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जैसलमेर के होटलों में फायर सेफ्टी चेकिंग: सुरक्षा न होने पर सीलिंग की चेतावनी

Jaisalmer, Rajasthan:दिल्ली अग्निकांड के बाद जैसलमेर में फायर सेफ्टी पर बड़ा एक्शन, दर्जनों होटलों को नोटिस जैसलमेर देश की राजधानी दिल्ली के एक होटल में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने समूचे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में करीब 20 से 25 लोगों की असमय मौत के बाद अब पर्यटन नगरी जैसलमेर में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद द्वारा शहर के होटलों और वाणिजयCG mast प्रतिष्ठानों में एक विशेष फायर सेफ्टी चेकिंग अभियान शुरू किया गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी कृष्ण पाल सिंह राठौड़ ने बताया कि नगर परिषद की टीम शहर के विभिन्न होटलों में जाकर उनके फायर सेफ्टी सिस्टम की गहनता से जांच कर रही है। अब तक की कार्रवाई में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। टीम ने लगभग 2 से 3 दर्जन होटलों का निरीक्षण कर उन्हें नोटिस जारी किया है। इनमें से महज 5 से 7 होटल ही ऐसे पाए गए हैं, जिनके पास वैध फायर NOC है और वहाँ आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम मौजूद हैं। बाकी के अन्य होटलों में सुरक्षा नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।अग्निशमन अधिकारी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जिन होटलों में फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर एग्जिट और अलार्म सिस्टम नहीं हैं, उन्हें नोटिस देकर तुरंत व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि विभाग की ओर से प्रथम, द्वितीय और तृतीय नोटिस दिए जाने का प्रावधान है। यदि तीन बार नोटिस मिलने के बाद भी होटल संचालकों द्वारा लापरवाही बरती गई और सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त नहीं किए गए, तो राज्य सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार होटलों को तुरंत सील करने की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाईट- कृष्णपाल सिंह राठौड़, अग्निशमन अधिकारी, नगर परिषद जैसलमेर
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत बचाव के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया।

Netua Grameen, Uttar Pradesh:उन्नाव : मानसून एवं संभावित बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए गुरुवार को गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र स्थित आनंद घाट पर प्रशासन द्वारा व्यापक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में में बाढ़ में फंसे लोगों को किस तरह से मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी बाढ़ दल समेत विभिन्न विभागों की टीमों ने आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों का जीवंत प्रदर्शन किया। मॉकड्रिल के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने और बाढ़ आने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल सक्रिय हो गए और मोटरबोट व आधुनिक उपकरणों की सहायता से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। वहीं नाव पलटने की काल्पनिक घटना में नदी में डूब रहे लोगों को तत्काल रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया तथा प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। बचाव कार्य के बाद प्रभावित लोगों को राहत शिविर तक पहुंचाने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। मिश्रा कॉलोनी में बनाए गए राहत शिविर में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग पंजीकरण काउंटर, आवासीय व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल एवं सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था दिखाई गई। घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी सफल प्रदर्शन किया गया।
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Barabanki: केंद्र सरकार के 12 साल पूरे: बाराबंकी के फतेहपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजन

NNitinFollow7m ago
Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी के फतेहपुर कस्बे में बुधवार शाम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के 12 सफल वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हवन-पूजन का आयोजन किया। महादेव तालाब परिसर में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित इस हवन-पूजन में देश की समृद्धि, विकास और जनकल्याण की कामना करते हुए आहटियां अर्पित की गईं। उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की उन्नति, सामाजिक ग्रीष्मता, किसानों की खुशहाली और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में हुए विकास कार्यों पर चर्चा की। इसमें जनकल्याणकारी योजनाएं, आधारभूत संरचना का विस्तार, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और सुशासन जैसे विषय शामिल थे। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। उनके अनुसार, देश वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता और पदाधिकारी अनिल मिश्रा, दीपचंद जैन, राकेश गुप्ता, सुमेर श्रीवास्तव, राजेश द्विवेदी, संतोष कश्यप, विजय गुप्ता और नानक शरण श्रीवास्तव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर संगठन की मजबूती और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को एकजुट किया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और उत्साह का माहौल रहा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बनाया l
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यमुना बाढ़ खतरे के बीच कालपी में NDRF-SDRF की मॉकड्रिल

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के कालपी में बारिश के मौसम में यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कालपी के पीला घाट पर व्यापक मॉकड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कर अपनी तैयारी को परखा। मॉकड्रिल के दौरान बाढ़ की स्थिति में नदी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। टीमों ने नावों, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय समेत आधुनिक बचाव उपकरणों का उपयोग करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया। साथ ही राहत सामग्री वितरण, घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की कार्यप्रणाली भी प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी राजीव राज, उपजिलाधिकारी अमित शेखर, क्षेत्राधिकारी अवधेश कुमार सिंह, नायब तहसीलदार मुकेश कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिनेश गुप्ता और चिकित्सा टीम ने आपदा की स्थिति में प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि यह मॉकड्रिल संभावित बाढ़ की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। इसके माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि सभी विभाग किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं।
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आशूष पांडे के खिलाफ बृजवासियों में फूटा संतों का गुस्सा, 'कालनेमि' बताकर एनकाउंटर और जेल की मांग

DEEPAK KUMARDEEPAK KUMARFollow9m ago
Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा । सनातन धर्म के संतों और हिंदू देवी-देवताओं पर लगातार विवादित टिप्पणी करने वाले आशूष पांडे के खिलाफ ब्रज के संतों और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मथुरा में संतों ने आशूष पांडे को 'कालनेमि' (संत के भेष में असुर) करार देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। स्थानीय संतों का कहना है कि आशूष पांडे कोई संत नहीं, बल्कि एक पेशेवर अपराधी और हिस्ट्रीशीटर गैंगस्टर है, जिसने हमेशा सनातन धर्म और साधु-संतों को अपमानित करने का काम किया है। संतों के अनुसार, आशूष पांडे का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर करीब 35 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पूर्व में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी नामजद रह चुका है। आरोप है कि उसने शामली में लगभग 100 निर्दोष लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए, जिसके कारण कई लोगों को वहां से पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा। उसने शामली में रामलीला कमेटी की जमीन पर अवैध कब्जा किया। इसके अलावा, वृंदावन में भी एक आश्रम को हड़प लिया और अब उसकी नजर जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी के आश्रम को हथियाने पर है। उसने शामली में रामलीला कमेटी की जमीन पर अवैध कब्जा किया। इसके अलावा, वृंदावन में भी एक आश्रम को हड़प लिया और अब उसकी नजर जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी के आश्रम को हथियाने पर है। संतों ने याद दिलाया कि आशूष पांडे पर मथुरा के मनीष चतुर्वेदी की गाड़ी चुराकर भागने का भी मामला दर्ज है। संतों ने रोष जताते हुए कहा कि आशूष पांडे ने हिंदुओं के सर्वोच्च धर्मगुरु शंकराचार्य भगवान पर यौन शोषण जैसे बेहद घिनौने और फर्जी आरोप लगाए थे। बाद में उसने खुद यह स्वीकार भी किया था कि उसके द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे थे। संत समाज ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह तथाकथित संत ब्रजभूमि (मथुरा-वृंदावन) की सीमा में कदम रखता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। "संत के भेष में यह व्यक्ति पूरी तरह से व्यभिचारी है। अगर यह ब्रज में घुसा, तो इसका मुंह काला किया जाएगा, जूतों-चप्पलों की माला पहनाई जाएगी और गधे पर बैठाकर घुमाया जाएगा। यह समाज में रहने लायक नहीं है।" मामले की गंभीरता को देखते हुए संतों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। आशूष पांडे को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। ऐसे अपराधियों और सनातन धर्म के दुश्मनों का पुलिस द्वारा 'एनकाउंटर' किया जाना चाहिए। उसके और उसके भाई (जो कि खुद एक हिस्ट्रीशीटर है) के खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएं।
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लखनऊ में बुलडोजर एक्शन, हनुमान मंदिर सामने सड़क चौड़ीकरण कब्जे हटाने की कार्रवाई

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ में हुआ बुलडोजर एक्शन अलीगंज में नया हनुमान मंदिर से नीरा नर्सिंग होम के बीच की सड़क चौड़ी करने में अवैध कब्जे बाधक बन रहे हैं। कब्जेदारों को नोटिस दिया गया था, जिसकी मियाद पूरी हो चुकी है। इसके बाद भी कब्जा न हटाने पर लोक निर्माण विभाग ने मुनादी कराई थी कि कब्जा न हटने पर विभाग खुद उन्हें तोड़ देगा。 नया हनुमान मंदिर से पहले तो सड़क फोरलेन है, मगर मंदिर के सामने करीब 250 मीटर में सिंगल लेन से कुछ अधिक ही रह जाती है। इस रोड पर आवागमन अधिक रहता है, जिससे जाम लगता है। मंदिर के सामने वाली पट्टी पर सड़क करीब 10 मीटर चौड़ी की जानी है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने कार्ययोजना भी बनाई थी, लेकिन यहां पर करीब 15 से 20 पक्की दुकानें और मकान भी हैं, जिनके कारण काम अटका है।
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दिल्ली पुलिस का सेल्फ डिफेन्स कैंप: 1000 छात्राओं ने आत्मरक्षा कौशल सीखा

Delhi, Delhi:दिल्ली साउथ वेस्ट जिले में दिल्ली पुलिस स्पेशल महिला इकाई ने 1000 लड़कियों के आत्मरक्षा के लिए जागरूक किया। सेल डिफेन्स समर कैंप के समापन में पहुंचे एडिशनल CP लड़कियों से अपील की कि आगे अपने पड़ोस की 10 महिलाओं को जागरूक करें। पालम सेक्टर-2 स्थित राजकीय सह-शिक्षा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित सेल्फ डिफेन्स समर कैंप का समापन हुआ, जहां करीब 1000 छात्राओं ने आत्मरक्षा के गुर सीखकर आत्मविश्वास बढ़ाया। आज के दौर में महिलाओं की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। दिल्ली पुलिस द्वारा इस कैंप में छात्राओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। कैंप में 1000 से अधिक छात्राओं ने भाग लेकर आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकें सीखीं। बाइट: देवतोष कुमार सुरेंद्र सिंह, IPS, एडिशनल CP; प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति, छेड़छाड़ या असामाजिक तत्वों का सामना किस प्रकार साहस और सूझबूझ के साथ किया जा सकता है। साथ ही उन्हें आत्मविश्वास, सतर्कता और त्वरित निर्णय लेने के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।
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पिहोवा की चौधरी राइस मिल में धान स्टॉक गड़बड़ी, दो अधिकारी सस्पेंड

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र :-जिले के पिहोवा में नीमवाला की राइस मिल में धान के स्टॉक में गड़बड़ी मिलने के मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दो अधिकारियों पर गाज गिरी है। विभाग ने पिहोवा में तैनात AFSO और इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया है। खास बात यह है कि जिस इंस्पेक्टर पर कार्रवाई हुई, उसी ने राइस मिल के खिलाफ केस दर्ज कराया था। विभाग के मुताबिक, चौधरी राइस मिल फिजिकल वेरिफिकेशन (PV) के दौरान धान स्टॉक में भारी कमी मिलने से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि मिल में 24,318.75 क्विंटल धान कम मिला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5.81 आंकी गई है। यह कीमत MSP के मुताबिक थी। 39 हजार क्विंटल से ज्यादा धान बांटा पिछले सीजन में विभाग ने चौधरी राइस मिल को कस्टम मिलिंग के लिए करीब 39 हजार क्विंटल धान दिया था। इस धान से तैयार चावल (सीएमआर) की आपूर्ति मिलर को भारतीय खाद्य निगम (FCI) को करनी थी। 25 नवंबर को मुख्यालय की गठित टीम ने AFSO करनाल की अध्यक्षता में मिल की PV की थी। उस समय रिकॉर्ड और स्टॉक में कोई कमी नहीं पाई गई थी। दूसरी जांच में कम मिला धान इस साल 17 मार्च को डीएफएससी कार्यालय के निर्देश पर ASFO शाहाबाद राजीव सैनी और आईएफएस गौरव अरोड़ा की टीम ने दोबारा फिजिकल वेरिफिकेशन की। जांच के दौरान मिल में करीब 24 हजार क्विंटल धान कम मिला। स्टॉक में इतनी बड़ी कमी सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। इंस्पेक्टर ने दर्ज करवाई FIR स्टॉक में कमी मिलने के बाद डीएफएससी कार्यालय के आदेश पर पिहोवा इंचार्ज इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा ने 17 मार्च को चौधरी राइस मिल के खिलाफ केस दर्ज कराया था। हालांकि बाद में विभागीय जांच में सवाल उठे कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में धान गायब होने की जानकारी समय रहते विभाग को क्यों नहीं मिली और निगरानी व्यवस्था कैसे फेल हुई। हर 15 दिन में देनी होती है रिपोर्ट नियमों के अनुसार कस्टम मिलिंग के लिए दिए गए धान स्टॉक की निगरानी संबंधित इंचार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी होती है। इसके तहत हर 15 दिन में स्टॉक की फिजिकल वेरिफिकेशन कर रिपोर्ट विभाग को भेजनी होती है। चौधरी राइस मिल के मामले में यह पाक्षिक रिपोर्ट नियमित रूप से जमा नहीं कराई गई। नवंबर में धान आवंटित होने के बाद से लेकर मार्च तक स्टॉक की निगरानी संबंधी रिपोर्टों को लेकर सवाल खड़े हुए。 मार्च में नोटिस दिया गया स्टॉक में कमी सामने आने के बाद डीएफएससी नरेश कुमार ने 20 मार्च को इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा और एएफएसओ जसबीर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में पूछा गया कि निर्धारित समय पर फिजिकल वेरिफिकेशन रिपोर्ट क्यों जमा नहीं कराई गई। इसके बाद 2 अप्रैल को डीएफएससी ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभाग के डायरेक्टर को शिकायत भेजी गई। दोनों को किया सस्पेंड शिकायत में फिजिकल वेरिफिकेशन और निगरानी में लापरवाही के आरोप लगाए गए थे। विभागीय स्तर पर मामले की समीक्षा के बाद इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा और एएफएसओ जसबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया। कल राज्यमंत्री से मिले थे किसान भाकियू पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने कहा कि इस मामले को लेकर राज्यमंत्री राजेश नागर से मिलकर ज्ञापन दिया। राज्यमंत्री के आदेश के बाद ASFO और इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की गई। विभाग से दोनों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग रखी है।
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किच्छा नदी में बाढ़ आपदा से निपटने को मॉक ड्रिल, राहत एवं बचाव का किया गया प्रदर्शन

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी तहसील क्षेत्र के नारायन नगला स्थित किच्छा नदी पर बुधवार को आपदा प्रबंधन एवं बाढ़ राहत विभाग की ओर से व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संभावित बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना और संबंधित विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना था। जॉइंट मजिस्ट्रेट इशिता किशोर के नेतृत्व में आयोजित इस मॉक ड्रिल में आपदा मित्रों, फायर ब्रिगेड कर्मियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। टीमों ने नदी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। इस दौरान तहसीलदार भानू प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मॉक ड्रिल में आपदा मित्र टीम कमांडर अनुज सिंह के नेतृत्व में अरविंद कुमार, अयान सैफी, कमल सिंह, नेमचंद्र, रूप किशोर, नरेंद्र, मोहित और देवेंद्र ने सक्रिय भूमिका निभाई। फायर स्टेशन प्रभारी योगेश कुमार के साथ फायरमैन वतन मालिक, राजकुमार, गौरव और मोहित ने भी बचाव अभियान का प्रदर्शन किया। वहीं नारायन नगला चौकी प्रभारी अंकित सिंह बघेल, कपिल एवं उमेश कुमार की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान नवी अहमद, नफीस अहमद, मयंक गंगवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को आपदा के समय सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी अभ्यास गतिविधियां किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को कम करने और राहत कार्यों को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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जयपुर के 300 करोड़ के कोचिंग हब का भरोसा टूट, 14 में बिके सिर्फ स्पेस

Jaipur, Rajasthan:राजधानी जयपुर के प्रताप नगर में हाउसिंग बोर्ड ने कोचिंग हब बनाया था. दावा था कि एक ही छत के नीचे 50 हजार से ज्यादा छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे. लेकिन करीब 300 करोड़ रुपए की लागत से बना यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब पूरी तरह फेल साबित होता नजर आ रहा है.\n\n67 हजार वर्ग मीटर भूमि पर 16.98 लाख वर्ग फीट निर्मित क्षेत्रफल में बने इस प्रोजेक्ट को अब खरीदार नहीं मिल रहे हैं. वर्ष 2021 में इस प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग हुई थी और 2023 में यह बनकर तैयार हुआ था. लेकिन तब से अब तक 8 एजुकेशन टावर्स में बने 224 कोचिंग स्पेस में से सिर्फ 14 कोचिंग स्पेस ही बिक पाए हैं.\n\nकोचिंग हब प्रोजेक्ट फेल\n\n300 करोड़ रुपए की लागत से हुआ था निर्माण\n\nप्रताप नगर में 67 हजार वर्ग मीटर भूमि पर बना है कोचिंग हब\n\nकोचिंग हब में बनाए गए 9 टॉवर\n\n1 एडमिन ब्लॉक, 8 एजुकेशन टावर्स, लाइब्रेरी सहित अन्य सुविधाओं का हुआ था निर्माण\n\n2021 में हुई थी प्रोजेक्ट की शुरुआत\n\n2023 में प्रोजेक्ट हुआ था तैयार\n\nएजुकेशन टावर्स में 224 कोचिंग स्पेस का हुआ था निर्माण\n\n224 में से सिर्फ 14 कोचिंग स्पेस ही बिके\n\nप्रोजेक्ट से हाउसिंग बोर्ड को 500 करोड़ रुपए रेवेन्यू की थी उम्मीद\n\nअब करोड़ों रुपए की लागत से बना प्रोजेक्ट धूल फांक रहा है\n\nबिल्डिंगों के मेंटेनेंस पर हाउसिंग बोर्ड के लाखों रुपए हो रहे हैं खर्च\n\nहाउसिंग बोर्ड को नहीं मिले खरीदार, अब बिल्डिंगों का हाल भी बदहाल\n\n300 करोड़ रुपए से बने इस प्रोजेक्ट के लिए हाउसिंग बोर्ड को अभी तक खरीदार नहीं मिल रहे हैं। लिहाजा अब ये बड़ी-बड़ी इमारतें धूल फांक रही हैं। हाउसिंग बोर्ड खरीदारों का इंतजार कर रहा है, जबकि प्रोजेक्ट में बनी लाइब्रेरी विद्यार्थियों का इंतजार कर रही है। इंतजार करते-करते अब बिल्डिंगों के शीशे टूटने लगे हैं, टावर्स में धूल की मोटी परत जमने लगी है.\n\nकोचिंग हब प्रोजेक्ट फेल होने के बाद इसे IIT जोधपुर को देने की पहल भी शुरू हुई थी, लेकिन वह पहल भी अब फाइलों में सिमटकर रह गई है।\n\nइस प्रोजेक्ट से हाउसिंग बोर्ड کو करीब 500 करोड़ रुपए के रेवेन्यू की उम्मीद थी। लेकिन प्रोजेक्ट फेल होने की वजह से न तो अपेक्षित रेवेन्यू मिला और अब इसके रखरखाव पर हर महीने लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं।\n\nकुल मिलाकर हाउसिंग बोर्ड ने अपनी पारंपरिक कार्यशैली से हटकर जो महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू किए थे, उनमें से कई उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। जयपुर में बनाई गई चौपाटियों का हाल भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है.
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खेरी में आंगनबाड़ी निर्माण को लेकर कोटवार-पंचायत भिड़ंत, जल संकट के चलते प्रशासन सक्रिय

Narsinghpur, Madhya Pradesh:ग्राम पंचायत बिजोरा के ग्राम खेरी में आंगनबाड़ी भवन के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम कोटवार द्वारा निर्माण कार्य में अड़चन पैदा करने और तहसील कोर्ट से स्टे आर्डर लाने के विरोध में आज सरपंच, उप सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने और गांव की अन्य समस्याओं के निराकरण की मांग की है। कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि ग्राम खेरी में बच्चों के लिए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराया जा रहा है। जब आंगनबाड़ी का आधा कार्य पूरा हो चुका है, तब ग्राम कोटवार ने तहसील कार्यालय में सेटिंग करके काम पर स्टे लगवा दिया, जिससे निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। सरपंच और उप सरपंच ने कोटवार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस जमीन पर आंगनबाड़ी बन रही है, वह कोटवार की निजी संपत्ति नहीं है। वह सरकारी जमीन है जो कोटवार को सेवादार के रूप में मिली हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब आंगनबाड़ी का काम शुरू हुआ था, तब कोटवार ने कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई? आधा काम होने और सरकारी पैसा खर्च होने के बाद स्टे लगवाने से पूरी पंचायत और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में गांव की एक और बड़ी समस्या से प्रशासन को अवगत कराया। ग्रामीणों के अनुसार, इस भीषण गर्मी में गांव में भारी जल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि गांव में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए या तो पुराने तालाब को खोला जाए या फिर पेयजल के अन्य वैकल्पिक स्रोतों की तत्काल व्यवस्था की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत CEO ने तत्काल इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए मामले की जांच करने और आंगनबाड़ी निर्माण में आ रही बाधा व गांव के जल संकट का शीघ्र निराकरण करने के आदेश जारी किए हैं।
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लालू प्रसाद यादव का 79वां जन्मदिन धनबाद में धूमधाम से मनाया गया

Dhanbad, Jharkhand:राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का 79वां जन्मदिन धनबाद में उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। राजद जिला कमेटी और महानगर कमेटी की ओर से केक काटकर एवं मिठाइयां बांटकर कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की। वही सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में राजद प्रदेश महामंत्री हातिम अंसारी के नेतृत्व में 11 पाउंड का केक काटा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में झामुमो नेता एवं मथुरा प्रसाद महतो ने भी शामिल होकर लालू प्रसाद यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। वही राजद नेता हातिम अंसारी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने हमेशा समाज के दबे-कुचले, गरीब, दलित और पिछड़े वर्गों की आवाज बुलंद करने का काम किया है। उन्होंने सामाजिक न्याय की राजनीति को नई दिशा दी और वंचित वर्गों को सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रणधीर वर्मा चौक पर राजद महानगर अध्यक्ष मुमताज कुरैशी ने लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा हटाए जाने के मुद्दे पर बिहार सरकार की आलोचना की। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजद इस फैसले का विरोध करती है। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने लालू यादव के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। जन्मदिन समारोह में दर्जनों राजद कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।
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