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बेगूसराय में शव का पोस्टमार्टम 15 घंटे बाद, अस्पताल-थाने प्रक्रियाओं पर सवाल

Begusarai, Bihar:परिजन सदर अस्पताल, नगर थाना एवं बलिया थाना का चक्कर काटते रहे। सबसे बड़ी संवेदनहीनता उस वक्त सामने आई जब परिजनों के अलावे कोई भी स्वास्थ्य कर्मी या पुलिसकर्मी उस शव को देखने तक नहीं पहुंचे। सदरHospital की ओर से कहा जाता रहा कि पहले नगर थाने से लिखवा कर लाना होगा तब शव का पोस्टमार्टम होगा। वहीं जब परिजन नगर थाना पहुंचे तो उन्हें बलिया थाना भेज दिया गया। लेकिन वहां भी परिजनों को इंसाफ नहीं मिला आखिरकार 15 घंटे बाद नगर थाना से पोस्टमार्टम के लिए पर्ची काटी गई तब जाकर शव का पोस्टमार्टम हो सका। क्या है पूरा मामला, एक रिपोर्ट। बेगूसराय मे सिस्टम की लापरवाही का एक बड़ा दर्दनाक नजारा सदर अस्पताल मे देखने को मिला है जहाँ पोस्टमार्टम के इंतजार मे एक डेड बॉडी कई घंटे तक पानी मेंतगा रहा है बल्कि पोस्टमार्टम के इंतजार मे सुबह से शाम परिजन डेड बॉडी को लेकर इधर से उधर भटकते रहे। इतना ही नहीं इंसानियत तब और शर्मशार हो गई जब परिजन सदर अस्पताल से बलिया थाना, बलिया थाना से नगर थाना तक भटकते रहे। बाद मे परिजनों नें हो हंगामा के बाद सदर अस्पताल के कर्मियों नें शव को पोस्टमार्टम रूम मे भेजनें को तैयार हुए। बुधवार को इस नजारे को देखकर ना सिर्फ परिजन बल्कि हर जाननें वाले लोग सिस्टम को कोसते नजर आये। बतातें चले की 13 जुलाई को बलिया थाना क्षेत्र के बड़ी बलिया वार्ड नंबर दस के रहने वाली सुशीला देवी सडक हादसे का शिकार हो गई। सुचना के बाद बलिया थाना की पुलिस महिला की हालत को देखते हुए इलाज के लिए सदर अस्पताल मे भर्ती कराया। इलाज के दौरान महिला की हालत मे सुधार हुआ तो उसे घर भेज दिया गया। जहाँ महिला की मौत हो गई। मौत की सुचना के बाद परिजनों नें इसकी सुचना बलिया थाना को दी। परिजनों के अनुसार बलिया थाना नें शव को पोस्टमार्टम कराने की बात कही। जिसके बाद बुधवार को परिजन पोस्टमार्टम के लिए शव लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के कर्मियों नें शव को लेने से इंकार कर दिया और इसके लिए पुलिस रिपोर्ट की मांग की। परिजनो के मुताबिक शव को भारी बारिश मे छोड़ कर परिजन बलिया थाना गए। बलिया थाना द्वारा नगर थाना को पोस्टमार्टम के लिए बोलने की बात कही गयी। आरोप है की बलिया से नगर थाना पहुंचने पर नगर थाना द्वारा ऐसी किसी सूचना से इंकार किया। इस दौरान कई घंटे बीत गए। बाद मे परिजनों नें बताया की डीएम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारीयों को इसकी सूचना देने की बात कहने पर पोस्टमार्टम स्लिप दिया गया तब जाकर शव को पोस्टमार्टम रूम मे रखा जा सका। कुल मिलाकर सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा जिंदा को नहीं बल्कि एक मुर्दा को भी उठाना पड़ा। जिसकी चर्चा आज हर तरह हो रही है। आखिर पुलिस या स्वास्थ्य कर्मी इतने संवेदनहीन कैसे हो सकते हैं。
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कोटा में अरुंधति का शानदार स्वागत, ओलम्पिक गोल्ड के सपने बोले

Kota, Rajasthan:कोटा में आतिशबाजी और ढोल–नगाड़ों से स्वागत अरुंधति के कोटा पहुंचने पर आतिशबाजी और ढोल–नगाड़ों से स्वागत किया गया. उनके स्वागत में जगह–जगह मंच लगाए गए. अरुंधती और उनके पिता सुरेश चौधरी हर मंच पर पहुंच अभिवादन स्वीकार कर रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन को भी खिलाड़ियों को आगे लाना चाहिए. उन्होंने कोटा में बॉक्सिंग अकादमी खोलने की मांग की है. उनका कहना है कि राजस्थान बॉक्सिंग में अभी हरियाणा के बराबर नहीं है. जितने अवसर हरियाणा में खिलाड़ियों को मिलते हैं, उतनी ही सुविधा व अवसर राजस्थान में भी मिलनी चाहिए. उनके पिता और कोटा मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष सुरेश चौधरी का कहना है कि राजस्थान को काफी सुधार करना चाहिए. यहां पर खेल के प्रति जागरूकता बढ़नी चाहिए. कोटा में नेताओं और स्थानीय लोगों ने किया अरुंधति का स्वागत 'अब ओलंपिक गोल्ड पर मारना है पंच': अरुंधति के कोटा जिले में प्रवेश करने पर सीमा पर ही प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारियों ने भी स्वागत किया. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी और कई संगठनों में भी उनका स्वागत किया. मीडिया से बातचीत करते हुए अरुंधति ने कहा कि वह इस अभिनंदन से अभिभूत हो गई हैं. उन्होंने बताया कि उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक है. उनका कहना है कि अमरीका के लॉस एंजेलिस में जुलाई 2028 में होने वाले ओलंपिक में वह गोल्ड मेडल लाना चाहती हैं.
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सीकर में रात की झमाझम बारिश से उमस दूर, खरीफ फसलों में उम्मीद बढ़ी

Sikar, Rajasthan:सीकर में मौसम ने ली करवट, रात में झमाझम बारिश से गर्मी से राहत सीकर में दिनभर उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को गुरुवार रात बड़ी राहत मिली। रात होते ही सीकर में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई। करीब 10 मिनट तक हुई झमाझम बारिश से सीकर शहर सहित आसपास के इलाकों की सड़कों पर पानी बहने लगा। बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हो गया और तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली। लंबे समय बाद हुई इस बारिश का लोगों ने भी आनंद लिया। वहीं बारिश से किसानों के चेहरों ने खिल उठे। किसानों का कहना है कि इस बारिश से खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा और अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ी है। बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के साथ फसलों की बढ़वार को भी बल मिलेगा।
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डीडवाना-कुचामन जिले के तीन साल: बजट के बावजूद आधारभूत सुविधाएं अधूरी

Didwana, Rajasthan:आज से तीन साल पहले राज्य सरकार की अधिसूचना के साथ ही डीडवाना-कुचामन नए जिले की रूप में अस्तित्व में आया था। स्थापना के तीन साल बाद आज इस नए जिले की क्या स्थिति है और आम जन इससे कितना फायदा मिला है? देखिये इस विशेष रिपोर्ट में 4 अगस्त 2023 को तत्कालीन गहलोत सरकार ने प्रदेश में 19 नये जिलों की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद 7 अगस्त को नए जिलों का स्थापना दिवस घोषित किया गया। सरकार बदलने के बाद प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार ने गेहलोत सरकार द्वारा घोषित जिलों की समीक्षा करते हुए मात्र 8 ही नये जिले रखे और बाकी सभी जिलों को पुराने जिलों में ही विलोपित कर दिया गया। वर्तमान सरकार के कार्यकाल को भी तकरीबन ढाई साल का समय बीत चुका है लेकिन नए जिलों का आधारभूत ढांचा अभी तक पूरी तरह से अस्तित्व में नहीं आया है। गत बजट में राज्य सरकार ने सभी नये जिलों में मिनी सचिवालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्रत्येक जिले को 100 करोड़ की राशि आवंटन की घोषणा भी की गई थी। लेकिन आज की स्थिति देखी जाए तो डीडवाना में प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों और विभागों के लिए जमीनें तो आवंटित कर दी हैं लेकिन सरकार द्वारा वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने की वजह से 80 प्रतिशत नये कार्यालय किराये के भवनों या शिक्षा विभाग की खाली पड़ी इमारतो में चल रहे हैं। जिले की स्थापना के तीन साल बाद भी कई महत्वपूर्ण विभाग अभी तक नये जिलों में स्वीकृत ही नहीं हुए हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल के ढाई साल बीत जाने के बाद भी नये जिले सुविधाओं और बजट की बाट जोह रहे हैं। जिला प्रशासन की माने तो जिले में लगभग सभी विभाग चालू हो चुके हैं कुछ विभागों की स्वीकृति राज्य सरकार के स्तर पर होनी है जिसके बाद जो विभाग बचे हैं वे भी चालू हो जाएंगे। जिला कलक्टर अवधेश मीणा बताते हैं कि प्रशासनिक स्तर पर सभी विभागों के लिए जमीन चिन्हित कर राज्य सरकार को भेज दी गई है। राज्य सरकार द्वारा वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ ही निमार्ण प्रक्रिया भी जल्द शुरू कर दी जाएगी। इस बारे में भाजपा नेता और विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशी जीतेन्द्र सिंह जोधा से बात की तो उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बजट में प्रत्येक नए जिले के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट घोषणा की थी। इसकी पहली किस्त के रूप में Tipp 20 करोड़ रुपये की राशि सरकार द्वारा जारी की जाने वाली है जिसके तुरंत बाद मिनी सचिवालय सहित विभिन्न कार्यालयों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। हालांकि नये जिले के गठन की वजह से आमजन को भारी राहत मिली है क्योंकि तत्कालीन नागौर जिला बहुत ही बड़ा जिला था। वर्तमान जिला मुख्यालय से ही नागौर की दूरी 100 किमी है ऐसे में दूर दराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को आवागमन में लगने वाले समय और आर्थिक मार से भी राहत मिली है।
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अंता के अटल पार्क में करोड़ों लागत के बावजूद अव्यवस्थाएं, बिजली-पानी नहीं

Baran, Rajasthan:अंता में करोड़ों लागत से बना अटल पार्क अव्यवस्थाओं का शिकार बना हुआ है। पार्क में बिजली और पीने के पानी की सुविधा नहीं है, जिससे बच्चों सहित आमजन को परेशानी हो रही है। दो माह पहले शुरू किए गए पार्क में लगाए गए झूलों की प्लास्टिक उखड़ने लगी है, पेड़ पौधे और घास फूस की कटाई नहीं होने से बरसात के मौसम में जहरीले जानवरों का खतरा बना रहता है। फव्वारा शोपीस बना हुआ है, उसे चालू करने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चौपाटी की दुकानें भी वीरान पड़ी हैं जिन्हें चलाव नहीं किया गया है, जिससे आमजन उनका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इस पार्क में बच्चों के लिए आकर्षक झूले और व्यायाम के संसाधन होने के कारण रोज़ाना बड़ी संख्या में लोग यहाँ आते हैं, लेकिन अव्यवस्थाओं के कारण लोग नगर पालिका को कोसते नजर आते हैं।
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सीएम का Zero Tolerance: कांवड़ यात्रा से महिला सुरक्षा तक कड़े निर्देश

Noida, Uttar Pradesh:आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का संदेश दे रही कांवड़ यात्रा: मुख्यमंत्री अफवाह फैलाने वालों और उपद्रवियों पर जीरो टॉलरेंस से हो कार्रवाई: मुख्यमंत्री टप्पेबाजों-शोहदों की पहचान सार्वजनिक करें, महिला सुरक्षा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, उर्वरकों की उपलब्धता में न हो बाधा, कालाबाजारी पर रखें कड़ी नजर महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मिशन शक्ति को और प्रभावी बनाएं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में न आए कोई कमी, तटबंधों की सुरक्षा बढ़ाएं, कटान प्रभावित परिवारों को मिले तत्काल राहत स्कूली वाहनों की फिटनेस और चालकों का सत्यापन अनिवार्य करें: मुख्यमंत्री
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वाराणसी पुलिस ने 27 किलो चांदी लूट मामले में काला ईरानी गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल कुख्यात काला ईरानी गैंग पर वाराणसी पुलिस का बड़ा एक्शन 27 किलो चांदी लूटकांड के दो आरोपी शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार शाबिर और माशाअल्लाह के दोनों पैरों में लगी गोली, अस्पताल में इलाज जारी दोनों आरोपी भोपाल के काला ईरानी गैंग से जुड़े, लंबे समय से थे फरार क्राइम ब्रांच पुलिस बनकर 27 किलो चांदी की लूट को दिया था अंजाम आरोपियों के कब्जे से 4 किलो चांदी, 15,020 नकद, दो तमंचे और कारतूस बरामद पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश हुए घायल अंतरराज्यीय गैंग के खिलाफ यूपी, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर केस 7 साल बाद पकड़ा गया गैंगस्टर काला ईरानी जेल में, अब उसके गुर्गों पर भी बड़ा एक्शन काला ईरानी के नेटवर्क पर अब देशभर में कार्रवाई तेज भोपाल पुलिस ने वाराणसी पुलिस से साझा की गैंग की पूरी क्राइम हिस्ट्री
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बोकारो में बुजुर्ग की साईबर ठगी: 7 लाख 65 हजार वापस मिल गए

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में साईबर ठगो ने बुजुर्ग से ठगे थे 7 लाख 65 हजार रुपए, पुलिस ने 82 वर्षीय वृद्ध को वापस दिलाया 7 लाख रूपए। बताते चले कि 23 जून को बोकारो के गुजरात कॉलोनी निवासी नरेन्द्र कुमार सिन्हा द्वारा अपने एचडीएफसी बैंक खाता, एचडीएफसी क्रेडिट कार्ड एवं आईसीआईसी क्रेडिट कार्ड से 7.65 लाख रुपए साईबर अपराधियों द्वारा अवैध निकासी की लिखित सूचना दी गई थी। प्राप्त सूचनानुसार बोकारो पुलिस द्वारा तुरंत साईबर थाना कांड संख्या 20/26 दर्ज करते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को खाता विवरणी व ट्रांसफर रकम को होल्ड करने के लिए मेल के माध्यम से सूचित किया गया। चूंकि इस मामले में साईबर अपराधियों ने शॉपिंग हेतु पैसे का ट्रांसफर किया था जो 24 घंटे तक अलर्ट मोड़ में होता है। अलर्ट अवधि में ही पुलिस द्वारा तत्परता से शॉपिंग हेतु इस्तेमाल हुए RAZORPAY, CASHFREE, RATNAKAR BANK व सभी संबंधित एजेंसियों को मेल कर दिए जाने के कारण ट्रांजेक्शन होल्ड हो गया और शिकायतकर्ता को 7 लाख रुपए वापस मिल गए। शिकायतकर्ता आज बोकारो पुलिस से मिलकर अपनी खुशी जताते हुए इस त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक महोदय व साईबर पुलिस, बोकारो की सराहना की है। बोकारो के मुख्यालय DSP पवन कुमार ने कहा कि पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि साईबर अपराध की सूचना अविलंब साईबर थाना अथवा डॉयल 1930 पर दें।
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गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से बेगूसराय के तटवर्ती गाँवों में बाढ़ की आशंका

Begusarai, Bihar:बेगूसराय में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के छितरौर बोल्डर गंगा घाट पर पिछले एक सप्ताह से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही इलाके में कटाव भी जारी है, जिससे ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। लोगों को पिछले साल की बाढ़ की तबाही याद आने लगी है। आपको बताते चले कि बेगूसराय के मटिहानी विधानसभा क्षेत्र स्थित छितरौर बोल्डर गंगा घाट पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बीते एक सप्ताह से नदी का पानी तेजी से बढ़ने के कारण तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं, गंगा किनारे कटाव भी लगातार जारी है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा की तेज धारा और लगातार बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों की फसलें जलमग्न होने लगी हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। बढ़ते जलस्तर को लेकर ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष आई बाढ़ ने इलाके में भारी तबाही मचाई थी। कई घरों में पानी घुस गया था, जिससे लोगों को महीनों तक अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर रहना पड़ा था। इस बार भी हालात उसी दिशा में बढ़ते दिखाई दे रहे हैं, बल्कि लोगों को आशंका है कि स्थिति पिछले साल से भी अधिक गंभीर हो सकती है।गंगा के बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रहे कटाव को देखते हुए ग्रामीण प्रशासन से समय रहते बाढ़ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, कटाव रोकने के उपाय और राहत एवं बचाव की तैयारियां सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो इस वर्ष भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।बेगूसराय के छितरौर बोल्डर गंगा घाट पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कटाव भी जारी है। ऐसे में तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की तैयारियों और गंगा के अगले रुख पर टिकी हैं।
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वन विभाग ने मोहनपुर में 30 बीघा वनभूमि से अतिक्रमण हटाकर ट्रेंचें खोद दीं

Baran, Rajasthan:मोहनपुर में 30 बीघा वन भूमि से हटाया अतिक्रमण बारां के केलवाड़ा वन विभाग की टीम ने गुरुवार को केलवाड़ा रेंज के तहत बिची नाके में स्थित मौजा मोहनपुर में भू-माफियाओं की ओर से 30 बीघा वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए जेसीबी मशीन से ट्रेंचें खुदवाई। रेंजर देवराज सुमन ने बताया कि वन विभाग ने शिकायतें मिलने पर डीएफओ बड़े विवेकानंद माणिक राव एवं सहायक वन संरक्षक मोहम्मद हफीज के दिशा निर्देशन में केलवाड़ा रेंज के बिची नाका के तहत मौजा मोहनपुर में कुछ लोगों की ओर से लगभग 30 बीघा वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को जेसीबी मशीन से हटाते हुए ट्रेंचें खोदने का कार्य किया। इस कार्रवाई के दौरान वनपाल सरोज सहरिया, वनरक्षक चरण सिंह, महेंद्र, सुनील, मुकेश, प्रहलाद व पवन सहित अन्य स्टाफकर्मी शामिल थे।
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नीमकाथाना में झमाझम बारिश, जलभराव के बावजूद किसानों में खुशी

Sikar, Rajasthan:नीमकाथाना: मौसम का बदला मियाज। नीम का थाना सहित आसपास के क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश। बारिश के बाद लोगों को उमस और गर्मी से मिली निजात。 एंकर नीमकाथाना में मौसम का मिजाज बदल गया ओर नीमकाथाना सहित आसपास के क्षेत्रों में झमाझम बारिश का दौर देखने को मिला। सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा रहा और जिसके बाद देर को तेज बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया। बारिश के चलते लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली। वहीं किसानों के चेहरों पर भी खुशी देखने को मिली, क्योंकि बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है. हालांकि तेज बारिश से शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई कॉलोनियों और बाजारों में पानी जमा होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। नालियों की निकासी व्यवस्था कमजोर होने के कारण पानी देर तक सड़कों पर भरा रहा।
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फतेहपुर सीकर में आरयूआईडीपी के 33.90 करोड़ के विकास कार्य शुरू

Sikar, Rajasthan:सीकर के फतेहपुर में आरयूआईडीपी के पाँचवें चरण के अंतर्गत फतेहपुर शेखावाटी शहर में प्रस्तावित 33.90 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को लेकर नगर परिषद सभागार में संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पूर्व जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों को प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी दी गई तथा उनके सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किए गए। कार्यक्रम में भाजपा नेता श्रवण चौधरी विधायक हाकम अली खान एवं नगर परिषद के अधिकारियों ने कहा कि संवाद का उद्देश्य आमजन की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विभागों के बेहतर समन्वय से विकास कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना तथा प्राप्त सुझावों को परियोजना में शामिल करना है। संवाद कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता श्रवण चौधरी ने बताया कि आरयूआईडीपी के पाँचवें चरण के अंतर्गत फतेहपुर शेखावाटी शहर में प्रस्तावित 33.9 करोड़ की सौगात मिली है सभी को शहर के विकास को लेकर पाटी से उपर उठकर काम करना होगा तभी शहर सुन्दर स्वच्छ बनेगा। भाजपा नेता श्रवण चौधरी ने 33.9 करोड़ की फतेहपुर को सौगात देने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, यूडीएच मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया की मुख्यमंत्री के फतेहपुर दौरे के दौरान उक्त समस्याओ से अवगत करवाया गया जिसके बाद यह राशी स्वीकृत हुई है। विधायक हाकिम अली ने कहा कि सीवरेज नेटवर्क, STP के नियमित संचालन एवं रखरखाव, जल प्रबंधन तथा उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं के अधिकतम उपयोग पर विशेष बल दिया, ताकि परियोजना का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुँच सके। संवाद के दौरान अनेक जनप्रतिनिधियो व नागरिकों ने शहर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान, सीवरेज व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अधूरे विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने संबंधी अपने सुझाव प्रस्तुत किए। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने इन सुझावों का स्वागत करते हुए उन्हें परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौजूदा सीवरेज नेटवर्क एवं STP में विद्यमान कमियों का प्राथमिकता के आधार पर सुधार किया जाए। साथ ही परियोजना के सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएँ तथा निर्माण कार्यों के दौरान आमजन को न्यूनतम असुविधा हो। सीवरेज संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नगर परिषद के कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों का नियमित पंजीकरण कर उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इस दौरान नगर परिषद आयुक्त अनिता खीचड़ ने बताया कि आरयूआईडीपी के पाँचवें चरण के तहत फतेहपुर शेखावाटी में 33.90 करोड़ रुपये की लागत से अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं शोधित जल के पुनः उपयोग से संबंधित कार्य किए जाएंगे। इसके अंतर्गत शहर में स्थापित सीवरेज लाइनों की इंटरकनेक्टिविटी, सीवरेज सुविधा से वंचित क्षेत्रों में नई सीवर लाइन बिछाने तथा पूर्व में अधूरे रह गए कार्यों को पूर्ण किया जाएगा। इन कार्यों के पूर्ण होने से शहर की सीवरेज व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी तथा स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा。
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बीमा पॉलिसी के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी: अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

Noida, Uttar Pradesh:स्वाट/सर्विलांस टीम नगर जोन एवं थाना कोतवाली नगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बीमा पॉलिसी बेचने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 15 हजार रुपये नकद और 1 मारुति बलेनो कार बरामद की। इन्होंने करीब 2.5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया था। साथ ही चार राज्यों में दर्जनों साइबर ठगी की घटनाओं का भी पुलिस ने अनावरण किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान पंकज शर्मा, आदित्य यादव उर्फ मोनू और प्रमोद हरीश चंद्र छेबड़े के रूप में हुई है। 3 को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वह पहले नोएडा स्थित एक बीमा ब्रोकिंग कंपनी में कॉलिंग का कार्य करते थे। वहीं से उन्हें बीमा पॉलिसी धारकों का डाटा और ग्राहकों की जानकारी मिली, जिसका बाद में साइबर ठगी के लिए दुरुपयोग किया। वह लैप्स हो चुकी बीमा पॉलिसियों के ग्राहकों को फोन कर स्वयं को बीमा कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि बताते थे। इसके बाद पॉलिसी को दोबारा सक्रिय कराने या नई पॉलिसी देने का झांसा देकर उनसे विभिन्न बैंक खातों में धनराशि जमा करा लेते थे। लोगों का विश्वास जीतने के लिए आरोपी लैपटॉप में फोटो एडिटिंग एप्लिकेशन की मदद से फर्जी रसीदें तैयार करते थे और इंटरनेट से बीमा कंपनियों के कर्मचारियों के पहचान पत्र डाउनलोड कर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजते थे। गिरोह के सदस्य अलग-अलग फर्जी नामों से बीमा एजेंट बनकर लोगों से संपर्क करते थे, जबकि बैंक खाते और अन्य संसाधन उन्हें उनके साथी उपलब्ध कराते थे। गिरोह ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस को मिले दस्तावेजों से कई पीड़ितों के साथ लाखों रुपये की ठगी के प्रमाण मिले हैं। इनमें एक पीड़ित से 1.12 करोड़ रुपये, जबकि अन्य लोगों से 12.5 लाख, 8 लाख, 6.7 लाख और 2 लाख रुपये तक की ठगी की गई है। वहीं इनके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं, जिनके आधार पर अन्य मामलों की जांच जारी है। डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है और मामले में फरार अन्य अभियुक्तों की तलाश की जा रही है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर साइबर ठगी से जुड़े और मामलों का पता लगाया जा रहा है.
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