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ਮਾਨਸਾ ਵਿੱਚ ਬਿਜਲੀ ਦੇ ਖੰਭੇ ਤੋਂ ਕਰੰਟ ਲੱਗਣ ਕਾਰਨ ਸੱਤ ਸਾਲਾ ਬੱਚੇ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ
Mansa, Punjab:ਮਾਨਸਾ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਡੇਰਾ ਬਾਬਾ ਭਾਈ ਗੁਰਦਾਸ ਨੇੜੇ ਬਿਜਲੀ ਦੇ ਖੰਭੇ ਦੀ ਲੰਬੀ ਤਾਰਾਂ ਨਾਲ ਖੇਡ ਰਿਹਾ ਇੱਕ ਗਰੀਬ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ 7 ਸਾਲਾ ਬੱਚਾ ਬਿਜਲੀ ਦੇ ਖੰਭੇ ਦੀ ਲਪੇਟ ਵਿੱਚ ਆ ਗਿਆ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਉਸ ਦੀ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਹੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ। ਉਹ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਇਕਲੌਤਾ ਪੁੱਤਰ ਸੀ, ਜਿਸ ਦਾ ਜਨਮ ਅੱਠ ਸਾਲ ਬਾਅਦ ਹੋਇਆ ਸੀ, ਜਦੋਂ ਬੱਚੇ ਖੇਡ ਰਹੇ ਸਨ ਤਾਂ ਬਿਜਲੀ ਦੇ ਖੰਭੇ 'ਚ ਨੰਗੀਆਂ ਤਾਰਾਂ ਸਨ, ਜਿਸ ਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਕਈ ਵਾਰ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ, ਪਰ ਕਿਸੇ ਨੇ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ | ਨੇ ਇਸ 'ਤੇ ਧਿਆਨ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤਾ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਗੁਰਮਨ ਸਿੰਘ ਕਰੰਟ ਲੱਗ ਗਿਆ।
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चंबा ITI में तीन ट्रेडों की पढ़ाई बंद, विद्यार्थियों में बढ़ी चिंता
Chamba, Himachal Pradesh:एंकर सरकारि आईटीआई चंबा में तीन अहम ट्रेड की पढ़ाई बंद अचानक इन तीनों ट्रेड की पढ़ाई बंद होने से स्टूडेंट्स परेशान इन ट्रेड में पढ़ाई के इच्छुक बोलें इन ट्रेड्स को बंद न करें सरकार वीओ चंंबा। सरकारी आईटीआई चंबा में तीन अहम ट्रेड की पढ़ाई इसी शैक्षणिक सत्र से बंद कर दी गई है। इन ट्रेड के बंद होने से इन ट्रेड में आईटीआई का डिप्लोमा हासिल करने वालों की हसरत पर पानी फिर गया है। इन तीनों ट्रेड में पढ़ाई का मन बनाकर एडमिशन लेने पहुंचे स्टूडेंट्स को जब इन तीन ट्रेड की पढ़ाई बंद होने की जानकारी मिल रही है तो वह परेशान हो गए हैं। क्योंकि, तीनों ही ट्रेड चंबा जिले की भौगोलिक परिस्थिति के हिसाब से अत्यंत महत्वपूर्ण है और आईटीआई चंबा के इन तीनों ट्रेड की अपनी विश्वसनीयता है। आईटीआई चंबा में टर्नर, कंप्यूटर (कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट), और कारपेंटर ट्रेड के डिप्लोमा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि, इन ट्रेड में एडमशन लेने को काफी तादाद में स्टूडेंट्स आ रहे हैं। लेकिन, आईटीआई प्रबंधन वर्ग की ओर से इन तीनों ट्रेड के बंद होने का हवाला देते हुए एडमिशन देने से मनाही की रही है। आईटीआई चंबा में टर्नर के एडमिशन के लिए पहुंचे मनिंद्र सिंह, ललित कुमार कहते हैं कि वह इस ट्रेड में एडमिशन लेने के लिए पहुंचे थे। लेकिन, जब एडमिशन काउंटर पर पहुंचा तो पता चला कि आईटीआई चंबा में इस ट्रेड को बंद कर दिया है। उन्होंने सरकार से इस ट्रेड को बंद नहीं करने की अपील की है। उधर, आईटीआई चंबा में कंप्यूटर ट्रेड में एडमिशन लेने पहुंचे साहिल, कपिल ठाकुर, दिनेश कुार ने बताया कि आईटीआई चंबा में इस ट्रेड का डिप्लोमा हासिल करना उनका ख्वाब था। लेकिन, इस ट्रेड को बंद करके उनके इस ख्वाब को तोड़ दिया गया है। उन्होंने सरकार से ऐसा नहीं करने की गुहार लगाई है। उधर, कारपेंटर के ट्रेड में एडमिशन को पहुंचे मनोज कुमार, अजय कुमार और ओम प्रकाश ने बताया कि चूंकि बेरोजगारी के आलम में इस ट्रेड में एडमिशन मिलने पर वह रोज़गारीमुख बन सकते हैं। इसीलिए इस ट्रेड में एडमिशन लेने के लिए वे पहुंचे थे। लेकिन अब जब इस ट्रेड की पढ़ाई बंद कर दी गई है तो वह अब परेशान हैं। क्योंकि, जिले में किसी अन्य संस्थान में कहीं भी इस ट्रेड की पढ़ाई नहीं करवाई जाती है। बहरहाल, इस ट्रेड को किसी भी सूरत में बंद नहीं करने की आवाज बुलंद की है। उधर. आईटीआई चंबा के प्रिंसीपल बिपन शर्मा ने भी टर्नर, कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट ट्रेड और कारपेंटर बंद होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग के नियमानुसार ही आईटीआई चंबा में इन तीन ट्रेड की पढ़ाई बंद करने की प्रक्रिया अमल में लाई गई है। कारणवश, आईटीआई चंबा में इन ट्रेड में एडमिशन की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।0
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विदेश रोजगार के लिए गया युवक सड़क हादसे में मौत; परिवार शव भारत भेजना चाहता
Batala, Punjab:ਪਿੰਡ ਵੈਰੋ ਨੰਗਲ ਦਾ ਨੌਜਵਾਨ ਚੰਗੇ ਭਵਿੱਖ ਲਈ ਵਿਦੇਸ਼ ਰੋਜੀ ਰੋਟੀ ਕਮਾਉਣ ਲਈ ਗਿਆ ਹੋਇਆ ਸੀ ਜਿੱਥੇ ਬੀਤੇ ਦਿਨ ਸੜਕੀ ਹਾਦਸੇ ਵਿੱਚ ਉਸਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇ ਪਿਤਾ ਨੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਸਦੇ ਦੋ ਬੇਟੇ ਨੇ ਇੱਕ ਬੇਟਾ ਕੁਝ ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਆਸਟਰੇਲੀਆ ਗਿਆ ਸੀ ਆਪਣੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਪੂਰੀ ਕਰਨ ਮਗਰੋਂ ਵਰਕ ਪਰਮਿਟ ਤੇ ਸੀ ਤੇ ਪਿਛਲੇ ਤਿੰਨ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਉਸ ਨੇ ਆਪਣੀ ਪੀਆਰ ਲਗਾਈ ਹੋਈ ਸੀ ਪਰ ਹਾਲੇ ਫਿਰ ਪੀਆਰ ਨਹੀਂ ਆਈ ਬੇਟੇ ਦਾ ਡੇਢ ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਵਿਆਹ ਕੀਤਾ ਸੀ ਉਸ ਦੀ ਪਤਨੀ ਤੇ ਅਸੀਂ ਦੋਨੋਂ ਮੀਆਂ ਬੀਵੀ ਇਸ ਘਰ ਵਿੱਚ ਇਕੱਲੇ ਰਹਿ ਗਏ ਮੇਰੇ ਦੋਨੋਂ ਹੀ ਬੇਟੇ ਵਿਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਸਨ ਇੱਕ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਹੈ ਹੈ। ਮੈਂ ਸਰਕਾਰ ਅੱਗੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਅੱਗੇ ਬੇਨਤੀ ਕਰਦਾ ਕਿ ਮੇਰੇ ਬੇਟੇ ਦੀ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇ ਭਾਰਤ ਭੇਜੀ ਜਾਏ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੈਨੂੰ ਵੀਜ਼ਾ ਦੇ ਕੇ ਆਸਟਰੇਲੀਆ ਭੇਜਿਆ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਕਿ ਮੈਂ ਆਪਣੇ ਬੱਚੇ ਦੀ ਅੰਤਿਮ ਵਾਰ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇ ਦੇਖ ਸਕਾ0
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मुख्य न्यायाधीश ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में वृक्षारोपण अभियान शुरू किया
Chandigarh, Chandigarh:भारत के मुख्य न्यायाधीश ने पंजाब, हरियाणा एवं यू.टी. चंडीगढ़ में वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया चंडीगढ़, 18 जुलाई: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने शनिवार को पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंजाब, हरियाणा तथा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे。 अभियान का शुभारंभ पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय परिसर में पौधारोपण के साथ किया गया। मानसून अवधि के दौरान चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत पंजाब, हरियाणा एवं यू.टी. चंडीगढ़ के न्यायालय परिसरों, विधिक सेवा संस्थानों, न्यायिक आवासीय परिसरों तथा अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थलों पर लाखों पौधे लगाए जाएंगे। यह अभियान पंजाब, हरियाणा एवं यू.टी. चंडीगढ़ के वन विभागों के सहयोग से चलाया जा रहा है, जिसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल देशी, फलदार, औषधीय एवं छायादार प्रजातियों के पौधों के रोपण पर विशेष बल दिया गया है। सभा को संबोधित करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल संवैधानिक दायित्व ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर तथा उनका संरक्षण कर देश के हरित आवरण को बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान की वास्तविक सफलता केवल लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके संरक्षण, देखभाल और वृक्ष के रूप में विकसित होने से आंकी जाएगी। भारत के मुख्य न्यायाधीश ने संविधान के अनुच्छेद 21, 48क तथा 51क(ग) में निहित पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना सभी की साझा जिम्मेदारी है और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित एवं सतत भविष्य सुनिश्चित करने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है。0
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चंडीगढ़ के विशेष लोक अदालत ने 1,046 मामलों में समझौता, लगभग ₹5.99 करोड़ निपटाए
Chandigarh, Chandigarh:*चंडीगढ़ में विशेष लोक अदालत का आयोजन; 1,046 मामलों का निस्तारण, लगभग ₹5.99 करोड़ की राशि का समझौता* चंडीगढ़, 18 जुलाई: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान तथा state विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ के संरक्षक-इन-चीफ एवं कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ के कार्यकारी अध्यक्ष माननीय श्री न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी के कुशल मार्गदर्शन में आज जिला न्यायालय परिसर, सेक्टर-43, चंडीगढ़ में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ द्वारा विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय परिसर, सेक्टर-43, चंडीगढ़ में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों की अध्यक्षता में सात पीठों का गठन किया गया। इन पीठों में परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी), वैवाहिक विवाद तथा यातायात चालान से संबंधित मामलों को पक्षकारों की सहमति से सुनवाई कर आपसी समझौते के आधार पर निस्तारित किया गया। विशेष लोक अदालत में आज 1,046 से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल ₹5,98,76,877 की राशि पर समझौता हुआ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ श्री एच.एस. ग्रेवाल ने विशेष लोक अदालत की विभिन्न पीठों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को मुकदमेबाजी समाप्त करने का प्रयास करना चाहिए तथा एक-दूसरे की छोटी-छोटी गलतियों को नजरअंदाज कर आपसी सौहार्द बनाए रखना चाहिए। इससे पारिवारिक जीवन बेहतर होगा और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने एक उदाहरण साझा करते हुए बताया कि 28 वर्ष के वैवाहिक जीवन के बाद एक दंपति ने तलाक की याचिका दायर की थी, जबकि उनके दोनों बच्चे विदेश में रह रहे हैं। उन्हें समझाया गया कि चूंकि उनके बच्चे भारत में उनकी देखभाल के लिए उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए उन्हें साथ रहकर अपने वैवाहिक जीवन को आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। यह विशेष लोक अदालत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ के कार्यकारी अध्यक्ष माननीय श्री न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। गांधीवादी सिद्धांतों से प्रेरित लोक अदालतें विवादों के त्वरित, सौहार्दपूर्ण एवं कम खर्चीले निस्तारण का प्रभावी माध्यम बनकर न्यायालयों की सहायता कर रही हैं तथा न्याय तक सरल और शीघ्र पहुंच सुनिश्चित कर रही हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ श्री एच.एस. ग्रेवाल, राज्य विधिक सेवा प्राधिकारण, यू.टी. चंडीगढ़ के सदस्य सचिव श्री अरुण कुमार अग्रवाल तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंडीगढ़ के सचिव श्री सुनील कुमार ने इस विशेष लोक अदालत की सफलता के लिए सभी संबंधित पक्षों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे अपने विवादों के समाधान के लिए लोक अदालतों का अधिकाधिक लाभ उठाएं, क्योंकि यह त्वरित, सुलभ एवं किफायती न्याय प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है।0
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हिमाचल हाई कोर्ट ने विजय कुमार के निलंबन पर जवाब तलब किया, जांच जारी
Shimla, Himachal Pradesh:रिएलिटी शो के जरिए देशभर में हिमाचल पुलिस को अलग पहचान दिलाने वाले चर्चित पुलिस ऑर्केस्ट्रा बैंड ‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार ने अपने निलंबन और विभागीय कार्रवाई को चुनौती देते हुए हिमाचल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हिमाचल पुलिस ने इंस्पेक्टर विजय कुमार को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ नियमित विभागीय जांच के आदेश जारी किए थे, जिसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है。 यह मामला हिमाचल हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की अदालत में सुनवाई के लिए आया। अदालत ने yाचिका पर राज्य सरकार और हिमाचल पुलिस समेत सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी。 याचिका में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के माध्यम से राज्य सरकार सहित कुल छह प्रतिवादियों को पक्षकार बनाया गया है। इनमें डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP), एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आर्म्ड पुलिस एंड ट्रेनिंग), वित्त सचिव, हिमाचल सरकार, पहली आर्म्ड पुलिस बटालियन जुंगा के कमांडेंट तथा इंस्पेक्टर विजय कुमार के मामले की जांच कर रहे पुलिस लाइन भराड़ी के डीएसपी कमल किशोर शामिल हैं। हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को 31 जुलाई से पहले अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि हिमाचल प्रदेश पुलिस के चर्चित बैंड ‘हार्मनी ऑफ़ द पाइन्स’ के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार को हाल ही में निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग का आरोप है कि उन्होंने अपने निजी संगीत एल्बम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर संगीत सामग्री का प्रचार-प्रसार और कमाई की, लेकिन इसके लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति नहीं ली। विभाग के अनुसार उन्हें कारण बताओ नोटिस भी दिया गया था, लेकिन जवाब में संतोषजनक दस्तावेज़ या पूर्व अनुमति का प्रमाण नहीं दिया गया। उन पर सोशल मीडिया से आय अर्जित का भी आरोप है। डीजीपी ने इसे पुलिस सेवा के प्रावधानों का संभावित उल्लंघन मानते हुए नियमित जांच के आदेश दिए। हालांकि इंस्पेक्टर विजय कुमार ने निलंबन और विभागीय कार्रवाई को हिमाचल हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस विभाग सहित सभी प्रतिवादियों से जवाब मांगा है और मामला विचाराधीन है।0
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नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों का हंगामा, धक्का-मुक्की और तोड़फोड़ में 13 गिरफ्तार
Fatehgarh Sahib, Punjab:ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤੀ ਕੇਂਦਰ 'ਚ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦਾ ਹੰਗਾਮਾ, ਭੰਨਤੋੜ ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਨਾਲ ਧੱਕਾਮੁੱਕੀ; ਵਰਦੀ ਪਾੜੀ, 13 ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਫਤਹਿਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਸਰਕਾਰੀ ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤੀ ਕੇਂਦਰ ਬ੍ਰਾਹਮਣਮਾਜਰਾ ਵਿਖੇ ਨਸ਼ਾ ਛੱਡਣ ਲਈ ਦਾਖ਼ਲ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਵੱਲੋਂ ਹੰਗਾਮਾ ਕਰਨ, ਭੰਨਤੋੜ ਕਰਨ ਅਤੇ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨਾਲ ਬਦਸਲੂਕੀ ਕਰਨ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਵਰਦੀ ਫਾੜਨ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ 13 ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ। ਡੀਐੱਸਪੀ ਕੁਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤੀ ਕੇਂਦਰ ਦੀ ਗਾਰਦ 'ਤੇ ਤਾਇਨਾਤ ਹੌਲਦਾਰ ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ ਨੇ ਆਪਣੇ ਬਿਆਨਾਂ ਵਿੱਚ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਬੀਤੀ ਸ਼ਾਮ ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚ ਦਾਖ਼ਲ ਮਰੀਜ਼ ਇਕੱਠੇ ਬੈਠ ਕੇ ਖਾਣਾ ਖਾ ਰਹੇ ਸਨ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਕੁਝ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੇ ਅਚਾਨਕ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਸਟਾਫ ਨਾਲ ਬਦਸਲੂਕੀ ਕਰਨੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਅਤੇ ਖਾਣੇ ਵਾਲੇ ਬਰਤਨ ਇੱਧਰ-ਉੱਧਰ ਸੁੱਟਣ ਲੱਗ ਪਏ。 ਜਦੋਂ ਸਟਾਫ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਮਝਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਉਹ ਹੋਰ ਗੁੱਸੇ ਵਿੱਚ ਆ ਗਏ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕੁਝ ਹੋਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਕੇਂਦਰ ਅੰਦਰ ਲੱਗੀਆਂ ਇੰਟਰਲਾਕ ਟਾਈਲਾਂ ਪੁੱਟਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀਆਂ ਅਤੇ ਸ਼ੀਸ਼ਿਆਂ, ਕੈਂਚੀ ਗੇਟਾਂ ਅਤੇ ਸੀਸੀਟੀਵੀ ਕੈਮਰਿਆਂ ਦੀ ਭੰਨਤੋੜ ਕਰ ਦਿੱਤੀ। ਹੰਗਾਮੇ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਣ 'ਤੇ ਡਿਊਟੀ 'ਤੇ ਤਾਇਨਾਤ ਹੌਲਦਾਰ ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਾਂਤ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਅੰਦਰ ਗਏ, ਪਰ ਹੰਗਾਮਾ ਕਰ ਰਹੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਵੀ ਧੱਕਾਮੁੱਕੀ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਹੌਲਦਾਰ ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ ਦੀ ਵਰਦੀ ਪਾੜ ਦਿੱਤੀ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵਾਧੂ ਪੁਲਿਸ ਫੋਰਸ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਪਹੁੰਚੀ ਅਤੇ ਹਾਂਗਾਮਾ ਕਰ ਰਹੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਕਾਬੂ کر ਲਿਆ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਥਾਣਾ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰਕੇ 13 ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕਰ ਲਿਆ। ਸਾਰੇ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਜਿੱਥੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਜੁਡੀਸ਼ੀਅਲ ਰਿਮਾਂਡ ਤਹਿਤ ਜੇਲ੍ਹ ਭੇਜਣ ਦੇ ਹੁਕਮ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਗਏ। ਪੁਲਿਸ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਅਗਲੇਰੀ ਜਾਂਚ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ。 ਬਾਈਟ - ਕੁਲਬੀਰ ਸਿੰਘ DSP0
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पंचायत-नगर चुनावों में कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश, भाजपा की करारी शिकस्त
mathura, Dharamshala, Himachal Pradesh:पंचायती राज व नगर चुनावों में दिखा कांग्रेस सरकार के खिलाफ स्पष्ट जनादेश : डॉ राजीव बिंदल कहा इन चुनावों में कांग्रेस कहीं भी नही खड़ी हो पाई बोले 2022 की घोषणाएं कांग्रेस सरकार ने अलमारी में बन्द करके रखी धर्मशाला : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने शनिवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि हिमाचल में पंचायती राज व नगर निगम चुनावों ने 2027 में होने वाले विधान सभा चुनाव की तस्वीर दिखा दी, इन्हें चुनावों में कांग्रेस कहीं भी नही खड़ी हो पाई। इन चुनावों में कांग्रेस सरकार ने जमकर सत्ता का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ स्पष्ट जनादेश हैं और जनता ने सरकार की नीतियों को पूरी तरह नकार दिया है। जनता ने सिद्ध कर दिया सूक्खु सरकार सत्ता से जाने वाली है। उन्होंने कहा नगर निगम, नगर निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगमों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने कई स्थानों पर अधिकृत उम्मीदवार तक घोषित नहीं किए थे। ऐसे में जीत का दावा करना तथ्यात्मक रूप से गलत है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार पर नगर निकायों में सत्ता हासिल करने के लिए नियमों में बदलाव करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अधिकृत उम्मीदवार मैदान में उतारे थे और चुनाव और चुनाव परिणामों ने वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्रदेश में बगड़ती कानून व्यवस्था पर उन्होंने सुक्खू सरकार को दोषी करार दिया। चिट्टे का कारोबार प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा है, यह आज चिंता का विषय बन चुका है। सरकारी अस्पताल में रोगियों को इकाज के नाम पर मात्र पर्ची मिल रही। हिम केयर योजना को बंद कर दिया। प्रदेश में बेरोजगारी, कर्मचारियों के लंबित मुद्दों, कानून-व्यवस्था और चुनावी वादों को पूरा न किए जाने को लेकर जनता में भारी नाराजगी है। 2022 की घोषणाएं कांग्रेस सरकार ने अलमारी में बन्द करके रखी हैं। जनता ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए उस पर पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए प्रमुख वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। बिंदल ने दावा किया कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को वित्तीय सहायता समय पर नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा सरकार ने सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है क्योंकि वह अपने वादों को पूरा करने और जनता की गंभीर चिंताओं को दूर करने में विफल रही है। इस मौके पर पूर्व विधान सभा अध्यक्ष एंव विधायक विपिन सिंह परमार, सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, कांगड़ा के विधायक पवन काजल, पूर्व विधायक अरुण मेहरा कूका, जिला कांगड़ा भाजपा अध्यक्ष सचिन शर्मा, प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर, चंद्र भूषण नाग, प्रवक्ता राकेश शर्मा, संजय शर्मा व प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु भी उपस्थित रहे। बाईट : डॉ. राजीव बिंदल प्रदेशाध्यक्ष भाजपा0
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दिलचस्प खबर: सच बनाम चुप्पी के बीच पंजाब की राजनीति पर सवाल
Chandigarh, Chandigarh:ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਪ੍ਰੈਸ ਵਾਰਤਾ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਨਗੇ ਅੱਜ ਖਾਲਸਾ ਪੰਥ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨੂੰ ਬੇਨਤੀ ਕਰਦਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਸਿਆਸਤ ਵਿੱਚ ਸੱਚ ਨੂੰ ਚੂਠ ਤੇ ਚੂਠ ਨੂੰ ਸੱਚ ਬਣਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਜਸਵੰਤ ਸਿੰਘ ਖਾਲੜਾ ਦੀ ਫਿਲਮ ਤੇ ਸੱਚ ਵਲ ਕੋਈ ਨਹੀਂ ਜਾਂਦਾ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦਾ ਨਾਮ ਲਗਦਾ ਹੈ ਕਿ ਫਿਲਮ ਰੋਕੀ ਗਈ ਹੈ ਜਦੋਂ ਕਿ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕੋਈ ਗਲ ਨਹੀਂ ਹੈ ਜਸਵੰਤ ਸਿੰਘ ਖਾਲੜਾ ਸਾਡੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਮੈਬਰ ਸਨ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਇਸ ਸਮੇਂ ਬਿਅੰਤ ਸਿੰਘ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਨ ਅਤੇ ਡੀਜੀਪੀ ਗਿੱਲ ਸੀ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਡਰ ਸੀ ਕਿ ਖਾਲੜ ਸਾਡਾ ਸਾਰਾ ਕੁਛ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਦੱਸ ਦਏਗਾ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਡਰ ਸੀ ਕਿ ਖਾਲੜ ਸਾਡਾ ਸਾਰਾ ਕੁਛ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਦੱਸ ਦਏਗਾ ਦੁਬਾਰਾ ਇਸ ਸਮੇਂ ਬਿਅੰਤ ਸਿੰਘ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਨ ਅਤੇ ਡੀਜੀਪੀ ਗਿੱਲ ਸੀ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਡਰ ਸੀ ਕਿ ਖਾਲੜਾ ਸਾਡਾ ਸਾਰਾ ਕੁਛ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਦੱਸ ਦਏਗਾ ਔਰ ਇਕ ਦਾਅਵਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਕਿ ਖਾਲੜਾ ਸਾਡੀ ਪਾਰਟੀ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਿਤ ਨਹੀਂ ਦੇਖਿਆ ਗਿਆ ਜਿਸ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਮੌਜੂਦਾ ਸਿਆਸਤ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਨਵੀਂ ਚੜ੍ਹਤ ਆ ਸਕੇ ਜਰੂਰੀ ਵਿਵਾਦ ਅਤੇ ਜ਼ਰੂਰੀ ਉਲਝਣਾਂ ਦੱਸੀਆਂ ਗਈਆਂ, ਧਰਮ-ਰਾਜ ਕਾਰਵਾਈਆਂ ਅਤੇ ਸਸਪੇਸ਼ਨ ਦਿਸ਼ਾ-ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਬਾਰੇ ਚਰਚਾ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ।0
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पंजाब में डिजिटलीकरण से धर्मकोट-गढ़शंकर में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी
Chandigarh, Chandigarh:मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब सी.ई.ओ. पंजाब ने धर्मकोट और गढ़शंकर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत अंतिम तिथि से 16 दिन पहले 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण पूरा करने के लिए की सराहना - डी.ई.ओ., चुनाव पंजीकरण अधिकारी और बी.एल.ओज. के समर्पित और सुहृद प्रयासों के कारण मिली यह उपलब्धि : सी.ई.ओ. अनिंदिता मित्रा - सी.ई.ओ. ने मतदाताओं से 19 जुलाई के विशेष शिविरों में शामिल होने की अपील की चंडीगढ़, 18 जुलाई: मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब श्रीमती अनिंदिता मित्रा ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र धर्मकोट और गढ़शंкар में एस.आई.आर.- 2026 के तहत चुनाव रिकॉर्डों और प्रक्रियाओं के 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण को सफलतापूर्वक संपन्न करने की सराहना करते हुए कहा कि यह मील का पत्थर पारदर्शिता, दक्षता और आधुनिक चुनाव प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में पंजाब की निरंतर प्रगति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। फील्ड स्टाफ की भूमिका का हवाला देते हुए सी.ई.ओ. श्रीमती मित्रा ने कहा कि जिला चुनाव अधिकारी (डी.ई.ओ.), चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ई.आर.ओ.), और बी.एल.ओज. के समर्पित और समन्वयपूर्ण प्रयासों के कारण ही यह सफलता मिली है। उनकी प्रतिबद्धता, सुहृदता और टीम वर्क ने न केवल डिजिटलीकरण कार्यों के निर्विघ्न क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया बल्कि धर्मकोट और गढ़शंकर को राज्य के लिए एक आदर्श चुनाव क्षेत्रों के रूप में स्थापित किया है। श्रीमती मित्रा ने पंजाब भर के मतदाताओं से 19 जुलाई, 2026 को होने वाले आगामी विशेष शिविरों में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की, क्योंकि राज्य एस.आई.आर.- 2026 के घर-घर गणना चरण को पूरा करने की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दोहराया कि एक समावेशी और त्रुटिरहित मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। धर्मकोट और गढ़शंकर क्षेत्रों की यह उपलब्धि समन्वय, समर्पण और परिणाम-उन्मुख प्रदर्शन का स्पष्ट प्रमाण है, जो कि एक मजबूत और डिजिटल रूप से सशक्त चुनाव प्रणाली की ओर बढ़ते पंजाब का चित्र प्रस्तुत करती है。0
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फाजिल्का में मनरेगा कर्मचारी धरना, वेतन नहीं मिलने पर पंचायत मंत्री घेराव की धमकी
Fazilka, Punjab:फाजिल्का में मनरेगा कर्मचारी यूनियन द्वारा फाजिल्का के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर विकास के दफ्तर के बाहर धरना लगा दिया गया और रोष प्रदर्शन किया जा रहा है । आरोप लगाए जा रहे हैं कि उनके द्वारा पंचायत विभाग में पक्का करने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है । लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही । यहां तक कि उन्हें पिछले 8 महीनों से वेतन भी नहीं मिला है । जिस मांग को लेकर वह धरने प्रदर्शन पर है । हालांकि उन्होंने सुनवाई न होने की सूरत में पंचायत मंत्री के घर का घेराव करने की चेतावनी दी है । यूनियन के पदाधिकारी अमृतपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी पंजाब सरकार से एक ही मांग थी कि मनरेगा कर्मचारियों को पंचायती विभाग में मर्ज़ किया जाए । उन्होंने कहा कि उनके धरने में बैठकर सरकार ने सत्ता में आने से पहले वायदा किया था । लेकिन सरकार इस मांग को पूरा करने से भाग रही है । करीब सरकार के साढ़े चार वर्ष बीत जाने के बाद भी वह अब धरने प्रदर्शनों पर है । उन्होंने कहा कि वह पंचायत मंत्री से मिलने के लिए बातचीत करने के लिए गए तो उनपर पानी की बौछार, लाठियां बरसाई गई । जिसमें उनके तीन कर्मचारियों की टांगे भी टूट गई । जबकि आज हालात ये है कि आज उन्हें तनख्वाह नहीं मिल रही । जिससे उनके घर का गुजारा करना भी मुश्किल हो गया है । उन्होंने कहा कि रातों रात उन्हें नौकरी से निकालने के पत्र जारी किए गए । जिसके खिलाफ उन्होंने प्रदर्शन करते हुए आज एडीसी विकास दफ्तर के मुख्य गेट पर धरना लगा दिया है । जिसपर उन्होंने अपनी मांगों को लेकर फिर से पंचायत मंत्री के घर का घेराव करने की चेतावनी दी है । उधर करन कटारिया ने बताया कि आज हालात ये है कि उन्हें पिछले 8 महीने से तनख्वाह नहीं मिली है । जिसके चलते उन्होंने रोष प्रदर्शन किया तो विभाग ने कर्मचारियों ने नौकरी से निकालने के पत्र जारी किए है । जिसपर उनमें रोष ओर बढ़ गया है । क्योंकि वह पिछले 45 दिनों से हड़ताल पर है । और ऐसे में जहां कामकाज प्रभावित हो रहा है । वहीं उनके घरों का गुजारा चलाना भी मुश्किल हो गया है ।0
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पंजाब के मैनरेगा कर्मियों के 18 साल के वेतन मामले पर केंद्र को चिट्ठी
Chandigarh, Chandigarh:(TU 41) ਮਨਰੇਗਾ ਨੂੰ ਲੈਕੇ ਕੇਂਦਰ ਦੀ BJP ਸਰਕਾਰ, ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦਾ ਜੋਰ ਇਸ ਗੱਲ ਤੇ ਲੱਗਾ ਹੈ ਕਿ ਕੇਸ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਸਿਰ ਤੇ ਧਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ ਮਨਰੇਗਾ ਵਿਚ ਪਿੰਡ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਨੌਕਰੀ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਗਈ TA, GRS ਅਤੇ ਕੰਪਿਊਟਰ ਆਪ੍ਰਕਟਰ 2100 ਦੇ ਕਰੀਬ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਆ ਰਹੇ ਸੀ ਕੇਂਦਰ ਦੀ bjp ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਕਰਮਚਾਰੀਆ ਨੂੰ ਪੱਕਾ ਕਰਨ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਸੀ ਪਰ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਯੋਜਨਾ ਹੀ ਨਵੀਂ ਚਲਾ ਦਿੱਤੀ 18 ਸਾਲ ਇਹਨਾ ਨੇ ਇਕ ਐਕਟ ਵਿੱਚ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਇਸ ਵਿਚ ਕੁਝ ਵੀ ਲੈਣਾ ਦੇਣਾ ਨਹੀਂ ਸੀ ਇਸ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਨਖਾਹ ਵੀ ਕੇਂਦਰ ਦੇ rਿਹਾ ਸੀ ਇਹਨਾ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੇ 18 ਸਾਲ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਪਰ ਇਹਨਾਂ ਨੇ ਦੂਸਰੀ ਯੋਜਨਾ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਅੱਜ ਅਸੀਂ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਇਕ ਚਿੱਠੀ ਲਿਖੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਦਾ ਹੱਲ਼ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ ਤੇ ਇਹਨਾ ਨੂੰ ਕਰਮਚਾਰੀਆ ਦਾ ਬਣਦਾ ਹੱਕ ਮਿਲ ਸਕੇ0
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हिमाचल में 19-23 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी, राजकीय सतर्कता बढ़ी
Shimla, Himachal Pradesh:मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 19 से 23 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रदेश में सक्रिय मानसून की चेतावनी को देखते हुए सरकार ने सभी विभागों, उपायुक्तों और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को व्यापक तैयारियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। 20 से 22 जुलाई के दौरान वर्षा की तीव्रता सबसे अधिक रहने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और ऊना जिलों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश, फ्लैश फ्लड, भूस्खलन, बादल फटने और आवश्यक सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। सरकार ने सभी जिलों में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) 24×7 संचालित रखने, क्विक रिस्पांस टीम, SDRF, NDRF, होमगार्ड, फायर सर्विस और पुलिस को पूरी तरह तैयार रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा IMD की सचेतनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सेटेलाइट फोन, हैम रेडियो और अन्य आपातकालीन संचार प्रणालियों को सक्रिय रखने तथा नुकसान की सभी घटनाओं को HPDMIS पोर्टल पर तत्काल दर्ज करने को कहा गया है। विभिन्न विभागों को भी विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। लोक निर्माण विभाग को संवेदनशील सड़कों पर जेसीबी और अन्य मशीनरी तैनात रखने, पुलिस को जोखिम वाले मार्गों पर यातायात नियंत्रित करने, जल शक्ति विभाग को पेयजल योजनाओं की सुरक्षा, बिजली बोर्ड को बिजली बहाली दल तैयार रखने, स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस, मेडिकल टीम और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा शिक्षा विभाग को जिला प्रशासन से समन्वय कर शैक्षणिक संस्थानों पर निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यटन विभाग को पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी करने और परिवहन विभाग को संवेदनशील मार्गों से बचने की सलाह देने को कहा गया है। राज्य सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदियों-नालों और भूस्खलन संभावित ढलानों से दूर रहें, जलमग्न सड़कों और पुलों को पार करने का प्रयास न करें तथा केवल IMD और जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक एडवायरी का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपदा हेल्पलाइन 1070 और जिला आपातकालीन हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।0
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अनुराग ठाकुर ने हिमाचल में भाजपा जीत का दावा किया, कांग्रेस हटाओ संदेश
Bilaspur, Chhattisgarh:स्लग- बिलासपुर जिला के नैनादेवी में आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर ने मुख्यतिथि के रूप में शिरकत की हिमाचल सरकार के कार्यकाल पर जमकर निशाना साधा गया और आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया गया।Maternal सदन নैनादेवी में आयोजित इस समारोह में नैनादेवी से विधायक रणधीर शर्मा विशेषरूप से मौजूद रहे। नैनादेवी पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं व स्थानीय जनता ने सांसद अनुराग ठाकुर का स्वागत किया। समारोह के दौरान अनुराग ठाकुर ने जनप्रतिनिधियों को पहाड़ी टोपी, पटका व मोमेंटो देकर सम्मानित किया। ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस पार्टी का सपुडा साफ हुआ है और भाजपा की प्रचंड जीत हुई है। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश से कांग्रेस हटाओ और हिमाचल बचाओ। हिमाचल प्रदेश में विकास ठप पड़ा है, मित्रों की मौज लगी है, प्रदेश कर्ज़ में डूब रहा है और जनता विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रही है ताकि कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा सके। पूरा प्रदेश आज आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, जिसका नतीजा है कि पंचायती राज और शहरी निकायों के चुनावों में जनता ने भाजपा के पक्ष में वोट दिया है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ही सत्ता में आएगी और कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ेगा। विधानसभा चुनाव में भाजपा से मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व व पार्लियामेंट्री बोर्ड यह तय करता है कि किस नेता को क्या जिम्मेवारी सौंपनी है और आगामी चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा कोई भी हो मगर प्रदेश में सत्ता में आएगी तो भाजपा ही।0
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शिमला डेंटल कॉलेज का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज होगा
Shimla, Himachal Pradesh:डेंटल कॉलेज शिमला का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला- CM सुक्खू एंकर-मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (एओएमएसआई) के हिमाचल प्रदेश स्टेट चैप्टर के चौथे वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि शिमला स्थित डेंटल कॉलेज का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला किया जाएगा। उन्होंने हमीरपुर में 300 करोड़ रुपये की लागत से डेंटल हेल्थ रिसर्च सेंटर स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सेंटर से रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा लोगों को बेहतर और आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे न केवल रोगियों का उपचार करते हैं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन लोगों की सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक यह कल्पना करना भी कठिन था कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं और 3 टेस्ला एमआरआई जैसी उन्नत तकनीक उपलब्ध हो सकती है। राज्य सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ जिला अस्पतालों में भी उन्नत तकनीक और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास कर रही है, ताकि लोगों को अपने घर के नजदीक ही बेहतर और किफायती उपचार की सुविधा मिल सके तथा इलाज के लिए बाहरी राज्यों का रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के चिकित्सकों के साथ संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। इसी तरह का एक कार्यक्रम डेंटल डॉक्टरों के साथ भी आयोजित किया जाएगा, ताकि डेंटल कॉलेजों में लोगों को आधुनिक और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला से शिक्षा प्राप्त कर निकले डॉक्टर आज देश-विदेश में हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के डॉक्टर अत्यंत प्रतिभाशाली और सक्षम हैं तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।0
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चंडीगढ़ की कोठी में 18 वर्षीय तप्ती की मौत, हत्या का आरोप परिवार ने लगाया
Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ की कोठी में 18 वर्षीय युवती का शव मिला परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, मौत से बहन को फोन बोली- मेरा यहां मन नहीं लग रहा, मुझे परेशान किया जा रहा चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित एक कोठी में काम करने वाली 18 वर्षीय युवती तप्ती का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। इधर, मृतका के परिजनों ने कोठी मालिक पर हत्या का आरोप लगाया है। साथ ही पुलिस पर भी मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है。 मृतका की पहचान तप्ती के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के गांव संतरी की रहने वाली थी। वह करीब एक सप्ताह पहले ही सेक्टर-10 की एक कोठी में घरेलू काम के लिए लगी थी。 मृतका के जीजा विकास ने बताया कि तप्ती को करीब एक सप्ताह पहले सेक्टर-10 स्थित कोठी में काम पर रखा गया था। उसे 24 घंटे का काम करना था और वह कोठी के अंदर ही रहती थी। परिवार के अनुसार, उसे 20 हजार रुपए मासिक वेतन देने की बात कही गई थी。 मौत से पहले बहन को किया था फोन विकास ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे तप्ती ने अपनी बहन प्रियंका को फोन किया था। फोन पर उसने कहा कि उसका वहां मन नहीं लग रहा है और उसे परेशान किया जा रहा है。 परिजनों के अनुसार, प्रियंका ने उसे समझाया कि अगर वहां अच्छा नहीं लग रहा तो वह सुबह काम छोड़कर घर लौट आए। लेकिन तप्ती ने पूरी बात नहीं बताई और कुछ देर बाद फोन काट दिया। इसके बाद परिवार ने कई बार उसे फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला。 परिजनों के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे कोठी में काम करने वाले ड्राइवर का फोन आया। उसने बताया कि तप्ती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। विकास ने बताया कि उन्होंने ड्राइवर से साफ कहा था कि जब तक परिवार मौके पर नहीं पहुंचता, तब तक किसी भी सामान को हाथ न लगाया जाए और न ही शव को नीचे उतारा जाए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं मौके पर आकर पूरी स्थिति देखना चाहते थे。 पहुंचे तो शव पहले ही अस्पताल भेज दिया विकास का आरोप है कि जब परिवार सेक्टर-10 स्थित कोठी पहुंचा तो वहां तप्ती का शव नहीं था। उन्हें बताया गया कि उसे सेक्टर-16 अस्पताल भेज दिया गया है。 उन्होंने सवाल उठाया कि जब परिवार ने साफ मना किया था कि शव को न छेड़ा जाए, तो फिर उसे नीचे क्यों उतारा गया और अस्पताल क्यों ले जाया गया。 विकास ने बताया कि जब उन्होंने कोठी मालिक से घटना के बारे में पूछा तो उसने कहा कि कमरे का दरवाजा खुला था。 इस पर परिजनों ने सवाल उठाया कि अगर कोई लड़की रात में अपने कमरे में सो रही हो तो वह दरवाजा खुला छोड़कर कैसे सो सकती है। उनका कहना है कि उन्हें कोठी मालिक की बात पर भरोसा नहीं है और उन्हें पूरे घटनाक्रम पर संदेह है。 पुलिस को पहले सूचना क्यों नहीं दी गई? परिजनों का आरोप है कि उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि तप्ती किस हालत में मिली थी। उनका कहना है कि उनके पहुंचने से पहले ही शव को अस्पताल भेज दिया गया。 परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की जानकारी पहले पुलिस को देने के बजाय सीधे शव को अस्पताल ले जाया गया। उनका कहना है कि यदि मौके को उसी स्थिति में सुरक्षित रखा जाता तो कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते थे。 मृतका के परिजनों का कहना है कि उन्हें आत्महत्या की कहानी पर भरोसा नहीं है। उनका आरोप है कि तप्ती के साथ कुछ गलत हुआ है और उसकी हत्या की गई है। उन्होंने कोठी मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है。 वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सेक्टर-16 अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी。0
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