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Kuldip SinghKuldip SinghFollow25 Jul 2024, 09:51 am
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ज़िरकपुर बटला मार्केट में दो गुटों की खूनी झड़प, इलाके में दहशत

Zirakpur, Punjab:ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਦੇ ਬਲਟਾਣਾ ਮਾਰਕੀਟ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ਾਲ ਡੇਅਰੀ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਸਥਿਤ ਰਾਮਲੀਲਾ ਗ੍ਰਾਊਂਡ ਰੋਡ ‘ਤੇ ਬੁੱਧਵਾਰ ਸ਼ਾਮ ਦੋ ਗੁੱਟਾਂ ਵਿਚਾਲੇ ਹੋਈ ਖੂਨੀ ਝੜਪ ਕਾਰਨ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਦਹਿਸ਼ਤ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਬਣ ਗਿਆ। ਇਸ ਘਟਨਾ ਵਿੱਚ ਦੋ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਗੰਭੀਰ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਜ਼ਖ਼ਮੀ ਹੋਣ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲੀ ਹੈ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਇਲਾਜ ਲਈ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ। ਪ੍ਰਤੱਖਦਰਸ਼ੀਆਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਸ਼ਾਮ ਸਮੇਂ ਅਚਾਨਕ ਦੋ ਗੁੱਟ ਰਾਮਲੀਲਾ ਮੈਦਾਨ ਦੇ ਨੇੜੇ ਇਕੱਠੇ ਹੋ ਗਏ। ਕੁਝ ਹੀ ਸਮੇਂ ਬਾਅਦ ਦੋਵਾਂ ਧਿਰਾਂ ਵਿਚਾਲੇ ਤਕਰਾਰ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਈ, ਜੋ ਦੇਖਦੇ ਹੀ ਦੇਖਦੇ ਖੂਨੀ ਝਗੜੇ ਵਿੱਚ ਤਬਦੀਲ ਹੋ ਗਈ। ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਇੱਕ ਗੁੱਟ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਲਾਠੀਆਂ ਅਤੇ ਡੰਡਿਆਂ ਨਾਲ ਦੂਜੇ ਗੁੱਟ ਦੇ ਦੋ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ‘ਤੇ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਮਾਰਕੁੱਟ ਦੌਰਾਨ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਅਫਰਾ-ਤਫਰੀ ਮਚ ਗਈ ਅਤੇ ਲੋਕ ਆਪਣੀ ਜਾਨ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਇੱਧਰ-ਉੱਧਰ ਭੱਜਣ ਲੱਗ ਪਏ。 ਸਥਾਨਕ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਹਮਲਾ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਰਚੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਤਹਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਲੱਗਦਾ ਹੈ। ਝੜਪ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹਮਲਾਵਰ ਮੌਕੇ ਤੋਂ ਫਰਾਰ ਹੋ ਗਏ, ਜਦਕਿ ਘਟਨਾ ਸਥਾਨ ‘ਤੇ ਲਾਠੀਆਂ, ਡੰਡੇ ਅਤੇ ਚੱਪਲਾਂ ਵਿਖਰੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਮਿਲੀਆਂ。 ਵਾਇਰਲ ਹੋ ਰਹੀ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ “ਚਿੱਟੇ” ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਵੀ ਦੇਖਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਨੌਜਵਾਨ ਕਿਸੇ ਵਿਅਕਤੀ ‘ਤੇ ਚਿੱਟਾ ਵੇਚਣ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਹ ਲੜਾਈ-ਝਗੜੇ ਦੀ ਵੀਡੀਓ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ‘ਤੇ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵਾਇਰਲ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਲਾਕੇ ਦੀ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿਵਸਥਾ ‘ਤੇ ਵੀ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ。 ਘਟਨਾ ਕਾਰਨ ਬਲਟਾਣਾ ਮਾਰਕੀਟ ਦੀ ਮੁੱਖ ਸੜਕ ‘ਤੇ ਕਾਫੀ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਆਵਾਜਾਈ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਰਹੀ ਅਤੇ ਦੋਵਾਂ ਪਾਸਿਆਂ ਵਾਹਨਾਂ ਦੀਆਂ ਲੰਬੀਆਂ ਕਤਾਰਾਂ ਲੱਗ ਗਈਆਂ। ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਣ ‘ਤੇ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਲੋਕ ਮੌਕੇ ‘ਤੇ ਇਕੱਠੇ ਹੋ ਗਏ。 ਉੱਧਰ, ਵੀਡੀਓ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ。
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गर्मी के बीच कपूरथला के 138 केवी बिजली घर में आग, शहर अंधेरे में डूबा

Kapurthala, Punjab:भीषण गर्मी के बीच कपूरथला के 138 केवी बिजली घर में लगी आग कपूरथला में भीषण गर्मी के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के 138 केवी बिजली घर में अचानक आग लग गई। आग लगने की घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और एहतियात के तौर पर बिजली सप्लाई बंद करनी पड़ी। पूरा कपूरथला शहर हुआ अंधेरे में डूबा बिजली घर में आग लगने के कारण पूरे कपूरथला शहर की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई। अचानक बिजली बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों, दुकानों और दफ्तरों में कामकाज ठप हो गया, जबकि भीषण गर्मी के कारण लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और आग पर काबू पाने का काम शुरू किया गया। वहीं बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। गर्मी और ओवरलोड को माना जा रहा संभावित कारण प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भीषण गर्मी और बिजली पर बढ़े लोड को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि विभाग की तरफ से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लोगों ने जल्द बिजली बहाल करने की मांग की शहरवासियों ने प्रशासन और बिजली विभाग से जल्द से जल्द बिजली सप्लाई बहाल करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रही गर्मी में बिजली बंद रहने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
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वॉर्ड 9 के पोलिंग बूथ से खुले बैलेट पेपरों के वीडियो वायरल, चुनाव विवाद

Khanna, Punjab:ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਬੱਸੀ ਪਠਾਣਾ ਦੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵਾਰਡ ਨੰਬਰ 9 ਦੇ ਪੋਲਿੰਗ ਬੂਥ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਤ ਇੱਕ ਵੀਡੀਓ ਵਾਇਰਲ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਚੋਣ ਵਿਵਾਦ ਕਾਫੀ ਗਰਮਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਵਾਇਰਲ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਪੋਲਿੰਗ ਪਾਰਟੀ ਖੁਲ੍ਹੇ ਬੈਲਟ ਪੇਪਰਾਂ ਨਾਲ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਹੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਆਈ.ਟੀ.ਆਈ. ਸਥਿਤ ਸਟ੍ਰਾਂਗ ਰੂਮ ਦੇ ਬਾਹਰ ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਮਰਥਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜ਼ਬਰਦਸਤ ਹੰਗਾਮਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਰਾਤ ਨੂੰ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ ਛੱਡ ਕੇ ਵਾਰਡ ਨੰਬਰ 9 ਦੇ ਬਾਕੀ ਸਾਰੇ ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਨੇ ਸਰਹਿੰਦ-ਮੋਰਿੰਡਾ ਰੋਡ ਜਾਮ ਕਰਕੇ ਧਰਨਾ ਲਾਇਆ। ਆਜ਼ਾਦ ਉਮੀਦਵਾਰ ਸੁਖਦੀਪ ਕੌਰ ਅਤੇ ਰੇਨੂ ਬਾਲਾ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਵੋਟਿੰਗ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਸ਼ਾਮ 5 ਵਜੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪੋਲਿੰਗ ਏਜੰਟਾਂ ਨੂੰ ਬੂਥ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਕੱਢ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਕਰੀਬ ਡੇਢ ਘੰਟੇ ਬਾਅਦ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮੁੜ ਬੁਲਾਇਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਫਿਰ ਬੈਲਟ ਬੈਕਸ ਸੀਲ ਕੀਤੇ gਏ। ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਨੇ ਸਵਾਲ ਉਠਾਇਆ ਕਿ ਜੇਕਰ ਬਚੇ ਹੋਏ ਬੈਲਟ ਪੇਪਰ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਸੀਲ ਹੋ ਚੁੱਕੇ ਸਨ ਤਾਂ ਪੋਲਿੰਗ ਪਾਰਟੀ ਬੰਦ ਕਮਰੇ ਵਿੱਚ ਖੁੱਲ੍ਹੇ ਬੈਲਟ ਪੇਪਰਾਂ ਨਾਲ ਕੀ ਕਰ ਰਹੀ ਸੀ। ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਨਾਅਰੇਬਾਜ਼ੀ ਕਰਦਿਆਂ ਹਾਈਕੋਰਟ ਦੇ ਹੁਕਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਉਸ ਡੇਢ ਘੰਟੇ ਦੀ ਅਧਿਕਾਰਤ ਵੀਡੀਓ ਰਿਕਾਰਡਿੰਗ ਜਨਤਕ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਜੇਕਰ ਬੈਲਟ ਪੇਪਰਾਂ ਨਾਲ ਕੋਈ ਛੇੜਛਾੜ ਹੋਈ ਹੈ ਤਾਂ ਚੋਣ ਰੱਦ ਕਰਕੇ ਦੁਬਾਰਾ ਮਤਦਾਨ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਜੇਕਰ ਪੂਰੀ ਵੀਡਿਓ ਨਾ ਦਿਖਾਈ ਗਈ ਤਾਂ ਗਿਣਤੀ ਦਾ ਬਾਇਕਾਟ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ।
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फाजिल्का स्ट्रांग रूम गेट लॉकिंग पर विवाद: प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की

Fazilka, Punjab:फाजिल्का में स्ट्रांग रूम के गेट को लॉक करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें दिखाया गया कि स्ट्रांग रूम के मुख्य गेट को कुंडा लगाए बिना ही उसके निचले हिस्से पर सील लगा दी गई थी। इस घटना के बाद राजनीतिक दलों के नेता स्ट्रांग रूम के पास पहुंचे और प्रशासन से स्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा। प्रशासन ने इस पर अपना तर्क देते हुए कहा है कि उक्त गेट लॉक नहीं है, लेकिन उसके आगे लगे लोहे के गेट को सील किया गया है। प्रशासन के अनुसार, इसमें किसी गड़बड़ी की कोई बात नहीं है। हालांकि, सियासी नेताओं ने सुनवाई न होने की सूरत में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है。 पूर्व मंत्री सुरजीत जियानी ने बताया कि फाजिल्का में नगर कौंसिल चुनाव के बाद स्ट्रांग रूम के मुख्य गेट को बिना कुंडा लगाए सील कर दिया गया था। उन्हें इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद मिली। उन्होंने प्रशासन से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा और गड़बड़ी की आशंका जताई। जियानी ने कहा कि यदि उन्हें स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे。 कांग्रेस नेता सुरिंदर कालड़ा ने भी इस मामले पर प्रशासन से स्ट्रांग रूम के पास लाकर सारे हालात दिखाने और वोटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्टीकरण मांगा है。 उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) जुगराज सिंह काहलों ने पुष्टि की कि विभिन्न पार्टियों के नेता स्ट्रांग रूम के बाहर पहुंचे थे। उन्होंने शिकायत की कि सोशल मीडिया पर स्ट्रांग रूम को लॉक करने की जो वीडियो वायरल हो रही है, उसमें रूम के मुख्य गेट पर लगाए गए लॉक को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उसमें गेट को कुंडा ही नहीं लगाया गया। और नीचे वाले हिस्से पर बिना गेट लॉक किये सील लगा दी गई । हालांकि उन्होंने कहा कि उस गेट के बाद जो स्ट्रांग रूम का लोहे का जो मेन गेट है उसे सही लाक लगा हुआ है । साथ ही उन्होंने कहा कि वीडियो ग्राफी के जरिए चेक किया सकता है कि किसी से कोई छेड़छाड़ नहीं । सब सेफ है । ओर उक्त पार्टियों के नेताओं को संतुष्ट कर दिया गया है ।
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ED के कैडर विस्तार से मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम की ताकत बढ़ी

Noida, Uttar Pradesh:मनी लॉन्ड्रिंग से लड़ने के लिए सरकार ने ED का किया बड़ा कैडर विस्तार, देशभर में अधिकारियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देश में मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला नेटवर्क, आर्थिक अपराध और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराधों के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने ED को और ज्यादा ताकतवर बनाने का फैसला किया था। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने ED के कैडर पुनर्गठन (Cadre Restructuring) को मंजूरी देते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या में काफी वृद्धि की है। यह फैसला ED की जांच क्षमता, कानूनी कार्रवाई और देशभर में उसकी मौजूदगी को मजबूत करने के मक़सद से लिया गया है। सरकार के आदेश के मुताबिक, ED के जांच और प्रवर्तन से जुड़े कई अहम पदों पर स्वीकृत संख्या को पहले के मुकाबले काफी बढ़ाया गया है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी जांच से जुड़े फील्ड अधिकारियों में की गई है, जो सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और PMLA मामलों की जांच करते हैं। आदेश के अनुसार, असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ एनफोर्समेंट के पद 255 से बढ़ाकर 531 कर दिए गए हैं यानी इसमें 276 पदों की बढ़ोतरी हुई है। वहीं एनफोर्समेंट ऑफिसर के पद 355 से बढ़ाकर 606 और असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर के पद 425 से बढ़ाकर 803 कर दिए गए हैं। इसी तरह वरिष्ठ स्तर पर भी विस्तार किया गया है। जॉइंट डायरेक्टर ऑफ एनफोर्समेंट के पद 28 से बढ़कर 49, डिप्टी डायरेक्टर के पद 148 से बढ़कर 267 और एडिशनल डायरेक्टर के पद 10 से बढ़ाकर 24 किए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि सरकार ED की कमांड और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करना चाहती है। सिर्फ जांच विंग ही नहीं, कानूनी ढांचे को भी मजबूत किया गया है। लीगल कैडर में अतिरिक्त निदेशक (प्रॉसिक्यूशन), डिप्टी लीगल एडवाइजर और असिस्टेंट लीगल एडवाइजर के पदों में भी बढ़ोतरी की गई है। इसका मकसद अदालतों में मामलों की पैरवी और अभियोजन को मजबूत करना माना जा रहा है। इसके अलावा, एडजुडिकेशन विंग में भी पहली बार कई नए पद जोड़े गए हैं। इसमें स्पेशल डायरेक्टर, एडिशनल डायरेक्टर, जॉइंट डायरेक्टर और अन्य पद शामिल हैं, जिससे जब्ती, कुर्की और PMLA से जुड़े मामलों की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में ED के पास आने वाले मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर फ्रॉड से जुड़े वित्तीय नेटवर्क, शेल कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अपराधों के मामलों ने एजेंसी पर दबाव बढ़ाया था। ऐसे में यह कैडर विस्तार ED की जांच क्षमता बढ़ाने और देशभर में उसकी पहुंच मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वित्त मंत्रालय के इस आदेश के तहत यह पूरा खर्च ED के मौजूदा बजटीय प्रावधान से ही पूरा किया जाएगा
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नेरवा स्कूल में सीबीएसई लागू से छात्र संख्या बढ़ी; 5 करोड़ के भवन का निर्माण

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नेरवा के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस विद्यालय को हाल ही में सीबीएसई पाठयक्रम के अंतर्गत लाया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे यहां विद्यार्थियों के साथ संवाद करने आए हैं। राज्य सरकार ने 150 से अधिक विद्यालयों में सीबीएसई पाठयक्रम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ संवाद करने से उन्हें उनकी समस्याओं को समझने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने का अवसर मिलता है।\n\nमुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालय के सीबीएसई संस्थान बनने के बाद नेरवा स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसलिए राज्य सरकार ने विद्यालय को दो शिफ्टों में संचालित करने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि नेरवा में 5 करोड़ रुपये की लागत से नया स्कूल भवन निर्मित किया जाएगा, इसका निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर पूरा किया जाएगा। राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है और जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।\n\nसंवाद के दौरान विद्यार्थियों ने स्कूल से संबंधित मामलों के साथ-साथ अन्य विषयों पर भी प्रश्न पूछे। 11वीं की छात्रा सारा नेगी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि लोग उन्हें ‘योद्धा’ क्यों कहते हैं। इस प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भी एक साधारण परिवार से आते हैं और उन्होंने जीवन पर्यन्त संघर्ष किया है।\n\nजीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और किसी कार्य में असफलता भी मिलती हैं, लेकिन जो व्यक्ति बार-बार असफल होने के बावजूद निरंतर कड़ी मेहनत करना जारी रखता है वह अंततः अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है और सच्चा विजेता बनकर उभरता है। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से निराश न होने की सलाह दी।
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CM के घोषणा: चिकित्सकों के लिए इनसेंटिव स्कीम, मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ेंगी

Shimla, Himachal Pradesh:चिकित्सकों के लिए लाई जाएगी इनसेंटिव स्कीम- CM सुक्खू ऐस्सिटेंट प्रोफेसर के 110 और पैरा मेडिकल स्टाफ के 120 पद भरे जाएंगे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में की जा रही परिवर्तनकारी पहल मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सकों के लिए ‘इनसेंटिव स्कीम’ लेकर आयेगी। इस योजना के तहत चिकित्सकों को 20 प्रतिशत इनसेंटिव प्रदान किया जाएगा। इस योजना में चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और ऐस्सिटेंट प्रोफेसर भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा महाविद्यालयों में ऐस्सिटेंट प्रोफेसर के 110 पद और पैरा मेडिकल स्टाफ के 120 पद भी भरेगी। इससे चिकित्सा शिक्षा और सुदृढ़ होगी और मरीजों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आईजीएमसी शिमला में नए मातृ एवं शिशु अस्पताल के निर्माण के लिए संभावनाएं तलाश करने और जमीन चिन्हित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के चिकित्सा संस्थानों में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य जांच उपकरण और आधारभूत ढांचे का सृजन कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों में पीजी की सीटें बढ़ाई जा रही हैं। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में 57, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय मंडी में 29, डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में 32, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा में 33, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में 67 और इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में 96 पीजी सीटें बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सीटों के बढ़ने के बाद इन मेडिकल कॉलेजों के कामकाज में तेजी आएगी और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध हो पाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सभी मेडिकल कॉलेजों में नर्सों के खाली पदों को भर दिया जाएगा और तकनीकी स्टाफ भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होगा। राज्य सरकार 3000 करोड़ रुपये व्यय कर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आधुनिक मशीनें और उपकरण खरीद रही है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी को भी दूर किया जा रहा है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों का संचालन बेहतर ढंग से करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस कार्य में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार होगा और प्रदेश में हैल्थ टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
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