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों को और उजागर कर दिया है। ऐसे समय में जब कांग्रेस आगामी निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों में जुटी है, नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर रही है।
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