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Imamsahib Police Station Holds Thana Diwas on New Criminal Laws

Jul 01, 2024 09:12:36
Shopian,

Imamsahib Police Station in Shopian observed Thana Diwas to discuss the new criminal laws. The event aimed to bridge the gap between law enforcement and the public. Local residents, senior citizens, and police officials attended, focusing on raising awareness and improving cooperation in law enforcement. The discussion centered on the implications and implementation of the new legislation.

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NJNeeraj Jain
Mar 19, 2026 01:15:50
Ashoknagar, Madhya Pradesh:अशोकनगर-मातृशक्ति सम्मान समारोह के अवसर पर केंद्रीय मंत्री एवं गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया अशोकनगर पहुंचीं। यहां उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं को संबोधित किया। जिले सहित चंदेरी और आसपास के क्षेत्रों से आई महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। विभिन्न समाजों एवं सामाजिक संस्थाओं की महिलाओं ने आयोजन में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस दौरान प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने मंच से सभी सामाजिक संस्थाओं और संगठनों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने विशेष रूप से उन महिलाओं की सराहना की, जिन्होंने छोटे-छोटे स्वरोजगार शुरू कर अपने कार्यों का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि कई महिलाओं के संपर्क नंबर भी उन्होंने लिए हैं और भविष्य में उनके साथ मिलकर आगे काम करने की योजना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के ये प्रयास प्रेरणादायक हैं और ऐसे कार्यों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने हाथों में लगी मेहंदी भी दिखाई, जो चर्चा का विषय बनी रही। वहीं, जब उनसे चुनाव में सक्रिय भूमिका और संभावित एंट्री को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और बात को टाल दिया..!!
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MIMohammad Imran
Mar 19, 2026 01:15:40
Jaipur, Rajasthan:हज-2026: तैयारियां तेज, खाड़ी हालात पर टिकी नजर Haj Committee of India द्वारा हज-2026 (1447 हिजरी) के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि, दूसरी ओर खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और उड़ानों पर पड़ेगा असर।।。 पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव हज कमेटी के सर्कुलर के अनुसार इस वर्ष यात्रियों को पहले से पासपोर्ट जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्रियों को अपना मूल पासपोर्ट अपने पास रखना होगा और एम्बार्केशन प्वाइंट पर रिपोर्टिंग के समय प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। बिना मूल पासपोर्ट के यात्रा दस्तावेज जारी नहीं किए जाएंगे。 साथ ही पासपोर्ट को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं— • 31 दिसंबर 2026 तक वैधता जरूरी • कम से कम दो खाली पेज अनिवार्य • पासपोर्ट सही स्थिति में होना चाहिए • सभी व्यक्तिगत जानकारी आवेदन से मेल खानी चाहिए फ्लाइट कन्फर्मेशन और नई रिपोर्टिंग टाइमिंग यात्रियों को पोर्टल या हज सुविधा ऐप के माध्यम से अपनी फ्लाइट बुकिंग कन्फर्म करनी होगी और रसीद संभालकर रखनी होगी। इस बार यात्रियों को 48 घंटे के बजाय 24 घंटे पहले एम्बार्केशन प्वाइंट पर रिपोर्ट करना होगा。 खाड़ी तनाव और फ्लाइट देरी से बढ़ी परेशानी इधर खाड़ी देशों में जारी तनावपूर्ण माहौल के चलते उड़ानों पर असर देखने को मिल सकता है सूत्रों के अनुसार, जो लोग इस समय उमरा के लिए गए हुए हैं, उनकी वापसी और आने-जाने वाली कई फ्लाइट्स में देरी की स्थिति बन रही है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो हज यात्रा की व्यवस्थाएं किस तरह प्रभावित होंगी。 समय पर हज होगा या नहीं? अप्रैल से हज यात्रा का शेड्यूल शुरू होने की संभावना के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या तब तक हालात सामान्य हो पाएंगे। फिलहाल हज कमेटी अपनी तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा। नजर हालात पर, उम्मीद व्यवस्था पर ऐसे में अब सबकी नजर खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर टिकी है। यदि हालात जल्द सुधरते हैं तो हज यात्रा तय समय पर सुचारू रूप से संपन्न हो सकती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में अनिश्चितता बनी हुई है।
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HDHARSH DWIVEDI
Mar 19, 2026 01:15:18
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MDMahendra Dubey
Mar 19, 2026 01:01:25
Sagar, Madhya Pradesh:बड़ी खबर, प्रसिद्ध रानगिर मंदिर परिसर में नवरात्री से ठीक पहले हुआ ब्लास्ट, दादी दादा और पोती घायल, पोती की हालत नाजुक.. एंकर/ एमपी के सागर से इस वक्त की बड़ी खबर है यहां नवरात्र शुरू होने से कुछ घंटे पहले प्रसिद्ध रानगिर मंदिर के परिसर में जबरदस्त ब्लास्ट हुआ है और इस घटनाक्रम के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है , लोग दहशत में है और प्रशासनिक अमले के साथ पुलिस भी सख्ते में है। दरअसल देश दुनिया में प्रसिद्ध सागर जिले के रानगिर में स्थित मातारानी के मंदिर में आज से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा था तभी देर शाम मंदिर परिसर से लगी प्रसाद चढ़ावा की दुकान में तेज विस्फोट हुआ, विस्फोट इतना जबरदस्त था कि प्रसाद की दुकान के परखच्चे उड़ गए। दुकान में दादा दादी और उनकी नातिन थी जो तीनों इसकी चपेट में आ गए। अफरातफरी के माहौल के बीच जब लोगों ने देखा तो तीनों लहूलुहान पड़े थे। पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को रेस्क्यू कर सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कालेज भेजा जहां 11 साल की मासूम बच्ची को नाजुक हालत में भोपाल रेफर किया गया है। पीड़ित बुजुर्ग दुकानदार राधेश्याम रैकवार के मुताबिक मंगलवार की रात एक शख्स एक बॉक्स उसकी दुकान में रख कर गया था, अक्सर लोग मंदिर जाते वक्त अपना सामान इन दुकानों पर रख जाते है और ये सामान्य सी बात है लेकिन दूसरे दिन यानी बुधवार को दिन भर कोई भी ये बाक्स उठाने नहीं आया, बुजुर्ग राधेश्याम ने इस बॉक्स को साइड से रख दिया और इसी बाक्स के पास उनकी 11 साल की पोती मोबाइल चला रही थी कि अचानक विस्फोट हुआ और ये हादसा सामने आया। जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले इसी तरह के ब्लास्ट जैसी धमकी का काल रानगिर मंदिर के पुजारी के पास आया था और अब ये बात भी चर्चा में है। पहली नजर में ये किसी बड़ी अनहोनी की तरफ इशारा करने वाला मामला लग रहा है। इसे दहशतगर्दों के आतंक का उदाहरण भी माना जा रहा है क्योंकि जिस मंदिर परिसर के इलाके के ये ब्लास्ट हुआ वो मंदिर पूरे देश में जाना जाता है, आम दिनों में यहां देश के अलग अलग हिस्सों से हजारों भक्त आते है जबकि नवरात्र में ये संख्या लाखों में पहुंच जाती है ऐसे में किसी बड़े षड्यंत्र से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं पुलिस के मुताबिक हालात काबू में है। एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा के मुताबिक घटना की सूचना के बाद पुलिस एलर्ट मोड पर आ गई। जिला मुख्यालय से फॉरेंसिक टीम के साथ विशेषज्ञों को भेजा गया है, अभी शुरुवाती दौर में ये नहीं कहा जा सकता कि आखिर ब्लास्ट की वजह क्या है और जिस माध्यम से ब्लास्ट हुआ वो चीज क्या थी। उनके मुताबिक पुलिस लगातार जांच कर रही है और जानकारों को यहां लगाया गया है। एडिशनल एसपी ने ये भी स्वीकार किया है कि मंदिर के पुजारी के पास धमकी भरा मेसेज आया था और इस बात को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों की माने तो लोगों को डरने की जरूरत नहीं है, पूरे क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया है और पूरे इलाके की गहन तलाशी ली जा रही है। बाइट/ राधेश्याम ( पीड़ित दुकानदार रानगिर सागर) बाइट/ लोकेश सिन्हा ( एडिशनल एसपी सागर)
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EGE GOPI
Mar 19, 2026 01:00:58
Kharagpur, West Bengal:খড়গপুর সদরের কৌশল্যার শ্মশান কালীপুজোর মেলাকে ঘিরে নির্বাচনী উত্তাপ ক্রমশ বাড়ছে। প্রতি বছরের মতো এবারও এই মেলায় উপচে পড়া ভিড়, আর সেই ভিড়কেই প্রচারের বড় মঞ্চ হিসেবে বেছে নিয়েছে দুই প্রধান রাজনৈতিক শিবির—বিজেপি ও তৃণমূল। প্রথমে মেলায় পৌঁছান তৃণমূল প্রার্থী প্রদীপ সরকার। মন্দিরে পুজো দিয়ে সাধারণ মানুষের সঙ্গে কথা বলেন তিনি। এরপর মেলা প্রাঙ্গণ ছেড়ে রাস্তায় বেরোতেই সামনে পড়ে যান বিজেপি প্রার্থী দিলীপ ঘোষ। মুহূর্তের জন্য থমকে দাঁড়ান প্রদীপ, আর ঠিক তখনই এগিয়ে এসে হাত বাড়িয়ে দেন দিলীপ ঘোষ। দুই প্রতিদ্বন্দী প্রার্থীর এই সৌজন্য বিনিময় নজর কেড়ে নেয় সকলের। তবে বাইরে ছিল ভিন্ন চিত্র। দুই শিবিরের কর্মী-সমর্থকদের মধ্যে টানটান উত্তেজনা, একদিকে “জয় শ্রী রাম”, অন্যদিকে “জয় বাংলা” স্লোগানে মুখরিত হয়ে ওঠে এলাকা। এই প্রসঙ্গে দিলীপ ঘোষ বলেন, মানুষই ঠিক করবে কাকে জেতাবেন। দীর্ঘদিনের পরিচয়ের কথা উল্লেখ করে তিনি জানান, “আমি বিধায়ক ছিলাম, ও খড়গপুরের চেয়ারম্যান ছিল। মানুষকে দেখলে কি কথা বলবো না?” অন্যদিকে, প্রদীপ সরকারের গলায় শোনা যায় ভিন্ন সুর। তিনি বলেন, “সৌজন্যতা দেখানো হয়েছে ঠিকই, কিন্তু কালীমন্দিরে এসে ‘জয় শ্রী রাম’ স্লোগান—এটা কি সম্ভব? আজ রাম জীবিত থাকলে লজ্জা পেতেন।” সব মিলিয়ে, ধর্মীয় আবহের মধ্যেও রাজনৈতিক উত্তাপ স্পষ্ট। প্রচার যত এগোচ্ছে, ততই হাইভোল্টেজ লড়াইয়ের আভাস মিলছে খড়গপুর সদর বিধানসভা
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 18, 2026 18:47:08
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। जोधपुर, पाली और बालोतरा जिलों में बहने वाली जोजरी, बांडी और लूनी नदियों में बढ़ते प्रदूषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद राज्य सरकार ने तेजी से कदम उठाए हैं। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने विस्तृत हलफनामा प्रस्तुत करते हुए हाई लेवल इकोसिस्टम ओवरसাইট कमेटी को मजबूत करने के लिए किए गए प्रशासनिक बदलावों और नियुक्तियों की जानकारी दी। कोर्ट ने इस हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेते हुए फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खण्डपीठ के समक्ष हुई। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने कोर्ट को अवगत कराया कि समिति की पूर्व रिपोर्ट में जिन कमियों और संसाधनों की कमी का उल्लेख किया गया था, उन्हें अब दूर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि समिति के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। सरकार ने बताया कि आरएएस अधिकारी मनोज सोलंकी को कमेटी का रजिस्ट्रार-कम-नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। उनके साथ एक वरिष्ठ विधिक शोधकर्ता और स्टेनोग्राफर की भी नियुक्ति की गई है, ताकि समिति का काम बिना रुकावट आगे बढ़ सके। उल्लेखनीय है कि मनोज सोलंकी इससे पहले जोधपुर उत्तर नगर निगम में उपायुक्त के पद पर कार्यरत थे और उन्हें तत्काल प्रभाव से इस नई जिम्मेदारी पर लगाया गया है। दरअसल, 17 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा समय पर हलफनामा पेश नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई थी और 18 मार्च तक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार ने त्वरित निर्णय लेते हुए प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किए और आवश्यक नियुक्तियां पूरी कीं। इस पूरे प्रकरण की शुरुआत 16 सितंबर 2025 को हुई थी, जब सुप्रीम कोर्ट ने जोजरी नदी में बढ़ते प्रदूषण और बिना उपचार के छोड़े जा रहे सीवरेज के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अन्य संबंधित मामलों के साथ जोड़ा गया, जिनमें औद्योगिक प्रदूषण भी शामिल है। इसके बाद 21 नवंबर 2025 को कोर्ट ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया था। इस समिति को नदियों की सफाई, प्रदूषण नियंत्रण और पुनर्जीवन के लिए कार्ययोजना तैयार करने का दायित्व सौंपा गया। 10 मार्च 2026 को प्रस्तुत अंतरिम रिपोर्ट में सामने आया कि प्रदूषण के कारण क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान हुआ है और बुनियादी ढांचे पर भी असर पड़ा है। साथ ही, समिति ने संसाधनों की कमी की बात भी रखी थी, जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। अब सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है, जो इस पूरे मामले की दिशा तय करेगा। जोजरी सहित इन नदियों में प्रदूषण की वजह से लाखों लोगों सहित पशु पक्षियों के जीवन पर संकट मंडरा रहा है ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले पर गंभीरता दिखाई है।
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DGDeepak Goyal
Mar 18, 2026 18:46:50
Jaipur, Rajasthan:Anchor--हरीशचन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान के महानिदेशक एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) राजेश कुमार यादव ने सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर आमजन की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण पर जोर दिया। एसीएस यादव ने निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि परिवादियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी परिवादियों को व्हाट्सएप या संदेश के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, रिवर्स कॉल कर उनसे संतुष्टि का फीडबैक लेना भी अनिवार्य किया जाए। निरीक्षण के दौरान एसीएस ने कंट्रोल रूम में मौजूद रहते हुए स्वयं परिवादियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश देकर समाधान सुनिश्चित कराया। जयपुर, जालौर, जोधपुर और कोटा जिलों के परिवादियों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विभिन्न विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन पर उपस्थित होकर परिवादियों से सीधा संवाद कर रहे हैं।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 18, 2026 18:46:32
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने हनुमानगढ़ जिला क्रिकेट संघ के चुनावों को लेकर दिए गए सिंगल बेंच के फैसले को रद्द कर बड़ा निर्णय सुनाया है। अदालत ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिना संबंधित पक्षों को सुने चुनाव निरस्त करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस चन्द्रशेखर शर्मा डिवीजन बेंच ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के अधिकारों को प्रभावित करने वाले आदेश पारित करने से पहले उसे सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य है। हाईकोर्ट सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ एसोसिएशन के पदाधिकारी पवन कुमार अग्रवाल सहित अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश जोशी ने विशेष अपील पेश करते हुए चुनौती दी। मामले के अनुसार जिला क्रिकेट संघ हनुमानगढ़ की कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए चुनावों की प्रक्रिया शुरू की गई थी। चुनाव अधिकारी की नियुक्ति कर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया और 1 जून 2024 को मतदान भी संपन्न हुआ। इस बीच चुनाव अधिकारी को बदलने के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सिंगल बेंच ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए चुनाव अधिकारी बदलने के आदेश को निरस्त कर दिया था और इसके बाद हुई पूरी चुनाव प्रक्रिया को भी अवैध घोषित कर चुनाव रद्द कर दिए थे। डिवीजन बेंच ने इस आदेश को अनुचित मानते हुए कहा कि चुनाव हो चुके थे और निर्वाचित पदाधिकारी कार्यभार संभाल चुके थे, ऐसे में उन्हें पक्षकार बनाए बिना लिया गया निर्णय न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि चुनाव से जुड़े विवादों का निपटारा सामान्यतः चुनाव याचिका के जरिए किया जाना चाहिए, न कि रिट याचिका में हस्तक्षेप कर पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया जाए। डिवीजन ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया के बाद हुई घटनाओं को रिकॉर्ड पर नहीं लाया और न ही उन्हें विधिवत चुनौती दी। इसके बावजूद सिंगल बेंच द्वारा चुनाव निरस्त करना उचित नहीं था। हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच का आदेश निरस्त करते हुए संबंधित रिट याचिका को खारिज कर दिया और अपील को स्वीकार कर लिया। इस फैसले से जिला क्रिकेट संघ के निर्वाचित पदाधिकारियों को बड़ी राहत मिली है。
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 18, 2026 18:46:15
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर—राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस कुलदीप माथुर की एकलपीठ ने कृषि उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर परिवहन एवं हैंडलिंग से जुड़ी निविदा प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने दो रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए संबंधित निविदा के तहत कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी करने पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता विजय लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी के प्रोप्राइटर किशन लाल ने निविदा प्रक्रिया को चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही। उन्होंने बताया कि जिस क्रय-विक्रय सहकारी समिति ने निविदा में भाग लिया, उसी का सदस्य सचिव क्रय समिति में शामिल था, जिससे हितों का टकराव स्पष्ट होता है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हर्षित भुरानी ने दलील दी कि यह पूरी प्रक्रिया राजस्थान पारदर्शिता सार्वजनिक खरीद अधिनियम, 2012 और संबंधित नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित की गई। उन्होंने कहा कि जिस संस्था का प्रतिनिधि चयन समिति में था, उसी की तकनीकी बोली को स्वीकार करना नियमों के विपरीत है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है और अगली सुनवाई तक वर्क ऑर्डर जारी करने पर रोक बरकरार रखी है।
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