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साकेत में रावण दहन: भीड़ के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का उल्लास

New Delhi, Delhi:एंकर साकेत में मनाया गया रावण दहन जिसमें भारी संख्या में लोगों की भीड़ देखने को मिली लोकेशन साउथ दिल्ली साकेत विजुअल रावण दहन के पब्लिक के मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार रावण दहन के दिन लोगों के दिमाग में एक ही बात चलती है बुराई पर अच्छाई की जीत जिसको लेकर आज के दिन रावण दहन किया जाता है राम द्वारा जिसको लेकर एक रावण बन जाता है और उसके बाद राम द्वारा उसमें तीर मारा जाता है और आग लगते ही रावण फटने लगता है इसको देखने के लिए लोगों में काफी खुशी रहती है और लोग बात भारी संख्या में बढ़-चढ़कर रावण दहन प्रोग्राम में पहुंचते हैं
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दशहरा मेले में रावण-दहन के बीच धनखड़ ने राम के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया

Jhajjar, Haryana:धूं-धूं कर जले रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले, ओमप्रकाश धनखड़ ने दिया राम के आदर्शों पर चलने का संदेश दशहरा मेले में उमड़ी भारी भीड़, भगवान श्रीराम ने अग्निबाण चलाकर किया बुराई के प्रतीक पुतलों का दहन दशहरा पर्व पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले धूं-धूं कर जल उठे। झज्जर बहादुरगढ़ रोड पर मंगलवार को दशहरा उत्सव बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। प्राचीन रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन में भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। भगवान श्रीराम ने अग्निबाण चलाकर बुराई के प्रतीक पुतलों का दहन किया। दशहरा मेले में भारी संख्या में लोग पहुंचे और बुराई पर अच्छाई کی जीत के प्रतीक इस पर्व को उत्साह के साथ मनाया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि भगवान श्रीराम की कथा केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के अनेक देशों में रामायण और राम के आदर्शों का प्रभाव देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि थाईलैंड में भी रामायण की परंपरा है और बाली में प्रतिदिन रामायण का मंचन किया जाता है। उन्होंने अयोध्या में कोरिया की रानी से जुड़े स्मारक का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम की संस्कृति और परंपराओं का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई देता है। धनखड़ ने कहा कि जिसने भगवान श्रीराम के जीवन को पढ़ा और समझा, उसने रामायण के संदेश को आत्मसात किया और उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास किया। भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, मर्यादा, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि दशहरा पर्व को केवल पुतला दहन तक सीमित न रखें, बल्कि अपने जीवन से बुराइयों को दूर करने और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि समाज में अच्छाई, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करना ही दशहरा पर्व का वास्तविक संदेश है।
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कुरुक्षेत्र में दशहरा उत्सव: रावण के पुतलों का दहन, सत्य की जीत का संदेश

Kurukshetra, Haryana:धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया दशहरा पर्व, रावण-मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का हुआ दहन,धु धु कर जले पुतले आज विजयदशमी का पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक स्वरूप रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान दशहरा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और लोगों ने असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया। कुरूक्षेत्र की केशव पार्क दशहरा पर्व पर पहुंची मुख्य्मंत्री नायब सिंह सैनी की धर्मपत्नी सुमन सैनी साथ मे पूर्व मंत्री सुभाष सुधा रहे विजयीदशमी का पर्व हमें यह संदेश देता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत हमेशा अच्छाई और सत्य की ही होती है। भगवान श्रीराम ने रावण का वध करके अधर्म और अहंकार का अंत किया था। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कुरुक्षेत्र में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया दशहरा पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। यह त्योहार हमें अपने जीवन से बुराइयों, अहंकार और अन्याय को समाप्त कर सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.
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भीलवाड़ा गैस रिसाव के बीच आग; दमकल ने काबू पाया

Jaipur, Rajasthan:बगरू में हुए गैस टैंकर से गैस रिसाव की त्रासदी को लोगो के जहन से अभी मिटी भी नहीं की भीलवाड़ा शहर के सिटी कोतवाल हनुमान सिंह ने बताया कि थाना भीमगंज क्षेत्र के तेज सर्कल के पास एक निजी गैस कंपनी की अंडर ग्राउंड गैस पाइप लाइन में अचानक रिसाव शुरू हो गया वही रिसाव से आग भी लग गई गैस रिसाव और उसमें आग लगने की सूचना पर भीमगंज थाना पुलिस और अधिकारी व नगर निगम दमकल टीम मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग पर काबू पाने के भरसक प्रयास कर आग पर काबू पाया फिलहाल वही गैस एजेंसी को भी फोन किया गया है। जिन्होंने आगे से गैस सप्लाई को बंद किया है। वही पुलिस प्रशासन ने दोनों तरफ से ट्रैफिक दूरी पर ही रोका है ताकि किसी प्रकार की कोई अनहोनी ना हो पाए । सिटी कोतवाल हनुमान सिंह ने कहा कि थाना क्षेत्र के तेज सिंह सर्किल के निकट अनुकंपा बिल्डिंग के पास गैस पाइप लाइन में गैस रिसाव के चलते आग लगने की सूचना मिली जिस पर हम मौके पर पहुंचे और दमकल को सूचना दी गई फिलहाल आंख पर काबू पा लिया गया है साथ ही गैस एजेंसी मैं भी फोन किया गया है जिसे आगे से बंद करवाया जा रहा है ।
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खिदिरपुर पच्चीस पल्ली क्लब के 82वें वर्ष की थीम समयनामा: समय सच नहीं

Kolkata, West Bengal:খিদিদপুর পঁচিশ পল্লী ক্লাবের নাম ৮২ তম বর্ষ। এবার থিমের নাম 'সময়নামা'। যেখানে সময়কে আমরা বলছি যে, সময়কে আমরা অনুভব করতে পারি না। সময় হচ্ছে না দৃশ্যমান। সময় শুধু বয়ে বয়ে যায়। মানুষের বয়স বাড়ে সেটার মাপকাঠি হচ্ছে সময়। আমরা একটা বাড়ি তৈরি হয়, বাড়িটা তৈরি হওয়ার পর থেকে বাড়িটা ভেঙে পড়ে সেটাও হচ্ছে সময়। কিন্তু সব জিনিসকে মাপকাঠি আমরা করি হচ্ছে সময় দিয়ে। এমনকি কারও খারাপ যদি টাইম যায় সেটাকেও আমরা বলি যে খারাপ সময়, মানে খারাপ টাইম যে কথাটা আমি ইউজ করলাম। তো সময়টাকেই আমরা সবসময় কিন্তু রেখে দিই। সময় কিন্তু চলতে থাকে মানুষ তার ভেতর দিয়ে যায়। এবার সেটাও কি সত্যি? না এটাও কি সত্যি কিনা সেটাও কিন্তু বলা সম্ভব নয়। সেইজন্য আমাদের থিমের নাম "সময়নামা সত্যি বলে সত্যি কিছু নেই"।
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सोनाझूरी वेलफेयर सोसाइटी के वृद्धाश्रम में दुर्गा पूजा के साथ जीवन की प्रेरणा

Kolkata, West Bengal:স্বজন বিচ্ছেদের বেদনা ভুলে দেবী আরাধনায় মেতে সোনাঝুরি ওয়েলফেয়ার সোসাইটির বৃদ্ধাশ্রমের আবাসিকরা উৎসবের আলো, আনন্দ আর শারদীয়ার আগমনী সুরের মাঝেও কোথাও যেন লুকিয়ে থাকে স্বজন বিচ্ছেদের গভীর বেদনা। প্রিয়জনের থেকে দূরে থাকা, একাকিত্ব আর জীবনের নানা প্রতিকূলতার মধ্যেও কীভাবে আনন্দের খোঁজে বাঁচতে হয়, তারই এক অনন্য দৃষ্টান্ত স্থাপন করলেন সোনাঝুরি ওয়েলফেয়ার সোসাইটির বৃদ্ধাশ্রমের আবাসিকরা। ভাগ্যকে দোষারোপ না করে, জীবনের কঠিন বাস্তবতাকে মেনে নিয়ে তাঁরা বেছে নিয়েছেন দেবী আরাধনার পথ। দুর্গাপুজোর এই শুভলগ্নে দেবীর কাছে তাঁদের একটাই প্রার্থনা—সকলেই যেন ভালো থাকেন, সুস্থ থাকেন এবং জীবনে শান্তি ও আনন্দ ফিরে পান。 একদিকে শারদীয়ার আগমনী সুর, অন্যদিকে জীবনের নির্মম বাস্তবতা। এই দুইয়ের মাঝেই নিজেদের মতো করে উৎসবের আনন্দে শামিল হয়েছেন সমাজ ও পরিবারের কাছ থেকে বিচ্ছিন্ন হয়ে পড়া এই প্রবীণ মানুষগুলি। তাঁদের উপলব্ধি, জীবন কখনও একই ছন্দে চলে না। আজ যাঁরা পাশাপাশি রয়েছেন, আগামী দিনে তাঁরা একসঙ্গে থাকবেন কি না, তার কোনো নিশ্চয়তা নেই। বিধির বিধান বড়ই অদ্ভুত। কখন কাকে প্রিয়জনদের ছেড়ে চলে যেতে হবে, তা কারও জানা নেই。 জীবনের এই চরম সত্যকে মেনে নিয়েই হাসিমুখে একে অপরের সঙ্গে শারদীয়ার শুভেচ্ছা বিনিময় করছেন তাঁরা। যাঁরা আজ তাঁদের পাশে রয়েছেন, তাঁদের ভালোবাসা ও সান্নিধ্যকে আগলে রাখছেন পরম যত্নে। জীবনের অভিজ্ঞতা থেকে তাঁরা বুঝেছেন, ভালোবাসার জন্য কোনও বিশেষ দিনের অপেক্ষা করা উচিত নয়। সময় থাকতে প্রিয়জনকে ভালোবাসতে হয়, পাশে থাকতে হয়, কারণ জীবন সত্যিই ক্ষণস্থায়ী。 সেই উপলব্ধি থেকেই দুর্গাপুজোর পাঁচটি দিনকে আনন্দমুখর করে তুলতে দেবী আরাধনায় ব্রতী হয়েছেন সোনাঝুরি ওয়েলফেয়ার সোসাইটির বৃদ্ধাশ্রমের আবাসিকরা। তাঁদের কাছে এই পুজো শুধুমাত্র ধর্মীয় আচার-অনুষ্ঠান নয়, বরং একে অপরের সঙ্গে আনন্দ ভাগ করে নেওয়া, মানসিক শক্তি অর্জন করা এবং নতুন করে বেঁচে থাকার প্রেরণা খুঁজে পাওয়ার এক বিশেষ উপলক্ষ。 ইতিমধ্যেই তাঁদের এই পথচলা পাঁচ বছর অতিক্রম করেছে। জীবনের নানা ওঠাপড়া, একাকিত্ব ও বিচ্ছেদের যন্ত্রণা সঙ্গী করেও তাঁরা নিজেদের মধ্যে তৈরি করেছেন এক আন্তরিক বন্ধন। উৎসবের আনন্দকে ভাগ করে নেওয়ার মধ্য দিয়ে তাঁদের যেন প্রমাণ করছেন, পরিবার ও সমাজের পরিচিত পরিসর থেকে দূরে থাকলেও মানুষের জীবনে ভালোবাসা, বিশ্বাস এবং আনন্দের জায়গা কখনও সম্পূর্ণ হারিয়ে যায় না。 বর্তমানে যখন চারদিকে হানাহানি, অস্থিরতা ও বিদ্বেষের পরিবেশ, তখন সোনাঝুরি ওয়েলফেয়ার সোসাইটির এই প্রবীণ আবাসিকদের উদ্যোগ যেন এক নির্মল ও মানবিক বার্তা বহন করছে। জীবনের প্রতিকূলতা সত্ত্বেও কীভাবে ইতিবাচক চিন্তা নিয়ে বেঁচে থাকা যায়, কীভাবে দুঃখের মধ্যেও আনন্দ খুঁজে নেওয়া যায়, তারই এক উজ্জ্বল দৃষ্টান্ত হয়ে উঠেছেন তাঁরা。 দেবীর কাছে তাঁদের প্রার্থনা, শুধু নিজেদের নয়, পৃথিবীর প্রতিটি মানুষ যেন ভালো থাকেন, সুস্থ থাকেন এবং ভালোবাসার বন্ধনে আবদ্ধ হয়ে শান্তিতে জীবন কাটাতে পারেন। স্বজন বিচ্ছেদের বেদনার মাঝেও দেবী আরাধনাকে অবলম্বন করে তাঁদের এই আনন্দযাপন শারদীয়ার আবহে ছড়িয়ে দিল এক গভীর মানবিক বার্তা—জীবন যতই কঠিন হোক, ভালো থাকার ইচ্ছা আর ভালোবাসার শক্তিই মানুষকে এগিয়ে চলার সাহস জোগায়。
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ईशानगर में मूर्ति विसर्जन को लेकर दो समुदाय के बीच भिड़ंत, पुलिस पर हमला

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर के ईशानगर थाना क्षेत्र के पहाड़गांव में दो पक्षों के विवाद को रोकने गई पुलिस टीम पर हमला हो गया। इस हमले में आरक्षक दानिश खान के सिर में चोट आई है। बताया जा रहा है कि गांव में मूर्ति विसर्जन को लेकर कुशवाहा समाज और ठाकुर समाज के लोगो से विवाद हुआ था। विवाद के दौरान दोनों पक्षों में जमकर पत्थर और लाठी-डंडे चले। सूचना पर ईशानगर पुलिस मौके पर पहुंची तो भीड़ ने पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट कर दी। इसमें एक महिला आरक्षक के साथ भी मारपीट की गई। आरक्षक दानिश खान घायल हो गए। घटना की जानकारी लगते ही जिले के अन्य थानों का पुलिस बल ईशानगर थाने पहुंच गया और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। इलाके में फिलहाल शांति है।
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नवादा में 50 फीट रावण दहन, बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश

Nawada, Bihar:नवादा में 50 फीट के रावण का हुआ दहन, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश, हरिश्चंद्र स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम, डीएम रवि प्रकाश और एसपी अभिनव धीमान की मौजूदगी में संपन्न हुआ रावण वध कार्यक्रम लाखों की संख्या में देखने को मिल रहा भीड बिहार के नवादा जिले में विजयादशमी के अवसर पर हरिश्चंद्र स्टेडियम में भव्य रावण वध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कई वर्षों से आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग स्टेडियम पहुंचे। इस दौरान 50 फीट ऊंचे रावण और 45 फीट ऊंचे मेघनाद के पुतले का निर्माण कराया गया था। कार्यक्रम को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। रावण दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। *पूर्व अध्यक्ष संजय साव बने मुख्य अतिथि* हरिश्चंद्र स्टेडियम में आयोजित रावण वध कार्यक्रम में नवादा के पूर्व अध्यक्ष संजय साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। रावण के अंत की प्रतीकात्मक रस्म में उनकी भूमिका रही। विजयादशमी के इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और रावण दहन का दृश्य देखने के लिए उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं। *सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन रहा अलर्ट* कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश, पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान, अनुमंडल पदाधिकारी अमित अनुराग और अनुमंडल पुलिस अधिकारी हुलास कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन की निगरानी में कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की व्यवस्था की गई, ताकि बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। *रावण दहन से मिलता है अधर्म के अंत का संदेश* धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लंकापति रावण विद्वान, शक्तिशाली और भगवान शिव का परम भक्त था। हालांकि, अहंकार और माता सीता के अपहरण के कारण उसने अधर्म का मार्ग अपनाया। इसके बाद भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना की। हर साल विजयादशमी के दिन रावण का पुतला जलाकर इसी पौराणिक प्रसंग को याद किया जाता है। रावण दहन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज को बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा देने वाला आयोजन भी है। यह संदेश देता है कि व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अहंकार, अन्याय और अधर्म का अंत निश्चित है। नवादा के हरिश्चंद्र स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से भी लोगों को सत्य और अच्छाई के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
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खूंटी में विजयादशमी उत्साह: दशहरा मेला और रावण दहन ने कमाल दिखाया

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूंटी । स्लग - दशहरा । क्षेत्र – खूंटी। स्लग – खूँटी में धूमधाम से मना दशहरा, रावण दहन देखने उमड़ी भीड़। खूँटी में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर लाखों लोग खूंटी पहुंचे और भव्य मेले में दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने पूजा पंडालों और मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन किए। इस दौरान लोगों ने मेले का खूब आनंद लिया। जहां तरह तरह के खेल खिलौने व काफी तरह तरह की दुकानें लगी थी। दशहरा के मौके पर क्लब केकेबीके के द्वारा रावण दहन किया गया । महादेव मंडा परिसर में 60 फीट का रावण दहन देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में प्रतिमा विसर्जन भी किया गया। कर्रा रोड स्थित चौधरी मोहल्ले में महिलाओं ने एकरूप परिधान में भव्य शोभायात्रा निकाली। मां दुर्गा के जयकारों के बीच प्रतिमा को चौधरी तालाब में विसर्जित किया गया。
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प्रयागराज के अंदावा तालाब पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शुरू, भक्त विदाई का संदेश

Prayagraj, Uttar Pradesh:शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का दौर शुरू, मंगलवार दोपहर से ही दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर हुआ शुरू, ढोल नगाड़ों के साथ देवी प्रतिमा को विसर्जन स्थल ले जा रहे श्रद्धालु, प्रयागराज के अंदावा स्थित तालाब में विसर्जित की जा रही दुर्गा प्रतिमाएं। संगम नगरी प्रयागराज में शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला दोपहर से ही जारी है। शहर के अंदावा स्थित तालाब में विधि- विधान के साथ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। इस दौरान भक्त मां दुर्गा को विदाई देकर अगले बरस फिर आने की कामना कर रहे हैं। नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना और भक्ति में सराबोर रही संगम नगरी प्रयागराज में अब विसर्जन का दौर शुरू हो गया है। शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमाओं को लेकर अंदावा स्थित तालाब पहुंच रहे हैं, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। भक्ति और आस्था के बीच श्रद्धालु मां दुर्गा से सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मां की विदाई के साथ ही भक्तों के मन में अगले वर्ष फिर से मां के आगमन की उम्मीद है। दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन को लेकर अंदावा स्थित तालाब के आस पास प्रशासन और नगर निगम की टीमें भी मुस्तैद हैं। विसर्जन के लिए बकायदा घाट भी बनाया गया है, घाट पर प्रतिमा को श्रद्धालु लेकर आते हैं उसके बाद मशीनों के जरिए नगर निगम द्वारा प्रतिमाओं को तालाब के बीच लेकर जाया जाता है। नगर निगम के जोनल अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि आज पहला दिन है, कल भी बड़ी संख्या में विसर्जन किया जाना है।
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