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MANISH KUMARMANISH KUMARFollow4 Sept 2024, 04:28 pm
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कोरकोट्टी बलिदान दिवस के साथ बदली तस्वीर: 150 युवाओं ने सेना-भर्ती की दिशा बदली

12 जुलाई 2026. 12 जुलाई 2009 को अविभाजित राजनांदगांव जिले के थाना मानपुर अंतर्गत कोरकोट्टी में नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव स्वर्गीय श्री विनोद चौबे सहित कुल 29 जवान माओवादियों की कायराना करतूत के कारण शहीद हो गए थे। वीर शहीदों की सर्वोच्च शहादत को सम्मान देने आज 12 जुलाई 2026 को उनकी शहादत की 17 वीं पुण्यतिथि पर रक्षित केंद्र मोहला स्थित अमर जवान प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। उस दौर में इस पूरे इलाके की पहचान गोलियों की आवाज, बारूदी सुरंगों और खौफ से होती थी। लेकिन 17 साल बाद तस्वीर बदल चुकी है। आज उसी इलाके में बंदूक उठाने की नहीं, वर्दी पहनने की होड़ दिखाई दे रही है। जिन गांवों में कभी सुरक्षाबलों के साथ खड़े होने से लोग डरते थे, वहां अब युवा सुबह-शाम मैदान में दौड़ लगाते नजर आते हैं। लक्ष्य सिर्फ एक—देश की वर्दी पहनकर सेवा करना। करीब 150 युवाओं ने इस प्रशिक्षण का लाभ लिया, जिनमें से कई पैरामिलिट्री फोर्स, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और पुलिस में चयनित भी हुए हैं। यह सिर्फ रोजगार की कहानी नहीं, बल्कि उस मानसिक बदलाव की मिसाल है जिसने हिंसा की जमीन पर उम्मीद के बीज बो दिए। कोरकोट्टी बलिदान दिवस अब केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं रह गया है। यह उस परिवर्तन की भी गवाही देता है, जहां कभी भय का राज था, वहां अब विश्वास का माहौल है। जहां संघर्ष की पहचान थी, वहां अब विकास की चर्चा है। और जहां बंदूकों की गूंज थी, वहां आज भर्ती मैदानों में युवाओं के कदमों की आवाज सुनाई देती है। सिर्फ सुरक्षा नहीं... विकास भी बना बदलाव की वजह।
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क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स पर भारतीय महिला टेस्ट का इतिहास रचा

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एंकर मध्यप्रदेश के छतरपुर के लिए गर्व का पल। घुवारा गांव की बेटी क्रांति गौड़ ने लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में इतिहास रच दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में 5 विकेट लेकर अब उनका नाम लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर लिखा जाएगा। लॉर्ड्स पर पहली बार महिला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। 10 जुलाई से भारत और इंग्लैंड के बीच 4 दिन का मैच शुरू हुआ है। क्रांति गौड़ ने पहली पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 17 ओवर में सिर्फ 37 रन देकर 5 विकेट झटके। इस दौरान उन्होंने 7 मेडन ओवर भी फेंके। 142 साल बाद लॉर्ड्स में महिला टेस्ट हुआ और पहली बार खेलते ही क्रांति ने ऑनर बोर्ड पर जगह पक्की कर ली। लॉर्ड्स के पवेलियन में लगा ऑनर बोर्ड पर उन्हीं खिलाड़ियों का नाम लिखा जाता है जो टेस्ट या वनडे में शतक लगाते हैं या एक पारी में 5 विकेट लेते हैं। MCC ने बाद में महिलाओं को भी शामिल किया। अब क्रांति गौड़ पहली भारतीय महिला तेज गेंदबाज हैं जिनका नाम इस बोर्ड पर दर्ज होगा। क्रांति के भाई ने कहा कि यह पल हमारे परिवार के साथ-साथ पूरे देश के लिए गर्व का पल है। आज मुझे बहुत खुशी है कि मेरी बहन दुनिया भर में अपने देश का नाम रोशन कर रही है। वही क्रांति के कोच ने कहा कि हर खिलाड़ी का सपना होता है लॉर्ड्स में खेलना। एक कोच का भी सपना होता है उसका खिलाड़ी वहां परफॉर्म करे। आज क्रांति ने 5 विकेट लेकर रिकॉर्ड बना दिया। मैं चाहता हूं वह आगे भी देश का नाम रोशन करे और एक बड़े बॉलर के रूप में स्थापित हो।
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अजमेर में नकली नोट चलाने के आरोप में युवक गिरफ्तार, 13 लाख नोट बरामद

Ajmer, Rajasthan:अजमेर में नकली नोट चलाने के आरोप में युवक गिरफ्तार, 13 लाख नोट बरामद ने की गई है... दरगाह थाना क्षेत्र इलाके में रहने वाले विक्रम जॉन से पुलिस ने 500 रुपए भारतीय मुद्रा के 13 लाख 6 हजार रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं... आरोपी विक्रम से नकली नोट छपने की छोटी मशीन सहित अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं.. मामले की जांच अब दरगाह थाना पुलिस को सौंपी गई है.. पुलिस ने आरोपी विक्रम को अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड प्राप्त किया है... थाना प्रभारी दिनेश जीवनानी ने बताया कि मुखबिर की इत्तला पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस अग्रिम अनुसंधान में जुट गई है.. पुलिस अब आरोपी विक्रम से बरामद नकली भारतीय मुद्रा के बारे में जानकारी प्राप्त कर इसके नेटवर्क को खंगालने और संभावित गिरोह के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी.. वही सूत्रों की माने तो मामले में पुलिस ने कुछ लोगोंको निगरानी में लिया है.. मामले के तार अंतर्राष्ट्रीय किसी गिरोह से जुड़े होने या कही किसी बड़े अपराधी गिरोह से जुड़े होने की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया है.. पुलिस के मुताबिक आरोपी पर पूर्व में भी चोरी आदि के मामले दर्ज हैं
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धौलपुर में दूषित पनीर से 11 लोग बीमार, वृद्ध महिला की मौत

Dholpur, Rajasthan:धौलपुर में दूषित पनीर की सब्जी खाने से एक ही परिवार के 11 लोग बीमार हो गए, थे जबकि इलाज के दौरान एक वृद्ध महिला की मौत हो गई।जानकारी के अनुसार, परिवार में 9 जुलाई को जन्मदिन के मौके पर पनीर की सब्जी बनाई गई थी। अगले दिन उसी सब्जी को खाने के बाद परिवार के सभी सदस्य बीमार पड़ गए। सभी को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने पर परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया।बीमारों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। जिला अस्पताल में भर्ती 9 लोगों का इलाज जारी है। वहीं, गंभीर रूप से बीमार वृद्ध महिला तुर्वेनी को डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर किया था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि पनीर खराब होने के कारण यह घटना हुई। गांव में इस घटना से शोक का माहौल है।
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सुवेंदु अधिकारी ने अन्नपूर्णा भंडार के पात्र लाभ और सुरक्षा पर जोर दिया

Noida, Uttar Pradesh:पূर्व मेदिनीपुर: पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "विधानसभा चुनावों के बाद मैं कार्यकर्ताओं से नहीं मिल पाया था, इसलिए आज मैंने विधायक और सांसद समेत लगभग 1000 लोगों से मुलाकात की। अन्नपूर्णा भंडार योजना में सिर्फ़ उन्हीं लोगों को पैसे मिलेंगे जो इसके लिए योग्य हैं जो योग्य नहीं हैं, उन्हें यह नहीं मिलेगा। हर विधानसभा क्षेत्र में औसतन 30 से 40 हज़ार महिलाओं को अन्नपूर्णा भंडार का लाभ मिला है। हर सरकारी योजना के लिए कुछ खास नियम होते हैं। 70 साल से ज़्यादा उम्र के सभी लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा। बाकी लोगों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा और एयरपोर्ट की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिए से एयरपोर्ट की जगह बहुत अहम है। चीन और बांग्लादेश बहुत पास हैं। यह एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इसे ऐसे ही खुला नहीं छोड़ा जा सकता।
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 45 साल के टीचर की जान बचाई; फ्लाईओवर से कूदते वक्त आत्महत्या रोक दी

Noida, Uttar Pradesh:DELHI : TRAFFIC POLICE SAVED THE LIFE OF A 45-YEAR-OLD GOVERNMENT SCHOOL TEACHER WHO ATTEMPTED SUICIDE BY JUMPING FROM THE RANI JHANSI FLYOVER ON WEDNESDAY AFTERNOON/SURESH KUMAR (SI, TRAFFIC)/ SAHIL (CT)S/B दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक 45 साल के सरकारी स्कूल टीचर की जान बचाई, जिन्होंने बुधवार को आज़ाद मार्केट चौक पर रानी झांसी फ्लाईओवर से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। कांस्टेबल साहिल बताते हैं, "8 जुलाई को भारी बारिश के बीच किसी के गिरने की आवाज़ सुनाई दी। हमने 100 और 112 पर कॉल किया, लेकिन एम्बुलेंस का इंतज़ार किए बिना घायल टीचर को ई-रिक्शा से पास के अस्पताल पहुँचाया और उनके परिवार को भी सूचना दी... टीचर की नाक और कानों से खून बह रहा था और उनके दोनों हाथों में फ्रैक्चर था। उनकी जान बचा ली गई।"
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दस दिवसीय सौराठ सभा हर्षोल्लास के साथ संपन्न।

Madhubani, Bihar:SAURATH SABHA END,MADHUBANI BINDU BHUSHAN THAKUR,12.07.2026 मधुबनी में 10 दिवसीय ऐतिहासिक सौराठ सभा का आज हुआ समापन। सौराठ सभा में विवाह का पंजीकरण के लिए मिथिलांचल सहित अन्य प्रांतों से हजारों लोग पहुंचे। सौराठ सभा मे सैकड़ो मैथिल ब्राम्हणो की शादीयां तय हुई जिसका पंजीकार ने पंजीकरण किया। बहुत पहले जब विवाह के लिए आज जैसी सुविधाएँ नहीं थीं, तब मिथिला क्षेत्र के ब्राह्मण परिवारों के लिए योग्य वर-वधू ढूँढ़ना कठिन होता था। इसी समस्या के समाधान के लिए सौराठ गाँव स्थित सभा गाछी में शादी के लिए दूल्हा और उनके परिजन पहुंचते थे।वधु पक्ष के लोग भी पहुंचकर दूल्हा का चयन करते थे।पंडित मोहन झा ने बताया यहाँ हर वर्ष बड़ी सभा लगती थी जहां लाखों की संख्यां में वर और वर -वधु के परिजन पहुंचते थे। चार दशक पूर्व तक एक लाख से अधिक की संख्यां में लोग पहुंचते थे ,एक लाख से अधिक लोगो के पहुँचने पर सभा गाछी स्थित बरगद का पेड़ मुर्झा जाता था।अब हजारों में ही लोग पहुंच पाते हैं। इस सभा में दूर-दूर से परिवार आते थे। वर पक्ष और कन्या पक्ष आपस में मिलते, परिवार और वंशावली (पंजी) की जाँच करते और यह सुनिश्चित करते कि विवाह सभी सामाजिक नियमों के अनुसार तय हो। पंजीकार विवाह योग्य परिवारों के सात पीढ़ी का रिकॉर्ड देखकर शादी की अनुमति देते थे। दोनों पक्षों के सात पीढ़ी का मिलान किया जाता है फिर शादी का पंजीकरण किया जाता है।उसके बाद ही विवाह तय होता है।लोग अब देश विदेश रहने लगे हैं और सोशल साइट और अन्य डिजिटल तरीके से शादी तय कर रहे हैं ऐसे में लोग सभा गाछी नहीं पहुंच पाते हैं। इस परंपरा की शुरुआत लगभग 700 वर्ष पहले महाराजा हरिसिंह देव के शासनकाल में मानी जाती है। उन्होंने विवाह व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए इस परंपरा को बढ़ावा दिया।दस दिवसीय सौराठ सभा मे 500 से अधिक शादियों का पंजीकरण किया गया। सौराठ सभा गाछी मिथिला की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। पहले मिथिलांचल के कई इलाके में यह सभा लगती थी लेकिन अब सिर्फ सौराठ तक सिमट कर रह गया है।यहाँ देश-विदेश से लोग इसकी ऐतिहासिक विरासत को देखने आते हैं।आज जरूरत है इस ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने की।
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मधुबनी में ऐतिहासिक 10 दिवसीय सौराठ सभा का हुआ समापन।

Madhubani, Bihar:SAURATH SABHA,MADHUBANI BINDU BHUSHAN THAKUR 12.07.2026 मधुबनी में 10 दिवसीय ऐतिहासिक सौराठ सभा का आज हुआ समापन। सौराठ सभा में विवाह का पंजीकरण के लिए मिथिलांचल सहित अन्य प्रांतों से हजारों लोग पहुंचे। सौराठ सभा मे सैकड़ो मैथिल ब्राम्हणो की शादीयां तय हुई जिसका पंजीकार ने पंजीकरण किया। बहुत पहले जब विवाह के लिए आज जैसी सुविधाएँ नहीं थीं, तब मिथिला क्षेत्र के ब्राह्मण परिवारों के लिए योग्य वर-वधू ढूँढ़ना कठिन होता था। इसी समस्या के समाधान के लिए सौराठ गाँव स्थित सभा गाछी में शादी के लिए दूल्हा और उनके परिजन पहुंचते थे।वधु पक्ष के लोग भी पहुंचकर दूल्हा का चयन करते थे।पंडित मोहन झा ने बताया यहाँ हर वर्ष बड़ी सभा लगती थी जहां लाखों की संख्यां में वर और वर -वधु के परिजन पहुंचते थे। चार दशक पूर्व तक एक लाख से अधिक की संख्यां में लोग पहुंचते थे ,एक लाख से अधिक लोगो के पहुँचने पर सभा गाछी स्थित बरगद का पेड़ मुर्झा जाता था।अब हजारों में ही लोग पहुंच पाते हैं। इस सभा में दूर-दूर से परिवार आते थे। वर पक्ष और कन्या पक्ष आपस में मिलते, परिवार और वंशावली (पंजी) की जाँच करते और यह सुनिश्चित करते कि विवाह सभी सामाजिक नियमों के अनुसार तय हो। पंजीकार विवाह योग्य परिवारों के सात पीढ़ी का रिकॉर्ड देखकर शादी की अनुमति देते थे। दोनों पक्षों के सात पीढ़ी का मिलान किया जाता है फिर शादी का पंजीकरण किया जाता है।उसके बाद ही विवाह तय होता है।लोग अब देश विदेश रहने लगे हैं और सोशल साइट और अन्य डिजिटल तरीके से शादी तय कर रहे हैं ऐसे में लोग सभा गाछी नहीं पहुंच पाते हैं। इस परंपरा की शुरुआत लगभग 700 वर्ष पहले महाराजा हरिसिंह देव के शासनकाल में मानी जाती है। उन्होंने विवाह व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए इस परंपरा को बढ़ावा दिया।दस दिवसीय सौराठ सभा मे 500 से अधिक शादियों का पंजीकरण किया गया। सौराठ सभा गाछी मिथिला की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। पहले मिथिलांचल के कई इलाके में यह सभा लगती थी लेकिन अब सिर्फ सौराठ तक सिमट कर रह गया है।यहाँ देश-विदेश से लोग इसकी ऐतिहासिक विरासत को देखने आते हैं।आज जरूरत है इस ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने की।
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धनबाद सांसद ने मानहानि नोटिस के साथ 2 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का मामला अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी को दो करोड़ रुपये की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में प्रेस वार्ता और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगाए गए आरोपों को झूठा, निराधार और मानहानिकारक बताया गया है। सांसद की ओर से सात दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने, आरोप वापस लेने, सोशल मीडिया से संबंधित सामग्री हटाने और दो करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की गई है। ऐसा नहीं होने पर दीवानी और आपराधिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। सांसद ढुलू महतो की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी मीडिया को यह जानकारी दी गई है। सांसद की तरफ से उनके अधिवक्ता के माध्यम से भेजे गए कानूनी नोटिस में कहा गया है कि निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने प्रेस वार्ता और विभिन्न प्रिंट, डिजिटल तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सांसद और उनके परिवार के खिलाफ गंभीर, झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाए। नोटिस के अनुसार इन आरोपों के व्यापक प्रचार-प्रसार से सांसद की व्यक्तिगत, सामाजिक और सार्वजनिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। नोटिस में विधायक अरूप चटर्जी से सात दिनों के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक लिखित माफी मांगने, सभी कथित मानहानिकारक बयानों को वापस लेने, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से संबंधित वीडियो, पोस्ट और अन्य सामग्री हटाने की मांग की गई है। साथ ही भविष्य में ऐसे बयान नहीं देने और प्रतिष्ठा को हुई कथित क्षति के लिए दो करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति देने की भी मांग की गई है।
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मधुबनी के 10 दिवसीय सौराठ सभा का ऐतिहासिक समापन, हजारों विवाह पंजीकृत

Madhubani, Bihar:MADHUBANI BINDU BHUSHAN एंकर मधुबनी में 10 दिवसीय ऐतिहासिक सौराठ सभा का आज हुआ समापन। सदियों पुरानी मैथिल वैवाहिक संस्कृति की पहचान रही ऐतिहासिक सौराठ का आज समापन हो गया। दस दिवसीय सौराठ सभा में मिथिलांचल के विभिन्न इलाकों से हजारों लोग पहुंचे। सौराठ सभा मे सैकड़ो मैथिल वर वधु की शादीयां तय हुई जिसका पंजीकार ने पंजीकरण किया। बहुत पहले जब विवाह के लिए आज जैसी सुविधाएँ नहीं थीं, तब मिथिला क्षेत्र के ब्राह्मण परिवारों के लिए योग्य वर-वधू ढूँढ़ना कठिन होता था। इसी समस्या के समाधान के लिए सौराठ गाँव स्थित सभा गाछी में शादी के लिए दूल्हा और उनके परिजन पहुंचते थे। वधु पक्ष के लोग भी पहुंचकर दूल्हा का चयन करते थे। पंडित मोहन झा ने बताया यहाँ हर वर्ष बड़ी सभा लगती थी जहाँ लाखों की संख्यां में वर वधु के परिजन पहुंचते थे। चार दशक पूर्व तक एक लाख से अधिक की संख्यां में लोग पहुँचते थे ,एक लाख से अधिक लोगोम के पहुँचने पर सभा गाछी स्थित बरगद का पेड़ मुर्झा जाता था। अब हजारों में ही लोग पहुंच पाते हैं। इस सभा में दूर-दूर से परिवार आते थे। वर पक्ष और कन्या पक्ष आपस में मिलते, परिवार और वंशावली (पंजी) की जाँच करते और यह सुनिश्चित करते कि विवाह सभी सामाजिक नियमों के अनुसार तय हो। पंजीकार विवाह योग्य परिवारों के सात पीढ़ी का रिकॉर्ड देखकर शादी की अनुमति देते थे। दोनों पक्षों के सात पीढ़ी का मिलान किया जाता है फिर शादी का पंजीकरण किया जाता है। उसके बाद ही विवाह तय होता है। इस परंपरा की शुरुआत लगभग 700 वर्ष पहले महाराजा हरिसिंह देव के शासनकाल में मानी जाती है। उन्होंने विवाह व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए इस परंपरा को बढ़ावा दिया। दस दिवसीय सौराठ सभा मे 500 से अधिक शादियों का पंजीकरण किया गया। सौराठ सभा गाछी मिथिला की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। पहले मिथिलांचल के कई इलाके में यह सभा लगती थी लेकिन अब सिर्फ सौराठ तक सिमट कर रह गया है। यहाँ देश-विदेश से लोग इसकी ऐतिहासिक विरासत को देखने आते हैं। आज जरूरत है इस ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने की। बाईट पंडित मोहन झा सौराठ सभा।
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मांझी में खेत में अकेली युवती से गैंगरेप, चारों आरोपी हिरासत में

Chapra, Bihar:मांझी थाना क्षेत्र के डुमरी पँचायत क्षेत्र स्थित अपने खेत में अकेले काम करने पहुँची युवती को अकेला पाकर चार युवकों द्वारा गैंगरेप किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। मांझी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के चार घण्टे के भीतर चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। घटना की गम्भीरता को देखते हुए मांझी पहुँचे एसएसपी बिनीत कुमार एवम सदर एसडीपीओ ने पीड़िता के अलावा हिरासत में लिए गए चारों आरोपियों से गहन पूछताछ की। एसएसपी ने घटना की पुष्टि करते हुए यह जानकारी दी की घटना सत्य है तथा चारों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्ता स्वीकार भी कर ली है। मौके पर पहुँचि गई एफएसएल की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर घटना के साक्ष्य व कपड़ों आदि की जांच की तथा नमूने अपने साथ लेते गए।
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बेगूसराय के फुलवरिया में पूर्व जिला परिषद सदस्य पर गोली, तनाव चरम पर

Begusarai, Bihar:बेगूसराय के फुलवरिया थाना क्षेत्र स्थित फुलवरिया फलमंडी बाजार की घटना जिसमें पूर्व जिला परिषद सदस्य मोहम्मद सिकंदर अली को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल किया गया। घायल की हालत चिंताजनक बताई जा रही है और उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार घटना के पीछे आपसी विवाद की आशंका जताई जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और गोलीबारी के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फुलवरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर मामले की छानबीन शुरू कर दी। पक्षियों में नाराजगी भी दिखी कि पुलिस व्यवस्था के बारे में लोग शिकायत कर रहे हैं; मामले की तफ्तीश जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई जल्द होगी.
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खाने की जिद पर मामा-चाचा के घर हत्या: किशन गिरफ्तार

Alirajpur, Madhya Pradesh:खाना न खाना पड़ा महंगा, मामा ससुर ने की भांजी के पति की हत्या! दूसरे मामा के घर भोजन करने से नाराज था आरोपी किशन। आंगन में सो रहे भांजे दामाद पर धारदार हथियार से किया हमला, मौके पर ही मौत। मान-मनौव्वल के झगड़े में अपनों ने ही उजाड़ा भांजी का सुहाग। रिश्तों के कत्ल की यह खौफनाक कहानी शुरू होती है एक सफर से। आम्बुआ थाने के मृतक गुड्डू अपनी पत्नी को लेकर अपने दो मामा ससुर—किशन और रघु के घर के लिए निकला था। गुड्डू सबसे पहले पहले मामा यानी किशन के घर पर रुका। वहां उसने कोल्ड ड्रिंक पी। किशन चाहता था कि उसका भांजा दामाद गुड्डू वहीं रुककर रात का खाना खाए। लेकिन गुड्डू ने यह कहते हुए मना कर दिया कि दूसरे मामा रघु के घर पर खाना बन चुका है और उसे वहां जाना है। किशन के बार-बार टोकने के बाद भी गुड्डू नहीं माना और वो दूसरे मामा रघु के घर चला गया। वहां उसने भोजन किया और रात को आराम करने के लिए आंगन में सो गया। लेकिन किशन के दिल में यह बात घर कर गई कि दामाद ने उसके यहां खाना क्यों नहीं खाया. रात के सन्नाटे में, गुस्से से तमतमाया किशन, रघु के घर के आंगन में पहुंच गया। उसने सोते हुए गुड्डू को जगाया और चिल्लाते हुए कहा—'जमाई, तू मेरे यहाँ क्यों नहीं रुका?' इसके पहले कि गुड्डू कुछ समझ पाता या संभल पाता, किशन ने एक धारदार हथियार निकाला और गुड्डू पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना भयानक था कि गुड्डू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। महज खाने की एक जिद ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया और भांजी के सुहाग को हमेशा के लिए खत्म कर दिया。 पुलिस ने आरोपी किशन को गिरफ्तार कर लिया है
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