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बाइक सवार भाई-बहन की टक्कर से मौत, अज्ञात वाहन की तलाश शुरू

Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर अहमदगढ़ थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात करीब 12 बजे अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, बहन ने अपने भाई को फोन कर बताया था कि पति ने उसके साथ मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया है। सूचना मिलने पर भाई नोएडा से अपनी बहन की ससुराल पहुंचा और उसे बाइक से मायके अहमदगढ़ लेकर लौट रहा था। इसी दौरान देर रात अहमदगढ़ थाना क्षेत्र में उनकी बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। हादसे की सूचना परिवार को मिली तो घर में मातम पसर गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है.
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रामनगर में 27 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार तस्कर, बाइक सवार फरार

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर में कार से गांजे की तस्करी, 27 किलो अवैध गांजे के साथ एक गिरफ्तार विजय कश्यप रामनगर रामनगर कोतवाली पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है,पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 27 किलो अवैध गांजा बरामद किया है। आरोपी कार के जरिए पर्वतीय क्षेत्र से गांजा लेकर रामनगर की ओर आ रहा था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कार के आगे रैकी कर रहा एक बाइक सवार मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी बाइक को कब्जे में लेकर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.रामनगर कोतवाली पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि पर्वतीय क्षेत्र से एक कार के जरिए बड़ी मात्रा में गांजा रामनगर लाया जा रहा है, सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आमडंडा रोड पर चेकिंग अभियान शुरू किया. इसी दौरान पर्वतीय क्षेत्र की ओर से रामनगर आ रही एक कार को पुलिस ने रुकने का इशारा किया. बताया जा रहा है कि पुलिस को देखकर कार चालक ने भागने का प्रयास किया. लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया. पुलिस ने कार में सवार रामनगर के ग्राम नई बस्ती पुछड़ी निवासी सागर सिंह को हिरासत में लिया. कार की तलाशी लेने पर पुलिस को करीब 27 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ, पुलिस ने गांजे को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि कार के आगे एक बाइक सवार रैकी करते हुए चल रहा था, पुलिस की कार्रवाई को देखकर वह बाइक छोड़कर मौके से फरार हो गया,पुलिस ने बाइक को कब्जे में ले लिया है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है。 पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा,गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई है। वहीं पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था और इसे रामनगर में किसे सप्लाई किया जाना था.
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महिला होमगार्ड पर दुर्व्यवहार: वर्दी पकड़ने और गोली मारने की धमकी, आरोपी गिरफ्तार

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर जिले में सावन की तीसरी सोमवारी के मौके पर थानेश्वर स्थान मंदिर के समीप पैदल पुल के पास ड्यूटी कर रही महिला होमगार्ड जवान से दुर्व्यव्यवहार, वर्दी पकड़ने और गोली मारने की धमकी देने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया । महिला होमगार्ड जवान रिया कुमारी के आवेदन पर नगर थाने में मामला दर्ज किया गया है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, मोहिउद्दीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली रिया कुमारी (21) यातायात थाना से जारी कमान पत्र के आधार पर सोमवार को थानेश्वर स्थान मंदिर के पास पैदल पुल के समीप ड्यूटी कर रही थीं। उनके साथ होमगार्ड जवान चांदनी कुमारी भी तैनात थीं। बताया गया है कि करीब 11 बजे एक बाइक सवार प्रतिबंधित क्षेत्र में मोटरसाइकिल ले जाने का प्रयास कर रहा था। महिला जवानों ने उसे रोककर आगे जाने से मना किया। आरोप है कि इस पर बाइक सवार ने गाली-गलौज शुरू कर दी और अपनी पहचान का रौब दिखाने लगा। जवान के आवेदन में आरोप लगाया गया है कि दोबारा रोकने पर बाइक सवार ने गाली देते हुए उनकी वर्दी को सीने के पास से पकड़ लिया और अभद्र व्यवहार करते हुए लज्जा भंग करने का प्रयास किया। साथ ही गोली मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर तैनात अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे और आरोपित को पकड़कर थाना ले गए। उसकी पहचान घटहो थाना क्षेत्र के मानिकपुर निवासी रमण ठाकुर के पुत्र निरंजन कुमार (30) के रूप में हुई है। महिला जवान ने आरोपित पर ड्यूटी में बाधा डालने, गाली-गलौज, दुर्व्यवहार, महिला की गरिमा भंग करने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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हिसारः जीवन कुंडू हत्या के 15 दिन बाद गांव किनाला में अंतिम संस्कार सम्पन्न

Hisar, Haryana:anchor: हरियाणा के हिसार में 4 अगस्त को हुई जीवन कुंडू की हत्या के 15 दिन बाद आज उनके गांव किनाला में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हो गया है। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से शव लाए जाने के बाद उनके 11 वर्षीय बेटे ने अंतिम रस्में निभाईं। इस दौरान गांव में परिजनों, ग्रामीणों, खाप प्रतिनिधियों और किसान नेताओं की भारी भीड़ मौजूद रही। हत्या के विरोध में बनी 'जीवन कुंडू संघर्ष समिति' मुख्य आरोपी रमेश की गिरफ्तारी, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और 15 अगस्त की हिंसा में पकड़े गए 10 किसान नेताओं की रिहाई की मांग कर रही थी। सोमवार को सरकार द्वारा ये मांगें मानने और गुरुग्राम की भोंडसी जेल से किसान नेताओं को रिहा करने के बाद ही परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए थे। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन मुस्तैद है。
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कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा ने जनसुनवाई की, समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

Pratapgarh, Rajasthan:खबर की लोकेशन : प्रतापगढ़जिला संवाददाता : हितेष उपाध्याय, 9079154796हेडर/हेडलाईन : कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा ने की जनसुनवाई, आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिए निर्देशएंकर/इंट्रो : प्रतापगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को लेकर कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा ने आज अपने निवास स्थान अंबा माता में जनसुनवाई की। इस दौरान विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से पहुंचे लोगों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। मंत्री ने प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर समयबद्ध तरीके से समाधान कराने के निर्देश दिए।जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में आमजन अपने क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे। लोगों ने व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ सड़क, बिजली, पानी, प्रशासनिक कार्यों सहित अन्य जनहित से जुड़े विषय मंत्री के सामने रखे। हेमंत मीणा ने लोगों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।मंत्री ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। क्षेत्र से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में सामने आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।इस दौरान कई लोगों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन भी प्रस्तुत किए। मंत्री ने अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों और मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा जहां तत्काल समाधान संभव है, वहां शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने अपनी बात सीधे मंत्री के समक्ष रखने और समस्याओं के समाधान के लिए मिले निर्देशों पर संतोष जताया।कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के आमजन से लगातार संवाद बनाए रखना जरूरी है। जनप्रतिनिधि के रूप में लोगों की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों तक बात पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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कोटा में धाकड़ समाज ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट पर नाराजगी जताई; गणना में सटीक आंकड़े की मांग

Kota, Rajasthan:कोटा में ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को लेकर धाकड़ समाज के प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। अखिल भारतीय धाकड़ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलसीराम धाकड़ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल कोटा कलेक्ट्रेट पहुंचा और एडीएम को ज्ञापन सौंपा। समाज का आरोप है कि आयोग की रिपोर्ट में धाकड़ समाज की जनसंख्या का सही आकलन नहीं किया गया है। भ्रम की स्थिति बनी है। समाज ने आगामी जनगणना में सही गणना की मांग की है। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो राजस्थान में आंदोलन किया जाएगा।
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जयपुर RTO राजस्व लक्ष्य में फिसड्डी; दौसा-आलवर टॉप, कोटा सबसे बुरा

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - जयपुर के दोनों RTO फिसड्डी! - राज्य सरकार के राजस्व मापदंड पर पिछड़े - जुलाई तक 84 फीसदी से अधिक राजस्व अर्जित - जुलाई तक की रैकिंग में दौसा RTO अव्वल - सालों बाद अलवर RTO टॉप 3 में शामिल - जयपुर RTO द्वितीय छठे स्थान पर एंकर राज्य सरकार को परिवहन विभाग से राजस्व को लेकर जो उम्मीदें हैं, वे इस बार धराशायी होती नजर आ रही हैं। राज्य सरकार के राजस्व लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में जयपुर के दोनों आरटीओ फिसड्डी नजर आ रहे हैं। यहां तक परिवहन विभाग जुलाई तक करीब 84 फीसदी राजस्व ही अर्जित कर सका है। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 परिवहन विभाग की जुलाई 2026 तक की राजस्व वसूली की रैंकिंग ने कई क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों यानी RTOs की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के 4 माह पूरे होने के बावजूद अधिकांश कार्यालय निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं कर सके हैं। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि टैक्स वसूली, प्रवर्तन अभियान और अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार परिवहन विभाग को जुलाई 2026 तक 2973.68 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया था, जबकि वसूली केवल 2509.16 करोड़ रुपए ही हो सकी है। यानी कुल उपलब्धि 84.38 प्रतिशत रही है। विभाग का वार्षिक राजस्व लक्ष्य 11 हजार करोड़ रुपए रखा गया है, ऐसे में शुरुआती महीनों की धीमी रफ्तार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। सबसे बेहतर प्रदर्शन दौसा RTO ने किया है, जिसने 90.70 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पहला स्थान हासिल किया है। अलवर दूसरे और अजमेर tredje स्थान पर बने हुए हैं। VFX Out वीओ- 2 वहीं सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रदेश का सबसे बड़ा राजस्व देने वाला जयपुर- RTO प्रथम केवल 81.86 प्रतिशत उपलब्धि के साथ 11वें स्थान पर गिर गया है। जयपुर आरटीओ द्वितीय जो पिछले वर्ष प्रदेशभर में पहले नम्बर पर था, इस साल अब तक छठे स्थान पर है। सबसे खराब प्रदर्शन कोटा RTO का रहा है। कोटा RTO की उपलब्धि मात्र 79.06 प्रतिशत पर सिमट गई है。 Gfx In ई-डिटेक्शन का टार्गेट - ई-डिटेक्शन चालानों से राजस्व वसूली का नया विकल्प शुरू हुआ - राजस्व का यह लक्ष्य परिवहन मुख्यालय के हिस्से में जोड़ा गया - ई-डिटेक्शन का कुल वार्षिक राजस्व लक्ष्य 150 करोड़ रुपए - जुलाई तक के लिए 50 करोड़ रुपए था टार्गेट - इसमें से 24.86 करोड़ रुपए अर्जित, 49.73 प्रतिशत प्राप्ति Gfx Out वीओ- 3 परिवहन विभाग के लिए चिंताजनक बात इसलिए भी है, क्योंकि इस वित्त वर्ष में परिवहन विभाग को 11 हजार करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित करना है। यदि फील्ड स्तर पर प्रवर्तन, टैक्स चोरी पर अंकुश और बकाया वसूली के लिए प्रभावी अभियान नहीं चलाए गए, तो विभाग के लिए राजस्व लक्ष्य को हासिल कर पाना मुश्किल होगा। -
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संभल में महिष्मती नदी के पुनर्निर्माण से जल समस्या में आशा जागी

Noida, Uttar Pradesh:Brajesh sambhal input ZN_BRAJESH_SAMBHAL_INP_TU नैशनल से ड्रैग करें Sambhal drone संभल में 68 तीर्थो के पुनः निर्माण के साथ यहां की नदियों की खोज का काम भी तेजी से चल रहा है। संभल के पुराने नक्शे में जब महिष्मती नदी का पता चला तो प्रशासन इसके जीर्णोद्धार में जुट गया । अब तक इस नदी के जीर्णोद्धार का 20 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। लक्ष्य है जल्द से जल्द महिष्मति नदी अपने पुराने स्वरूप में लौट आये। संभल में माहिष्मती नदी को उसके पुराने स्वरूप में बहाल करने के लिए प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। हालांकि अभी अभी जीर्णोद्धार का काम 20 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। नदी के लिए रास्ता बनाए जाने के काम का जायजा लेने के काम को लेने के लिए सोमवार को आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। नदी के जीवित होने की खबर से गाँव वालों में खुशी की लहर है। बाइट। ग्रामीण रसूलपुर गांव के लोगों के मुताबिक 1982 में लोगो ने आखिरी बार लोगो ने नदी में पानी देखा था। लेकिन नदी से पानी सुख जाने की वजह से ग्रामीणों ने ही नदी की जमीन पर कब्जा कर घर या खेत बना लिए। हालांकि गांव के लोग इसे भैंस नहर के नाम से भी जानते है। अब नहीं का काम होने के बाद लोगो को उमीद है कि पूरे सम्भल में जल भराव की समस्या से लोगो को निजात मिलेगा । बाइट। ग्रामीण संभल तहसील क्षेत्र में करीब 12.5 किलोमीटर के दायरे में राजस्व नक्शों के आधार पर नदी के प्रवाह क्षेत्र का चिन्हांकन कर विस्तृत विवरण तैयार किया गया है। प्रशासन नदी के उद्गम स्थल से लेकर नहर में उसके संगम तक पूरे क्षेत्र में काम करा रहा है। करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में कार्य पूरा हो चुका है। इसका असर पहली बारिश में ही दिखाई दिया। जहां तक खेत में नदी के लिए रास्ता बनाया जा रहा हैं वहां बारिश का पानी इक्कठा होना शुरू हो गया है। हालांकि नदी के निर्माण की वजह से एक वर्ग नाराज भी है। लोगो का आरोप है कि चकबंदी के समय प्रशासन ने नदी की जमीन के बारे में नहीं बताया। लोगो ने जमीन खरीद ली है। लोग ये भी कह रहे हैंकी सरकार जान बुझ कर ऐसा कर रही है। उनको नदी की कोई आवश्यकता नहीं है। बाइट। ग्रामीण प्रशासन का दावा है कि बहुत जल्द नदी की सारी जमीन चिन्हित कर के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
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जयपुर RTO के राजस्व फिसड्डी, दौसा-ALVAR टॉप 3 में; क्या विभाग पूरा करेगा लक्ष्य?

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के दोनों RTO फिसड्डी, राज्य सरकार के राजस्व मापदंड पर पिछड़े - जुलाई तक परिवहन विभाग ने 84 फीसदी से अधिक राजस्व किया अर्जित - जुलाई तक की रैकिंग में दौसा RTO अव्वल, सालों बाद अलवर RTO टॉप 3 में शामिल, जयपुर RTO द्वितीय छठे स्थान जयपुर। राज्य सरकार को परिवहन विभाग से राजस्व को लेकर जो उम्मीदें हैं, वे इस बार धराशायी होती नजर आ रही हैं। राज्य सरकार के राजस्व लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में जयपुर के दोनों आरटीओ फिसड्डी नजर आ रहे हैं। यहां तक परिवहन विभाग जुलाई 2026 तक करीब 84 फीसदी राजस्व ही अर्जित कर सका है। उल्लेखनीय है कि परिवहन विभाग की जुलाई 2026 तक की राजस्व वसूली की रैंकिंग ने कई क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों यानी RTOs की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के 4 माह पूरे होने के बावजूद अधिकांश कार्यालय निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं कर सके हैं। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि टैक्स वसूली, प्रवर्तन अभियान और अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार परिवहन विभाग को जुलाई 2026 तक 2973.68 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया था, जबकि वसूली केवल 2509.16 करोड़ रुपए ही हो सकी है। यानी कुल उपलब्धि 84.38 प्रतिशत रही है। विभाग का वार्षिक राजस्व लक्ष्य 11 हजार करोड़ रुपए रखा गया है, ऐसे में शुरुआती महीनों की धीमी रफ्तार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। सबसे बेहतर प्रदर्शन दौसा RTO ने किया है, जिसने 90.70 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पहला स्थान हासिल किया है। अलवर दूसरे और अजमेर तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। जुलाई तक टारगेट कितना, वसूली कितनी ? - दौसा RTO पहली रैंक, 88.48 करोड़ टारगेट, 80.25 करोड़ वसूली - अलवर RTO दूसरी रैंक, टारगेट 123.78 करोड़, अचीवमेंट 110.91 करोड़ - अजमेर RTO तीसरे पर, टारगेट 269.27 करोड़, अचीवमेंट 233.91 करोड़ - बीकानेर RTO चौथे नंबर पर, 211 करोड़ टारगेट, 183.08 करोड़ प्राप्ति - उदयपुर RTO 5वें पर, टारगेट 240.22 करोड़, अचीवमेंट 205.62 करोड़ - जयपुर RTO द्वितीय छठे पर, 206.26 करोड़ में से 176.44 करोड़ प्राप्ति - सीकर RTO 7वें पर, 231.89 करोड़ टारगेट, 198.31 करोड़ प्राप्ति - जोधपुर RTO 8वें पर, 288.61 करोड़ टारगेट में से 245.74 करोड़ अर्जित - चित्तौड़गढ़ RTO 9वें पर, 172.56 करोड़ टारगेट, 145.09 करोड़ अचीवमेंट - पाली RTO 10वें पर, 140.44 करोड़ लक्ष्य में से 116.58 करोड़ अर्जित - जयपुर RTO प्रथम 11वें पर, 481.27 करोड़ टारगेट में से 393.98 करोड़ प्राप्ति -भरतपुर RTO 12वें पर, 100.91 करोड़ लक्ष्य, 81.52 करोड़ प्राप्ति - कोटा RTO 13वें नम्बर पर, 172.35 करोड़ टारगेट, 136.26 करोड़ प्राप्ति कोटा आरटीओ सबसे पीछे वहीं सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रदेश का सबसे बड़ा राजस्व देने वाला जयपुर- RTO प्रथम केवल 81.86 प्रतिशत उपलब्धि के साथ 11वें स्थान पर गिर गया है। जयपुर आरटीओ द्वितीय जो पिछले वर्ष प्रदेशभर में पहले नम्बर पर था, इस साल अब तक छठे स्थान पर है। सबसे खराब प्रदर्शन कोटा RTO का रहा है। कोटा RTO की उपलब्धि मात्र 79.06 प्रतिशत पर सिमट गई है। ई-डिटेक्शन का टारगेट - ई-डिटेक्शन चालानों से राजस्व वसूली का नया विकल्प शुरू हुआ - टोल डेटा के आधार पर किए जाने वाले चालान होते ई-डिटेक्शन से - राजस्व का यह लक्ष्य परिवहन मुख्यालय के हिस्से में जोड़ा गया - ई-डिटेक्शन का कुल वार्षिक राजस्व लक्ष्य 150 करोड़ रुपए - जुलाई तक के लिए 50 करोड़ रुपए था टारगेट - इसमें से 24.86 करोड़ रुपए अर्जित, 49.73 प्रतिशत प्राप्ति क्या विभाग हासिल कर सकेगा लक्ष्य ? परिवहन विभाग के लिए चिंताजनक बात इसलिए भी है, क्योंकि इस वित्त वर्ष में परिवहन विभाग को 11 हजार करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित करना है। यदि फील्ड स्तर पर प्रवर्तन, टैक्स चोरी पर अंकुश और बकाया वसूली के लिए प्रभावी अभियान नहीं चलाए गए, तो विभाग के लिए राजस्व लक्ष्य को हासिल कर पाना मुश्किल होगा।
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पंजाब के 18 युवा: विदेश में हत्या, 25 साल की सजा

Noida, Uttar Pradesh:परदेस की कमाई के सपने लेकर घर से निकले बेटों की वापसी का इंतज़ार जब 25 वर्षों की सज़ा में बदल जाए, तो घरों के कैलेंडर नहीं—ज़िंदगियाँ ठहर जाती हैं। पंजाब के अलग-अलग जिलों से आए कुछ ऐसे ही परिवारों से मुलाकात हुई। बात करते हुए किसी माँ का गला भर आया, किसी पत्नी के पास आँसुओं के आगे शब्द नहीं थे, तो किसी बुज़ुर्ग पिता की आँखों में बस एक ही सवाल था—“हमारा बेटा घर कब लौटेगा?” इन परिवारों के 18 सदस्य रोज़ी-रोटी कमाने के लिए दुबई गए थे। किसी को गए अभी थोड़ा ही समय हुआ था, तो कोई अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सहारा था। वहाँ हुए एक हत्या के मामले में ये युवा भी फँस गए। वे 2023 से जेल में हैं और उन्हें 25-25 वर्षों की सज़ा सुनाई गई है। परिवारों की पुकार है कि उनके अपने इस हत्या में शामिल नहीं थे, लेकिन पराई धरती पर अपने बच्चों की मजबूत कानूनी पैरवी करने के लिए उनके पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। सज़ा के ये 25 वर्ष कागज़ पर शायद सिर्फ एक संख्या हैं। लेकिन उस माँ से पूछिए, जिसकी उम्र बेटे की राह देखते-देखते ढल रही है। उस पत्नी से पूछिए, जिसे अपने छोटे बच्चों को पिता की तस्वीर दिखाकर बड़ा करना है। उस पिता से पूछिए, जिसके मन में यह डर घर कर गया है कि बेटे के लौटने तक उसकी अपनी उम्र उसका साथ देगी भी या नहीं। यह 18 युवाओं का मामला है, लेकिन इसके पीछे खड़ा सवाल पूरे पंजाब का है। जिस पंजाब की जवानी ने अपनी मेहनत से दुनिया के कोने-कोने में मुकाम बनाया, उसी पंजाब का युवा अपने घर का चूल्हा जलाए रखने के लिए हजारों मील दूर जाने को मजबूर क्यों हो? विदेश जाना सपना हो? सकता है, लेकिन रोज़गार के लिए पंजाब छोड़ना हमारी नियति नहीं बनना चाहिए। इन परिवारों की पुकार को अनसुना नहीं होने दिया जाएगा। इन 18 युवाओं के लिए हर संभव कानूनी और कूटनीतिक पैरवी की जाएगी। लेकिन साथ ही पंजाब को अपने आप से एक बड़ा सवाल भी करना होगा—क्या हमें अपनी अगली पीढ़ी को विरासत में विदेश जाने का टिकट देना है या अपने पंजाब में ही अवसरों से भरा भविष्य? आज इन परिवारों के आँसू एक मामले की पैरवी की मांग कर रहे हैं; कल का पंजाब हमसे ऐसी बदलाव की मांग करेगा, जिसमें उसके बेटों को रोटी और बेहतर भविष्य की तलाश में अपना घर छोड़कर बेघर न होना पड़े。
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सीबीआई बनाम CID: झारखंड में जाँच की दक्षता पर सवाल

Narayanpur, Jharkhand:झारखंड के जांच एजेंसियों पर उठे सवाल झारखंड के पूर्व डीजीपी सह पलामू सांसद बीडी राम ने उठाए सवाल कहा सीआईडी में वह दक्षता नहीं जो सीबीआई में है वही झारखंड के वित्त मंत्री ने कहा तो क्या एसीबी और सीआईडी में ताला लगा दे। सीबीआई में जो दक्षता है व सीआईडी में नही है इसलिए प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी की जो मांग है सरकार उसे माने और सीबीआई को जांच का जिम्मा सौंपे उक्त बाते पलामू सांसद झारखंड के पूर्व डीजीपी विष्णु दयाल राम ने गढ़वा पहुंचने पर सर्किट हाउस में मीडिया से मुखातिब होते हुए कही। उन्होंने कहा कि जब यदि सीबीआई जांच होगी तो बात दूर तलक जाएगी और इसी डर से सरकार जाँच नहीं कराना चाह रही है क्योंकि सीबीआई में वह गुण है जो अनसुलझे मामले को भी सुलझा देती है जबकि सीआईडी में वह दक्षता में नहीं है। आगे उन्होंने कहा कि सरकार इनकी मांगे तो मान ली है लेकिन सीबीआई वाले मैटर में अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर एक निजी कार्यक्रम में गढ़वा पहुचे हुए थे। मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि इस आंदोलन के पीछे भाजपा का हाथ है वे कांग्रेस को हम हमेशा बदनाम करना चाहते हैं खास कर राहुल गांधी को उन्होंने सीबीआई से जांच करने की मांग पर कहां के हमारे यहां भी एजेंसियां हैं सीआईडी है स्पेशल ब्रांच है सभी को हटाकर या ताला मार दे आप ही बताइए । प्रदर्शनकारी को घरेलू स्तर पर कार्य लेनी चाहिए और जो एजेंसी है उसे पर भरोसा करना चाहिए।
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