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Kuldip SinghKuldip SinghFollow25 Jul 2024, 09:51 am
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राजपुरा में सरबजीत सिंह झिंजर ने ट्रक से टकराई गाड़ियां, बड़ा हादसा टला—सब सुरक्षित

Noida, Uttar Pradesh:ਰਾਜਪੁਰਾ: ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ ਝਿੰਜਰ ਦੀਆਂ ਕਾਰਾਂ ਦੀ ਟਰੱਕ ਨਾਲ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਟੱਕਰ; ਵੱਡਾ ਹਾਦਸਾ ਟਲਿਆ, ਸਾਰੇ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਰਾਜਪੁਰਾ, 15 ਅਗਸਤ (ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਪੰਨੂ): ਰਾਜਪੁਰਾ ਵਿੱਚ ਗਗਨ ਚੌਂਕ (ਘਿਓ ਫੈਕਟਰੀ) ਨੇੜੇ ਇੱਕ ਸੜਕ ਹਾਦਸਾ ਵਾਪਰਨ ਦੀ ਖ਼ਬਰ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਯੂਥ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਹਲਕਾ ਘਨੌਰ ਤੋਂ ਇੰਚਾਰਜ ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ ਝਿੰਜਰ ਆਪਣੇ ਪਾਰਟੀ ਵਰਕਰਾਂ ਨਾਲ ਨੀਲਮ ਹਸਪਤਾਲ ਤੋਂ ਕਿਸੇ ਮਰੀਜ਼ ਦਾ ਪਤਾ ਲੈ ਕੇ ਵਾਪਸ ਪਰਤ ਰਹੇ ਸਨ। ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ ਅਚਾਨਕ ਸੜਕ ਅੱਗੇ ਇੱਕ ਰੇੜ੍ਹੀ ਵਾਲਾ ਆ ਗਿਆ। ਉਸ ਨੂੰ ਬਚਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਪਿੱਛੋਂ ਆ ਰਹੇ ਇੱਕ ਟਰੱਕ ਨੇ ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ ਝਿੰਜਰ ਦੇ ਕਾਫ਼ਲੇ ਦੀਆਂ ਗੱਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਟੱਕਰ ਮਾਰ ਦਿੱਤੀ। ਇਸ ਟੱਕਰ ਕਾਰਨ ਝਿੰਜਰ ਦੀ ਗੱਡੀ ਸਮੇਤ ਇੱਕ ਹੋਰ ਕਾਰ ਅੱਗੇ-ਪਿੱਛੋਂ ਕਾਫ਼ੀ ਨੁਕਸਾਨੀ ਗਈ। ਗੱਡੀਆਂ ਦੀ ਹਾਲਤ ਦੇਖ ਕੇ ਲੱਗਦਾ ਸੀ ਕਿ ਸਵਾਰੀਆਂ ਦੇ ਗੰਭੀਰ ਸੱਟਾਂ ਲੱਗੀਆਂ ਹੋਣਗੀਆਂ, ਪਰ ਪਰਮਾਤਮਾ ਦਾ ਸ਼ੁਕਰ ਹੈ ਕਿ ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ ਝਿੰਜਰ და ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨੂੰ ਖਰੋਚ ਤੱਕ ਨਹੀਂ ਆਈ। ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ''ਜਾ ਕੋ ਰਾਖੈ ਸਾਈਂ, ਮਾਰਿ ਨ ਸਕੈ ਕੋਇ''—ਇਹ ਕਹਾਵਤ ਇੱਥੇ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸੱਚ ਸਾਬਤ ਹੋਈ। ਘਟਨਾ ਦੀ ਇਲਾਕਾ ਸੜਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਫੋਰਸ (SSF) ਦੇ ਇੰਚਾਰਜ ਭੁਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਪੁਸ਼ਟੀ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਬਾਈਟ: ਭੁਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ (ਇੰਚਾਰਜ, ਸੜਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਫੋਰਸ) "ਸਾਨੂੰ ਰਾਹਗੀਰਾਂ ਨੇ ਇਤਲਾਹ ਦਿੱਤੀ ਸੀ ਕਿ ਘਿਓ ਫੈਕਟਰੀ ਕੋਲ ਗੱਡੀਆਂ ਦਾ ਐਕਸੀਡੈਂਟ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਅਸੀਂ ਤੁਰੰਟ ਮੌਕੇ ''ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ ਤਾਂ ਦੇਖਿਆ ਕਿ ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ ਝਿੰਜਰ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਾਰਟੀ ਵਰਕਰ ਬਿਲਕੁਲ ਠੀਕ-ਠਾਕ ਸਨ। ਪਰਮਾਤਮਾ ਦੀ ਮਿਹਰ ਨਾਲ ਕਿਸੇ ਵੀ ਵਿਅਕਤੀ ਦੇ ਕੋਈ ਸੱਟ ਨਹੀਂ ਲੱਗੀ। ਗੱਡੀਆਂ ਨੂੰ ਟੋਅ (Tow) ਕਰਵਾ ਕੇ ਰਸਤਾ ਸਾਫ਼ ਕਰਵਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ।
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विपक्ष की गैरहाज़िरी पर विक्रमजीत साहनी ने संसद-रेड फ़ोर्ट विवाद पर कड़ा हमला

Noida, Uttar Pradesh:Rajya Sabha MP Vikramjit Singh Sahney says, 'Unfortunately, the LoPs in both the Lok Sabha and the Rajya Sabha were absent for the second consecutive year… They were perhaps citing some issue regarding seating protocol. I was thinking to myself that if I were in their place, I would have simply gone down and sat wherever there was space. When it comes to patriotism, especially on Independence Day, seating arrangements should not be an obstacle. That should not be a limiting factor for not attending the Independence Day celebrations at the Red Fort, which is a national event. They also claimed that there was no discussion in Parliament regarding the events at Jantar Mantar. Home Minister Amit Shah was ready to come and discuss the issue. But I maintain that if I held a position of authority, the discussion shouldn't have been limited to just Jantar Mantar, though that issue was eventually resolved… Discussions should take place regarding the events at Jantar Mantar, as well as those in Jharkhand and Punjab… The three recent incidents- refusing to attend the Red Fort event, the abrasive behaviour regarding seating arrangements, and the obstruction of Parliament proceedings alongside a selective approach to issues, coupled with the visible discomfort over 'Vande Mataram' and attempts to halt its recitation- are highly deplorable. I strongly condemn these actions and pray to God that good sense prevails.'
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हिमाचल में स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री ने वेतन भत्ते और 100 स्कूलों की घोषणा

Chanwal, Himachal Pradesh:For Digital हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बड़सर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली。 मुख्यमंत्री ने इस दौरान कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इसी माह वेतन बकाया के रूप में अतिरिक्त 20,000 रुपये दिए जाएंगे। वर्ष 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए तृतीय श्रेणी पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को पेंशन के बकाया का अतिरिक्त 35 प्रतिशत और प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के पेंशनरों तथा पारिवारिक पेंशनरों को 15 प्रतिशत बकाया इसी माह दिया जाएगा। इन भुगतानों पर सरकार 281 करोड़ रुपये खर्च करेगी。 मुख्यमंत्री ने अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में 100 नए सीबीएसई स्कूल खोलने की घोषणा भी की। वहीं, इस माह से 31 मार्च 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले चिकित्सकों की सेवाएं जारी रहेंगी और वे 31 मार्च 2027 को सेवानिवृत्त होंगे。 एनएचएम हिमाचल प्रदेश के तहत कार्यरत करीब 9,000 आशा कार्यकर्ताओं का मासिक प्रोत्साहन 5,800 से बढ़ाकर 6,800 रुपये किया जाएगा। सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके एनएचएम कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2026 से संशोधित वेतन दिया जाएगा। आउटसोर्स स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्टों, ऑपरेशन थिएटर सहायकों और प्रयोगशाला तकनीशियनों के लिए 25,000 रुपये और डेटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए 18,000 रुपये प्रतिमाह संशोधित पारिश्रमिक 1 सितंबर 2026 से लागू होगा। मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 4,000 पद भरने की भी घोषणा की。 CM सुक्खू ने कहा कि मल्टी-टास्क वर्कर्स और आउटसोर्स कर्मचारियों की चिंताओं के प्रति सरकार संवेदनशील है। इनसे जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और उचित लाभ देने के लिए नीति लाने पर विचार किया जा रहा है。 2 अक्टूबर से शुरू होंगी दो नई योजनाएं मुख्यमंत्री ने ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ और ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना शुरू करने की घोषणा की। इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना का पायलट चरण 2 अक्टूबर से प्रदेश के विभिन्न जिलों के 21 आईसीडीएस ब्लॉकों में शुरू होगा। छह महीने बाद इसकी समीक्षा की जाएगी और परिणामों के आधार पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा。 योजना के तहत माताओं, महिलाओं और 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को मिलने वाले पोषण सहयोग को मजबूत किया जाएगा। चावल, दाल, तेल, बिस्किट, पंजीरी और मिल्क पाउडर की जगह अधिक पौष्टिक और स्वच्छ तरीके से पैक किए गए प्रीमिक्स खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाए जाएंगे। लाभार्थियों की पसंद के अनुसार सप्ताह में तीन बार दूध या अंडे भी दिए जाएंगे। 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के गर्म पके भोजन की पोषण गुणवत्ता भी बढ़ाई जाएगी。 मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना की खरीद प्रक्रिया जिला और आईसीडीएस ब्लॉक स्तर पर होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर पारदर्शी खरीद और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके。 वहीं, पिछले एक वर्ष में आठ चरणों में किए गए सर्वेक्षण के बाद प्रदेश के करीब 19 लाख परिवारों में से 1.80 लाख परिवारों की पहचान ऐसे परिवारों के रूप में की गई है, जिन्हें सरकार से अधिक सहायता की जरूरत है। इन परिवारों के लिए 2 अक्टूबर से ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना शुरू होगी। अगले दो वर्षों में इन परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए तंत्र तैयार किया जाएगा。 मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिवारों की जरूरतों का आकलन अगले दो माह में किया जाएगा और केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को इन परिवारों पर केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें आधे से अधिक परिवार पहले से बीपीएल सूची में हैं और बीपीएल परिवारों को मिलने वाले किसी भी लाभ को कम या वापस नहीं लिया जाएगा。 दूध प्रसंस्करण ढांचे पर 150 करोड़ खर्च होंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा के ढगवार में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिदिन 1.5 लाख लीटर क्षमता वाला प्रदेश का पहला अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिसका कार्य इसी वर्ष पूरा होगा। इससे कांगड़ा, ऊना, चंबा और हमीरपुर के हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने अगले दो वर्षों में सोलन, ऊना, सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू और हमीरपुर जिलों में दुग्ध प्रसंस्करण ढांचे पर 150 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की。 CM सुखविंदर सिंह ने कहा कि प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है जो समर्पित बागवानी नीति लागू करेगा। इससे करीब 82,200 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सेब पैकेजिंग में यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य करने से बागवानों को लाभ मिलना शुरू हो गया है और उनकी उपज के बेहतर दाम सुनिश्चित हुए हैं। भर्ती और युवाओं को लेकर भाजपा पर निशाना मुख्यमंत्री ने प्रदेश के जेन-जी युवाओं से पारदर्शी और योग्यता आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार के दौरान पुलिस भर्ती पेपर लीक और कर्मचारी चयन आयोग की भर्तियों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने भर्ती में कदाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें जेल भेजा。 मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां परिवार अपने गांव में रहकर प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये तक कमा सके। इसके लिए कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और स्वरोजगार के क्षेत्र में नई पहल की जा रही हैं。 वित्तीय आत्मनिर्भरता का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग ने राज्य को मिलने वाले करीब 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान को बंद कर दिया है। इसके बावजूद हिमाचल प्रदेश कठिन वित्तीय स्थिति से बाहर निकलकर लगातार वित्तीय आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन-पेंशन भुगतान में समस्या केवल एक बार छह दिनों के लिए आई थी। राज्य अब अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा है। उन्होंने भाखड़ा परियोजना से जुड़े करीब 7,000 करोड़ रुपये के दावे सहित शानन, बैरास्यूल, जल उपकर और चंडीगढ़ से जुड़े मामलों में प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की बात कही。 7 सितंबर से चिट्टा-मुक्त अभियान का दूसरा चरण मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के सहयोग से ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ शुरू किया गया है। अभियान का दूसरा चरण 7 सितंबर 2026 से ऊना से शुरू होगा। जल्द ही ‘खेलो हिमाचल, चिट्टा-मुक्त अभियान’ भी शुरू किया जाएगा, ताकि युवाओं को खेलों से जोड़कर स्वस्थ और उत्पादक जीवनशैली के लिए प्रोत्साहित किया जा सके。 उन्होंने कहा कि प्रदेश को नशा मुक्त बनाने और ड्रग माफिया को खत्म करने के लिए सख्त फैसले लिए जा रहे हैं。 पेयजल और धार्मिक पर्यटन पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की व्यापक योजना लागू की जा रही है। जल ढांचे को मजबूत करने, पुनर्निर्माण और भू-जल पुनर्भरण के लिए भी कई पहल की जा रही हैं。 धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंडी में माता बगलामुखी रोपवे जनता को समर्पित किया गया है। चिंतपूर्णी और बाबा बालक नाथ मंदिर में भी रोपवे बनाए जाएंगे, जबकि मंडी में शिव धाम का काम शुरू हो चुका है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी घोषणाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए विदेश भेजा गया है। 200 शिक्षकों को भी वैश्विक स्तर की बेहतर कार्यप्रणालियों का अध्ययन करने के लिए विदेश भेजा गया है। आने वाले वर्षों में मेधावी विद्यार्थियों और डॉक्टरों को भी विदेश शैक्षणिक भ्रमण की सुविधा दी जाएगी。 स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ चमियाणा अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। निजी अस्पतालों में इसकी लागत आमतौर पर 5 लाख रुपये से अधिक होती है, जबकि सरकारी संस्थानों में यह सुविधा 30,000 से 80,000 रुपये की लागत में उपलब्ध करवाई जा रही है। आईजीएमसी शिमला को भी मरीज केंद्रित सुविधाओं के साथ और मजबूत किया जा रहा है。 समारोह में राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, सुरेश कुमार, विवेक शर्मा और इन्द्र दत्त लखनपाल, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील कुमार शर्मा, पूर्व विधायक मंजीत डोगरा, विभिन्न निगमों और बोर्डों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, मुख्य सचिव के.के. पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, उपायुक्त गंधर्वा राठौर, पुलिस अधीक्षक बलबीर ठाकुर सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
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शिमला में स्वतंत्रता दिवस के जिलास्तरीय समारोह में शिक्षा मंत्री ने परेड निरीक्षण किया

Shimla, Himachal Pradesh:शिमला में स्वतंत्रता दिवस का जिलास्तरीय समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इसे राष्ट्रीय महत्व पर्व बताते हुए देश के लिए सरस्वस्व बलिदान होने वाली महान विभूतियों को भी याद किया। समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री ने परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद हिमाचल पुलिस की पुरुष और महिला जवानों की टुकड़ियों, होमगार्ड की पुरुष और महिला टुकड़ियों, यातायात पुलिस, एनसीसी बॉयज व गर्ल्स, एनएसएस बॉयज व गर्ल्स और भारत स्काउट एवं गाइड के छात्र-छात्राओं ने मार्च पास्ट किया। हिमाचल प्रदेश पुलिस बैंड और हिमाचल प्रदेश गृह रक्षक बैंड ने भी मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। राजकीय कन्या महाविध्यालय की छात्राओं ने किन्नौरी नृत्य, राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा के विद्यार्थियों ने हिमाचली नाटी, नृत्य कला केंद्र शोघी ने सोलन का गिद्दा और डाइट शामलाघाट ने नाटी नृत्य प्रस्तुत किया। संभोता तिब्बतन विद्यालय छोटा शिमला के छात्रों ने याक नृत्य और जवाहर लाल नेहरू राजकीय फाइन आर्ट महाविद्यालय शिमला के विद्यार्थियों ने देशभक्ति आधारित गायन और नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।
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हरभजन सिंह ने स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया; पंजाब के लिए योजनाओं का उल्लेख

Chandigarh, Chandigarh:मोहाली में जिला हेडक्वार्टर पर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO की ओर से स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब के लोगों का स्वतंत्रता संग्राम मे अहम योगदान रहा है उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की ओर से पंजाब के लोगों के लिये अन्य एक लाभकारी स्कीमें खिलाई गई उन्होंने कहा कि दलित परिवारों के उत्थान को लेकर काम किया गया महिलाओं के लिए स्पेशल राशि दी गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आपस में लड़ रही है कि इससे लोग देख रहे हैं कांग्रेस का पंजाब में कोई अस्तित्व नहीं है उसी के लिए लड़ाई चल रही है सभी मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं
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अंगदान करने वाले वंशल परिवार के पिता टॉनी बंसल को चंडीगढ़ प्रशासन ने सम्मानित किया

Chandigarh, Chandigarh:TT ਟੋਨੀ ਬਾਂਸਲ ਪਿਤਾ ਸਵਰਗੀ ਵੰਸ਼ ਬਾਂਸਲ ਆਪਣਾ ਸਰੀਰ ਦਾਨ ਕਰਕੇ ਅੱਠ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅੰਗ ਦਾਨ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਵੰਸ਼ ਵੰਸ਼ਲ ਦੇ ਪਿਤਾ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸਨਮਾਨਿਤ ਜੀ ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦੇ ਭਾਵਕ ਹੋਏ ਟੋਨੀ ਬੰਸਲ ਪਿਛਲੀ ਦਿਨੀ ਸਮਾਣਾ ਏਰੀਆ ਦੇ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਜਿਹੇ ਬੱਚੇ ਵੰਸ਼ ਬਾਂਸਲ ਜੋ ਹਜੇ ਮਹਿਜ਼ ਡੇਢ ਦੋ ਸਾਲ ਦਾ ਸੀ, ਅਤੇ ਸਿਰ ਵਿੱਚ ਸੱਟ ਲੱਗਣ ਕਾਰਨ ਇਲਾਜ ਨਾਲ ਠੀਕ ਹੋਣਾ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਸੀ ਤਾਂ ਅਜਿਹੇ ਵਿੱਚ ਪਰਿਵਾਰ ਨੇ ਫੈਸਲਾਂ ਕੀਤਾ ਕਿ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਬੱਚੇ ਦੀ ਬਾਡੀ ਦਾਨ ਕਰਦੇ ਹਾਂ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਜੋ ਅੰਗ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਦਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਨਾਲ ਅੱਠ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਲਗ ਅਲਗ ਅੰਗ ਦਾਨ ਕੀਤੇ ਗਏ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹਨਾਂ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਜਾਨ ਬਚੀ ਤੇ ਅੱਜ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਵੱਲੋਂ ਉਸ ਦੇ ਪਿਤਾ ਟੋਨੀ ਬੰਸਲ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ
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बापू गुरचरण सिंह ने वीडियो पर राजनीति का आरोप, जगतार हवारा मामला

Chandigarh, Chandigarh:ਬੀਤੀ ਰਾਤ ਜੋ ਭਾਈ ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ ਹਵਾਰਾ ਵੱਲੋਂ ਇੱਕ ਵੀਡੀਓ ਸੰਦੇਸ਼ ਜਾਰੀ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਉਹ ਵੀਡੀਓ ਬਿਲਕੁਲ ਅਸਲੀ ਹੈ ਇਹ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਭਾਈ ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ ਹਵਾਰਾ ਦੇ ਪਿਤਾ ਬਾਪੂ ਗੁਰਚਰਨ ਸਿੰਘ ਦਾ। ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵੱਡਾ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਵੱਲੋਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਵੀਡੀਓ ਭੇਜੀ ਗਈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਭਾਈ ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ ਹਵਾਰਾ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਾਂਤਮਈ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰਨ ਦੇ ਲਈ ਸੁਨੇਹਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਸੀ। ਅਤੇ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਦਿਖਾਈ gਈ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਵਾਇਰਲ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਬਾਪੂ ਗੁਰਚੰਨ ਸਿੰਘ ਨੇ קਿਹਾ ਕਿ ਬੰਦੀ ਸਿੰਘਾਂ ਦੀ ਰਿਹਾਈ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ਉੱਤੇ ਲਗਾਤਾਰ ਰਾਜਨੀਤੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਫਿਰ ਭਾਵੇਂ ਉਹ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ. ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਇਕੱਠ ਵਿੱਚ ਆਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਭਾਈ ਜਗਤਾਰ ਸਿੱਘ ਹਵਾਰਾ ਵੱਲੋਂ ਜੋ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਉਸ ਤੇ ਪਹਿਰਾ ਦੇਣ ਦੀ ਗੱਲ ਵੀ ਕਹੀ ਗਈ। ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਕਿ ਭਾਈ ਪਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ ਭਿਓਰਾ ਹੋਰਾਂ ਦੀ ਜਮਾਨਤ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਹੁਣ ਤੱਕ ਕੋਈ ਵੀ ਪੋਸਟ ਕਦਮ ਨਹੀਂ ਚੁੱਕਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜਦੋਂ ਕਿ ਇਹ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਕੋਲ ਮਸਲਾ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਪੈਂਡਿੰਗ ਹੈ。
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मानसून से हिमाचल में भारी तबाही: मौत 181, नुकसान करीब 972.55 करोड़

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदा और सड़क हादसों ने भारी तबाही मचाई है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून से अब तक प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के कारण 78 लोगों की मौत हुई है, जबकि सड़क हादसों में 103 लोगों ने जान गंवाई है। इस तरह मानसून सीजन में अब तक कुल 181 लोगों की मौत दर्ज की गई है। प्राकृतिक आपदा से हुई मौतों में लैंडस्लाइड से 14, फ्लैश फ्लड से 1, डूबने से 5, बिजली गिरने से 1, आग की घटना में 8, स्नेक बाइट से 7, पेड़/खड़ी चट्टान से गिरने से 27 और अन्य कारणों से 15 मौतें शामिल हैं। जिलावार देखें, तो चंबा में 9, कांगड़ा में 13, कुल्लू में 9, लाहौल-स्पीिति में 14, मंडी में 7, शिमला में 11 और सिरमौर में 7 लोगों की प्राकृतिक आपदा में जान गई है। वहीं, सड़क हादसों में सबसे ज्यादा 16-16 मौतें चंबा और सिरमौर में दर्ज हुई हैं। कुल्लू में 14, शिमला में 11, कांगड़ा में 10, सोलन में 10 और ऊना में 9 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई। बिलासपुर में 4, हमीरपुर में 1, किन्नौर में 5, लाहुल-स्पीति में 4 और मंडी में 3 मौतें सड़क दुर्घटनाओं में दर्ज की गई हैं। जानमाल के नुकसान के साथ आर्थिक नुकसान भी बड़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मानसून से अब तक प्रदेश में करीब 972.55 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। इसमें सार्वजनिक और निजी संपत्ति, सड़कें, बिजली, पेयजल, मकान, फसलें और अन्य विभागीय नुकसान शामिल हैं।
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