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मैनपुरी के निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान, यूनियन विरोध के संकेत

AKAtul KumarJust now
Mainpuri, Uttar Pradesh:जनपद मैनपुरी में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है, स्कूल प्रबंधन खुलेआम अभिवावको पर दबाव बनाकर मनमाने रेट पर किताबें, ड्रेस और अन्य सामान खरीदने को मजबूर कर रहे हैं जिसकी अभिवावको से मोटी रकम वसूली जा रही है। भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के लोगों ने प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, किसान यूनियन ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा है। भारतीय किसान यूनियन के लोगों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेट दिया है और मांग की है कि तीन दिन के अंदर इन प्राइवेट स्कूलों पर लगाम लगाई, किसान यूनियन ने सड़को पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।
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सिरसा गैस सिलिंडर संकट: लोग घंटों लाइन में खड़े, वितरण असमर्थता से जूझ रहे

Sirsa, Haryana:एंकर रीड सिरसा जिले में इन दिनों रसोई गैस सिलिंडर को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। आम जनता, जो पहले ही महंगाई की मार झेल रही है, अब गैस सिलिंडर की किल्लत से जूझने को मजबूर है। हालात ऐसे बन गए हैं कि लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरत पूरी करने के लिए घंटों तक लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ रहा है, फिर भी उन्हें गैस सिलिंडर मिल पाएगा या नहीं—इसकी कोई गारंटी नहीं है। सुबह होते ही गैस एजेंसीयों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा—हर वर्ग के लोग हाथों में बुकिंग की रसीद लिए उम्मीद के साथ लाइन में खड़े नजर आते हैं। लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, उनकी उम्मीदें निराशा में बदलने लगती हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने 15 से 20 दिन पहले ही गैस सिलिंडर की बुकिंग करवाई थी, लेकिन अब तक उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पाया है। लाइन में खड़े एक उपभोक्ता ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, “हम सुबह 6 बजे से लाइन में लगे हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही कि गैस मिलेगी भी या नहीं। हर बार यही कहा जाता है कि स्टॉक खत्म हो गया है।” इसी तरह एक महिला उपभोक्ता ने कहा, “घर में छोटे बच्चे हैं, खाना बनाने के लिए गैस नहीं है। मजबूरी में हमें लकड़ी या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।” स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि गैस एजेंसियों को अपने गेट बंद करने पड़े। अंदर से सीमित संख्या में ही सिलिंडर वितरित किए जा रहे हैं। बाहर खड़े उपभोक्ता गेट के खुलने का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन कई बार घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। इससे लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस प्रशासन को भी मौके पर तैनात किया गया है। एजेंसी के अंदर और बाहर पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है। पुलिसकर्मी लगातार लोगों को लाइन में व्यवस्थित रखने और शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। हालांकि, भीड़ और गुस्से के कारण स्थिति कई बार तनावपूर्ण हो जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी दिव्यांग और बुजुर्ग उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही है। एक दिव्यांग व्यक्ति जो व्हील चेयर के सहारे लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहा था, वह पिछले तीन दिनों से लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रहा है लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लगती है। हम जैसे लोगों के लिए घंटों लाइन में लगकर इंतजार करना बहुत मुश्किल है लेकिन मजबूरी है क्योंकि घर में गैस नहीं है। उपभोक्ताओं का यह भी आरोप है कि गैस एजेंसियां पारदर्शिता नहीं बरत रही हैं। उन्हें यह नहीं बताया जाता कि कितने सिलिंडर उपलब्ध हैं और किस आधार पर वितरण किया जा रहा है। कई लोगों का कहना है कि कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है जबकि बाकी उपभोक्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाती तो इस तरह की स्थिति पैदा ही नहीं होती। प्रशासन और संबंधित विभागों को चाहिए कि वे इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकालें ताकि आम जनता को राहत मिल सके। गैस सिलिंडर जैसी बुनियादी जरूरत की वस्तु के लिए इस तरह की अफरा-तफरी न केवल व्यवस्था की कमी को दर्शाती है बल्कि यह भी बताती है कि आम आदमी की परेशानियों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा और उन्हें राहत मिलेगी। यह कहानी सिर्फ सिरसा की नहीं बल्कि उस व्यवस्था की है जहां जरूरतमंद लोगों को उनकी बुनियादी सुविधाएं भी समय पर नहीं मिल पा रही हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक आम आदमी इस तरह की परेशानियों को सहता रहेगा?
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रतलाम: सीबीआई ने रिश्वत मामले में अधिकारी समेत दो गिरफ्तार होने का दावा

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भोपाल स्थित सीबीआई को शिकायत मिली थी कि रतलाम में एक फर्म के खिलाफ जीएसटी कार्रवाई को रोकने के नाम पर रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के बाद सीबीआई की टीम भोपाल से रतलाम पहुंची और मामले की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान सीजीएसटी विभाग के अधिकारी शंकर परमार और एक निजी व्यक्ति की भूमिका सामने आई। आरोप है कि बिचौलिए के जरिए 5 लाख रुपये की रिश्वत की डिमांड की गई थी। और करवाई मे डेड लाख रिश्वत के साथ अधिकारी को पकड़ा गया हैं, सीबीआई ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है। हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल जांच एजेंसी सभी पहलुओं पर गहराई से पड़ताल कर रही है, जिससे आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है。 रतलाम
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जालौन में महिला की आत्महत्या, परिवार का हत्या का आरोप, पुलिस जाँच शुरू

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन जिले के उरई कोतवाली क्षेत्र के चौरसी गांव में मंगलवार देर रात एक 35 वर्षीय महिला ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों ने आनन-फानन में महिला को फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक, चौरसी गांव निवासी संतोषी (35) मंगलवार की देर रात अपने घर के कमरे में साड़ी के फंदे से लटकती हुई मिलीं। परिजनों की नजर जब संतोषी पर पड़ी तो घर में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोग तुरंत उन्हें नीचे उतारकर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर उरई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू कर दी है। मृतका के भाई उदयभान, जो कदौरा क्षेत्र के करमचंदपुर गांव से मौके पर पहुंचे, ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बहन की हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया गया है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि मृतका के पति नितेश मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। संतोषी की मौत से परिवार में मातम छा गया है। मृतका अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गई हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने परिजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है.
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गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट खुलते ही पर्यटकों के चेहरे खिल उठे

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:उत्तरकाशी उत्तरकाशी जनपद में गंगोत्री नेशनल पार्क को पर्यटकों, ट्रैकर्स और पर्वतारोहियों के लिए आज एक अप्रैल खोल दिया गया है। गेट खुलने के मौके पर पार्क प्रशासन पूरी तरह मौजूद रहा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। नेशनल पार्क के मशहूर गरतांग गली और नेलांग वैली के गेट भी सैलानियों के लिए खोल दिए गए हैं।गंगोत्री नेशनल पार्क सिर्फ खूबसूरत वादियों के लिए ही नहीं, बल्कि दुर्लभ वन्यजीवों के लिए भी जाना जाता है। यह हिम तेंदुए का प्राकृतिक घर है, जहां भरल, काला भालू, भूरा भालू, हिमालयन थार और कस्तूरी मृग जैसे दुर्लभ जीव भी पाए जाते हैं।पार्क खुलने के साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है।
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पाथर्डी में दो पशुओं के भिड़ंत CCTV में कैद; नागरिकों में भय

Ahilyanagar, Maharashtra:अहिल्यानगरच्या पाथर्डी शहरातील वामनभाऊ नगर येथे दोन वळुंच्या झुंजीत एक चिमुकला थोडक्यात बचावल्याची घटना समोर आली...हा संपूर्ण प्रकार घरासमोर लावलेल्या सीसीटीव्ही कॅमेरात कैद झाला...पाथर्डी शहरात मोकाट जनावराांचा वावर दिवसेंदिवस वाढत असून नागरिकांच्या जीवितास गंभीर धोका निर्माण झाला आहे...पालिकेकडून काही दिवसांपूर्वी मोकाट जनावरे पकडण्याची मोहीम सुरू करण्यात आली होती... मात्र जनावरे पकडताना त्यांना इजा होत असल्याचा आरोप करत काहींनी याला विरोध करत आंदोलन छेडले होते... या आंदोलनानंतर पालिका प्रशासनाने ही मोहीम थांबवली...मात्र कालच्या घटनेनंतर पुन्हा एखादा नागरिकांचा संताप पाहायला मिळत आहे...
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संभल में निकाह दावत के डीजे पर अश्लील डांस पर मुस्लिम समाज ने बवाल मचाया

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल । निकाह की मढ़ा दावत में DJ पर वार वालाओ के अश्लील डांस पर भड़के पसमांदा समाज के पश्चिमी यूपी के अध्यक्ष शाह आलम मंसूरी समेत कई मौलाना ... पसमांदा नेता शाह आलम मंसूरी ने बयान देकर कहा .. शादी और अन्य कार्यकमों में अश्लील नाच गाना इस्लाम के खिलाफ ... ऐसा करने वालो का मुस्लिम सामाजिक बहिष्कार करे ... मौलानाओ ने बयान जारी कर कहा ... जिस शादी और अन्य कार्यकमों में अश्लील नाच गाना हो डीजे बजे .. फिजूल खर्ची हो ... मुस्लिम शामिल न हो .. संभल के नखासा थाना इलाके के गांव में निकाह की दावत से पहले मढ़ा दावत में डीजे पर वार वालाओ के अश्लील डांस के सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से मचा है बवाल ... बाइट ... शाह आलम मंसूरी अध्यक्ष , पसमांदा समाज , पश्चिमी यूपी बाइट .. मौलाना मतीन बाइट .. मुफ्ती आलम रजा नूरी
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यूपी के मदरसों में MDM: जी मीडिया चेक में दो मदरसों में नहीं बना MDM

Maharajganj, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रदेश के 558 मान्यता प्राप्त मदरसों में एमडीएम में हुए भ्रष्टाचार को लेकर जांच के आदेश दिए हैं. इसके तहत यूपी के महाराजगंज जनपद स्थित भारत नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा में चल रहे दो मान्यता प्राप्त मदरसों पर जी मीडिया की टीम ने रियलिटी चेक कर एमडीएम बनने को लेकर जमीनी पड़ताल किया. जी मीडिया की पड़ताल में दोनों मदरसों में एमडीएम बनता नहीं मिला. मदरसा संचालकों से सवाल किए जाने पर जवाब गोल-मटोल थे कि अभी एडमिशन लिया जा रहा है. प्रदेश के मान्यता प्राप्त मदरसों में बड़े पैमाने पर एमडीएम के नाम पर करोड़ों रुपए के घोटाले उजागर होने के बाद यूपी सरकार ने 558 मान्यता प्राप्त मदरसों में एमडीएम के जांच के आदेश दिए थे. महाराजगंज जनपद के मदरसों में एमडीएम को लेकर स्थिति जानने के लिए जी मीडिया ने नौतनवा नगर के मकतब जामिया अरबिया सिराजुल उलूम में पहुंचे और पाया कि आज वहां एमडीएम नहीं बना था. अधिकारियों से इसका कारण पूछे जाने पर कैमरे के सामने बचते हुए दिखे. इसके बाद जी मीडिया टीम भारत नेपाल सीमा स्थित सोनौली इलाके के मान्यता प्राप्त मदरसा अल जामेअतुल निजामिया सुकरौली सोनौली में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया; यहां भी रसोईघर में एमडीएम बनता हुआ नहीं मिला. वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों ने कहा कि स्कूल चलो अभियान के तहत नए सत्र की शुरुआत हुई है, एडमिशन के कारण अभी एमडीएम नहीं बन रहा है, लेकिन एमडीएम मीनू के अनुसार रोज बनता है. कुछ बच्चों ने कहा कि आज एमडीएम नहीं बना तो पहले रोज बनता था. जी मीडिया के रियलिटी चेक के दौरान महाराजगंज जनपद के इन मदरसों में आज के दिन एमडीएम नहीं बना मिला, जिससे स्पष्ट है कि यूपी के तमाम मदरसों में एमडीएम के आड़ में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल फल फूल रहा है.
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