184102
Kathua Administration Prepares Facilitation Centre for Amarnath Yatra
Kathua,Kathua Administration has set up a well-equipped Facilitation Centre at Lakhanpur for Shri Amarnath Yatra 2024. The center aims to provide a comfortable and memorable experience for pilgrims embarking on their journey.
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
दिल्ली में CII वार्षिक बिजनेस समिट 2026: धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल का भाषण
Noida, Uttar Pradesh:DELHI: CII ANNUAL BUSINESS SUMMIT 2026 DHARMENDRA PRADHAN (UNION EDUCATION MINISTER) & PIYUSH GOYAL (UNION MINISTER OF COMMERCE & INDUSTRY) SPEECH0
0
Report
समद नगर मोहल्ले की एकता दाल मील में भीषण आग, दमकल ने पाया काबू
Noida, Uttar Pradesh:संदिग्ध परिस्थितियों में दाल मील में लगी आग, देखते ही देखते आग ने धारण किया विकराल रूप, रिहायशी इलाके में स्थित दाल मील में आग लगने से मचा हड़कम्प, स्थानीय लोगों सहित दमकलकर्मियों की सक्रियता से टला बड़ा हादसा, कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया आग पर काबू, शहर कोतवाली कस्बा क्षेत्र के समद नगर मोहल्ला स्थित एकता दाल मील की घटना।0
0
Report
हाशिम केस: dna रिपोर्ट आने तक तस्वीर साफ नहीं, दोनों परिवार न्याय की मांग
Hathras, Uttar Pradesh:हिंदू परिवार का dna कराया गया。 रिपोर्ट आने में एक महीने का वक्त लग सकता है。 दोनों के परिवार ने पहचान की。 कल मुस्लिम परिवार का dna सैंपल लिया जाएगा。 dna report आने के बाद तस्वीर साफ हो पाएगी。 वहीं मृतक हाशिम के मां और पिता ने बताया कि हाशिम के गायब होने के बाद जब लाश मिली तो पुलिस ने शिनाख्त कराया। लाल t shirt से पहचान हुई। हमने दफन कर दिया。 हालांकि हाशिम के पिता साबिर ने पड़ोस में रहने वाले परिवार पर हत्या का मुकदमा दर्ज करवा दिया। वहीं ये परिवार का आरोप है कि इन्होंने गलत मुकदमा दर्ज कर लिया।0
0
Report
Advertisement
BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक: ईरान के मंत्री की द्विपक्षीय बातचीत और दिल्ली में तैयारी
Delhi, Delhi:ईरानी दूतावास का बयान: BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे ईरान के विदेश मंत्री BRICS सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आएंगे। यह बैठक 14-15 मई को भारत की अध्यक्षता में आयोजित होगी। बैठक में क्षेत्रीय स्थिरता, बहुपक्षीय सहयोग और आर्थिक मजबूती जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। यात्रा के दौरान ईरानी विदेश मंत्री भारत के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। इसके अलावा BRICS बैठक में शामिल अन्य देशों के मंत्रियों और अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। यह बैठक सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारी के तौर पर देखी जा रही है। इस साल BRICS की अध्यक्षता भारत के पास है।0
0
Report
रीवा में डायल 112 कर्मी और महिला के बीच देर रात तीखी बहस वायरल
Rewa, Madhya Pradesh:रीवा के समान थाना क्षेत्र अंतर्गत दीप ज्योति स्कूल के पास देर रात एक युवती और डायल 112 में तैनात पुलिसकर्मी के बीच विवाद हो गया। सड़क पर हुई इस तीखी बहस के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि देर रात तक पुलिसकर्मी और महिला के बीच तीखी नोक झोक चलती रही और कई घंटे यह हाई वोल्टेज ड्रामा बीच सड़क पर चल रहा विवाद किस कारण से हुआ अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया लेकिन जिस तरह से पुलिसकर्मी एक महिला के साथ बहस करता दिखाई दे रहा है इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया राहगीर ने बनाया वीडियो, विवाद का कारण अज्ञात घटना के दौरान वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने अपने मोबाइल से इसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। सामने आए इस वीडियो में युवती, पुलिसकर्मी पर नाराजगी जताती हुई दिखाई दे रही है और पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद है। फिलहाल दोनों के बीच विवाद की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब तक किसी भी पक्ष या पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी या बयान जारी नहीं किया गया है。0
0
Report
प्रधानमंत्री की अपील के असर से छत्तीसगढ़ में चौधरी का प्रोटोकॉल कटौती
Raipur, Chhattisgarh:रायपुर एक्सक्लुसिव ब्रेकिंग-प्रधानमंत्री की अपील का असर छत्तीसगढ़ में भी. मंत्री ओपी चौधरी नहीं करेंगे पायलट या फॉलो गाड़ी का उपयोग. चौधरी ने प्रोटोकॉल भी छोड़ा. सोशल मीडिया पर दी जानकारी. सूत्रों के मुताबिक जल्द ही मुख्यमंत्री और सरकार के अन्य मंत्री भी काफिले और प्रोटोकॉल में कर सकते हैं कटौती.0
0
Report
Advertisement
गाजियाबाद स्थित चोपला मंदिर के पास दुकान में आग, दमकल मौके पर
Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद में चोपला मंदिर के पास एक दुकान में आग लग गई। मौके पर दो फायर टेंडर मौजूद हैं। आग बुझाने का काम चल रहा है। और जानकारी का इंतज़ार है।0
0
Report
जालौन में अंग्रेजी शराब ठेके के पास छात्रों के गुटों की मारपीट वीडियो वायरल
Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में अंग्रेजी शराब ठेके के पास छात्रों के दो गुटों में जमकर हुई मारपीट, एक दूसरे पर बेल्टों से जमकर मारपीट करते नजर आए छात्रों के गुट, किसी बात को लेकर हुई मामूली कहासुनी के बाद छात्रों के दोनों गुटों के बीच हुई मारपीट, कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर मारपीट की वारदात को दिया गया अंजाम, छात्रों के दोनों गुटों के बीच हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ viral, जालौन कोतवाली क्षेत्र के देवनगर चौराहा स्थित अंग्रेजी शराब ठेके के पास का मामला।0
0
Report
जालौन में अज्ञात वाहन की टक्कर, बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत
Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन\n\nजालौन में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर, टक्कर लगने से हादसे में बाइक सवार युवक की हुई दर्दनाक मौत, टक्कर मारने के बाद ड्राइवर वाहन समेत भागने में हुआ कामयाब, युवक की मौत से घर में मचा कोहराम, घटना की सूचना पा कर मौके पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुटी, जालौन कोतवाली क्षेत्र के सहाव मोड़ का मामला।0
0
Report
Advertisement
SC ने राजस्थानी को प्राथमिक शिक्षा में शामिल करने नीति बनाने का आदेश दिया
Jodhpur, Rajasthan:नोट इस खबर में सुप्रीम कोर्ट के विजुअल चलावे जोधपुर। सुप्रीम कोर्ट ने मातृभाषा आधारित शिक्षा को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए राजस्थान सरकार को राजस्थानी भाषा के संरक्षण और उसे शिक्षा व्यवस्था में शामिल करने के लिए ठोस नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि किसी भी बच्चे को ऐसी भाषा में शिक्षा मिलनी चाहिए जिसे वह आसानी से समझ सके, क्योंकि समझ के बिना शिक्षा का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। याचिकाकर्ता पदम मेहता द्वारा रीट -2021 परीक्षा में राजस्थानी भाषा को शामिल करने और स्कूलों में मातृभाषा में शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग से जुड़ा था। याचिकाकर्ताओं ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने पहले यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि याचिकाकर्ताओं का कोई कानूनी अधिकार सिद्ध नहीं होता। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि रीट-2021 भर्ती प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है, इसलिए उस परीक्षा से जुड़ी मांग पर अब कोई प्रभावी आदेश नहीं दिया जा सकता। लेकिन अदालत ने कहा कि यह मुद्दा केवल भर्ती परीक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि शिक्षा, भाषा और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा व्यापक प्रश्न है। फैसले में सुप्रीम ने कहा कि संविधान बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार देता है और यह तभी संभव है जब पढ़ाई ऐसी भाषा में हो जिसे बच्चा समझ सके। कोर्ट ने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा बच्चों की समझ, मानसिक विकास और आत्मविश्वास को मजबूत करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा के अधिकार कानून में भी प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा पर जोर दिया गया है। खंडपीठ ने राज्य सरकार के उस तर्क को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि केवल संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं को ही सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जाता है। अदालत ने कहा कि राजस्थानी भाषा पहले से ही राजस्थान की कई विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जा रही है, इसलिए उसे स्कूलों में शामिल नहीं करना उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह राजस्थानी भाषा को स्थानीय और क्षेत्रीय भाषा के रूप में मान्यता देते हुए चरणबद्ध तरीके से सरकारी और निजी स्कूलों में इसे विषय के रूप में शुरू करे। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा आधारित शिक्षा लागू करने के लिए व्यापक नीति बनाई जाए ताकि बच्चों को बेहतर और सहज शिक्षा मिल सके। कोर्ट ने राज्य सरकार को 25 सितंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है。0
0
Report
राजस्थान HC ने आयकर रिटर्न के आधार पर मोटर दुर्घटना मुआवजे में वृद्धि के निर्देश दिए
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मामलों में मुआवजा निर्धारण को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद नियमानुसार आयकर रिटर्न दाखिल किया गया है, तो उसे भी मुआवजे की गणना में मान्य माना जाएगा। जस्टिस मुकेश राजपुरोहित ने यह अहम आदेश देते हुए बीमा कंपनी को बढ़ी हुई मुआवजा राशि अदा करने के निर्देश दिए। मामले में पाली निवासी मोहनलाल और सरला देवी नागर ने अपने पुत्र राकेश की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद अधिक मुआवजे की मांग करते हुए अपील दायर की थी। राकेश की 1 मई 2011 को मोटर दुर्घटना में मौत हो गई थी। मोटर यान दुर्घटना दावा अधिकरण, पाली ने मृतक के मृत्यु से पहले दाखिल आयकर रिटर्न को आधार मानते हुए वित्तीय वर्ष 2009-10 की आय 2 लाख 17 हजार 741 रुपए स्वीकार कर मुआवजा तय किया था। अपीलकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सुनील भंडारी ने कोर्ट में तर्क दिया कि वित्तीय वर्ष 2010-11 का आयकर रिटर्न वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद ही दाखिल किया जा सकता था, इसलिए मृत्यु के बाद दाखिल किया गया रिटरन पूरी तरह वैध है। उन्होंने कहा कि उस रिटरन में मृतक की वार्षिक आय 2 लाख 69 हजार 537 रुपए दर्शाई गई थी, जिसके आधार पर मुआवजे की पुनर्गणना की जानी चाहिए। वहीं इंश्योरेंस की ओर से दलील दी गई कि अधिकरण ने मृत्यु से पहले उपलब्ध अंतिम आयकर रिटर्न को आधार बनाकर सही मुआवजा निर्धारित किया था, इसलिए अपील खारिज की जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि वित्तीय वर्ष 2010-11 का आयकर रिटर्न नियमानुसार निर्धारित अवधि में दाखिल किया गया था और बीमा कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि वह रिटर्न फर्जी या बनावटी था। कोर्ट ने मृतक की आय 2 लाख 69 हजार 537 रुपए मानते हुए मुआवजा राशि में 9 लाख 45 हजार 387 रुपए की बढ़ोतरी कर दी। इसके साथ ही कुल मुआवजा 40 लाख 95 हजार 683 रुपए से बढ़ाकर 50 लाख 41 हजार 70 रुपए कर दिया गया। अदालत ने बढ़ी हुई राशि पर 4 सितंबर 2019 से 6 प्रतिशत ब्याज देने का भी आदेश दिया.0
0
Report
राजस्थान उच्च न्यायालय ने बिना एनओसी प्रवेश देने वाले निजी डिप्लोमा संस्थानों पर जुर्माना
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की बेंच ने बिना वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के प्रवेश देने वाले निजी पशुपालन डिप्लोमा संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की एनओसी के बिना कोई भी संस्थान प्रवेश प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकता और ऐसे संस्थानों का संचालन पूरी तरह अवैध माना जाएगा। सुनवाई के दौरान राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ वेटनरी एंड एनिमल साइंसेज, बीकानेर की ओर से अधिवक्ता अजय कुमार व्यास और जतिन सांखला ने कोर्ट को बताया कि संबंधित संस्थानों को दी गई संबद्धता केवल अस्थायी थी और यह राज्य सरकार से एनओसी प्राप्त करने की शर्त पर आधारित थी। इसके बावजूद संस्थान निर्धारित समय में आवश्यक अनुमति हासिल नहीं कर सके। कोर्ट ने कहा कि संस्थानों को कई अवसर दिए गए थे। राज्य सरकार ने 13 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक आवेदन के लिए विशेष विंडो भी खोली थी, लेकिन संस्थानों ने आवेदन करने के बजाय न्यायालय की शरण लेना उचित समझा। इसे न्यायिक प्रक्रिया और समय की अनावश्यक बर्बादी मानते हुए अदालत ने सभी याचिकाकर्ता संस्थानों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। यह राशि चार सप्ताह के भीतर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी को आदेश दिया कि प्रभावित छात्रों को एक महीने के भीतर सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त संस्थानों में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान सत्र में संस्थानों को कोई राहत नहीं मिलेगी। हालांकि वे शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए राज्य सरकार की नीति के अनुसार दोबारा एनओसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।0
0
Report
Advertisement
जयपुर बम धमाके: अदालतों में लंबी सुनवाई के बाद आजीवन कारावास का निर्णय
Jaipur, Rajasthan:13 मई 2008 की शाम करीब 7.20 बजे पहला बम ब्लास्ट खंदा माणक चौक, हवा महल के सामने हुआ। इसमें 1 महिला की मौत हुई जबकि 18 लोग घायल। दूसरा बम धमाका बड़ी चौपड़ के पास मनिहारों के खंदे में ताला चाबी वालों की दुकानों के पास शाम करीब 7.25 बजे हुआ। जिसमें 6 लोगों की मौत हुई साथ ही 27 लोग घायल हुए थे। तीसरा बम ब्लास्ट शाम करीब 7.30 बजे छोटी चौपड़ पर कोतवाली थाने के बाहर पार्किंग में हुआ। इनमें 2 पुलिसकर्मियों सहित 7 लोगों की मौत हुई। जबकि 17 लोग घायल हुए थे। चौथा बम धमाका भी इसी समय दुकान नंबर 346 के सामने, त्रिपोलिया बाजार के पास हुआ। इसमें 5 लोगों की मौत और 4 लोग घायल हुए। पांचवां बम धमाका चांदपोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर के बाहर पार्किंग स्टैंड पर शाम 7.30 बजे हुआ। इनमें सबसे ज्यादा 25 लोगों की मौत हुई, जबकि 49 लोग घायल हुए। छठा बम ब्लास्ट जौहरी बाजार में पीतलियों के रास्ते की कार्नर पर नेशनल हैंडलूम के सामने शाम करीब 7.30 बजे हुआ। इनमें 8 लोगों की मौत और 19 लोग घायल हुए। सातवां बम धमाका शाम 7.35 बजे छोटी चौपड़ पर फूलों के खंदे में हुआ। इसमें 2 लोगों की मौत और 15 लोग घायल हुए। आठवां बम धमाका जौहरी बाजार में सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर के बाहर शाम 7.36 बजे हुआ। इसमें 17 लोगों की मौत हुई जबकि 36 लोग घायल हुए। नौंवे ब्लास्ट की कोशिश दुकान नंबर 17 के सामने चांदपोल बाजार में एक गेस्ट हाउस के बाहर करने की थी। बम में रात 9 बजे का टाइमर सेट था, लेकिन 15 मिनट पहले बम स्कॉड टीम ने इसे डिफ्यूज कर दिया। December 2019 में जयपुर की स्पेशल कोर्ट ने मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी, सेफुर्रहमान और एक अन्य को मुख्य धमाकों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया था। कोर्ट ने इन्हें आईपीसी, यूएपीए और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मौत की सजा सुनाई थी। जबकि पांचवें आरोपी शाहबाज हुसैन को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। कोर्ट ने इन धमाकों को भारत की एकता और अखंडता के खिलाफ बड़ी साजिश माना था। वहीं 29 मार्च 2023 को राजस्थान हाईकोर्ट ने इन चारों आरोपियों को मुख्य ब्लास्ट मामले में बरी कर दिया। हाईकोर्ट ने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे “इंस्टीट्यूशनल फेलियर” बताया। कोर्ट ने सबूतों में हेराफेरी और फेब्रिकेशन का भी आरोप लगाया तथा कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों को घटना से जोड़ने में पूरी तरह नाकाम रहा। इसके बाद पीड़ित परिवारों और राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। जहां अपील अभी भी लंबित है। धमाकों के दिन चांदपोल बाजार के रामचंद्र मंदिर के पास एक लाइव बम बरामद हुआ था, जिसे बाद में निष्क्रिय कर दिया गया। इस अलग मामले में अप्रैल 2025 में स्पेशल कोर्ट ने मोहम्मद सैफ, सेफुर्रहमान, मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद को दोषी ठहराया। अदालत ने 8 अप्रैल 2025 को इन्हें यूएपीए और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने दो दोषियों की जमानत और सजा निलंबन की याचिका खारिज कर दी है, जिससे वे जेल में ही रहेंगे। आज 18 साल बीत जाने के बावजूद जयपुर बम कांड में पूर्ण न्याय अभी भी बाकी है। पीड़ित परिवार मुख्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जबकि लाइव बम मामले में सजा हो चुकी है। जिसकी अपील भी हाईकोर्ट में लंबित है।0
0
Report
जजेज प्रीमियर लीग-2026 का रोशन समापन: न्यायिक अधिकारियों में खेल भावना का नया दौर
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा आयोजित आरजेएस इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम 2025-26 के अंतर्गत जजेज प्रीमियर लीग-2026 का भव्य समापन समारोह उत्साह और उल्लास के बीच संपन्न हुआ। राजस्थान हाईकोर्ट के संरक्षण में आयोजित इस खेल आयोजन ने न्यायिक अधिकारियों और प्रशिक्षु अधिकारियों के बीच खेल भावना, अनुशासन और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का संदेश दिया। प्रतियोगिता का शुभारंभ जस्टिस विनीत कुमार माथुर की अध्यक्षता में हुआ था। उद्घाटन अवसर पर मशाल प्रज्वलन, ध्वजारोहण और खेल भावना की शपथ के साथ आयोजन की शुरुआत की गई। पूरे आयोजन के दौरान अकादमी परिसर खेल गतिविधियों और प्रतिस्पर्धात्मक उत्साह से सराबोर रहा। लीग में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने क्रिकेट, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शतरंज, कैरम और फिटनेस प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न खेलों में भाग लिया। कुल 26 से अधिक मुकाबलों का आयोजन हुआ। विजेता खिलाड़ियों और प्रतिभागियों को 151 पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह का एक विशेष आकर्षण स्पोर्ट्स मीट-2026 और आरोग्य वाटिका कार्यक्रम रहा। इसके तहत औषधीय और हर्बल पौधों का रोपण कर स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस पहल का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों के बीच स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देना है। समापन समारोह की अध्यक्षता कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने की। समारोह में न्यायाधीश डॉ पुष्पेन्द्रसिंह भाटी,न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर,न्यायाधीश डॉ नुपूर भाटी सहित कई न्यायाधीश और न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की प्रस्तुति और पुरस्कार वितरण समारोह आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में विजेताओं के साथ आयोजन समिति, अकादमी स्टाफ और खेल समन्वयकों को भी सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि खेल गतिविधियां टीम भावना, अनुशासन और सकारात्मक सोच को विकसित करती हैं। जजेज प्रीमियर लीग-2026 न्यायिक परिवार के बीच एकता और सहयोग का सशक्त माध्यम बनकर उभरी0
0
Report
उन्नाव में नव राज्य मंत्री कैलाश राजपूत का बड़ा दावा, महाराज की कृपा से बने मंत्री
Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव नव मनोनीत राज्य मंत्री का बड़ा दावा。 राज्य मंत्री कैलाश राजपूत ने कहा साक्षी महाराज की कृपा से मंत्री बना हूं。 मुझे पता चला महाराज जी उन्नाव आ रहे हैं तो उनके दर्शन के लिए उन्नाव आ गया - मंत्री सोना, पेट्रोल की कम खपत वाले प्रधानमंत्री के बयान पर बोले मंत्री。 मोदी जी देश के सर्वोच्च नेता उन्होंने कुछ बोला होगा, सोचा होगा तभी देशवासियों को आगाह किया - मंत्री पीएम की नाकामी छुपाने वाले राहुल गांधी के बयान पर मंत्री का पलटवार。 राहुल गांधी क्या है, राहुल गांधी के भाग्य में प्रधानमंत्री का पद नहीं -मंत्री अगर उनकी माताजी चाहती तो सरदार जी के ढाई साल काटकर अपने बेटे को शपथ दिला सकती थी- मंत्री लेकिन ना उनका करियर है ना चेहरा है यहां तक कि उनकी शादी भी नहीं हुई - मंत्री अखिलेश और ममता की मुलाकात पर बोले मंत्री。 पहले बिहार का चुनाव हुआ योगी जी ने 31 सभाएं की उनमें 29 विधायक जीते, अखिलेश ने 25 सभाएं की उनमें केवल दो विधायक जीते थे- मंत्री बंगाल में अखिलेश जी गए ममता जी ने उनको लिफ्ट नहीं दिया नमस्कार किया वह अपना अंदर चली गई- मंत्री महिला आरक्षण का ममता जी ने अखिलेश जी ने विरोध किया- मंत्री इसीलिए बंगाल की बेटियों और सर्व समाज की बेटियों ने भाजपा पर भरोसा किया- मंत्री उन्नाव सांसद साक्षी महाराज के आवास पर आए थे राज्य मंत्री कैलाश राजपूत.0
0
Report
Advertisement
