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Bhojpur802301

भोजपुर में युवक पर सरेआम हमला कर बदमाश फरार

Jun 14, 2024 17:12:06
Arrah, Bihar

भोजपुर जिले में एक बार फिर पुलिस को खुलेआम चुनौती देते हुए हथियार बंद बदमाशों ने 25 वर्षीय युवक पर हमला कर दिया। पिरो थाना क्षेत्र के पिरो बाजार में हुई इस घटना में प्रीतम जो अपनी दादी का प्लास्टर करवाने जा रहा था गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना को आपसी विवाद से जोड़ा जा रहा है। परिजनों ने घायल को आरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया है जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

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KJKamran Jalili
Jan 28, 2026 08:46:52
Ranchi, Jharkhand:झारखंड में यूजीसी गाइडलाइंस में बदलाव पर तकरार शुरू हो चुकी है। छात्रों के द्वारा कहीं समर्थन तो कहीं विरोध देखा जा रहा है। विरोध छात्रों से शुरू हुआ तो मामले को लेकर झारखंड में सियासती तपिश भी महसूस की जाने लगी। यूजीसी के मामले को लेकर बयानबाजी भी तेज हो गई है झारखंड मुक्ति मोर्चा इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार पर हमलावर है। महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का यह शुरू से सोच रहा है विभाजनकारी तत्वों को आगे बढ़ना आप देखे होंगे कि सिर्फ यूजीसी ही नहीं जितने यूनिवर्सिटी यूनिवर्स है जितने हायर एजुकेशन के इंस्टिट्यूट हैं इनकम टैक्स एनफोर्समेंट डिपार्ममेंट है जुडिशरी है तो उन सब को अपना संस्थागत बनाकर चाहे राजनीतिक विभाजन की नीति हो या आर्थिक विभाजन की नीति हो जिसमें संपूर्ण अर्थव्यवस्था है 45 से 50 व्यक्तियों के बीच में सिमट कर रह गई है जिसमें गुजरात से लोगों की संख्या ज्यादा है इसलिए आज वेस्ट इंडिया कंपनी का राज है चाहे शैक्षणिक विभाजन है सामाजिक विभाजन शिक्षा संस्थान एक पवित्र संस्थान है वहां कोई धर्म और जात नहीं होता है शिक्षा ही एक धर्म है जो टीचर है उनका काम है गुरु मंत्र देना शिक्षा देना और जो विद्यार्थी हैं वह किसी भी स्तर का हो उसका भी कोई जात नहीं होता है धर्म नहीं होता है उसका काम होता है गुरु मंत्र को कंठस करके अपने जीवन में उतरना लेकिन उसमें भी विभेद पैदा करना अगला पिछला वर्णवाद को सामने लाना यह बहुत बड़ा सामाजिक और शैक्षणिक चुनौती है शिक्षा को जिस तरह से पहले महंगा किया गया और अब शिक्षा से लोगों को वंचित करने का काम किया जा रहा है हमें लगता है यह बहुत ही दुर्भाग्य जनक है इस पर पुनः विचार करना चाहिए नहीं तो जो सामाजिक रोश है वह कहीं दूसरी धारणा में ना बदल जाए सुप्रियो भट्टाचार्य,जेएमएम मामले पर भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि जिस तरह से बातें आ रही है। Ugc एक स्वतंत्र संस्था है और सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन पर कमिटी बनी है कमिटी में अनुशंसा किया और समाज के लोग उस पर विरोध भी कर रहे है और ugc पर वार्ता भी चल रही है और आने वाले समय में क्या समाधान निकलेगा इस पर हम सबकी नजर है। इस मुद्दे बहुत ज्यादा बोलना भी उचित नहीं है क्योंकि उच्चतम न्यालय के दिशा निर्देश पर यह काम हो रहा है और आके हम लोग देखते हैं किस पर क्या संभव हो सकता है नवीन जयसवाल,बीजेपी विधायक कांग्रेस ने भी बीजेपी पर हमला बोला है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि हम यह मानते हैं कि पिछले 11 वर्षों में जो सरकार रही है उसमें डिस्क्रिमिनेंट बढ़ा है और इस बात को यूजीसी ने मान लिया है। इससे पहले यह बात नहीं थी पिछड़ों के साथ अन्याय नहीं हो रहा था तो कहीं ना कहीं यूजीसी ने इस बात को मना है और अब इस बात को ढकने के लिए और जो आदरणीय राहुल गांधी जी ने स्पष्ट शब्दों में रहते हैं नफरत की बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलनी है नफरत बढ़ा है तभी इस तरह के कानून लाने पर रहे हैं तो मूल मुद्दा यह है कि जिसकी जितनी आबादी उसकी उतनी हिस्सेदारी जो राहुल गांधी जी कहते हैं उसे बात से भटक करके इधर-उधर की बात करके कहीं ना कहीं वेबनश पैदा करने की कोशिश है और इसका राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इस तरह के बातें की जा रही है वरना ऐसा कुछ भी नहीं स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है लेकिन सरकार ने यह बात माना है की ओबीसी पर जो छात्र हैं उसे पर अत्याचार बढ़े हैं और इसलिए यह कानून लाया जा रहा है राजेश ठाकुर,कांग्रेस
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Jan 28, 2026 08:45:52
Gauri Bazar, Uttar Pradesh:गौरीबाजार विकास खंड कार्यालय में एसआईआर (SIR) से संबंधित नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग कार्यालय पहुंचे, जहां उनका आक्रोश साफ देखने को मिला। नोटिस को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त रही। लोगों का आरोप है कि जब एसआईआर का फार्म भरा गया था, उस समय संबंधित कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरती गई। फार्म भरने में हुई कर्मचारियों की गलतियों का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। नोटिस मिलने से लोग मानसिक रूप से परेशान हैं और बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराए थे, इसके बावजूद अब उनसे जवाब-तलब किया जा रहा है, जो पूरी तरह से अनुचित है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन किया होता तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।लोगों ने मांग की आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
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Jan 28, 2026 08:45:38
Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी के फतेहपुर में मौसम ने अचानक करवट ले ली। रात करीब 9 बजे हल्की बूंदाबांदी के साथ शुरू हुई बारिश धीरे-धीरे तेज फुहारों में बदल गई। इसके बाद पूरी रात रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे ठंड और गलन का असर बढ़ गया है। मौसम में आए इस बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों पर भी पड़ा है। बारिश से जहां एक ओर कुछ रबी फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर कई फसलों के नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार इस बारिश से गेहूं, चना और मसूर की फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे इनकी पैदावार बेहतर होने की संभावना है। खेतों में नमी बढ़ने से उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, सरसों, आलू, मटर और सब्जी वाली फसलों के लिए यह बारिश नुकसानदायक साबित हो सकती है। जिन खेतों में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है, वहां पानी भरने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। खासकर आलू और मटर की फसलों में सड़न और रोग लगने की आशंका को लेकर किसान चिंतित नजर आए। किसानों का कहना है कि अगर बारिश सीमित मात्रा में ही रहती है तो यह कुछ फसलों के लिए लाभकारी होगी, लेकिन बारिश का दौर लंबा चला या ज्यादा पानी गिरा तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से मौसम पर लगातार नजर रखने और समय-समय पर सलाह जारी करने की मांग की है। कुल मिलाकर फतेहपुर क्षेत्र में हुई इस बारिश ने ठंड तो बढ़ा दी है, लेकिन किसानों के लिए यह मौसम फिलहाल राहत और चिंता दोनों लेकर आया है। अब सबकी नजरें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हुई हैं।
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SMSHARAD MAURYA
Jan 28, 2026 08:45:34
Bhadohi Nagar Palika, Khamaria, Uttar Pradesh:भदोही जिले में यूजीसी बिल के विरोध में सवर्ण समाज द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया इस दौरान हजारों की संख्या में लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर-पोस्टर थे, जिन पर यूजीसी बिल को काला कानून बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग लिखी हुई थी। पूरे क्षेत्र में प्रदर्शन को लेकर काफी देर तक हलचल बनी रही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी बिल शिक्षा व्यवस्था के लिए नुकसानदायक है और यह समाज को बांटने वाला कानून है उनका आरोप है कि यह बिल सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे के खिलाफ है, जिससे समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, न कि उसे वर्गों और जातियों में बांटना। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विद्यार्थी की कोई जाति नहीं होती। शिक्षा सभी के लिए समान होती है और किसी भी प्रकार का जातिगत भेदभाव शिक्षा के मूल सिद्धांतों के विपरीत है उनका कहना था कि यूजीसी बिल लागू होने से उच्च शिक्षा संस्थानों में असमानता बढ़ेगी और छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ेगा प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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DMDILEEP MISHRA
Jan 28, 2026 08:35:33
Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के धौरहरा कोतवाली इलाके में 26 जनवरी को हुए युवती से रेप के मामले में पीड़िता ने आज कमरे में लगे पंखे से फांसी लगाकर अपने जीवन लीला समाप्त कर ली। मामले में रेप का आरोप दूसरे समुदाय के शख्स पर लगा है जिसने इंटर में पढ़ने वाली छात्रा को सुनसान जगह पर खींचकर उससे बलात्कार किया। घटना की जानकारी जैसे ही परिजनों को मिली वैसे ही परिजन पुलिस के पास मामले की शिकायत लेकर पहुंचे लेकिन पुलिस ने उस दिन कोई कार्रवाई न करते हुए अगले दिन पीड़िता और परिजनों को थाने में बुलाया। इसके बाद पूरे मामले में 24 घंटे बाद FIR दर्ज की गई। इस बीच पीड़िता से तरह-तरह के सवाल किए गए। पूरी घटना से आहत युवती ने लोक लाज और प्रताड़ना से आखिरकार मौत को ही गले लगाना उचित समझा। मामले में परिजनों ने बताया कि इससे पहले घटना के बाद बलात्कार के बाद बलात्कारी के भाई के द्वारा धर्म बदलने की बाद शादी करा देने की बात कहकर कार्रवाई न करने का दबाव बनाते रहे। मामले में हिंदू संगठनों ने घटना पर संवेदना व्यक्त करने पीड़िता के घर पहुंचे और दुखी परिवार को शान्तवना देते हुए न्याय दिलाने में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। पुलिस ने मामले में शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
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JPJitendra Panwar
Jan 28, 2026 08:35:16
Karnaprayag, Uttarakhand:चमोली जनपद में बीती रात को हुई भारी बारिश और बर्फबारी के बाद आज मौसम साफ और सुहावना हो गया है। पर्यटक स्थल ओली में बर्फबारी के बाद चटक खिलने पर हिम क्रीड़ा स्थल ओली पर्यटकों से गुलजार हो गयी है। बर्फवारी के बाद चमोली जिले में पर्यटकों के आने से पर्यटन और तीर्थाटन भी बढ़ने लगा है, जिससे होटल कारोबारी भी खुश दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली से कुंवारी पास ट्रेक पर आये तीन युवक कह रहे हैं कि हम नेचर को देखने के लिए उत्तराखंड आये हैं। यहां का मौसम साफ और सुंदर है। गुजरात से जारा शाह और प्रशांत शाह का कहना है कि ओली का दीदार कर लौट रहे लोगों ने देश और दुनिया के लोगों को उत्तराखंड आने का आह्वान किया। लंबे समय से कारोबार में बंदी की मार झेल रहे होटल कारोबारी भी बारिश और बर्फबारी के बाद काफी खुश दिखाई दे रहे हैं। कर्णप्रयाग में होटल कारोबारी हरिकृष्ण भट्ट ने कहा कि बर्फवारी को देखने के लिए चमोली आ रहे पर्यटकों से अब कारोबार भी बढ़ने लग गया है। पर्यटकों के आने से सुनसान पड़े होटल भी गुलजार हो गए हैं।
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VTVinit Tyagi
Jan 28, 2026 08:35:00
Roorkee, Uttarakhand:रुड़की गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के रामपुर चुंगी इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक चाय की दुकान में रखे गैस सिलेंडर में अचानक भीषण धमाका हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि दुकान पूरी तरह तबाह हो गई और उसके परखचे उड़कर दूर जा गिरे। आसपास का इलाका दहल उठा और लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। ये हादसा सुबह के वक्त का बताया जा रहा है, जब चाय की दुकान खुली हुई थी और कुछ लोग वहां मौजूद थे। वीडियो और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे धमाके के बाद दुकान आग की लपटों में घिर गई। इस हादसे के वक्त दुकान पर चाय पीने आए दो लोग मलबे और आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सिलेंडर ब्लास्ट के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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ACAshish Chauhan
Jan 28, 2026 08:34:05
Jaipur, Rajasthan:वृक्षारोपण के नाम पर धन का दुरुपयोग,नए पौधे लगाकर चोरी छिपाई,NGT का कडा फैसला जयपुर-राजस्थान में वृक्षारोपण के नाम पर धन का दुरुपयोग के मामला सामने आया है.इस पर एनजीटी ने कडा फैसला लेते हुए जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.ये पूरा मामला कोटा के वन क्षेत्र का है,जहां करोड़ों रुपए की गड़बड़ी सामने आई है. नए पौधे लगाकर पुराने कार्यों को छिपाया- कोटा में कागजों में ही करोड़ों के वृक्षारोपण कर दिए.वरिष्ठ वन अधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट में यह सामने आया कि NHAI द्वारा ₹25.72 करोड़ की राशि CEC में जमा कराई,जिसका उपयोग पत्थर की दीवार,वृक्षारोपण के लिए होना था,लेकिन वृक्षारोपण तो किया नहीं उल्टा अधिकांश स्थानों पर नए पौधे लगाकर पुराने कार्यों को छिपाया गया.एनजीटी ने वन विभाग के हॉफ को मामले की व्यक्तिगत जांच करने निर्देश,दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और 400 हेक्टेयर क्षेत्र में नए सिरे से वृक्षारोपण कराने के आदेश दिए. अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग- राष्ट्रीय हरित अधिकरण केंद्रीय क्षेत्र पीठ भोपाल, जिसमें न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह और सुधीर कुमार चतुर्वेदी शामिल ने राजस्थान के कोटा क्षेत्र में वन भूमि पर किए गए असफल वृक्षारोपण सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है.तापेश्वर सिंह भाटी बनाम राजस्थान राज्य और अन्य में पारित किया गया. याचिका में लगभग 2375.86 हेक्टेयर वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने और लखावा वृक्षारोपण क्षेत्रों को पुनः बहाल करने की मांग की गई थी. जीवित पौधे नगण्य मिले- अधिकरण को बताया गया कि एनएच-27 के निर्माण के लिए वन भूमि के विचलन के बदले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा ₹25.72 करोड़ की राशि केंद्रीय सशक्त समिति (CEC) में जमा कराई गई थी, जिसका उपयोग पत्थर की दीवार, फेंसिंग, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के लिए किया जाना था.लेकिन वरिष्ठ वन अधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट में यह सामने आया कि वृक्षारोपण लगभग पूरी तरह असफल रहा,जीवित पौधे नगण्य हैं और अधिकांश स्थानों पर हाल ही में नए पौधे लगाकर पुराने कार्यों को छिपाने का प्रयास किया गया.रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही, प्रशासनिक विफलता, धन के दुरुपयोग की ओर भी संकेत किया गया है, जिससे पर्यावरण और वन संपदा को भारी क्षति पहुंची है.अब मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी.
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ACAshish Chauhan
Jan 28, 2026 08:32:37
Jaipur, Rajasthan:जयपुर-राजस्थान में वृक्षारोपण के नाम पर धन का दुरुपयोग के मामला सामने आया है. इसके पर एनजीटी ने कडा फैसला लेते हुए जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. ये पूरा मामला कोटा के वन क्षेत्र का है,जहां करोड़ों रुपए की गड़बड़ी सामने आई है. आखिरकार कैसे वृक्षारोपण के नाम पर खुला खेल हुआ,देखे इस रिपोर्ट में! कहां रोप दिए वृक्ष? कोटा में कागजों में ही करोड़ों के वृक्षारोपण कर दिए. वरिष्ठ वन अधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट में यह सामने आया कि NHAI द्वारा ₹25.72 करोड़ की राशि CEC में जमा कराई, जिसका उपयोग पत्थर की दीवार, वृक्षारोपण के लिए होना था,लेकिन वृक्षारोपण तो किया नहीं उल्टा अधिकांश स्थानों पर नए पौधे लगाकर पुराने कार्यों को छिपाया गया. एनजीटी ने वन विभाग के पक्ष को मामले की व्यक्तिगत जांच करने निर्देश, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और 400 हेक्टेयर क्षेत्र में नए सिरे से वृक्षारोपण कराने के आदेश दिए. अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग- राष्ट्रीय हरित अधिकरण केंद्रीय क्षेत्र पीठ भोपाल, जिसमें न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह और सुधीर कुमार चतुर्वेदी शामिल ने राजस्थान के कोटा क्षेत्र में वन भूमि पर किए गए असफल वृक्षारोपण सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है. तापेश्वर सिंह भाटी बनाम राजस्थान राज्य और अन्य में पारित किया गया. याचिका में लगभग 2375.86 हेक्टेयर वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने और लखावा वृक्षारोपण क्षेत्रों को पुनः बहाल करने की मांग की गई थी. जीवित पौधे नगण्य मिले- अधिकरण को बताया गया कि NH-27 के निर्माण के लिए वन भूमि के विचलन के बदले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा ₹25.72 करोड़ की राशि केंद्रीय सशक्त समिति (CEC) में जमा कराई गई थी, जिसका उपयोग पत्थर की दीवार, फेंसिंग, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के लिए किया जाना था. लेकिन वरिष्ठ वन अधिकारियों की निरीक्षण रिपोर्ट में यह सामने आया कि वृक्षारोपण लगभग पूरी तरह असफल रहा, जीवित पौधे नगण्य हैं और अधिकांश स्थानों पर हालिया में नए पौधे लगाकर पुराने कार्यों को छिपाने का प्रयास किया गया. रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही, प्रशासनिक विफलता, धन के दुरुपयोग की ओर भी संकेत किया गया है, जिससे पर्यावरण और वन संपदा को भारी क्षति पहुंची है. अब मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी.
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ASAkhilesh Sharma
Jan 28, 2026 08:32:23
Dungarpur, Rajasthan:हेडलाइन- जानलेवा हमले के मामले में 6 दोषियों को 7-7 साल की सजा, प्रत्येक पर 11-11 हजार रुपए का जुर्माना एंकर इंट्रो- डूंगरपुर जिले की एडीजे कोर्ट ने बिछीवाडा थाना क्षेत्र के मोदर गाँव में एक युवक पर जानेलवा हमले के मामले में 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है | कोर्ट ने सभी 6 दोषियों को 7-7 साल की सजा सुनाई है वही प्रत्येक दोषी पर 11-11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है | दोषियों ने आपसी रंजिश के चलते घर में घुसकर पीड़ित के साथ मारपीट की थी और चाकू से जानेलवा हमला किया था | बॉडी- डूंगरपुर जिले के एडीजे कोर्ट के अपर लोक अभियोजनक उदय सिंह ने बताया कि मामला बिछीवाडा थाना क्षेत्र का है | 8 नवम्बर 2018 को मोदर गाँव निवासी जीवराज ताबियाड अपने घर पर अपनी पत्नी जमना और बच्चो के साथ घर पर ही था | इस दौरान गाँव का ही किशन और उसके साथी बाबू ताबियाड, अश्विनी ताबियाड, किरण ताबियाड, कावा ताबियाड और रूपा ताबियाड घर पर आये और जीवराज के साथ मारपीट शुरू कर दी | इस दौरान बाबु ताबियाड ने चाकू निकाला और जीवराज के पेट में घोप दिया | वही जानलेवा हमला करने के बाद सभी मौके से फरार हो गए | पीड़ित की पत्नी की ओर से एसपी को दिए गए परिवाद पर बिछीवाडा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था | इसी मामले में पुलिस ने अनुसन्धान पूर्ण करते हुए एडीजे कोर्ट में चालान पेश किया | इसी मामले में कोर्ट ने अंतिम सुनवाई करते हुए किशन, बाबु, अश्विनी, किरण, कावा और रूपा ताबियाड को 7-7 साल की सजा सुनाई और सभी पर 11-11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है |
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