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VRVIJAY RANA13 Nov 2025, 03:02 am

हरियाणा ने 23 सुधार पूरे करने का लक्ष्य; निवेशकों के लिए माहौल सुधरा

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़, 12 नवंबर-हरियाणा ने निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। राज्य सरकार ने अपने विनियमन-मुक्ति (डीरेग्युलेशन) अभियान के तहत 9 प्रमुख सुधार लागू कर दिए हैं, जबकि 13 अन्य सुधारों को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष के अंत तक सभी 23 सुधारों को पूर्ण करना है, जिससे प्रदेश में उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव श्री के.के. पाठक और हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की संयुक्त अध्यक्षता में आज यहां हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इन सुधारों पर प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजना, श्रम, उद्योग एवं वाणिज्य तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तुतियां दीं। श्री के.के. पाठक ने अनुपालन बोझ कम करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और शासन में डिजिटल पारदर्शिता को बढ़ावा देने संबंधी सुधारों को लागू करने के लिए हरियाणा के प्रयासों की सराहना की। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज़) विकास की अनुमति देते हुए ज़ोनिंग को अधिक लचीला बनाया है। इससे एक ही जोन में आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। साथ ही, इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक (आईआईएलबी) से एकीकृत जीआईएस आधारित औद्योगिक भूमि डेटाबैंक भी शुरू किया गया है, जिससे निवेशकों को औद्योगिक प्लॉटों की पहचान और आवंटन में आसानी होगी। भूमि उपयोग परिर्वतन (सीएलयू) प्रक्रिया को सरल बनाते हुए आवश्यक दस्तावेजों की संख्या 19 से घटाकर केवल तीन कर दी गई है। अब इसके लिए स्वामित्व प्रमाण, परियोजना रिपोर्ट और क्षतिपूर्ति बांड की ही आवश्यकता होगी। औसत स्वीकृति समय अब घटकर 36 दिन रह गया है। ग्रामीण उद्योगों के लिए न्यूनतम सड़क चौड़ाई को घटाकर 20 फुट करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। हरियाणा भवन संहिता (बिल्डिंग कोड) में संशोधन हेतु सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया जारी है, जिसके अंतर्गत डेटा सेंटरों और आईटी पार्कों के लिए एफएआर (फ्लोर एरिया रेश्यो) बढ़ाने, सेटबैक कम करने एवं औद्योगिक परिसरों में औद्योगिक आवास बनाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। श्रम विभाग ने कई प्रगतिशील सुधार लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों को सशक्त बनाना और उद्योगों को परिचालन सम्बन्धी अधिक स्वतंत्रता प्रदान करना है। अब महिलाओं को फैक्टरियांे और दुकानों समेत सभी क्षेत्रों में रात्रि पाली (शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक) में कार्य करने की अनुमति दी गई है। फैक्टरी बंद करने और छंटनी से संबंधित प्रक्रियाओं को भी सरल एवं तर्कसंगत बनाया गया है। इन सुधारों का मकसद उद्योगों के संचालन में सुगमता लाने के साथ-साथ श्रमिक कल्याण भी सुनिश्चित करना है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंसेंट टू एस्टैब्लिश (सीटीई) और कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) की स्वीकृति अवधि को 30 दिनों से घटाकर 21 दिन कर दिया है। ग्रीन कैटेगरी उद्योगों के लिए सीटीओ की स्वचालित नवीनीकरण प्रणाली अब 15 वर्ष तक के लिए लागू की गई है। इसके अलावा, 734 गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को व्हाइट कैटेगरी में पुनः वर्गीकृत करते हुए नियमित निरीक्षणों से छूट दी गई है। अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अब सेल्फ सर्टिफिकेशन और थर्ड पार्टी verification प्रणाली लागू की गई है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि हुई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने सभी प्रमुख सेवाओं को नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से एकीकृत कर दिया है। इससे निवेशकों को सभी अनुमतियां, लाइसेंस और प्रोत्साहन एक ही मंच पर प्राप्त हो सकेंगे। इसके साथ ही, हरियाणा ने जन विश्वास अधिनियम के अनुरूप अपना स्वयं का ढांचा लागू किया है। इसके अंतर्गत छोटे व्यावसायिक अपराधों को अपराध की श्रेणी से निकालकर सिविल दंड व्यवस्था में शामिल किया गया है। अनुमतियों और शिकायत निवारण के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित चैटबॉट भी शुरू किए गए हैं, जिसकेसए अनुमोदन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व तेज हुई है। औद्योगिक एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की हाल ही की मूल्यांकन रिपोर्ट में अनुपालन और गति के मामले में हरियाणा को उच्च स्थान प्राप्त हुआ है। बैठक में गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनीत गर्ग, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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उदयपुर की बंद खदानें बन गई मौत के गड्ढे, खनन विभाग पर सवाल

Jaipur, Rajasthan:हैडर- - बंद खदानें या मौत के कुंए! - उदयपुर में हादसे ने खड़े किए गंभीर सवाल - पैराडाइस खदान में हादसा या लापरवाही - आखिर खान विभाग ने क्यों बंद नहीं कराई खदान - माइन क्लोजर एवं रिक्लेमेशन पॉलिसी पर सवाल - उदयपुर ही नहीं, कई जिलों में हैं मौत की खदानें एंकर राज्य में कई ऐसी खदानें हैं, जो मिनरल निकाले जाने के बाद ऐसे ही खुली छोड़ दी गई हैं। कई जगहों पर इनमें बारिश का पानी भर गया है। हद तो यह है कि कई जगह इन्हें टूरिस्ट स्पॉट की तरह प्रचारित किया जाता है। ऐसे ही एक मामले में उदयपुर में एक खदान में भरे पानी में डूबने से एक छात्रा की मौत हो गई। इस हादसे ने खान विभाग की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 राज्य में बंद और लावारिस पड़ी खदानें अब जानलेवा गड्ढों में बदलती जा रही हैं। उदयपुर के गोवर्धन विलास क्षेत्र की बंद पैराडाइज खदान में एक हादसे ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां बीएन कॉलेज की 19 वर्षीय एनसीसी कैडेट वैभवी राजोरा की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद खान विभाग की माइन क्लोजर एवं रिक्लेमेशन पॉलिसी पर सवाल उठ रहे हैं। विभागीय नियमों के अनुसार बंद खदानों की सुरक्षा, जमीन का पुनर्भर्भरण और पर्यावरणीय सुधार की जिम्मेदारी तय है, लेकिन मौके पर इन प्रावधानों की पालना नहीं हो रही है। दरअसल माइनर मिनरल कन्सेशन रूल्स-2017 और राजस्थान मिनरल पॉलिसी के तहत खदान संचालकों के लिए खदान का पुनर्भरण यानी रिक्लेमेशन करना अनिवार्य है। खदान बंद करने से पहले फाइनल माइन क्लोजर प्लान स्वीकृत कराया जाना जरूरी है। इसका उद्देश्य खनन के बाद जमीन को सुरक्षित बनाना और उसे दोबारा उपयोग योग्य स्थिति में लाना है। लेकिन राज्य में कई जिलों में खदानों को खुली स्थिति में ही छोड़ा जा रहा है। मिनरल निकाले जाने के बाद न तो माइन क्लोजर प्लान पेश किए जा रहे हैं, न ही धरातल पर खदानें बंद की जा रही हैं। Gfx In बंद खदानों को लेकर क्या हैं नियम ? - क्लोजर प्लान के तहत खुले गड्ढों को सुरक्षित वाटर बॉडी में बदलने का प्रावधान - 30 डिग्री से कम की सुरक्षित ढलान देकर ही यह बदलाव किया जा सकता - खतरनाक रास्तों को बंद करने या फेंस करने का भी नियम - ताकि लोग अनजाने में खदान क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें - सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार रिक्लेम की गई जमीन पर घास और पेड़ लगाएं - ताकि जमीन पशुओं और पर्यावरण के अनुकूल बन सके - रिक्लेमेशन का काम पूरा होने के बाद जमीन ग्राम पंचायत को सौंपने का प्रावधान - माइन क्लोजर व्यवस्था में फाइनेंशियल एश्योरेंस का भी है प्रावधान - जिसमें खदान संचालक से सुरक्षा राशि जमा कराई जाती है, - ताकि संचालक यदि निर्धारित सुरक्षा और सुधार कार्य नहीं करता है... - तो सरकार उस राशि से जरूरी सुधार कार्य करा सके Gfx Out वीओ- 2 खान विभाग से जुड़े सूत्राें के अनुसार राजस्थान में 1 हजार से ज्यादा खदानें बंद स्थिति में पड़ी हुई हैं। इनमें से कुछ में मिनरल अभी भी बचे हुए हैं, ऐसे में इन खदानों को फिर से शुरू करने की भी संभावना है। लेकिन जो खदानें पूरी तरह बंद हैं और जिनमें खनिज की मात्रा भी नहीं है, उनके क्लोजर प्लान पेश नहीं करने की वजह से हादसों की आशंका बनी रहती है। वहीं खान विभाग ऐसी कुछ खदानों को फिर से शुरू करने के प्रयास में हैं, जिनमें खनिज बाकी हैं। इसके लिए खान निदेशालय और राज्य सरकार के स्तर से प्रयास जारी हैं। लेकिन जिन खदानों के शुरू होने की संभावना नहीं है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक बंद किया जाना चाहिए। जिससे कि भविष्य में इन खदानों में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति नहीं हो। - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर
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LNIPE ग्वालियर में छात्रों का उग्र आंदोलन, भवन तालाबंदी और आमरण अनशन की चेतावनी

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर के लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन यानी LNIPE में छात्रों का आंदोलन अब उग्र होता नजर आ रहा है। पिछले 14 दिनों से धरना दे रहे छात्रों ने आज आमरण अनशन की चेतावनी दी। जब प्रबंधन की ओर से उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, सैकड़ों छात्र संस्थान के प्रशासनिक भवन पहुंच गए और तालाबंदी कर दी। इस दौरान कुलपति समेत शिक्षक और कर्मचारी कई घंटे तक भवन के अंदर फंसे रहे। पुलिस के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद छात्रों ने कल तक के लिए प्रदर्शन रोकने पर सहमति जताई। LNIPE ग्वालियर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। यह सभी गुवाहाटी कैम्पस में पढ़ने वाली बीपीएड की छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत को लेकर इंसाफ की मांग कर रहे हैं, उनका आरोप है कि प्रबंधन की लापरवाही से उसकी मौत हुई, वहीं दूसरी ओर 14 दिनों से धरने पर बैठने के बावजूद प्रबंधन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इसी नाराजगी के चलते छात्रों ने आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी और बड़ी संख्या में प्रशासनिक भवन पहुंचकर तालाबंदी कर दी। तालाबंदी के बाद कुलपति डॉ. कल्पना शर्मा सहित शिक्षक और कर्मचारी कई घंटे तक भवन के अंदर ही रहे। कुलपति ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और छात्रों से बातचीत की। पुलिस की समझाइश के बाद छात्र कल तक आंदोलन रोकने के लिए तैयार हुए। इसके बाद प्रशासनिक भवन में मौजूद कुलपति, शिक्षकों और कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। छात्रों की प्रमुख मांगों में मृतक छात्रा के परिवार को मुआवजा और संस्थान के रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग शामिल है। छात्रों का कहना है कि आंदोलन के कारण उनकी पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और भविष्य प्रभावित हो रहा है। वहीं, प्रबंधन का कहना है कि मामले को लेकर एक टीम ग्वालियर आ रही है, जो पूरे विषय को समझेगी। अब देखना होगा कि ग्वालियर पहुंचने वाली टीम छात्रों की नाराजगी दूर कर पाती है या नहीं।
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झारखंड से शराब की बड़ी खेप बिहार लाती गाड़ी पर छापा, 432 लीटर बरामद

Nawada, Uttar Pradesh:जिले में पूर्ण शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए उत्पाद विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में समेकित जांच चौकी रजौली पर उत्पाद विभाग की टीम को बड़ी सफलता मिली है। उत्पाद अधीक्षक गणेश चंद्रा के निर्देश पर उत्पाद निरीक्षक अमृत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में चलाए जा रहे सघन वाहन जांच अभियान के दौरान झारखंड की ओर से आ रही एक संदिग्ध लग्जरी गाड़ी को जब्त किया गया है。 लग्जरी गाड़ी में बना था तहखाना उत्पाद पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड से एक सफेद रंग की महिंद्रा XUV-500 से शराब की बड़ी खेप बिहार लाई जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने गाड़ी को रजौली चेकपोस्ट पर रोककर उसकी बारीकी से तलाशी ली। तलाशी के दौरान गाड़ी के अंदर छिपाकर रखी गई कुल 432.360 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद की गई। मौके से पुलिस ने शराब तस्करी में लिप्त वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार तस्कर की पहचान झारखंड के हजारीबाग जिला के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के रमुआ धोबी मोहल्ला निवासी मिथुन कुमार कसेरा के रूप में हुई है। उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि अंतरप्रांतीय सीमा रजौली चेकपोस्ट पर प्रतिदिन छोटे-बड़े सभी वाहनों की सघन जांच की जा रही है ताकि शराब तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद गिरफ्तार तस्कर को संबंधित न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उत्पाद विभाग द्वारा अग्रतर कार्रवाई की जा रही है。
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असीम मंडल की गिरफ्तारी नक्सल थिंक टैंक झारखंड में ध्वस्त: रिमांड पर पूछताछ शुरू

Ranchi, Jharkhand:1 करोड़ के ईनामी नक्सली असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद अब नक्सलियों का थिंक टैंक पूरी तरह झारखंड में भी ध्वस्त हो गया है। बंगाल पुलिस के गिरफ्त में आए असीम मंडल को झारखंड पुलिस रिमांड पर लेगी और उसके द्वारा छिपाए गए हथियारों की खोजबीन करेगी। झारखंड में कई नक्सल वारदातों का रणनीतिकार और अंतिम थिंक टैंक कानून की गिरफ्त में है। असीम के द्वारा कई बड़ी नक्सल वारदातों को अंजाम दिया गया है। जिसमें न सिर्फ टोंटो में नकली वारदात शामिल है बल्कि सुरक्षा बलों पर हमला करना और कई जवानों की हत्या का भी आरोप है। वही असीम की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में असीम कई राज से पर्दा उठा सकता है। इसे लेकर ही झारखंड पुलिस उसे रिमांड पर लेगी। बता दें कि असीम भले बंगला का रहनेवाला है लेकिन नक्सल वारदात को उसने झारखंड में अंजाम दिया जिस कारण वो झारखंड पुलिस की हिट लिस्ट में है। झारखंड पुलिस के आईजी ऑपरेशन ने बताया कि असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद अब पिता कोल्हान नक्सल मुक्त हो चुका है जल्द ही उसे रिमांड पर झारखंड पुलिस पूछताछ करेगी और वैसे हथियारों को खोजने का काम करेगी जो उसने छिपा कर रखा है। वही असीम की गिरफ्तारी के बाद अब मात्र तीन ईनामी नक्सली ही बच गए है, इन तीन नक्सनलियों पर कुल 35 लाख का इनाम है। इन नक्सलियों में मनोहर गंझू, नितेश यादव और राज्य भुईँया शामिल है। और इन्हों तीनों की गिरफ्तारी को लेकर झारखंड पुलिस अपने ऑपरेशन चल रही है।
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बांसवाड़ा में धर्मांतरण के लिए दबाव और मारपीट: FIR दर्ज

Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा 16 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट कलिंजरा थाना क्षेत्र के माकड़ीचोर गांव निवासी ने दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ईसाई धर्म अपनाने के लिए ₹1 लाख और हर महीने ₹25 हजार देने का प्रलोभन दिया गया। साथ ही RPSC के जरिए RAS में चयन कराने, गाड़ी और अन्य सुविधाएं देने का लालच देने का भी आरोप है। शिकायतकर्ता ने बपतिस्मा संस्कार कराने के प्रयास और धर्मांतरण से इनकार करने पर लात-घूंसों व लट्ठ से मारपीट करने की बात कही है। जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान के आरोप भी लगाए गए हैं। FIR में 22 सितंबर को शिवपुरा में कार्यक्रम आयोजित होने और वहां 100 से 150 लोगों के मौजूद होने का उल्लेख है। बलवंत के मकान परिसर में चर्च संचालित होने तथा बड़े गिरोह द्वारा करीब 10 हजार लोगों के धर्मांतरण के दावे भी किए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है。
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बीच बाजार में युवक पर हमला: CCTV में कैद मारपीट

Basti, Uttar Pradesh:वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के गणेशपुर के पास बीच बाजार एक युवक पर कई लोगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि रोड किनारे खड़े अजय यादव को अचानक कुछ युवकों ने घेर लिया और लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मारपीट के दौरान अजय यादव जमीन पर गिर पड़ा। हमले में उसके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आने की बात सामने आई है। गंभीर हालत में घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूरी घटना पास की दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। वायरल हो रहे CCTV फुटेज में कई युवक अजय को घेरकर मारपीट करते नजर आ रहे हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि, हमले की वजह और आरोपियों की पहचान को लेकर पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है।
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