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ਡਰੇਨ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚੋਂ ਲੰਘਣ ਵਾਲੀਆਂ ਟ੍ਰੇਨਾਂ ਦੀ ਸਫਾਈ ਕਰਨ ਦੇ ਦਾਅਵੇ
Mansa, Punjab:ਮਾਨਸਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ 'ਚ ਡਰੇਨ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਮੌਨਸੂਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਫਾਈ ਦਾ ਦਾਅਵਾ। ਐਕਸੀਅਨ ਸਰੂਪ ਚੰਦ ਅਨੁਸਾਰ 38 'ਚੋਂ 26 ਡਰੇਨਾਂ ਦੀ ਸਫਾਈ ਮੁਕੰਮਲ। 13 ਡਰੇਨਾਂ ਦੀ ਸਫਾਈ ਮਨਰੇਗਾ ਰਾਹੀਂ, 4 ਦੀ ਐਸਡੀਐਮਐਫ ਅਤੇ ਵਿਭਾਗੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਨਾਲ। ਐਸਡੀਐਮਐਫ ਫੰਡ 'ਚੋਂ 67 ਲੱਖ ਅਤੇ ਨਾਨ-ਪਲੇਨ 'ਚੋਂ 56 ਲੱਖ ਖਰਚ। ਬਾਕੀ ਡਰੇਨਾਂ ਦੀ ਸਫਾਈ 21 ਜੁਲਾਈ ਤੱਕ ਪੂਰੀ ਹੋਣ ਦੀ ਉਮੀਦ। ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਹੜ੍ਹ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤਿਆਰੀਆਂ ਦਾ ਦਾਅਵਾ।
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पंजाब पुलिस में बड़ा फेरबदल: 12 PPS अधिकारियों का तबादला, IPS से PPS तक बदलाव
Sahibzada Ajit Singh Nagar, Punjab:पंजाब पुलिस में एक और बड़ा फेरबदल: 8 IPS अधिकारियों से बाद अब 12 PPS अधिकारियों का तबादला। PPS मनप्रीत सिंह SSP पठानकोट के पदोन्नत।0
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पंजाब पुलिस में बड़े तबादले, वरुण शर्मा बने मोहाली SSP
Chandigarh, Chandigarh:ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਵਿੱਚ ਵੱਡੇ ਤਬਾਦਲੇ. ਵਰੁਣ ਸ਼ਰਮਾ ਬਣੇ ਮੁਹਾਲੀ ਦੇ SSP. ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਭੁੱਲਰ ਨੂੰ ਲਗਾਇਆ ਗਿਆ IG ਬਾਰਡਰ ਰੇਂਜ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ.0
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बिक्रम ठाकुर का आरोप: सरकार सवालों से भागी, दोहरे मापदंड का आरोप
Shimla, Himachal Pradesh:पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवालों का सीधा जवाब देने के बजाय विषयों को गोलमोल कर देती है या तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करती है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सरकार से सवाल जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर पूछे जाते हैं, ऐसे में सरकार को तथ्यात्मक और स्पष्ट जवाब देना चाहिए। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि आज शिक्षण संस्थानों को बंद करने और दोबारा खोलने को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में 15 अप्रैल 2025 को परागपुर में एसडीएम कार्यालय खोलने की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि today तक यह कार्यालय धरातल पर शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार विधानसभा में कहती है कि जनगणना के चलते नए प्रशासनिक कार्यालय नहीं खोले जा सकते, वहीं दूसरी ओर एसडीएम कार्यालय चार दिन में खोलने की बात कही जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे आम जनता को गुमराह किया जा रहा है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि यदि प्रशासनिक इकाइयां खोलने पर रोक है तो सरकार को नई घोषणाएं नहीं करनी चाहिए। उन्होंने इसे सरकार का दोहरा मापदंड बताया। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के समय खोले गए शिक्षण संस्थानों को कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद बंद किया था। उस समय सरकार की ओर से कहा गया था कि गुणवत्ता और मांग के आधार पर संस्थानों को खोला जाएगा। अब उन्हीं संस्थानों को दोबारा खोला जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि तीन-चार साल पहले बंद किए गए संस्थान आज फिर से खोले जा रहे हैं तो क्या यह उन क्षेत्रों के लोगों के साथ धोखा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जब संस्थानों को बंद किया गया था तब क्या आधार था और अब उन्हें दोबारा खोलने की जरूरत क्यों पड़ रही है। बिक्रम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार के चुनावी वादों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन आज इस वादे की स्थिति क्या है, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि हर साल एक लाख नौकरियां देने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के दावे किए गए थे, लेकिन धरातल पर स्थिति अलग है। उन्होंने कहा कि सरकार के चार साल के कार्यकाल में उसके चुनावी वादों की वास्तविकता सामने आ गई है। मुख्यमंत्री के उस बयान पर कि जयराम ठाकुर दिन में सपने देख रहे हैं, बिक्रम ठाकुर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि 2027 में कौन सत्ता में आएगा, यह जनता तय करेगी। उन्होंने दावा किया कि पंचायतों, जिला परिषदों और नगर निकायों में भाजपा का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा सभी फैसलों को रद्द करने के लिए समीक्षा नहीं करेगी, बल्कि यह देखा जाएगा कि कौन-से फैसले प्रदेश और जनता के हित में हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों को केवल राजनीतिक कारणों से बंद करने की समीक्षा जरूर की जाएगी और जनहित में आवश्यक संस्थानों को चलाया जाएगा। बिक्रम ठाकुर ने सिरमौर में खनन क्षेत्र में हुए हादसे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हादसे में तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें दो नेपाल के नागरिक और एक सिरमौर का निवासी था। उन्होंने सवाल उठाया कि बरसात के दौरान जब खनन पर नियमों के तहत रोक रहती है तो उस स्थान पर खनन कैसे चल रहा था। उन्होंने कहा कि संबंधित खदानें खान सुरक्षा महानिदेशालय के नियमों और दिशा-निर्देशों के अधीन आती हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या संबंधित खदान में सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था और यदि निरीक्षण के दौरान कोई आपत्ति या निर्देश दिए गए थे तो उनका पालन क्यों नहीं हुआ। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि इस मामले में संबंधित मंत्री की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिला और यह कहा गया कि अधिकारियों से रिपोर्ट आने के बाद जानकारी दी जाएगी। उन्होंने मांग की कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। पूर्व उद्योग मंत्री ने मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए केंद्र सरकार की ओर से बड़ी परियोजना हिमाचल को दी गई थी, लेकिन प्रदेश में इसका धरातल पर अपेक्षित काम दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों के आने और बैठकें होने की बात करती है, लेकिन वास्तविक निवेश और उत्पादन के मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल डिवाइस पार्क के हिस्सों को अलग-अलग करने का फैसला केवल कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया। बल्क ड्रग पार्क का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 225 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए थे, लेकिन अभी तक इसका पूरा उपयोग नहीं हुआ है। उनके अनुसार करीब 125 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और लगभग 100 करोड़ रुपये अभी भी खर्च होना बाकी हैं। उन्होंने कहा कि इतना महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मिलने के बावजूद यदि निर्धारित धनराशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है तो यह सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। बिक्रम ठाकुर ने आपदा के दौरान केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता को लेकर कहा कि हिमाचल को विभिन्न मदों के माध्यम से लगातार राशि मिल रही है। उन्होंने कहा कि 1500 करोड़ रुपये की सहायता को लेकर यह धारणा नहीं बनाई जानी चाहिए कि केंद्र सरकार ने यह राशि मुख्यमंत्री को सीधे दे दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से अलग-अलग योजनाओं और मदों के माध्यम से हिमाचल को सहायता मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि आपदा के बाद केंद्र से हजारों करोड़ रुपये की सहायता विभिन्न मदों में प्रदेश को मिली है और भाजपा इस संबंध में अलग से पूरा विवरण सार्वजनिक करेगी। युवाओं के रोजगार के सवाल पर बिक्रम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हर व्यक्ति को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है। इसके लिए औद्योगिक क्षेत्र को मजबूत करना होगा। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में 120 से अधिक उद्योग प्रदेश से बाहर चले गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाने में विफल रही है। उन्होंने बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि उद्योगों के सामने कई तरह की समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटन और उद्योग दो ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें रोजगार की बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन सरकार इन क्षेत्रों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दे रही है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए भाजपा सरकार ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना शुरू की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास युवाओं के रोजगार को लेकर स्पष्ट रोडमैप है। सरकारी नौकरियों के साथ-साथ उद्योग, पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार के दावों और धरातल की स्थिति में बड़ा अंतर है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।0
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उत्तराखंड FIR के विरोध में हिमाचल कांग्रेस का शिमला प्रदर्शन, सुक्खू का आरोप तानाशाही
Noida, Uttar Pradesh:Yesterday’s Protest राहुल गांधी के खिलाफ FIR पर हिमाचल कांग्रेस का प्रदर्शन, CM सुक्खू बोले- भाजपा ने शुरू किया तानाशाही का नया ट्रेंड लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के विरोध में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को शिमला में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के समीप प्रदर्शन करते हुए भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और एफआईआर तत्काल वापस लेने की मांग की। कांग्रेस ने एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई को लोकतंत्रिक अधिकारों का हनन बताया। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किया गया, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय इस घटना पर आपत्ति जताने वाले राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना निंदनीय है। CM सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा ने तानाशाही का नया ट्रेंड शुरू किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा सर्व समाज की विचारधारा है और भाजपा राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने तथा अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारें राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए कानून और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बाइट—- सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश0
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क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी: युवराज सिंह स्टैंड में मुफ्त प्रवेश की घोषणा
Chandigarh, Chandigarh:ਕ੍ਰਿਕਟ ਪ੍ਰੇਮੀਆਂ ਲਈ ਵੱਡੀ ਖੁਸ਼ਖਬਰੀ ਪੀਸੀਏ ਸਕੱਤਰ ਗੁਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਮੀਤ ਹੇਅਰ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ੇਰ-ਏ-ਪੰਜਾਬ ਟੀ-20 ਲੀਗ ਲਈ ਦਰਸ਼ਕਾਂ ਲਈ ਯੁਵਰਾਜ ਸਿੰਘ ਸਟੈਂਡ ਵਿੱਚ ਮੁਫ਼ਤ ਦਾਖ਼ਲੇ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕ੍ਰਿਕਟ ਪ੍ਰੇਮੀਆਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਅਤੇ ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਲਈ ਗੇਟ ਨੰਬਰ 6 ਨੇੜੇ ਦੁਸਹਿਰਾ ਗਰਾਊਂਡ ਵਿਖੇ ਪਾਰਕਿੰਗ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ: ਪੀਸੀਏ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਮਰਜੀਤ ਮਹਿਤਾ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 1 ਸਤੰਬਰ: ਕ੍ਰਿਕਟ ਪ੍ਰੇਮੀਆਂ ਨੂੰ ਬਿਹਤਰੀਨ ਅਤੇ ਯਾਦਗਾਰ ਕ੍ਰਿਕਟਿੰਗ ਅਨੁਭਵ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਕ੍ਰਿਕਟ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ (ਪੀਸੀਏ) ਨੇ ਮੈਨਕਾਈਂਡ ਫਾਰਮਾ ਸ਼ੇਰ-ਏ-ਪੰਜਾਬ ਟੀ-20 ਲੀਗ 2026 ਦੇ ਮੈਚ ਦੇਖਣ ਲਈ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਦਰਸ਼ਕਾਂ ਲਈ ਯੁਵਰਾਜ ਸਿੰਘ ਸਟੈਂਡ ਵਿੱਚ ਮੁਫ਼ਤ ਦਾਖ਼ਲੇ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਇਹ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ 30 ਅਗਸਤ ਤੋਂ 13 ਸਤੰਬਰ ਤੱਕ ਆਈ.ਐੱਸ. ਬਿੰਦਰਾ ਸਟੇਡੀਅਮ, ਮੋਹਾਲੀ ਵਿਖੇ ਖੇਡਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਪੀਸੀਏ ਦੇ ਸਕੱਤਰ ਗੁਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਮੀਤ ਹੇਅਰ ਵੱਲੋਂ ਐਲਾਨੀ ਇਸ ਪਹਿਲਕਦਮੀ ਦਾ ਉਦੇਸ਼ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਕ੍ਰਿਕਟ ਪ੍ਰੇਮੀਆਂ ਨੂੰ ਸਟੇਡੀਅਮ ਤੱਕ ਲਿਆਉਣਾ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਟੀ-20 ਲੀਗ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਮਨਪਸੰਦ ਅਤੇ ਉੱਭਰਦੇ ਕ੍ਰਿਕਟ ਸਿਤਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ ਸਿੱਧਾ ਖੇਡਦੇ ਦੇਖ ਸਕਣ। ਪੀਸੀਏ ਦੇ ਸਕੱਤਰ ਮੀਤ ਹੇਅਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ, ਯੁਵਰਾਜ ਸਿੰਘ ਸਟੈਂਡ ਵਿੱਚ ਦਰਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਆਓ, ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਓ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਦਾਖ਼ਲਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਮੁਫ਼ਤ ਦਾਖ਼ਲੇ ਦਾ ਲਾਭ ਲੈਣ ਦੇ ਇੱਛੁਕ ਕ੍ਰਿਕਟ ਪ੍ਰੇਮੀ ਗੇਟ ਨੰਬਰ 6 ਰਾਹੀਂ ਸਟੇਡੀਅਮ ਵਿੱਚ ਦਾਖ਼ਲ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਪੀਸੀਏ ਵੱਲੋਂ ਕ੍ਰਿਕਟ ਪ੍ਰੇਮੀਆਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਲਈ ਗੇਟ ਨੰਬਰ 6 ਨੇੜੇ ਦੁਸਹਿਰਾ ਗਰਾਊਂਡ ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪਾਰਕਿੰਗ ਸਥਾਨ ਨਿਰਧਾਰਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਪੀਸੀਏ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਮਰਜੀਤ ਮਹਿਤਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਕਦਮ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖਦਿਆਂ ਚੁੱਕਿਆ ਗਿਆ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਵਾਹਨਾਂ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਨਿਰਧਾਰਤ ਪਾਰਕਿੰਗ ਸਥਾਨ ਹੋਣ ਨਾਲ ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਜਾਮ ਅਤੇ ਆਵਾਜਾਈ ਦੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਤੋਂ ਬਚਿਆ ਜਾ ਸਕੇ। ਪੀਸੀਏ ਨੇ ਕ੍ਰਿਕਟ ਪ੍ਰੇਮੀਆਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਟੇਡੀਅਮ ਪਹੁੰਚਣ, ਤਾਂ ਜੋ ਉਹ ਮੁਫ਼ਤ ਦਾਖ਼ਲੇ ਦਾ ਲਾਭ ਲੈ ਸਕਣ ਅਤੇ sਟੈਡੀਅਮ ਤੋਂ ਲਾਈਵ ਸ਼ੇਰ-ਏ-ਪੰਜਾਬ ਟੀ-20 ਲੀਗ ਦੇ ਰੋਮਾਂਚਕ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਦਾ ਆਨੰਦ ਮਾਣ ਸਕਣ। ਹਾਲਾਂਕਿ, ਮੁਫ਼ਤ ਦਾਖ਼ਲੇ ਦੀ ਇਹ ਸਹੂਲਤ ਟੂਰਨਾਮੈਂਟ ਦੇ ਲੀਗ ਪੜਾਅ ਤੱਕ, ਭਾਵ 11 ਸਤੰਬਰ ਤੱਕ ਹੀ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗੀ। ਸ਼ੇਰ-ਏ-ਪੰਜਾਬ ਟੀ-20 ਲੀਗ ਵਿੱਚ ਛੇ ਟੀਮਾਂ ਹਿੱਸਾ ਲੈ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਕੁੱਲ 27 ਮੁਕਾਬਲੇ ਖੇਡੇ ਜਾਣੇ ਹਨ। ਲੀਗ ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਭਮਨ ਗਿੱਲ, ਅਭਿਸ਼ੇਕ ਸ਼ਰਮਾ, ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ, ਪ੍ਰਭਸਿਮਰਨ ਸਿੰਘ, ਰਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਗੁਰਨੂਰ ਬਰਾੜ ਸਮੇਤ ਕਈ ਨਾਮਵਰ ਖਿਡਾਰੀ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਭਰ ਤੋਂ ਉੱਭਰ ਰਹੀ ਕ੍ਰਿਕਟ ਪ੍ਰਤਿਭਾ ਆਪਣਾ ਜੌਹਰ ਦਿਖਾ ਰਹੇ ਹਨ।0
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पंजाब की ऑनलाइन सेवाएं मोबाइल से, जन्म–प्रमाणपत्र समेत सभी प्रमाणपत्र घर बैठे मिलेंगे
Chandigarh, Chandigarh:ਸਟੈਂਡ ਦੇ ਅਮਨ ਅਰੋੜਾ ਵੱਲੋਂ ਜਾਰੀ ਕੀਤਾ गया ਡਿਜੀ ਪੰਜਾਬ ਪੋਰਟਲ पंजाब ਦੀਆਂ ਹੁਣ ਸੇਵਾਵਾਂ ਆਨਲਾਈਨ ਮੋਬਾਈਲ ਦੇ ਜਰੀਏ ਮਿਲਣਗੀਆਂ ਘਰ ਤੋਂ ਹੀ ਨਿਰਧਾਰਿਤ ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਮਿਲਣਗੇ ਸਾਰੇ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਪੂਰੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਨਾ ਜਾਰੀ ਹੋਣ ਤੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਤੇ ਹੋਏਗੀ ਕਾਰਵਾਈ ਹਰ ਇੱਕ ਅਧਿਕਾਰੀ ਦਾ ਸਮਾਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਨਿਸ਼ਚਿਤ ਜਨਮ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਤਮਾਮ ਪ੍ਰੋਪਰਟੀ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੋਏ ਦਸਤਾਵੇਜ ਜਾਂ ਹੋਰ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ ਲਈ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਅਪਲਾਈ ਵੈਬਸਾਈਟ ਜਾਂ ਮੋਬਾਈਲ ਐਪ ਜਰੀਏ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸੇਵਾਵਾਂ0
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जयराम ठाकुर का आरोप: विधानसभा में जवाब नहीं, हिमाचल में विकास ठप
Shimla, Himachal Pradesh:नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर विधानसभा में पूछे जा रहे सवालों का तथ्यात्मक जवाब नहीं देने और सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सदन में सवालों का जवाब देने के बजाय इस तरह बोलते हैं, जैसे किसी जनसभा को संबोधित कर रहे हों। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के चार साल के कार्यकाल में प्रदेश में विकास की रफ्तार थम गई है और हर वर्ग सरकार से निराश है। उन्होंने यह बात प्रेस वार्ता के दौरान कही। प्रश्नकाल में अपने स्थगित प्रश्न के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में बंद किए गए शिक्षण संस्थानों को लेकर जानकारी मांगने का जिक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के समय जनता, जनप्रतिनिधियों और पंचायतों की मांग पर शिक्षण संस्थान खोले गए थे। वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के बाद बड़ी संख्या में संस्थानों को बंद कर उनकी अधिसूचनाएं रद्द कर दीं। बाद में इनमें से 362 संस्थानों को दोबारा खोल दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार से यह भी पूछा गया था कि भाजपा सरकार के समय खोले गए कितने संस्थानों को बंद किया गया और बाद में उसी स्थान पर दोबारा अधिसूचित किया गया। जयराम ठाकुर के अनुसार, ऐसे 123 संस्थान सामने आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इन्हीं संस्थानों को दोबारा खोलना था तो उन्हें बंद करने का फैसला राजनीतिक बदले की भावना से क्यों लिया गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का तर्क है कि जिन स्कूलों को बंद किया गया, उनमें बच्चे नहीं थे या विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम थी। उन्होंने सवाल किया कि 11 दिसंबर को सरकार बनने के बाद 12 दिसंबर को ही संस्थानों को बंद करने का फैसला कैसे ले लिया गया। उन्होंने पूछा कि सरकार के पास एक दिन में ऐसी कौन-सी जानकारी आ गई कि इन स्कूलों में विद्यार्थी नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि विधानसभा में मुख्यमंत्री और मंत्रियों की ओर से दिए जा रहे जवाब कई बार तथ्यों पर आधारित नहीं होते। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री ही सदन में गलत जानकारी देंगे तो मंत्रियों और विधायकों को भी ऐसा करने में संकोच नहीं रहेगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने इससे पहले हिमाचल प्रदेश विधानसभा की ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में सवालों का जवाब देने के बजाय राजनीतिक भाषण दिए जा रहे हैं और विधानसभा को जनसभा समझ लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यकाल का एक साल से भी कम समय बचा है। भाजपा की सरकार सत्ता में आती है तो वर्तमान सरकार के पूरे पांच साल के फैसलों की समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के बाद जो फैसले जनहित में नहीं होंगे, उन्हें रद्द करने पर भी विचार किया जाएगा। जयराम ठाकुर ने चौड़ा मैदान में चल रहे हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रदर्शनों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मकसद जिन कर्मचारियों ने लंबे समय तक प्रदेश की सेवा की और विकास में योगदान दिया, उन्हें आज अपने हक के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि यदि सरकार खुद को कर्मचारी और पेंशनर हितैषी बताती है तो प्रदेश में कर्मचारी और पेंशनर लगातार धरने और प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेंशनरों की 16 सूत्री मांगों में कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं, जिन पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। जयराम ठाकुर ने महंगाई राहत, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और पेंशन से जुड़े लंबित मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है और इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़ता है, लेकिन कई मामलों में चिकित्सा प्रतिपूर्ति का पैसा समय पर नहीं मिल रहा है। उन्होंने हिमाचल पथ परिवहन निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्हें समय पर पेंशन नहीं मिल पा रही है। वहीं, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के कर्मचारियों को कई-कई महीनों तक वेतन नहीं मिलने की स्थिति बनी हुई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार कर्मचारी हितैषी होने की बात करते हैं, लेकिन यदि सरकार वास्तव में कर्मचारी हितैषी है तो हर रोज प्रदेश के किसी न किसी हिस्से में कर्मचारी और पेंशनर धरने पर क्यों बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास जनहित की योजनाओं और विकास के मुद्दों पर बताने के लिए कुछ नहीं है। भाजपा सरकार के समय शुरू की गई योजनाओं को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चार साल में सरकार विकास की उस गति को भी बनाए रखने में सफल नहीं रही, जो पिछली भाजपा सरकार के समय थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पांच साल का कार्यकाल पूरा करना ही वर्तमान सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य नजर आ रहा है। उनके मुताबिक, सरकार राजनीतिक दृष्टि से फैसले ले रही है और विधानसभा में भी सवालों का जवाब देने के बजाय राजनीतिक बातें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें पांच साल में किए गए विकास कार्यों, योजनाओं और उपलब्धियों को चुनावी मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाती थीं और अंतिम फैसला जनता पर छोड़ती थीं। लेकिन वर्तमान सरकार के पास विकास का कोई ठोस मुद्दा नहीं है। सरकार के कार्यकाल और राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर पूछे गए सवाल पर जयराम ठाकुर ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार गिराने की कोशिश नहीं कर रही है, लेकिन यदि सरकार अपनी नाकामियों के कारण गिरती है तो उसे बचाने का भाजपा का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रति कर्मचारियों, पेंशनरों और आम जनता का भरोसा कम हुआ है। पेंशनरों की विपक्ष से प्रतिबद्धता के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका संवाद सरकार के साथ चल रहा है, लेकिन सरकार के प्रति उनका भरोसा लगभग खत्म हो चुका है। जयराम ठाकुर ने दोहराया कि भाजपा के सत्ता में आने पर वर्तमान सरकार के पांच साल के कार्यकाल के फैसलों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि समीक्षा का अर्थ केवल जांच करना नहीं, बल्कि जनहित के खिलाफ लिए गए फैसलों को रद्द करना भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार के कुछ अच्छे फैसले हुए होंगे, लेकिन उनकी संख्या बहुत कम है। उनके अनुसार, कई फैसले मित्रों के हित को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। भाजपा सत्ता में आने के बाद सभी फैसलों की समीक्षा करेगी और उसके बाद जनहित के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।0
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जालंधर पहुंचे विजय सापला ने कांग्रेस पर बड़े सवाल उठाए
Jalandhar, Punjab:ਜਲੰਧਰ ਚ ਪਹੁੰਚੇ ਵਿਜੈ ਸਾਪਲਾ ਨੇ ਕਾਂਗਰਸ ਤੇ ਚੱਕੇ ਵੱਡੇ ਸਵਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਦੌਰਾਨ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਿਛਲੀ ਚੋਣਾਂ ਸਮੇਂ ਕਾਂਗਰਸ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਰਾਜਾ ਵਰਿੰਗ ਵਲੋ ਬੂਟਾ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਬੋਲੇ ਗ਼ਲਤ ਸ਼ਬਦ ਤੇ ਜਦੋਂ ਹੁਣ ਉਹਨਾਂ ਤੇ ਕਾਰਵਾਈ ਦੀ ਵਾਰੀ ਆਈ ਤੇ ਓਹ ਬੂਟਾ ਸਿੰਘ ਦੇ ਬੇਟੇ ਸਰਬਜੋਤ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਧਮਕਿਆ ਦਿੱਤੀਆ ਜા ਰਹੀਆਂ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜਿੱਥੇ ਇਕ ਪਾਸੇ ਕਾਂਗਰਸ ਕਹਿੰਦੀ ਹੋਵੇ ਅਸੀਂ ਦਲਿਤ ਹਿਤੈਸ਼ੀ ਹਾ ਉਥੇ ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਵਲੋ ਇੱਦਾ ਦੀ ਸ਼ਬਦਾਵਲੀ ਬੋਲੀ ਗਈ ਫਿਰ ਵੀ ਉਸ ਤੇ ਕੋਈ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜਦੋਂ SC ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੇ ਰਾਜਾ ਵੜਿੰਗ ਨੂੰ ਲੈਕੇ ਜਦੋਂ ਸਖ਼ਤ ਹਦਾਇਤ ਦਿੱਤੀ ਉਦੋਂ ਵੀ ਕਿਸੇ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਕੋਈ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀਂ ਹੋਈ ਬੂਟਾ ਸਿੰਘ ਦੇ ਬੇਟੇ ਨੇ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦਿੱਤੀ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਰਾਹੁਲ ਗਾਂਧੀ ਤੇ FIR ਹੋਈ ਪ੍ਰੈਸ ਕਾਨਫਰੰਸ0
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गरीब परिवार पर मेडिकल फीस का भारी बोझ, महिकदीप सिंह का संघर्ष
Sri Muktsar Sahib, Punjab:ਫੀਸ ਅੱਗੇ ਢਹਿ ਢੇਰੀ ਹੋਏ ਪਿੰਡ ਆਲਮਵਾਲੇ ਦੇ ਮਹਿਕਦੀਪ ਸਿੰਘ ਦੇ ਸੁਪਨੇ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਹਲਕਾ ਮਲੋਟ ਦੇ ਪਿੰਡ ਆਲਮਵਾਲਾ ਦਾ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਮਹਿਕਦੀਪ ਸਿੰਘ ਮੈਡੀਕਲ ਕੋਰਸਾਂ ਕੌਮੀ ਯੋਗਤਾ ਤੇ ਦਾਖਲਾ ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਨੀਟ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਫਲ ਹੋ ਗਿਆ ਪਾਸ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਪਰ ਹੁਣ ਗੁਰਬਤ ਨੇ ਸਾਰੇ ਰਾਹ ਡੱਕ ਲਏ ਹਨ। ਗਿਆਨ ਸਾਗਰ ਮੈਡੀਕਲ ਵਿੱਚ ਸੀਟ ਅਲਾਟ ਹੋਈ ਤਾਂ ਮਾਪਿਆਂ ਤੋਂ ਚਾਲ ਨਹੀਂ ਚੁੱਕਿਆ ਗਿਆ। ਜਦੋਂ ਢਾਈ ਲੱਖ ਫੀਸ ਦਾ ਫਰਮਾਨ ਆਇਆ ਤਾਂ ਚਾਵਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਦੰਦਲ ਪੈ ਗਈ। ਹੁਣ ਮਹਿਕਦੀਪ ਐਨੀ ਵੱਡੀ ਫੀਸ ਕਿਵੇਂ ਤਾਰੇ ਕਿਉਂਕਿ ਗਰੀਬ ਮਾਪਿਆਂ ਦੀ ਜੇਬ ਤਾਂ ਖਾਲੀ ਹੈ। ਹੁਣ ਹਰ ਮਹਿਕਦੀਪ ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਮੈਰੀਟੋਰੀਅਸ ਸਕੂਲ ਚ ਪੜਿਆ ਹੋਇਆ ਤੇ ਬਾਰਵੀਂ ਚੋਂ95.2 ਫੀਸਦੀ ਅਤੇ ਦਸਵੀਂ ਚੋਣ 90 ਫੀਸਦੀ ਅੰਕ ਹਾਸਲ ਕੀਤੇ ਹਨ। ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਜਦੋਂ ਮਹਿਕਦੀਪ ਨੇ ਨੀਟ ਦੀ ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਦੀ ਕੋਚਿੰਗ ਲਈ ਤਾਂ ਉਸ ਵੇਲੇ ਮਾਂ ਪਰਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੂੰ ਕੰਨਾਂ ਦੇ ਕਾਂਟੇ ਅਤੇ ਪਿਓ ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਮੁੰਦਰੀ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਪਈ ਅਤੇ ਮਾਂ ਪਿਓ ਦੇ ਵਿਆਹ ਦੀ ਇਹੋ ਆਖਰੀ ਨਿਸ਼ਾਨੀ ਸੀ। ਪਿਤਾ ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਕਿਸੇ ਤੇਲ ਪੰਪ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਤੇ ਹੁਣ ਮੈਡੀਕਲ ਕਾਲਜ ਦੀ 2 ਲੱਖ 43 ਫੀਸ ਕਾਰਨ ਲਈ 50,000 ਰੁਪਏ ਦੀ ਗਾਂ ਵੇਚ ਵੀ ਦਿੱਤੀ। ਮਹਿਕਦੀਪ ਸਿੰਘ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਫੀਸ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਨਾ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਹਰ ਰਾਹ ਦੇਖੇਗਾ। ਅਤੇ ਮਹਿਕਦੀਪ ਸਿੰਘ ਦੇ ਘਰ ਦੀ ਦੇਹਲੀ ਤੇ ਹੋਣਹਾਰਤਾ ਨੂੰ ਕਾਬਾ ਛਿੜਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ。0
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PU चुनाव: ASAP बनाम ABVP, विद्यार्थियों के मुद्दे हावी
Noida, Uttar Pradesh:PU मे लगातार दूसरी बार विजय स्टूडेंट मे दीगौरव सोहल पिछले साल के प्रधान स्टूडेंट्स के मामलों को हल किया स्टूडेंट्स की राय से मैनीफेस्टो बनाया कई ऐसे संगठन हैं जिन्होंने नेगेटिव प्रचार किया Zen G भारत माता के साथ है ASAP मे हमारे कैंडिडेट को डी फेम कर रहे है हम उन के खिलाफ मान हानि का केस डालेंगे ABVP ही जीती नहीं बल्कि ASAP के सरकारी मशीनरी हारी है सेनेट मे स्टूडेंट्स की रिप्रेजेंटेशन होनी ज़रूरी है इस बार का इलेक्शन स्टूडेंट Verse स्टुटेंट नहीं बल्कि आम आदमीं पार्टी Verse AVBP हुआ है मीत हेयर चालीस दिनो तक यूनिवर्सिटी मे हरे अगर इतना समय अपने हल्के मे लगाते को वहाँ पर हायर ऐजूकेशन काम होता ये पंजाब सरकार और zen G के बीच था और zen G की जीत हुई होस्टल के पैसे देने की बात पंजाब सरकार ने की मगर नहीं दिया स्टूडेंट्स मे आम आदमीं पार्टी के पैसे और प्रेशर की राजनीति के नकारा है0
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SKM की प्रेस वार्ता: MSP, पानी और कर्ज के मुद्दों पर आंदोलन तेज
Chandigarh, Chandigarh:SKM की प्रेस वार्ता: किसानों के मुद्दों पर सरकारों को घेरा, रोजाना 11 से 2 बजे तक चलेगा मंच - SKM की ओर से प्रेस वार्ता कर आने वाले दिनों के आंदोलन और मंच के समय को लेकर जानकारी दी गई। - आज मंच دوपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। - आने वाले दिनों में रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक मंच लगाया जाएगा। - जब तक सरकार किसानों की मांगों पर सुनवाई नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान। - बूٹا सिंह बुर्जगिल ने पंजाब सरकार से विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की। - पंजाब से जुड़े सभी जल समझौतों को खत्म करने की मांग। - पानी के बंटवारे में 60:40 के अनुपात की मांग रखी गई। - SKM का कहना है कि पंजाब के पास पहले ही पानी की कमी है, इसलिए पानी का संरक्षण जरूरी है। - किसानों ने पांच फसलों पर MSP देने की मांग दोहराई। - किसानों पर पराली जलाने के आरोप लगाने के बजाय फसल अवशेषों की खरीद और प्रबंधन की व्यवस्था करने की मांग। - पानी को स्टोर करने और रीचार्ज पॉइंट बनाने पर जोर दिया गया। - किसानों के कर्ज का उचित प्रबंध करने की मांग, ताकि किसानों की जमीनें न जाएं। - SKM ने कहा कि पिछली सरकार की ओर से किसानों के कर्ज माफी का वादा किया गया था, उसे पूरा किया जाए। - केंद्र सरकार से भी किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग। - चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया गया। - गन्ने का रेट बढ़ाने और फसल की बिजाई के समय ही गन्ने का भाव तय करने की मांग। SKM की ओर से की गई प्रेस वार्ता में किसानों के आगामी आंदोलन को लेकर रणनीति और मंच के समय की जानकारी दी गई। किसान नेताओं ने कहा कि आज मंच दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक, जबकि आने वाले दिनों में रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक मंच चलेगा। SKM नेताओं ने पंजाब और केंद्र सरकार के सामने किसानों की विविध मांगें रखने की बात कही। बूटा सिंह बुर्जगिल ने पंजाब सरकार से विशेष विधानसभा सत्र बुलाकर पंजाब के पानी से जुड़े सभी समझौतों पर दोबारा विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब में पहले ही पानी की कमी है, इसलिए पानी के संरक्षण, स्टोरेज और रीचार्ज की व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। किसान नेताओं ने पांच फसलों पर MSP की मांग के साथ-साथ किसानों पर फसल अवशेषों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि सरकार किसानों से फसल अवशेष खरीदने और उन्हें आगे सप्लाई करने की व्यवस्था बनाए। कर्ज के मुद्दे पर SKM ने कहा कि किसानों के कर्ज का उचित प्रबंध किया जाना चाहिए, ताकि कर्ज के कारण किसानों की जमीनें न जाएं। इसके अलावा गन्ने के रेट का मुद्दा उठाते हुए मांग की गई कि बिजाई के समय ही गन्ने का भाव तय किया जाए।0
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बादशाह-ईशा रिखी की पांच महीने की शादी तलाक के साथ खत्म
Noida, Uttar Pradesh:रैपर और सिंगर बादशाह ने ईशा रिखी से पांच महीने पहले शादी की थी, और अब तलाक का ऐलान कर दिया है। पांच महीने में ही उनकी शादी टूट गई। कुछ समय से उनकी शादीशुदा जिंदगी में दरार की खबरें आ रहीं थीं, और अब उन्होंने आपसी सहमति से तलाक लेने का फैसला किया है। बादशाह ने ईशा रिखी से गुपचुप तरीके से शादी की थी, पर मार्च 2026 में ईशा की मां ने सोशल मीडिया पर उनकी शादी की तस्वीरें शेयर कर दी थीं, जिससे सबको शादी की खबर हो गई। बादशाह की यह दूसरी शादी थी0
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हिमाचल में ग्लेशियल झीलों से ग्लोफ खतरे के संकेत—क्या तैयारी पूरी है?
Kullu, Himachal Pradesh:हिमाचल पर GLOF का खतरा? नेपाल के बाद हिमाचल ALERT! ग्लेशियल झीलें बनीं ‘वॉटर बम’? घेपांग घाट पर BIG WARNING!!! पहाड़ों में छिपा पानी का खतरा GLOF: खतरा कितना, तैयारी कितनी? 2292 झीलें… कितना बड़ा खतरा? चार झीलों पर Early Warning! झील फूटी तो कितनी दूर तबाही? हिमालय बदला… क्या तैयारी बदली? “नेपाल के बाद हिमाचल की ग्लेशियल झीलों पर नजर… कितना बड़ा है खतरा?” HIMACHAL GLACIAL LAKES करीब 1600 — 2022 ग्लेशियल झीलें 73 — 10 hectare से ज्यादा क्षेत्रफल TRANS-HIMALAYAN LAKES 2020 — 1,359 2021 — 1,632 2022 — 1,953 2023 — 2,292 LARGER LAKES 2,192 — 5 hectare से कम 51 — 5–10 hectare 49 — 10 hectare से अधिक SPECIAL WATCH काशा घाट — किन्नौर बास्पा लेक — सांगला घेपांग घाट — लाहौल-स्पीति वासुकी लेक — कुल्लू0
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श shimला में कमर्शियल LPG सिलेंडर दाम बढ़े: दुकानदार और होटल-ढाबा संचालकों में चिंता
Shimla, Himachal Pradesh:शिमला में कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से दुकानदारों और होटल-ढाबा संचालकों की चिंता बढ़ गई है। गैस की कीमत में बढ़ोतरी का सीधा असर कारोबार की लागत पर पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि पहले ही महंगाई के चलते कच्चे माल और अन्य सामान के दाम बढ़े हुए हैं। ऐसे में कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने से खर्च और बढ़ गया है। कारोबारियों के मुताबिक, गैस की बढ़ी कीमत का असर अब खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। चीनी के दाम बढ़ने से भी दुकानदारी पर असर पड़ रहा है। वहीं, ग्राहक भी इससे परेशान हैं। उनका कहना है कि अगर दुकानदार बढ़ी लागत का बोझ ग्राहकों पर डालते हैं, तो बाहर खाना और अन्य खाद्य पदार्थ महंगे हो सकते हैं। दुकानदारों ने सरकार से कमर्शिकल गैस की कीमतों में राहत देने की मांग की है, ताकि छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े。 Elements Visuals and WT0
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कैलिफ़ोर्निया में मलयाली महिलाओं की हत्या: दोस्त पर शक, जांच जारी
Noida, Uttar Pradesh:Two Malayali women were killed in California, UnitedStates, allegedly by another Malayali woman who was their friend and lived in the same apartment complex, according to their relatives. An investigation is underway. According to information received by the families, San Jose police have taken the suspect into custody and are investigating the case.0
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