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पंजاب में BJP के ED रेड से केंद्र-राजनीति और किसान आंदोलन में तनाव बढ़ा

Chandigarh, Chandigarh:ਜੌ ਪੂਰੇ ਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਬੀਜੇਪੀ ਦੇ ਕੰਮ ਕਰਨ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੁਣ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਝੱਲਣਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ ਸੀਬੀਆਈ, ed, ਇਲੈਕਸ਼ਨ ਕਮਿਸ਼ਨ ਇਹ ਬੀਜੇਪੀ ਦੇ ਹਥੀਆਰ ਨੇ ਵੱਖ ਵੱਖ ਸਟੇਟ ਵਿੱਚ ਇਹਨਾਂ ਨੇ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋ ਕੀਤੀ ਇਹ ਰੇਡ ਕਰਕੇ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ ਬੀਜੇਪੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋ ਜਾਓ ਸਭ ਕੁਝ ਖਤਮ ਅਸ਼ੋਕ ਮਿੱਤਲ ਦੇ ਘਰ 2 ਦਿਨ ਰੇਡ ਪਈ ਅਤੇ ਬੀਜੇਪੀ ਵਿੱਚ ਉਸਨੂੰ ਸ਼ਾਮਿਲ ਕਰਕੇ ਸਨਮਾਨਿਟ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੰਜੀਵ ਅਰੋੜਾ ਦੇ ਘਰ ਤੀਜੀ ਵਾਰ ਰੇਡ ਪਈ ਹੈ ਮੋਦੀ ਅਤੇ ਅਮਿਤ ਸ਼ਾਹ ਸਮਝ ਲੈਣ ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਹੈ ਝੁਕਣ ਵਾਲਾ ਨਹੀਂ ਮੋਦੀ ਨੂੰ ਕਿਸਾਨੀ ਅੰਦੋਲਨ ਦੇ ਸਮੇਂ ਝੁਕਣਾ ਪੀਆ ਸੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਅੱਗੇ ਇਹੀ ਇਹਨਾ ਦਾ ਦਰਦ ਹੈ ਜੌ ਬਦਲਾ ਲੇ ਰਹੇ ਨੇ ਕੇਂਦਰ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਤੰਗ ਕਰਨ ਦਾ ਕੋਈ ਮੌਕਾ ਨਹੀਂ ਛੱਡ ਰਹੇ ਕੁਝ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਇਕ ਰੈਡ ਵਿੱਚ ਨਾਲ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਓਹ ਅਮਨ ਅਰੋੜਾ ਦਾ ਮਿੱਤਰ ਹੈ ਹੁਣ ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਫੋਟੋ ਖਿਚਵਾਨਾ ਗੁਨਾਹ ਹੈ ਅਮਰੀਕਾ ਦੀ ਫਾਈਲ ਵਿਚ ਸਾਡੇ ਕੇਂਦਰੀ ਮੰਤਰੀ ਦਾ ਨਾਮ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ ਬੰਗਾਲ ਵਿੱਚ ਅੱਗ ਲੱਗੀ ਪਈ ਹੈ Punjab ਦੇ ਅੰਦਰ ਹਿੰਦੂ ਸਿੱਖ ਨਹੀਂ ਚੱਲਣ ਵਾਲਾ ਇਥੇ ਨਫ਼ਰਤ ਦਾ ਬੀਜ ਨਹੀਂ ਉੱਗੇਗਾ ਸਾਡੇ ਛੋਟੇ ਸਾਹਿਬਜ਼ਾਦੇ ਝੁਕੇ ਨਹੀਂ, ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਨੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵਾਰ ਦਿੱਤਾ Sunil jakhad ਕਹਿ ਰਿਹਾ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਤੇ ਦੇਸ਼ ਧ੍ਰੋਹ ਦਾ ਕੇਸ ਕਰੋ ਤੁਸੀ ਸਾਨੂੰ certificate ਦੇਵੇਗੀ ਜਿਸ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਦਰਦ ਹੰਢਿਆ RSS ਨੇ ਆਪਣੇ ਆਫਿਸ ਤੇ ਕਦੇ ਤ੍ਰਿੰਗਾ ਝੰਡਾ ਨਹੀਂ ਲਹਿਰਾਇਆ Amit ਸ਼ਾਹ ਅਤੇ ਮੋਦੀ ਨੇ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਆਜ਼ਾਦੀ ਵੇਲੇ ਕੀ ਕੁਰਬਾਨੀ ਦਿੱਤੀ ਸਾਵਰਕਰ ਨੇ ਅੰਗਰੇਜਾਂ ਦੀ ਮਿੰਨਤ ਕੀਤੀ ਭਾਰਤ ਜਲਾਓ ਪਾਰਟੀ ਹੈ ਬੀਜੇਪੀ ਪੰਜਾਬ ਵਲ ਅੱਖ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਅੱਖ ਕੱਢ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਅਸੀ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਪੇਟ ਭਰਨ ਲਈ ਆਪਣੀ ਧਰਤੀ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਖਰਾਬ ਕਰ ਲਿਆ 2027 ਵਿੱਚ ਬੀਜੇਪੀ ਦਾ ਵਿਜੈ ਰੱਥ ਰੁਕਣ ਵਾਲਾ ਹੈ ਅਤੇ ਪਹਿਲਾ ਵਾਲਾ ਵੀ ਖਤਮ ਹੋਣ ਵਾਲਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਤਰੱਕੀ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰੋ ਬੀਜੇਪੀ ਸਾਡਾ ਕੇਂਦਰ ਦਾ ਪੈਸੇ ਵਾਪਿਸ ਕਰੇ ਅਤੇ ਉਸਦਾ ਪਰਚਾਰ ਕਰੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹੜ ਦੇ ਪੈਸੇ ਹਲੇ ਤਕ ਸਾਨੂੰ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤੇ ਜਨ ਗਨ ਮਨ ਵਿਚੋਂ ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਕੜੱਕੇ UP ਸ਼ਾਮਿਲ ਕਰਨ ਲਈ ਤਿਆਰ ਨੇ ਬੀਜੇਪੀ ਬੰਬ ਬਲਾਸਟ ਕਰਦੀ ਹੈ, ed ਦੀ ਰੇਡ ਕਰਵਾਉਂਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਚਲਣਾ ਬੀਜੇਪੀ ਜੌ ਨੋਟਿਸ ਮਰਜ਼ੀ ਭੇਜ ਦੇਵੇ, ਮੈ ਤਾਂ ਅੱਜ ਵੀ ਬਿਆਨ ਦੇ ਦਿੱਤਾ ਬਾਦਲ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਕਾਨੂੰਨ ਪਸੰਦ ਨਹੀਂ ਬਾਕੀ ਸਭ ਨੂੰ ਪਸੰਦ ਹੈ अकਾਲ ਤਖਤ ਦੇ ਜਥੇਦਾਰ ਤੇ ਵੱਡਾ ਬਿਆਨ ਮੀਟਿੰਗ 15 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਬੁਲਾਓ 30 ਦਿਨਾਂ ਬੁਲਾਓ 45 ਦਿਨਾਂ ਬੁਲਾਓ ਕਨੂਨ ਵਾਪਸੀ ਨਹੀਂ ਹੋਏਗੀ
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RCF स्विमिंग पूल हादसे में 11 वर्षीय छात्र डूबा, एंबुलेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल

Kapurthala, Punjab:RCF स्विमिंग पूल हादसा: 11 वर्षीय छात्र की डूबने से मौत, एंबुलेंस व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल कपूरथला के रेल कोच फैक्ट्री (RCF) परिसर में बने स्विमिंग पूल में एक दर्दनाक हादसे के दौरान 11 वर्षीय छात्र की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे RCF परिसर में शोक की लहर है। हालांकि मृतक बच्चे के परिवार ने पुलिस कार्रवाई करवाने से साफ इनकार कर दिया है और बच्चे का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, आरसीएफ कर्मचारी सत्य प्रकाश मीणा का 11 वर्षीय बेटा पहली बार स्विमिंग सीखने के लिए वीरवार को स्विमिंग पूल पहुंचा था। इसी दौरान वह पानी में डूब गया और उसकी हालत गंभीर हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकालकर बचाने का प्रयास किया और एंबुलेंस को सूचना दी। लेकिन हादसे के बाद सामने आई लापरवाही ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यूनियन नेताओं का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति में बुलवाई गई एंबुलेंस समय पर स्टार्ट ही नहीं हुई, जिसके चलते बेसुध बच्चे को बाइक पर ही RCF के सिविल अस्पताल पहुंचाना पड़ा। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। RCF एम्प्लॉई यूनियन नेता भरत राज ने कहा कि यदि समय रहते चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है。 घटना के बाद यूनियन नेताओं ने RCF महाप्रबंधक को पत्र लिखकर स्विमिंग पूल पर प्रशिक्षित लाइफ सेविंग गार्ड और स्विमिंग ट्रेनर की स्थायी तैनाती सुनिश्चित करने की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके। वहीं DSP शीतल सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार ने किसी भी प्रकार की पुलिस कार्रवाई करवाने से इनकार किया है। इस संबंध में RCF के सीपीआरओ अमन कुमार ने कहा कि एंबुलेंस से जुड़े मामले में प्रिंसिपल चीफ मेडिकल ऑफिसर द्वारा जांच के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही पूरे हादसे की भी जांच करवाई जाएगी।
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मंदिर के पास लावारिस ई-स्कूटर से दहशत, पूरा इलाका पुलिस छावनी

Tarn Taran Sahib, Punjab:मंदिर के पास लावारिस ई-स्कूटर से फैली दहशत, पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील ढाई घंटे बाद सामने आया मालिक; बम निरोधक दस्ता पहुंचने से पहले खुला मामला तरन तारन में मंदिर के नजदीक एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर लावारिस हालत में खड़ा मिलने से शनिवार शाम दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही तरन तारन पुलिस ने एहतियातन पूरे इलाके को घेर लिया, आसपास की दुकानों को बंद करवाया और क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। खुली डिग्गी और चाबी लगी होने से बढ़ी आशंका
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लाइसेंस बिना खाना बनाते टैंट गोदाम में भारी अवैध पटाखा भंडार उजागर

Kapurthala, Punjab:कपूरथला: पुरानी दाना मंडी में टैंट हाउस के गोदाम पर छापा कपूरथला के पुरानी दाना मंडी क्षेत्र में स्थित एक टैंट हाउस के गोदाम में बिना लाइसेंस गंदे और अस्वच्छ माहौल में खाद्य सामग्री तैयार किए जाने तथा अवैध रूप से पटाखों के भंडारण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया。 खाद्य सामग्री तैयार करने में मिली गंभीर लापरवाही मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक फूड कमिश्नर डा. हरजोतपाल सिंह अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। जांच के दौरान पाया गया कि बिना किसी वैध लाइसेंस के गंदगी भरे वातावरण में खाद्य सामग्री तैयार की जा रही थी, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। पानी की बोतलों के लिए गए सैंपल फूड सेफ्टी टीम ने मौके से पानी की 16 बोतलों के सैंपल लेकर उन्हें सील कर दिया और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने गोदाम मालिक को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना लाइसेंस किसी भी प्रकार का खाना तैयार करना और लोगों को परोसना कानूनन गलत है। गोदाम में मिला अवैध पटाखा भंडारण छापेमारी के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में अवैध रूप से पटाखों का भंडारण भी पाया गया। इसके अलावा मौके पर घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। रिहायशी इलाके में विस्फोटक सामग्री से बढ़ा खतरा अधिकारियों के अनुसार रिहायशी इलाके में इस तरह विस्फोटक सामग्री रखना सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन है। घरेलू गैस सिलेंडरों के साथ पटाखों का भंडारण बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता था। पुलिस और पीसीआर टीम ने की जांच मौके पर पहुंची पीसीआर टीम के एएसआई कुलदीप सिंह, एएसआई बलविंदर सिंह और हेड कांस्टेबल ज्योति ने गोदाम की गहन तलाशी ली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी थाना सिटी पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है。 “बिना लाइसेंस खाना तैयार नहीं किया जा सकता” — डा. हरजोतपाल सिंह सहायक फूड कमिश्नर डा. हरजोतपाल सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि टैंट हाउस के गोदाम में गंदगी के माहौल में खाना तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित टैंट मालिक कैटरिंग का कार्य करता है, लेकिन उसके पास कोई फूड लाइसेंस नहीं है। इसलिए बिना लाइसेंस खाना तैयार नहीं किया जा सकता। “कभी भी हो सकता था बड़ा हादसा” — पुलिस अधिकारी पीसीआर टीम के अधिकारियों ने बताया कि मौके पर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और घरेलू सिलेंडर पाए गए। उनका कहना था कि टैंट के गोदाम में खाना बनाना और साथ ही पटाखों का भंडारण करना बेहद असुरक्षित है और इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। टैंट मालिक ने दी सफाई टैंट हाउस के मालिक बलराम गुप्ता ने स्वीकार किया कि उनके पास कैटरिंग का लाइसेंस नहीं है। उन्होंने कहा कि गोदाम में केवल लंगर तैयार किया जा रहा था, जबकि पटाखों का सामान उनके एक रिश्तेदार का है जिसे जल्द हटवा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर उनके परिवार से संबंधित हैं। हालांकि गंदगी भरे माहौल में खाना तैयार करने के सवाल पर वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। राजनीतिक संरक्षण लेने की चर्चा सूत्रों के अनुसार छापेमारी के बाद संबंधित लोग विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए राजनीतिक संपर्कों का सहारा लेने में जुट गए। आरोप है कि टीम के वहां से जाते ही कुछ राजनीतिक लोगों से संपर्क कर कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिशें शुरू कर दी गईं। मीडिया की मौजूदगी में हुई कार्रवाई मौके पर मीडिया की मौजूदगी और वीडियोग्राफी के चलते पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग हुई। ऐसे में मामला अब कानूनी कार्रवाई की ओर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है।
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हिमाचल में पंचायत निर्वाचन: नामांकन का दूसरा दिन, कुल 25,671 दाखिले; कांगड़ा में सबसे अधिक

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनाव के लिए शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल करने का दूसरा दिन रहा। इसके बाद अब 11 मई को नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। नामांकन के दूसरे दिन प्रदेशभर में कुल 25,671 नामांकन पत्र प्राप्त हुए। जिला कांगड़ा में सबसे अधिक 5,989 नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जबकि जिला लाहौल-स्पीति में सबसे कम 209 नामांकन पत्र प्राप्त हुए। बिलासपुर — 1281 चंबा — 2581 हमीरपुर — 1548 कांगड़ा — 5989 किन्नौर — 423 लाहौल-स्पीति — 209 कुल्लू — 1504 मंडी — 4180 शिमला — 2675 सिरमौर — 1797 सोलन — 1543 ऊना — 1941 7 मई को प्रदेशभर में कुल 16,891 नामांकन पत्र प्राप्त हुए थे। नामांकन पत्रों की जांच संबंधित रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा 12 मई को सुबह 10 बजे के बाद की जाएगी। चुनाव मैदान में उतरने वाले उम्मीदवार 15 मई को नामांकन वापस ले सकेंगे, जिसके तुरंत बाद चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश में मतदान तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को सुबह 7 बजे से शाम 3 बजे तक मतपत्र और मतपेटियों के माध्यम से करवाया जाएगा।
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झूठे एजेंटों के चक्र में फँसा युवक, अमेरिका भेजने के बहाने 47 लाख ठगे

Moga, Punjab:ਡੰਕੀ ਰੂਟ ਨੇ ਉਜਾੜਿਆ ਪਰਿਵਾਰ: ਕਰੀਬ 48 ਲੱਖ ਗਵਾਏ, ਅਮਰੀਕਾ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਸਾਲ ਜੇਲ੍ਹ ਕੱਟ ਕੇ ਵਾਪस ਆਏ ਨੌਜਵਾਨ ਨੇ ਸੁਣਾਈ ਆਪਣੀ ਦੁੱਖ ਭਰੀ ਦਾਸਤਾਂ ! ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰਾਂ ਦੇ ਭਰੋਸੇ ‘ਚ ਆ ਕੇ ਹੋਈ ਠੱਗੀ, ਪੈਸੇ ਲੈਂਦੇ ਵੀਡੀਓ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਮਾਮਲਾ, ਇੱਕ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਿਮ ਸਣੇ ਤਿੰਨ ਲੋਕ ਖਿਲਾਫ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ! ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਆਪਣੀ ਦਰਦ ਭਰੀ ਕਹਾਣੀ ਸੁਣਾਈ। ਉਸਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਚੰਗੇ ਭਵਿੱਖ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਸੁਪਨੇ ਪੂਰੇ ਕਰਨ ਲਈ ਉਸਨੇ ਅਮਰੀਕਾ ਜਾਣ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਕੀਤਾ ਸੀ। ਆਪਣੇ ਚਚੇਰੇ ਭਰਾ ਦੇ ਕਹਿਣ ‘ਤੇ ਉਸਨੇ ਵਿਦੇਸ਼ ਜਾਣ ਦੀ ਯੋਜਨਾ ਬਣਾਈ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਉਦੱਦੇ ਉਸਦਾ ਸੰਪਰਕ ਸ਼ਾਹਕੋਟ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਦੋ ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰਾਂ ਕਾਕੂ ਸਿੰਘ, ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਵਿੱਚ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਹੈ, ਅਤੇ ਮੰਗਲ ਸਿੰਘ ਨਾਲ ਹੋਇਆ। ਦੋਵਾਂ ਨੇ ਉਸਨੂੰ ਭਰੋਸਾ ਦਿਵਾਇਆ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਕੋਲ ਇੱਕ ਭਰੋਸੇਯੋਗ ਏਜੰਟ ਹੈ ਜੋ ਉਸਨੂੰ ਅਮਰੀਕਾ ਭੇਜੇਗਾ ਅਤੇ ਉੱਥੇ ਸੈੱਟ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 44 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਲਏ ਜਾਣਗੇ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਜਲੰਧਰ ਦੇ ਏਜੰਟ ਨਗਿੰਦਰ ਖੁੱਲਰ ਨਾਲ ਮੁਲਾਕਾਤ ਕਰਵਾਈ। ਏਜੰਟ ਨੇ ਯਕੀਨ ਦਿਵਾਇਆ ਕਿ ਉਹ ਉਸਨੂੰ ਕਾਨੂੰਨੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਅਮਰੀਕਾ ਭੇਜੇਗਾ ਅਤੇ ਕੋਈ ਸਮੱਸਿਆ ਨਹੀਂ ਆਵੇਗੀ。 ਏਜੰਟ ਦੀ ਯੋਜਨਾ ਮੁਤਾਬਕ 21 ਅਕਤੂਬਰ 2024 ਨੂੰ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਵਿਜ਼ਟਰ ਵੀਜ਼ੇ ‘ਤੇ ਦਿੱਲੀ ਤੋਂ ਤੁਰਕੀ ਭੇਜਿਆ ਗਿਆ, ਜਿੱਥੋਂ ਉਸਨੂੰ ਅੱਗੇ ਅਮਰੀਕਾ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਜਾਣਾ ਸੀ। ਪਰ ਤੁਰਕੀ ਪਹੁੰਚਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਏਜੰਟ ਨੇ ਉਸਨੂੰ ਡੰਕੀ ਰੂਟ ‘ਤੇ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਡੰਕਰਾਂ ਦੇ ਹਵਾਲੇ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਉੱਥੇ ਭਾਰਤ ਦੇ ਹੋਰ ਕਈ ਨੌਜਵਾਨ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ। ਸਭ ਨੂੰ ਇੱਕ ਹੋਟਲ ਵਿੱਚ ਕਰੀਬ 15 ਦਿਨ ਤੱਕ ਬੰਦ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ, ਜਿੱਥੇ ਨਾ ਢੰਗ ਦਾ ਖਾਣਾ ਮਿਲਦਾ ਸੀ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਕੋਈ ਸਹੂਲਤ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੱਸ ਰਾਹੀਂ ਗ੍ਰੀਸ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ। ਗ੍ਰੀਸ ਪਹੁਚਣ ‘ਤੇ ਡੰਕਰਾਂ ਨੇ ਸਾਰਾ ਸਮਾਨ ਖੋਹ ਲਿਆ ਅਤੇ ਉੱਥੋਂ ਨਰਕ ਭਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਹੋਈ। ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹ ਕਰੀਬ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਜੰਗਲਾਂ ਵਿੱਚ ਰਿਹਾ, ਜਿੱਥੇ ਨਾ ਖਾਣ ਲਈ ਕੁਝ ਹੁੰਦਾ ਸੀ ਅਤੇ ਨਾ ਰਹਿਣ ਲਈ ਕੋਈ ਢੰਗ ਦੀ ਥਾਂ। ਕਈ ਵਾਰ ਘਣੇ ਜੰਗਲਾਂ ਵਿੱਚ ਪੈਦਲ ਤੁਰਨਾ ਪਿਆ, ਕਦੇ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲਾਂ ‘ਤੇ ਸਫਰ ਕਰਨਾ ਪਿਆ ਅਤੇ ਕਈ ਵਾਰ ਦਰਿਆ ਵੀ ਪਾਰ ਕਰਨੇ ਪਏ。 ਉਸਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਡੰਕਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜਾਨੋਂ ਮਾਰਨ ਦੀਆਂ ਧਮਕੀਆਂ ਦੇ ਕੇ ਘਰ ਵੀਡੀਓ ਕਾਲ ਕਰਵਾਈ ਜਾਂਦੀ ਸੀ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰ ਤੋਂ ਪੈਸੇ ਮੰਗੇ ਜਾਂਦੇ ਸਨ। ਪਰਿਵਾਰ ਨੇ ਜਿੰਨਾ ਪੈਸਾ ਮੰਗਿਆ ਗਿਆ, ਉਤਨਾ ਭੇਜਿਆ ਅਤੇ ਲਗਭਗ ਦੋ ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ 47 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੇ ਦਿੱਤੇ। ਪੈਸੇ ਲੈਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਡੰਕਰ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਮਰੀਕਾ ਬਾਰਡਰ ਤੱਕ ਲੈ ਗਏ ਅਤੇ ਸਰਹੱਦ ਪਾਰ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ, ਪਰ ਅਮਰੀਕੀ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਸਭ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕਰ ਲਿਆ। ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਸਨੂੰ ਇੱਕ ਸਾਲ ਤੱਕ ਜੇਲ੍ਹ ਵਿੱਚ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ, ਜਿੱਥੇ ਬਹੁਤ ਮਾੜਾ ਖਾਣਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਸੀ ਅਤੇ ਕਈ ਵਾਰ ਬਿਨਾਂ ਕੱਪੜਿਆਂ ਦੇ ਠੰਢੇ ਕਮਰਿਆਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਸੀ। ਉਸਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਡੇਢ ਸਾਲ ਨਰਕ ਵਰਗੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਗੁਜ਼ਾਰੀ। ਇੱਕ ਸਾਲ ਬਾਅਦ ਅਮਰੀਕੀ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਉਸਦਾ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰਵਾਇਆ ਅਤੇ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਮਗਰੋਂ ਉਸਨੂੰ ਭਾਰਤ ਵਾਪਸ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ। ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਸਦੇ 47 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਵੀ ਡੁੱਬ ਗਏ ਅਤੇ ਸੁਪਨੇ ਵੀ ਟੁੱਟ ਗਏ। ਉਸਨੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਵਿਦੇਸ਼ ਜਾਣ ਲਈ ਗਲਤ ਰਾਹ ਨਾ ਚੁਣਨ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਰਹਿ ਕੇ ਮਿਹਨਤ ਕਰਨ। ਨਾਲ ਹੀ ਉਸਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਅਜਿਹੇ ਏਜੰਟਾਂ ਨੂੰ ਸਖ਼ਤ ਸਜ਼ਾ ਮਿਲਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੱਘ ਦੇ ਪਿਤਾ ਮਹਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨਾਲ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਆਪਣੇ ਹੀ ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰਾਂ ਨੇ ਧੋਖਾ ਕੀਤਾ। ਪਹਿਲਾਂ ਏਜੰਟ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਪੁੱਤਰ ਨੂੰ ਵਿਦੇਸ਼ ਭੇਜਣ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਕਿ ਅਮਰੀਕਾ ਪਹੁੰਚਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੀ 44 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਲਏ ਜਾਣਗੇ। ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਕਰ ਲਿਆ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਪੁੱਤਰ ਵੱਡੇ ਸੁਪਨੇ ਲੈ ਕੇ ਘਰ ਤੋਂ ਨਿਕਲਿਆ ਸੀ, ਪਰ ਗਲਤ ਏਜੰਟ ਦੇ ਚੱਕਰ ਵਿੱਚ ਸਭ ਕੁਝ ਬਰਬਾਦ ਹੋ ਗਿਆ। ਪਰਿਵਾਰ ਨੇ ਜ਼ਮੀਨ ਅਤੇ ਸੋਨਾ ਵੇਚ ਕੇ 47 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦਿੰਦੇ। ਪੁਤਰ ਅਮਰੀਕਾ ਪਹੁੰਚਣ ਦੌਰਾਨ ਫੜਿਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਇੱਕ ਸਾਲ ਜੇਲ੍ਹ ਵਿੱਚ ਰਹਿਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵਾਪਸ ਘਰ ਆਇਆ। ਪਿਤਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੁਤਰ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਘਰ ਵਾਪਸ ਆਇਆ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਘਰ ਵਿੱਚ ਹੀ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ। ਜਦੋਂ ਏਜੰਟ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਤਾਂ ਉਸਨੇ ਧਮਕੀਆਂ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀਆਂ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਤੋਂ ਇਨਕਾਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਪਿਤਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੈਸੇ ਦਿੰਦੇ ਸਮੇਂ ਦੀਆਂ ਕੁਝ ਵੀਡੀਓਜ਼ ਉਹਨਾਂ ਕੋਲ ਮੌਜੂਦ ਸਨ। ਜਦੋਂ ਏਜੰਟ ਨੇ ਇਨਕਾਰ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਉਹ ਮੋਗਾ ਦੇ ਐਸਐਸਪੀ ਕੋਲ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਲੈ ਕੇ ਪਹੁੰਚੇ। ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਪੈਸੇ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਵੀਡੀਓਜ਼ ਦਿਖਾਈਆਂ ਗਈਆਂ, ਜਿਸ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰ ਲਿਆ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਅਜਿਹੇ ਏਜੰਟਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਜੋ ਭਵਿੱਖ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਹੋਰ ਪਰਿਵਾਰ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਬਰਬਾਦ ਨਾ ਹੋਵੇ。
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