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Sahibzada Ajit Singh Nagar
Kuldeep SinghKuldeep SinghFollow20 Aug 2024, 07:14 am
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस संगठन में जल्द नई नियुक्तियां होंगी, वरिष्ठ नेताओं को खास जगह दी जाएगी

Noida, Uttar Pradesh:हिमाचल प्रदेश कांग्रेस संगठन में जल्द नई नियुक्तियां होंगी यह में वरिष्ठ नेताओं को खास जगह दी जाएगी कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश के शीर्ष पार्टी नेताओं से संगठनात्मक कामकाज पर चर्चा की राष्ट्रीय स्तर पर उठाए गए मुद्दों जैसे चढ़ावा चोरी, नीट पेपर लीक आदि पर हुई संगठनात्मक गतिविधियों पर भी जानकारी ली गई नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, सह प्रभारी विदित चौधरी, चेतन चौहान और प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार माैजूद रहे
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हिमाचल हाईकोर्ट ने आपदा राहत में केंद्र-राज्य दायित्व स्पष्ट कर CSR फंड पर सख्ती बताई

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश में आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए संसाधनों की कमी के मामले में केंद्र और राज्य सरकारों को कड़ा संदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रभावितों को राहत और पुनर्वास देना सरकारों की जिम्मेदारी है और केंद्र व राज्य एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपने वैधानिक दायित्व से पीछे नहीं हट सकते। इसके अलावा अदालत ने हिमाचल को मिलने वाले कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड यानी सीएसआर फंड में भारी असंतुलन पर भी सवाल उठाए हैं। हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से अनुपालन की स्थिति तथा नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। अदालत ने कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135(5) को लेकर केंद्र की उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें स्थानीय क्षेत्रों को सीएसआर खर्च में प्राथमिकता देने के प्रावधान को अनिवार्य नहीं माना गया था। खंडपीठ ने कहा कि कानून की मंशा और भाषा स्पष्ट है कि कंपनियों को उन स्थानीय क्षेत्रों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जहां वे काम कर रही हैं। कोर्ट ने एनटीपीसी, एनएचपीसी, एसजेवीएन, पावर ग्रिड, पीएफसी, आरईसी, टीएचडीसी, एनईईपीसीओ, ग्रिड इंडिया और एनएचएआई जैसे उपक्रमों से हिमाचल को अपेक्षित रूप से कम सीएसआर राशि मिलने पर भी गंभीर सवाल उठाए। आंकड़ों के मुताबिक एनटीपीसी ने हिमाचल को 2022-23 में सिर्फ 1.58 करोड़ और 2023-24 में 2.22 करोड़ रुपये दिए, जबकि इसी अवधि में अन्य राज्यों को कई गुना अधिक राशि दी गई। अदालत ने इसे कानून की भावना के अनुरूप नहीं माना और सरकार से ठोस कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। राज्य सरकार के अनुसार पिछले तीन वित्तीय वर्षों में आपदाओं से हिमाचल को करीब 17,428 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके मुकाबले राहत, मरम्मत और पुनर्वास पर अब तक 4,427.68 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यानी नुकसान और खर्च के बीच करीब 13,001 करोड़ रुपये का बड़ा अंतर बना हुआ है। इसी कमी को पूरा करने के लिए सीएसआर फंड की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कोर्ट के सामने यह भी आया कि 81 कंपनियों ने अपने सीएसआर दायित्व और हिमाचल में किए गए खर्च से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। राज्य सरकार उत्तराखंड और ओडिशा के सीएसआर मॉडल का अध्ययन कर रही है, ताकि आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का सीएसआर फंड पहुंचाया जा सके। अब हाईकोर्ट ने सरकारों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि कानून का पालन कराने और कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिए आखिर क्या कदम उठाए गए हैं।
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ह हिमाचल HC ने 5 लाख जमा पर स्वतंत्रता दिवस समारोह की अनुमति दी

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट हमीरपुर जिले के बड़सर में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन को लेकर किए गए आवेदन पर सख्त नजर आया है। हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली खंडपीठ ने इस शर्त के साथ राज्य सरकार को समारोह करवाने की अनुमति दी है कि राज्य सरकार को स्कूली बच्चों की वेलफेयर स्कीम में पांच लाख रुपये जमा करवाने होंगे। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि यह राशि अगर जमा नहीं करवाई जाती है, तो स्कूल परिसर में आयोजन की अनुमति नहीं होगी। मामले पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की डबल बेंच ने ये फैसला सुनाया है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट प्रिंसिपल डिवीजन बेंच ने तैयारियां कर लेने के बाद अनुमति आवेदन करने को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार ने आयोजन को लेकर कार्ड छपवाने, निमंत्रण देने और अन्य तैयारियां नहीं की होतीं, तो अदालत स्कूल परिसर में आयोजन की अनुमति नहीं देती। अदालत ने कहा कि सभी तैयारियां पूरी करने के बाद स्कूल परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगना स्वीकार्य नहीं है। हालांकि, विशेष परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने आयोजन में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए सशर्त अनुमति देने का निर्णय लिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार को पांच लाख रुपये की निर्धारित राशि जमा करवानी होगी। अगर निर्धारित राशि जमा नहीं करवाई तो स्कूल परिसर में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित करने की कोई अनुमति नहीं रहेगी। अदालत ने आदेश दिए हैं कि यह राशि स्कूल के बच्चों की वेलफेयर स्कीम के लिए उपयोग शुल्क के तौर पर जमा करवाई जाएगी। अदालत ने आयोजन की अनुमति देते हुए स्कूल परिसर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी विशेष शर्त भी लगाई है। स्वतंत्रता दिवस समारोह समाप्त होने के बाद परिसर में सफाई सुनिश्चित करनी होगी, ताकि स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इस तरह हाईकोर्ट ने विशेष परिस्थितियों में आयोजन की अनुमति तो दी है, लेकिन स्कूल परिसर के गैर-शैक्षणिक उपयोग को लेकर पहले से निर्धारित नियमों और शर्तों को भी बरकरार रखा है। दरअसल, हिमाचल हाईकोर्ट शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों का सार्वजनिक या सरकारी कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल करने को लेकर पहले ही महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर चुका है। समान मामले से जुड़ी जनहित याचिका में कोर्ट ने सरकार को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे कि स्कूलों और कॉलेजों के परिसरों को गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि समय समय पर अदालत ने विभिन्न आवेदनों पर ऐसे परिसरों में कार्यक्रम करवाने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी। अदालत की ओर से दी गई अनुमतियों में बच्चों के वेलफेयर फंड में पैसे जमा कराने और कार्यक्रम के बाद सफाई करवाने जैसी कई शर्तें शामिल रही हैं। ऐसे में बड़सर स्कूल के खेल मैदान में होने जा रहे राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन ने के लिए सरकार की ओर से इसी पाबंदी के मद्द्देनजर हाईकोर्ट में आवेदन किया गया। अदालत ने मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए पांच लाख रुपये की शर्त पर आयोजन की अनुमति दी है। यह राशि स्कूल के बच्चों के लिए वेलफेयर स्कीम में उपयोग की जाएगी। इसके अलावा कोर्ट ने आयोजन के बाद स्कूल परिसर में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की शर्त भी लगाई है। यानी सरकार को पहले पांच लाख रुपये जमा करवाने होंगे, तभी बड़सर स्कूल परिसर में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया जा सकेगा।
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Ambala में पुलिस लाठीचार्ज पर गुरुद्वारे के जथेदार का सरकार पर तीखा हमला; संवाद से समाधान की मांग

Noida, Uttar Pradesh:ਜਥੇਦਾਰ ਗਿਆਨੀ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਗੜਗੱਜ ਵੱਲੋਂ ਅੰਬਾਲਾ ’ਚ ਸਿੱਖਾਂ ’ਤੇ ਹਰਿਆਣਾ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਲਾਠੀਚਾਰਜ ਤੇ ਅੱਥਰੂ ਗੈਸ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਦੀ ਸਖ਼ਤ ਨਿੰਦਾ-ਅੰਬਾਲਾ ਮਾਮਲਾ ਸੁਲਝਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਸਿੱਖ ਆਗੂਆਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਨ ਤੇ ਟਕਰਾਅ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਪੈਦਾ ਨਾ ਕਰਨ ਲਈ ਆਖਿਆ Jathedar Giani Kuldip Singh Gargajj condemns Haryana Police lathi-charge, tear gas on Sikhs in Ambala -Asks government to hold talks with Sikh leaders to resolve Ambala issue and avoid creating a situation of confrontation ਸ੍ਰੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ, 14 ਅਗਸਤ- ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਜਥੇਦਾਰ ਸਿੰਘ ਸਾਹਿਬ ਗਿਆਨੀ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਗੜਗੱਜ ਨੇ ਹਰਿਆਣਾ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਬੀਤੀ ਰਾਤ ਅੰਬਾਲੇ ਵਿਖੇ ਸ਼ਾਂਤਮਈ ਧਰਨਾ ਦੇ ਰਹੀ ਸਿੱਖ ਸੰਗਤ ਉੱਤੇ ਲਾਠੀਚਾਰਜ ਕਰਨ ਅਤੇ ਅੱਥਰੂ ਗੈਸ ਦੇ ਗੋਲੇ ਦਾਗਣ ਦੀ ਸਖ਼ਤ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚ ਨਿੰਦਾ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਹਰਿਆਣਾ ਸਰਕਾਰ ਸਿੱਖ ਸੰਗਤ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰ ਰਹੀ ਸੀ ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਅਚਾਨਕ ਉਨ੍ਹਾਂ ਉੱਤੇ ਹਮਲਾ ਕਰਨਾ ਬੇਹੱਦ ਮੰਦਭਾਗਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਨਿਆਂਪੂਰਣ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਘਟਨਾ ਵਿੱਚ ਹਰਿਆਣਾ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ. ਜਗਦੀਸ਼ ਸਿੰਘ ਝੀਂਡਾ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਕਈ ਮੈਂਬਰ ਤੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮ, ਸਿੱਖ ਸੰਗਤਾਂ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਜਵਾਨ ਵੀ ਫੱਟੜ ਹੋਏ ਹਨ। ਜਥੇਦਾਰ ਗੜਗੱਜ ਨੇ ਸ਼. ਝੀਂਡਾ ਨਾਲ ਫ਼ੋਨ ਉੱਤੇ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਅਤੇ ਫੱਟੜ ਸਿੱਖਾਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਦਾ ਹਾਲ ਜਾਣਿਆ ਤੇ ਮੌਜੂਦਾ ਸਥਿਤੀ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹਾਸਲ ਕੀਤੀ। ਸ. ਝੀਂਡਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜਦੋਂ ਸਰਕਾਰ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਚੱਲ ਰਹੀ ਸੀ ਤਾਂ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਸਿੱਖ ਸੰਗਤ ਉੱਤੇ ਹਮਲਾ ਕਰਨਾ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਸੀ。 ਜਥੇਦਾਰ ਗਿਆਨੀ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਗੜਗੱਜ ਨੇ ਕਿਹਾ ਜੇਕਰ ਸਰਕਾਰ ਚਾਹੁੰਦੀ ਤਾਂ ਇਹ ਮਾਮਲਾ ਬਹੁਤ ਤੇ ਸਹਿਜ ਤੇ ਸੂਝਬੂਝ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਰਾਹੀਂ ਹੀ ਹੱਲ ਹੋ ਜਾਣਾ ਸੀ। ਜਦੋਂ ਆਪਸ ਵਿੱਚ ਗੱਲਬਾਤ ਚੱਲ ਰਹੀ ਸੀ ਤਾਂ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅਚਾਨਕ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਤਰਫ਼ੋਂ ਸਿੱਖਾਂ ਉੱਤੇ ਬਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨਾ ਗਲਤ ਹੈ, ਜਿਸ ਦੀ ਜਾਂਚ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਵਾਲ ਕੀਤਾ ਕਿ ਕਿਤੇ ਜਾਣਬੁੱਝ ਕੇ ਸ਼ਾਂਤਮਈ ਧਰਨੇ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਨੂੰ ਬਦਨਾਮ ਕਰਨ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਉਕਸਾਉਣ ਲਈ ਰਾਤ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸਿੱਖ ਵਿਰੋਧੀ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਧਰਨੇ ਵਿੱਤ ਸ਼ਰਾਰਤੀ ਅਨਸਰਾਂ ਦੀ ਘੁਸਪੈਠ ਕਰਵਾ ਕੇ ਗਲਤ ਕਾਰਵਾਈਆਂ ਤਾਂ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ, ਇਸ ਦੀ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ ਜਾਂਚ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ。 ਜਥੇਦਾਰ ਗਿਆਨੀ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਗੜਗੱਜ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਹਰਿਆਣਾ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਸਮਾਂ ਰਹਿੰਦੇ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪੰਜੋਖਰਾ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਅੱਠਵੇਂ ਪਾਤਸ਼ਾਹ ਜੀ ਦੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਗੁਰਪੁਰਬ ਮੌਕੇ ਸਿੱਖ ਸੰਗਤ ਉੱਤੇ ਗੱਡੀ ਚੜ੍ਹਾਉਣ ਵਾਲੇ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਸਿੱਖ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਬਣਦੀ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਹੁੰਦੀ ਤਾਂ ਇਸ ਸਥਿਤੀ ਤੋਂ ਬਚਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਸ ਗੱਲ ਉੱਤੇ ਚਿੰਤਾ ਜਾਹਰ ਕੀਤੀ ਕਿ ਅਜਿਹੇ ਸ਼ਰਾਰਤੀ ਅਨਸਰਾਂ ਦੀ ਸਰਕਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਪੁਸ਼ਤਪਨਾਹੀ ਕਿਉਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੋ ਹਰ ਸਮੇਂ ਸਿੱਖਾਂ ਵਿਰੁੱਧ ਬੋਲਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਭੜਕਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਹਨ。 ਜਥੇਦਾਰ ਗਿਆਨੀ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਗੜਗੱਜ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਰਿਆਣਾ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਸਿੱਖ ਸੰਗਤ ਦੀਆਂ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਦੀ কਦਰ ਕਰਦਿਆਂ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤੇ ਨੌਜਵਾਨ ਤੁਰੰਤ ਰਿਹਾਅ ਕਰਨੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪੰਜੋਖਰਾ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਸੰਗਤ ਉੱਤੇ ਗੱਡੀ ਚੜ੍ਹਾ ਕੇ ਫੱਟੜ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਸੂਬੇ ਦੇ ਸਿੱਖ ਆਗੂਆਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਰਾਹੀਂ ਸਮੁੱਚਾ ਮਾਮਲਾ ਹੱਲ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਨਾ ਕਿ ਟਕਰਾਅ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਪੈਦਾ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਹਰਿਆਣਾ ਦੀ ਸਿੱਖ ਸੰਗਤ ਨੂੰ ਆਪਸ ਵਿੱਚ ਇਕਜੁੱਟ ਤੇ ਸੰਗਠਤ ਰਹਿਣ ਦੀ ਤਾਕੀਦ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੋ ਵੀ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਰਨਾ ਹੋਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜਾਬਤੇ ਵਿੱਚ ਅਤੇ ਸ਼ਾਂਤਮਈ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇ। ਇਹ ਵੀ ਯਕੀਨੀ ਹੋਵੇ ਕਿ ਧਰਨੇ ਮੌਕੇ ਕੋਈ ਸ਼ਰਾਰਤੀ ਅਨਸਰ ਨਾਲ ਸ਼ਾਮਲ ਨਾ ਹੋਵੇ。
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रेडिडसन ब्लू होटल के लॉक से फंसे IPS अधिकारी को मुआवज़ा: 15 हजार रुपये

Noida, Uttar Pradesh:चंडीगढ़ के ज़िला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने रेडिसन ब्लू होटल के बाथरूम का लॉक ख़राब होने के कारण डेढ घंटे तक बाथरूम में फंसे रहे पीड़ित रिटायर्ड IPS अधिकारी को मुआवज़े के रूप में 15 हज़ार रुपये होटल प्रबंधन को देने का आदेश दिया है चंडीगढ़ District Consumer Disputes Redressal Commission ने पाया की गोरखपुर के रेडिसन ब्लू होटल की लापरवाही और Poor सर्विस के कारण मेहमान एक घंटे से ज़्यादा समय तक बाथरूम में बंद रहे 19-B, चंडीगढ़ के निवासी और रिटायर्ड IPS अधिकारी आलोक कुमार रॉय ने अपनी शिकायत बताया कि वे फरवरी 2026 में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गोरखपुर गए थे।उन्होंने ₹15,340 का भुगतान करके 8 फरवरी, 2026 को एक रात के लिए गोरखपुर के रेडिसन ब्लू होटल में कमरा बुक किया था। उन्होंने वहाँ रहने के दौरान, बाथरूम इस्तेमाल करते समय लॉक खराब हो गया और वे अंदर फंस गए। हालांकि बाथरूम में फोन लगा हुआ था, लेकिन उसके पास न तो कोई डायरेक्टरी थी और न ही होटल के नंबरों की कोई लिस्ट, जिसकी वजह से उन्हें बेकार में अलग-अलग नंबर डायल करने पड़े। रॉय ने यह भी दावा किया कि उन्होंने कंपनी को ईमेल किया था और कंपनी ने अपनी गलती और लापरवाही मान ली थी। दूसरी ओर, होटल और कंपनी को नोटिस भेजे जाने के बावजूद, वे कमीशन के सामने पेश नहीं हुए और 18 मई को उनके खिलाफ़ एकतरफ़ा (ex parte) कार्रवाई की गई।
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NIA ने अमृतसर में 500 किलो हेरोइन नार्को-टेरर केस से जुड़ी संपत्तियाँ अटैच कीं

Noida, Uttar Pradesh:NIA attaches Amritsar property in 500-kg heroin narco-terror case The National Investigation Agency (NIA) on Thu rsday attached two immovable properties in Amritsar belonging to accused Anwar Masih in connection with the 500-kg heroin smuggling case, which involved a transnational narco-terror conspiracy. The properties, bearing Plot Nos. 128 and 129 in Phase-I of Akash Vihar, Sultanwind, Amritsar, are registered in Masih’s name. The attachment was carried out under Section 25(1) of the Unlawful Activities (Prevention) Act, 1967. The case, registered as RC-26/2020/NIA/DLI and popularly known as the Salaya drug seizure case, relates to the smuggling of 500 kg of heroin from Pakistan to India through a sea route. According to the NIA, its investigation has revealed Masih’s involvement in a transnational network extending across Italy, Australia, the UAE, Thailand, Iran and Pakistan. The network was engaged in the smuggling and distribution of narcotics and channelising the proceeds to finance terrorist activities linked to the Lashkar-e-Taiba (LeT). The agency said the investigation had established the linkage of the attached properties with proceeds connected to terrorism, resulting in their attachment under the anti-terror law. The attachment proceedings were conducted on August 13 in the presence of witnesses and with the assistance of revenue authorities. The attachment order was served and read out before being affixed at the properties, and an Attachment Memorandum/Panchanama was prepared. The investigation in the case is continuing. So far, 26 accused persons have been arrested in the case.
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ED ने PSIEC घोटाले की रेड में 4 करोड़ फ्रीज़, 12.15 लाख नकद जब्त

Noida, Uttar Pradesh:PSIEC प्लाट घोटाले मे तीन दिन चली ED की रेड ,चार करोड़ बैंक मे फ़र्ज़ी और 12.15 लाख ज़ब्त एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) के जालंधर ज़ोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 4 अगस्त से 6 अगस्त कर तीन दिन पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज़ एंड एक्सपोर्ट कॉर्पोरेशन (PSIEC) चंडीगढ़, अमृतसर, गुरदासपुर और लुधियाना में 11 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज़ एंड एक्सपोर्ट कॉर्पोरेशन (PSIEC) के ऑफिस में सर्वे भी किया गया। यह कार्रवाई PSIEC अधिकारियों द्वारा अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और अन्य सहयोगियों के नाम पर इंडस्ट्रियल प्लॉट के गैर-कानूनी आवंटन से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई। तलाशी के दौरान कई जगहों से कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ और डिजिटल डिवाइस बरामद और ज़ब्त किए गए। इस रेड के दौरान आपत्तिजनक सबूत इकट्ठा किए गए और बिना हिसाब-किताब वाला कैश बरामद किया गया... तलाशी के दौरान, PSIEC के रिटायर्ड चीफ जनरल मैनेजर सुरिंदर पाल सिंह और रिटायर्ड जनरल मैनेजर जसविंदर सिंह रंधावा के बैंक खातों में मौजूद लगभग 4.01 करोड़ रुपये फ्रीज़ करने के साथ-साथ 12,15,000 रुपये कैश बरामद और ज़ब्त किए गए। ED ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की थी। यह FIR भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम, 1988 (PC अधिनियम, 2018 द्वारा संशोधित) और भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत कई PSIEC अधिकारियों और अन्य निजी व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई थी। ED की जांच से पता चला कि इंडस्ट्रियल प्लॉट ऐसे लोगों को आवंटित किए गए थे जिन्हें तकनीकी उद्योगों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। निजी व्यक्तियों ने इंडस्ट्रियल प्लॉट के लिए आवेदन करते समय फ़र्ज़ी फ़र्मों और फ़र्ज़ी पतों का इस्तेमाल किया और PSIEC अधिकारियों के साथ करीबी संबंधों के कारण ये प्लॉट इन लोगों को आवंटित कर दिए गए। कई आवंटन प्लाटों को शेल कंपनियों और फ़र्ज़ी फ़र्मों के नाम पर किए गए थे, जिनका बाद में इस्तेमाल आवंटित प्लॉट को मौजूदा बाज़ार दरों पर बाहरी लोगों (थर्ड-पार्टी) को बेचने के लिए किया गया, जिससे भारी कमाई हुई। इसके अलावा, यह भी पता चला कि उद्योग स्थापित करने के लिए आवंटित प्लॉट को बांटकर रिहायशी और कमर्शियल प्लॉटिंग के लिए इस्तेमाल किया गया।
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पंचकूला इंडस्ट्रियल एरिया फेज 2 में क्रेन हादसे से दो हेल्पर की मौत

Noida, Uttar Pradesh:पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया फेज 2 में हुआ बड़ा हादसा एक क्रेन की मदद से जनरेटर को छत पर चढ़ने का काम चल रहा था तभी क्रेन अनबैलेंस हो गई और क्रेन के टॉप पर जनरेटर चढ़ाने का प्रयास कर रहे दो हेल्पर सड़क पर जग गिरे और सर पर चोट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया घटना की सूचना मिलने के बाद सेक्टर 19 चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुड़ गई है बताया जा रहा है कि एक बिल्डिंग की छत पर जनरेटर को क्रेन की मदद से चढ़ाने का प्रयास किया जा रहा था तभी भारी जनरेटर के चलते क्रेन अनबैलेंस हो गई और पलट गई इस हादसे में नवीन और मनीष नाम के दो हेल्पर जिनकी उम्र 22 से 23 साल बताई जा रही है कि मौके पर ही मौत हो गई मृतक हिमाचल और बिहार के रहने वाले हैं और दोनों मृतक युवक क्रेन में काम करते थे और भारी समान क्रेन की मदद से ऊपर चढ़ते थे सेक्टर 19 चौकी इंचार्ज कमलजीत सिंह ने बताया कि इस पूरे हाथ से की जांच पड़ताल की जा रही है जबकि इस हादसे में क्रेन चालक को हल्की चोटें आई है
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