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Sahibzada Ajit Singh Nagar
Kuldeep SinghKuldeep SinghFollow15 Aug 2024, 02:31 pm
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बरनाला में सफाईकर्मियों पर लाठीचार्ज, SC आयोग ने किया संज्ञान; 28 जुलाई सुनवाई

Barnala, Bathinda, Punjab:बरनाला में हाल ही में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसी कड़ी में आज पंजाब अनुसूचित जाति (एस.सी.) आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी बरनाला पहुंचे और सरकारी अस्पताल में भर्ती घायल सफाई कर्मचारियों का हालचाल जाना, उनसे बातचीत करके उनकी आपबीती सुनी, अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को फटकार भी लगाई। आयोग ने 28 जुलाई को बरनाला पुलिस प्रशासन को तलब किया है, जहां पीड़ित सफाई कर्मचारी भी अपना पक्ष रखेंगे। सरकारी अस्पताल में भर्ती घायल सफाई कर्मचारियों ने एस.सी. आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी को बताया कि लाठीचार्ज के दौरान उनके साथ बर्बरता की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर एस.सी./एस.टी. एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। कर्माचारियों ने अस्पताल की अव्यवस्थाओं की भी शिकायत की और बताया कि एक्स-रे मशीनें खराब होने के कारण उन्हें करीब 20 किलोमीटर दूर महल कलां जाकर जांच करवानी पड़ रही है। पीड़ितों ने आयोग से न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचने पर 12 घायल सफाई कर्मचारी भर्ती मिले, उनके साथ अमानवीय व्यवहार हुआ है और पूरे मामले की गहन जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही निर्देश दिए कि मरीजों के इलाज और अन्य सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और एक्स-रे मशीन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त की जाएं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग द्वारा घायल कर्मचारियों के इलाज के लिए दिए गए एक लाख रुपये पर प्रतिक्रिया देते हुए चेयरमैन ने कहा कि घायलों के इलाज की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है, और राजा वड़िंग द्वारा दी गई राशि वापस करने की अपील की गई ताकि जिला प्रशासन सभी घायलों का इलाज अपने खर्च पर सुनिश्चित करे। चेयरमैन ने दोहराया कि सफाई कर्मचारियों पर हुआ लाठीचार्ज निंदनीय है और पूरे मामले में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होगी। 28 जुलाई को आयोग के समक्ष होने वाली सुनवाई और उसके बाद की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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मोनू की आत्महत्या: पत्नी के अवैध संबंध और वायरल वीडियो, पुलिस मामला दर्ज

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ के मौलीजागरां स्थित मौली कॉम्प्लेक्स निवासी 33 वर्षीय मोनू ने अपनी पत्नी के अवैध संबंधों से दुखी होकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि उसकी पत्नी अपने से 13 साल छोटे ट्यूशन स्टूडेंट के साथ प्रेम-संबंध में थी। जब परिवार ने उसे समझाने की कोशिश की, तो उसने पति को छोड़ने और तलाक देने की धमकी दी 2. शादी और परिवार की पृष्ठभूमि मोनू और कोमल (32 वर्ष) की शादी लगभग 8 साल पहले हुई थी। दोनों की 6 साल की एक मासूम बेटी भी है। कोमल घर पर ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का काम करती थी, जहाँ कई छात्र पढ़ाई के लिए आते-जाते थे。 3. ट्यूशन स्टूडेंट के साथ अवैध संबंध करीब 7 हफ्ते पहले परिजनों को पता चला कि कोमल का ट्यूशन पढ़ने आने वाले 20 साल के युवक सन्नि के साथ अफेयर चल रहा है। जब घर पर कोई नहीं होता था, तब दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता अवैध संबंधों में बदल गया。 4. समझाने पर विवाद और तलाक की धमकी मामला सामने आने पर मोनू के भाई कपिल और अन्य परिजनों ने कोमल को समझाने की कोशिश की। उन्होंने उसे उसकी 6 साल की बेटी, पति और परिवार के भविष्य का हवाला दिया। हालांकि, कोमल ने किसी की बात नहीं मानी। उसने साफ कह दिया कि वह सन्नि के साथ ही रहेगी, चाहे इसके लिए उसे अपने पति को तलाक ही क्यों न देना पड़े। विवाद बढ़ने पर कोमल अपनी 6 साल की बेटी और अपना सारा सामान समेटकर अपने मायके चली गई। 5. मानसिक तनाव और आत्महत्या पत्नी के मायके चले जाने और रिश्ता टूटने के डर से मोनू गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) में चला गया। 22 जुलाई की शाम लगभग 4 बजे जब उसका छोटा भाई कपिल काम से घर लौटा, तो उसने दूसरी मंजिल के कमरे में मोनू को पंखे से लटका देखा। परिजन उसे तुरंत पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 6. सामने आए 2 वायरल वीडियो इस मामले से जुड़े दो वीडियो भी पुलिस जांच में सामने आए हैं पहला वीडियो .... इसमें मोनू का भाई कपिल अपनी भाभी कोमल से बात कर रहा है। वह पूछ रहा है कि क्या वह सन्नि के साथ ही रहना चाहती है और तलाक देना चाहती है? इस पर कोमल बेझिझक "हां" में जवाब देती है। पृष्ठभूमि में मोनू कहता सुनाई देता है कि "3 साल से इसका यही ड्रामा चल रहा है।" दूसरा वीडियो इसमें मोनू कमरे में बेड पर बैठा परिजनों के सामने फूट-फूटकर रोता नजर आ रहा है। यह वीडियो उसने आत्महत्या करने से कुछ समय पहले रिकॉर्ड किया था। 7. पुलिस कार्रवाई मौलीजागरां थाना पुलिस ने मृतक के भाई कपिल की शिकायत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी पत्नी कोमल और उसके प्रेमी सन्नि के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (IPC Section 306 / BNS) का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सबूतों की पड़ताल कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है。
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पठानकोट में कारगिल विजय दिवस: 21 सब एरिया ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी

Pathankot, Punjab:पठानकोट में गर्व के साथ मनाया गया कारगिल विजय दिवस: पराक्रम स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में सेना की 21 Sub Area ने शहीदों को याद अमर शहीदों को अर्पित किए गए श्रद्धासुमन, शाहिद सेनिको के परिवार भी पहुंचे श्रद्धांजलि समारोह में कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज पठानकोट के पराक्रम स्थल पर भारतीय सेना की 21 Sub Area की ओर से श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। समारोह में सेना के अधिकारी, सैनिक और शहीद परिवार ने शामिल होकर वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। 26 जुलाई 1999 यह वह ऐतिहासिक दिन है, जब भारतीय सेना ने कारगिल की दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराकर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। इसी ऐतिहासिक जीत की याद में हर साल पूरे देश में कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। इस के तहत पठानकोट के पराक्रम स्थल पर 27वां कारगिल विजय दिवस पूरे सम्मान और गौरव के साथ मनाया गया।भारतीय सेना की 21 Sub Area की ओर से आयोजित इस समारोह में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, जवान और शहीद परिवार मौजूद रहें। सभी मिलकर देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धासुमन अर्पित किये और कहा कि हमे गर्व है अपने वीर जवानो पर उन्होंने कहा कारगिल युद्ध को पूरा देश नही भुला सकता जब तक हमारे सैनिक है तब तक हमारी सरहदों को कोई छुह भी नही सकता
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PGI डॉक्टर की चेतावनी: बच्चों में मोबाइल लत बच्चों का विकास बिगाड़ रही है

Chandigarh, Chandigarh:feed send by TUV 37 server 42 • पीजीआई में मनोवैज्ञानिक के डॉ. अखिल शर्मा ने बच्चों में बढ़ रही मोबाइल एडिक्शन के लक्षण बताए。 • मोबाइल की लत बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर गंभीर असर डाल रही है。 • यदि बच्चा हर समय मोबाइल मांगे, मोबाइल छीनने पर गुस्सा करे, रोने लगे, खाना खाने या खेलना छोड़ दे तो यह मोबाइल एडिक्शन के शुरुआती लक्षण हैं。 • लगातार मोबाइल के इस्तेमाल से बच्चों की याददाश्त, ध्यान लगाने की क्षमता और नई चीजें सीखने की योग्यता प्रभावित हो रही है。 • ऑनलाइन गेमिंग भी गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसके कारण कई बच्चे अपने माता-पिता के खातों से बड़ी रकम खर्च कर रहे हैं。 • डॉ. शर्मा ने कहा कि मोबाइल एडिक्शन का इलाज केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि परिवार के सहयोग और जीवनशैली में बदलाव से संभव है। • माता-पिता स्वयं भी मोबाइल का सीमित उपयोग करें और बच्चों के लिए रोल मॉडल बनें。 • भोजन के समय घर में कोई भी मोबाइल का इस्तेमाल न करे और पूरा परिवार साथ बैठकर बातचीत करे。 • बच्चों को खेलकूद, आउटडोर गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों की ओर प्रोत्साहित किया जाए。 • बच्चों का स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे कम किया जाए, क्योंकि अचानक मोबाइल बंद करने से समस्या बढ़ सकती है। तकनीक के इस दौर में जहां मोबाइल फोन हर घर की जरूरत बन चुका है, वहीं बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत अब चिंता का विषय बनती जा रही है। पीजीआई के मनोवैज्ञानिक डॉ. अखिल शर्मा ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों में मोबाइल से जुड़ी समस्याओं की पहचान कैसे की जा सकती है और उनसे बचाव के लिए माता-पिता को क्या कदम उठाने चाहिए。 डॉ. अखिल शर्मा ने बताया कि आजकल माता-पिता अक्सर अपने काम निपटाने के लिए बच्चों के हाथ में मोबाइल फोन थमा देते हैं। धीरे-धीरे यही आदत बच्चों को मोबाइल एडिक्शन की ओर ले जाती है, जिसका उनके मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है。 उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा हर समय मोबाइल खोजता रहे, माता-पिता से छिपकर फोन इस्तेमाल करे, मोबाइल छीनने पर गुस्सा करे, रोने लगे या चिड़चिड़ा हो जाए, तो यह मोबाइल एडिक्शन के शुरुआती संकेत हैं। इसके अलावा यदि बच्चा खाना खाते समय भी मोबाइल मांगे, खेलना छोड़ दे, परिवार से बातचीत कम कर दे और अपनी उम्र के अनुसार होने वाली सामान्य गतिविधियों से दूर रहने लगे, तो माता-पिता को तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए。 डॉ. शर्मा ने बताया कि लगातार स्क्रीन देखने से बच्चों की याददाश्त, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और नई चीजें सीखने की योग्यता प्रभावित होती है। इसके साथ ही उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बचपन का विकास दोबारा वापस नहीं आता, इसलिए कम उम्र में अधिक स्क्रीन टाइम बच्चों के भविष्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग को भी गंभीर चुनौती बताया। उनका कहना था कि कई वैज्ञानिक संस्थाएं अब इसे नशे और जुए जैसी लत मानने लगी हैं। कई मामलों में बच्चे ऑनलाइन गेमिंग के दौरान अपने माता-पिता के बैंक खातों से बड़ी रकम खर्च कर देते हैं, जिससे परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है。 डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि मोबाइल एडिक्शन का इलाज केवल दवाइयों से संभव नहीं है। इसके लिए परिवार की सक्रिय भूमिका सबसे जरूरी है। माता-पिता को स्वयं मोबाइल का सीमित उपयोग करना चाहिए, भोजन के समय पूरे परिवार को बिना मोबाइल के साथ बैठकर खाना खाना चाहिए और बच्चों के साथ रोजाना बातचीत करनी चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे मोबाइल पर किस तरह का कंटेंट देख रहे हैं。 उन्होंने कहा कि बच्चों को खेलकूद, आउटडोर गतिविधियों, किताबें पढ़ने और अन्य रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। मोबाइल को एकदम बंद करने के बजाय बच्चों का स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे कम किया जाना चाहिए, ताकि वे इस बदलाव को सहज रूप से स्वीकार कर सकें。 डॉ. अखिल शर्मा ने अंत में कहा कि यदि माता-पिता समय रहते बच्चों को पर्याप्त समय दें, उनसे संवाद बनाए रखें और उन्हें मोबाइल की बजाय खेलकूद तथा सामाजिक गतिविधियों से जोड़ें, तो मोबाइल एडिक्शन से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। अन्यथा इसका दुष्प्रभाव केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और बौद्धिक विकास पर भी लंबे समय तक पड़ सकता है।
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Nasirpur डिस्पेंसरी: गाँव संकट, डॉक्टरों की कमी ने स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल

Kapurthala, Punjab:ਜ਼ੀ ਮੀਡੀਆ ਦੇ 'ਸਾਡਾ ਹੱਕ' ਸ਼ੋਅ 'ਚ ਗੂੰਜੀ ਨਸੀਰਪੁਰ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਵਿੱਚ ਡਾਕਟਰਾਂ ਦੀ ਘਾਟ 'ਤੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਦਾ ਰੋਸ, ਨੌਂ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ; ਮਹੱਲਾ ਕਲੀਨਿਕ ਖੋਲ੍ਹਣ ਦੀ ਕੀਤੀ ਮੰਗ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ (ਕਪੂਰਥਲਾ):ਜ਼ੀ ਮੀਡੀਆ ਦੇ ਲੋਕਪ੍ਰਿਜ ਸ਼ੋਅ 'ਸਾਡਾ ਹੱਕ' ਦੇ ਤਹਿਤ ਹਲਕਾ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਅਧੀਨ ਪੈਂਦੇ ਪਿੰਡ ਨਸੀਰਪੁਰ ਵਿਖੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਆਪਣੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਖੁੱਲ੍ਹ ਕੇ ਸਾਹਮਣੇ ਰੱਖੀਆਂ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਪਿੰਡ ਦੀ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਵਿੱਚ ਸਿਹਤ ਸਹੂਲਤਾਂ ਬਹਾਲ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ।। ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇੱਕ ਸਮਾਂ ਸੀ ਜਦੋਂ ਇਸ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਵਿੱਚ ਡਾਕਟਰਾਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸਿਹਤ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਦੀ ਪੂਰੀ ਟੀਮ ਤਾਇਨਾਤ ਹੁਦੀ ਸੀ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਹੀ ਵਧੀਆ ਇਲਾਜ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਸੀ। ਪਰ ਮੌਜੂਦਾ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਹਾਲਾਤ ਬਹੁਤ ਮਾੜੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਉਨਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਹੁਣ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਡਾਕਟਰ ਹੀ ਬਚਿਆ ਹੈ, ਜੋ ਵੀ ਹਫ਼ਤੇ ਵਿੱਚ ਕੇਵਲ ਇੱਕ ਜਾਂ ਦੋ ਦਿਨ ਹੀ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਵਿੱਚ ਆਉਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਕਾਰਨ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਖੱਜਲ-ਖੁਆਰ ਹੋਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਛੋਟੀ-ਛੋਟੀ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਵੀ ਦੂਰ-ਦੂਰ ਜਾਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ。 ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਨਸੀਰਪੁਰ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਪਿੰਡ ਦੀ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਇਸ ਦੇ ਅਧੀਨ ਲੱਗਦੇ 9 ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਦਾ ਮੁੱਖ ਕੇਂਦਰ ਹੈ। ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਲੋਕ ਇਸ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ 'ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹਨ, ਪਰ ਡਾਕਟਰਾਂ ਅਤੇ ਸਟਾਫ਼ ਦੀ ਘਾਟ ਕਾਰਨ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਲੋੜੀਂਦੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਨਹੀਂ ਮਿਲ ਰਹੀਆਂ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਵਿੱਚ ਤੁਰੰਤ ਡਾਕਟਰਾਂ ਅਤੇ ਲੋੜੀਂਦੇ ਸਟਾਫ਼ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਵਧਾਈ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਸੁਝਾਅ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਮਹੱਲਾ ਕਲੀਨਿਕ ਖੋਲ੍ਹ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਹੋਰ ਵੀ ਵਧੀਆ ਅਤੇ ਨਿਰੰਤਰ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਮਿਲ ਸਕਣਗੀਆਂ。 ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਚਿਤਾਵਨੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਜਾਇਜ਼ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਜਲਦ ਪੂਰਾ ਨਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਤਾਂ ਉਹ ਆਪਣਾ ਸੰਘਰਸ਼ ਹੋਰ ਤੇਜ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਹੋਣਗੇ, ਜਿਸ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਸੰਬੰਧਤ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਹੋਵੇਗੀ。
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करगिल शहीद पवन कुमार की वीरगाथा, गांव नंगल बिहालाँ में आज भी याद

Hoshiarpur, Punjab:होशियारपुर मुकेरियां के गांव नंगल बिहालाँ का पवन कुमार की शहादत को आज भी याद करता है पूरा गांव。 सन् 1999 में हुए करगिल युद्ध दौरान नंगल बिहालाँ के नौजवान पवन कुमार की शहादत पर आज भी परिवार गर्व करता है। पवन 13 जैक रेजीमेंट में तैनात था। पवन की माता जी शीला देवी ने बताया कि पवन की सगाई की हुई थी बस उसका इंतजार था के जब वह छुट्टी लेकर आयेगा तो उसकी शादी धूमधाम से करेंगे पर पवन तो नहीं आया पर उसकी देह तिरंगे में लिपटी आई। वहीं शहीद पवन कुमार की भतीजी शिवानी ने बताया कि जब चाचा की शहादत हुई तब मैं एक साल थी। मेरे पिता ने चाचा की वीर गाथाएं सुनाईं के किस तरह उन्होंने अपनी जान देश पर कुर्बान की। शहीद पवन के परिवार ने बताया कि आज इतने साल बीत जाने के बाद भी इंडियन आर्मी हमारा पूरा ख्याल रखती है। पवन की मां का कहना है कि बेटे की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता पर हमें गर्व है कि हमारे बेटे ने देश की खातिर अपनी शहदत दी।
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बरनाला सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज: कांग्रेस का सरकार पर हमला, न्याय की मांग

Barnala, Bathinda, Punjab:बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अब इस मुद्दे पर पंजाब कांग्रेस भी खुलकर मैदान में उतर आई है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बरनाला के सिविल अस्पताल पहुंचे और घायल सफाई कर्मचारियों का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधा, घायलों को मदद और न्याय दिलाने का भरोसा दिया, साथ ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई। बरनाला शहर में केंडल मार्च निकला गया। डी.एस.पी. के निलंबन पर वडिंग ने कहा कि निलंबन ड्रामा है; मुख्य आरोपी भगवंत मान हैं। कांग्रेस ने एस.एस.पी. दफ्तर के घेराव की चेतावनी दी। घायल कर्मचारियों ने राजा वड़िंग को घटना की पूरी जानकारी दी कि वे शांतिपूर्वक अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे और महिलाओं पर भी लाठीचार्ज हुआ। उन्होंने न्याय की मांग की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की। राजा वड़िंग ने कहा कि ये सिर्फ सफाई कर्मचारी नहीं, बल्कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा के सच्चे सिपाही हैं और सफाई कर्मचारियों को “रब के बंदे” बताया गया। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा सहित पार्टी नेतृत्व पहले भी घायलों का हालचाल जान चुका है और कांग्रेस इस संघर्ष में कर्मचारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ डीएसपी के निलंबन से काम नहीं चलेगा; अगर बरनाला घटना के पीछे तत्कालीन सरकार जिम्मेदार नहीं है, तो मुख्य आरोपी भगवंत मान हो सकता है। अस्पताल उपचार की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे; कई घायल कर्मचारियों को उचित इलाज नहीं मिल रहा और एक्स-रे जैसी जांच के लिए उन्हें दूसरे अस्पतालों में जाकर शुल्क देना पड़ रहा है। कांग्रेस ने वादा किया कि सभी घायल कर्मचारियों के इलाज और जांच का खर्च उठाएगी, चाहे लाखों रुपये क्यों न लगें। कांग्रेस एसएसपी बरनाला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करेगी। यदि मामला दर्ज नहीं हुआ तो एसएसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बरनाला के सफाई कर्मचारियों की 12 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करने की बात भी प्रमुखता से उभी है। अगर वे काम बंद कर दें तो शहरों की व्यवस्था ठप हो जाएगी। उन्हें सुरक्षा उपकरण और आधुनिक मशीनें भी पर्याप्त नहीं मिलतीं। शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग और मुख्यमंत्री भगवंत मान से सार्वजनिक माफी मांगने की भी बात उठी। दिल्ली में छात्र आंदोलन के संदर्भ में राजा वड़िंग ने कहा कि युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें मनवाई हैं। उन्होंने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी से अपील की कि घायल सफाई कर्मचारियों को न्याय मिले और आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित आवश्यक धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाए। अस्पताल में इलाज के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बरनाला रेलवे स्टेशन से सदर बाजार तक कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और पीड़ित कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
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