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VVijayalaxmiFollow24 Jun 2024, 12:54 pm
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धौलपुर में 100% मतदान के लिए छात्राओं की रैली और मानव श्रृंखला

Dholpur, Rajasthan:धौलपुर में पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर मतदाता जागरूकता अभियान चलाया गया। कलेक्टर श्रीनिधि बी टी के निर्देश पर स्वीप टीम ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सरानीखेड़ा में साइकिल रैली और मानव श्रृंखला बनाकर शत-प्रतिशत मतदान का संदेश दिया। छात्राओं ने वोट हमारा अनमोल है जैसे नारों के साथ रैली निकाली। प्रधानाचार्य अरविंद शर्मा ने छात्राओं को परिवार व समाज को मतदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया और निष्पक्ष मतदान की शपथ दिलाई। स्वीप टीम ने ईसीआई नेट और वोटर हेल्पलाइन एप की जानकारी दी तथा 18-19 वर्ष के युवाओं को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित किया
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धौलपुर में बाल विवाह रोकथाम कार्यशाला से जागरूकता बढ़ी

Dholpur, Rajasthan:धौलपुर में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस सप्ताह के तहत बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी प्रबोधन कार्यशाला आयोजि त की गई। कलेक्टर श्रीनिधि बी टी के निर्देश पर पंचायत समिति सभागार में आयोजित कार्यक्रम महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक भैरू प्रकाश नागर के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यशाला में बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अशफाक खान ने बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी कार्रवाई पर जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों की भूमिका और समन्वय पर जोर दिया। इस दौरान प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई गई। चाइल्ड हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली और बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया भी समझाई गई।
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कॉर्बेट के बिजरानी पर्यटन जोन 15 अक्टूबर से खोल जाएगा, जंगल सफारी फिर शुरू

Ramanagara, Karnataka:कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का रोमांच एक बार फिर लौटने जा रहा है, मानसून के चलते 30 जून को बंद किया गया कॉर्बेट का प्रसिद्ध बिजरानी पर्यटन जोन 15 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा,बुधवार से पर्यटक एक बार फिर बिजरानी के घने जंगलों में वन्यजीवों के दीदार के साथ प्रकृति की खूबसूरती का आनंद ले सकेंगे, खास बात यह है कि जोन खुलने के पहले ही दिन सुबह और शाम की दोनों पालियों में सफारी के लिए सभी जिप्सियों की बुकिंग फुल हो चुकी है. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का बिजरानी पर्यटन जोन जैव विविधता और प्राकृतिक खूबसूरती के लिहाज से बेहद खास माना जाता है,यहां घने जंगलों, विभिन्न प्रजातियों की वनस्पतियों और रंग-बिरंगे पक्षियों की मौजूदगी पर्यटकों को आकर्षित करती है, मानसून के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा और जंगल की परिस्थितियों को देखते हुए इस पर्यटन जोन को 30 जून को बंद कर दिया गया था, अब मानसून के बाद परिस्थितियां अनुकूल होने पर 15 अक्टूबर से इसे दोबारा खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है. बिजरानी जोन में पर्यटकों की जंगल सफारी के लिए प्रतिदिन सुबह और शाम की दो पालियों में जिप्सियों का संचालन किया जाएगा,प्रत्येक पाली में 30 जिप्सियां पर्यटकों को जंगल सफारी पर लेकर जाएंगी, इस तरह प्रतिदिन दोनों पालियों में कुल 60 जिप्सियों के माध्यम से पर्यटक जंगल की सैर कर सकेंगे. जोन खुलने से पहले ही पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है,पहले दिन सुबह और शाम की दोनों पालियों की बुकिंग फुल होने से पर्यटन कारोबारियों को भी अच्छे कारोबार की उम्मीद है. बिजरानी जोन के खुलने से रामनगर के पर्यटन व्यवसाय को भी गति मिलने की संभावना है. पार्क वार्डन बिंदरपाल सिंह ने बताया कि 15 अक्टूबर की सुबह बिजरानी पर्यटन जोन को विधिवत रूप से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा,उन्होंने बताया कि पहले दिन सुबह और शाम की दोनों पालियों में सफारी की सभी जिप्सियों की बुकिंग पूरी हो चुकी है,प्रत्येक पाली में 30 जिप्सियां पर्यटकों को जंगल सफारी पर लेकर जाएंगी. कुल मिलाकर मानसून के बाद बिजरानी पर्यटन जोन के दोबारा खुलने से कॉर्बेट में वन्यजीव पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है, अब पर्यटक एक बार फिर इस प्रसिद्ध जोन के जंगलों में बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के दीदार की उम्मीद लेकर पहुंचेंगे.
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जयपुर के मनसा माता मंदिर के कुंड का पानी चर्म रोग में चमत्कार दिखाता है

Jaipur, Rajasthan:आमेर का 5000 साल पुराना चमत्कारी मनसा माता मंदिर,जहां कुंड का पानी पीने से ठीक होते है चर्म रोग जयपुर-जयपुर में एक ऐसा चमत्कारी माता का मंदिर है,जिसके पानी पीने से चर्म रोग ठीक होते है.आमेर घाटी में सदियों पुराना मनसा माता मंदिर की कुछ ऐसी ही मान्यता है,जहां दूर दराज से श्रद्धालु पूरे विश्वास और आस्था के साथ मनसा माता के मंदिर चमत्कारी पानी लेने पहुंचते है. क्यों पडा मनसा माता मंदिर- ये है आमेर की 5 हजार साल पुरानी की मनसा माता... स्वम्भू माता की मूर्ति जयगढ की पहाड़ियों के चारों ओर से घिरी मनसा माता...ये मंदिर आमेर की विरासत से भी पुराना है.शिला माता की स्थापना से पहले मनसा माता आमेर की पहाड़ियों के बीच बसी है.पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक जयपुर के राजा मानसिंह ने इसी मंदिर में मन्नत मांगी थी..मन्नत पूरी होने पर मानसिंह ने इस मंदिर का नाम मनसा माता रखा.मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु इस मंदिर में मन्नत मांगता है,उसकी मनोकामना पूर्ण हो सकती है. एकमात्र मंदिर जहां महिला महंत- ये जयपुर का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां महंत महिला है..इन मंदिर की महंत सुष्मिता भट्टाचार्य है.इनकी 16 पीढियां इस मनसा माता की सेवा कर रही है.सुष्मिता बताती हैं कि मनसा माता की मूर्ति यहां के पहाड़ों में तपस्या करने वाले एक बाबा को अपने तप से प्राप्त हुई थी. जिस पहाड़ी पर यह मूर्ति प्रकट हुई थी. उसी पहाड़ को काटकर यहां मंदिर बनाया गया बाबा के चरण भी यहां प्राचीन शिव मंदिर में स्थापित हैं. चमत्कारी पानी से दूर होता चर्म रोग- श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इस मंदिर में कुंड का पानी पीने से चर्म रोग ठीक होता है.लोग इस मंदिर के पानी को चमत्कारिक मानते है.मंदिर में बना कुंड में पानी पहाड़ियों से ही इकट्ठा होता है.मंदिर के सेवक रोहित भट्टाचार्य बताते है कि इस कुंड का पानी कभी खराब नहीं होता.मनसा मां के दरबार में चमत्कार पानी लेने के लिए दूर दराज से लोग आते है.कहा जाता है कि इस कुंड का पानी पीने से चर्म रोग ठीक हो जाते है.मंदिर आई महिला श्रद्धालुओं ने भी अपनी गहरी आस्था प्रकट की.अपना चर्म रोग दिखाते हुए श्रद्धालु ने बताया कि कुंड का पानी पीने से चर्म रोगों पर फर्क पड़ा.जिसके बाद से नियमित रूप से पानी पी रही हूं.
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टीकमगढ़ देवी पंडाल विवाद: गानों पर झगड़े में युवक की तलवार से हत्या

Tikamgarh, Madhya Pradesh:एंकर- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले देवी पंडाल में मोबाइल पर गाने बजाने को लेकर हुए विवाद में एक युवक की धारदार हथियार की गई हत्या, दरअसल यह पूरा मामला टीकमगढ़ शहर के देहात थाना क्षेत्र के भगतनगर कॉलोनी का है, जहां मंगलवार की देर रात देवी पंडाल में मोबाइल पर गाने बजाने को लेकर दो युवकों के बीच विवाद हो गया, बात तू तू मैं से होती हुई हाथापाई पर आ गई, इसी बीच विवाद कर रहा आरोपी कैलाश अहिरवार अपने घर से तलवार लेकर आ गया और राजेंद्र बंशकार पर तलवार से हमला कर दिया, हमले में राजेंद्र के सिर पीठ और हाथ पर गंभीर चोटें आई, जिसके बाद परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, बताया जा रहा है की मृतक और आरोपी एक दूसरे के पड़ोसी हैं, वही इस पूरे मामले में देहात थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज करते हुए आरोपी कैलाश अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है। वाईट-1- आकाश बंशकार (मृतक का भाई) वाईट-2- विक्रम सिंह (एडिशनल एसपी टीकमगढ़)
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बड़वानी में फसल बंटवारे के विवाद में चाचा ने भतीजे की हत्या की

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-मक्का की फसल के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में चाचा के द्वारा अपने 24 साल के भतीजे की हत्या का मामला सामने आया है राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बुदरा में हुए इस घटनाक्रम में पुलिस के मुताबिक,60 वर्षीय पेमा उर्फ प्रेमसिंह ने भतीजे अजय वास्कले के पेट में चाकू मार दिया,जिससे उसकी मौत हो गई वारदात के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर उसे न्यायालय पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है बता दे के 24 वर्षीय अजय ने अपना खेत चाचा को साझे में खेती करने के लिए देकर खुद देवास मजदूरी करने चला गया था और फसल पककर तैयार हुई तो अजय देवास से अपने गांव आया जहां चाचा से अपना हिस्से की फसल मांगने की बात की लेकिन बात इतनी बड़ गई की चाचा ने गुस्से में आकर अजय के पेट में चाकू मार दिया घटना के बाद अजय को गम्भीर अवस्था मे शासकीय अस्पताल ले जाया गया जंहा डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया
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जनसुनवाई में ग्रामीण बोले: सुधार नहीं हुआ तो हाइवे जाम

Vidisha, Madhya Pradesh:जनसुनवाई में ग्रामीण बोले: सुधार नहीं हुआ तो हाइवे जाम विभिन्न गांवों के लोगो ने अघोषित कटौती पर जताई नाराजगी दो दर्जन गांवों में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। कई दिनों से बिना पूर्व सूचना बिजली काटे जाने की शिकायत लेकर ग्रामीण जनसुनवाई में पहुंचे। उनका कहना है कि घरेलू और कृषि कार्यों के लिए महज 4 से 5 घंटे बिजली मिल रही है। इससे घरेलू जलापूर्ति, विद्यार्थियों की पढ़ाई और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं ग्रामीण पंचायत ने चेतावनी दी है कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर से नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। वे जल्द ही बैठक बुलाकर आगे की रणनीति भी तय करेंगे। किसान विकास मीणा ने बताया कि बारिश की कमी के कारण धान की फसल की सिंचाई के लिए किसान ट्यूबवेल पर निर्भर हैं। ऐसे में अघोषित बिजली कटौती से फसल पर संकट मंडरा रहा है।
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सरगुजा के नरकट ग्राम में 29 साल से स्कूल भवन नहीं, का भविष्य चिंताजनक

Kusu, Chhattisgarh:सरगुजा जिले में शिक्षा की बुनियाद के लिए भवन नहीं होने पर बच्चों के भविष्य को चिंता में डाल दिया है। प्राथमिक शाला के बच्चे 29 सालों से झोपड़ी नुमा घर में पढ़ाई करने को मजबूर है। दरअसल मैनपाट विकासखंड के नरकट गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से महरूम नजर आ रहा है। यही वजह है कि पिछले कई दशकों से सड़क के साथ स्कूल का भवन निर्माण नहीं हो सका है। जहां बच्चे झोपड़ी नमा घर में अपनी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बारिश हो, ठंड हो या गर्मी सभी मौसम में बच्चे मन लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन उन्हें आज भी इंतजार है कि अपना खुद स्कूल का भवन मिल सके, ताकि वे और बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सके। स्कूल के प्रधान पाठक के द्वारा भी कई बार जिला कार्यालय को शिकायत की गई है। इसके बावजूद नए स्कूल भवन के निर्माण पर ध्यान नहीं दिया गया। इस पूरे मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने इस पूरे मामले से अवगत होना बताया और मैनपाट विकासखंड के नरकट गांव में प्राइमरी स्कूल की स्वीकृति डीपीई के द्वारा देने की बात कही गई है, और आने वाले समय में नए स्कूल भवन का निर्माण भी कर लिया जाएगा, साथ ही कहा कि सरगुजा जिले के ऐसे 20 पहुंच बिन इलाके है। जहां नया स्कूल भवन के लिए डीपीआई से मंजूरी मिल गई है, और आने वाले चार महीनों में सभी स्कूल भवन बनकर तैयार हो जाएंगे। दिनेश कुमार झा, जिला शिक्षा अधिकारी, सरगुजा। बहरहाल बेहतर शिक्षा के लिए सरकार लाख दावे कर रही हो, लेकिन सरगुजा जिले के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर कुछ और बयां कर रही है। ऐसे में जिले के अधिकारियों को मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलती है, तब ही शिक्षा विभाग हो या जिला प्रशासन हरकत में आता है। लेकिन अब देखना होगा कि कब तक इन बच्चों को अपना खुद का स्कूल भवन मिलता है। यह तो आने वाला वक्त बताएगा।
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बस्तर में पटवारियों की हड़ताल से धान मुआवजे और सर्वे में देरी

Jagdalpur, Chhattisgarh:धान खरीदी की तैयारी के बीच पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, डिजिटल फसल सर्वे में आ रही दिक्कतों, वेतन विसंगति और पदोन्नति जैसी मांगों को लेकर पटवारियों ने राजस्व पटवारी संघ के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, बस्तर जिले में 184 पटवारियों की हड़ताल की वजह से जाति-निवास प्रमाण पत्र बनाने से लेकर धान की फसल के सत्यापन और बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवजे की प्रक्रिया तक प्रभावित हो रही है। पटवारियों का कहना है कि प्रशिक्षण नहीं मिलने से पीवी ऐप में काम करना संभव नहीं हो पा रहा वहीं पीवी ऐप में काम पूरा नहीं करने पर कई पटवारियों को निलंबन की कार्रवाई झेलनी पड़ रही है, इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते जिले में बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए फसल नुकसान का सर्वे भी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है, ऐसे में सर्वे में देरी होने पर किसानों को मुआवजा मिलने की प्रक्रिया भी अटक गई है।
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पिपरिया घाट पर तेंदुए की संदिग्ध मौत, वन विभाग जांच में जुटा

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर के बड़ामलहरा क्षेत्र के पिपरिया गांव में नदी के पास एक तेंदुए की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार नदी के उस घाट के पास जहां लोग रोज नहाने जाते हैं वहां एक तेंदुआ घायल अवस्था में गुर्राता हुआ पड़ा था। डर की वजह से कोई उसके पास नहीं गया। एक दिन पहले भी उसे लंगड़ाते हुए देखा गया था, जिससे अंदेशा है कि किसी ने उस पर हमला किया हो। बाद में जब 40-50 लोग एक साथ गए तो देखा कि तेंदुआ मृत पड़ा है। सूचना मिलने पर बड़ामलहरा फॉरेस्ट रेंज का अमला पिपरिया गांव पहुंचा और मामले की जांच शुरू कर दी है। वन विभाग मौत के कारणों का पता लगा रहा है।
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कर्णप्रयाग में साइबर ठगी: पेंसिल कारोबार के नाम पर 1.22 लाख की धोखाधड़ी

Karnaprayag, Uttarakhand:चमोली जिले के कर्णप्रयाग में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। यहां अपर बाजार में जनरल स्टोर की दुकान चलाने वाले 27 वर्षीय मुहम्मद अनवर से पेंसिल का कारोबार कराने के नाम पर साइबर ठगों ने 1 लाख 22 हजार रुपये की ठगी कर ली। आरोप है कि ठगों ने उन्हें कारोबार में मुनाफा दिलाने के नाम पर लालच दिया और इसके बाद अलग-अलग क्यूआर कोड भेजकर भुगतान करवाया। जब काफी समय बीतने के बाद भी कारोबार शुरू नहीं हुआ और न ही किसी तरह का लाभ मिला, तो अनवर को अपने साथ ठगी होने का शक हुआ। जिसके बाद अब पीड़ित अनवर मदद के लिए पुलिस से गुहार लगा रहा है। कर्णप्रयाग में हुई साइबर ठगी की यह घटना 25 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच की बताई जा रही है। इस दौरान साइबर ठगों ने पेंसिल के कारोबार से जुड़ा झांसा देकर मुहम्मद अनवर को अपने विश्वास में लिया। इसके बाद अलग-अलग क्यूआर कोड भेजकर उनसे भुगतान कराया गया। कारोबार से कमाई होने की उम्मीद में अनवर ने साइबर ठगों के कहने पर कुल 1 लाख 22 हजार रुपये भेज दिए। हालांकि, इसके बदले उन्हें न तो कोई कारोबार मिला और न ही किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि शुरू हुई। मुहम्मद अनवर कर्णप्रयाग के अपर बाजार में जनरल स्टोर चलाकर अपना परिवार चलाते हैं। पेंसिल के कारोबार के नाम पर उनसे संपर्क किया गया और उन्हें इस काम से अच्छा मुनाफा होने का भरोसा दिलाया गया। कारोबार की उम्मीद में उन्होंने ठगों द्वारा भेजे गए अलग-अलग क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान कर दिया। लेकिन पैसे भेजने के बाद भी जब उन्हें कारोबार से संबंधित कोई ठोस जानकारी नहीं मिली और न ही वादा किया गया काम शुरू हुआ, तो उन्हें संदेह होने लगा। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं और उनकी 1 लाख 22 हजार रुपये की रकम ठगी जा चुकी है। अपने साथ हुई ठगी के बाद मुहम्मद अनवर अब अपने पिता के साथ थाने के चक्कर लगा रहे हैं। पीड़ित को उम्मीद है कि पुलिस की कार्रवाई से आरोपियों का पता चल सकेगा और उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलने की संभावना बनेगी। मामले में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। हालांकि, साइबर ठगी के इस मामले में आरोपियों तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बन सकता है। अलग-अलग क्यूआर कोड के माध्यम से किए गए भुगतानों की जांच और डिजिटल लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर ठगी में शामिल लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा सकता है। अब देखना होगा कि जांच के दौरान पुलिस आरोपियों की पहचान कर पाती है या नहीं और पीड़ित की रकम वापस दिलाने में कितनी सफलता मिलती है। इस घटना ने एक बार फिर साइबर ठगों के नए-नए तरीकों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ठग लोगों को कारोबार, निवेश और अधिक मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से भुगतान करवाकर उनसे रकम ऐंठ लेते हैं। कई बार पीड़ित को तब तक ठगी का एहसास नहीं होता, जब तक उसे वादे के मुताबिक कोई काम या लाभ नहीं मिलता।
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अकोला में किसान कर्जमाफ़ी योजना के नाम पर तकनीकी गड़बड़ियाँ, लाभ में देरी

Akola, Maharashtra:राज्यातील दुष्काळग्रस्त शेतकऱ्यांना दिलासा देण्यासाठी शासनाकडून विविध उपाययोजना केल्या जात असताना, दुसरीकडे पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजनेच्या अंमलबजावणीवर प्रश्नचिन्ह निर्माण झालं आहे. अकोला जिल्ह्यात या योजनेअंतर्गत आतापर्यंत तीन याद्या प्रसिद्ध करण्यात आल्या आहेत. मात्र, या याद्यांमध्ये नाव समाविष्ट असूनही अनेक शेतकऱ्यांना प्रत्यक्षात कर्जमाफीचा लाभ मिळत नसल्याच्या तक्रारी समोर येत आहेत. बँकेत गेल्यानंतर यादीत नाव नसल्याचं सांगितलं जातं, तर काही ठिकाणी नाव असलं तरी संबंधित डाटा दुसऱ्याच शेतकऱ्यांचा असल्याचं सांगण्यात येत आहे. त्यामुळे शासनाच्या योजनेत नाव येऊनही कर्जमाफीचा लाभ मिळणार कधी, असा सवाल शेतकरी उपस्थित करत आहेत.शेतकऱ्यांना कर्जाच्या ओझ्यातून मुक्त करण्यासाठी राज्य सरकारने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना सुरू केली आहे. या योजनेअंतर्गत अकोला जिल्ह्यातील पात्र शेतकऱ्यांच्या तीन याद्या आतापर्यंत प्रसिद्ध करण्यात आल्या आहेत. तिसऱ्या यादीत ११ हजार ८९५ शेतकऱ्यांचा समावेश करण्यात आला असून, आतापर्यंत एकूण ४८ हजार १७९ शेतकऱ्यांची नावे पात्र लाभार्थ्यांच्या यादीत आली आहेत. जिल्ह्यातील एकूण ५५ हजार ६०८ शेतकऱ्यांची यादि पोर्टलवर अपलोड करण्यात आली असून, आणखी शेतकऱ्यांची नावे यादीत येण्याची प्रतीक्षा आहे.मात्र, या योजनेच्या अंमलबजावणीत तांत्रिक अडचणी निर्माण झाल्याचा आरोप शेतकरी करत आहेत. यादीत नाव आल्यानंतर कर्जमाफीचा लाभ मिळेल, या अपेचने शेतकरी बँकेत जात आहेत. मात्र, बँकेत गेल्यानंतर संबंधित शेतकऱ्याचं नाव नोंदीत नसल्याचं सांगण्यात येत आहे. काही प्रकरणांमध्ये नाव यादीत असलं, तरी त्यासोबत असलेला डाटा दुसऱ्याच शेतकऱ्याचा असल्याची तक्रार आहे. त्यामुळे पात्र ठरूनही शेतकऱ्यांना कर्जमाफीचा लाभ मिळत नसल्याचं चित्र आहे.एकीकडे अकोला जिल्ह्यातील सातही तालुक्यांमध्ये दुष्काळसदृश परिस्थिती निर्माण झाली आहे. पावसाअभावी पिकांचं नुकसान झाल्याने शेतकरी आर्थिक संकटात सापडले आहेत. अशा परिस्थितीत कर्जमाफीचा लाभ मिळणं शेतकऱ्यांसाठी महत्त्वाचं ठरत आहे. त्यामुळे शासनाने याद्यांमधील त्रुटी आणि बँकांच्या नोंदींमधील विसंगती तातडीने दूर कराव्यात, पात्र शेतकऱ्यांची माहिती तपासून त्यांना प्रत्यक्ष कर्जमाफीचा लाभ द्यावा, अशी मागणी शेतकऱ्यांकडून केली जात आहे.
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