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आकाल तख्त के आदेश पर CM के खिलाफ कार्रवाई का नया मोड़

Noida, Uttar Pradesh:Sunil Jakhar X POST- ਜਦੋਂ ਸਿੱਖੀ ਸਿਧਾਤਾਂ ਨੂੰ ਚੁਣੌਤੀ ਦੇਣ ਵਾਲੇ, ਆਪਣੇ ਰਾਜਨੀਤਕ ਮਨਸੂਬਿਆਂ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਪੱਗਾਂ ਬੰਨਣ ਲਗ ਪੈਣ ਤੇ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਸਿੱਖ ਕਹਾਉਣ ਲੱਗ ਪੈਣ ਤਾਂ ਅੱਜ ਦੇ ਚੱਲ ਰਹੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਅਚੰਭੇ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਨਹੀਂ ਹੈ । ਪਰ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਸ਼ਬਦ ਹਨ ਕਿ ਜਬਰ ਕਰਨਾਂ ਗੁਨਾਹ ਹੈ ਅਤੇ ਜਬਰ ਸਹਿਣ ਕਰਨਾ ਉਸ ਤੋਂ ਵੱਢਾ ਗੁਨਾਹ ਹੈ । ਗੁਰੂ ਦੇ ਸੱਚੇ ਸਿੱਖ ਕਿਸੇ ਲਾਲਚ ਅਤੇ ਤਾਕਤ ਅੱਗੇ ਨਹੀਂ ਝੁਕਦੇ ਅਤੇ ਜੋ ਝੁਕ ਗਏ ਉਹ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਲਈ ਸਮਰਪਿਤ ਨਹੀਂ । ਗੁਰੂ ਦੀ ਬਖ਼ਸ਼ੀ ਸਿੱਖੀ ਕੁਰਬਾਨੀ, ਵਿਸ਼ਵਾਸ, ਸਤਿਕਾਰ ਅਤੇ ਸਮਰਪਣ ਦੀ ਪ੍ਰਤੀਕ ਹੈ ਨਾ ਕਿ ਰਾਜ ਸੱਤਾ ਦੇ ਹੰਕਾਰ ਵਿੱਚ “ਮੈਂ “ ਅਤੇ ਮੇਰੇ ਦਾ ਵਖਾਣ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਦੀ ਜੀ ਹਜ਼ੂਰੀ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਦੀ । ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਨਾਲ ਮੱਥਾ ਲਾਉਣ ਵਾਲੇ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ bahut ਅਉਏ ਪਰ ਇਤਿਹਾਸ ਗਵਾਹ ਹੈ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਹਾਕਮਾਂ ਦਾ ਵੀ ਕੁੱਝ ਨਹੀਂ ਰਿਹਾ ਅਤੇ ਰਹਿਣਾ ਮੱਥਾ ਲਾਉਣ ਵਾਲਿਆਂ ਦਾ ਹੁਣ ਵੀ ਕੁਝ ਨਹੀਂ । 1000-1200 ਦੀ ਨਫਰੀ ਨਾਲ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਹੰਕਾਰ ਨਾ ਕਰਨ, ਇਹ ਦਾਤ ਵੀ ਉਸਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸਦੀ ਮਿਹਰ ਬਿਨਾਂ ਬਚਣਾ ਕੁਝ ਨਹੀਂ । * *ਇਸ ਲਈ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਵੱਲੋਂ ਬੇਅਦਬੀ ਕਾਨੂੰਨ ਲਈ ਤਲਬ ਵਿਧਾਇਕ ਜਿੱਥੇ *ਇਸ ਕਾਨੂੰਨ ਬਾਰੇ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਅੱਗੇ ਆਪਣੀ ਗੱਲ ਰੱਖਣ ਉੱਥੇ ਹੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੂੰ ਗੁਰੂ ਦੋਖੀ ਮੰਨਣ ਵਾਲੇ ਹੁਕਮਨਾਮੇ ਦਾ ਵੀ ਸਤਿਕਾਰ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ (ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ) ਉੱਪਰ ਕਾਰਵਾਈ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਦੇ ਕੇ ਆਉਣ। ਅਤੇ ਜੇ ਉਹ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੂੰ ਸਹੀ ਮੰਨਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਜਿਥੇ ਉਹ ਕੱਲ੍ਹ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਅੱਗੇ ਪੇਸ਼ ਹੋ ਕੇ ਆਪਣੇ ਪhezzaੱਖਣ ਉੱਥੇ ਹੀ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਕੁਝ ਸਹੁੰਆਂ ਵੀ ਦੇ ਕੇ ਆਉਣ: 1. ਇਹ ਕਿ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਬੇਅਦਬੀ ਵਾਲੀ ਵਿਡੀਓ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਹਨ। (ਪਰ ਇਹ ਸਹੁੰ ਤਾਂ ਹੇਠ ਲਾਏ ਗਏ ਜੇਕਰ ਯਕੀਨ ਹੋਵੇ ਕਿਤੇ ਪੰਥ ਦੋਖੀ ਪਿੱਛੇ ਲੱਗ ਕੇ ਖੁਦ ਗੁਰੂ ਘਰ ਦੇ ਗੁਨਾਹਗਾਰ ਨਾ ਬਣ ਆਉਣ) 2. ਇਹ ਵੀ ਕਿ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰਾਮ ਵਿੱਚ ਨਕਲੀ ਰਿਪੋਰਟ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਉਣ ਗਏ ਅਫ਼ਸਰ ਸਰਕਾਰੀ ਤੰਤਰ ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਕਰਕੇ ਨਹੀਂ ਭੇਜੇ ਗਏ ਸੀ ਅਤੇ ਇਹ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਨੂੰ ਗੁੰਮਰਾਹ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਸੀ । 3. ਇਹ ਕਿ ਹਰਪਾਲ ਚੀਮਾ ਅਤੇ ਅਮਨ ਅਰੋੜਾ ਵੱਲੋਂ ਨਕਲੀ ਰਿਪੋਰਟਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਪ੍ਰੈਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਦਾ ਅਪਮਾਨ ਨਹੀਂ ਸੀ। 4. ਅਤੇ ਇਹ ਵੀ ਦੱਸਕੇ ਆਉਣ ਕਿ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਕੁਰਸੀ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਜੇਕਰ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਨਾਲ ਮੱਥਾ ਲਾਉਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਇਹ ਵਿਧਾਇਕ ਕੀ ਕਰਨਗੇ । ਕਿਉਂਕਿ ਜੇਕਰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਕੋਲ ਆਪਣੀ ਬੇਗੁਨਾਹੀ ਸਾਬਿਤ ਕਰਨ ਦਾ ਕੋਈ ਸਬੂਤ ਹੁੰਦਾ ਤੇ ਉਨਾਂ ਨੇ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਨੂੰ ਚੁਨੌਤੀ ਦੇਣ ਦੀ ਨਾ ਠਾਣੀ ਹੁੰਦੀ ਤਾਂ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਖੁਦ ਵੀ ਨਿਮਾਣੇ ਸਿੱਖ ਵਜੋਂ ਪੇਸ਼ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਤੇ ਇਨਾਂ ਵਿਧਾਇਕਾਂ ਨੂੰ ਸੱਦਣਾ ਹੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਪੈਣਾ。 ਕੱਲ ਇਨਾਂ ਵਿਧਾਇਕਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਗੁਰੂ ਤੇ ਇੱਕ ਹੰਕਾਰੇ ਹੋਏ, s੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਨਾਲ ਮੱਥਾ ਲਗਾਉਣ ਵਾਲੇ ਵਿਅਕਤੀ ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇਕ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰਨੀ ਹੋਵੇਗੀ。 ਉਮੀਦ ਕਰਦੇ ਹਾਂ ਇਹ ਵਿਧਾਇਕ ਸਹੀ ਫੈਸਲਾ ਕਰਨਗੇ。
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कपूरथला में दिनदहाड़े युवक की हत्या: गैंगवार और पुरानी रंजिश से जुड़ रहा एंगल

Kapurthala, Punjab:कपूरथला में दिनदहाड़े युवक की तेजधार हथियारों से हत्या, गैंगवार और पुरानी रंजिश के एंगल से जांच तेज 6 हमलावरों ने घेरकर किया जानलेवा हमला, अस्पताल में हुई मौत कपूरथला: पंजाब के कपूरथला शहर में रविवार को दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर में दहशत फैला दी। शहर के बीचो-बीच स्थित एक मोहल्ले में लगभग 38 वर्षीय जितेंद्र सहगल की 6 हमलावरों ने घेरकर तेजधार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जितेंद्र सहगल अपने घर से किसी काम के लिए निकला था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे 6 हमलावरों ने उसे घेर लिया और उस पर लगातार तेजधार हथियारों से वार किए। गंभीर रूप से घायल जितेंद्र को तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गैंगस्टरवाद और पुरानी रंजिश के एंगल से जांच पुलिस के अनुसार, मृतक जितेंद्र सहगल के खिलाफ पहले से कुछ आपराधिक मामले दर्ज थे। शुरुआती जांच में पुलिस इस हत्याकांड को गैंगस्टरवाद और पुरानी रंजिश से जोड़कर देख रही है। हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। हमलावरों की पहचान, जल्द होगी गिरफ्तारी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमला करने वाले सभी 6 आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। वारदात स्थल और आसपास के रास्तों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि आरोपियों की गतिविधियों और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। इलाके में दहशत, अस्पताल में उमड़ी लोगों की भीड़ दिनदहाड़े हुई इस हत्या के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग सरकारी अस्पताल पहुंच गए। शहर में इस वारदात को लेकर लोगों में डर और चिंता का माहौल है। वहीं, पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर जांच और तेज कर दी है。
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CM भगवंत मान ने चंदबाजा से 500 ग्रामीण जिमों का उद्घाटन किया

Noida, Uttar Pradesh:500 पेंदेडू जिमों के उद्घाटन अवसर पर समारोह के दौरान गाँव चंदबाजा, ज़िला फरीदकोट से 500 ग्रामीण जिमों के उद्घाटन के अवसर पर समारोह के दौरान गाँव चंदबाजा, ज़िला फरीदकोट से CM Bhagwant Mann inaugurated 500 rural gyms across the state, with the initiative launched from Chandbaja village in Faridkot Equipped with modern fitness equipment, these gyms will give young people access to quality workout facilities right in their villages and move towards a healthier lifestyle CM ਮਾਨ ਨੇ ਪਿੰਡ ਚੰਦਬਾਜਾ ਤੋਂ ਕੀਤਾ 500 ਜਿੰਮਾਂ ਦਾ ਉਦਘਾਟਨ !! ਕਿਹਾ, ਰੰਗਲੇ ਪੰਜਾਬ ਵੱਲ ਵਧਾ ਰਹੇ ਹਾਂ ਕਦਮ - ਜਿੰਮਾਂ 'ਚ ਵਧੀਆ ਮਾਹੌਲ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਨੇ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਮਸ਼ੀਨਾਂ - ਪੰਜਾਬ ਭਰ 'ਚ 3100 ਦੇ ਕਰੀਬ ਖੇਡ ਮੈਦਾਨ 15 ਜੁਲਾਈ ਤੱਕ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸੌਂਪ ਦਿੱਤੇ ਜਾਣਗੇ - 'ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ' 'ਚ ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾ ਰਹੀਆਂ ਖੇਡਾਂ ਪਿੰਡ ਚੰਦਬਾਜਾ (ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ) ਤੋਂ ਸੂਬੇ ਭਰ ਦੇ 500 ਜਿੰਮਾਂ ਦਾ ਹੋਇਆ ਉਦਘਾਟਨ CM ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਕਸਰਤ ਅਤੇ ਖੇਡਾਂ ਨਾਲ਼ ਜੁੜਨ ਦੀ ਪ੍ਰੇਰਨਾ - ਸੰਬੋਧਨ ਦੌਰਾਨ ਵਿਸ਼ਵ ਪੱਧਰੀ ਸਕੂਲ ਅਤੇ ਪੇਂਡੂ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਕਾਰਜਾਂ ਬਾਰੇ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣਕਾਰੀ - ਟੋਭਿਆਂ ਦੇ ਸੁਧਾਰ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਦੇ ਹੋਰ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਲਈ ਦਿੱਤਾ ₹50 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦਾ ਚੈੱਕ
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जालंधर में इमीग्रेशन फर्म पर CP शिकायत: लाइसेंस व पार्टनरशिप घोटाले की जांच शुरू

Jalandhar, Punjab:जालंधर में इमीग्रेशन फर्म के खिलाफ सीपी को दी शिकायत\nपार्टनर पर धोखाधड़ी का आरोप, दावा-गलत एड्रेस पर चलाया जा रहा दफ्तर; पुलिस करे कार्रवाई\n\nजालंधर में इंडिया टू एब्रॉड इमिग्रेशन कंसलटेंट के खिलाफ सीपी जालंधर सतिंदर सिंह को शिकायत दी गई। शिकायतकर्ता रमा शर्मा ने बताया कि इमीग्रेशन कंसल्टेंड आईटूए खुद को इंडिया टू एब्रॉड कंसल्टेंट बता रहे हैं। डीसी दफ्तर से तरफ से इनको जारी किए गए लाइसेंस (1532/MC/1/MA/JAL/1817) में इनके दफ्तर का नंबर 400 है। इसका एड्रेस फर्स्ट फ्लोर कमल पैलेस सिविल लाइन जालंधर है। जबकि ये 410/5 ए में चल रहा है। रमा शर्मा ने बताया कि वह इस फर्म में 33 फीसदी की पार्टनर हैं। उन्होंने बताया 2015 में पार्टनरशिप में फर्म खोली गई थी, लेकिन फर्म के एक पार्टनर ने सेम लाइसेंस से एड्रेस बदलकर अपना काम अलग कर लिया। आरोप ही कि फर्म के पार्टनर ने उनका 33 फीसदी शेयर नहीं दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे पहले भी फर्म के पार्टनर ने बिना लाइसेंस एक फर्म शुरू की थी जिस मामले में उस पर डिविजन नंबर 4 में एफआईआर हुई थी,लेकिन बावजूद इसके धोखाधड़ी से नया लाइसेंस ले लिया। रमा शर्मा ने बताया कि इसे लेकर तत्कालीन डीसी विशेष सारंगल से शिकायत की गई। डीसी दफ्तर की तरफ से कई गई कार्रवाई के दौरान 4 फर्म का लाइसेंस कैंसिल किया गया था जिसमें उनके पार्टनर की भी बिना लाइसेंस चल रही फर्म शामिल थी।\nरमा शर्मा ने शिकायत में सवाल उठाया कि कानूनन एफआईआर दर्ज वाला व्यक्ति वीजा कंसल्टेंट फर्म नहीं खोल सकता, बावजूद इसके पार्टनर ने एड्रेस बदलकर फर्म खोल ली। उन्होंने सीपी से मांगपत्र के माध्यम से कहा कि उनको उनका पैसा दिलाया जाए और फर्म के पार्टनर पर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस रद्द किया जाए। शिकायतकर्ता का कहना है कि इनकी आईटूए फर्म के नाम से जीएसटी भी भरी गई है, लेकिन इस फर्म ने पहले 6 महीने बिना लाइसेंस काम किया, जिसे बाद में रजिस्टर्ड करवाया गया।\n\nनेताओं के साथ फोटो और फर्जी दावों से यूथ को गुमराह करने का आरोप\nरमा शर्मा ने आरोप लगाया कि इंडिया टू एब्रॉड इमिग्रेशन फर्म खुद को नंबर 1 होने और पंजाब सरकार द्वारा पुरस्कृत होने का दावा कर रही है। बड़े-बड़े होर्डिंग के जरिए पंजाब के युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। इसमें पंजाब से एमपी मीत हेयर की फोटो का भी यूज किया जा रहा है। कांग्रेस सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ भी तस्वीरों का यूज किया जा रहा है। रमा शर्मा ने मांग की कि इस मामले की जांच हो।
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जालंधर के गांव में आंधी से पेड़ गिरा, पिता-पुत्री की मौत

Jalandhar, Punjab:तेज आंधी के दौरान पेड़ गिरने से पिता-पुत्री की मौत, गांव में पसरा मातम जालंधर कैंट के जामशेर खास के गांव भोड़ेसपराय में हुआ हादसा जालंधर कैंट के अधीन आते जामशेर खास के गांव भोड़ेसपराय में तेज आंधी के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। सड़क से गुजर रहे मोटरसाइकिल सवार पिता-पुत्री के ऊपर अचानक पेड़ गिर गया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान कश्मीर उर्फ बिल्ला (40) और उसकी बेटी सोनाली (12) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सुबह के समय तेज हवाओं के चलते पेड़ टूटकर नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में मोटरसाइकिल सवार पिता-पुत्री आ गए। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर हैं।
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पौंग झील में ईको-टूरिज्म और वॉटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा, रोजगार के अवसर

mathura, Dharamshala, Himachal Pradesh:पौंग झील में पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, ईको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा धर्मशाला : कांगड़ा जिले की विश्व प्रसिद्ध पौंग झील में पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देने की दिशा में पर्यटन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्यटन विभाग कांगड़ा के उपनिदेशक विनय धीमान ने बताया कि जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलन बनाए रखते हुए पौंग झील में ईको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की व्यापक योजना पर कार्य किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि अब तक जैव विविधता संरक्षण संबंधी नियमों के कारण पौंग झील में पर्यटन गतिविधियां सीमित تھیں। हालांकि वन विभाग के वाइल्डलाइफ विंग ने पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कुछ नियमों में व्यावहारिक ढील देने की पहल की है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। विनय धीमान ने बताया कि बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन सोसाइटी ऑफ पौंग लेक और डिस्ट्रिक्ट वाटर स्पोर्ट्स एंड अलाइड एक्टिविटीज सोसाइटी, कांगड़ा के बीच जल्द ही एक एमओयू हस्ताक्षरित किया जाएगा। इसके माध्यम से झील में ईको-फ्रेंडली पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पंजीकृत ऑपरेटरों के पास नौकाओं की संख्या सीमित है। प्रवासी पक्षियों के आगमन के दौरान लगभग चार महीने तक अधिकांश नौकाएं पक्षियों की निगरानी और गणना के कार्य में लगी रहती हैं। ऐसे में पर्यटन गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए वाटर स्पोर्ट्स सेवाओं का विस्तार आउटसोर्सिंग के माध्यम से किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। उपनिदेशक ने बताया कि हाल ही में आयोजित बैठक में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने भी पौंग झील क्षेत्र में पर्यटन आधारित गतिविधियों को विकसित करने में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट प्लान के तहत शीघ्र ही एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें यह तय किया जाएगा कि झील क्षेत्र में कौन-कौन सी नई पर्यटन गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं।उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा क्षेत्र की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी। बाथू की लड़ी में सुरक्षा और सुव्यवस्थित पर्यटन पर जोर विनय धीमान ने बताया कि प्रसिद्ध बाथू की लड़ी मंदिर भी वाइल्डलाइफ सेंचुरी क्षेत्र का हिस्सा है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटकों की सुरक्षा और क्षेत्र के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यहां विशेष प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने बताया कि बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन सोसाइटी और वन विभाग का वाइल्डलाइफ विंग मिलकर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों का नियमन करेंगे। हादसों की रोकथाम के लिए प्रमुख स्थानों पर चेतावनी एवं दिशा-निर्देश संबंधी साइनेज लगाए जाएंगे तथा आवश्यकतानुसार मानव संसाधन की तैनाती भी की जाएगी। पर्यटन विभाग का मानना है कि संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाते हुए पौंग झील को हिमाचल प्रदेश के प्रमुख ईको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सकता है।
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बिजली नहीं मिलने पर किसान ग्रिड के सामने धरना, 8 घंटे आपूर्ति की मांग

Fatehgarh Sahib, Punjab:ਬਿਜਲੀ ਸਪਲਾਈ ਨਾ ਮਿਲਣ ਕਾਰਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਗਰਿੱਡ ਅੱਗੇ ਲਾਇਆ ਧਰਨਾ, ਜੀਟੀ ਰੋਡ ਜਾਮ ਕਰਨ ਦੀ ਚੇਤਾਵਨੀ \n\nਫ਼ਤਹਿਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਪਿੰਡ ਜੱਲ੍ਹਾ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਖੇਤੀ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਬਿਜਲੀ ਸਪਲਾਈ ਨਾ ਮਿਲਣ ਦੇ ਵਿਰੋਧ ਵਿੱਚ  ਬਿਜਲੀ ਗਰਿੱਡ ਅੱਗੇ ਧਰਨਾ ਲਗਾਇਆ। ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਨਿਰਧਾਰਤ ਸਮੇਂ ਅਨੁਸਾਰ ਬਿਜਲੀ ਨਾ ਮਿਲਣ ਕਾਰਨ ਝੋਨੇ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਦਾ ਕੰਮ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਰਥਿਕ ਨੁਕਸਾਨ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਓਹ ਮਹਿੰਗੇ ਭਾਅ ਦਾ ਡੀਜ਼ਲ ਖਰੀਦ ਕੇ ਖੇਤੀਬਾਰੀ ਕਰਨ ਲਈ ਮਜ਼ਬੂਰ ਹਨ।\n\nਧਰਨੇ ਦੌਰਾਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਲਈ ਨਿਯਮਤ ਅਤੇ ਪੂਰੀ ਬਿਜਲੀ ਸਪਲਾਈ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਈ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਜੋ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦੇ ਕੰਮ ਸੁਚਾਰੂ ਢੰਗ ਨਾਲ ਚੱਲ ਸਕਣ। 8 ਘੰਟੇ ਬਿਜਲੀ ਨਾ ਮਿਲਣ ਦੇ ਰੋਸ਼ ਵਜੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਨਾਭਾ ਭਾਦਸੋਂ ਰੋਡ ਅਤੇ ਫਿਰ ਜੀਟੀ ਰੋਡ ਜਾਮ ਕਰਨ ਦੀ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ।\n\nਧਰਨੇ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਣ 'ਤੇ ਬਿਜਲੀ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਐੱਸ.ਡੀ.ਓ. ਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਭਰੋਸা ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਬਿਜਲੀ ਸਪਲਾਈ ਨੂੰ ਜਲਦ ਤੋਂ ਜਲਦ ਸੁਚਾਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦੇ ਹੱਲ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੇ ਕਦਮ ਚੁੱਕੇ ਜਾਣਗੇ。
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हरियाणा की सफल नीतियों से हिमाचल बनेगा टिकाऊ विकास और पर्यावरण अनुकूल योजनाएं

mathura, Dharamshala, Himachal Pradesh:हरियाणा की बेहतर योजनाओं से सीखेगा हिमाचल, पर्यावरण संरक्षण के साथ होगा सुनियोजित विकास : राजेश धर्माणी धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) व्यवस्था को अधिक प्रभावी, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए अन्य राज्यों के सफल अनुभवों से सीख ली जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की कई योजनाएं और मॉडल हिमाचल के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं, जिन्हें प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप अपनाया जाएगा। राजेश धर्माणी इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स ऑफ इंडिया (आईटीपीआई) के नॉर्दर्न चैप्टर द्वारा धर्मशाला में आयोजित सेमिनार के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सेमिनार में हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभागों की बेस्ट प्रैक्टिसेज पर विस्तृत चर्चा हुई और दोनों राज्यों ने अपने अनुभव साझा किए। मंत्री ने कहा कि हरियाणा की प्रस्तुति में पेरीफेरल डेवलपमेंट एक्ट, आधुनिक प्लान अप्रूवल प्रणाली और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इन व्यवस्थाओं का अध्ययन कर हिमाचल में भी जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार इन्हें लागू करने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की ओर से प्रस्तुत मॉडल में आपदा प्रतिरोधी निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और संवेदनशील क्षेत्रों में संतुलित विकास पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना ही टिकाऊ विकास का आधार है और हिमाचल इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। राजेश धर्माणी ने बताया कि सेमिनार में सेवानिवृत्त स्टेट टाउन प्लानर्स सर्वश्री संख्यान और गौतम ने भी अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ विशेषज्ञों के अनुभव युवा टाउन प्लानर्स के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे और भविष्य में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद करेंगे। मंत्री ने विश्वास जताया कि इस तरह के ज्ञान-विनिमय कार्यक्रमों से हिमाचल और हरियाणा दोनों राज्यों में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को बल मिलेगा तथा विकास गतिविधियां अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और नियोजित तरीके से संचालित हो सकेंगी। बाईट :  राजेश धर्माणी      टेक्निकल एजुकेशन और वोकेशनल एंड इंडस्ट्रियल एजुकेशन मंत्री
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विक्रमादित्य सिंह ने मंडी-जोगिंदरनगर मार्ग पर 12 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया

Mandi, Himachal Pradesh:मंडी स्टोरी लोक निर्माण मंत्री ने कोटली क्षेत्र में किए 12 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं के लोकार्पण ब्यास नदी पर बरसात में बहे पुल के स्थान पर कून का तर में बेली सस्पेंशन ब्रिज से जुड़े मंडी सदर व जोगेंद्रनगर क्षेत्र मंडी–जोगिन्दरनगर वाया कोटली मार्ग पर सभी बस सेवाएं शीघ्र बहाल करने की घोषणा लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज मंडी सदर उपमंडल की ग्राम पंचायत कोट तुंगल के कून का तर में लगभग 1208.75 लाख रुपये की लागत से निर्मित विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को समर्पित किया। मंत्री ने 825 लाख रुपये की लागत से व्यास नदी पर निर्मित बैली सस्पेंशन ब्रिज का शुभारंभ किया। वर्ष 2023 की भीषण प्राकृतिक आपदा के दौरान व्यास नदी में आई बाढ़ में यह पुल बह गया था। नए पुल के निर्माण से जोगिंदर नगर, मंडी सदर तथा द्रंग विधानसभा क्षेत्र के लाखों लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी। इस अवसर पर उन्होंने 275.97 लाख रुपये की लागत से निर्मित 5.500 किलोमीटर जबलाही नाला–बरनोटा–कड़कोह सड़क का भी उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त 107.75 लाख रुपये की लागत से निर्मित 2 किलोमीटर राष्ट्रीय उच्च मार्ग 003से सताहन सड़क का भी शुभारंभ किया। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास, बेहतर सड़क संपर्क, परिवहन सुविधाओं के विस्तार तथा रोजगार सृजन के लिए निरंतर कार्य कर रही है और जनहित से जुड़े सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कून से जोगिन्दरनगर सड़क के उन्नयन के लिए नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर सड़क निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर एवं सुरक्षित सड़क सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि मंडी–जोगिन्दरनगर वाया कोटली मार्ग पर सभी बस सेवाएं शीघ्र पुनः आरंभ की जाएंगी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन एवं हिमाचल पथ परिवहन निगम को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को सुदृढ़ करने तथा आधुनिक आधारभूत ढांचे के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए सड़क अवसंरचना को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। दूरदराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध करवाने के साथ-साथ मौजूदा सड़कों के रखरखाव एवं उन्नयन पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। प्रदेशभर में नई सड़कों, पुलों तथा अन्य आधारभूत ढांचागत परियोजनाओं का कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक क्षेत्र को सुरक्षित, सुगम और सर्व मौसम सड़क सुविधा उपलब्ध करवाना है, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिले तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और कृषि क्षेत्रों को भी नई गति प्राप्त हो। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित किए जा रहे हैं तथा समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को सड़कों के नियमित रखरखाव, मरम्मत और यातायात सुरक्षा से जुड़े कार्यों में भी पूरी गंभीरता बरतने के निर्देश दिए हैं। थाना पलौन पावर प्रोजेक्ट को एफआरए मंजूरी, भू-भू जोत टनल की डीपीआर हो रही तैयार विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि थाना पलौन पावर प्रोजेक्ट को वन अधिकार अधिनियम (FRA) के तहत आवश्यक मंजूरी प्राप्त हो चुकी है तथा इसका निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से प्रदेश को राजस्व प्राप्त होगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मंत्री ने कहा कि भू-भू जोत टनल को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है तथा इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम होगा, यात्रा समय में कमी आएगी तथा यह टनल सामरिक एवं रक्षा की दृष्टि से भी मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने विश्राम गृह कोटली तथा कून में लोगों की समस्याएं सुनीं तथा मौके पर ही उनका निपटारा किया।
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माता वैष्णो देवी मार्ग पर मैटाडोर पलटने से 13–14 जवान घायल, तीन की हालत गंभीर

Jammu, माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर रविवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जब माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की सुरक्षा में तैनात सीएसएसएफ (CSSF) के जवानों को लेकर आ रही एक मैटाडोर वाहन ताराकोट से कटरा की ओर आते समय अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में करीब 13 से 14 जवान घायल हो गए, जबकि तीन जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। कटरा, 28 जून: प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब सीएसएसएफ की मैटाडोर ताराकोट क्षेत्र से कटरा की ओर लौट रही थी। इसी दौरान वाहन का नियंत्रण अचानक बिगड़ गया और चालक के संतुलन खोने के कारण मैटाडोर सड़क पर पलट गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि वाहन में सवार जवानों को संभलने का मौका नहीं मिला और कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, श्र shrine बोर्ड के अधिकारी तथा राहत एवं बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग करते हुए घायल जवानों को वाहन से बाहर निकालने में मदद की। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए उप-जिला अस्पताल कटरा पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, हादसे में घायल 13 से 14 जवानों का प्राथमिक उपचार किया गया। इनमें से तीन जवानों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य जवानों का इलाज कटरा अस्पताल में जारी है। चिकित्सकों की टीम लगातार सभी घायलों की निगरानी कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे का कारण वाहन के अनियंत्रित होने को माना जा रहा है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति अथवा अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि सीएसएसएफ के जवान माता वैष्णो देवी यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यात्रा मार्ग पर हर दिन हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात रहते हैं। ऐसे में इस हादसे ने सुरक्षा बलों के साथ-साथ प्रशासन को भी चिंता में डाल दिया है। प्रशासन ने कहा है कि घायलों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है तथा पूरे मामले की जांच के बाद दुर्घटना के कारणों का विस्तृत विवरण सामने लाया जाएगा। हादसे के बाद यात्रा मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
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किन्नौर कैलाश यात्रा 2026 स्थगित; मार्ग पर भारी खतरे, पुनः समीक्षा के बाद निर्णय

Shimla, Himachal Pradesh:किन्नौर कैलाश यात्रा-2026 को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) कल्पा एवं किन्नौर कैलाश यात्रा आयोजन समिति के अध्यक्ष के अनुसार, यात्रा मार्ग पर गंभीर प्राकृतिक खतरों को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। अब यात्रा तभी शुरू होगी, जब मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा。 12 जून को राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में किन्नौर कैलाश यात्रा का आयोजन 1 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 21 जून को वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी में एक विशेष रिकी (Reconnaissance) टीम ने यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया。 निरीक्षण रिपोर्ट में मार्ग पर कई गंभीर खतरे सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मिलिंग खाता से शिवलिंग तक बड़े ग्लेशियर मौजूद हैं, जिन पर भारी चट्टानें और बोल्डर अस्थिर स्थिति में टिके हुए हैं। वहीं, गुफा से सोरंग के बीच कई स्थानों पर बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है और लगातार चट्टानें गिरने का खतरा बना हुआ है। तापमान बढ़ने से बर्फ पिघलने के कारण भारी बोल्डरों के मुख्य यात्रा मार्ग पर लुढ़कने, भूस्खलन और मलबा गिरने की आशंका भी बढ़ गई है। विशेष रूप से मिलिंग खाता से पवित्र गुफा तक का मार्ग, जहां श्रद्धालु प्रायः रात्रि में यात्रा करते हैं, अत्यधिक जोखिमपूर्ण बताया गया है। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने किन्नौर कैलाश यात्रा- 2026 को अगले आदेशों तक स्थगित कर दिया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के हित में वर्तमान मार्ग से यात्रा का प्रयास न करें। यात्रा मार्ग की दोबारा समीक्षा के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
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Ladakh प्रशासन ने संरक्षित क्षेत्रों में ऑफ-रोडिंग करने वाले चार पर्यटकों पर 2 लाख का जुर्माना

Noida, Uttar Pradesh:Ladakh fines Rs 2 lakh penalty on four tourists for illegal off-roading in protected areas Leh (Ladakh) [India], June 28 (ANI): The Ladakh Administration has imposed total penalty of Rs 2 lakh on four tourists for illegal off-roading in Pangong Lake and other protected wildlife areas, marking the first time such stringent action has been taken against offenders in the union Territory, according to an official release. The action was taken on the directions of Lieutenant Governor VK Saxena to curb the growing menace of tourists driving vehicles through ecologically sensitive lakes, streams and protected wildlife habitats, the release issued by the Lieutenant Governor's Secretariat said. According to the release, the Wildlife Department on June 26 imposed a penalty of Rs 50,000 each on four vehicle owners from Himachal Pradesh, Chandigarh, Punjab and Uttar Pradesh for violating provisions of the Wildlife (Protection) Act. The offenders were found driving their vehicles into Pangong Lake and other protected wildlife zones in Changthang and Nubra over the past few days. The release said the four vehicles were impounded following investigations and were released only after the penalties were paid, reaffirming the administration's commitment to protecting Ladakh's fragile ecosystem and endangered wildlife. According to the release, the violations came to light during routine patrolling by wildlife officials as well as through social media surveillance. The incidents were reported at Merak and Lukung along Pangong Lake, Nurboo La in Hanle and Sumur in Nubra Valley under the Leh Wildlife Division. Lieutenant Governor VK Saxena urged tourists, adventure enthusiasts and vehicle owners to behave responsibly while visiting Ladakh and avoid entering protected wildlife habitats. According to the release, he said such activities disturb endangered species, damage fragile ecosystems and affect the sanctity of tourist destinations. The release said one of the incidents involved a Punjab-registered vehicle that was allegedly driven into the waters of Pangong Lake near Merak on June 23 for stunt purposes. In another case, a Uttar Pradesh-registered car was intercepted after a video surfaced showing it being driven off-road near Lukung within the Changthang Cold Desert Wildlife Sanctuary. Two other cases involved a Punjab-registered jeep allegedly driven through a stream inside the Karakoram (Nubra-Shayok) Wildlife Sanctuary and a Himachal Pradesh-registered car that was traced after a viral video allegedly showed it chasing a Tibetan gazelle near Nurboo La inside the Changthang Cold Desert Wildlife Sanctuary, the release added. The Lieutenant Governor emphasised that off-road driving within or in the vicinity of protected areas is a punishable offence under the Wildlife (Protection) Act, 1972, and warned that stringent action would continue against all such violators.
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