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RSRajesh SharmaFollow25 Jun 2024, 06:02 am
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यyamुhttps://example.com/yaman

Yamuna Nagar, Haryana:किसानों ने यमुनानगर में ट्रेड डील के विरोध में गुस्सा सड़कों पर दिखाया। हजारों किसान मिल्कमाजरा टोल प्लाजा पर एकत्र हुए और वहां से जिला सचिवालय तक मोटरसाइकिल रैली निकाली। किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर ट्रेड डील को तुरंत रद्द करने की मांग की। साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो 21 तारीख को दिल्ली कूच किया जाएगा। वीओ-1: ट्रेड डील के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले जिले भर से किसान मिल्कमाजरा टोल प्लाजा पर पहुंचे। हाथों में झंडे और बैनर लेकर हजारों किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद किसानों ने मोटरसाइकिल रैली निकाली, जो मिल्कमाजरा टोल प्लाजा से शुरू होकर जिला सचिवालय पहुंची। रैली के दौरान किसानों ने कहा कि सरकार की यह ट्रेड डील किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे देश के कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान होगा। वीओ-2: जिला सचिवालय पहुंचने के बाद किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांग की कि इस ट्रेड डील को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। उनका कहना था कि यदि यह डील लागू होती है तो किसानों की फसलों के उचित दाम मिलने में दिक्कत होगी और विदेशी कंपनियों का दबदबा बढ़ जाएगा, जिससे देश के छोटे और मध्यम किसान सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। बाइट: किसान नेता वीओ-3: किसान नेताओं ने सरकार को साफ चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि 21 तारीख को बड़ी संख्या में किसान दिल्ली कूच करेंगे और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेंगे। किसानों ने कहा कि वे अपने अधिकारों और खेती को बचाने के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार हैं। बाइट : संजय गुंदीयाना, BKU जिला प्रधान बाइट : मनदीप, डायरेक्टर किसान यूनियन फिलहाल किसानों ने सरकार से ट्रेड डील को वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अगर उनकी आवाज़ नहीं सुनी गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। अब देखना होगा कि सरकार किसानों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।
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धौलगढ़ में 16 वर्षीय प्रतीक हत्या: तीन आरोपी हिरासत में, गांव में मातम

Karnal, Haryana:करनाल के धौलगढ़ में 16 वर्षीय क्रिकेट खिलाड़ी प्रतीक हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 से 12 घंटे के भीतर तीन आरोपी हिरासत में, गांव में मातम और गुस्सा बरकारार, परिजन बोले- दोषियों को मिले कड़ी से कड़ी सजा। करनाल के धौलगढ़ गांव में 16 वर्षीय छात्र और उभरते क्रिकेट खिलाड़ी प्रतीक की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। परिजनों की शिकायत, सीसीटीवी फुटेज और शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया है। तीनों आरोपी करनाल के जुंडला कस्बे के रहने वाले बताए जा रहे हैं। फिलहाल उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। वहीं प्रतीक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंदिर से लौटते समय घात लगाकर किया हमला पुलिस जांच के अनुसार, प्रतीक उचाना गांव स्थित हनुमान मंदिर से प्रसाद लेकर अपनी बाइक पर घर लौट रहा था। इसी दौरान धौलगढ़ गांव के बाहरी क्षेत्र में खेतों के पास पहले से घात लगाए बैठे नकाबपोश युवकों ने उसे रोक लिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से उस पर ताबड़तोड़ हमला किया। गंभीर रूप से घायल प्रतीक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस निर्मम वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पुरानी रंजिश की ओर इशारा प्रारम्भिक जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस इस आशंका की भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे स्कूल में किसी लड़की को लेकर हुआ पुराना विवाद कारण हो सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। गांव में पसरा मातम, हर आंख नम प्रतीक की हत्या के बाद धौलगढ़ गांव में गहरा शोक और आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे गांव में ऐसा माहौल है कि किसी घर में चूल्हा तक नहीं जला। प्रतीक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार में उसकी दो बहनें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी कम उम्र में एक होनहार बच्चे की इस तरह हत्या ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। सभी ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। होनहार खिलाड़ी था प्रतीक मृतक के ताऊ नफे सिंह ने बताया कि पुलिस ने महज 10 से 12 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर सराहनीय कार्रवाई की है। अब पूछताछ में यह साफ होगा कि आखिर किस वजह से प्रतीक की हत्या की गई। उन्होंने बताया कि प्रतीक पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी बेहद प्रतिभाशाली था। इसी वर्ष मई महीने में वह स्टेट लेवल क्रिकेट प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेकर आया था और परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। पुलिस बोली- पोस्टमार्टम और पूछताछ के बाद होगा खुलासा सदर थाना प्रभारी तरसेम चंद ने बताया कि हत्या के मामले में तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल परिवार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट है और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है。 बाइट: मृतक के ताऊ नफे सिंह बाइट: ग्रामीण बाइट: सदर थाना प्रभारी तरसेम चंद
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चित्तौड़गढ़ में पेट्रोल-डीजल अवैध कारोबार का पर्दाफाश, 730 लीटर पेट्रोल समेत उपकरण जब्त

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोड़ा में जिला विशेष टीम और थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चोरी के पेट्रोल-डीजल के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक बाड़े से 730 लीटर पेट्रोल और 100 लीटर डीजल सहित ईंधन भरने के उपकरण जब्त किए हैं। कार्रवाई के दौरान आरोपी प्रेम शंकर माली को गिरफ्तार किया गया। प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि आरोपी हाईवे पर खड़े टैंकरों और ट्रकों से चोरी का पेट्रोल-डीजल कम कीमत में खरीदकर स्थानीय ग्राहकों को अधिक दाम में बेचता था। डीएसटी ने बोगस ग्राहक बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है。
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मौलासर में चोरी के विरोध में किसानों का धरना, डेरों हटाने की मांग

एंकर - डीडवाना जिले की मौलासर तहसील के भदलिया गांव के खेतों में लगातार चोरी की वारदातों से परेशान किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौलासर तहसील कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में डेरा डालकर रह रहे कुछ वन बागरिया परिवारों के लोग खेतों में चोरी कर रहे हैं, जिससे फसल और कृषि उपकरण सुरक्षित नहीं हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बीती रात चोरी की एक वारदात के दौरान लोगों ने चोरों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन चार आरोपी अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। ग्रामीणों ने मौलासर थानाधिकारी और तहसीलदार सुभाष मीणा को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी, चोरी पर रोक लगाने और सरकारी भूमि से डेरों को हटवाने की मांग की। तहसीलदार सुभाष मीणा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि सरकारी भूमि पर लगे डेरों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई कर उन्हें जल्द हटवाया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि चोरी की घटनाओं पर जल्द अंकुश नहीं लगा, तो आगे भी आंदोलन किया जाएगा।
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एमसीडी ने श्याम नगर झुग्गियों में अतिक्रमण हटाने के लिए फिर बुलडोजर चलाया

Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली में एक बार फिर चला एमसीडी का पीला पंजा, सुभाष नगर के श्याम नगर झुग्गियों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई. श्याम नगर झुग्गियों पर चला एमसीडी का बुलडोजर. लोगों में आक्रोश जहां झुग्गी वहां मकान. जहां झुग्गी वहां मदान. लोगों को बीजेपी को लेकर आक्रोश. झुग्गी के लोग सड़कों पर रहने को मजबूर. राजधानी दिल्ली के पश्चिमी जिले के सुभाष नगर इलाके के श्याम नगर झुग्गियों में एक बार फिर एमसीडी ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए पीला पंजा चलाया। कुछ दिन पहले भी इसी स्थान पर कार्रवाई की गई थी और बुधवार को एमसीडी ने दोबारा बुलडोजर चलाकर निर्माण हटाया। कार्रवाई के दौरान एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय पुलिस अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। वहीं, प्रभावी लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों के विपरीत उन्हें राहत नहीं मिली। वे यह भी कह रहे हैं कि बीजेपी सरकार ने कहा था जहां झुकती वहां मकान देंगे लेकिन यहाँ सुभाष नगर इलाके में जहां झुग्गी वहां मैदान बना दिया गया और उनका आरोप है कि इस कार्रवाई से कई परिवार बेघर हो चुके हैं और उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। लोगों ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच उनके पास रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है और सरकार को उनके पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए।
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यमुना पुस्ता स्टोन पिचिंग पर गंभीर आरोप, निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

New Delhi, Delhi:दिल्ली राजधानी में मानसून की पहली बारिश ने यमुना पुस्ता बांध को मजबूत करने के दावों की पोल खोल दी है. वजीराबाद से पल्ला गांव तक फ्लड विभाग द्वारा कराई जा रही स्टोन पिचिंग कई जगह पहली ही बारिश में उखड़ती और खिसकती नजर आई है. झंगोला गांव के पास 7 नंबर ठोकर की तस्वीरें निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं. दिल्ली सरकार की ओर से यमुना पुस्ता बांध को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से स्टोन पिचिंग कराई जा रही है, ताकि मानसून के दौरान यमुना के बढ़ते जलस्तर से रिहायशी इलाकों को सुरक्षित रखा जा सके. झंगोला गांव के पास 7 नंबर ठोकर पर हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. पहली ही बारिश में स्टोन पिचिंग का बड़ा हिस्सा खिसक गया और कई स्थानों पर निर्माण कार्य कमजोर दिखाई देने लगा. ग्रामीणों का आरोप है कि फ्लड विभाग ने निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती है. उनका कहना है कि स्टोन पिचिंग से पहले पुस्ता बांध की मजबूत बेस लेयर तैयार नहीं की गई, मिट्टी को तकनीकी मानकों के अनुसार सुदृढ़ नहीं किया गया और सुरक्षा के लिए कोई रिटेनिंग वॉल या बाउंड्री भी नहीं बनाई गई. केवल पत्थरों की एक परत बिछाकर निर्माण पूरा दिखाने की कोशिश की गई, जिसका नतीजा पहली ही बारिश में सामने आ गया. ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. उनका कहना है कि यदि पहली बारिश ही इस निर्माण को नहीं झेल पाई, तो यमुना में बाढ़ आने पर यह पुस्ता आसपास की आबादी को कैसे सुरक्षित रख पाएगा. लोगों ने निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल मानसून की शुरुआत ही हुई है और आने वाले दिनों में यमुना का जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी रहेगी. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कमजोर होती स्टोन पიჩिंग बाढ़ के खतरे को रोक पाएगी, या फिर लापरवाही और भ्रष्टाचार का खामियाजा हजारों लोगों को भुगतना पड़ेगा? अब सबकी निगाहें फ्लड विभाग और दिल्ली सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.
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Ajmer में निजी स्कूलों के भुगतान मुद्दे पर CM के नाम ज्ञापन—हाई वोल्टेज प्रदर्शन

Ajmer, Rajasthan:निजी स्कूलों में राइट टू एजुकेशन के तहत दाखिले और उसके बाद विद्यार्थी की फीस को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ लामबद्ध हुए निजी स्कूल संचालकों ने मोर्चा खोल दिया है. अजमेर में भी जिला मुख्यालय सहित आसपास के इलाकों में निजी स्कूलों के संचालकों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ध्यानाकर्षण किया. अजमेर में जिला कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए निजी स्कूल संचालकों ने जोरदार नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज करवाया. निजी स्कूल संचालकों ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा के अनुरूप शिक्षा का अधिकार के तहत प्रदेश और वर्ष भर अध्यन के बाद भी सरकार उनका भुगतान नहीं कर रही. कमोबेश यही नजारा अराई, सांवर सहित अनेक तहसील और उपखंड पर भी देखा गया जहां निजी स्कूल संचालकों ने सीएम के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा.
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