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ED की बड़ी कार्रवाई: डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी में 1.76 करोड़ अटैच
PSPramod Sharma
Feb 17, 2026 15:47:38
New Delhi, Delhi
*डिजिटल अरेस्ट ठगी केस में ED की बड़ी कार्रवाई..1.76 करोड़ रुपये किए अटैच*
*Directorate of Enforcement (ED) के जालंधर जोनल ऑफिस ने चर्चित “डिजिटल अरेस्ट” ठगी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 फरवरी 2026 को 1.76 करोड़ रुपये की बैंक राशि को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है।*
*यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की गई है।*
*यह मामला उद्योगपति एस. पी. ओसवाल से जुड़ी डिजिटल अरेस्ट ठगी से संबंधित है। जांच की शुरुआत लुधियाना के साइबर क्राइम थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी।*
*कैसे हुई ठगी*
जांच में सामने आया है कि ठगों ने खुद को Central Bureau of Investigation (CBI) का अधिकारी बताकर एस. पी. ओसवाल को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और उनसे करीब 7 करोड़ रुपये वसूल लिए। आरोप है कि इस ठगी की रकम को अलग-अलग फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के जरिए घुमाकर छिपाया गया।
*कई कंपनियों के खातों से घुमाया गया पैसा*
ED की जांच में पता चला है कि ठगी से जुड़ी रकम M/s Frozenman Warehousing and Logistics और M/s Rigglo Ventures Pvt Ltd समेत कई कंपनियों के खातों में पहुंचाई गई। 28 अगस्त 2024 को आठ अन्य साइबर अपराधों से जुड़ी रकम भी इन खातों में ट्रांसफर की गई थी।
आरोप है कि रूमी कलिता ने अतनु चौधरी के साथ मिलकर Frozenman Warehousing and Logistics के बैंक खाते का इस्तेमाल अवैध रकम को सफेद करने के लिए किया। इसके बाद रकम को कई अन्य म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दिया गया ताकि उसकी असली पहचान छिपाई जा सके。
*विदेश तक भेजी गई रकम*
जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी की रकम का एक हिस्सा शेल कंपनियों के जरिए लेयरिंग कर विदेश भेजा गया। इसके लिए ट्रेड-बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका अपनाया गया। बाकी रकम का इस्तेमाल वर्चुअल डिजिटल एसेट (क्रिप्टोकरेंसी आदि) खरीदने में किया गया।
*1.76 करोड़ किस खाते में मिले*
ED ने जो 1.76 करोड़ रुपये अटैच किए हैं, वह रकम M/s Mrityunjya Multitrade नाम की एक म्यूल कंपनी के बैंक खाते में पाई गई। जांच एजेंसी का कहना है कि यह खाता साइबर ठगी की रकम लेने और आगे 트ांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
*गरीब लोगों के नाम पर खुले खाते*
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कई म्यूल खाते आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नौकरी या लोन दिलाने का झांसा देकर खुलवाए गए थे। बाद में इन्हीं खातों के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध लेन-देन की गई।
*पहले भी हुई छापेमारी और गिरफ्तारी*
इस मामले में ED पहले भी 31 जनवरी 2025, 22 दिसंबर 2025 और 31 दिसंबर 2025 को छापेमारी कर चुकी है। रूमी कलिता को 23 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि अर्पित राठौर को 31 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
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