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बांता में तेंदुए के दर्शन, वन विभाग ने पिंजरा और ट्रैकिंग कैमरे से निगरानी बढ़ाई

Pali, Rajasthan:बांता गांव के सेहवाज हिंगलाज माता पहाड़ी पर तेंदुआ दिखने से दहशत, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी लगाया पिंजरा मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र के बांता गांव से करीब दो किलोमीटर दूर सेहवाज हिंगलाज माता मंदिर की पहाड़ी पर तेंदुआ दिखाई देने की सूचना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ पहाड़ी क्षेत्र में बकरियों सहित अन्य मवेशियों का शिकार कर रहा है। सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी जानकारी दी। वन विभाग की टीम रेंजर सुरेंद्र सिंह के निर्देशन में बांता-सेहवाज़ माता पहाड़ी क्षेत्र में पहुंची और संभावित स्थानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने तेंदुए की गतिविधियों और उसके आवागमन वाले क्षेत्रों का जायजा लिया। विभाग ने क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाने की बात कही। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया साथ ही संभावित स्थानों पर ट्रैकिंग कैमरे भी लगाए गए हैं।वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने तथा जंगल व पहाड़ी क्षेत्र में अकेले नहीं जाने की अपील की है। किसानों और पशुपालकों को भी अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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ULC के धमकी पत्र: कश्मीरी पंडितों को मारने की चेतावनी, सुरक्षा बढ़ी

Chaka, आतंकी संगठन ULC की कश्मीरी पंडितों को नई जान से मारने की धमकी: माफ़ी मांगो या अंजाम भुगतो। सोशल मीडिया पर यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) के नाम से एक नया धमकी भरा पत्र सामने आया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां ​​ULC को लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तान से जुड़ा प्रॉक्सी संगठन मानती हैं। यह पत्र खास तौर पर उन कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाता है जिन्होंने हाल ही में घाटी में सुरक्षित आवास की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। पिछले लगभग दो महीनों में ऐसे कई संदेश सामने आए हैं जिनमें कर्मचारियों के नाम, फ़ोन नंबर, पते, गाड़ियों की जानकारी और अब उनकी तस्वीरें भी सार्वजनिक की गई हैं। लगभग 10 सितंबर 2026 की तारीख वाले और "अहमद बिलाल, मीडिया कोऑर्डिनेटर, सोल्जर ऑफ़ रेजिस्टेंस" के हस्ताक्षर वाले इस पत्र की शुरुआत "अस्सलाम-उ-अलैकुम" से होती है। इसमें विरोध करने वाले पंडित कर्मचारियों को "व्हाइट-कॉलर आतंकवादी प्रवासी पंडित" कहा गया है और अलग बस्तियों या सुरक्षित सरकारी आवास की उनकी मांग को "राज्य के भीतर एक और राज्य बनाने की सोची-समझी योजना" बताकर खारिज किया गया है। इसमें दावा किया गया है कि यह "भारतीय पाखंडी सरकार" की एक "दिखावटी योजना" है, जिसका मकसद क Kashmirियों के बीच रहने वाले हिंदुओं के लिए असुरक्षा का माहौल दिखाना है, ताकि सुरक्षा एजेंसियों को स्थानीय कश्मीरियों के खिलाफ खुली छूट मिल सके। पत्र में इस विचार की तुलना "इजरायली सेटलमेंट मॉडल" से की गई है, जिसका मकसद प्रवासी पंडितों के पुनर्वास और डोमिसाइल जारी करने के बहाने बाहरी लोगों को बसाकर "lIOJK" (जिसे वे ऐसा कहते हैं) की जनसांख्यिकीय संरचना को बदलना है। इसमें कर्मचारियों पर लंबे समय से पाखंड करने का आरोप भी लगाया गया है: कहा गया है कि वे 1990 के दशक से "विक्टिम कार्ड" (पीड़ित होने का नाटक) का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि कथित तौर पर दिल्ली की सेवा में "बेगुनाह क Kashmirियों पर अत्याचार" करने और क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। पत्र में दावा किया गया है कि समूह के पास पहले से ही उनकी जानकारी, ठिकाने, पारिवारिक संबंध और रोज़मर्रा की गतिविधियों का ब्योरा मौजूद है और वे "जब चाहें उन पर हमला कर सकते हैं।" इसमें "lIOJK के निवासियों से माफ़ी मांगने और सोचने-समझने" के लिए सीमित समय दिया गया है और चेतावनी दी गई है कि ऐसा न करने पर "MHA/दिल्ली उन्हें नहीं बचा पाएगी"। यहां तक ​​कि श्मशान घाट को भी तहस-नहस कर दिया जाएगा।" पत्र का समापन इस आग्रह के साथ होता है कि वे "पाखंडी और आक्रामक भारतीय दिल्ली सरकार" के बजाय अपने लिए सबसे अच्छा क्या है, इस पर विचार करें。 खबरों के मुताबिक, पिछले दो महीनों में इस तरह का यह पांचवां पत्र है। पहले जारी किए गए पत्रों में रेवेन्यू और ट्रांसपोर्ट जैसे विभागों के खास कर्मचारियों के नाम, उनके फ़ोन नंबर और जम्मू में उनके घर के नंबर और गली के पते जैसी सटीक जानकारी दी गई थी। साथ ही, गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर भी बताए गए थे और प्रधानमंत्री के खास रोज़गार और पुनर्वास पैकेज के तहत सरकारी नौकरी जारी रखने पर जानलेवा नतीजे भुगतने की चेतावनी दी गई थी। घाटी में PM पैकेज के तहत सरकारी नौकरी के लिए लौटने वाले और किराए के मकानों में रहने वाले कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के एक समूह ने श्रीनगर प्रेस एन्क्लेव में विरोध प्रदर्शन किया। धमकी भरे पत्रों के बाद असुरक्षा का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार द्वारा बनाए गए ट्रांज़िट आवासों के तेज़ी से आवंटन की मांग की। कर्मचारियों ने कार्रवाई के लिए 30 सितंबर की समय-सीमा तय की है और मांग पूरी न होने पर धरने या भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। उन्होंने पत्रों की जांच के लिए साइबर क्राइम यूनिट से FIR दर्ज करने और कार्यस्थलों, आवासों और रास्तों पर सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की है。 नई दिल्ली में भारत सरकार और मुख्यधारा की राजनीति के नज़रिए से, और J
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यमुनानगर के शिव मंदिर में आग: कोई जनहानि नहीं, फायर ब्रिगेड ने पाया नियंत्रण

Yamuna Nagar, Haryana:एंकर : यमुनानगर के आईटीआई के समीप प्राचीन शिव मंदिर में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग में भगवान के वस्त्र, आभूषण, झंडे और पूजा सामग्री जलकर राख हो गई। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। आग कैसे लगी, फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है। वीओ : यमुनानगर के आईटीआई के समीप स्थित प्राचीन शिव मंदिर में बुधवार को अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना के समय मंदिर में महिलाएं भजन-कीर्तन कर रही थीं। श्रद्धालुओं के मुताबिक, अचानक मंदिर के पंखे बंद हो गए। कुछ ही देर बाद परिसर में आग लगने का पता चला। आग की लपटें देखकर श्रद्धालु मंदिर से बाहर निकल आए और पुलिस तथा फायर ब्रिगेड को सूचना दी। आग ने मंदिर परिसर में रखे पूजा-पाठ के सामान को अपनी चपेट में ले लिया। भगवान के वस्त्र, आभूषण, झंडे और अन्य धार्मिक सामग्री जलकर राख हो गई। आग की सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दो दमकल गाड़ियों की मदद से कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बाइट — थाना प्रभारी गांधीनगर: पुलिस के मुताबिक आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है। शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह सामने आएगी।
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गोरखपुर के गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में मोबाइल कैमरा, रिकॉर्डिंग का आरोप

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में मोबाइल कैमरा ऑन मिलने से हड़कंप मच गया। देर रात कैंट थाने की पुलिस हॉस्टल पहुँची; छात्राओं ने आरोप लगाया कि मोबाइल से बाथरूम इस्तेमाल करने वाली छात्राओं की रिकॉर्डिंग की जा रही थी और मोबाइल में कई छात्राओं की रिकॉर्डिंग भी दिखाई दी। वार्डेन के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की बात सामने आई है। वार्डेन का कहना है कि सैनिटरी पैड फेंकने से बाथरूम गंदा रहता था, इसलिए निगरानी के लिए मोबाइल रिकॉर्डिंग मोड में रखा गया था। पुलिस की जांच से ही पता चलेगा कि मोबाइल किस मकसद से रखा गया था और उसकी रिकॉर्डिंग में क्या है। कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर स्थित हॉस्टल में देर रात छात्राओं ने इसकी सूचना दी; पुलिस ने मोबाइल कब्जे में लेकर डिजिटल जांच शुरू कर दी है। परिजन को जानकारी दी गई। वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात सामने आई है; पुलिस इसकी पुष्टि नहीं करती। जांच में यह स्पष्ट होगा कि मोबाइल में क्या रिकॉर्ड हुआ था, कब और किसने रिकॉर्ड किया और बाथरूम में किसके निर्देश पर रखा गया था।
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टिहरी झील प्रभावित गांवों के लिए संयुक्त एक्सपर्ट कमेटी जल्द विजिट करेगी

New Tehri, Uttarakhand:टिहरी झील प्रभावित गांवों का ज्वाइंट एक्सपर्ट कमेटी जल्द करेगी विजिट। टिहरी डैम की झील से प्रभावित और विस्थापन की मांग कर रहे गांवों का जल्द ज्वाइंट एक्सपर्ट कमेटी द्वारा विजिट की जाएगी और रिपोर्ट दी जाएगी जिसके आधार पर गाँवों के विस्थापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, डीएम नीतिका खंडेलवाल का कहना है कि टिहरी डैम की झील से प्रभावित और विस्थापन की मांग कर रहे गांवों का ड्रोन सर्वे कराया गया था जिस पर चर्चा की गई है और अब एक्सपर्ट कमेटी द्वारा सर्वे किया जाएगा रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसके आधार पर विस्थापन की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
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हरकी पैड़ी मार्ग पर सड़क धंसी, चार फीट गहरा गड्ढा—हाईवे जोखिम बरकरार

Haridwar, Uttarakhand:हरकी पैड़ी मुख्य मार्ग पर अचानक धंसी सड़क, करीब चार फीट गहरा गड्ढा बनने से मचा हड़कंप। सड़क धंसने के वक्त स्कूल बस चपेट में आई बड़ा हादसा टला। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी वायरल। यात्री बाहुल्य हरकी पैड़ी मार्ग पर सड़क धंसने से सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए। खास बात यह कि इसी जगह कुछ दिन पहले सड़क की मरम्मत कर गड्ढा भरा गया था, लेकिन दोबारा सड़क धंसने से स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी। नगर कोतवाली से हरकी पैड़ी जाने वाला प्रमुख मार्ग होने के चलते दिन-रात बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और देश-विदेश से आने वाले यात्रियों की आवाजाही रहती है। वहीं इसी रास्ते से स्कूल बसों समेत बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, ऐसे में सड़क धंसने की घटना ने बढ़ाई चिंता। स्थानीय व्यापारियों ने बताया सड़क अचानक बैठी और देखते ही देखते करीब चार फीट गहरा गड्ढा बन गया। हालांकि आनन फानन में विभाग ने सड़क मरम्मत शुरू कर आवाजाही सुचारु कर दी है।
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