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गंगा-गंडक जलस्तर बढ़ने से हाजीपुर में बाढ़ जैसे हालात, कई इलाके पानी में डूबे

Hajipur, Bihar:गंडक और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से हाजीपुर में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। आलम यह है कि निचला इलाका पूरी तरह जलमग्न हो गया है और दर्जनों गांव में पानी घुस गया है। इतना ही नहीं हाजीपुर के हरिवंशपुर स्थित डीआरसीसी और आईटीआई में भी पानी घुस गया है जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। आने-जाने वाले रास्ते में भी पानी तेज धार के साथ फैल रहा है जिस कारण लोग गांव-घर छोड़कर सड़क किनारे शरण लेने को मजबूर हैं। हाजीपुर के वार्ड नंबर 43 के पार्षद ने बताया कि इस इलाके में लगभग 1700 घर प्रभावित हैं जहाँ गंगा और गंडक का पानी घुस गया है। उन्होंने बताया कि जरूरत के हिसाब से नाव की व्यवस्था कराई जा रही है ताकि लोग नाव के सहारे निकलकर ऊँचे स्थान तक पहुँच सकें। सबसे बड़ी बात यह है कि लगातार दोनो नदी का जलस्तर बढ़ रहा है जिस कारण पानी अब शहर की ओर फैलने लगा है और स्थिति भयावह होती जा रही है। ऐसे में तस्वीरों को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरहे गंगा और गंडक नदी कहर बरپا रही है और अगर जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई तो संकट बढ़ेगा जिससे हजारों लोग प्रभावित होंगे।
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गंगा का कटाव जाफरनगर में 60 फीट दूर, मुंगेर जिले में बाढ़ खतरे की आशंका

Munger, Bihar:गंगा का रौद्र रूप, जाफरनगर में तेज हुआ कटाव; आबादी से महज 60 फीट दूर पहुंची नदी।कटाव की रफ्तार से ग्रामीणों में दहशत, घरों से सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना शुरू; पंचायत के 10 वार्ड गंगा पार दियारा क्षेत्र में। मुंगेर: जिले में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के साथ नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण जिले के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। वहीं, सदर प्रखंड के गंगा पार दियारा क्षेत्र स्थित जाफरनगर पंचायत में कटाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पंचायत के वार्ड संख्या चार और पांच में गंगा की तेज धार के कारण तेजी से कटाव हो रहा है। स्थिति यह है कि कटाव अब आबादी से महज करीब 60 फीट की दूरी पर पहुंच गया है। कटाव की रफ्तार को देखते हुए ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, जाफरनगर पंचायत में कुल 12 वार्ड हैं। इनमें वार्ड संख्या एक, दो, तीन, चार, पांच, आठ, नौ, दस, 11 और 12 गंगा पार दियारा क्षेत्र में स्थित हैं। इन वार्डों में बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं। सबसे अधिक चिंता वार्ड संख्या चार और पांच को लेकर है। यहां गंगा लगातार किनारे की जमीन को काट रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव की स्थिति और गंभीर होती जा रही है। यदि समय रहते कटाव पर नियंत्रण नहीं किया गया तो बड़ी संख्या में घर और जमीन प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटाव निरोधक कार्य शुरू कराने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। जाफरनगर पंचायत में कटाव की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। संबंधित अधिकारियों को कटाव प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल कटाव निरोधक कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी करने और कटाव की स्थिति बढ़ने पर तत्काल सुरक्षात्मक उपाय करने को कहा गया है।
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मुख्यमंत्री योगी ने दिया आउटसोर्सिंग कर्मियों का तोहफा

VKVikas KumarFollow13m ago
Naugarh, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम से संबंधित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण कार्यक्रम का आयोजन सिद्धार्थनगर जिले के मुख्यालय स्थित लोहिया कला भवन में किया गया। कार्यक्रम में सदर विधायक श्याम धनी, जिला अधिकारी शिव शरण अप्पा जी एन, सीडीओ, एडीएम, भाजपा जिलाध्यक्ष समेत तमाम लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मौजूद सभी लोगों द्वारा मुख्यमंत्री का कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया और मुख्यमंत्री द्वारा किए गए निगम व अन्य योजनाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा भी जानकारी लोगों को दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों द्वारा किट व प्रमाण पत्र वितरण किया गया । उपस्थित कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। विधायक श्याम धनी रही ने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ी सौगात है।वही जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन ने बताया की आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए सैलरी,इलाज आदि का ख्याल रखा गया है।
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जल संचय जन भागीदारी: छत्तीसगढ़ देश में प्रथम, 28 लाख संरचनाओं के साथ

Raipur, Chhattisgarh:बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी, ‘जल संचय जन भागीदारी’ के तीसरे चरण में देश में प्रथम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया छत्तीसगढ़ का जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण मॉडल खेत का 5 प्रतिशत हिस्सा जल संरक्षण के लिए देने की किसानों की अनूठी पहल बनी मिसाल जल संचय जन भागीदारी के तीन चरणों में प्रदेश में 28 लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण और पंजीयन सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा और कबीरधाम देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल मुख्यमंत्री साय ने हर राज्य के लिए ‘कैच द रेन’ प्लान, स्टेट वाटर अवार्ड्स और त्रैमासिक समीक्षा का दिया सुझाव
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राजस्थान के पर्यटन स्थलों की सुरक्षा के लिए बड़ा ऑडिट और सुरक्षा प्लान लागू

Jaipur, Rajasthan:अब सुरक्षित होगा पधारो म्हारे देश, पर्यटन स्थलों की सुरक्षा का मेगा प्लान, होगा सिक्योरिटी ऑडिट राजस्थान आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने बड़ा प्लान तैयार किया है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, CCTV, पर्यटक सहायता बल और पर्यटन थानों समेत कई अहम मुद्दों पर अफसरों के बीच मंथन हुआ। पुलिस मख्यालय में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में पुलिस और पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में DGP राजीव कुमार शर्मा ने निर्देश दिए कि आमेर में किए गए सुरक्षा ऑडिट की तर्ज पर 30 सितंबर तक प्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों का सिक्योरिटी ऑडिट कराया जाए।ऑडिट में सामने आने वाली कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। DGP ने साफ कहा कि पर्यटन स्थलों की सुरक्षा केवल मेले या किसी विशेष आयोजन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पूरे साल पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए स्थायी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाए। धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन जरूरी... खाटूश्यामजी, मेहंदीपुर बालाजी, सालासर बालाजी, रामदेवरा, गोगामेड़ी, पुष्कर, श्रीनाथद्वारा और सांवरियाजी जैसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों पर भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। DGP ने कहा कि इन स्थानों पर केवल मेलों के दौरान ही नहीं, बल्कि हर सप्ताह उमड़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल और पर्यटक सहायता बल की तैनाती की जाए। लॉन्ग वीकेंड और प्रमुख मेलों के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल लगाने के लिए भी कहा गया। TAF की दिखेगी प्रभावी मौजूदगी... पर्यटकों की मदद के लिए तैनात पर्यटक सहायता बल यानी TAF को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। प्रमुख स्थानों पर सहायता बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां प्रशिक्षित पुलिसकर्मी पर्यटकों को तत्काल सहायता और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराएंगे। पर्यटन स्थलों पर 112 हेल्पलाइन, राजकॉप सिटीजन ऐप और अन्य उपयोगी लिंक की जानकारी वाली स्टेंडी लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। एयरपोर्ट पर भी पर्यटकों के लिए सूचना व्यवस्था.... बैठक में सामने आया कि बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर TAF की व्यवस्था है, लेकिन एयरपोर्ट पर ऐसी व्यवस्था नहीं है। इस पर DGP ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से समन्वय कर पोस्टर, बैनर, स्टेंडी और LED के जरिए पर्यटकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बहुभाषी सहायता और विदेशी भाषा विशेषज्ञों की मदद पर्यटक सहायता बूथों पर विभिन्न भाषाओं में पर्यटन स्थलों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। विदेशी पर्यटकों की सुविधा के लिए विदेशी भाषाओं का कोर्स कर चुके युवक-युवतियों को लैंग्वेज एक्सपर्ट के तौर पर सेवाएं उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया। CCTV, मेडिकल सुविधा और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती.... पर्यटन स्थलों पर अधिका से अधिक CCTV कैमरे लगाने और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध CCTV कैमरों को जोड़कर संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया गया。 जहां पर्यटकों की संख्या अधिक है, वहां पर्यटन थाने स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा पर्यटकों के लिए आकस्मिक चिकित्सा सुविधा, महिला पर्यटकों की मदद के लिए महिला पुलिसकर्मी और जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित गाइड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सवाईमाधोपुर-जैसलमेर में पर्यटन थाने.... बैठक में सवाईमाधोपुर और जैसलमेर में पर्यटन थाने स्थापित करने के प्रस्ताव का फॉलोअप लेने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रदेश में पर्यटन थानों की संख्या बढ़ाने, पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने और पर्यटन पुलिस को विशेष प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया। आमेर की केस स्टडी दूसरे पर्यटन स्थलों पर लागू होगी DGP ने आमेर में हुए सुरक्षा ऑडिट की केस स्टडी को प्रदेश के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ स्वच्छ वातावरण, बेहतर सड़क, व्यवस्थित यातायात, पार्किंग और जरूरी सूचनाओं की उपलब्धता भी पर्यटन अनुभव का अहम हिस्सा हैं。 जयपुर में हेरिटेज वॉक की तैयारी जयपुर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए हेरिटेज वॉक विकसित करने पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य पर्यटकों को जयपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के साथ सुरक्षित और व्यवस्थित भ्रमण उपलब्ध कराना है। वहीं, TAF और पुलिस के बेहतर समन्वय के लिए कालिका पेट्रोलिंग यूनिट को नियमित पेट्रोलिंग के दौरान टूरिस्ट साइट्स को भी कवर करने के निर्देश दिए गए हैं।
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करौली स्मैक मामले में बलराम को 7 साल की सजा, 70 हजार रुपये जुर्माना

Karauli, Rajasthan:वर्ष 2022 के स्मैक जब्ती मामले में करौली की विशेष एनडीपीएस अदालत ने आरोपी बलराम पुत्र सूखालाल निवासी इनायती, थाना सपोटरा को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के कठोर कारावास और 70 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया। विशिष्ट न्यायाधीश अरुण कुमार बेरीवाल ने बलराम को दोषी ठहराया। 13 सितंबर 2022 को सदर थाना करौली के दौरान कैलादेवी-करौली मार्ग पर करसाई गांव में 10 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई थी। मामले में 10 गवाहों के बयान और 30 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर अदालत ने उसे दोषी माना और सजा सुनाई। बलराम पहले से स्मैक के दो अन्य मामलों में दोषी है और उन मामलों में उसे 10 वर्ष तथा 7 वर्ष की कठोर कारावास की सजा हो चुकी है। वर्तमान में वह दोनों मामलों की सजा भुगत रहा है।
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DM अनुमति बिना पीलीभीत में 20 करोड़ टेंडर खोले गए, CDO ने जांच की धमकी

Pilibhit, Uttar Pradesh:एंकर- पीलीभीत में जिला पंचायत द्वारा डीएम की बिना अनुमति के 20 करोड़ के टेंडर निकाले गए थे जिसके बाद डीएम ने जांच के लिए तीन सदस्यी जांच कमेटी गठित की थी लेकिन जिला पंचायत के एएमए धर्मेंद्र कुमार ने डीएम के आदेश को धता बताते हुए आज टेंडर खोल दिए। और सीडीओ के मांगने पर भी जांच के लिए मंगाई गई पत्रावलियां भी नहीं दी। इसके बाद सीडीओ सतीश कुमार मिश्रा ने नाराजगी जताते हुए आरोपी एएमए पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। दरअसल जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म होने के बाद अब उन्हें प्रशासक बनाया गया है; नियम है कि कोई भी निविदाएं निकाली जाएगी तो डीएम से अनुमति लेनी होगी। लेकिन एएमए ने 20 करोड़ की ई टेंडरिंग बिना डीएम की अनुमति के निकाल दी जिससे डीएम ने नाराजगी जताते हुए तीन सदस्यी जांच कमेटी बनाई। सीडीओ ने जांच के लिए जिला पंचायत से डॉक्यूमेंट मांगे लेकिन जिला पंचायत के एएमए ने डॉक्यूमेंट नहीं दिए बल्कि आनन-फानन में निविदाओं को खोल दिया। और जांच का औचित्य ही खत्म कर दिया क्योंकि निवидाएं इस दौरान खुलनी ही नहीं थी इसके बावजूद अपर मुख्य अधिकारी ने निविदाएं खोल दी। जिस पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
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अशोकनगर में UGC बिल के विरोध में सवर्ण समाज का उग्र प्रदर्शन, चक्काजाम

Isagarh, Ashoknagar, Madhya Pradesh:अशोकनगर में प्रस्तावित UGC बिल के विरोध में सवर्ण समाज सड़कों पर उतर आया। कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया और प्रतीकात्मक अर्थी निकालने के बाद जब कलेक्टर खुद ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे, तो नाराज प्रदर्शनकारियों ने शहर के मुख्य राजमाता चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। हालांकि, भारी हंगामे के बीच प्रदर्शनकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए स्कूली बच्चों की गाड़ियों को बिना रोके जाने दिया। बाद में प्रशासन की समझाइश ओर मांग पूरी होने के बाद जाम खोला गया। बतादे की अशोकनगर की सड़कों पर आज भारी आक्रोश देखने को मिला। सवर्ण समाज के सैकड़ों लोग प्रस्तावित UGC बिल के विरोध में एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारी अपने हाथों में बिल की प्रतीकात्मक अर्थी लेकर विरोध जता रहे थे और सीधे जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े थे। कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त तनाव बढ़ गया जब कलेक्टर खुद ज्ञापन लेने बाहर नहीं आए। इससे नाराज होकर प्रदर्शनकारियों ने अपना रुख शहर के व्यस्त राजमाता चौराहे की ओर कर दिया और सड़क पर बैठकर चक्काजाम लगा दिया। देखते ही देखते चौराहे के चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क पर जाम और तनाव के बावजूद प्रदर्शनकारियों का एक जिम्मेदार चेहरा भी देखने को मिला। चक्काजाम के दौरान समाज के लोगों ने स्कूली बसों, वैन और टैक्सियों को बिल्कुल नहीं रोका। छुट्टी के बाद घर लौट रहे मासूम बच्चों को बिना किसी परेशानी के सुरक्षित रास्ता दिया गया।स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। बार-बार समझाइश देने के बाद जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे, तो प्रशासन ने चौराहे को तुरंत खाली करने और मौके पर ही ज्ञापन सौंपने का अल्टीमेटम दिया। कड़े रुख और लगातार बातचीत के बाद प्रदर्शनकारी उनकी मांग पूरी होने पर चक्काजाम खत्म करने पर सहमत हुए। इसके बाद सभी स्वर्ण समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, और भारी ड्रामे की बीच कलेक्टर साकेत मालवीय को अपना ज्ञापन सौंपा और अपनी आपत्तियों और मांगों को दर्ज कराया।
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तेघरा के श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला: शताब्दी वर्ष में धमाकेदार तैयारी, लाखों श्रद्धालु उमड़ेंगे

Begusarai, Bihar:एंकर, बेगूसराय के तेघरा में लगने वाले ऐतिहासिक पंचदिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस बार मेला बेहद खास है, क्योंकि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला अपने 100 वर्ष पूरे कर रहा है। शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने के लिए पूरे तेघरा को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। देश के चुनिंदा कारीगरों द्वारा अलग-अलग थीम पर भव्य पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। कहीं सोमनाथ मंदिर तो कहीं रामेश्वरम मंदिर, जबकि कहीं ओडिशा के प्रसिद्ध हेल्प ऐज कल्व की तर्ज पर पंडाल बनाया जा रहा है। मथुरा-वृंदावन के बाद तेघरा का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला अपनी भव्यता और धार्मिक आस्था के लिए खास पहचान रखता है। हर साल यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की भव्य लीलाओं का दर्शन करते हैं। इस बार शताब्दी वर्ष होने के कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। मेले का उद्घाटन बिहार और केंद्र सरकार के कई मंत्रियों द्वारा किया जाएगा। वहीं, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए तरह-तरह के खेल-तमाशे और आकर्षण के इंतजाम किए गए हैं। तेघरा की सड़कों पर नजर डालिए... हर तरफ सजावट, रोशनी और भव्यता दिखाई दे रही है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला को लेकर युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। शताब्दी वर्ष होने के कारण इस बार आयोजन को पहले से कहीं ज्यादा भव्य बनाने की तैयारी है।देश के अलग-अलग हिस्सों से आए चुनिंदा कारीगर अपनी कला का हुनर दिखा रहे हैं। मेला परिसर में अलग-अलग धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों की तर्ज पर आकर्षक पंडाल बनाए जा रहे हैं। कहीं सोमनाथ मंदिर की झलक दिखेगी तो कहीं रामेश्वरम मंदिर का स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। वहीं तेघरा का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला सिर्फ मनोरंजन का केंद्र नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा का भी बड़ा उत्सव है। मथुरा-वृंदावन के बाद इस मेले का अपना अलग धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शताब्दी वर्ष को लेकर इस बार पूरे तेघरा को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। जगह-जगह आकर्षक लाइटिंग और सजावट की जा रही है। वहीं, श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के खेल-तमाशे और झूले भी लगाए जा रहे हैं। मेला सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय कारोबारियों के लिए भी बड़ी उम्मीद लेकर आता है। मेले में लाखों लोगों के पहुंचने से स्थानीय बाजार और कारोबार को भी रफ्तार मिलने की उम्मीद है। वहीं इधर, मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट है। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि पांच दिवसीय आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। कुल मिलाकर तेघरा का ऐतिहासिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला इस बार अपनी शताब्दी के मौके पर भव्यता की नई मिसाल कायम करने को तैयार है। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, आकर्षक पंडाल, रोशनी और मनोरंजन के बीच लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
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