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दिलचस्प दिवाली बाजार: कोटकपूरा में खरीददारी की भीड़

Kot Kapura, Punjab:ਦੀਵਾਲੀ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਦੇ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗੀਆਂ ਰੌਣਕਾਂ, ਖਰੀਦਦਾਰੀ ਲਈ ਉਮੜਿਆ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਹਜੂਮ ਦੀਵਾਲੀ ਦੇ ਤਿਉਹਾਰ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਖੂਬ ਰੌਣਕਾਂ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਮਠਿਆਈਆਂ, ਪਟਾਕਿਆਂ, ਫਲ-ਫਰੂਟ, ਸਜਾਵਟ ਦੇ ਸਮਾਨ ਅਤੇ ਹੋਰ ਘਰੇਲੂ ਵਸਤਾਂ ਦੀਆਂ ਦੁਕਾਨਾਂ 'ਤੇ ਖਰੀਦਦਾਰੀ ਲਈ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਭਾਰੀ ਭੀੜ ਉਮੜ ਰਹੀ ਹੈ। ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗੀਆਂ ਗਾਹਕਾਂ ਦੀਆਂ ਲੰਮੀਆਂ ਕਤਾਰਾਂ ਤਿਉਹਾਰੀ ਮਾਹੌਲ ਦੀ ਗਵਾਹੀ ਭਰ ਰਹੀਆਂ ਹਨ。 ਖਾਸ ਗੱਲ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਦੋ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਤੱਕ ਦੁਕਾਨਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਵਾਰ ਦੀਵਾਲੀ ਦਾ ਕਾਰੋਬਾਰ ਮੰਦਾ ਰਹਿਣ ਦਾ ਖਦਸ਼ਾ ਸੀ, ਪਰ ਜਿਉਂ-ਜਿਉਂ ਤਿਉਹਾਰ ਨੇੜੇ ਆਇਆ, ਲੋਕ ਘਰਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਨਿਕਲ ਕੇ ਖਰੀਦਦਾਰੀ ਲਈ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚਣ ਲੱਗੇ। ਇਸ ਨਾਲ ਦੁਕਾਨਦਾਰਾਂ ਦੇ ਚਿਹਰਿਆਂ 'ਤੇ ਵੀ ਖੁਸ਼ੀ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲ ਰਹੀ ਹੈ। ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿੱਚ ਖਰੀਦਦਾਰੀ ਕਰ ਰਹੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਵਾਰ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲਾਂ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਦੀਵਾਲੀ ਦੀਆਂ ਰੌਣਕਾਂ ਵਧੇਰੇ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਲੋਕ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਦੇ ਇਸ ਤਿਉਹਾਰ ਨੂੰ ਮਨਾਉਣ ਲਈ ਦਿਲ ਖੋਲ੍ਹ ਕੇ ਖਰੀਦਦਾਰੀ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਗ੍ਰੀਨ ਦੀਵਾਲੀ ਮਨਾਉਣ ਦੇ ਸੰਦੇਸ਼ ਕਾਰਨ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਦੀਵਿਆਂ ਦੀ ਮੰਗ ਵੀ ਵਧੀ ਹੈ। ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਦੀਵਿਆਂ ਦੀਆਂ ਸੈਂਕੜੇ ਸਟਾਲਾਂ ਲੱਗੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਹਨ, ਜਿੱਥੇ ਲੋਕ ਖਾਸ ਦਿਲਚਸਪੀ ਨਾਲ ਦੀਵੇ ਖਰੀਦ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਮਠਿਆਈਆਂ, ਪਟਾਕਿਆਂ, ਫਲ-ਫਰੂਟ, ਘਰਾਂ ਨੂੰ ਸਜਾਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮਾਨ ਅਤੇ ਛੋਟੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਖਿਡੌਣਿਆਂ ਦੀ ਵੀ ਖੂਬ ਖਰੀਦਦਾਰੀ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ。 ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਪ੍ਰਦੀਪ ਮਿੱਤਲ ਅਤੇ ਬਿੱਟਾ ਨਰੂਲਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਵਿੱਚ ਲੱਗ ਰਿਹਾ ਸੀ ਕਿ ਸ਼ਾਇਦ ਇਸ ਵਾਰ ਦੀਵਾਲੀ ਦਾ ਕਾਰੋਬਾਰ ਮੰਦਾ ਰਹੇਗਾ, ਪਰ ਤਿਉਹਾਰ ਨੇੜੇ ਆਉਂਦਿਆਂ ਹੀ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਭੀੜ ਵਧ ਗਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖਰੀਦਦਾਰੀ ਲਈ ਨਿਕਲੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਉਤਸ਼ਾਹ ਨੇ ਦੁਕਾਨਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਵੱਡੀ ਰਾਹਤ ਦਿੱਤੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਾਮਨਾ ਕੀਤੀ ਕਿ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਰੌਸ਼ਨੀਆਂ ਦਾ ਇਹ ਤਿਉਹਾਰ ਹਰ ਘਰ ਵਿੱਚ ਸੁੱਖ, ਸ਼ਾਂਤੀ ਅਤੇ ਖੁਸ਼ਹਾਲੀ ਲੈ ਕੇ ਆਵੇ。 ਬਾਈਟ ਪ੍ਰਦੀਪ ਮਿੱਤਲ ਬਾਈਟ ਬਿੱਟਾ ਨਰੁਲਾ ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਤੋਂ ਕੇ ਸੀ ਸੰਜੇ ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ
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BBMB मामले में हिमाचल की बड़ी जीत, भागीदारी के साथ 1,000 करोड़ रुपये आय की उम्मीद

Shimla, Himachal Pradesh:BBMB पर 15 साल से अटका हिमाचल का हक कांग्रेस सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति से मिला: CM सुक्खू किशाऊ बांध समझौते को बताया BBMB मामले में हिमाचल की जीत की पटकथा; बोले- हरियाणा के हलफनामे के बिना समझौते पर आगे नहीं बढ़े, बिजली बेचकर प्रदेश को मिल सकती है 1,000 करोड़ रुपये तक की आय एंकर-मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने BBMB (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल प्रदेश की बड़ी जीत करार देते हुए इसका श्रेय प्रदेश सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और लगातार किए गए प्रयासों को दिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के अधिकारों का मामला पिछले करीब 15 वर्षों से अटका हुआ था। सुप्रीम कोर्ट से प्रदेश के पक्ष में फैसला आने के बावजूद मामले को आगे बढ़ाने में देरी होती रही। कई बार सरकार की ओर से जवाब और हलफनामे तक समय पर दाखिल नहीं किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी कानूनी लड़ाई में सरकार की इच्छाशक्ति मजबूत होना बेहद जरूरी है। यदि सरकार अपने अधिकारों को लेकर गंभीर और दृढ़ संकल्पित हो तो बड़े से बड़े मामले में जीत हासिल की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में सरकारी स्तर पर ढिलाई के कारण मामला वर्षों तक लटका रहा और अदालत में तारीख पर तारीख पड़ती रही। किशाऊ बांध समझौते को बताया जीत की असली पटकथा मुख्यमंत्री ने BBMB मामले में मिली सफलता के पीछे किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के समझौते को अहम कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर को उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया था कि हिमाचल किशाऊ बांध परियोजना पर समझौते के लिए तभी आगे बढ़ेगा, जब हरियाणा सरकार BBMB से जुड़े मामले में हिमाचल के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करेगी। सुक्खू ने कहा कि उन्होंने कई बार केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से मुलाकात की और प्रदेश के अधिकारियों ने भी केंद्रीय ऊर्जा सचिव के समक्ष यह मुद्दा उठाया। हर बार हिमाचल का स्पष्ट रुख रहा कि किशाऊ परियोजना पर आगे बढ़ने से पहले BBMB क्षेत्र से जुड़े विवाद का समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पहले इस मामले में हिमाचल के अधिकारों के खिलाफ अपना पक्ष रखती रही थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने बातचीत और राजनीतिक प्रयासों के माध्यम से हरियाणा को हलफनामा दाखिल करने के लिए तैयार किया। केंद्र सरकार ने भी इस प्रक्रिया में भूमिका निभाई। पंजाब ने हलफनामा देने में दिखाई आनाकानी मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले में पंजाब सरकार ने शुरुआत में हलफनामा दाखिल करने में आनाकानी की। पहली और दूसरी सुनवाई में भी पंजाब ने हलफनामा दाखिल नहीं किया। हालांकि पंजाब की ओर से बिजली के समझौते को 30 साल तक बढ़ाने की बात जरूर कही गई। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल में डबल इंजन की सरकार होती तो प्रदेश को भी किशाऊ बांध परियोजना को लेकर उत्तराखंड की तरह समझौता करना पड़ सकता था। लेकिन कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के हितों को सर्वोपरि रखते हुए समझौते से पहले अपनी शर्तें रखीं और हिमाचल के अधिकारों को सुरक्षित करने के बाद ही आगे कदम बढ़ाया। हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को पानी की जरूरत, हिमाचल ने अपने हितों को रखा सर्वोपरि मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को पानी की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार के पास इस परियोजना को लेकर निर्णय लेने का अवसर था, लेकिन उन्होंने हिमाचल के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए पहले BBMB से जुड़े अधिकारों की लड़ाई को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि जब हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हिमाचल के पक्ष में हलफनामा दाखिल करने पर सहमति जताई, तभी किशाऊ बांध समझौते को आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार यही रणनीति BBMB मामले में हिमाचल के पक्ष को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित हुई। बिजली बेचकर 500 से 1,000 करोड़ रुपये तक सालाना आय की उम्मीद मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश को 20 वर्षों में 55 करोड़ यूनिट बिजली मिलने का अधिकार प्राप्त हुआ है। इस बिजली को यदि लगभग 6 रुपये प्रति यूनिट की दर से बेचा जाता है तो प्रदेश को करीब 500 करोड़ रुपये की आय हो सकती है। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहेगा कि इस बिजली का अधिकतम मूल्य मिले। यदि बेहतर दर प्राप्त होती है तो हिमाचल प्रदेश के खजाने में करीब 1,000 करोड़ रुपये तक की राशि आ सकती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस संबंध में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं। विपक्ष से बोले- विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा, लेकिन प्रदेश के हितों का समर्थन भी करें उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का मकसद केवल विरोध करना रह गया है, जबकि यह किसी एक राजनीतिक दल की नहीं बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश की जीत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने आपदा और राजनीतिक चुनौतियों का सामना किया है। आपदा प्रबंधन को लेकर विश्व बैंक और नीति आयोग ने भी प्रदेश के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने सरकार का साथ दिया है और सरकार ने भी जनता की संपदा और प्रदेश के अधिकारों के रक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास किया है। सच की लड़ाई लंबी हो सकती है, लेकिन जीत अंततः सच की होती है मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि प्रदेश सरकार ने राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही वर्षों से लंबित मामला अपने निर्णायक मुकाम तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की संपदा और जनता के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। सच की लड़ाई लंबी जरूर हो सकती है, लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ लड़ाई जारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस दिशा में अपनी कार्ययोजना तय कर दी है और आने वाले वर्षों में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। आम बिजली उपभोक्ताओं को भी मिलेगा फायदा पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि BBMB से मिलने वाली बिजली का आर्थिक लाभ केवल सरकारी खजाने तक सीमित नहीं रहेगा। जब प्रदेश सरकार के पास अतिरिक्त राजस्व आएगा तो उसका इस्तेमाल जनकल्याण और विकास कार्यों पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम बिजली उपभोक्ताओं और प्रदेश की करीब 75 लाख आबादी को भी सरकार की आर्थिक मजबूती का लाभ मिलेगा। हालांकि बिजली उपभोक्ताओं को सीधे किस रूप में राहत दी जाएगी, इस बारे में उन्होंने कोई अलग योजना घोषित नहीं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई आगे भी मजबूती से जारी रहेगी और प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार काम करेगी。
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नाहन मेडिकल कॉलेज की बदहाली पर भाजपा अध्यक्ष ने सरकार को कठघरे में डाला

Nahan, Himachal Pradesh:मेडिकल कॉलेज नाहन की दुर्दशा पर बिंदल उठाए सवाल.. बोले राजनीति का शिकार हो रहा मेडिकल कॉलेज नाहन, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड न होने के कारण मरीजों को किया जा रहा रेफर, बीते कल यहां पहुंचे एक्सीडेंट केस में भी मरीज को नहीं मिल पाया उचित इलाज, मरीज को सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पतालों का करना पड़ा रुख, बोल 4 वर्षों में मेडिकल कॉलेज के बने हुए भवन खंडहर में हो चुके तब्दील, मेडिकल कॉलेज के लिए पर्याप्त भूमि न होने का करण दे रही कांग्रेस-बिंदल, अव्यवस्थाओं के लिए डा राजीव बिंदल ने स्थानीय विधायक को ठहराया दोषी, सिरमौर जिला के मेडिकल कॉलेज नाहन में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मेडिकल कॉलेज की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक को निशाने पर लिया है। बिंदल का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज नाहन राजनीति का शिकार हो रहा है और इसका खामियाजा यहां उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। यहां पहुंचने वाले मरीजों को आईजीएमसी शिमला या चंडीगढ़ रेफर किया जा रहा है जो की दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिसके चलते मरीजों को जांच के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। बिंदल ने बीते दिन मेडिकल कॉलेज पहुंचे एक एक्सीडेंट केस का जिक्र करते हुए कहा कि घायल मरीज को भी यहां जरूरी जांच और उचित उपचार की सुविधा नहीं मिल पाई। डॉ राजीव बिंदल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
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चंबा के डॉ शिवदयाल यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डायरेक्टर बने

Chamba, Himachal Pradesh:भारत सरकार ने चंबा के डॉ शिवदयाल को नियुक्त किया यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का डायरेक्टर. बाकायदा भारत सरकार के सचिव ने जारी की है इसकी अधिसूचना. चंबा के डॉ शिवदयाल को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का डायरेक्टर मनोनीत किया गया. भारत सरकार की ओर से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मनोनीत डायरेक्टर डॉ शिवदयाल के सम्मान में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान जहां उन्हें बैंक की ओर से सम्मानित किया तो वहीं बैंक की ओर से केक काटकर उनका बैंक की ओर से बतौर डायरेक्टर स्वागत करने के साथ जन्मदिन भी मनाया गया. यहां स्पष्ट कर दें कि भारत सरकार के सचिव संजय कुमार मिश्रा ने उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की है. केंद्र सरकार की ओर से तीन साल की अवधि के लिए डॉ शिव दयाल को पार्ट टाइम नॉन ऑफीसियल डायरेक्टर ऑन द बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ऑफ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया मनोनीत किया गया है. डॉ शिव दयाल की काबिलiyat को देखकर ही उन्हें इस ओहदे से नवाजा है. मूलतः छतराड़ी पंचायत के रहने वाले डॉ शिव दयाल वर्तमान में आदर्शनगर हरदासपुरा में रहते हैं और चंबा सदर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छुक हैं. उधर, डॉ शिवदयाल ने सरकार की ओर से सौंपी गई इस जिम्मेदारी के लिए आभार जताते हुए उसका निर्वहन ईमानदारी से करने की बात कही. उधर, बैंक के मैनेजर जय प्रकाश ने कहा कि पहली बार डॉ शिवदयाल जैसी शख्सियत को चंबा जिले से डायरेक्टर बनाया गया. उनकी इस नियुक्ति के लिए उन्हें बधाई भी हो.
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दिवाली पर पटाखों की कीमतें 50% बढ़ीं, फिर भी खरीदारी के स्वागत की उम्मीद

Kullu, Himachal Pradesh:भारत में 8 नवंबर को रविवार को दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। ऐसे में घरों की सजावट के लिए लोगों के द्वारा खरीदारी की जा रही है। तो वही शाम के समय भगवान गणेश और माता लक्ष्मी का भी पूजन किया जाएगा। दिवाली के अवसर पर लोग अपने घरों में पटाखे भी खूब जमकर फोड़ते हैं और बाजारों में भी ग्रीन पटाखे के साथ-साथ विभिन्न तरह के पटाखे बिकने के लिए सज गए हैं। ऐसे में बीते साल के मुकाबले इस बार पटाखों पर भी महंगाई की मार पड़ी है। बीते साल के मुकाबले इस साल पटाखाओं के दाम में 50% वृद्धि हुई है। पटाखा व्यापारियों का कहना है कि इस साल उन्हें महंगे पटाखे मिले हैं और ग्राहकों को भी अब इसका अतिरिक्त दाम चुकाना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार अभी मंदा है लेकिन उन्होंने उम्मीद है कि दिवाली के दिन लोग जमकर पटाखे की खरीदारी करेंगे ताकि पटाखे का कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी फायदा हो सके और सभी व्यापारी खुशी अपने घर वालों के साथ दिवाली का आनंद उठा सके। जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर की अगर बात करें तो यहां पर भी विभिन्न जगहों को पटाखे बेचने के लिए चिन्हित किया गया है। जहां पर ग्राहक भी विभिन्न तरह के पटाखे खरीद रहे हैं। रथ मैदान में पटाखों का जो स्टॉल लगाया गया है वहां पर ड्रोन पटाखे, मिसाइल पटाखा सहित कई तरह के पटाखे बेचने के लिए रखे गए हैं जो ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ऐसे में पटाखों के दाम अधिक होने के चलते लोग बीते साल के मुकाबले की तरह पटाखे की खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं। वही पटाखा कारोबारी को उम्मीद है कि लोग पटाखों की भी जमकर खरीदारी करेंगे और उनका कारोबार बीते साल के मुकाबले इस साल भी अच्छा रहेगा। रथ मैदान में पटाखे के व्यापारी जीत कपूर का कहना है कि फिलहाल लोग पटाखे की खरीदारी के लिए काफी कम आ रहे हैं। स्टॉल में तरह-तरह के पटाखे बेचने के लिए रखे गए हैं। बीते साल के मुकाबले कई नई वैरायटी के पटाखे भी इस साल बाजार में आए हैं। उन्हें उम्मीद है कि लोग रविवार को भी पटाखे की जमकर खरीदारी करेंगे। रथ मैदान में पटाखे का स्टॉल लगाने वाले दुकानदार सुरेश का कहना है कि अबकी बार उन्हें होलसेल में पटाखे भी काफी महंगे मिले हैं जो बीते साल के मुकाबले 50% अधिक दामों पर खरीदे गए हैं। इस साल पटाखों पर भी महंगाई की मार पड़ी है। ग्राहकों का अभी पटाखे की ओर कोई रुझान नहीं दिख रहा है लेकिन अभी दिवाली को दो दिन बचे हुए हैं तो ऐसे में रविवार को भी लोग पटाखे खरीदने के लिए आते हैं। ढालपुर में पटाखा व्यापारी विराट ने बताया कि बीते साल के मुकाबले इस साल पटाखों के दामों में 50% बढ़ोतरी हुई है। लोगों का रुझान फिलहाल कम नजर आ रहा है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि लोग दिवाली के लिए पटाखे की भी खरीदारी करेंगे ताकि सभी व्यापारियों का कारोबार भी अच्छा चल सके और वह भी अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी दिवाली मना सके।
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घुमारवीं में दिवाली के बाद लागू होगा विशिष्ट ट्रैफिक प्लान, 12 नवंबर तक प्रभावी

Bilaspur, Chhattisgarh:घुमारवीं में त्योहारी सीजन के दौरान यातायात दबाव को देखते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया गया है। यह प्लान 12 नवंबर तक लागू रहेगा। एसडीएम घुमारवीं अभिषेक बरवाल ने बताया कि 12 नवंबर तक वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से ही आवाजाही करनी होगी। नई व्यवस्था के तहत सरकाघाट, जाहू और कुठेड़ा की ओर जाने वाले वाहनों को भगेड़ फोरलेन से पनोह और टकरेड़ा के रास्ते भेजा जाएगा। भारी वाहन अगर हमीरपूर की ओर से आ रहे हों तो उन्हें निहारी से बरठीं, पनौल और भगेड़ के रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा। यातायात का दबाव अधिक होने पर हमीरपुर की ओर जाने वाले वाहन भगेड़, पनौल, सुन्हाणी, बरठीं और निहारी के रास्ते भेजे जाएंगे। भगेड़ से निहारी बाजार तक सड़क पर ओवरटेकिंग प्रतिबंधित रहेगी। घुमारवीं शहर में सड़क किनारे पार्किंग की अनुमति नहीं होगी और वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करने होंगे। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से 12 नवंबर तक लागू इस प्लान का पालन करने की अपील की है ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
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बीएमबीबी फैसले पर जयराम ठाकुर का हमला, 300 यूनिट गारंटी पर सवाल

Shimla, Himachal Pradesh:बीबीएमबी की बिजली हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद हिमाचल में सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर इस फैसले का श्रेय लेने का आरोप लगाया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के 30 साल के संघर्ष और केंद्र सरकार के प्रयासों से प्रदेश को यह अधिकार मिला है। उन्होंने सरकार से 125 यूनिट मुफ्त बिजली की पुरानी व्यवस्था बहाल करने और कांग्रेस की 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की गारंटी पूरी करने की मांग भी उठाई। साथ ही उन्होंने प्रदेश को 24 घंटे सस्ती बिजली उपलब्ध करवाने की पैरवी की। वहीं उन्होंने सरकार पर निशाना साधा और कहा सरकार रिपीट नहीं निश्चित डिफीट होगी यहां तक कि CM भी सुरक्षित नहीं। जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष का मानना है कि फैसले में राजनीतिक श्रेय मुख्यमंत्री सुक्खू ले रहे हैं, जबकि पूर्व सरकारों के प्रयास भी इसमें शामिल रहे। उन्होंने 125 यूनिट मुफ्त बिजली की पुरानी व्यवस्था बहाल करने और 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की गारंटी पूरी करने की मांग दोहराई। उन्होंने दावा किया कि अगले 20 वर्षों में हिमाचल को 11,973 मिलियन यूनिट बिजली मिलेगी और सर्दियों में हर साल करीब 598 मिलियन यूनिट उपलब्ध होगी, जिससे लोगों को लाभ पहुँचना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस की गारंटी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि 4 वर्षों में चौतरफा तबाही से बेरोजगारी बढ़ी, बिजली शुल्क बढ़े और उद्योग प्रभावित हुए।
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बीबीएमबी फैसले पर हिमाचल के मुख्यमंत्री आवास पर कांग्रेस का जश्न

Shimla, Himachal Pradesh:बीबीएमबी फैसले पर मुख्यमंत्री आवास में जश्न, ओक ओवर में कार्यकर्ताओं ने डाली नाटी. हिमाचल प्रदेश को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता जश्न के मूड में हैं। राजधानी शिमला में मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओक ओवर में सेलिब्रेशन की तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। यहाँ कांग्रेस कार्यकर्ता पारंपरिक नाटी डालकर खुशी जाहिर कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के पोस्टर लेकर कार्यकर्ता जश्न में शामिल हो रहे हैं और इस फैसले को प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं। आइए, आपको दिखाते हैं ओक ओवर से जश्न की ये तस्वीरें।
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BBMB विवाद: हिमाचल को 1197 करोड़ यूनिट बिजली का हक मिला

Nahan, Himachal Pradesh:लोकेशन नाहन BBMB मामले में स Suk्खू सरकार अकेला श्रेय लेने का कर रही प्रयास-बिंदल 30 वर्षों की लंबी लड़ाई के बाद हिमाचल को मिला BBMB में हक, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का BJP प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने किया स्वागत, बोले 1996 से 2026 तक चलिए इस लड़ाई में प्रदेश की सभी सरकारों कर रहा सहयोग, वर्ष 2011 में धूमल सरकार के समय सुप्रीम कोर्ट ने दिया था अहम फैसला, फैसले के मुताबिक पंजाब हरियाणा से हिमाचल को मिलना था 7.19% हिस्सा, ये हिस्सा पैसों की बजाय बिजली के रूप में हिमाचल को देने का मसौदा किया गया तैयार, 20 वर्षों के भीतर हिमाचल को दी जाएगी ये हिस्सेदारी, हिस्सेदारी के मुताबिक हिमाचल को मिलेगी 1197 करोड़ यूनिट बिजली, भाजपा सरकार की बदौलत हिमाचल को मिल पाया हक- डॉ राजीव बिंदल बातचीत- हिमाचल प्रदेश और पंजाब-हरियाणा के बीच भाखड़ा-नांगल और ब्यास जल विद्युत परियोजनाओं में हिस्सेदारी को लेकर यह विवाद वर्ष 1996 से चला आ रहा था। हिमाचल प्रदेश ने इन परियोजनाओं से उत्पादित बिजली में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी का दावा करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब 6 नवंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस लंबे विवाद का निपटारा करते हुए हिमाचल को बड़ी राहत दी है। अदालत के निर्देशों के मुताबिक लगभग 1197 करोड़ यूनिट बिजली मिलनी तय हुई है। यह बिजली अगले 20 वर्षों तक सर्दियों के कम उत्पादन वाले सीजन में दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के इस हक को हासिल करने के लिए वर्ष 1996 से लेकर 2026 तक प्रदेश की सभी सरकारों ने अपने-अपने स्तर पर प्रयास किए हैं। लेकिन अब प्रदेश की सुक्खू सरकार इस पूरे मामले का अकेले श्रेय लेने का प्रयास कर रही है, जो सही नहीं है। बाइट- डॉ राजीव बिंदल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्ष 2011 में तत्कालीन धूमल सरकार के कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट से हिमाचल के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला आया था। भाजपा सरकारों ने इस अधिकार को हासिल करने के लिए लगातार कानूनी और राजनीतिक स्तर पर प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि BBMB की परियोजनाओं में हिमाचल की हिस्सेदारी प्रदेश का संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। करीब तीन दशक तक चली इस लड़ाई के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिमाचल को उसका वास्तविक हक मिलने का रास्ता साफ हुआ है। उन्होंने इसे प्रदेश के हित में एक ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि इससे आने वाले 20 वर्षों तक हिमाचल को बड़ी मात्रा में अतिरिक्त बिजली प्राप्त होगी। इससे प्रदेश को आर्थिक रूप से भी लाभ मिलेगा और ऊर्जा क्षेत्र में हिमाचल की स्थिति मजबूत होगी। बाइट- डॉ राजीव बिंदल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
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हिमाचल के बकाए पर सुप्रीम कोर्ट फैसले से राजनीति गर्म, भाजपा ने श्रेय दिया

Shimla, Himachal Pradesh:बीबीएमबी की जलविद्युत परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश के बिजली बकाये को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस फैसले को हिमाचल की जनता के अधिकारों की जीत बताते हुए इसका श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार और केंद्र की मोदी सरकार को दिया है। बिंदल के मुताबिक, 27 सितंबर 2011 को धूमल सरकार के कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के 7.19 प्रतिशत हिस्से के कानूनी अधिकार को मान्यता दी थी, जबकि अब केंद्र सरकार के कैशलेस सेटलमेंट फॉर्मूले से दशकों पुराना विवाद सुलझने का रास्ता साफ हुआ है。 डॉ. बिंदल ने बताया कि केंद्र सरकार की गणना के अनुसार हिमाचल का कुल बिजली बकाया 13,066 मिलियन यूनिट निर्धारित किया गया है। इसमें प्रदेश की 420.77 करोड़ रुपये की पूंजीगत देनदारी को 3.85 रुपये प्रति यूनिट की दर से समायोजित करने के बाद करीब 1,093 मिलियन यूनिट की कटौती हुई है। इसके बाद हिमाचल को लगभग 11,973 मिलियन यूनिट यानी करीब 1197 करोड़ यूनिट बिजली मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक पंजाब और हरियाणा अगले 20 वर्षों तक अक्टूबर से मार्च के बीच हर साल करीब 598 मिलियन यूनिट बिजली हिमाचल को उपलब्ध कराएंगे। बिंदल ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार जताया。 वहीं, बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर इस फैसले का राजनीतिक श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता को इस पूरे मामले का इतिहास बताया जाना चाहिए। उन्होंने किशाऊ बांध परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार ने 90 प्रतिशत खर्च वहन करने की स्वीकृति दी है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने किशाऊ परियोजना के तहत जिला सिरमौर के किसानों और जनता के पानी के अधिकारों से समझौता किया है और उनके हिस्से का पानी दिल्ली व राजस्थान को देने का फैसला लिया है। बिंदल ने कहा कि बीबीएमबी का फैसला किसी एक दल की नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की जीत है。
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