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AJANIL JAINFollow17 Jul 2024, 11:51 am
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पंडवाला-खेड़ी रोड पर गैस पाइपलाइन फटने से बड़ा खड्ड, इलाके में दहशत

Dera Bassi, Punjab:ਡੇਰਾਬੱਸੀ। ਡੇਰਾਬੱਬੀ ਖੇਤਰ ਦੇ ਪਡਵਾਲਾ-ਖੇੜੀ ਰੋਡ 'ਤੇ ਖੁਦਾਈ ਦੌਰਾਨ ਨਿਜੀ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਮੁੱਖ ਗੈਸ ਪਾਈਪਲਾਈਨ ਡੈਮੇਜ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਹਫ਼ੜਾ-ਦਫ਼ੜੀ ਮਚ ਗਈ। ਪਾਈਪਲਾਈਨ ਫਟਣ ਤੋਂ ਬਾਅਮ ਗੈਸ ਬਹੁਤ ਤੇਜ਼ ਪ੍ਰੈਸ਼ਰ ਨਾਲ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਣ ਲੱਗੀ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਸੜਕ ਕਿਨਾਰੇ ਵੱਡਾ ਖੱਡਾ ਬਣ ਗਿਆ। ਘਟਨਾ ਨੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਦਹਿਸ਼ਤ ਪੈਦਾ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਡਾ੧ੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮੁਤਾਬਕ ਪੰਡਵਾਲਾ-ਖੇੜੀ ਰੋਡ 'ਤੇ ਜੇਸੀਬੀ ਮਸ਼ੀਨ ਰਾਹੀਂ ਖੁਦਾਈ ਦਾ ਕੰਮ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਸੀ। ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ ਜ਼ਮੀਨ ਦੇ ਹੇਠੋਂ ਲੰਘ ਰਹੀ ਗੈਸ ਪਾਈਪਲਾਈਨ ਜੇਸੀਬੀ ਦੀ ਚਪੇਟ ਵਿੱਚ ਆ ਗਈ ਅਤੇ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨੁਕਸਾਨੀ ਗਈ। ਪਾਈਪਲਾਈਨ ਡੈਮੇਜ ਹੁੰਦੇ ਹੀ ਗੈਸ ਤੇਜ਼ ਪ੍ਰੈਸ਼ਰ ਨਾਲ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਣ ਲੱਗੀ。 ਗੈਸ ਦੇ ਤੇਜ਼ ਪ੍ਰੈਸ਼ਰ ਕਾਰਨ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਮmittੀ ਦੂਰ ਤੱਕ ਉੱਡਦੀ ਦਿਖਾਈ ਦਿੱਤੀ ਅਤੇ ਸੜਕ ਕਿਨਾਰੇ ਵੱਡਾ ਖੱਡਾ ਬਣ ਗਿਆ। ਘਟਨਾ ਦੌਰਾਨ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਖ਼ਤਰਾ ਅੱਗ ਲੱਗਣ ਦਾ ਸੀ, ਕਿਉਂਕਿ ਗੈਸ লੀਕ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਕਿਸੇ ਵੀ ਚਿੰਗਾਰੀ ਜਾਂ ਅੱਗ ਦੇ ਸੰਪਰਕ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਨਾਲ ਵੱਡਾ ਹਾਦਸਾ ਵਾਪਰ ਸਕਦਾ ਸੀ। ਇਸ ਕਾਰਨ ਆਸ-ਪਾਸ ਵਾਲੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕੁਝ ਸਮੇਂ ਲਈ ਸਹਿਮ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਬਣ ਗਿਆ। ਘਟਨਾ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਦੇ ਹੀ ਪੁਲਸ, ਸਥਾਨਕ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਅਧਿਕਾਰੀ ਅਤੇ ਗੈਸ ਕੰਪਨੀ ਦੇ ਕਰਮਚਾਰੀ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ। ਸਥਿਤੀ ਦੀ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨੂੰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਟੀਮ ਵੱਲੋਂ ਤੁਰੰਤ ਕਾਰਵਾਈ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ_G ਗੈਸ ਪਾਈਪਲਾਈਨ ਦਾ ਮੁੱਖ ਵਾਲਵ ਬੰਦ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਵਾਲਵ ਬੰਦ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੈਸ ਦਾ teਜ਼ ਪ੍ਰੈਸ਼ਰ ਰੁਕਿਆ ਅਤੇ ਹਾਲਾਤ 'ਤੇ ਕਾਬੂ ਪਾਇਆ ਗਿਆ।
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AAP महिला विंग ब्लॉक प्रधान के पति के साथ मारपीट: कपूरथला बस स्टैंड मामला

Kapurthala, Punjab:कपूरथला बस स्टैंड में ऑटो चालक से मारपीट का आरोप AAP महिला विंग की ब्लॉक प्रधान के पति ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की कपूरथला से आम आदमी पार्टी की महिला विंग की ब्लॉक प्रधान के पति के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि कपूरथला बस स्टैंड में ऑटो लेकर पहुंचने के बाद कुछ कर्मचारियों के साथ उनकी कहासुनी हुई, जिसके बाद कई लोगों ने उनके साथ मारपीट की। बुजुर्ग मां और मानसिक रूप से कमजोर बेटी को लेकर बस स्टैंड पहुंचे थे AAP महिला विंग की ब्लॉक प्रधान के अनुसार, उनके पति ऑटो चालक हैं। बीती शाम वह अपनी बुजुर्ग मां और मानसिक रूप से कमजोर बेटी को लेकर कपूरथला बस स्टैंड पहुंचे थे। परिवार को वहां से बाबा बकाला साहिब जाना था। परिजनों को बस में बैठाने के लिए वह ऑटो को बस स्टैंड के अंदर लेकर गए थे। ऑटो अंदर ले जाने को लेकर कर्मचारियों से हुई कहासुनी उन्होंने आरोप लगाया कि बस स्टैंड के अंदर मौजूद कर्मचारियों ने ऑटो अंदर लाने पर आपत्ति जताई और कहा कि बस स्टैंड के अंदर ऑटो लाना मना है। महिला विंग प्रधान का कहना है कि उनके पति किसी सवारी को लेकर नहीं आए थे, बल्कि अपनी बुजुर्ग मां और मानसिक रूप से कमजोर बेटी को बस में बैठाने के लिए अंदर पहुंचे थे। इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। गोदाम में ले जाकर मारपीट करने का आरोप महिला विंग प्रधान ने आरोप लगाया कि कहासुनी के बाद उनके पति को एक गोदाम में ले जाया गया, जहां कई लोगों ने उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके पति बेहोश हो गए। बुजर्ग सास ने फोन पर दी मामले की जानकारी महिला विंग प्रधान के अनुसार, जब उनके husband के साथ मारपीट हुई और वह बेहोश हो गए, तो उनकी बुजुर्ग सास ने उन्हें फोन पर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद वह पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंचीं और अपने पति को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार ने पुलिस से मांग की है कि मारपीट में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। थाना सिटी में मामला दर्ज, जांच जारी वहीं, पुलिस के अनुसार मामला पुलिस के संज्ञान में है। थाना सिटी कपूरथला में केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सरकाघाट के शौर्यन शर्मा Google इंडिया में टेक्निकल सॉल्यूशन एडवाइजर बने

Mandi, Himachal Pradesh:मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल स्थित तताहर गांव के रहने वाले युवा तकनीकी विशेषज्ञ शौर्यन शर्मा ने दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनी गूगल इंडिया में जगह बनाकर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। शौर्यन को कंपनी में तकनीकी समाधान सलाहकार के पद पर चुना गया है, इस बड़ी कामयाबी से उनके गृह क्षेत्र सरकाघाट और तताहर गांव में खुशी का माहौल है, गूगल इंडिया में तकनीकी समाधान सलाहकार बने सरकाघाट के शौर्यन शर्मा अमेरिका में पेटेंट सहित तकनीकी क्षेत्र में हासिल की कई उपलब्धियां सरकाघाट मंडी जिले के सरकाघाट क्षेत्र के तताहर गांव निवासी युवा तकनीकी विशेषज्ञ शौर्यन शर्मा ने प्रतिष्ठित प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल इंडिया में तकनीकी समाधान सलाहकार के पद पर नई जिम्मेदारी संभाली है। वर्तमान में वह हैदराबाद, तेलंगाना में कार्यरत हैं। इस उपलब्धि से उनके परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। उनकी नई जिम्मेदारी के साथ वार्षिक पैकेज करीब 50 लाख रुपये बताया जा रहा है। गूगल इंडिया से पहले शौर्यन शर्मा ने बैंक ऑफ अमेरिका में करीब तीन वर्षों तक कार्य किया। उन्होंने जनवरी 2023 में वरिष्ठ तकनीकी सहयोगी के रूप में अपने पेशेवर सफर की शुरुआत की। इसके बाद जुलाई 2023 से दिसंबर 2025 तक उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने वित्तीय तकनीक के क्षेत्र में सुरक्षित और आधुनिक सॉफ्टवेयर प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया。 एमडीपीएस फरीदाबाद से वीआईटी तक का सफर शौर्यन ने अपनी स्कूली शिक्षा मॉडर्न दिल्ली पब्लिक स्कूल, फरीदाबाद से पूरी की। इसके बाद उन्होंने वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर विज्ञान में बीटेक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उनकी रुचि सॉफ्टवेयर विकास, उपयोगकर्ता अनुभव डिजाइन और आधुनिक डिजिटल तकनीकों में विकसित हुई。 वीआईटी में अध्ययन के दौरान वह कोडशेफ-वीआईटी से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने यूएक्स/यूआई डिजाइन और फ्रंटएंड विकास से संबंधित कार्य किए। इसके अलावा एसीएम-वीआईटी के एप्टीट्यूड-21 हैकाथॉन में ऐप विकास के लिए उन्होंने द्वितीय स्थान हासिल किया。 बैंक ऑफ अमेरिका में कार्य करते हुए शौर्यन ने ग्राहक पंजीकरण और संपत्ति प्रबंधन से संबंधित तकनीकी प्रणालियों के विकास पर कार्य किया। उन्होंने सुरक्षित एवं विस्तार योग्य सॉफ्टवेयर प्रणाली विकसित करने के साथ-साथ पुरानी तकनीकी प्रणालियों को आधुनिक तकनीक में बदलने, वास्तविक समय की एपीआई सेवाओं के विकास तथा साइबर सुरक्षा और डाटा गोपनीयता को मजबूत करने में योगदान दिया。 अमेरिका में पेटेंट भी दर्ज शौर्यन शर्मा की उपलब्धियों में अमेरिका में उनके नाम दर्ज पेटेंट भी प्रमुख है। “सिस्टम फॉर इंटेलिजेंट एंड इंटीग्रेटेड प्रिजर्वेशन ऑफ मल्टीपल इलेक्ट्रॉनिक डाटा रिकॉर्ड्स विदिन ए डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक डाटा रजिस्टर” शीर्षक से उनके नाम अमेरिकी पेटेंट दर्ज है。 यह उपलब्धि ब्लॉकचेन, वितरित बहीखाता और विकेंद्रीकृत तकनीकों के क्षेत्र में उनके तकनीकी कार्य एवं नवाचार को दर्शाती है। उन्हें जावा, पायथन, सी++, रिएक्ट, एंगुलर, पोस्टग्रेएसक्यूएल, डॉकर, एडब्ल्यूएस और सॉलिडिटी सहित कई आधुनिक तकनीकों का अनुभव है। उन्होंने गूगल यूएक्स डिजाइन प्रमाणपत्र भी हासिल किया है。 पिता एनएचपीसी में महाप्रबंधक शौर्यन के पिता विनोद कुमार शर्मा एनएचपीसी लिमिटेड में विद्युत महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने एनआईटी हमीरपुर से विद्युत अभियंत्रण में बीटेक तथा संचालन प्रबंधन में एमबीए किया है। एनएचपीसी में 28 वर्षों से अधिक की सेवा के दौरान उन्होंने देश की विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं और विद्युत केंद्रों में सेवाएं दी हैं। वर्तमान में वह एनएचपीसी मुख्यालय फरीदाबाद में कार्यरत हैं。 उनकी माता कल्पना शर्मा भी उच्च शिक्षित हैं। उन्होंने एमए, बीएड और बीएससी की शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने परिवार और बच्चों की देखभाल को प्राथमिकता देते हुए अपने शिक्षण कार्य से विराम लिया और गृहिणी के रूप में परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं। शौर्यन का छोटा भाई वर्तमान में नौवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है。 शौर्यन के मामा राकेश शर्मा ने बताया कि शौर्यन शांत स्वभाव के हैं और अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित रहते हैं। उन्हें फुटबॉल और संगीत में भी विशेष रुचि है। गूगल इंडिया में उनकी नियुक्ति और तकनीकी क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है。
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू, पारदर्शिता बढ़ेगी

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में अब कोर्ट की कार्यवाही को लाइव देखा जा सकेगा। हाईकोर्ट में बुधवार को कोर्ट कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग और एडवांस्ड हाइब्रिड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की शुरुआत की गई। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया ने इसका उद्घाटन किया。 उद्घाटन के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह केवल तकनीकी सुविधा की शुरुआत नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था को और पारदर्शी, सुलभ और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि खुले न्याय की व्यवस्था न्याय प्रणाली का अहम हिस्सा रही है और लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही तक लोगों की सीधी पहुंच बढ़ेगी。 मुख्य न्यायाधीश ने हालांकि स्पष्ट किया कि पारदर्शिता का मतलब प्रचार नहीं है। कोर्ट की गरिमा, गंभीरता और अनुशासन हर स्थिति में बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य जनता को सार्थक तरीके से न्यायिक कार्यवाही तक पहुंच देना है, न कि इसे मनोरंजन का माध्यम बनाना。 उन्होंने हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए इस सुविधा की उपयोगिता पर भी जोर दिया। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ कानून के विद्यार्थियों और कानूनी जागरूकता के लिए भी मदद मिलेगी。 मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि लाइव स्ट्रीमिंग के साथ निजता और गरिमा की सुरक्षा भी जरूरी है। खासकर बच्चों, यौन अपराधों के पीड़ितों और वैवाहिक विवादों जैसे संवेदनशील मामलों में सावधानी बरतनी होगी। साथ ही कार्यवाही की अनधिकृत रिकॉर्डिंग, दोबारा प्रसारण या दुरुपयोग रोकने के लिए साइबर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं。 वहीं, कंप्यूटर, ई-कोर्ट्स और एआई कमेटी के चेयरपर्सन जस्टिस अजय मोहन गोयल ने कहा कि लाइव स्ट्रीमिंग और एडवांस्ड हाइब्रिड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की यह पहल मुख्य न्यायधीश और ई-कमेटी के सहयोग से संभव हुई है। उन्होंने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि यह भी दिखाई देना चाहिए कि न्याय हुआ है。 उन्होंने कहा कि लाइव स्ट्रीमिंग से न्यायपालिका की कार्यप्रणाली लोगों के सामने सीधे आएगी और इससे न्यायपालिका में जनता का विश्वास और मजबूत हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट देश का 9वां या 10वां हाईकोर्ट है, जहां आधिकारिक तौर पर कोर्ट कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की गई है。 इस मौके पर हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश, रजिस्ट्रार जनरल विकास भारद्वाज, अन्य रजिस्ट्रार, न्यायिक अधिकारी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, अधिवक्ता और अन्य अतिथि मौजूद रहे।
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तरन तारन के सिविल हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद नवजात मौत, लापरवाही के आरोप

Tarn Taran Sahib, Punjab:परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही के लगाए आरोप, कहा- 2 दिन से भर्ती थी गर्भवती, बार-बार कहने के बावजूद नहीं कराई डिलीवरी; एसएमओ बोले- जांच में गलती मिली तो होगी कार्रवाई एंकर सिविल अस्पताल तरन तारन में बुधवार को डिलीवरी के बाद नवजात की मौत की सूचना मिलने पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिवार ने अस्पताल के डॉक्टर पर कथित लापरवाही के आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत अस्पताल प्रशासन को दी और कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि गर्भवती महिला को डिलीवरी का समय पूरा होने के बावजूद समय पर डिलीवरी नहीं कराई गई। मानोचाहल निवासी संदीप कौर की गर्भावस्था के दौरान सिविल अस्पताल तरन तारन की डॉक्टर अमरजीत कौर से जांच चल रही थी। संदीप कौर के रिश्तेदार हरजीत सिंह निवासी तरन तारन ने बताया कि गर्भावस्था के नौ महीने से अधिक समय पूरा हो चुका था। परिवार की ओर से कई बार डॉक्टर से डिलीवरी कराने के लिए कहा गया, लेकिन उन्हें कथित तौर पर बताया गया कि अभी डिलीवरी का समय नहीं हुआ है। हरजीत सिंह के मुताबिक, संदीप कौर पिछले करीब दो दिनों से अस्पताल में भर्ती थी। बुधवार सुबह करीब 7 बजे उसे डिलीवरी रूम में ले जाया गया। करीब ढाई घंटे बाद सुबह 9:30 बजे डॉक्टर ने परिवार को बताया कि नवजात की मौत हो चुकी है। परिवार के अनुसार नवजात बेटा था। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिवार ने पूरे मामले की जांच करवाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है。 गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी अस्पताल में एक परिवार ने डिलीवरी के बाद नवजात को बदलने के आरोप लगाए थे, जिसके चलते अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। एसएमओ डॉ. सुरिंदर कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि डॉक्टर या किसी स्टाफ की गलती सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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हिमाचल में ठोस अपशिष्ट नियम 2026 लागू, घर-घर स्रोत पर कचरा विभाजन अनिवार्य

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में ठोस कचरे के प्रबंधन को लेकर अब नियम और सख्त हो गए हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत घरों से लेकर स्कूल, सरकारी विभाग, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और संस्थानों तक कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग करना अनिवार्य किया गया है। नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शिमला में प्रेस वार्ता की। बोर्ड के सदस्य सचिव सुशील कुमार सिंगला (IFS) ने बताया कि नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुके हैं और इन्होंने वर्ष 2016 के नियमों का स्थान लिया है। इनके तहत कचरे को चार श्रेणियों में अलग करना होगा। इनमें गीला कचरा यानी रसोई और अन्य जैव-अवक्रमणीय कचरा, सूखा कचरा यानी कागज, गत्ता, प्लास्टिक, काँच और धातु जैसी पुनर्चक्रण योग्य सामग्री, सेनेटरी कचरा और विशेष देखभाल वाला कचरा शामिल है। विशेष देखभाल वाले कचरे में सीएफएल, फ्लोरोसेंट ट्यूब, एक्सपायर्ड दवाइयां, पेंट के डिब्बे, इस्तेमाल की गई सिरिंज, पारे वाले टूटे थर्मामीटर और बैटरियां शामिल हैं। सेनेटरी कचरे को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी टॉवल और पैड आदि को निर्माता या ब्रांड की ओर से उपलब्ध कराए गए पाउच अथवा रैपिंग सामग्री में सुरक्षित रूप से लपेटकर निर्धारित स्थान पर देना होगा। कचरा जलाना, जमीन में दबाना या खुले में फेंकना प्रतिबंधित सिंगला ने कहा कि कचरे को जलाना, जमीन में दबाना, खुले में फेंकना या नालियों, जलस्रोतों और सार्वजनिक स्थानों पर डालना कानूनन प्रतिबंधित है। उन्होंने नागरिकों, स्कूलों, सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बल्क वेस्ट जनरेटरों से नियमों का पालन करने की अपील की। सर्वोच्च न्यायालय के 18 अगस्त 2026 के आदेश के अनुपालन में जिला उपायुक्तों को स्थानीय निकायों के साथ मिलकर छह सप्ताह के भीतर बल्क वेस्ट जनरेटरों (BWGs) की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद चिन्हित BWGs को लिखित नोटिस जारी किए जाएंगे। कचरा पृथक्करण की आदत घर-घर तक पहुंचाने के लिए विद्यार्थियों को भी अभियान से जोड़ा जा रहा है। स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग पाठ्यक्रम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े सैद्धांतिक और व्यावहारिक मॉड्यूल शामिल कर रहे हैं। विद्यार्थियों को ‘हाउसहोल्ड सुपरवाइजर’ के तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे अपने परिवारों को घर में 100 प्रतिशत कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित कर सकें। इसकी ऑडिट रिपोर्ट समय-समय पर संबंधित जिला उपायुक्तों को दी जाएगी। इसके अलावा कचरा प्रसंस्करण सुविधाओं का daily आधार पर विस्तृत ऑडिट किया जाएगा। इसमें स्रोत पर कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण, निपटान और उपयोग की स्थिति की समीक्षा होगी। कचरे के अंतरराज्यीय आवागमन पर भी निगरानी रखी जाएगी। राज्य सरकार ने 9 अप्रैल 2026 की अधिसूचना के जरिए राज्य स्तरीय समिति और जिला स्तरीय क्रियान्वयन समितियों का गठन किया है। इन समितियों को प्रदेश के शहरी, ग्रामीण और विशेष अधिसूचित क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के क्रियान्वयन, निगरानी और अनुपालन की जिम्मेदारी दी गई है。
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बाहरीन वाली बीबी के झूठे आरोप: नायब तहसीलदार के खिलाफ रिश्वत केस घोटाला

Chandigarh, Chandigarh:ਬਹਿਰੀਨ ਵਾਲੀ ਬੀਬੀ ਨਵੰਬਰ 2025 ਵਿੱਚ ਇੰਡੀਆ ਇਕੱਲੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਆਈ। ਇਸ ਨਾਲ ਉਸਦਾ ਲੜਕਾ ਹਰਪਿੰਦਰਪਾਲ ਸਿੰਘ, ਇਸਦੀ ਨੂੰਹ ਦਮਨ, ਇਸਦੇ ਲੜਕੇ ਦਾ ਸਾਲਾ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਵੀ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਬਹਿਰੀਨ ਤੋਂ ਇੰਡੀਆ ਆਏ ਸੀ। ਬਹਿਰੀਨ ਵਾਲੀ ਇਸ ਬੀਬੀ ਵੱਲੋਂ ਨਾਇਬ ਤਸੀਲਦਾਰ ਧੂਰੀ ਅਜੀਤ ਸਿੰਘ ਵਿਰੁੱਧ ਰਿਸ਼ਵਤ ਲੈਣ ਦੇ ਦਰਜ ਕਰਾਏ ਕੇਸ FIR ਨੰਬਰ 02 ਮਿਤੀ 3-3-2011 ਥਾਣਾ ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਪਟਿਆਲਾ ਦੀ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਇਹ ਰਿਸ਼ਵਤ ਕੇਸ ਝੂਠਾ ਪਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ। ਸੰਬੰਧਿਤ ਨਾਇਬ ਤਸੀਲਦਾਰ ਨੇ ਬਹਿਰੀਨ ਵਾਲੀ ਬੀਬੀ ਵੱਲੋਂ ਉਸ ਵਿਰੁੱਧ ਦਰਜ ਕਰਵਾਇਆ ਰਿਸ਼ਵਤ ਦਾ ਕੇਸ ਪੁਲਿਸ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਝੂਠਾ ਪਾਏ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਬਹਿਰੀਨ ਵਾਲੀ ਬੀਬੀ ਵਿਰੁੱਧ 182 ਦਾ ਮੁਕੱਦਮਾ ਦਰਜ ਕਰਵਾ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਜੋ ਅੱਜ ਤੱਕ ਵੀ ਚੱਲਦਾ ਹੈ। ਬਹਿਰੀਨ ਵਾਲੀ ਬੀਬੀ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਕੇਸ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਨਾਂ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਇਸ ਵਿਰੁੱਧ LOC ਜਾਰੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਏਸੇ ਹੀ ਜਾਰੀ LOC ਦੇ ਕਾਰਣ ਬਹਿਰੀਨ ਵਾਲੀ ਬੀਬੀ ਨੂੰ ਏਅਰਪੋਰਟ 'ਤੇ ਹੀ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਤੇ ਜੇਲ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਇਸਦਾ ਲੜਕਾ, ਨੂੰਹ ਤੇ ਲੜਕੇ ਦਾ ਸਾਲਾ ਤਾਂ ਕੁੱਝ ਸਮੇਂ ਬਾਅਦ ਵਾਪਸ ਬਹਿਰੀਨ ਚਲੇ ਗਏ ਪਰ ਇਸਦਾ ਪਾਸਪੋਰਟ ਜਬਤ ਕਰ ਲੈਣ ਕਾਰਨ ਇਹ ਵਾਪਸ ਬਹਿਰੀਨ نہیں ਜਾ ਸਕੀ। ਬਹਿਰੀਨ ਵਾਲੀ ਬੀਬੀ ਵੱਲੋਂ ਨਾਇਬ ਤਹਿਸੀਲਦਾਰ ਵਿਰੁੱਧ ਦਰਜ ਕਰਾਏ ਝੂਠੇ ਮੁਕੱਦਮੇ ਵਿੱਚ ਵੀ ਇਸਨੇ ਨਾਇਬ ਤਸੀਲਦਾਰ ਵਿਰੁੱਧ ਦੋਸ਼ ਲਾਏ ਸੀ ਕਿ ਨਾਇਬ ਤਸੀਲਦਾਰ ਮੈਨੂੰ ਦਿਨੇਂ ਤੇ ਰਾਤ ਨੂੰ ਵਾਰ ਵਾਰ ਫੋਨ ਕਰਦਾ ਸੀ ਤੇ ਕਈ ਵਾਰ ਅਸ਼ਲੀਲ ਗੱਲਾਂ ਵੀ ਕਰਦਾ ਸੀ। ਜਿਸਦੀ ਮੈਂ ਆਪਣੇ ਮੋਬਾਈਲ ਵਿੱਚ ਰਿਕਾਰਡਿੰਗ ਵੀ ਕੀਤੀ ਹੋਈ ਹੈ। ਜਿੰਸਦੀ ਸੀ.ਡੀ ਬਣਾਕੇ ਮੈਂ ਬਾਦ ਵਿੱਚ ਆਪ ਜੀ ਦੇ ਪਾਸ ਪੇਸ਼ ਕਰ ਦੇਵਾਂਗੀ।
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SGPC पर बादल परिवार का नियंत्रण? सुखबीर-हरसिमरत चुप क्यों हैं?

Ludhiana, Punjab:ਐੱਸਜੀਪੀਸੀ 'ਤੇ ਬਾਦਲ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਪੂਰਾ ਕੰਟਰੋਲ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਫਿਰ ਬਹਿਰੀਨ ਦੀ ਔਰਤ ਦੇ ਸਾਲ ਭਰ ਠਹਿਰਨ ਅਤੇ ਵੀਆਈਪੀ ਟ੍ਰੀਟਮੈਂਟ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਿਸ ਨੇ ਕੀਤਾ? - ਬਲਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਸੁਖਬੀਰ ਬਾਦਲ ਦੱਸਣ ਕਿ ਔਰਤ ਨੂੰ ਰਿਹਾਇਸ਼, ਡਰਾਈਵਰ ਅਤੇ ਵੀਆਈਪੀ ਟ੍ਰੀਟਮੈਂਟ ਕਿਸ ਨੇ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਇਆ, ਅਤੇ ਐੱਸਜੀਪੀਸੀ ਤੇ ਅਕਾਲੀ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਉਸ ਦੀਆਂ ਸ਼ਿਕਾਈਤਾਂ ਨੂੰ ਨਜ਼ਰਅੰਦਾਜ਼ ਕਿਉਂ ਕੀਤਾ? - ਬਲਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਹਰਸਿਮਰਤ ਬਾਦਲ ਇਸ ਮਾਮਲੇ 'ਤੇ ਚੁੱਪ ਕਿਉਂ ਹਨ? ਕੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਔਰਤਾਂ ਦੀ ਫਿਕਰ ਉਦੋਂ ਹੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਦੋਂ ਉਹ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਿਆਸੀ ਪ੍ਰਚਾਰ ਦੇ ਕੰਮ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹਨ? - ਬਲਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਲੁਧਿਆਣਾਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਚੀਫ਼ ਵ੍ਹਿੱਪ ਅਤੇ ਵਿਧਾਇਕ ਬਲਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇ ਬੁੱਧਵਾਰ ਨੂੰ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ (ਬਾਦਲ) ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਅਤੇ ਹਰਸਿਮਰਤ ਕੌਰ ਬਾਦਲ ਦੀ ਸ਼੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਐੱਸਜੀਪੀਸੀ ਸਰਾਏ ਵਿੱਚ ਠਹਿਰੀ ਬਹਿਰੀਨ ਦੀ ਔਰਤ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਗੰਭੀਰ ਸਵਾਲਾਂ 'ਤੇ ਚੁੱਪੀ 'ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਬਲਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਐੱਸਜੀਪੀਸੀ ਇੱਕ ਅਜਿਹੀ ਸੰਸਥਾ ਹੈ ਜੋ ਸਿੱਖਾਂ ਦੇ ਦਿਲਾਂ ਅਤੇ ਧਾਰਮਿਕ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਨਾਲ ਡੂੰਘੀ ਜੁੜੀ ਹੋਈ ਹੈ ਅਤੇ ਕੋਈ ਵੀ ਇਸ ਨੂੰ ਸਿੱਖ ਭਾਈਚਾਰੇ ਤੋਂ ਵੱਖ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦਾ। ਹਾਲਾਂਕਿ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੂਰਾ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਦੁਨੀਆਂ ਵੀ ਜਾਣਦੀ ਹੈ ਕਿ ਜਦੋਂ ਵੀ ਐੱਸਜੀਪੀਸੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਦੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ਹੋਈ ਹੈ, ਬਾਦਲ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਇਸ ਸੰਸਥਾ 'ਤੇ ਪੂਰਾ ਕੰਟਰੋਲ ਅਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਐੱਸਜੀਪੀਸੀ 'ਤੇ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਪੂਰਾ ਦਬਦਬਾ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਉਹ ਬਾਦਲ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਅਤੇ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਖੁਦ ਇਸ ਦੇ ਕੰਮਕਾਜ ਦੇ ਪਿੱਛੇ ਅਸਲ ਮੁੱਖ ਅਥਾਰਟੀ ਰਹੇ ਹਨ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇੱਕ ਆਮ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਨੂੰ ਐੱਸਜੀਪੀਸੀ ਦੀ ਸਰਾਏ ਵਿੱਚ ਕਮਰਾ ਲੈਣ ਲਈ ਵੀ ਐੱਸਜੀਪੀਸੀ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੂੰ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਫੋਨ ਕਰਨੇ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ਾਂ ਕਰਵਾਉਣੀਆਂ ਪੈਂਦੀਆਂ ਹਨ, ਪਰ ਹੁਣ ਇਹ ਗੰਭੀਰ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਹੋਏ ਹਨ ਕਿ ਬਹਿਰੀਨ ਦੀ ਇੱਕ ਔਰਤ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਸਰਾਏ ਵਿੱਚ ਪੂਰਾ ਇੱਕ ਸਾਲ ਕਿਵੇਂ ਠਹਿਰ ਸਕੀ। ਉਸ ਦੇ ਖਰਚੇ ਕਿਸ ਨੇ ਚੁੱਕੇ? ਉਸ ਨੂੰ ਰਿਹਾਇਸ਼ ਕਿਸ ਨੇ ਦਿੱਤੀ? ਉਸ ਨੂੰ ਵੀਆਈਪੀ ਟ੍ਰੀਟਮੈਂਟ ਕਿਸ ਨੇ ਦਿੱਤਾ? ਉਸ ਨੂੰ ਡਰਾਈਵਰ ਕਿਸ ਨੇ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਇਆ? ਉਸ ਦੇ ਪਿੱਛੇ ਕੌਣ ਸੀ ਅਤੇ ਕੌਣ ਉਸ ਦੀ ਮਦਦ ਕਰ ਰਿਹਾ ਸੀ? ਬਲਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਹਾਲਾਤਾਂ ਨੇ ਹੁਣ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਮਰਿਆਦਾ 'ਤੇ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਹਨ ਅਤੇ ਸਿੱਖ ਭਾਈਚਾਰੇ ਸਾਹਮਣੇ ਇੱਕ ਵੱਡਾ ਮੁੱਦਾ ਲਿਆ ਕੇ ਖੜਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਵਾਲ ਕੀਤਾ ਕਿ ਅਜਿਹੀ ਸੰਸਥਾ ਵਿੱਚ ਅਜਿਹੀ ਸਥਿਤੀ ਕਿਵੇਂ ਬਣ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜਿੱਥੇ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ, ਬਾਦਲ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਇੱਕ ਪੱਤਾ ਵੀ ਨਹੀਂ ਹਿੱਲਦਾ。 ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ 'ਤੇ ਸਿੱਧਾ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਸਾਧਦਿਆਂ ਬਲਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਹੈਰਾਨੀ ਦੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਇੰਨੇ ਵੱਡੇ ਮੁੱਦੇ ਅਤੇ ਇੰਨੇ ਗੰਭੀਰ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਉਹ ਅਜੇ ਵੀ ਬਿਲਕੁਲ ਚੁੱਪ ਬੈਠੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਬਾਦਲ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਐੱਸਜੀਪੀਸੀ 'ਤੇ ਅਜਿਹਾ ਕੰਟਰੋਲ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਸੁਖਬੀਰ ਬਾਦਲ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਆ ਕੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਪੂਰੇ ਮਾਮਲੇ ਦੇ ਪਿੱਛੇ ਕੀ ਹੈ。 ਬਲਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇ ਹਰਸਿਮਰਤ ਕੌਰ ਬਾਦਲ ਦੀ ਚੁੱਪੀ 'ਤੇ ਵੀ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਰਸਿਮਰਤ ਬਾਦਲ ਨੇ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਔਰਤਾਂ ਦੀ ਮਜ਼ਬੂਤ ਆਵਾਜ਼ ਵਜੋਂ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਹੈ ਅਤੇ ਬਠਿੰਡਾ ਤੇ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਹੋਰ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਔਰਤਾਂ ਨਾਲ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਕਰਕੇ 'ਨੰਨ੍ਹੀ ਛਾਂ' ਦਾ ਨਾਅਰਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਪੁੱਛਿਆ "ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਔਰਤਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਅਤੇ ਸਨਮਾਨ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਵਜੋਂ ਪੇਸ਼ ਕਰਦੇ ਹੋ, ਤਾਂ ਅੱਜ ਜਦੋਂ ਇੱਕ ਔਰਤ ਨੇ ਖੁਦ ਇੰਨੇ ਗੰਭੀਰ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕੇ ਹਨ, ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ ਚੁੱਪ ਕਿਉਂ ਹੋ?" ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਔਰਤ ਨੇ ਖੁਦ ਬਿਆਨ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਕਿ ਉਸ ਨੇ ਆਪਣੀਆਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਕਈ ਅਕਾਲੀ ਅਤੇ ਐੱਸਜੀਪੀਸੀ ਆਗੂਆਂ ਸਾਹਮਣੇ ਰੱਖੀਆਂ ਸਨ। ਬਲਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇ ਕਿਹਾ "ਮੇਰਾ ਸਵਾਲ ਸਾਧਾਰਨ ਹੈ: ਜਦੋਂ ਅਜਿਹਾ ਗੰਭੀਰ ਮੁੱਦਾ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ 'ਤੇ ਸਿੱਖ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਤਾਂ ਉਹ ਇੱਥੇ ਚੁੱਪ ਕਿਉਂ ਬੈਠੇ ਹਨ?" ਬਲਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਅਤੇ ਹਰਸਿਮਰਤ ਕੌਰ ਬਾਦਲ ਅੱਗੇ ਆਉਣ ਅਤੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ 'ਤੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਸਪੱਸ਼ਟੀਕਰਨ ਦੇਣ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਲਗਾਤਾਰ ਚੁੱਪੀ ਆਪਣੇ ਆਪ ਵਿੱਚ ਗੰਭੀਰ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਸਿੱਖ ਭਾਈਚਾਰਾ ਇਹ ਜਾਨਣ ਦਾ ਹੱਕਦਾਰ ਹੈ ਕਿ ਕੀ ਹੋਇਆ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਕੌਣ ਸੀ।
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हिमाचल प्रदेश: 2016–2022 क्लास-I-II-III पेंशनरों को अक्टूबर में एरियर भुगतान

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए क्लास-III पेंशनरों को अक्टूबर माह में 30 प्रतिशत बकाया पेंशन एरियर का भुगतान किया जाएगा। इस भुगतान के साथ क्लास-III पेंशनरों की एरियर देनदारी शून्य हो जाएगी। वहीं, इसी अवधि यानी 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए क्लास-I और क्लास-II पेंशनरों को उनके पेंशन एरियर का अतिरिक्त 15 प्रतिशत भुगतान भी अक्टूबर में किया जाएगा। अंतरिम राहत और महंगाई राहत की पहले अदा की चुकी किस्तों को सकल पेंशन या पारिवारिक पेंशन के बकाया भुगतान में समायोजित किया जाएगा। राज्य सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों सहित सभी पेंशन वितरण प्राधिकरणों को निर्देश दिए हैं कि सितंबर 2026 की पेंशन या पारिवारिक पेंशन, जिसका भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाना है, के साथ स्वीकार्य बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को पात्र पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को बकाया राशि का समयबद्ध और उचित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं。
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कपूरथला के सुरखपुर अकबरपुर में इनवर्टर से मोबाइल चार्ज करते समय युवक की मौत

Kapurthala, Punjab:Kapurthala : ਪਿੰਡ ਸੁਰਖਪੁਰ ਅਕਬਰਪੁਰ ਵਿਖੇ ਕਰੰਟ ਲੱਗਣ ਕਾਰਨ 25 ਸਾਲਾ ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਮੌਤ ਇਨਵਰਟਰ ’ਤੇ ਮੋਬਾਇਲ ਫੋਨ ਚਾਰਜ ਲਗਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਵਾਪਰਿਆ ਹਾਦਸਾ, ਪਰਿਵਾਰ ’ਤੇ ਟੁੱਟਿਆ ਦੁੱਖਾਂ ਦਾ ਪਹਾੜ ਕਪੂਰਥਲਾ: ਪਿੰਡ ਸੁਰਖਪੁਰ ਅਕਬਰਪੁਰ ਤੋਂ ਇੱਕ ਬੇਹੱਦ ਦੁਖਦਾਈ ਖ਼ਬਰ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਕਰੰਟ ਲੱਗਣ ਕਾਰਨ 25 ਸਾਲਾ ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ। ਮ੍ਰਿਤਕ ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਪਛਾਣ ਸਾਗਰ ਪੁੱਤਰ ਮੰਗਾ ਸਿੰਘ ਵਜੋਂ ਹੋਈ ਹੈ。 ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਸਾਗਰ ਆਪਣੇ ਘਰ ਵਿੱਚ ਇਨਵਰਟਰ ’ਤੇ ਮੋਬਾਇਲ ਫੋਨ ਚਾਰਜ ਲਗਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰ ਰਿਹਾ ਸੀ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਅਚਾਨਕ ਉਸ ਨੂੰ ਕਰੰਟ ਲੱਗ ਗਿਆ। ਕਰੰਟ ਦਾ ਝਟਕਾ ਇੰਨਾ ਜ਼ਬਰਦਸਤ ਸੀ ਕਿ ਸਾਗਰ ਗੰਭੀਰ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋ ਗਿਆ। ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਉਸ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ, ਪਰ ਉਸ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ。 ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਅਚਾਨਕ ਹੋਈ ਮੌਤ ਦੀ ਖ਼ਬਰ ਮਿਲਦੇ ਹੀ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਮਾਤਮ ਛਾ ਗਿਆ। ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰਾਂ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਵਿੱਚ ਵੀ ਸੋਗ ਦੀ ਲਹਿਰ ਦੌੜ ਗਈ। ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਮੌਤ ਕਾਰਨ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਰੋ-ਰੋ ਕੇ ਬੁਰਾ ਹਾਲ ਹੈ。 ਇਸ ਮੌਕੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਅਤੇ ਸਾਬਕਾ ਸਰਪੰਚ ਸਰਦਾਰ ਮੇਜਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਬਿਜਲੀ ਦੇ ਉਪਕਰਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਪੂਰੀ ਸਾਵਧਾਨੀ ਵਰਤੀ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਖ਼ਾਸ ਕਰਕੇ ਬੱਚਿਆਂ ਅਤੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਬਿਜਲੀ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਕੰਮਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰੱਖਿਆ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਜੋ ਅਜਿਹੇ ਦਰਦਨਾਕ ਹਾਦਸਿਆਂ ਤੋਂ ਬਚਿਆ ਜਾ ਸਕੇ। ਇਸ ਦੁਖਦਾਈ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਿੰਡ ਸੁਰਖਪੁਰ ਅਕਬਰਪੁਰ ਅਤੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਦੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਸੋਗ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਹੈ۔
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केवल सिंह ढिल्लो ने अरਸ਼ਦੀप सिंह के परिवार को पार्टी की पूरी मदद का भरोसा जताया

Mansa, Punjab:ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਸੰਕਲਪ ਯਾਤਰਾ ਦੇ ਦੌਰਾਨ ਜਾਨ ਗਵਾਉਣ ਵਾਲੇ ਨੌਜਵਾਨ ਦੇ ਘਰ ਪਹੁੰਚੇ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਕੇਵਲ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋ ਸਹਿਯੋਗ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਹਰ ਸੰਭਵ ਮਦਦ ਕਰੇਗੀ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ। ਮਾਨਸਾ ਵਿਖੇ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਨਸ਼ਾ ਵਿਰੋਧੀ ਸੰਕਲਪ ਯਾਤਰਾ ਦੇ ਦੌਰਾਨ ਜਾਨ ਗਵਾਉਣ ਵਾਲੇ ਨੌਜਵਾਨ ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਦੇ ਘਰ ਭਾਜਪਾ ਦੇ पंजाब ਪ੍ਰਧਾਨ ਕੇਵਲ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋ ਪਹੁੰਚੇ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਨਾਲ ਦੁਖ ਪ੍ਰਗਟਾਇਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਭਾਜਪਾ ਵੱਲੋਂ ਕੱਢੀ ਗਈ ਯਾਤਰਾ ਦੇ ਦੌਰਾਨ ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਆਪਣੀ ਜਾਨ ਗਵਾਈ, ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਹਰ ਤਰਹਾਂ ਦੀ ਸੰਭਵ ਮਦਦ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਜਿੱਥੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ੇ ਰੋਕਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਅਸਫਲ ਰਹੀ ਹੈ ਉੱਥੇ ਭਾਜਪਾ ਵੱਲੋਂ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਯਾਤਰਾ ਚਲ ਰਾਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਾਡੇ ਵਿਚਕਾਰ ਨਹੀਂ ਰਹੇ। ਮਾਤਾ-ਪੋਤਾ ਨੇ ਵੀ ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੂੰ ਪ੍ਰਗਟ ਕੀਤਾ।
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राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार: तरन तारन में महिलाओं की शिकायतों पर कार्रवाई

Tarn Taran Sahib, Punjab:‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम में घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों की शिकायतें छाईं, अधिकारियों को लंबित मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश एंकर राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया राहटकर बुधवार को तरन तारन पहुंचीं, जहां ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत महिला जनसुनवाई की गई। शुरुआत में जनसुनवाई के लिए करीब 12 महिलाओं ने पंजीकरण करवाया था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान 80 से अधिक महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर पहुंचीं। चेयरपर्सन ने महिलाओं की शिकायतें विस्तार से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित मामलों के जांच अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। विजया राहटकर ने बताया कि तरन तारन में सामने आई अधिकांश शिकायतें डोमेस्टिक वायलेंस, घरेलू विवाद और पारिवारिक झगड़ों से संबंधित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बिना अनावश्यक देरी के कार्रवाई की जाए। बटाला निवासी हरजीत कौर ने सुनाई बेटे की मौत की कहानी जनसुनवाई में बटाला निवासी हरजीत कौर ने अपने बेटे गुरमीत सिंह की मौत से जुड़ा मामला उठाया। महिला के अनुसार करीब दो वर्ष पहले थाना वेरोवाल के अंतर्गत गांव भलोजला में रहने वाली एक महिला ने कथित तौर पर उसके बेटे को खाने में जहर दे दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया था और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन महिला का आरोप है कि दूसरे आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई। उनका कहना है कि पुलिस अधिकारियों और थाने के कई चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने महिला आयोग के समक्ष अपनी शिकायत रखी। दो हफ्ते धरने के बाद केस दर्ज, गिरफ्तारी का इंतजार वहीं, थाना सिटी तरन तारन के अंतर्गत गांव जोहल राजू सिंह वाला की रहने वाली रंजीत कौर ने भी अपनी शिकायत रखी। उनका आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले एक पुलिस कर्मचारी ने मामूली विवाद को लेकर उनके और उनके पति के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। रंजीत कौर के मुताबिक, दो सप्ताह से अधिक समय तक धरना देने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। रंजीत कौर ने महिला आयोग के समक्ष पूरी घटना रखी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने उम्मीद जताई कि आयोग के हस्तक्षेप के बाद लंबे समय से लंबित शिकायतों में कार्रवाई तेज होगी और उन्हें न्याय मिल सकेगा। बाईट महिला कमिशन चेयरपर्सन बाईट पीड़िताएं
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