Barama Market in Baksa District Showcases Local Bamboo and Cane Craftsmanship
Barama, Assam:In the heart of Baksa District, Assam, Barama market is a bustling hub where local farmers display their craftsmanship through bamboo and cane products. From intricately woven baskets to sturdy furniture pieces, each item reflects the skill and tradition passed down through generations.
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करौली में 60 दिवसीय तंबाकू मुक्त यूथ कैंपेन 4.0 शुरू, जागरूकता पर बल
Karauli, Rajasthan:करौली में 60 दिवसीय तंबाकू मुक्त युवा अभियान शुरू, युवाओं को किया जाएगा जागरूक, करौली। युवाओं और आमजन को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 60 दिवसीय टोबेको फ्री यूथ कैम्पेन 4.0 शुरू किया गया है। अभियान के तहत स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के साथ तंबाकू नियंत्रण कानूनों की पालना भी सुनिश्चित कराई जाएगी。अतेवा के स्कूल में बाल संसद: प्रेम सिंह माली प्रधानमंत्री चुने गए
Karauli, Rajasthan:अतेवा स्कूल में बाल संसद का गठन, मतदान से चुने गए प्रधानमंत्री प्रेम सिंह माली, करौली। ग्राम पंचायत चुनाव के बीच राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अतेवा में स्वीप कार्यक्रम के तहत बाल संसद का गठन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को चुनाव प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मतदान कराया गया, जिसमें कक्षा 12 के छात्र प्रेम सिंह माली को विद्यालय का प्रधानमंत्री चुना गया।करौली के थड़ गांव की झोपड़ी में आग, दमकल ने काबू पाया
Karauli, Rajasthan:थड़ का पूरा गांव में अज्ञात कारणों से झोपड़िया में आग लग गई। सूचना के बाद फायर प्रभारी द्वारा अग्निशमन वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। इस दौरान फायरमैन आदित्य पुष्पेंद्र, सनी डागर, धर्मेंद्र सिंह, वाहिद खान ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।हैवेल्स में दिवाली बोनस के लिए धरना, उत्पादन ठप; समाधान सिर्फ वार्ता से
Alwar, Rajasthan:हैवेल्स कंपनी में दिवाली बोनस को लेकर दूसरे दिन भी श्रमिकों का धरना, उत्पादन ठप; मांगें पूरी होने तक काम पर नहीं लौटने की चेतावनी अलवर। उद्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित हैवेल्स कंपनी में दिवाली बोनस और अन्य मांगों को लेकर श्रमिकों का धरना-प्रदर्शन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष श्रमिक कंपनी के मुख्य द्वार पर एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। श्रमिकों और कंपनी प्रबंधन के बीच मांगों को लेकर गतिरोध बना हुआ है। प्रबंधन की ओर से श्रमिकों को हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने के लिए समझाइश दी जा रही है, लेकिन श्रमिक अपनी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक दिवाली बोनस सहित अन्य मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक काम पर वापसी नहीं होगी। श्रमिकों के आंदोलन का असर कंपनी के कामकाज पर भी पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से बड़ी संख्या में कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण फैक्ट्री में उत्पादन पूरी तरह प्रभावित है और कामकाज ठप पड़ा है। स्थिति को देखते हुए कंपनी परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। मंगलवार से ही श्रमिकों और प्रबंधन के बीच समझाइश तथा वार्ता के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। बुधवार सुबह से ही श्रमिक कंपनी के मुख्य गेट पर डटे हुए हैं और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल सभी की निगाहें प्रबंधन और श्रमिकों के बीच होने वाली आगामी वार्ता पर टिकी हैं। बड़ा सवाल यह है कि दिवाली बोनस और अन्य मांगों को लेकर जारी यह गतिरोध कब समाप्त होगा और कंपनी में उत्पादन दोबारा कब शुरू हो पाएगा。 बाइट : महिला कर्मचारीग्रेटर नोएडा सूरजपुर के मिग्सन विलासा सोसाइटी बेसमेंट में कचरे की आग, नुकसान नहीं
Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा सूरजपुर थाना क्षेत्र के ETA 2 सेक्टर स्थित मिग्सन विलासा सोसाइटी के बेसमेंट में देर रात कचरे में आग लग गई। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। बेसमेंट में कचरा खुले में पड़ा था। आग लगने की वजह का पता नहीं चला है। आशंका है कि कोई पटाखा कचरे में गिरा होगा। आग तेजी से फैलने लगी तो सोसाइटी के निवासी, मेंटेनेंस टीम और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मिलकर आग बुझाई। दमकल विभाग को भी सूचना दी गई थी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया गया। जिला दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि एक समिति के बेसमेंट में आग लगने की सूचना मिली थी तत्काल प्रभाव से हमारी एक गाड़ी मौके पर रवाना हुई लेकिन उससे पहले ही सोसाइटी की मेंटेनेंस टीम ने आग पर काबू पा लिया इस हादसे में कोई जनानी नहीं हुई है कचरे में आग लगी थी आग लगने के कर्म की अभी तक पता नहीं चल पाई है।वाराणसी: काशी के स्वयंभू श्री चिन्तामणि विनायक के भक्तों को भ्रमित करने वालों को खुली चेतावनी
Varanasi, Uttar Pradesh:मयंक कश्यप/ वाराणसी। काशी में देवस्थानों की दिशा स्वयं महादेव ने निर्धारित की है। इस परम्परा से छेड़छाड़ कर स्वार्थवश किसी व्यक्ति-प्रतिष्ठा को पौराणिक सिद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है, इसको लेकर काशीढुंढे परिवार की ओर से भक्तों को सावधान किया गया है। कहा गया है कि _काशीखण्डोक्त स्वयंभू श्री चिन्तामणि विनायक-गणेश_ के भक्तों को भ्रमित करने वालों, सावधान - सावधान! काशी में देवस्थानों की दिशा स्वयं महादेव ने निर्धारित की है। स्वार्थवश व्यक्ति-प्रतिष्ठा को पौराणिक सिद्ध करने हेतु पुराणों से छेड़छाड़ मत करो। क्या कहते हैं शास्त्र? स्कन्दपुराण के काशीखण्ड एवं अन्य धर्मशास्त्रों के अनुसार, काशी के युवराज श्री ढूँढीराज गणपति के छप्पन विनायक स्वरूपों में श्री चिन्तामणि विनायक का विशिष्ट महात्म्य वर्णित है। भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं कि श्री चिन्तामणि विनायक सिन्दूरवर्ण, त्रिनेत्रधारी तथा पाश, अंकुश, मोदक एवं दन्त धारण करने वाले महागणपति हैं। वे प्रणव (ॐ) स्वरूप, वेदमय तथा पचास मातृका वर्णों के अधिष्ठाता परब्रह्म हैं। हे देवि! ब्रह्मा, विष्णु एवं रुद्र सहित समस्त देवता उनकी आराधना करते हैं। वे काशी के क्षेत्रपाल तथा भक्तों के समस्त विघ्नों और संकटों का निवारण करने वाले देवता हैं। श्लोक में महात्म्य महापातककोट्योऽपि दन्तिकायविशोधिताः। नश्यन्ति तत्क्षणाद्देवि चिन्तामणिविलोकनात्॥५१ यः स्मरेत् सततं देवं स्नाने दाने जपे तथा। स लभेत्परमां सिद्धिं शिवलोके महीयते॥५२ अर्थात् हे देवि! करोड़ों महापापों से युक्त मनुष्य भी जब श्री चिन्तामणि गणेश का दर्शन करता है, तब उनके अनुग्रह से वे समस्त पाप उसी क्षण नष्ट हो जाते हैं। जो मनुष्य स्नान, दान, जप आदि प्रत्येक शुभ कर्म में निरन्तर श्री चिन्तामणि गणेश का स्मरण करता है, वह परम सिद्धि प्राप्त करता है तथा शिवलोक में सम्मानित होता है। चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति भगवान शिव आगे कहते हैं कि श्री चिन्तामणि गणेश का नित्य पूजन एवं ध्यान करने से महाविद्या, दुर्गा, लक्ष्मी और भुवनेश्वरी सहित समस्त देवियाँ प्रसन्न होती हैं। उनकी कृपा से धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष - चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है। उनके माहात्म्य के श्रवण एवं पाठ से समस्त चिन्ताओं का निवारण होता है और भक्त को इच्छित फल की प्राप्ति होती है। अन्ततः काशी में देहावसान होने पर शिव-सायुज्य मोक्ष प्राप्त होता है। काशीक्षेत्रे हि यश्चिन्तां करोति नियतात्मवान्। तस्य चिन्तां हरेद्देवो चिन्तामणिगणेश्वरः॥६३ सिन्दूररञ्जिताङ्गस्य विघ्नराजस्य धीमतः। अनुग्रहात् भवेन्मुक्तिः काश्यामन्ते न संशयः॥६४ अर्थात् जो संयमी मनुष्य काशी में अपनी चिन्ताओं सहित श्री चिन्तामणि गणेश की शरण लेता है, उसकी समस्त चिन्ताओं का निवारण स्वयं भगवान चिन्तामणि गणेश करते हैं। सिन्दूर से विभूषित विघ्नराज श्री गणेश की कृपा से काशी में जीवन का अन्त होने पर मनुष्य को निश्चित रूप से मोक्ष प्राप्त होता है - इसमें तनिक भी संदेह नहीं। चतुर्थी पूजन का विशेष फल महादेव कहते हैं, हे पार्वती! जो मनुष्य चतुर्थी के दिन दूर्वा, शमीपत्र, सिन्दूर एवं मोदक अर्पित कर विधिपूर्वक श्री चिन्तामणि विनायक का पूजन एवं दर्शन करता है, उसे विशेष पुण्यफल की प्राप्ति होती है। श्री चिन्तामणि गणेश की कृपा से तीर्थस्नान के समान पुण्य, स्थिर लक्ष्मी, वंशवृद्धि, ऋणमुक्ति तथा समस्त मनोकामनाओं की सिद्ध हो
