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PGI डॉक्टर की चेतावनी: बच्चों में मोबाइल लत बच्चों का विकास बिगाड़ रही है

Chandigarh, Chandigarh:feed send by TUV 37 server 42 • पीजीआई में मनोवैज्ञानिक के डॉ. अखिल शर्मा ने बच्चों में बढ़ रही मोबाइल एडिक्शन के लक्षण बताए。 • मोबाइल की लत बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर गंभीर असर डाल रही है。 • यदि बच्चा हर समय मोबाइल मांगे, मोबाइल छीनने पर गुस्सा करे, रोने लगे, खाना खाने या खेलना छोड़ दे तो यह मोबाइल एडिक्शन के शुरुआती लक्षण हैं。 • लगातार मोबाइल के इस्तेमाल से बच्चों की याददाश्त, ध्यान लगाने की क्षमता और नई चीजें सीखने की योग्यता प्रभावित हो रही है。 • ऑनलाइन गेमिंग भी गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसके कारण कई बच्चे अपने माता-पिता के खातों से बड़ी रकम खर्च कर रहे हैं。 • डॉ. शर्मा ने कहा कि मोबाइल एडिक्शन का इलाज केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि परिवार के सहयोग और जीवनशैली में बदलाव से संभव है। • माता-पिता स्वयं भी मोबाइल का सीमित उपयोग करें और बच्चों के लिए रोल मॉडल बनें。 • भोजन के समय घर में कोई भी मोबाइल का इस्तेमाल न करे और पूरा परिवार साथ बैठकर बातचीत करे。 • बच्चों को खेलकूद, आउटडोर गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों की ओर प्रोत्साहित किया जाए。 • बच्चों का स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे कम किया जाए, क्योंकि अचानक मोबाइल बंद करने से समस्या बढ़ सकती है। तकनीक के इस दौर में जहां मोबाइल फोन हर घर की जरूरत बन चुका है, वहीं बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत अब चिंता का विषय बनती जा रही है। पीजीआई के मनोवैज्ञानिक डॉ. अखिल शर्मा ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों में मोबाइल से जुड़ी समस्याओं की पहचान कैसे की जा सकती है और उनसे बचाव के लिए माता-पिता को क्या कदम उठाने चाहिए。 डॉ. अखिल शर्मा ने बताया कि आजकल माता-पिता अक्सर अपने काम निपटाने के लिए बच्चों के हाथ में मोबाइल फोन थमा देते हैं। धीरे-धीरे यही आदत बच्चों को मोबाइल एडिक्शन की ओर ले जाती है, जिसका उनके मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है。 उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा हर समय मोबाइल खोजता रहे, माता-पिता से छिपकर फोन इस्तेमाल करे, मोबाइल छीनने पर गुस्सा करे, रोने लगे या चिड़चिड़ा हो जाए, तो यह मोबाइल एडिक्शन के शुरुआती संकेत हैं। इसके अलावा यदि बच्चा खाना खाते समय भी मोबाइल मांगे, खेलना छोड़ दे, परिवार से बातचीत कम कर दे और अपनी उम्र के अनुसार होने वाली सामान्य गतिविधियों से दूर रहने लगे, तो माता-पिता को तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए。 डॉ. शर्मा ने बताया कि लगातार स्क्रीन देखने से बच्चों की याददाश्त, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और नई चीजें सीखने की योग्यता प्रभावित होती है। इसके साथ ही उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बचपन का विकास दोबारा वापस नहीं आता, इसलिए कम उम्र में अधिक स्क्रीन टाइम बच्चों के भविष्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग को भी गंभीर चुनौती बताया। उनका कहना था कि कई वैज्ञानिक संस्थाएं अब इसे नशे और जुए जैसी लत मानने लगी हैं। कई मामलों में बच्चे ऑनलाइन गेमिंग के दौरान अपने माता-पिता के बैंक खातों से बड़ी रकम खर्च कर देते हैं, जिससे परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है。 डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि मोबाइल एडिक्शन का इलाज केवल दवाइयों से संभव नहीं है। इसके लिए परिवार की सक्रिय भूमिका सबसे जरूरी है। माता-पिता को स्वयं मोबाइल का सीमित उपयोग करना चाहिए, भोजन के समय पूरे परिवार को बिना मोबाइल के साथ बैठकर खाना खाना चाहिए और बच्चों के साथ रोजाना बातचीत करनी चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे मोबाइल पर किस तरह का कंटेंट देख रहे हैं。 उन्होंने कहा कि बच्चों को खेलकूद, आउटडोर गतिविधियों, किताबें पढ़ने और अन्य रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। मोबाइल को एकदम बंद करने के बजाय बच्चों का स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे कम किया जाना चाहिए, ताकि वे इस बदलाव को सहज रूप से स्वीकार कर सकें。 डॉ. अखिल शर्मा ने अंत में कहा कि यदि माता-पिता समय रहते बच्चों को पर्याप्त समय दें, उनसे संवाद बनाए रखें और उन्हें मोबाइल की बजाय खेलकूद तथा सामाजिक गतिविधियों से जोड़ें, तो मोबाइल एडिक्शन से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। अन्यथा इसका दुष्प्रभाव केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और बौद्धिक विकास पर भी लंबे समय तक पड़ सकता है।
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Nasirpur डिस्पेंसरी: गाँव संकट, डॉक्टरों की कमी ने स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल

Kapurthala, Punjab:ਜ਼ੀ ਮੀਡੀਆ ਦੇ 'ਸਾਡਾ ਹੱਕ' ਸ਼ੋਅ 'ਚ ਗੂੰਜੀ ਨਸੀਰਪੁਰ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਵਿੱਚ ਡਾਕਟਰਾਂ ਦੀ ਘਾਟ 'ਤੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਦਾ ਰੋਸ, ਨੌਂ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ; ਮਹੱਲਾ ਕਲੀਨਿਕ ਖੋਲ੍ਹਣ ਦੀ ਕੀਤੀ ਮੰਗ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ (ਕਪੂਰਥਲਾ):ਜ਼ੀ ਮੀਡੀਆ ਦੇ ਲੋਕਪ੍ਰਿਜ ਸ਼ੋਅ 'ਸਾਡਾ ਹੱਕ' ਦੇ ਤਹਿਤ ਹਲਕਾ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਅਧੀਨ ਪੈਂਦੇ ਪਿੰਡ ਨਸੀਰਪੁਰ ਵਿਖੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਆਪਣੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਖੁੱਲ੍ਹ ਕੇ ਸਾਹਮਣੇ ਰੱਖੀਆਂ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਪਿੰਡ ਦੀ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਵਿੱਚ ਸਿਹਤ ਸਹੂਲਤਾਂ ਬਹਾਲ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ।। ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇੱਕ ਸਮਾਂ ਸੀ ਜਦੋਂ ਇਸ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਵਿੱਚ ਡਾਕਟਰਾਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸਿਹਤ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਦੀ ਪੂਰੀ ਟੀਮ ਤਾਇਨਾਤ ਹੁਦੀ ਸੀ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਹੀ ਵਧੀਆ ਇਲਾਜ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਸੀ। ਪਰ ਮੌਜੂਦਾ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਹਾਲਾਤ ਬਹੁਤ ਮਾੜੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਉਨਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਹੁਣ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਡਾਕਟਰ ਹੀ ਬਚਿਆ ਹੈ, ਜੋ ਵੀ ਹਫ਼ਤੇ ਵਿੱਚ ਕੇਵਲ ਇੱਕ ਜਾਂ ਦੋ ਦਿਨ ਹੀ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਵਿੱਚ ਆਉਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਕਾਰਨ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਖੱਜਲ-ਖੁਆਰ ਹੋਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਛੋਟੀ-ਛੋਟੀ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਵੀ ਦੂਰ-ਦੂਰ ਜਾਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ。 ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਨਸੀਰਪੁਰ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਪਿੰਡ ਦੀ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਇਸ ਦੇ ਅਧੀਨ ਲੱਗਦੇ 9 ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਦਾ ਮੁੱਖ ਕੇਂਦਰ ਹੈ। ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਲੋਕ ਇਸ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ 'ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹਨ, ਪਰ ਡਾਕਟਰਾਂ ਅਤੇ ਸਟਾਫ਼ ਦੀ ਘਾਟ ਕਾਰਨ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਲੋੜੀਂਦੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਨਹੀਂ ਮਿਲ ਰਹੀਆਂ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਡਿਸਪੈਂਸਰੀ ਵਿੱਚ ਤੁਰੰਤ ਡਾਕਟਰਾਂ ਅਤੇ ਲੋੜੀਂਦੇ ਸਟਾਫ਼ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਵਧਾਈ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਸੁਝਾਅ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਮਹੱਲਾ ਕਲੀਨਿਕ ਖੋਲ੍ਹ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਹੋਰ ਵੀ ਵਧੀਆ ਅਤੇ ਨਿਰੰਤਰ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਮਿਲ ਸਕਣਗੀਆਂ。 ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਚਿਤਾਵਨੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਜਾਇਜ਼ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਜਲਦ ਪੂਰਾ ਨਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਤਾਂ ਉਹ ਆਪਣਾ ਸੰਘਰਸ਼ ਹੋਰ ਤੇਜ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਹੋਣਗੇ, ਜਿਸ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਸੰਬੰਧਤ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਹੋਵੇਗੀ。
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करगिल शहीद पवन कुमार की वीरगाथा, गांव नंगल बिहालाँ में आज भी याद

Hoshiarpur, Punjab:होशियारपुर मुकेरियां के गांव नंगल बिहालाँ का पवन कुमार की शहादत को आज भी याद करता है पूरा गांव。 सन् 1999 में हुए करगिल युद्ध दौरान नंगल बिहालाँ के नौजवान पवन कुमार की शहादत पर आज भी परिवार गर्व करता है। पवन 13 जैक रेजीमेंट में तैनात था। पवन की माता जी शीला देवी ने बताया कि पवन की सगाई की हुई थी बस उसका इंतजार था के जब वह छुट्टी लेकर आयेगा तो उसकी शादी धूमधाम से करेंगे पर पवन तो नहीं आया पर उसकी देह तिरंगे में लिपटी आई। वहीं शहीद पवन कुमार की भतीजी शिवानी ने बताया कि जब चाचा की शहादत हुई तब मैं एक साल थी। मेरे पिता ने चाचा की वीर गाथाएं सुनाईं के किस तरह उन्होंने अपनी जान देश पर कुर्बान की। शहीद पवन के परिवार ने बताया कि आज इतने साल बीत जाने के बाद भी इंडियन आर्मी हमारा पूरा ख्याल रखती है। पवन की मां का कहना है कि बेटे की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता पर हमें गर्व है कि हमारे बेटे ने देश की खातिर अपनी शहदत दी।
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बरनाला सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज: कांग्रेस का सरकार पर हमला, न्याय की मांग

Barnala, Bathinda, Punjab:बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अब इस मुद्दे पर पंजाब कांग्रेस भी खुलकर मैदान में उतर आई है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बरनाला के सिविल अस्पताल पहुंचे और घायल सफाई कर्मचारियों का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधा, घायलों को मदद और न्याय दिलाने का भरोसा दिया, साथ ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई। बरनाला शहर में केंडल मार्च निकला गया। डी.एस.पी. के निलंबन पर वडिंग ने कहा कि निलंबन ड्रामा है; मुख्य आरोपी भगवंत मान हैं। कांग्रेस ने एस.एस.पी. दफ्तर के घेराव की चेतावनी दी। घायल कर्मचारियों ने राजा वड़िंग को घटना की पूरी जानकारी दी कि वे शांतिपूर्वक अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे और महिलाओं पर भी लाठीचार्ज हुआ। उन्होंने न्याय की मांग की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की। राजा वड़िंग ने कहा कि ये सिर्फ सफाई कर्मचारी नहीं, बल्कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा के सच्चे सिपाही हैं और सफाई कर्मचारियों को “रब के बंदे” बताया गया। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा सहित पार्टी नेतृत्व पहले भी घायलों का हालचाल जान चुका है और कांग्रेस इस संघर्ष में कर्मचारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ डीएसपी के निलंबन से काम नहीं चलेगा; अगर बरनाला घटना के पीछे तत्कालीन सरकार जिम्मेदार नहीं है, तो मुख्य आरोपी भगवंत मान हो सकता है। अस्पताल उपचार की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे; कई घायल कर्मचारियों को उचित इलाज नहीं मिल रहा और एक्स-रे जैसी जांच के लिए उन्हें दूसरे अस्पतालों में जाकर शुल्क देना पड़ रहा है। कांग्रेस ने वादा किया कि सभी घायल कर्मचारियों के इलाज और जांच का खर्च उठाएगी, चाहे लाखों रुपये क्यों न लगें। कांग्रेस एसएसपी बरनाला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करेगी। यदि मामला दर्ज नहीं हुआ तो एसएसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बरनाला के सफाई कर्मचारियों की 12 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करने की बात भी प्रमुखता से उभी है। अगर वे काम बंद कर दें तो शहरों की व्यवस्था ठप हो जाएगी। उन्हें सुरक्षा उपकरण और आधुनिक मशीनें भी पर्याप्त नहीं मिलतीं। शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग और मुख्यमंत्री भगवंत मान से सार्वजनिक माफी मांगने की भी बात उठी। दिल्ली में छात्र आंदोलन के संदर्भ में राजा वड़िंग ने कहा कि युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें मनवाई हैं। उन्होंने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी से अपील की कि घायल सफाई कर्मचारियों को न्याय मिले और आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित आवश्यक धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाए। अस्पताल में इलाज के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बरनाला रेलवे स्टेशन से सदर बाजार तक कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और पीड़ित कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
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ऊना में नीट पेपर लीक के विरोध में कैंडल मार्च, अग्निहोत्री की अगुवाई

Una, Himachal Pradesh:नीट पेपर लीक के विरोध में ऊना में कांग्रेस का कैंडल मार्च, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में छात्रों के समर्थन में उठी आवाज़। नीट परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं तथा छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता के विरोध में शुक्रवार शाम ऊना में कांग्रेस पार्टी द्वारा डिप्टी मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं, महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलंद की। कैंडल मार्च में शामिल कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। डिप्टी मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो। उन्होंने छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी आवाज़ को हर मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। कैंडल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकला, जहां प्रतिभागियों ने हाथों में मोमबत्तियाँ लेकर छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।
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किसान नेताओं ने घरों से चिप मीटर हटाने का विरोध तेज कर दिया

Gurdaspur, Punjab:ਕਿਸਾਨ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਉਤਰਵਾਏ ਘਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗੇ ਚਿੱਪ ਵਾਲੇ ਮੀਟਰ ਕਿਹਾ ਪਾਵਰਕੌਮ ਦੀ ਲੁੱਟ ਖਸੁੱਟ ਚੱਲਣ ਨਹੀਂ ਦਵਾਂਗੇ, ਕੋਈ ਵੀ ਚਿਪ ਵਾਲਾ ਮੀਟਰ ਉਤਰਵਾਉਣ ਲਈ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਪਾਵਰ ਕੌਮ ਵੱਲੋਂ ਚਿੱਪ ਵਾਲੇ ਮੀਟਰ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਵਿਰੋਧ ਕਰ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਚਿੱਪ ਵਾਲੇ ਮੀਟਰ ਲਗਾ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਧੱਕਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤੇ ਪਾਵਰ ਕੌਮ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਲੁੱਟ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਇਹਨਾਂ ਮੀਟਰਾਂ ਦਾ ਕੋਈ ਭਰੋਸਾ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਤਕਨੀਕੀ ਤੌਰ ਤੇ ਇਹ ਅਜਿਹੇ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ ਕਿ ਬਿੱਲ ਜਿਆਦਾ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਜਗਹਾਵਾਂ ਤੇ ਇਨਾ ਮੀਟਰਾਂ ਨੂੰ ਉਤਾਰਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸੇ ਕੜੀ ਵਿੱਚ ਭਾਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ ਚੜੂਨੀ ਦੇ ਸੂਬਾ ਯੂਥ ਪ੍ਰਧਾਨ ਇੰਦਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਿੱਚ ਕੁਝ ਘਰਾਂ ਦੇ ਚਿੱਪ ਵਾਲੇ ਮੀਟਰ ਉਤਰਵਾਏ ਗਏ । ਕਿਸਾਨ ਆਗੂਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਮੀਟਰ ਬਿਜਲੀ ਬੋਰਡ ਦੇ ਦਫਤਰ ਜਮਾ ਕਰਵਾਏ ਜਾਣਗੇ ਅਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਬਿਜਲੀ ਉਪਭੋਗਤਾ ਨੂੰ ਧੱਕਾ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ । ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਵੀ ਆਪਣੇ ਘਰ ਵਿੱਚੋਂ ਚਿੱਪ ਵਾਲਾ ਮੀਟਰ ਉਤਰਵਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ。
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लुधियाना में आम आदमी पार्टी के विरोध के बीच मंत्री इस्तीफा मंजूर, हलचल तेज

Ludhiana, Punjab:ਲੁਧਿਆਣਾ ਚ ਆਪ ਦਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ, ਬੋਲੇ ਧਰਵਿੰਦਰ ਪ੍ਰਧਾਨ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਦੇ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀеда ਸੀ ਅਸਤੀਫਾ, ਹੱਕਾਂ ਲਈ ਲੜਨ ਵਾਲਿਆਂ ਦੀ ਹੋਈ ਜਿੱਤ,ਬਿੱਟੂ ਦੇ ਅਸਤੀਫੇ ਤੇ ਵੀ ਕੀਤੀ ਟਿੱਪਣੀ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਲੁਧਿਆਾਣਾ ਦੀਆਂ ਸੜਕਾਂ ਤੇ ਅੱਜ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਉਤਰ ਕੇ ਰੋਸ਼ ਜਾਹਿਰ ਕੀਤਾ ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੇਪਰ ਲੀਕ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ ਅੱਜ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਉਹਨਾਂ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਜਿੱਤ ਹੋਈ ਹੈ ਜੋ ਆਪਣੇ ਹੱਕਾਂ ਲਈ ਲੜ ਰਹੇ ਸੀ ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿੱਥੇ ਨੀਟ ਪੇਪਰ ਲੀਕ ਮామਲੇ ਵਿੱਚ ਪਿਛਲੇ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਰ ਰਹੇ ਉਹਨਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਉਸ ਸਮੇਂ ਹੀ ਇਨਸਾਫ ਮਿਲਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਸੀ ਜਦੋਂ ਅਸਤੀਫੇ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਸੀ ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਰ ਬਾਵਜੂਦ ਇਸਦੇ ਹੁਣ ਅਸਤੀਫੇ ਨੂੰ ਮਨਜ਼ੂਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਜੋ ਇੱਕ ਵੱਡੀ ਜਿੱਤ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਹਨਾਂ ਜ਼ਿਕਰ ਕੀਤਾ ਕਿ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਜਿੱਥੇ ਅੱਜ ਦੋ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੇ ਅਸਤੀਫੇ ਲਏ ਨੇ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਧਰਮਿੰਦਰ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਰਵਨੀਤ ਬਿੱਟੂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦੋਨੇ ਹੀ ਕੰਮ ਕਰਨ ਦੇ ਯੋਗ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਬਾਈਟ ਜਤਿੰਦਰ ਖੰਗੂੜਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ। ਉਧਰ ਵਿਧਾਇਕ ਮਨਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਗੈਂਸਪੁਰਾ ਨੇ ਵੀ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਤੇ ਵਰਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿਵੇਂ ਕਰੋਨਾ ਵਿੱਚ ਮੋਦੀ ਨੇ ਥਾਲੀਆਂ ਵਜਾ ਕੇ ਕਰੋਨਾ ਭਜਾਇਆ ਸੀ ਐਵੇਂ ਹੀ ਅੱਜ ਥਾਲੀਆਂ ਵਜਾ ਕੇ ਰੋਜ਼ ਜਾਹਰ ਕੀਤਾ।ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਜਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਬਾਈਟ ਮਨਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਗਿਆਸਪੁਰਾ ਵਿਧਾਇਕ
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नीट पेपर लीक मुद्दे पर हिमाचल में कैंडल मार्च, मुआवजे और पारदर्शिता की मांग

Shimla, Himachal Pradesh:नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार शाम शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अगुवाई में विभिन्न राजनीतिक दलों और आम जनता ने कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर से शुरू होकर स्कैंडल प्वाइंट होते हुए रिज स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा। इस दौरान मौजूद लोगों ने नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह मार्च विभिन्न दलों के सहयोग से निकाला गया है और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे युवाओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता इस न्याय की लड़ाई में युवाओं के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि युवाओं को उनकी मेहनत का उचित फल मिल सके। मुख्यमंत्री ने नीट परीक्षा विवाद के कारण आत्महत्या करने वाले युवाओं के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग भी की। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकारें होती हैं, वहां पेपर लीक के मामले सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पिछली भाजपा सरकार के दौरान पुलिस भर्ती का पेपर लीक हुआ था। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन आयोग से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं के पेपर भी लीक हुए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही अधीनस्थ सेवाएं चयन आयोग को भंग कर राज्य चयन आयोग का गठन किया और दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी युवाओं की न्याय की लड़ाई को अपनी आवाज दी है। उनके अनुसार, युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। कैंडल मार्च में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक कुलदीप राठौर और संजय रतन, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, महासचिव विनोद जिंटा, पूर्व विधायक राकेश सिंघा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षद, कांग्रेस और सीपीआईएम के नेताओं सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग शामिल हुए।
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