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Kuldip SinghKuldip SinghFollow8 Aug 2024, 03:46 am
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PGIMER चंडीगढ़ में 8वीं राष्ट्रीय पोषण कॉन्फ्रेंस: प्रीबायोटिक्स और गट-क्लिनिकल प्रभाव पर चर्चा

Chandigarh, Chandigarh:PGIMER ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿੱਚ 8ਵੀਂ ਸਾਲਾਨਾ ਨੈਸ਼ਨਲ ਨਿਊਟ੍ਰੀਸ਼ਨ ਕਾਨਫਰੰਸ ਕਰਵਾਈ ਗਈ PGIMER ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਡਿਪਾਰਟਮੈਂਟ ਆਫ ਡਾਇਟੈਟਿਕਸ ਵੱਲੋਂ ਨਿਊਟ੍ਰੀਸ਼ਨ ਸੋਸਾਇਟੀ ਆਫ ਇੰਡੀਆ (NSI), ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਚੈਪਟਰ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ 8ਵੀਂ ਸਾਲਾਨਾ ਨੈਸ਼ਨਲ ਨਿਊਟ੍ਰੀਸ਼ਨ ਕਾਂਫਰੰਸ ਕਰਵਾਈ ਗਈ। ਕਾਨਫਰੰਸ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ “ਮਾਈਕ੍ਰੋਬਾਇਓਮ ਤੋਂ ਮੈਟਾਬੋਲਿਜ਼ਮ: ਮਾਈਕ੍ਰੋਬਾਇਓਮ-ਟਾਰਗੇਟਿਡ ਨਿਊਟ੍ਰੀਸ਼ਨ ਦੇ ਕਲੀਨਿਕਲ ਪ੍ਰਭਾਵ” ਰਿਹਾ। ਕਾਨਫਰੰਸ ਵਿੱਚ ਦੇਸ਼ ਭਰ ਤੋਂ ਡਾਇਟੀਸ਼ੀਅਨ, ਡਾਕਟਰਾਂ ਅਤੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਸਮੇਤ ਲਗਭਗ 250 ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੇ ਹਿੱਸਾ ਲਿਆ। ਵਿਗਿਆਨਕ ਸੈਸ਼ਨਾਂ ਦੌਰਾਨ ਪ੍ਰੀਬਾਇਓਟਿਕਸ ਅਤੇ ਗਟ ਬੈਕਟੀਰੀਆ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਚਰਚਾ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਪ੍ਰੀਬਾਇਓਟਿਕਸ ਪਿਆਜ਼, ਲਸਣ, ਚਿਕੋਰੀ ਰੂਟ ਪਾਊਡਰ, ਕੇਲੇ, ਬੱਕਰੀ ਅਤੇ ਗਾਂ ਦੇ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਕਈ ਫਲਾਂ-ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂਦ ਫਾਈਬਰ ਆਦਿ ਤੋਂ ਮਿਲ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਇੱਕ ਸਬੂਤ-ਅਧਾਰਿਤ ਖੁਰਾਕ ਮਾਡਲ ਹੈ, ਜਿਸ ਦਾ ਉਦੇਸ਼ ਗੁਰਦੇ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਰਵਾਇਤੀ ਤੌਰ ’ਤੇ ਲਾਗੂ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਸਖ਼ਤ ਖੁਰਾਕੀ ਪਾਬੰਦੀਆਂ ਦੀ ਬਜਾਏ ਵਧੇਰੇ ਸੰਤੁਲਿਤ ਅਤੇ ਵਿਗਿਆਨਕ ਖੁਰਾਕੀ ਪਹੁੰਚ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਉਣਾ ਹੈ۔ ਸ਼ਾਕਾਹਾਰੀ, ਵੀਗਨ ਅਤੇ ਕੁਝ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਨਾਨ-ਵੈਜ ਖਾਣਿਆਂ ਦੀਆਂ ਵਿਧੀਆਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ, ਪੋਟੈਸ਼ੀਅਮ, ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਊਰਜਾ ਦੀ ਲੋੜ ਵਰਗੇ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਪੋਸ਼ਣ ਤੱਤਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਇਹ ਕ੍ਰੋਨਿਕ ਕਿਡਨੀ ਡਿਜ਼ੀਜ਼ (CKD) ਵਾਲੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਢੁੱਕਵੀਂ ਹੋਵੇ। ਮਾਹਿਰਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪ੍ਰੀਬਾਇਓਟਿਕਸ ਸਰੀਰ ਵਿੱਚ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਗਟ ਬੈਕਟੀਰੀਆ ਨੂੰ ਵਧਾਉਣ, ਸ਼ਾਰਟ-ਚੇਨ ਫੈਟੀ ਐਸਿਡ ਬਣਾਉਣ, ਆਂਤਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਵਾਲੀ ਪਰਤ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਅਤੇ ਗਟ-ਲਿਵਰ-ਬ੍ਰੇਨ ਐਕਸਿਸ ਨੂੰ ਨਿਯੰਤਰਿਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਫਾਇਦੇ ਸਿਰਫ਼ ਆਂਤਾਂ ਤੱਕ ਸੀਮਿਤ ਨਹੀਂ ਹਨ। ਇਹ ਸ਼ੂਗਰ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਬਲੱਡ ਗਲੂਕੋਜ਼ ਕੰਟਰੋਲ, ਨਾਨ-ਅਲਕੋਹਲਿਕ ਫੈਟੀ ਲਿਵਰ ਦੇ ਇਲਾਜ ਅਤੇ ਹੱਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਮਿਨਰਲਜ਼ ਦੀ ਅਬਜ਼ਾਰਪਸ਼ਨ ਸਮਰੱਥਾ ਨੂੰ ਬਿਹਤਰ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਵੀ मਦਦਗਾਰ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਹੱਡੀਆਂ ਦੀ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਨੂੰ ਸਹਿਯੋਗ ਮਿਲਦਾ ਹੈ। ਬਾਈਟ ਪੀਜੀਆਈ ਦੇ ਮਾਹਰ ਡਾਕਟਰ ਨੈਂਸੀ ਸਾਹਨੀ, ਚੀਫ ਡਾਇਟੀਸ਼ੀਅਨ ਸਨ。
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रामपुर खेल मैदान पर महिलाओं ने पारंपरिक अनाजों से रोजगार और स्वास्थ्य संदेश फैलाया

Dhar Chhiling Khola, Himachal Pradesh:रामपुर के पाट बांग्ला मैदान में जहां प्रदेशभर के वन विभाग के खिलाड़ी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं मैदान के एक हिस्से में हिमाचल की पारंपरिक फसलों और जैविक उत्पादों की खुशबू लोगों को आकर्षित कर रही है। जाइका परियोजना से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने यहां विभिन्न उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। इन स्टॉलों पर पारंपरिक विलुप्तप्राय अनाज, स्थानीय खाद्य पदार्थ और उनसे तैयार व्यंजन बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। महिलाओं का कहना है कि वे जन-जन तक पारंपरिक और मोटे अनाजों को उगाने का संदेश दे रहे हैं, इसके साथ-साथ इन फसलों में क्या औषधीय गुण है कैसे निरोग एवं लंबा जीवन जी सकते हैं लोगों को जागरूक किया जा रहा है, उन्होंने बताया महिलाओं के लिए यह प्रदर्शनी सिर्फ उत्पाद बेचने का माध्यम नहीं, बल्कि अपने हुनर और मेहनत को बाजार तक पहुंचाने का अवसर भी है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आय अर्जित कर रही हैं और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। जाइका वानिकी परियोजना के तहत प्रदेश के 22 वन मंडलों में करीब 920 स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं, जिनमें लगभग 90 प्रतिशत महिलाएं हैं। परियोजना के माध्यम से महिलाएं स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। बाइट — उमादत्त भारद्वाज, खरीदार “हम यहां खेल प्रतियोगिता देखने आए थे। जाइका परियोजना से जुड़ी महिलाओं ने जैविक और पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। ये उत्पाद स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छे हैं। लोगों को रसायन मुक्त और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को अपने खानपान में शामिल करना चाहिए।” बाइट — पवन रेखा, भगवती स्वयं सहायता समूह, तरंडा “हमारे समूह की महिलाएं पारंपरिक व्यंजनों पर काम कर रही हैं। यहां प्रदर्शनी लगाने का उद्देश्य लोगों को विलुप्त होती पारंपरिक फसलों और उनसे तैयार व्यंजनों की जानकारी देना है। साथ ही महिलाएं इन उत्पादों को बेचकर अपनी आजीविका भी चला रही हैं।” बाइट — सत्या देवी, स्वयं सहायता समूह “हम जैविक विधि से उगाई गई पारंपरिक फसलें यहां बिक्री के लिए लाए हैं। ओगला, फाफरा जैसे मोटे अनाजों को संरक्षित करने के साथ-साथ इनके उपयोग और महत्व के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं।” बाइट — संतोष कुमारी, स्वयं सहायता समूह “हम दूरदराज क्षेत्र से अपने पारंपरिक उत्पाद यहां बेचने के लिए लाए हैं। हमारा प्रयास है कि लोगों को इन पारंपरिक अनाजों की जानकारी मिले और महिलाएं भी अपने उत्पादों के माध्यम से रोजगार हासिल कर आत्मनिर्भर बनें।” बाइट — प्रतिभा, स्वयं सहायता समूह “हम अपनी पारंपरिक और विलुप्त हो रही फसलों से तैयार उत्पाद यहां लेकर आए हैं। लोगों को जागरूक करना चाहते हैं कि स्थानीय और जैविक उत्पादों को बढ़ावा दें और स्वस्थ जीवन की ओर आगे बढ़ें।” बाइट — नरेश कुमारी, स्वयं सहायता समूह “हम विलुप्तप्राय पारंपरिक फसलों को दोबारा उगाने का काम कर रहे हैं। इनका उत्पादन लोगों तक पहुंचाकर एक तरफ हमारी आमदनी बढ़ रही है, वहीं लोगों को भी पौष्टिक और पारंपरिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो रहे हैं。” समापन रामपुर की इस खेलकूद प्रतियोगिता में मैदान पर खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, तो स्टॉलों पर महिलाएं अपने हुनर, मेहनत और पारंपरिक उत्पादों से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। जैविक खेती और पारंपरिक फसलों को बाजार से जोड़ने की यह पहल महिला रोजगार के साथ स्वस्थ खान-पान को भी बढ़ावा दे रही है।
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सेहली गांव में सर्पदंश से दो मासूम भाई-बहन की मौत, क्षेत्र में गम की लहर

Sundar Nagar, Himachal Pradesh:सेहली गांव में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। सर्पदंश के कारण एक ही परिवार के दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 9 वर्षीय काव्या और उसके 6 वर्षीय छोटे भाई नक्ष के रूप में हुई है। दोनों की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शुक्रवार देर शाम दोनों घर लौटे और खाना खाकर खेलते रहे। रात करीब 9:30 बजे वे सोने चले गए। शनिवार तड़के करीब 2:30 बजे काव्या ने पेट दर्द की शिकायत की; कुछ देर बाद नक्ष ने भी दर्द बताया। शुरू में उसे सामान्य पेट दर्द समझा गया, पर दोनों की हालत खराब होने लगी। घर के पास एक बड़े काले सांप के दिखने से तनाव का माहौल बन गया। परिवार ने दोनों बच्चों को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद नेरचौक के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में रेफर किया। नेरचौक पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के अनुसार मौत सांप के विष के शरीर में तेजी से फैलने से हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। यह घटना पूरे क्षेत्र को गमगीन कर गई है।
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कपूरथला के टलवंडी पुरदाल में रात चুরি: 10 तोले सोना, नकदी और डॉलर्स लूट

Kapurthala, Punjab:ਕਪੂਰਥਲਾ : ਘਰ ਅੰਦਰ ਸੁੱਤੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਪਤਾ ਹੀ ਨਾ ਲੱਗਾ, ਚੋਰਾਂ ਨੇ ਉਡਾਇਆ 10 ਤੋਲੇ ਸੋਨਾ, ਡਾਲਰ ਤੇ ਨਕਦੀ ਪਿੰਡ ਤਲਵੰਡੀ ਪੁਰਦਲ ’ਚ ਰਾਤ ਸਮੇਂ ਵੱਡੀ ਚੋਰੀ ਦੀ ਵਾਰਦਾਤ, ਸਵੇਰੇ ਅਲਮਾਰੀਆਂ ਖੁੱਲ੍ਹੀਆਂ ਦੇਖ ਕੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਉੱਡੇ ਹੋਸ਼; ਭੁਲੱਥ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਪੂਰਥਲਾ : ਥਾਣਾ ਭੁਲੱਥ ਅਧੀਨ ਪੈਂਦੇ ਪਿੰਡ ਤਲਵੰਡੀ ਪੁਰਦਲ ਵਿਖੇ ਬੀਤੀ ਰਾਤ ਚੋਰਾਂ ਨੇ ਇੱਕ ਘਰ ਨੂੰ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਬਣਾਉਂਦਿਆਂ ਲੱਖਾਂ ਰੁਪਏ ਦੇ ਕੀਮਤੀ ਸਾਮਾਨ ’ਤੇ ਹੱਥ ਸਾਫ਼ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਸਭ ਤੋਂ ਹੈਰਾਨੀਜਨਕ ਗੱਲ ਇਹ ਰਹੀ ਕਿ ਜਿਸ ਸਮੇਂ ਚੋਰ ਘਰ ਅੰਦਰ ਚੋਰੀ ਦੀ ਵਾਰਦਾਤ ਨੂੰ ਅੰਜਾਮ ਦੇ ਰਹੇ ਸਨ, ਉਸ ਸਮੇਂ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰ ਘਰ ਦੇ ਅੰਦਰ ਹੀ ਸੁੱਤੇ ਹੋਏ ਸਨ। ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰ ਗੁਰਬਚਨ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸਵੇਰੇ ਉਸ ਦੀ ਮਾਤਾ ਅਮਰਜੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਜਦੋਂ ਘਰ ਦੀਆਂ ਅਲਮਾਰੀਆਂ ਖੁੱਲ੍ਹੀਆਂ ਦੇਖੀਆਂ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ੱਕ ਹੋਇਆ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਘਰ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤਾਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਕਮਰਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸਮਾਨ ਦੀ ਫੋਲਾ-ਫਰਾਲੀਆਂ ਹੋਈ ਮਿਲੀ। ਪਰਿਵਾਰ ਮੁਤਾਬਕ ਚੋਰ ਘਰ ਵਿੱਚੋਂ 10 ਤੋਲੇ ਸੋਨਾ, 1500 ਅਮਰੀਕੀ ਡਾਲਰ ਅਤੇ 30 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਦੀ ਨਕਦੀ ਚੋਰੀ ਕਰਕੇ ਲੈ ਗਏ। ਵਾਰਦਾਤ ਦਾ ਪਤਾ ਲੱਗਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਦਹਿਸ਼ਤ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਬਣ ਗਿਆ। ਘਟਨਾ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਦਿਆਂ ਹੀ ਥਾਣਾ ਭੁਲੱਥ ਦੀ ਪੁਲਿਸ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਪਹੁੰਚੀ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ। ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਘਰ ਵਿੱਚ ਲੱਗੇ ਸੀਸੀਟੀਵੀ ਕੈਮਰਿਆਂ ਦੀ ਫੁਟੇਜ ਖੰਗਾਲੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਚੋਰਾਂ ਸਬੰਧੀ ਕੋਈ ਅਹਿਮ ਸੁਰਾਗ ਹੱਥ ਲੱਗ ਸਕੇ। ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਪੁਲਿਸ ਤੋਂ ਚੋਰਾਂ ਨੂੰ ਜਲਦ ਕਾਬੂ ਕਰਕੇ ਚੋਰੀ ਕੀਤਾ ਸਾਮਾਨ ਬਰਾਮਦ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਹੁਣ ਪੁਲਿਸ ਜਾਂਚ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੀ ਸਪੱਸ਼ਟ ਹੋਵੇਗਾ ਕਿ ਚੋਰ ਘਰ ਵਿੱਚ ਕਿਵੇਂ ਦਾਖ਼ਲ ਹੋਏ ਅਤੇ ਵਾਰਦਾਤ ਨੂੰ ਕਿੰਨੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਅੰਜਾਮ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ।
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पठानकोट में पर्यावरण-हित केमिकल-रहित गणेश मूर्तियाँ बनाकर उत्साह

Pathankot, Punjab:गणपति बप्पा महोत्सव की तैयारिया जोरो शोरों पर राजस्थान से आये मूर्तिकार पठानकोट में बना रहे मूर्तियां पर्यावरण को बचाने के लिए मूर्तिकार बना रहे केमिकल रहित मूर्तिया पंजाब के इलाबा हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी गणेश जी की मूर्तियों की डिमांड 100 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक की बना रहे मूर्तियां गणपति बप्पा स्वागत की तैयारिया शुरू हो चुकी है और 14 सितम्बर से गणेश चतुर्थी के दिन गणपति महोत्सव की शुरवात की जा रही है इसी के चलते पठानकोट में राजस्थान से आये हुए मूर्तिकारों द्वारा मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है जहाँ पहले केमिकल तथा पीओपी से मूर्तिया बनाई जाती थी वही अब पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए केमिकल रहित मूर्तिया बनाई जा रही है जिससे पर्यावरण दूषित होने से बचेगा वहीं इन मूर्तियों की डिमांड न सिर्फ पठानकोट में बल्कि पंजाब के अलग-अलग जिलों के इलाबा हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी गणेश जी की मूर्तियां जा रही है वही इनके दाम 100 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक है 14 सितम्बर गणेश चतुर्थी के दिन से देश भर में गणेश महोत्सव शुरू होने जा रहा है जिसे देखते हुए पठानकोट में गणपति की मूर्तियाँ बनाने का कार्य पिछले 5 महीने से शुरू हो चुका है जिन्हें अब फाइनल टच दिया जा रहा है मूर्तियाँ बनाने वाले कारीगरों का कहना पहले कैमिकल व पीओपी से मूर्तियाँ तैयार की जाती थी परंतु इस वर्ष पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कैमिकल रहित गणपति बप्पा की मूर्तियाँ बनाई जा रही हैं हर वर्ष हजारों की संख्या में लोग गणपति बप्पा की मूर्तियाँ तालाबों नदियों तथा दरियाओं में विसर्जित करते हैं प्लास्टिक के इस्तेमाल से बनी हुई मूर्तियों से पर्यावरण दूषित होता था वही पानी मे रहने वाले जीव जंतुओं भी कैमिकल के कारण मारे जाते थे इसलिए इस वर्ष लोग कैमिकल रहित बनी हुई गणपति बप्पा की मूर्तियाँ खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं ताकि पर्यावरण भी दूषित न हो इसलिए ही पठानकोट में कारीगर अधिकतर बिना कैमिकल से बनी मूर्तियाँ तैयार करने में जुटे हैं बप्पा के स्वागत की तैयारी शुरू हो चुकी है बप्पा को आकार और रंग देने का काम तेजी से चल रहा है मूर्ति कलाकार भी मूर्तियों को अंतिम रूप देने में लगे हैं गणपती बप्पा को अपने घर ले जाने वाले श्रद्धालु भी इन मूर्तियों को पसंद कर रहे हैं महिलाये गणेश जी को घर ले जाने के लिए मूर्तिकारों से मूर्तियाँ खरीदते हुए काफी उत्साहित नजर आ रही हैं
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लुधियाणा की पूर्वी क्षेत्र की सड़क खराब, अकाली दल ने किया कैंडल मार्च

Ludhiana, Punjab:ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਹਲਕਾ ਪੂਰਵੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੈਂਦੇ ਰਾਹੋ ਰੋਡ ਸੜਕ ਤੇ ਪਏ ਟੋਏ ਸੜਕ ਦੀ ਖਸਤਾ ਹਾਲਤ ਨੇ ਲਿਆ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਵਿਧਾਇਕ, ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਕੌਂਸਲਰ ਅਤੇ ਵਰਕਰਾਂ ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਜਗਾਉਣ ਲਈ ਕੱਢਿਆ ਕੈਂਡਲ ਮਾਰਚ ਕਿਹਾ ਇਹ ਸੜਕ ਨਰਕ ਨੂੰ ਜਾਣ ਵਾਲਾ ਰਸਤਾ ਵੀ ਆਖਦੇ ਹੋਏ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਜੇਕਰ ਇਸਦਾ ਸੁਧਾਰ ਨਾ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਵੱਡਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਹਲਕਾ ਪੂਰਬੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੈਂਦੇ ਰਾਹੋ ਰੋਡ ਦੀ ਹਾਲਤ ਇੰਨੇ ਖਰਾਬ ਹਨ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਟੋਇਆ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਸੜਕ ਲੱਭਣੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਸੜਕ ਨੂੰ ਨਰਕ ਨੂੰ ਜਾਣ ਵਾਲਾ ਰਸਤਾ ਵੀ ਆਖਦੇ ਹਨ। ਸੜਕ ਦੀ ਖਸਤਾ ਹਾਲਤ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਹਲਕਾ ਪੂਰਬੀ ਤੋਂ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਵਿਧਾਇਕ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋ ਅਤੇ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਕੌਂਸਲਰ ਅਤੇ ਸੈਂਕੜੇ ਵਰਕਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਇੱਕ ਕੈਂਡਲ ਮਾਰਚ ਕੱਢਿਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਇਹ ਕੈਂਡਲ ਮਾਰਚ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੂੰ ਜਗਾਉਣ ਲਈ ਕੱਢਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਨੌ ਸਾਲਾਂ ਦੇ ਇਸ ਸੜਕ ਦੇ ਹਾਲਤ ਅਜਿਹੇ ਹਨ। ਕਿ ਨਾ ਕਾਂਗਰਸ ਨੇ ਨਾ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਨੇ ਇਸ ਸੜਕ ਦੀ ਹਾਲਤ ਵੱਲ ਦੇਖਿਆ ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਇਥੇ ਆਉਣ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਭਾਰੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕਈ ਲੋਕ ਆਪਣੀਆਂ ਕੀਮਤੀ ਜਾਨਾਂ ਗਵਾ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਸੜਕ ਨੂੰ ਨਰਕ ਨੂੰ ਜਾਣ ਵਾਲਾ ਰਾਸਤਾ ਲੋਕ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਲਈ ਜੇਕਰ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਦਿਨਾਂ ਚ ਇਹ ਸੜਕ ਤੇ ਕੰਮ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਨਾ ਹੋਈ ਤਾਂ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਉਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਵਰਕਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜਦੋਂ ਇਸ ਸੜਕ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਚੁੱਕਿਆ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਅਤੇ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਦੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਅਤੇ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਵਿਧਾਇਕ ਚੱਕਰ ਲਗਾ ਰਹੇ ਹਨ ਦੋਨੋਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸਾਨੂੰ ਵੀ ਆਸ ਹੋਈ ਹੈ ਕਿ ਸੜਕ ਦੇ ਹਾਲਤ ਵੀ ਸੁਧਾਰ ਹੋਣਗੇ
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मानसा के डेलुआणा गांव में सरकार के कार्यक्रमों पर फूल बरसाकर स्वागत किया गया

Mansa, Punjab:ਮਾਨਸਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਡੇਲੂਆਣਾ ਵਿੱਚ ਲੋਕ ਮਿਲਣੀ ਤਹਿਤ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਤੋਂ ਸੰਤੁਸ਼ਟ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਵਰਖਾ ਕਰ ਸਵਾਗਤ ਕੀਤਾ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲੋਗ ਮਿਲਣੀਆਂ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮਾਂ ਤਹਿਤ ਮਾਨਸਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਡੇਲੂਆਣਾ ਵਿੱਚ ਲੋਕ ਮਿਲਣੀ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੌਰਾਨ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਚੇਅਰਮੈਨ ਚਸਪਿੰਦਰਬੀਰ ਚਹਿਲ ਦਾ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਤੋਂ ਸੰਤੁਸ਼ਟ ਹੋ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਫੁੱਲਾਨ ਦੀ ਵਰਖਾ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਸਵਾਗਤ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਿਸ਼ਦ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਨੇਜ਼ਿਲੇ ਭਰ ਦੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ 3 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਗਰਾਂਟ ਦਿੱਤੀ ਗਈ। ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਲਈ ਸਪੋਰਟਸ ਕਿੱਟਾਂ ਵੀ ਵੰਡੀਆਂ ਗਈਆਂ, ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਮਕਸਦ ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤ पंजाब ਅਤੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਖੇਡਾਂ ਨਾਲ ਜੋੜਨਾ ਹੈ। ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਹਰ ਪਰਿਵਾਰ ਲਈ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਬੀਮਾ ਸਕੀਮ ਦੇ ਚਾਲੂ ਹੋਣ ਨਾਲ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਮੁਕਤ ਇਲਾਜ ਮਿਲ ਰਿਹਾ ਹੈ।
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गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश पर्व पर हरिमंदिर साहिब में दीपमाला और आतिशबाज़ी

Amritsar, Punjab:ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ‘ਤੇ ਸੱਚਖੰਡ ਸ਼੍ਰੀ ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ ਦੀਪਮਾਲਾ ਅਤੇ ਆਤਸ਼ਬਾਜ਼ੀ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਸੱਚਖੰਡ ਸ਼੍ਰੀ ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ ਇਹ ਨਜ਼ਾਰਾ ਵੇਖ ਸੰਗਤ ਬਹੁਤ ਖੁਸ਼ ਹੋਈ। ਇਸ ਸ਼ੁਭ ਦਿਨ ‘ਤੇ ਦੇਸ਼ ਵਿਦੇਸ਼ ਤੋਂ sੰਗਤ ਗੁਰੂ ਘਰ ਵਿੱਚ ਨਤਮਸਤਕ ਹੋਣ ਲਈ ਪਹੁੰਚੀ। ਸੱਚਖੰਡ ਸ਼੍ਰੀ ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ ਨੂੰ ਸੁੰਦਰ ਫੁੱਲਾਂ ਨਾਲ ਸਜਾਇਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਜਲੌ ਸਾਹਿਬ ਨੂੰ ਵੀ ਸਜਾਇਆ ਗਿਆ। ਜਲੌ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਦਰਸ਼ਨ ਕਰਨ ਲਈ ਸੰਗਤ ਪਹੁੰਚੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਗੁਰੂ ਘਰ ਦਰਸ਼ਨਾਂ ਲਈ ਪਹੁੰਚੀ sੰਗਤ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅੱਜ ਪਹਿਲਾ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦਾ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ 1604 ਵਿੱਚ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਅਰਜਨ ਦੇਵ ਜੀ ਨੇ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦਾ ਸੰਪਾਦਨ ਕਰਵਾਇਆ ਅਤੇ ਬਾਬਾ ਬੁੱਢਾ ਜੀ ਨੇ ਇਸ ਪਾਵਨ ਸਰੂਪ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਸ਼੍ਰੀ ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ ਕੀਤਾ।
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खण्डा साहिब के राजनीतिक इस्तेमाल पर अखिलेश यादव ने किया कड़ा विरोध

Chandigarh, Chandigarh:अखिलेश यादव द्वारा पवित्र खण्डा साहिब को राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करना बिल्कुल अस्वीकार्य है। धार्मिक चिन्ह राजनीतिक मज़ाक का साधन नहीं हैं।खण्डा साहिब सिख धर्म, सिख पहचाण और विरासत का पवित्र प्रतीक है। इसकी बेअदबी या बिगाड़ करना सिख भाईचारे की धारणाओं को गहरा चोट पहुँचाता है। इसका सिर्फ आम राजनीतिक बयानबाज़ी कह कर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब सवाल सिर्फ अखिलेश यादव का नहीं। उन्होंने दिल्ली चुनावों में AAP का खुलकर समर्थन किया, जबकि उनकी समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का राजनीतिक साथी है। कांग्रेस और AAP को स्पष्ट करना चाहिए कि वे इस मामले में कहाँ खड़े हैं। क्या वे सिर्फ चुप रहते क्यों कि बेअदबी करने वाला उनका राजनीतिक साथी है? धार्मिक भावनाओं के लिए दोहरे मानदंड नहीं हो सकते राजनीतिक सुविधा अनुसार एक मापदंड और गठजोड़ साथी के लिए दूसरा। हर धर्म और हर पवित्र चिन्ह का बराबर सम्मान होना चाहिए। खण्डा साहिब सिख धर्म का पवित्र प्रतीक है, राजनीतिक प्रचार का साधन नहीं। राजनीतिक गठजोड़ धर्मिक आस्था और सम्मान से ऊपर नहीं हो सकते। INCIndia और AAPPunjab अपनी चुपी तोड़ें। आर. पी. सिंह राष्ट्रीय बुलारा, भाजप
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अनिल सरीन के मुताबिक गाँव वालों ने भाजपा विरोध नहीं, आप नेताओं पर सवाल उठाये

Ludhiana, Punjab:ਲੁਧਿਆਣਾ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਲੀਡਰ ਅਨਿਲ ਸਰੀਨ ਨੇ ਕੀਤੀ ਪੱਤਰਕਾਰ ਵਾਰਤਾ ਕਿਹਾ ਕਿ ‘ਆਪ’ ਦਾ ਚਿਹਰਾ ਬੇਨਕਾਬ: ਗੁਲਜ਼ਾਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਮਿਲਣ ਜਾ ਰਹੇ ਭਾਜਪਾ ਵਫ਼ਦ ਦਾ ਵਿਰੋਧ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਨਹੀਂ, ‘ਆਪ’ ਦੇ ਅਹੁਦੇਦਾਰਾਂ ਨੇ ਕੀਤਾਂ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ‘ਆਪ’ ਆਗੂਆਂ ਤੇ ਮੰਤਰੀਆਂ ਨੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਦੇ ਨਾਮ ’ਤੇ ਝੂਠਾ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕੀਤਾ, ਭਾਜਪਾ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੂਬਾ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਦਾ ਦੋਸ਼ ਲੁਧਿਆਨਾ, ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੂਬਾ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਅਨਿਲ ਸਰੀਨ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਗੁਲਜ਼ਾਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲ ਦੁੱਖ sਾਂਝਾ ਕਰਨ ਲਈ ਤੂਰਬਣਜਾਰਾ ਜਾ ਰਹੇ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਆਗੂਆਂ ਦੇ ਵਫ਼ਦ ਦਾ ਵਿਰੋਧ ਆਮ ਪਿੰਡ ਵਾਸਿਆਂ ਵੱਲੋਂ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਇਲਾਕਿਆਂ ਤੋਂ ਪਹੁੰਚੇ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਅਹੁਦੇਦਾਰਾਂ ਅਤੇ ਵਰਕਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਰਦਾਰ ਕੇਵਲ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ, ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਕੌਮੀ ਉਪ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਰਦਾਰ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ, ਸਾਬਕਾ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸੁਨੀਲ ਜਾਖੜ ਅਤੇ ਸਾਬਕਾ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਸ਼ਵਨੀ ਸ਼ਰਮਾ ਗੁਲਜ਼ਾਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲ ਸੰਵੇਦਨਾ ਪ੍ਰਗਟ ਕਰਨ ਜਾ ਰਹੇ ਸਨ, ਜਦੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕਾਫ਼ਲੇ ਨੂੰ ਰਸਤੇ ਵਿੱਚ ਰੋਕ ਕੇ ਵਿਰੋਧ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਸਰੀਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ‘ਆਪ’ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਅਤੇ ਮੰਤਰੀਆਂ ਨੇ ਮੀਡੀਆ ਤੇ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਰਾਹੀਂ ਇਸਨੂੰ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਦਾ ਵਿਰੋਧ ਦੱਸ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਗੁੰਮਰਾਹ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ। ਭਾਜਪਾ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਵਿਰੋਧ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਵਿੱਚ— * ਪੀਤੂ — ਚੇਅਰਮੈਨ, ਇੰਪਰੂਵਮੈਂਟ ਟਰੱਸਟ, ਸੰਗਰੂਰ — ਲਗਭਗ 44 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਦੂਰ * ਸਤਨਾਮ — ਮੌਜੂਦਾ ਸਰਪੰਚ, ਮੋਜੋਵਾਲ * ਅਜੇ ਸਿੰਗਲਾ — ਪ੍ਰਧਾਨ, ਟਰੱਕ ਯੂਨੀਅਨ * ਕਾਲਾ — ਸਰਪੰਚ, ਜਖੇਪਾਲ * ਮਨਿੰਦਰ ਘੁੰਮਣ — ਪ੍ਰਧਾਨ, ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ, ਦਿੜ੍ਹਬਾ * ਦਫ਼ਤਰ ਇੰਚਾਰਜ — ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ, ਦਿੜ੍ਹਬਾ * ਚਰਨਜੀਤ — ਹਲਕਾ ਵਾਈਸ ਕੋਆਰਡੀਨੇਟਰ, ਦਿੜ੍ਹਬਾ, ‘ਆਪ’ * ਸੋਨੀ ਸਿੰਘ — ਮੈਂਬਰ, ਬਲਾਕ ਸੰਮਤੀ, ਡਸਕਾ * ਮਾਣਕ ਸਿੰਘ ਪਾਟਿਆਵਾਲੀ — ‘ਆਪ’ ਪਾਰਟੀ ਅਹੁਦੇਦਾਰ, ਪਾਟਿਆਵਾਲੀ (ਦਿੜ੍ਹਬਾ) — ਲਗਭਗ 40 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਦੂਰ * ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ — ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੀਸ਼ਦ ਮੈਂਬਰ, ਜਖੇਪਾਲ — ਲਗਭਗ 34 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਦੂਰ * ਰਣਜੀਤ ਖੇਤਲਾ — ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਦੇ ਦਿੜ੍ਹਬਾ ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਇੰਚਾਰਜ ਸਰੀਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਇਹ ਵਿਰੋਧ ਸੱਚਮੁੱਚ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਦੀ ਸੁਤੰਤਰ ਪ੍ਰਤੀਕਿਰਿਆ ਸੀ ਤਾਂ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਸਦੇ ਅਹੁਦੇਦਾਰ ਉੱਥੇ ਕਿਸ ਦੇ ਕਹਿਣ ’ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕਿਸ ਨੇ ਇਕੱਠਾ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਜੇਕਰ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਕੋਲ ਲੁਕਾਉਣ ਲਈ ਕੁਝ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਭਾਜਪਾ ਆਗੂਆਂ ਨੂੰ ਸ਼ੋਕਗ੍ਰਸਤ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲ ਮਿਲਣ ਤੋਂ ਕਿਉਂ ਰੋਕਿਆ ਗਿਆ? ਵਿਰੋਧ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਕੌਣ ਸਨ, ਉਹ ਕਿੱਥੋਂ ਆਏ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕਿਸ ਨੇ ਭੇਜਿਆ—‘ਆਪ’ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਜਨਤਾ ਸਾਹਮਣੇ ਜਵਾਬ ਦੇਣਾ ਪਵੇਗਾ।” ਸਰੀਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਾਜਪਾ ਨਾ ਦਬੇਗੀ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਚੁੱਪ ਰਹੇਗੀ, ਸਗੋਂ ਹਰ ਪੀੜਤ ਪਰਿਵਾਰ ਲਈ ਇਨਸਾਫ਼ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਡੱਟ ਕੇ ਉਠਾਉੰਦੀ ਰਹੇਗੀ。
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धर्मशाला-खनियारा मार्ग पर पुल के नीचे भूस्खलन, आवाजाही बाधित; वाहन निकालना जोखिमपूर्ण

mathura, Dharamshala, Himachal Pradesh:धर्मशाला-खनियारा मार्ग पर पुल के नीचे लैंडस्लाइड, खतरे में आवाजाही खजांची मोहल्ला के पास पुल के नीचे खिसकी मिट्टी और चट्टानें, लोग जान जोखिम में डालकर निकाल रहे वाहन धर्मशाला। धर्मशाला-खनियारा सड़क मार्ग पर खजांची मोहल्ला के पास पुल के नीचे लैंडस्लाइड होने से आवाजाही प्रभावित हो गई है। भूस्खलन के कारण पुल के नीचे सड़क का एक हिस्सा मलबे और मिट्टी की चपेट में आ गया है, जिससे यहां से गुजरना जोखिम भरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार पुल भी खतरे की स्थिति में है और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। लब landस्लाइड के बाद मार्ग पर आवाजाही को लेकर लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग मजबूरी में अपने वाहनों को पुल के नीचे से निकालने का प्रयास कर रहे हैं। संकरे और असुरक्षित स्थान से वाहन निकालने के दौरान कभी भी दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहन चालक खतरे को नजरअंदान करते हुए जबरदस्ती पुल से वाहन निकाल रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ गया है。
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