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मोहनिया में दिव्यांग पेंशन बहाल, कलेक्टर ने फेसबुक से नयी पहल की पुष्टि

Sidhi, Madhya Pradesh:सीधी जिले में जी मीडिया की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। ग्राम पंचायत मोहनिया निवासी दिव्यांग बाबूलाल कोल की बंद पड़ी पेंशन आखिरकार बहाल कर दी गई है। मामला प्रमुखता से सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। वहीं जिला कलेक्टर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर इसकी जानकारी साझा करते हुए पेंशन बहाली की पुष्टि की है। मोहनिया गांव निवासी बाबूलाल कोल लंबे समय से दिव्यांग पेंशन बंद होने की समस्या से परेशान थे। खबर प्रसारित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कराई गई।जिला प्रशासन के मुताबिक अब बाबूलाल को अगले माह से नियमित दिव्यांग पेंशन प्राप्त होगी। साथ ही लंबित पेंशन एरियर भी स्वीकृत कर दिया गया है, जिसका भुगतान नियमित पेंशन के साथ किया जाएगा।कलेक्टर द्वारा फेसबुक पर साझा की गई जानकारी में कहा गया है कि पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।हालांकि बड़ा सवाल अब भी कायम है कि आखिर एक जीवित दिव्यांग व्यक्ति की पेंशन बंद होने और उसे रिकॉर्ड में मृत दर्शाने जैसी गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है। अब देखना होगा कि प्रशासन दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या ठोस रुख अपनाता है।
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अरुण साव के बयान: नक्सलवाद समाप्ति में केंद्र सहयोग जरूरी

Begun, Rajasthan:रायपुर डिप्टी सीएम अरुण साव का बयान अमित शाह द्वारा भूपेश सरकार में नक्सलवाद के खात्मे के लिए सहयोग नही देने के बयान पर कहा- 2018 में चुनाव परिणाम आने के बाद नक्सलियों ने खुशी जताई थी.. कांग्रेस सरकार बनने के बाद नक्सलवाद का प्रसार हुआ.. राज्य सरकार ने केंद्र को कोई सहयोग नहीं किया..हमारी सरकार बनने पर डेढ़ साल में तेजी से नक्सलवाद समाप्त किया. भूपेश बघेल के झूठ बोलने वाले बयान पर कहा- हमारी सरकार बनने के बाद कार्रवाई तेज हुई.. भूपेश बघेल और कांग्रेसी फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाते थे.. ये कभी नही चाहते नक्सलवाद समाप्त हो.. आज भी उनके मन मे खुशी नही है.. भूपेश बघेल झूठ बोल रहे.. उन्होंने नक्सलियों का सहयोग किया. बाइट- अरुण साव, डिप्टी सीएम
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11 दिन बाद झाड़ियों में इंद्र सिंह राजपुरोहित का शव मिला; हत्या की आशंका

Pali, Rajasthan:संदीप राठौड़ 11 दिन बाद झाड़ियों में मिला इंद्र सिंह राजपुरोहित का शव, हत्या की आशंका से क्षेत्र में सनसनी पांडेराव थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंद्रसिंह राजपुरोहित का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, इंद्र सिंह पिछले 11 दिनों से लापता थे, जिनकी गुमशुदगी परिजनों द्वारा पहले ही दर्ज करवाई गई थी। मंगलवार को उनका शव झाड़ियों में पड़ा मिला। घटनास्थल से करीब 100 फीट दूर जूते मिलने के बाद पुलिस संघर्ष की आशंका जता रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चैन सिंह महैचा ने बताया कि मामले की जांच हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से की जा रही है। पुलिस ने शव को सांडेराव मोर्चरी में रखवाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम, डॉग स्क्वायड और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच तेज कर दी गई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ।
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शराबी बाइक चालक की टक्कर से चार घायल; डेढ़ वर्षीय बच्ची सहित

Jhalawar, Rajasthan:जालावाड़\n\nझालरापाटन-भीलवाड़ि मार्ग पर मंगलवार रात एक सड़क दुर्घटना में डेढ़ साल की बच्ची सहित चार लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर एंबुलेंस ने सभी घायलों को झालावाड़ के SRG जिला अस्पताल पहुंचाया। इनमें से दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है।\n\nHospital चौकी प्रभारी भीम सिंह ने बताया कि हरिशपुरा निवासी सरदार बंजारा अपनी पत्नी पूजा और बेटी रोशनी के साथ हरिशपुर से भीलवाड़ा गांव जा रहे थे। समराई के पास रास्ते में एक बाइक चालक जो शराब के नशे में था और लहराते हुए गाड़ी चला रहा था, उसने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस टक्कर से चारों लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। गांव के लोगों ने तुरंत एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में पूजा और रोशनी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। वहीं, सरदार और पिंटू को गंभीर चोटें आने के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया है।
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चतरा में भीषण गर्मी: पारा 42 डिग्री पार, अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी

Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा में हिट वेव का कहर, पारा 42 डिग्री पार उल्टी-दस्त और लूज मोशन के मरीजों से भर रहा सदर अस्पताल, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित चतरा : जिले में भीषण गर्मी और हिट वेव का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के बाद जनजीवन बेहाल हो गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग बीमार पड़ने लगे हैं। सदर अस्पताल में लूज मोशन, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पताल में सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्ग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। गर्मी के अभिभवको ने बच्चों को स्कूल भी भेजना बंद कर दिया है। इनका कहना है कि गर्मी कम होने पर ही बच्चे स्कुल जायेंगें। चिकित्सकों के अनुसार तेज गर्मी और शरीर में पानी की कमी के कारण लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं। कई मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है, जबकि कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर नहीं निकलने, अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस और तरल पदार्थ का सेवन करने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। भीषण गर्मी के कारण बाजारों और सड़कों पर भी सन्नाटा देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
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जम्मू के सिद्धरा में आदिवासी परिवारों के मकान ढहाने पर अल्ताफ अहमद का कड़ा विरोध

Aram Pora, Ganderbal, Senior National conference leader and Member of Parliament Mian Altaf Ahmed has strongly condemned the forest department’s action against nomadic tribal-community in Sidhra area of Jammu where atleast 20 residential structures were demolished. Mian Altaf in a statement issued here has strongly condemned the demolition of Gujar Kothas and hutments in Sidhra Jammu in the guise of so called anti encroachment drive. “The tribal community in Jammu and Kashmir was already in the grip of fear and insecurity due to the many such incidents in Jammu and the latest incident of demolishing their temporary structures in Jammu added to their worries and send shock waves in the entire nomadic community afresh” he said. “I strongly condemn the demolition of several residential structures belonging to poor tribal people in Sidhra Jammu today, who have been putting up there for decades. This high handedness by the administration and forest Deptt is unacceptable” Mian Altaf said. Mian Altaf said that these nomadic families over decades to the hilly areas stay in several places near grasslands where they have grazed their cattle for centuries, adding that the-fact which the authorities should verify first before blindly going for their selective targeting. He said they have no other source of livelihood except grazing of cattle and authorities should think thrice before evicting them from their grazing land. Mian Altaf urged the Government to probe into the incident and administration must issue instructions to stop this immediately. He also sought resettlement of the affected families.
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बेगूसराय के बाड़ा गांव में भूमि विवाद खूनी संघर्ष में कई घायल

Begusarai, Bihar:बेगूसराय में एक बार फिर भूमि विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जहां दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं। मामला खोदावंदपुर थाना क्षेत्र के बाड़ा गाँव का है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि खोदावंदपुर थाना क्षेत्र के बाड़ा गाँव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से जमकर मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। मारपीट में एक पक्ष के अजय कुमार झा, विजय कुमार झा, ओम कुमार झा, अनिल कुमार, गजेंद्र झा, सरिता देवी और कैलाश झा समेत कई लोग घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष के कुंदन कुमार और अन्य लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोदावंदपुर में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। घायल कैलाश झा ने आरोप लगाया कि जदयू नेता कुंदन कुमार ने बाहर से लोगों को बुलाकर हमला करवाया। उनका कहना है कि विवाद दान में मिली जमीन को लेकर चल रहा है। वहीं दूसरे पक्ष के कुंदन कुमार का कहना है कि जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा था और उनके घर के सामने से सामान ले जाया जा रहा था। विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया। उनका दावा है कि संबंधित जमीन किसी और की है और उस पर अवैध रूप से निर्माण कराया जा रहा था। इधर घटना की सूचना मिलते ही खोदावंदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों के आधार पर मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है। फि लहाल भूमि विवाद को लेकर हुई इस खूनी झड़प के बाद गाँव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर भी कार्रवाई की तैयारी में जुटी हुई है।
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Betul के 800 दवा विक्रेताओं ने बंद कारोबार, ऑनलाइन फार्मेसी पर सख्त कार्रवाई मांग

Betul, Madhya Pradesh:ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में आज बैतूल जिले में दवा विक्रेताओं ने बड़ा कदम उठाया है। जिलेभर के 800 से अधिक मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रहे। यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के राष्ट्रव्यापी आह्वान के समर्थन में किया गया, जिसे जिला औषधि विक्रेता संघ बैतूल ने पूरी ताकत के साथ लागू किया। दवा विक्रेताओं का आरोप है कि ऑनलाइन फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना सही जांच के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन का इस्तेमाल हो रहा है। एक ही प्रिस्क्रिप्शन से बार-बार दवा दी जा रही है, भारी छूट देकर बाजार का संतुलन बिगाड़ रहे हैं। उनका कहना है कि इससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में है और छोटे मेडिकल स्टोर्स का अस्तित्व संकट में आ गया है। बंद के दौरान दवा विक्रेता प्रशासन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। मांगो में प्रमुख रूप से अवैध ऑनलाइन फार्मेसी पर सख्त कार्रवाई, ई-फार्मेसी पर कड़ा नियंत्रण, अनियंत्रित छूट पर रोक दवा विक्रेताओं के लिए समान अवसर। संघ पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित होगी, मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर संकट आ सकता है। फिलहाल बैतूल में दवा विक्रेताओं का यह विरोध साफ संकेत दे रहा है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यापार की टक्कर अब खुलकर सामने आ चुकी है अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या बड़ा फैसला लेती है।
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हापुड़ में ट्रक केबिन में आग, चालक सुरक्षित, गांधीनगर से लाया प्लाईवुड बचा

Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में देर रात नगर कोतवाली क्षेत्र के ठीक सामने प्लाईवुड से लदे एक ट्रक के केबिन में अचानक आग लग गई. गनीमत यह रही कि दमकल विभाग की तत्परता से आग को समय रहते काबू कर लिया गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया. जानकारी के मुताबिक ट्रक गुजरात के गांधीनगर से प्लाईवुड लेकर हापुड़ आया था. जैसे ही ट्रक कोतवाली के सामने पहुंचा, तभी इसके इंजन और केबिन वाले हिस्से से लपटें उठने लगीं. खतरा भांपते ही चालक ने तुरंत ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई. ट्रक के पीछे के हिस्से में भारी मात्रा में प्लाईवुड लदा हुआ था, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया और घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद इंजन और केबिन में लगी आग पर काबू पा लिया. दमकलकर्मियों ने आग को पीछे फैलने से रोक लिया, जिससे लाखों का माल जलने से बच गया. इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है और प्लाईवुड का स्टॉक पूरी तरह सुरक्षित है. फायर सर्विस अधिकारी ने बताया कि फायर स्टेशन पर सूचना प्राप्त हुई कि नगर कोतवाली के सामने ट्रक में आग लगी है. सूचना मिलते ही वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आग को बुझाया. इसमें प्लाईवुड भरे हुए थे, जो गुजरात गांधीनगर से लेकर हापुड़ आया था. इसके अगले वाले केबिन में, इंजन में आग लगी थी. आग पर काबू पा लिया गया है, कोई जनहानि नहीं हुई है. चालक बिल्कुल सही है. आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. राहत की बात यह है कि आग सिर्फ केबिन तक ही सीमित रही और प्लाईवुड तक नहीं पहुंची, जिससे एक भयानक दुर्घटना टल गई. फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं.
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IGIMS न्यूरो सर्जरी OPD में MBBS छात्र के साथ मारपीट, 150 छात्र हंगामा

Patna, Bihar:पटना में IGIMS के न्यूरो सर्जरी OPD में बवाल: MBBS छात्र से मारपीट के बाद हंगामा, 150 से ज्यादा छात्र पहुंचे गार्ड सस्पेंड, जांच शुरू राजधानी पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में सोमवार को इलाज में देरी को लेकर बड़ा विवाद हो गया। एक MBBS फाइनल ईयर छात्र के साथ ओपीडी कर्मियों और सुरक्षा गार्डों द्वारा कथित मारपीट के बाद मेडिकल छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते 150 से ज्यादा छात्र OPD परिसर में जुट गए और हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।परिजन को दिखाने पहुंचे थे MBBS छात्र, कहासुनी के बाद मारपीट 2022 बैच के MBBS फाइनल ईयर छात्र सुधीर कुमार अपने परिजन को न्यूरो सर्जरी OPD में दिखाने पहुंचे थे। छात्र का आरोप है कि परिजन की हालत खराब होने के बावजूद कर्मचारी सुरेंद्र कुमार दास ने अपॉइंटमेंट जल्दी दिलाने से मना कर दिया और काफी देर तक नंबर नहीं बुलाया गया। इसी को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई और विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गया।छात्र को दौड़ा–दौड़ाकर पीटा, गार्ड रूम तक घसीटा पीड़ित छात्र का आरोप है कि बहस के बाद OPD कर्मियों और सुरक्षा गार्डों ने मिलकर पहले उसे लात-घूंसों से पीटा, फिर बाल पकड़कर घसीटते हुए गार्ड रूम ले गए। वहां दीवार से पटककर फिर मारपीट की गई। जमीन पर गिरने के बाद भी कई गार्ड उसे पीटते रहे।सूचना मिलते ही IGIMS के छात्र बड़ी संख्या में OPD परिसर में जुट गए. गुस्साए छात्रों ने संबंधित कर्मियों और गार्डों को घेर लिया और उनके साथ भी मारपीट की। घटनास्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीज और उनके परिजन डर के कारण OPD से दूर हो गए.पुलिस पहुंची, मामला शांत कराया IGIMS थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों व कर्मचारियों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद छात्र संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार से मिले और पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे हड़ताल पर चले जाएंगेगार्ड सस्पेंड, जांच टीम गठित घटना के बाद IGIMS प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सुरक्षा गार्ड को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक कमिटी गठित की गई है, जो CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। प्रशासन ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।RDA ने छात्रों का समर्थन किया Regional Doctor Association (RDA) ने मेडिकल छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि पीड़ित छात्र ने आईकार्ड और एप्रन पहनकर अपनी पहचान दी थी, फिर भी उसके साथ अभद्रता और मारपीट हुई। RDA अध्यक्ष डॉ. रजत कुमार ने कहा कि घटना CCTV में दर्ज है और दोषियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।अस्पताल की सुरक्षा और OPD प्रबंधन पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में OPD प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और इलाज में देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर मरीजों और परिजनों की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार मामला मेडिकल छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच हिंसक झड़प तक पहुंच गया। फिलहाल जांच जारी है, वहीं छात्रों की हड़ताल की चेतावनी के बाद आने वाले दिनों में स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।
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आदिवासी जनआक्रोश बढ़ा, नर्मदापुरम धरना पर आंदोलन तेज

Narmadapuram, Madhya Pradesh:आदिवासी समाज का गुस्सा अब उबाल पर है। हमारा गांव संगठन मध्यप्रदेश के नेतृत्व में चल रहा जनआक्रोश आंदोलन दूसरे दिन भी लगातार जारी है। सैकड़ों आदिवासी प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट के सामने मंगलवार दोपहर से धरने पर बैठे हैं और वन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है। अब सिर्फ आश्वासन नहीं,सीधी कार्रवाई चाहिए।आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी 11 सूत्रीय मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और उग्र होगा तथा भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। विओं01- धरने पर बैठे आदिवासी समाज ने सिवनी मालवा रेंज के फॉरेस्ट एसडीओ अनिल विश्वकर्मा पर भ्रष्टाचार, अत्याचार और झूठे मामलों में फंसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन के दौरान सबसे गंभीर अपराध दो आदिवासी चौकीदारों को लेकर लगाए गए। आदिवासी समाज का दावा है कि वन विभाग के एसडीओ अनिल विश्वकर्मा ने दोनों चौकीदारों को 72 घंटे तक बंधक बनाकर रखा और करंट लगाकर प्रताड़ित किया। साथ ही उनके साथ मारपीट भी की गई। अब प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि फॉरेस्ट एसडीओ अनिल विश्वकर्मा पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए,मारपीट करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो और आदिवासी ग्रामीणों पर दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं। हालांकि प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, लेकिन आंदोलनकारी इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि वे 10 दिन तक जांच का इंतजार नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी,धरना खत्म नहीं होगा। जरूरत पड़ी तो आदिवासी समाज भूख हड़ताल का रास्ता भी अपनाएगा। नर्मदापुरम में बढ़ते इस जनआक्रोश ने अब प्रशासन और वन विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं。
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