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Kuldip SinghKuldip SinghFollow8 Aug 2024, 03:46 am
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नेरचौक में बिना लाइसेंस पटाखा गोदाम पर प्रशासन की कड़ी कार्रवाई

Mandi, Himachal Pradesh:नेरचौक में बारूद के ढेर पर सिस्टम! नगर परिषद कार्यालय के पास दो महीने से चल रहा था पटाखों का कथित अवैध गोदाम न लाइसेंस, न सुरक्षा के इंतजाम; संयुक्त टीम ने की घंटों जांच, संचालक को 24 घंटे का अल्टीमेटम नेरचौक (मंडी)। नगर परिषद नेरचौक कार्यालय के ठीक समीप कथित तौर पर बिना वैध अनुमति के पटाखों का भंडारण किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। शुक्रवार को एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी के निर्देश पर तहसीलदार, पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने संबंधित गोदाम में छापेमारी कर घंटों जांच की। जांच के दौरान संचालक भंडारण से संबंधित वैध लाइसेंस और अनुमति के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रशासन ने संचालक को 24 घंटे का समय देते हुए आवश्यक दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं। तय समय में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर गोदाम को सील करने सहित नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। घनी आबादी के बीच पटाखों का भंडारण, बड़ा खतरा सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि कथित पटाखा गोदाम नेरचौक के व्यस्त और घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है। इसके आसपास स्कूल, पेट्रोल पंप, होटल, रिहायशी मकान और मुख्य बाजार मौजूद हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार गोदाम में अग्निशमन यंत्रों सहित सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम भी नजर नहीं आ रहे थे। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। दो महीने से चल रहा था कारोबार, जिम्मेदार विभागों पर भी सवाल स्थानीय लोगों का दावा है कि पटाखों का यह भंडारण पिछले करीब दो महीने से नगर परिषद कार्यालय के बिल्कुल नजदीक चल रहा था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतने संवेदनशील मामले की जानकारी संबंधित विभागों को पहले क्यों नहीं मिली? यदि जानकारी थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई? गरीबों पर तुरंत कार्रवाई, बड़े कारोबारियों पर कब? इस मामले ने शहर में प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर भी बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे रोजी-रोटी कमाने वाले रेहड़ी-फड़ी संचालकों पर तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन इतने संवेदनशील मामले में कार्रवाई के लिए दो महीने तक इंतजार क्यों करना पड़ा? अब लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। शहर में यह चर्चा भी है कि क्या मामले में किसी तरह का राजनीतिक या प्रभावशाली दबाव कार्रवाई को प्रभावित करेगा? हालांकि, इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसडीएम ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा कहा कि घनी आबादी के बीच बिना अनुमति विस्फोटक एवं आतिशबाजी सामग्री का भंडारण गंभीर मामला है। संचालक को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। निर्धारित समय में वैध अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने पर गोदाम को सील करने सहित कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन का यह छापा महज औपचारिकता बनकर रह जाता है या फिर नेरचौक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मामले में वास्तव में ठोस कार्रवाई होती है。
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सोलन मंडी में गोभी के दाम गिरे; ऊना के नए आलू की आवक शुरू

Solan, Himachal Pradesh:सोलन मंडी में गोभी के दाम गिरे, ऊना के नए आलू की आवक शुरू सोलन। सोलन सब्जी मंडी में गुरुवार को सब्जियों और फलों का कारोबार अच्छा रहा। मंडी में विभिन्न क्षेत्रों से सब्जियों और फलों की आवक जारी है। इस दौरान ऊना से नए आलू की खेप भी मंडी पहुंची। वहीं फूलगोभी और बंदगोभी के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सब्जी मंडी के व्यवसायी विकास ठाकुर ने मंडी के ताजा भावों की जानकारी देते हुए बताया कि अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज 42 से 43 रुपये प्रति किलो बिका, जबकि छोटी गोली प्याज के दाम 18 से 20 रुपये रहे。 उन्होंने बताया कि ऊना से पहुंचे नए आलू की खेप 1300 रुपये प्रति कट्टा बिकी, जबकि इसका भाव करीब 26 रुपये प्रति किलो रहा। पहाड़ी आलू 19 से 20 रुपये प्रति किलो, देसी आलू 350 से 400 रुपये और लाल आलू 400 से 450 रुपये प्रति बोरी बिका। स्थानीय टमाटर 300 से 400 रुपये प्रति क्रेट, जबकि बाहरी टमाटर 500 से 550 रुपये के भाव पर बिका。 मंडी में फूलगोभी के दाम गिरकर 7 से 8 रुपये प्रति किलो रह गए, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाली गोभी 10 रुपये तक बिकी। बंदगोभी के भाव भी 6 से 8 रुपये प्रति किलो रहे। अदरक 20 से 50 रुपये, हरी मिर्च 50 से 55 रुपये, गाजर 40 से 45 रुपये, भिंडी 35 से 40 रुपये और बैंगन 25 से 28 रुपये प्रति किलो बिका। नींबू के दाम 70 से 80 रुपये और धनिया 40 से 50 रुपये प्रति किलो रहे。 फलों में सेब की पेटी 500 से 2000 रुपये तक बिकी। रानी किस्म का सेब 75 से 80 रुपये और राजा किस्म 40 से 45 रुपये प्रति किलो रहा। पपीता 40 से 45 रुपये तथा स्थानीय अमरूद 30 से 40 रुपये प्रति किलो बिका। विकास ठाकुर ने बताया कि ग्राहक 'Legend' सोशल मीडिया चैनल पर भी मंडी के दैनिक भावों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं。
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दिवाली से पहले कुल्लू-भुंतर में फायर विभाग की तैनाती, ढालपुर मैदान की दुकानों से खतरा

Kullu, Himachal Pradesh:देश भर में 8 नवंबर को दिवाली का त्यौहार मनाया जाएगा। ऐसे में जिला कुल्लू में भी अग्निशमन विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द की गई है। लेकिन ढालपुर मैदान में व्यापारिक मेले में बेतरतीब तरीके से लगाई गई दुकानें अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के मुश्किलों को बढ़ा रही है। ढालपुर मैदान में दशहरा उत्सव संपन्न होने के बाद भी व्यापारिक मेल सजा हुआ है। ऐसे में यहां पर भी कर्मचारियों के तेनाती की गई है और अग्निशमन वाहन भी यहां पर खड़े किए गए हैं। व्यापारियों के द्वारा मैदान के भीतर बेतरतीब तरीके से दुकान लगाई गई है। जिसके चलते अग्निशमन वाहनों का अंदर पहुंचना भी काफी मुश्किल हो रहा है। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के अनुसार ढालपुर मैदान के किसी भी प्वाइंट पर पहुंचने के लिए 1 मिनट का समय तय किया गया है। लेकिन यहां पर जो भी रेहड़ी-फड़ी लगाई गई है। जिसके चलते वाहनों का गुजरना मुश्किल हो रहा है। इतना ही नहीं जब अग्निशमन वाहन को ढालपुर मैदान के भीतर ले जाना होता है। तो कर्मचारियों को ही गाड़ी के लिए रास्ता तैयार करना पड़ता है। ऐसे में अगर दीवाली के अवसर पर मैदान में किसी तरह की आग की घटना पेश आती है। तो उस पर काबू पाना भी अग्निशमन कर्मचारियों के लिए कड़ी चुनौती रहेगी। कुल्लू शहर की बात करें तो यहां पर जल शक्ति विभाग के द्वारा सभी हाइड्रेंट को दुरुस्त कर लिया गया है। ताकि पूरे इलाके में आग को बुझाने के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। लेकिन भुंतर शहर की बात करें तो यहां पर वर्तमान में कोई भी हाइड्रेट काम नहीं कर रहा है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार पहले यहां पर 9 हाइड्रेंट लगाए गए थे। लेकिन पानी की सप्लाई न होने के चलते वह सब अब बंद पड़े हुए हैं। अब अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के द्वारा 20 हाइड्रेंट लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। ऐसे में भुंतर बाजार में आग आग की कोई घटना पेश आती है। तो उस पर काबू पाना भी कड़ी चुनौती रहेगी। क्योंकि कुल्लू से 13 किलोमीटर दूर भुंतर है और यहां पर आग बुझाने के लिए कुल्लू से ही अग्निशमन वाहन भेजा जाता है। अग्निशमन विभाग के फायर अधिकारी प्रेम सिंह ने बताया कि यहां पर सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द की गई है और ढालपुर में अतिरिक्त वाहन भी तैनात किए गए हैं। भुंतर में वर्तमान में कोई भी हाइड्रेंट काम नहीं कर रहा है। वही ढालपुर मैदान में व्यापारियों के द्वारा गलत तरीके से लगाई गई दुकानों के चलते भी गाड़ियों का गुजरना काफी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में व्यापारियों के साथ-साथ में लोगों से भी आग्रह है कि वह दिवाली के अवसर पर विशेष ध्यान रखें और पटाखे सहित अन्य ज्वलनशील पदार्थों को उचित दूरी पर ही बेचा जाए।
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नहर किनारे तरसेम सिंह की मौत, संदिग्ध हालत में लाश मिली

Jandiala Manjki, Punjab:ਨਹਿਰ ਕਿਨਾਰੇ ਸ਼ੱਕੀ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਮਿਲੀ ਨੰਬਰਦਾਰ, ਡਾਕ ਕਰਮਚਾਰੀ ਤੇ ਦੁਕਾਨਦਾਰ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਦੀ ਲਾਸ਼, ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ფੈਲੀ ਸਨਸਨੀ。 ਸਵੇਰੇ ਦੁਕਾਨ ਦਾ ਸਾਮਾਨ ਲੈਣ ਲਈ ਘਰੋਂ ਨਿਕਲੇ ਸਨ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ, ਰਸਤੇ ਵਿੱਚ ਖੂਨ ਨਾਲ ਲੱਥਪੱਥ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਮਿਲੇ。 ਜੇਬ ਵਿੱਚ ਨਕਦੀ ਅਤੇ ਮੋਬਾਈਲ ਸੁਰੱਖਿਅਤ, ਲੁੱਟ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਮੌਤ ਦਾ ਰਹੱਸ ਹੋਰ ਗਹਿਰਾਇਆ。 ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੇ ਨਿਰਪੱਖ ਜਾਂਚ ਦੀ ਕੀਤੀ ਮੰਗ, ਨਹਿਰ ਕਿਨਾਰੇ ਸੁਰੱਖਿਆ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਗਸ਼ਤ ਵਧਾਉਣ ਦੀ ਉਠਾਈ ਆਵਾਜ਼。 ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਧਾਰਾ 174 ਤਹਿਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਸ਼ੁਰੂ, ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਰਿਪੋਰਟ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੋਵੇਗਾ ਮੌਤ ਦੇ ਅਸਲ ਕਾਰਨਾਂ ਦਾ ਖੁਲਾਸਾ。 ਨਹਿਰ ਕਿਨਾਰੇ ਸ਼ੱਕੀ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਮਿਲੀ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਦੀ ਲਾਸ਼; ਜੇਬ ਵਿੱਚ ਨਕਦੀ ਤੇ ਮੋਬਾਈਲ ਸੁਰੱਖਿਅਤ, ਪੁਲਿਸ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਜੁਟੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ / ਜੰਡਿਆਲਾ: ਜੰਡਿਆਲਾ ਮਾਰਗ ’ਤੇ ਨਹਿਰ ਦੇ ਕਿਨਾਰੇ ਸਵੇਰੇ ਉਸ ਸਮੇਂ ਹੜਕੰਪ ਮਚ ਗਿਆ, ਜਦੋਂ 57 ਸਾਲਾ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਦੀ ਲਾਸ਼ ਸ਼ੱਕੀ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਸੜਕ ’ਤੇ ਪਈ ਮਿਲੀ। ਮ੍ਰਿਤਕ ਡਾਕ ਵਿਭਾਗ ਵਿੱਚ ਨੌਕਰੀ ਕਰਨ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਕਰਿਆਨੇ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਵੀ ਚਲਾਉਂਦੇ ਸਨ। ਉਹ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਵੇਰੇ ਘਰੋਂ ਦੁਕਾਨ ਲਈ ਸਾਮਾਨ ਲੈਣ ਵਾਸਤੇ ਨਿਕਲੇ ਸਨ, ਪਰ ਕੁਝ ਸਮੇਂ ਬਾਅਦ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਗੰਭੀਰ ਜ਼ਖ਼ਮੀ ਅਤੇ ਬੇਹੋਸ਼ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਸੜਕ ’ਤੇ ਪਏ ਹੋਣ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲੀ। ਜਦੋਂ ਤੱਕ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਹਸਪਤਾਲ ਲਿਜਾਇਆ ਜਾਂਦਾ, ਉਦੋਂ ਤੱਕ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਸੀ। ਘਟਨਾ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਦਿਆਂ ਹੀ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਲਾਸ਼ ਨੂੰ ਕਬਜ਼ੇ ਵਿੱਚ ਲਿਆ ਅਤੇ ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਲਈ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ。 ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੀ ਪਤਨੀ ਨੇ ਰੋਂਡਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਸਵੇਰੇ ਕਰੀਬ ਸਾਢੇ ਛੇ ਵਜੇ ਬਿਲਕੁਲ ਠੀਕ-ਠਾਕ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਚਾਹ ਪੀ ਕੇ ਘਰੋਂ ਨਿਕਲੇ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਸੀ ਕਿ ਉਹ ਜੰਡਿਆਲਾ ਤੋਂ ਕਰਿਆਨੇ ਅਤੇ ਸਬਜ਼ੀ ਦਾ ਸਾਮਾਨ ਲੈਣ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਤੋਂ ਕਰੀਬ ਇੱਕ ਘੰਟੇ ਬਾਅਦ, ਸਵੇਰੇ ਸਾਢੇ ਸੱਤ ਵਜੇ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜੇਠ ਦੇ ਲੜਕਿਆਂ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਦੇ ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਦਾ ਫੋਨ ਆਇਆ ਕਿ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਗੰਭੀਰ ਜ਼ਖ਼ਮੀ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਸੜਕ ’ਤੇ ਡਿੱਗੇ ਪਏ ਹਨ। ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰ ਤੁਰੰਤ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ, ਪਰ ਉਦੋਂ ਤੱਕ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਸੀ। ਪਤਨੀ ਨੇ ਰੋਂਦਿਆਂ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਤੋਂ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਨਿਰਪੱਖ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਉਣ, ਅਸਲ ਸੱਚਾਈ ਸਾਹਮਣੇ ਲਿਆਉਣ ਅਤੇ ਇਨਸਾਫ਼ ਦਿਵਾਉਣ ਦੀ ਗੁਹਾਰ ਲਗਾਈ。 ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇ ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰ ਬਲਕਾਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਿੰਡ ਦੇ ਹੀ ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਨੇ ਫੋਨ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਘਟਨਾ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਸੀ। ਜਦੋਂ ਉਹ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ ਤਾਂ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਦੇ ਸਿਰ ਅਤੇ ਚਿਹਰੇ ਤੋਂ ਕਾਫ਼ੀ ਖੂਨ ਵਹਿ ਰਿਹਾ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਦੀ ਜੇਬ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਕਰੀਬ 7500 ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ 3000 ਰੁਪਏ ਪਏ ਸਨ। ਇਸ਼ਤ ਵਾਲੀ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਵੀ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਹੀ ਮਿਲੇ। ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਦਾ ਅਗਲਾ ਹਿੱਸਾ ਅਤੇ ਲਾਈਟ ਟੁੱਟੀ ਹੋਈ ਸੀ。 ਬਲਕਾਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨਕਦੀ ਅਤੇ ਮੋਬਾਈਲ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਇਹ ਸਮਝ ਨਹੀਂ ਆ ਰਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਲੁੱਟ ਦੀ ਨੀਅਤ ਨਾਲ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹਮਲਾ ਹੈ, ਕਿਸੇ ਵਾਹਨ ਦੀ ਟੱਕਰ ਹੈ ਜਾਂ ਇਸ ਪਿੱਛੇ ਕੋਈ ਹੋਰ ਕਾਰਨ ਹੈ। ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਨਾਲ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਜੋ ਪਤਾ ਲੱਗ ਸਕੇ ਕਿ ਆਖ਼ਰ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਨਾਲ ਕੀ ਵਾਪਰਿਆ ਸੀ。 ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂچ ਕਰ ਰਹੇ ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀ ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੀ ਪਛਾਣ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ (ਕਰੀਬ 57 ਸਾਲ), ਵਾਸੀ ਕੋਟ ਖਾਲਸਾ ਵਜੋਂ ਹੋਈ ਹੈ। ਉਹ ਡਾਕ ਵਿਭਾਗ ਵਿੱਚ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਸਨ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਆਪਣੀ ਦੁਕਾਨ ਵੀ ਚਲਾਉਂਦੇ ਸਨ। ਸਵੇਰੇ ਕਰੀਬ 6:45 ਵਜੇ ਉਹ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ’ਤੇ ਸਾਮਾਨ ਲੈਣ ਲਈ ਘਰੋਂ ਨਿਕਲੇ ਸਨ, ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਨਹਿਰ ਦੇ ਨੇੜੇ ਸੜਕ ’ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਲਾਸ਼ ਬਰਾਮਦ ਹੋਈ。 ਅਧਿਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਮੁੱਢਲੀ ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇ ਨੱਕ ਅਤੇ ਕੰਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਖੂਨ ਵਗਦਾ ਪਾਇਆ ਗਿਆ, ਜਦਕਿ ਸਰੀਰ ’ਤੇ ਕਿਸੇ ਤੇਜ਼ਧਾਰ ਜਾਂ ਬਾਹਰੀ ਹਥਿਆਰ ਨਾਲ ਕੀਤੇ ਹਮਲੇ ਦੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਨਿਸ਼ਾਨ ਨਹੀਂ ਮਿਲੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕੋਲੋਂ ਸਾਰੀ ਨਕਦੀ, ਮੋਬਾਈਲ ਫੋਨ ਅਤੇ ਮਟਰਸਾਈਕਲ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਹੋਏ ਹਨ। ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਵੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਪੁਰਾਣੀ ਰੰਜਿਸ਼ ਸਾਹਮਣੇ ਨਹੀਂ ਆਈ。 ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਅਚਾਨਕ ਦਿਲ ਦਾ ਦੌਰਾ ਪੈਣ ਅਤੇ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ ਤੋਂ ਡਿੱਗਣ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਵੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਕਿਸੇ ਅਣਪਛਾਤੇ ਵਾਹਨ ਦੀ ਲਪੇਟ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਕਾਰਨ ਵੀ ਇਹ ਹਾਦਸਾ ਵਾਪਰਿਆ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਫਿਲਹਾਲ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੇ ਬਿਆਨਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਸੀਆਰਪੀਸੀ ਦੀ ਧਾਰਾ 174 ਤਹਿਤ ਕਾਰਵਾਈ ਅਮਲ ਵਿੱਚ ਲਿਆਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਮੌਤ ਦੇ ਅਸਲ ਅਤੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕਾਰਨਾਂ ਦਾ ਪਤਾ ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਰਿਪੋਰਟ ਆਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੀ ਲੱਗੇਗਾ, ਜਿਸ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਅਗਲੀ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ。
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हिमकेयर बदलेगा; पात्र परिवारों को 10 लाख तक स्वास्थ्य बीमा मिलेगा

Shimla, Himachal Pradesh:हिम केयर योजना में होगा बड़ा बदलाव! अब 10 लाख तक मिलेगा स्वास्थ्य बीमा कवर- नरेश चौहान अनुराग ठाकुर के आरोपों पर पलटवार, बोले- 11 से 12 हजार करोड़ की देनदारियां छोड़ गई थी भाजपा, कर्मचारियों की बात करने का नैतिक आधार बताए हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार हिमकेयर योजना में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब इस योजना के तहत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये के बजाय 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने की तैयारी है। सरकार हिमकेयर को इंश्योरेंस मॉडल पर लागू करेगी और इसके लिए निजी बीमा कंपनियों को शामिल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में आठ कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें आदित्य बिरला ग्रुप की हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की बोली सबसे कम रही है। वहीं, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के बयानों पर पलटवार करते हुए चौहान ने भाजपा की गुटबाजी, कर्मचारियों के बकाया और केंद्र से हिमाचल को मिली मदद को लेकर सवाल उठाए। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी हिमकेयर योजना को लेकर सरकार नए बदलाव की तैयारी में है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल पर योजना को इंश्योरेंस मॉडल पर लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये की जगह 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने की योजना है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने बताया कि हिमकेयर योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के सामने कई अनियमितताओं की शिकायतें आई थीं। कुछ निजी अस्पतालों और क्लीनिकल में कथित गठजोड़ कर गलत बिलिंग किए जाने के आरोप भी सामने आए। इस मामले में विजिलेंस जांच चल रही है। सरकार का मकसद योजना को भ्रष्टाचार मुक्त बनाकर इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाना है। चौहान ने बताया कि नए मॉडल के लिए पॉलिसी कमेटी बनाई गई थी। टेंडर प्रक्रिया में आठ बड़ी कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें आदित्य बिरला ग्रुप की हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की बोली सबसे कम रही। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कंपनी के साथ दोबारा बातचीत कर प्रीमियम की दरें कम करवाने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था में बीमा कंपनी के साथ एमओयू होगा। इसमें इलाज की दरें, बीमारियों का कवरेज और भुगतान की प्रक्रिया तय की जाएगी, ताकि गलत बिलिंग और अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। बाइट: नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार हिमकेयर योजना में बदलाव की जानकारी देने के साथ ही नरेश चौहान ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के बयानों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछले चार साल से पांच गुटों में बंटी हुई थी। पार्टी में न एक नेतृत्व था और न ही कोई एक राजनीतिक लाइन। हर नेता अपनी दिशा में काम कर रहा था। अब पिछले 15 दिनों से भाजपा एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रही है, जिसे उन्होंने फेस सेविंग की कवायद बताया। चौहान ने दावा किया कि हिमाचल को लेकर आईबी और दूसरी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद दिल्ली से भाजपा नेताओं को सख्ती का सामना करना पड़ा है। इसके बाद पार्टी के नेता एक मंच पर आने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अंदरूनी गुटबाजी अभी भी बरकरार है। कर्मचारियों और पेंशनर्स के मुद्दे पर अनुराग ठाकुर को घेरते हुए चौहान ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार सत्ता में आई थी, तब उसे भाजपा सरकार से करीब 11 से 12 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां और एरियर विरासत में मिले थे। उन्होंने सवाल किया कि जब अनुराग ठाकुर केंद्र सरकार में मंत्री थे, तब भाजपा सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के बकाया भुगतान क्यों नहीं किए? उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 1.36 लाख कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ दिया है और पिछली सरकार की छोड़ी गई कई देनदारियों का भुगतान भी किया है। हाल ही में पांच प्रतिशत डीए देकर कर्मचारियों को राहत दी गई है। आने वाले समय में भी मुख्यमंत्री संसाधन जुटाकर कर्मचारियों और पेंशनर्स के बकाया भुगतान करने का प्रयास करेंगे। अनुराग ठाकुर के कौरव-पांडव वाले बयान पर भी नरेश चौहान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब राजनीति कौरव-पांडव जैसी उपमाओं से तय नहीं होगी। आज की युवा पीढ़ी और जेन-जी पढ़ी-लिखी और जागरूक है। मतदाता यह देखेगा कि किस सरकार ने प्रदेश और जनता के हित में कितना काम किया है। नरेश चौहान ने अनुराग ठाकुर को भाजपा का अच्छा और क्षमतावान नेता बताते हुए कहा कि वह पहले केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं, लेकिन इस बार उन्हें न तो कोई मंत्रालय मिला और न ही कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अनुराग ठाकुर की राजनीतिक क्षमता के अनुरूप उन्हें काम नहीं मिला। हालांकि, चौहान ने अनुराग ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सवाल किया कि जब हिमाचल को केंद्र सरकार से मदद की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उन्होंने प्रदेश के अधिकारों और हितों की पैरवी के लिए क्या प्रयास किए?
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नरोट जैमल सिंह के सीमावर्ती क्षेत्र में 100 बेड का सरकारी अस्पताल बनेगा

Pathankot, Punjab:भोआ हल्के के सीमावर्ती इलाके नरोट जैमल सिंह में बनेगा 100 बेड का नया सरकारी अस्पताल, पांच मंजिला इमारत पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये। पठानकोट के भोआ विधानसभा क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके नरोट जैमल सिंह में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 100 बेड का नया सरकारी अस्पताल बनाया जाएगा। इस अस्पताल की पांच मंजिला इमारत तैयार की जाएगी, जिस पर करोड़ों रुपये की लागत आएगी。 इसी के चलते पंजाब के चीफ आर्किटेक्ट द्वारा पुराने अस्पताल का दौरा किया गया। इस दौरान पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक भी विशेष रूप से मौजूद रहे। मीडिया से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक ने बताया कि नरोट जैमल सिंह में 100 बेड का नया अस्पताल बनाकर तैयार किया जाएगा, जिसमें मरीजों के लिए सभी तरह की आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाके के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा यह फैसला लिया गया है। यह अस्पताल आने वाले समय में पूरे इलाके के लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित होगा
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दिवाली से पहले सोना-चांदी की खरीदारी तेज, बाजारों में ग्राहकों की भीड़

Batala, Punjab:ਦਿਵਾਲੀ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਵਧਿਆ ਸੋਨੇ ਦਾ ਰੇਟ ਲੋਕ ਸੋਨਾ ਤੇ ਚਾਂਦੀ ਖਰੀਦਣ ਵਿੱਚ ਦਿਖਾ ਰਹੇ ਨੇ ਦਿਲਚਸਪੀ\n\nਦਿਵਾਲੀ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਧੰਨ ਤੀਰਥ ਦੇ ਤਿਹਾਰ ਤੇ ਲੋਕ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸੋਣਾ ਤੇ ਚਾਂਦੀ ਖਰੀਦ ਰਹੇ ਨੇ ਜਿਸ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਆਲ ਇੰਡੀਆ ਸਵਰਨਕਾਰ ਸੰਘ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਜਸਪਾਲ ਚੌਹਾਨ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦਿਵਾਲੀ ਦੇ ਦੋ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਲੋਕ ਸੋਨਾ ਤੇ ਚਾਂਦੀ ਖਰੀਦਣ ਨੂੰ ਸ਼ੁਭ ਗਿਣਦੇ ਨੇ ਇਸੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗ੍ਰਾਕਾਂ ਦੀ ਭੀੜ ਹੈ ਲੋਕ ਸੋਨਾ ਤੇ ਚਾਂਦੀ ਖਰੀਦ ਰਹੇ ਨੇ ਇਸ ਵਾਰ ਨਵੇਂ ਨਵੇਂ ਡਿਜ਼ਾਈਨਾਂ ਦੇ ਬਰਤਨ ਔਰ ਵੱਖ ਵੱਖ ਮੂਰਤੀਆਂ ਲੋਕ ਖਰੀਦਣ ਵਿੱਚ ਰੁਚੀ ਦਿਖਾ ਰਹੇ ਨੇ ਦੋ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਸੋਨੇ ਦਾ ਰੇਟ ਬਹੁਤ ਡਿੱਗ ਗਿਆ ਸੀ ਪਰ ਹੁਣ ਸੋਨੇ ਦਾ ਰੇਟ ਦੁਬਾਰਾ ਫਿਰ ਵੱਧ ਗਿਆ ਹੈ
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MSP वृद्धि पर किसान संगठनों का बड़ा हमला, महंगाई बढ़ते कर्ज़ के बीच

Samrala, Punjab:पिछले दो महीनों से महंगाई की मार झेल रहे किसानों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। एनपीके खाद की कीमतों में बढ़ोतरी कर खेती को महंगा कर दिया गया है। कणक के भाव में 25 रुपये के वृद्धि को किसानों के साथ मजाक माना गया है, और इस वृद्धि के बाद किसान नेता आक्रोशित हैं। ब्लबीर सिंह राजेवाल ने केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के दावे करती है, लेकिन वास्तविकत में किसानों की समस्याएं बढ़ रही हैं। SKM के वरिष्ठ नेता ने केंद्र पर किसानों की आवाज़ दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को बढ़ाने के दावे कर रही है, परंतु लागत और मूल्य की कमीशन (CACP) की आवश्यकताएं पूरी न होने तक यह सपना अधूरा है। उन्हों ने कहा कि खाद-कीमंत बढ़ने से उत्पादन और लागत पर असर पड़ेगा, और केंद्र सरकार को किसानों की आय दोगुनी करने के बारे में नीति बनानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आज भारत खाद्यान्न पदार्थों के मामले में सप्रप्लस है, जबकि दुनियाभर के देश आन्नाज की कमी से जूझ रहे हैं, ऐसे हालात में किसानों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। पंजाब, Odessa, पश्चिमी बंगाल और आंधра प्रदेश में तूफान से फसल नुकसान का भी उल्लेख किया गया। अंत में उन्होंने कहा कि केंद्र को MSP और लागत-कीमत आयोग (CACP) के सुधारों के बिना किसानों की आय दोगुनी करने का सपना संभव नहीं, और पंजाब विधानसभा चुनावों के संदर्भ में भाजपा को किसानों के मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा पंजाब में अपनी राजनीति बनानी है तो पहले किसानों के हितों पर सोचना होगा।
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मानसा के गांव में नशे से मृत्यु: दलजीत सिंह का आठ दिन बाद शमशान संस्कार

Mansa, Punjab:ਭਮੇ ਕਲਾਂ ਦੇ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦਾ ਅੱਠ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਪਿੰਡ ਦੇ ਸ਼ਮਸ਼ਾਨ ਘਾਟ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ ਸੰਸਕਾਰ ਮਾਨਸਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਪੰਮੇ ਕਲਾਂ ਦੇ ਦਿਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦਾ 8 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਪਿੰਡ ਦੇ ਸ਼ਮਸ਼ਾਨ ਘਾਟ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਸਿੱਖ ਮਰਿਆਦਾ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਸੰਸਕਾਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇਹ ਨੂੰ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਭੈਣ ਅਮਰਜੀਤ ਕੌਰ ਵੱਲੋਂ ਮੋਢਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਜੋ ਭਾਵਕ ਤਸਵੀਰਾਂ ਭਮੇ ਕਲਾਂ ਦੀਆਂ ਸਨ। ਵੀਓ : ਮਾਨਸਾ ਜਿਲੇ ਦੇ ਪਿੰਡ ਭੰਮੀ ਕਲਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ 27 ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਦਿਨ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ 35 ਸਾਲਾਂ ਨੌਜਵਾਨ ਦੀ ਨਸ਼ੇ ਦੀ ਓਵਰਡੋਜ ਦੇ ਨਾਲ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਮੌਤ ਹੋਣ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਨੂੰ ਕਤਲ ਦੱਸਦੇ ਹੋਏ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਹਿਰਾਸਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲਿਆ ਸੀ ਤੇ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇ ਨੂੰ ਮਾਨਸਾ ਵਿਖੇ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਚੋਟਾ ਦੇ ਇਨਸਾਫ ਮੋਰਚੇ ਵਿਚ ਲੈ ਕੇ ਜਾਣ ਲੱਗੇ ਤਾਂ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਰਮਦਿੱਤੇ ਵਾਲਾ ਚੌਂਕ ਦੇ ਵਿੱਚ ਰੋਕ ਕੇ ਲਾਸ਼ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਕਬਜ਼ੇ ਵਿੱਚ ਲੈ ਲਿਆ ਅਤੇ ਕਈ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਹਿਰਾਸਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੈ ਲਿਆ ਸੀ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦਾ ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਏਐਮਜ ਦੇ ਬਠਿੰਡਾ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਜੋ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਪਿਤਾ ਜਰਨੈਲ ਸਿੰਘ ਦੀ ਮੌਜੂਦਗੀ ਦੇ ਵਿੱਚੋਂ ਹੋਇਆ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਭੈਣ ਅਮਰਜੀਤ ਕੌਰ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਹਰਿਆਣਾ ਹਾਈ ਕੋਰਟ ਦੇ ਵਿੱਚ ਅਰਜੀ ਦਾਖਿਲ ਕਰਕੇ ਸੀਬੀਆਈ ਦੀ ਜਾਂਚ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਗਈ ਅਤੇ ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਪੀਜੀਆਈ ਤੋਂ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਪਰ ਮਾਨਯੋਗ ਹਾਈਕੋਰਟ ਵੱਲੋਂ ਸੀਬੀਆਈ ਦੀ ਜਾਂਚ ਦੀ ਮੰਗ ਨੂੰ ਖਾਰਜ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਪੀਜੀਆਈ ਤੋਂ ਕਰਵਾ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਨਾਲ ਹੀ ਸੈਕਟਰ 25 ਦੇ ਸ਼ਮਸ਼ਾਨ ਕਾਰਡ ਵਿੱਚ ਸੰਸਕਾਰ ਕਰਨ ਦੇ ਵੀ ਆਦੇਸ਼ ਜਾਰੀ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਸਨ ਪਰ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਅਪੀਲ ਦੇ ਚਲਦਿਆਂ ਫਿਰ ਤੋਂ ਲਾਸ਼ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਸੌਂਪ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਜਿਸ ਦਾ ਅੱਜ ਪਿੰਡ ਭੰਮੇ ਕਲਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਅੱਠ ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਸੰਸਕਾਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਭੈਣ ਅਮਰਜੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿੰੱਡਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਰੇਆਮ ਨਸ਼ਾ ਵਿਕ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪਤਾ ਹੈ ਕਿ ਹਾਲਾਤ ਕਿਹੋ ਜਿਹੇ ਹਨ ਆਸ ਪਾਸ ਦੇ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਇਨਾ ਜਿਆਦਾ ਨਸ਼ਾ ਵਿਕ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਕੰਟਰੋਲ ਦੇ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਉਹਨਾਂ ਇਨਸਾਫ ਦੀ ਗੱਲ ਤੇ ਬੋਲਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪਤਾ ਹੀ ਹੈ ਕਿ ਇਨਸਾਫ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲਿਆ ਹੈ ਇਹ ਸਭ ਤੁਸੀਂ ਖੁਦ ਵੀ ਜਾਣਦੇ ਹੋ। ਬਾਈਟ ਅਮਰਜੀਤ ਕੌਰ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਭੈਣ
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पट्टी के सिविल अस्पताल में 96 लाख वेतन घोटाला, फर्जी आईडी से निकासी की जांच

Tarn Taran Sahib, Punjab:फर्जी आईडी बनाकर सरकारी खजाने से निकाली जाती रही सैलरी, चंडीगढ़ से पहुंची ऑडिट टीम खंगाल रही रिकॉर्ड; डाटा ऑपरेटर फरार, अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल एंकर पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधानसभा हलका पट्टी के सिविल अस्पताल में करीब 96 लाख रुपये के गबन का खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि सरकारी खजाने को चूना लगाने का यह खेल एक-दो महीने नहीं, बल्कि पिछले चार वर्षों से कथित तौर पर चल रहा था। अब चंडीगढ़ से पहुंची ऑडिट टीम इस पूरे मामले की परतें खोलने में जुटी है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि गबन की रकम 96 लाख रुपये तक सीमित है या फिर सरकारी खजाने को इससे भी ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया है। जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में एक निजी कंपनी के माध्यम से तैनात डाटा ऑपरेटर गुरविंदर सिंह के पास कर्मचारियों की सैलरी तैयार करने का काम था। आरोप है कि उसने फर्जी आईडी तैयार कर कुछ ऐसे कर्मचारियों को रिकॉर्ड में दिखाया, जिनका वास्तव में अस्पताल में कोई अस्तित्व ही नहीं था। इन कथित फर्जी कर्मचारियों के नाम पर सैलरी तैयार की जाती रही और सरकारी खजाने से रकम निकाली जाती रही। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू अस्पताल की निगरानी व्यवस्था है। डाटा ऑपरेटर का कार्यालय सीनियर मेडिकल अधिकारी (एसएमओ) के कार्यालय के बिल्कुल साथ बताया जा रहा है। इसके अलावा कर्मचारियों की सैलरी संबंधी दस्तावेजों पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर भी होते थे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर चार साल तक फर्जी कर्मचारियों के नाम पर वेतन निकलता रहा और किसी अधिकारी को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? क्या वेतन बिलों की जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई थी या फिर निगरानी व्यवस्था में जानबूझकर आंखें मूंद ली गईं? मामले के सामने आने के बाद डाटा ऑपरेटर गुरविंदर सिंह फरार बताया जा रहा है, जबकि अस्पताल के कई कर्मचारी छुट्टी पर चले गए हैं। अस्पताल के एसएमओ डॉ. आशीष गुप्ता ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया。 उधर, सिविल सर्जन डॉ. संदीप धवन ने गबन के मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पहली ऑडिट हो चुकी है और अब दूसरी ऑडिट चंडीगढ़ से आई टीम द्वारा की जा रही है। डाटा ऑपरेटर के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। अब सवाल सिर्फ 96 लाख की रिकवरी का नहीं, बल्कि उन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का भी है, जिनकी निगरानी में चार साल तक सरकारी खजाने से कथित तौर पर फर्जी वेतन निकलता रहा। बाइट डाक्टर संदीप धवन, सिविल सर्जन तरन तारन
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चीमा ने महिलाओं के लिए 100 से अधिक कैंटीन शुरू करने की घोषणा की

Chandigarh, Chandigarh:वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज वित्त योजना भवन के बीच सेल्फ हेल्प ग्रुपों को लेकर एक विशेष कैंटीन का उद्घाटन किया जिसमें उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के विभागों में 100 से ज्यादा कंटिन्यू खोली जानी है जिसमें सेल्फ हेल्प ग्रुप को सीधे रूप में फायदा दिया जाएगा और इसमें तमाम महिलाएं ही इन ग्रुप को चलती हैं वित्त मंत्री ने यहां तक कहा कि जिस तरह से यहां कैंटीन चलेगी उसमें तमाम बंदोबस्त भी सरकार की तरफ से करके दिए जाएंगे ताकि वह अपने पैरों पर खड़े होसके। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि किस तरह से द को लेकर सुप्रीम कोर्ट के बीच फैसला सामने आया है उसमें कंटेंप्ट अब स्टेशन पर स्टे कर रहा दी गई है हालांकि ज्यादा जानकारी उन्हें इस मामले में अभी नहीं है क्योंकि डीटेल्स सामने नहीं आई है लेकिन पंजाब सरकार के लिए यह राहत की बातहै।। पीसीएस मेंस रिजल्ट को लेकर उन्होंने बोलते हुए कहा कि इसमें किसी तरह की धांधली नहीं हुई है सिर्फ विपक्ष की तरफ से सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मनजिंदर सिंह सिरसा की तरफ से पराली जलाने के मामलों को लेकर पंजाब सरकार पर लगाए जा रहे हैं आरोपी पर बोलते हुए वित्त मंत्री का कहना था कि वह निराधार है और बीजेपी के स्पोकन पंजाब पर निराधार आरोप लगा रहे हैं। पंजाब के सरकारी कर्मचारियों की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दा के मामले के बीच किस तरह से सवाल खड़े करते हुए विरोध किया गया उसमें हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जब मामला हाईकोर्ट में है और अगर उनके पास कोई कानूनी फैक्ट्स है तो वह न्यायालय के बीच दें बाहर इस तरह से प्रतिक्रिया रखना सही नहीं है। ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਸਵੈ-ਸਹਾਇਤਾ ਸਮੂਹਾਂ ਦੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਉਪਰਾਲਾ -ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਦਫ਼ਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਖੋਲ੍ਹੀਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ 100 ਤੋਂ ਵੱਧ ਕੰਟੀਨਾਂ - ਚੀਮਾ ਪਹਿਲੇ ਪੜਾਅ ਵਿੱਚ 100 ਸਵੈ-ਸਹਾਇਤਾ ਸਮੂਹਾਂ ਨੂੰ ਕੰਟੀਨਾਂ ਅਲਾਟ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ - ਚੀਮਾ ਕੰਟੀਨਾਂ ਲਈ ਕਿਰਾਇਆ, ਬਿਜਲੀ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਮੁਫ਼ਤ, ਫਰਨੀਚਰ ਤੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਸਮੇਤ ਸਾਰਾ ਬੁਨਿਆਦੀ ਸਾਮਾਨ ਵੀ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ
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