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तलवंडी: राम रहीम को बार बार पेरोल, बंदियों को रिहाई नहीं—पैरोल पर दोहरा मापदंड

Noida, Uttar Pradesh:ਡੇਰਾ ਸੱਚਾ ਸੌਦਾ ਮੁਖੀ ਗੁਰਮੀਤ ਰਾਮ ਰਹੀਮ ਨੂੰ ਮੁੜ 21 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਪੈਰੋਲ ਮਿਲਣ ਦਾ ਵਿਰੋਧ ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਤਲਵੰਡੀ ਨੇ ਪੈਰੋਲ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ’ਤੇ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਘੇਰਿਆ ਤਲਵੰਡੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਰਾਮ ਰਹੀਮ ਨੂੰ ਇਹ 17ਵੀਂ ਪੈਰੋਲ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਵਾਲ ਕੀਤਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਇੱਕ ਦੋਸ਼ੀ ਨੂੰ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਪੈਰੋਲ ਮਿਲਦੀ ਰਹੇ ਤਾਂ ਸਜ਼ਾ ਦੇ ਮਕਸਦ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਪੈਰੋਲ ਦੇ ਨਿਯਮਾਂ ਤਹਿਤ ਆਮ ਤੌਰ ’ਤੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੌਤ, ਗੰਭੀਰ ਬਿਮਾਰੀ ਜਾਂ ਐਮਰਜੈਂਸੀ ਵਰਗੇ ਕਾਰਨਾਂ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਲਵੰਡੀ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਬੰਦੀ ਸਿੰਘਾਂ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਸਰਕਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸਖ਼ਤ ਰਵੱਈਆ ਅਪਣਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਭਾਈ ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ ਹਵਾਰਾ ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਬੰਦੀ ਸਿੰਘਾਂ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਰਿਹਾਈ ਅਤੇ ਪੈਰੋਲ ਦੀ ਮੰਗ ਉਠਾਈ ਤਲਵੰਡੀ ਨੇ کہا ਕਿ ਕਈ ਬੰਦੀ ਸਿੰਘ ਆਪਣੀਆਂ ਸਜ਼ਾਵਾਂ ਪੂਰੀਆਂ ਕਰਨ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਰਿਹਾਈ ਦੀ ਉਡੀਕ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਸ ਨੂੰ ਸਿੱਖਾਂ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨਾਲ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਭੇਦਭਾਵ ਵਾਲਾ ਰਵੱਈਆ ਕਰਾਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੰਵਿਧਾਨ ਸਾਰਿਆਂ ਲਈ ਬਰਾਬਰ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਕਾਨੂਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਵੀ ਬਰਾਬਰੀ ਨਾਲ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤਲਵੰਡੀ ਨੇ ਪੰਥਕ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ’ਤੇ ਵੀ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਿੱਖ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਅਤੇ ਪੰਥਕ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਕਮਜ਼ੋਰ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਮਸਲੇ ਲਟਕ ਰਹੇ ਹਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬੰਦੀ ਸਿੰਘਾਂ ਦੀ ਰਿਹਾਈ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਸਿਆਸੀ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਲਗਾਤਾਰ ਅਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਉਠਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਤਲਵੰਡੀ ਸੌਦਾ ਸਾਧ ਰਾਮ ਰਹੀਮ ਦੀ ਪੇਰੋਲ ਉਤੇ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਤਿੱਖਾ ਸ਼ਬਦੀ ਪ੍ਰਤੀਕਰਮ ....... ਕਿ ਪੈਰੋਲ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਦੋਹਰੇ ਮਾਪਦੰਡ ਨਹੀਂ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਰਾਮ ਰਹੀਮ ਨੂੰ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਮਿਲ ਰਹੀ ਪੈਰੋਲ ਦੀ ਤੁਲਨਾ ਬੰਦੀ ਸਿੰਘਾਂ ਨੂੰ ਪੈਰੋਲ ਜਾਂ ਰਿਹਾਈ ਨਾ ਮਿਲਣ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕਾਨੂੰਨੀ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਮਾਪਦੰਡ ਸਾਰਿਆਂ ਲਈ ਇੱਕੋ ਜਿਹੇ ਹਨ ਤਾਂ ਬੰਦੀ ਸਿੰਘਾਂ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਵੀ ਉਹੀ ਮਾਪਦੰਡ ਲਾਗੂ ਕੀਤੇ ਜਾਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਨੇ ਲੇਕਿਨ ਹੁੰਦਾ ਬਿਲਕੁਲ ਇਸ ਤੋਂ ਉਲਟ ਹੈ
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हिमाचल में बारिश: 125 सड़कें बंद, 235 मौतें, नुकसान 1149 करोड़

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर लगातार परेशानी बढ़ा रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की 25 अगस्त सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में प्रदेशभर में 125 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 21 बिजली और 6 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। बारिश और आपदा से प्रदेश में अब तक 1149 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। वहीं, प्राकृतिक आपदा और सड़क हादसों में कुल 235 लोगों की मौत हुई है। इनमें 97 मौतें प्राकृतिक आपदा और 138 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। जिलावार स्थिति की बात करें, तो बिलासपुर और किन्नौर में कोई सड़क बंद नहीं है। चंबा में 8 सड़कें बंद हैं, जबकि 3 डीटीआर प्रभावित हैं। हमीरपुर में 4 सड़कें बंद हैं। कांगड़ा में 8 सड़कें बंद हैं। यहां 3 डीटीआर और एक पेयजल योजना भी प्रभावित है। कुल्लू में सबसे ज्यादा 31 सड़कें बंद हैं, जबकि लाहौल-स्पीति में एक सड़क बंद है। मंडी में 49 सड़कें बंद हैं, जो प्रदेश में सबसे अधिक हैं। शिमला में 3 सड़कें बंद हैं। यहां एक डीटीआर और एक पेयजल योजना भी प्रभावित है। सिरमौर में 21 सड़कें बंद हैं और 14 डीटीआर प्रभावित हैं। सोलन में कोई सड़क बंद नहीं है, जबकि ऊना में 4 सड़कें बंद हैं। कुल मिलाकर प्रदेश में बारिश के कारण 125 सड़कें बंद हैं। राहत और बहाली का काम जारी है, लेकिन लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं.
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सुखबीर सिंह बादल के स्वास्थ्य पर अपडेट: अकाली नेताओं की मुलाकात से रणनीति मजबूत

Noida, Uttar Pradesh:सुखबीर सिंह बादल का हालचाल जानने दिल्ली पहुंचे अकाली नेता, राजनीतिक मुद्दों पर भी हुई विचार-चर्चादिल्ली: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ साहिब श्री हजूर साहिब में हुए जानलेवा हमले के बाद उनका हालचाल जानने के लिए शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता सुखमिंदर सिंह राजपाल और लखबीर मल्होत्रा आज दिल्ली स्थित सरदार सुखबीर सिंह बादल के फार्म हाउस पहुंचे। इस दौरान अकाली नेताओं ने सरदार सुखबीर सिंह बादल से मुलाकात कर उनकी सेहत और कुशलक्षेम की जानकारी ली। मुलाकात के दौरान पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, शिरोमणि अकाली दल की गतिविधियों, पार्टी को और मजबूत करने तथा आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर लंबे समय तक विचार-विमर्श हुआ। सुखमिंदर सिंह राजपाल ने कहा कि सरदार सुखबीर सिंह बादल पर हुआ हमला बेहद गंभीर और निंदनीय घटना थी। गुरु घर की पवित्र धरती पर इस तरह की हिंसक घटना का होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सरदार सुखबीर सिंह बादल की चढ़दी कला और अच्छे स्वास्थ्य के लिए अरदास करते हुए कहा कि वे पूरी दृढ़ता के साथ पंथ और पंजाब की सेवा के लिए डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल का हर नेता और कार्यकर्ता पार्टी अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल के साथ मजबूती से खड़ा है। पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क बढ़ाने तथा पंजाब के लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के संबंध में भी इस अवसर पर विचार-विमर्श किया गया। सुखमिंदर सिंह राजपाल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल पंजाब के हितों, पंजाबियों के अधिकारों और पंथक मुद्दों के लिए अपनी आवाज पूरी मजबूती के साथ बुलंद करता रहेगा。
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पंथक एकता पर जोर: अकाली दल भाजपा से समझौते के सपने छोड़ दें

Chandigarh, Chandigarh:ਅਕਾਲੀ ਦਲ (ਬਾਦਲ) ਭਾਜਪਾ ਨਾਲ ਸਮਝੌਤੇ ਦੇ ਸੁਪਨੇ ਛੱਡ ਕੇ ਪੰਥਕ ਏਕਤਾ 'ਤੇ ਦੇਵੇ ਧਿਆਨ: ਕਰਨੈਲ ਸਿੰਘ ਪੀਰ ਮੁਹੰਮਮਚандиਗੜ੍ਹ: ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ (ਪੁਨਰਸੁਰਜੀਤ ) ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਮੀਤ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਮੁੱਖ ਬੁਲਾਰੇ ਸਰਦਾਰ ਕਰਨੈਲ ਸਿੰਘ ਪੀਰ ਮੁਹੰਮਦ ਨੇ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ (ਬਾਦਲ) ਦੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਨੂੰ ਸਪੱਸ਼ਟ ਸਲਾਹ ਦਿੱਤੀ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਨਾਲ ਸਮਝੌਤੇ ਦੇ ਸੁਪਨੇ ਵੇਖਣੇ ਛੱਡ ਕੇ ਪੰਥਕ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਲਈ ਅੱਗੇ ਆਉਣ। ਸਰਦਾਰ ਕਰਨੈਲ ਸਿੰਘ ਪੀਰ ਮੁਹੰਮਦ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿਖੇ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਕੌਮੀ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਬੀ.ਐੱਲ. ਸੰਤੋਸ਼ ਵੱਲੋਂ ਸਾਰੀਆਂ 117 ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਸੀਟਾਂ 'ਤੇ ਆਪਣੇ ਬਲਬੂਤੇ ਚੋਣ ਲੜਨ ਦੇ ਦਿੱਤੇ ਬਿਆਨ ਨੇ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਸਾਬਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਕਿ ਭਾਜਪਾ ਸਿਰਫ਼ ਆਪਣੇ ਸਿਆਸੀ ਹਿੱਤਾਂ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, "ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਨੂੰ ਦੂਜੀਆਂ ਧਿਰਾਂ ਦੀਆਂ ਬੈਸਾਖੀਆਂ 'ਤੇ ਟੇਕ ਰੱਖਣ ਦੀ ਬਜਾਏ 2 ਦਸੰਬਰ ਦੇ ਹੁਕਮਨਾਮੇ ਮੁਤਾਬਿਕ ਸਮੁੱਚੇ ਅਕਾਲੀ ਧੜਿਆਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਮੰਚ 'ਤੇ ਇਕੱਠਾ ਕਰਨ ਲਈ ਤਿਆਗ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਦਿਖਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਅੰਦਰ ਪੰਥਕ ਸਿਆਸਤ ਨੂੰ ਕਾਇਮ ਰੱਖਣ ਲਈ ਪੰਥਕ ਏਕਤਾ ਹੀ ਇੱਕੋ-ਇੱਕ ਰਸਤਾ ਹੈ।
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रंधावा: 73 लाख किसानों ने छोड़ा फसल बीमा, कपास रकबा घटा

Chandigarh, Chandigarh:मोदी सरकार से भंग हुआ मोह, 73 लाख किसानों ने छोड़ी फसल बीमा योजना: रंधावा पंजाब और राजस्थान में एक साल के भीतर लाखों एकड़ घटा कपास का रकबाः रंधावा 'सफेद सोना' (कपास) उगाने वाला किसान खून के आंसू रोने को मजबूर, न बीमा और न सुरक्षित बाजार केंद्र सरकार जवाब दे, आखिर किसान हितैषी नीतियों का लाभ क्यों नहीं पहुंच रहा किसानों तक चंडीगढ़, 24 अगस्त 2026: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्र की मोदी सरकार पर किसानों के साथ दोहरी नाइंसाफी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ पिछले दो वर्षों में 73 लाख (29.6%) किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना छोड़ दी, वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत की पहचान रही कपास की खेती एक साल में 23 प्रतिशत तक सिमट गई। उन्होंने कहा कि ये दोनों आंकड़े बताते हैं कि केंद्र की कृषि नीतियां किसानों का भरोसा जीतने में पूरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि जब लाखों किसान बीमा योजना छोड़ रहे हैं और 'सफेद सोना' उगाने वाले किसान खेती छोड़ने को मजबूर हैं, तब केंद्र सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर उसकी किसान हितैषी नीतियों का लाभ किसानों तक क्यों नहीं पहुंच रहा। रंधावा ने कहा कि फसल बीमा योजना की सबसे बड़ी कमी यह है कि नुकसान किसान के व्यक्तिगत खेत में होता है, लेकिन मुआवजा पूरे इलाके की औसत उपज के आधार पर तय किया जाता है। अगर किसी किसान की फसल ओलावृष्टि, बाढ़ या कीटों के हमले से पूरी तरह बर्बाद हो जाए और सैटेलाइट सर्वे में पूरे क्षेत्र का औसत नुकसान कम दर्ज हो, तो उस किसान को उसके वास्तविक नुकसान के अनुरूप मुआवजा नहीं मिलता। यही कारण है कि लाखों किसानों का इस योजना से विश्वास उठ चुका है। उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतें केवल कम क्लेम तक सीमित नहीं हैं। कई मामलों में समय पर सर्वे नहीं हुआ, दोबारा सर्वे नहीं किया गया और मुआवजे की लंबी प्रक्रिया ने किसानों को निराश कर दिया। प्रीमियम समय पर वसूला जाता है, लेकिन राहत के समय किसान को कागजी प्रक्रियाओं में उलझा दिया जाता है। ऐसे उलझाया जाता है कि वह मुआवजे की आस ही छोड़ देते हैं। रंधावा ने कहा कि इससे भी अधिक चिंताजनक स्थिति कपास की खेती की है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में एक साल के भीतर करीब 6.77 लाख एकड़ कपास का रकबा घट गया और सबसे बड़ा झटका पंजाब को लगा। कभी 'सफेद सोना' कहलाने वाली कपास आज किसानों के लिए घाटे और अनिश्चितता की फसल बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि लगातार कीटों के हमले, बढ़ती लागत, घटती पैदावार और बाज़ार की अस्थिरता ने किसानों को कपास छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। रंधावा ने केंद्र सरकार से मांग की कि फसल बीमा योजना में औसत उपज की व्यवस्था खत्म कर खेत स्तर पर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए, 100 प्रतिशत नुकसान पर पूरा मुआवजा दिया जाए, कपास उत्पादकों के लिए प्रभावी सरकारी खरीद और मजबूत बाज़ार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा किसानों की आय और फसल सुरक्षा के लिए ठोस नीति लागू की जाए。
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स Sukku का भाजपा के अटैची प्रदर्शन पर तीखा पलटवार; अटैचियाँ लेकर भ्रष्टाचार का आरोप

Shimla, Himachal Pradesh:वाराणसी और दिल्ली दौरे से लौटे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा के अटैची प्रदर्शन पर तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि खाली अटैची लेकर प्रदर्शन करने के बजाय विपक्ष पांच अटैचियों में प्याज और चीनी भरकर लाता और उन्हें जनता में बांटता तो बेहतर होता। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए कहा कि अटैचियां देकर नौ विधायक खरीदे गए थे, इसलिए अब अटैचियां खाली हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में अटैची की परंपरा भाजपा ने शुरू की है। विपक्ष के भ्रष्टाचार के आरोपों पर उन्होंने कहा कि उनके साढ़े तीन साल के कार्यकाल में सरकार के किसी मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईमानदार लोगों पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को अपना दामन देखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। विजिलेंस कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के 10-10 विधायक विजिलेंस कार्यालय जा रहे हैं और कागज मांगे जाने पर जवाब देने के बजाय ड्रामा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 में भाजपा ने सुधीर शर्मा, हर्ष महाजन और राजेंद्र राणा के खिलाफ शिकायतें की थीं। अब सरकार कार्रवाई कर रही है तो भाजपा एकजुट हो गई है। मुख्यमंत्री ने हिमकेयर और PPE किट घोटाले का भी जिक्र किया। राष्ट्रगीत विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रगान सभी ने गाया, लेकिन उसके बाद उस पर सवाल उठाना ही उसका अपमान है। वहीं, वाराणसी दौरे को लेकर उन्होंने बताया कि पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्योगपतियों के साथ हिमाचल की पर्यटन संभावनाओं पर चर्चा हुई। शिवालिक हिल्स और मिड हिमालय में नए पर्यटन क्षेत्र विकसित करने पर भी विचार किया गया। मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द शुभ सूचना मिलेगी।
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हिमाचल में टैक्सी यूनियन के प्रदर्शन के बीच फिटनेस नियमों पर सरकार से टकराव

Shimla, Himachal Pradesh:ऑल हिमाचल टैक्सी ऑपरेटर एसोसिएशन की ओर से सोमवार को शिमला के चौड़ा मैदान में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। धरने में भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और आशीष शर्मा भी पहुंचे और टैक्सी ऑपरेटरों के आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि टैक्सी ऑपरेटर लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और कई जगहों पर यूनियन के सदस्य आमरण अनशन तक कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।
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अमृतसर में पुलिस ने तीन अवैध हथियारों और नशीला तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश

Amritsar, Punjab:ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ 'ਚ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਤਿੰਨ ਗੈਰਕਾਨੂੰਨੀ ਹਥਿਆਰ ਤੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਨੈੱਟਵਰਕ ਦਾ ਪਰਦਾਫਾਸ਼ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਕਮਿਸ਼ਨਰੇਟ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਵੱਡੀ ਕਾਮਯਾਬੀ ਮਿਲੀ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਤਿੰਨ ਗੈਰਕਾਨੂੰਨੀ ਹਥਿਆਰ ਅਤੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਨੈੱਟਵਰਕ ਦਾ ਪਰਦਾਫਾਸ਼ ਕਰਦਿਆਂ 5 ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਹੈ。 ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਦੇ ਕਬਜ਼ੇ 'ਚੋਂ 9 ਗੈਰਕਾਨੂੰਨੀ ਪਿਸਤੌਲ ਅਤੇ 6 ਕਿਲੋ 311 ਗ੍ਰਾਮ ਹੈਰੋਇਨ ਬਰਾਮਦ ਕੀਤੀ ਹੈ。 ਮੁੱਢਲੀ ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ ਕਿ ਮੁਲਜ਼ਮ ਕਥਿਤ ਤੌਰ 'ਤੇ ਵਿਦੇਸ਼ ਬੈਠੇ ਹੈਂਡਲਰਾਂ ਦੇ ਸੰਪਰਕ 'ਚ ਸਨ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵਿਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਗੈਰਕਾਨੂੰਨੀ ਹਥਿਆਰ ਅਤੇ ਨਸ਼ੇ ਦੀਆਂ ਖੇਪਾਂ ਮਿਲਦੀਆਂ ਸਨ ਅਤੇ ਹੈਂਡਲਰਾਂ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਮੁਤਾਬਕ ਅੱਗੇ ਸਪਲਾਈ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਸਨ。 ਇਸ ਮਾਮਲੇ 'ਚ ਥਾਣਾ ਕੈਂਟ ਅਤੇ ਥਾਣਾ ਛੇਹਰਟਾ ਵਿਖੇ ਤਿੰਨ ਐਫਆਈਆਰ ਦਰਜ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ。 ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਹੁਣ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੈੱਟਵਰਕਾਂ ਦੀਆਂ ਫਾਰਵਰਡ ਅਤੇ ਬੈਕਵਰਡ ਲਿੰਕੇਜ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੋਰ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਦੀ ਪਛਾਣ ਲਈ ਤਫ਼ਤੀਸ਼ ਜਾਰੀ ਹੈ。 ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਕਰਾਸ-ਬਾਰਡਰ ਨਸ਼ਾ ਅਤੇ ਗੈਰਕਾਨੂੰਨੀ ਹਥਿਆਰਾਂ ਦੇ ਨੈੱਟਵਰਕ ਨੂੰ ਜੜ੍ਹ ਤੋਂ ਖ਼ਤਮ ਕਰਨ ਲਈ ਕਾਰਵਾਈ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗੀ।
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