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ਫੂਡ ਸਪਲਾਈ ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਬਾਹਰ ਕਾਲੀਆਂ ਝੰਡੀਆਂ ਲੈ ਕੇ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ
Mansa, Punjab:ਪੰਜਾਬ ਭਰ ਦੇ ਪੱਲੇਦਾਰ ਆਪਣੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸੰਗਰੂਰ ਵਿੱਚ ਪਿਛਲੇ 7 ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਸਰਕਾਰ ਖਿਲਾਫ ਅਣਮਿੱਥੇ ਸਮੇਂ ਦੀ ਹੜਤਾਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ, ਪੱਲੇਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਹੋਰ ਦੋਹਰਾ ਝਟਕਾ ਲੱਗਾ ਹੈ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਲੇਬਰ ਟੈਂਡਰ ਟਰੱਕ ਯੂਨੀਅਨ ਕੋਲ ਸੀ, ਪਰ ਹੁਣ ਫੂਡ ਸਪਲਾਈ ਵਿਭਾਗ ਨੇ ਲੇਬਰ ਅਤੇ ਟਰੱਕਾਂ ਦੇ ਟੈਂਡਰ ਇਕੱਠੇ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਪੱਲੇਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਦੋਹਰੀ ਮਾਰ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ, ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਠੇਕੇਦਾਰੀ ਸਿਸਟਮ ਪੱਲੇਦਾਰਾਂ ਦਾ ਖੂਨ ਚੂਸ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਹੁਣ ਅਜਿਹਾ ਹੀ ਇੱਕ ਹੋਰ ਝਟਕਾ ਪੱਲੇਦਾਰਾਂ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਦਿੱਤਾ ਹੈ।
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गुरदासपुर मार्केट कमेटी के नये चेयरमैन गगनदीप सिंह ने पद संभाला
Gurdaspur, Punjab:ਸਟੋਰੀ:- ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਮਾਰਕੀਟ ਕਮੇਟੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਦਾ ਅਹੁਦਾ ਸੰਭਾਲਿਆ। ਮਾਰਕੀਟ ਕਮੇਟੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਨਵ-ਨਿਯੁਕਤ ਚੇਅਰਮੈਨ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਵਧਾਈ; ਪਾਰਟੀ ਲਈ ਕੀਤੀ ਮਿਹਨਤ ਦੀ ਕੀਤੀ ਸ਼ਲਾਘਾ। ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਐਕਰ:- ਮਾਰਕੀਟ ਕਮੇਟੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਨਵ-ਨਿਯੁਕਤ ਚੇਅਰਮੈਨ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਦੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ’ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਅਤੇ ਰਮਨ ਬਹਿਲ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਨੇ ਖੁਸ਼ੀ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਲਈ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਲਾਲਚ, ਲੋਭ ਜਾਂ ਹੰਕਾਰ ਦੇ ਇਮਾਨਦਾਰੀ ਅਤੇ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਹੈ।ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਹਮੇਸ਼ਾ ਮਿਹਨਤੀ ਅਤੇ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਵਰਕਰਾਂ ਦੀ ਕਦਰ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਸੌਂਪੀ ਗਈ ਇਹ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪਾਰਟੀ ਪ੍ਰਤੀ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਦੀ ਸੇਵਾ ਅਤੇ ਮਿਹਨਤ ਦਾ ਸਨਮਾਨ ਹੈ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟ ਕਮੇਟੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਵਜੋਂ ਨਿਯੁਕਤੀ ਨਾਲ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਹਲਕੇ ਵਿੱਚ ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਆਧਾਰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਰਮਨ ਬਹਿਲ ਅਤੇ ਸਮੁੱਚੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਮਿਹਨਤ ਦੀ ਵੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ. ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਨੇ ਨਵੇਂ ਚੇਅਰਮੈਨ ਨੂੰ ਸ਼ੁਭਕਾਮਨਾਵਾਂ ਦਿੰਦਿਆਂ ਆਸ ਪ੍ਰਗਟਾਈ ਕਿ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਪੂਰੀ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਕਿਸਾਨਾਂ ਅਤੇ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦੇ ਹੱਲ ਲਈ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰਨਗੇ। ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ਼ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆ ਮਾਰਕੀਟ ਕਮੇਟੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਨਵ-ਨਿਯੁਕਤ ਚੇਅਰਮੈਨ ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਆਪਣੀ ਨਿਯੁਕਤੀ ਲਈ ਪਾਰਟੀ ਹਾਈਕਮਾਂਡ, ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ, ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਸਮੇਤ ਸਮੁੱਚੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਦਾ ਤਹਿ ਦਿਲੋਂ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ।ਉਨਾਂ੍ਹੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਾਰਟੀ ਵੱਲੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਜੋ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਸੌਂਪੀ ਗਈ ਹੈ। ਉਹ ਇਸ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਇਮਾਨਦਾਰੀ, ਤਨਦੇਹੀ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਨਾਲ ਨਿਭਾਉਣਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੇਵਾ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਦਰਪੇਸ਼ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕਰਵਾਉਣਾ ਹੋਵੇਗਾ।ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਲੋਕ-ਭਲਾਈ ਸਕੀਮਾਂ ਦਾ ਲਾਭ ਲੋਕਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਪੂਰੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮੁਸ਼ਕਲ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਨਾ ਕਰਨਾ ਪਵੇ, ਇਸ ਲਈ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗਾਂ ਨਾਲ ਤਾਲਮੇਲ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਨੂੰ ਪਹਿਲ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਹੱਲ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਬੇਲੋੜਾ ਦਫ਼ਤਰਾਂ ਦੇ ਚੱਕਰ ਨਾ ਲਗਾਉਣੇ ਪੈਣ। ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਨੂੰ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ ਲੈਂਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਹੱਲ ਲਈ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਕਦਮ ਚੁੱਕੇ ਜਾਣ。 ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਸਮੂਹ ਵਰਕਰਾਂ ਅਤੇ ਆਗੂਆਂ ਨੂੰ ਨਾਲ ਲੈ ਕੇ ਉਹ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੇਵਾ ਲਈ ਦਿਨ-ਰਾਤ ਮਿਹਨਤ ਕਰਨਗੇ ਅਤੇ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਚੜ੍ਹਦੀ ਕਲਾ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਨਿਭਾਉਣਗੇ。 ਬਾਈਟ:- ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਪੰਜਾਬ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਬਾਈਟ:- ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨਵ ਨਿਯੁਕਤ ਚੇਅਰਮੈਨ ਮਾਰਕਿਟ ਕਮੇਟੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਬਾਈਟ:- ਰਮਨ ਬਹਿਲ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ0
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सचिन पायलट ने पंजाब में नशे के संकट पर बीजेपी-AAP पर निशाना साधा
Noida, Uttar Pradesh:पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा नशे का संकट पंजाब के भविष्य के लिए खतरा बन गया है और अब लोग कांग्रेस से उम्मीद लगाए हुए हैं - सचिन पायलट नशे का संकट ऐसी स्थिति बन गया है, जो पंजाब के भविष्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है - सचिन पायलट नशा पंजाब की सीमा तक पहुंच गया, तो इसके बाद साढ़े चार साल से आम आदमी पार्टी की सरकार है - सचिन पायलट सीमा से लेकर हर गांव के कोने-कोने तक अब नशे की सप्लाई आसानी से उपलब्ध है - सचिन पायलट पंजाब के लोग अब दूसरे विकल्प की तरफ देख रही है - सचिन पायलट पूर्व में पंजाब के लोगों ने जिस पर भरोसा किया लेकिन उन्होंने विश्वासघात किया - सचिन पायलट0
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कपूरथला के डेरे के पास फायरिंग, घायल व्यक्ति अस्पताल में भर्ती
Kapurthala, Punjab:कपूरथला में गुज्जर डेरे के पास दिनदहाड़े फायरिंग, गोली लगने से व्यक्ति घायल बाइक सवार दो युवकों ने बहस के बाद निकाली पिस्तौल, तीन फायर करने का दावा; पत्नी के बयानों पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर शुरू की तलाश कपूरथला। कपूरथला के गांव खानोवाल में सोमवार दोपहर गुज्जरों के डेरे के नजदीक फायरिंग की घटना से इलाके में दहशत फैल गई। इस दौरान गोली लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसकी पहचान रहमत अली निवासी गुज्जर डेरा, गांव खानोवाल के रूप में हुई है। घायल को उपचार के लिए जालंधर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही एसपी-डी हरिंदर सिंह और डीएसपी सबडिवीजन शीतल सिंह पुलिस टीम सहित मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोल भी बरामद किया है। डीएसपी शीतल सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घायल रहमत अली की पत्नी के बयानों के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ थाना सदर कपूरथला में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। ### डेरे के पास पेशाब करने से रोकने पर हुआ विवाद पुलिस को दिए बयान में घायल की पत्नी ने बताया कि दोपहर के समय बाइक सवार दो व्यक्ति उनके डेरे के नजदीक पहुंचे और वहां पेशाब करने लगे। उसके पति रहमत अली ने दोनों को ऐसा करने से रोका। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान बाइक सवार दोनों व्यक्तियों ने पिस्तौल निकाल ली और फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान गोली लगने से रहमत अली घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। ### घटनास्थल पर तीन फायर होने की प्राथमिक जांच डीएसपी शीतल सिंह के अनुसार पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि घटनास्थल पर तीन फायर किए गए। मौके से एक खोल भी बरामद हुआ है। पुलिस द्वारा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बाइक सवार आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। वहीं घटना के पीछे के कारणों और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है。0
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शिमला NDPS केस: ड्रग प्रोड्यूस से जुड़ी संपत्तियों की जब्ती 4.13 करोड़ रुपये
Shimla, Himachal Pradesh:शिमला पुलिस ने एनडीपीएस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी करीब 4.13 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां जब्त की हैं। पुलिस के अनुसार, इन संपत्तियों को नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियां यानी Drug Proceeds पाया गया है. पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज अभियोग संख्या 107, दिनांक 14 अगस्त 2024, धारा 21 और 29 NDPS Act के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। 13 अगस्त 2024 को पुराना बस स्टैंड शिमला स्थित एक होटल से सूरज निवासी लखीसराय, बिहार, हाल दक्षिण दिल्ली और रोहित पाण्डे निवासी आरा, बिहार, हाल दक्षिण दिल्ली के कब्जे से करीब 6.5 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। मामले की आगामी जांच में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया. ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि वर्ष 2026 में इस मामले में फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन की गई। जांच के दौरान आरोपियों और उनसे जुड़े व्यक्तियों की संपत्तियों की जांच की गई। इस दौरान 9 आरोपियों और 10 एसोसिएट्स/सहयोगियों यानी कुल 19 व्यक्तियों के नाम पर चल और अचल संपत्तियाँ चिन्हित की गईं। इन संपत्तियों में दो रेजिडेंशियल लैंड प्लॉट, दो आवासीय भवन, एक अपार्टमेंट, एक होम-स्टे और लग्जरी वाहन शामिल हैं। इनमें Mahindra Thar, Hyundai Creta, Maruti Suzuki Grand Vitara और Tata Nexon सहित अन्य वाहन भी शामिल हैं। कुल 20 संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 4.13 करोड़ रुपये है। ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के दौरान इन संपत्तियों के संबंध में संबंधित आरोपियों और उनके एसोसिएट्स की कोई ज्ञात और वैध आय का पर्याप्त स्रोत सामने नहीं आया। उपलब्ध वित्तीय और संपत्ति संबंधी तथ्यों के परीक्षण के आधार पर इन संपत्तियों को नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियाँ पाया गया। इसी आधार पर NDPS Act के प्रावधानों के तहत इन्हें जब्त करने की कार्रवाई की गई. पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ शिमला पुलिस की रणनीति में बदलाव को दर्शाती है। अब कार्रवाई केवल नशे की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके आर्थिक आधार और Drug Proceeds तक भी विस्तारित की जा रही है। नशा तस्करी से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत जब्त किया जा रहा है, ताकि नशे के अवैध कारोबार की आर्थिक रीढ़ को कमजोर किया जा सके। शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक कुल 15 NDPS मामलों में 68 आरोपियों और उनके एसोसिएट्स की 12.52 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। इनमें रेजिडेंशियल और कमर्शियल लैंड प्लॉट्स, रेजिडेंशियल अपार्टमेंट्स, कमर्शियल शॉप्स, लग्जरी और कमर्शियल गाड़ियाँ, बैंक डिपॉजिट्स, कैश और गोल्ड ornaments आदि शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2024 और 2025 में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।0
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अकाली नेताओं का आनंदपुर साहिब विवाद पर तीखा हमला: SGPC-नेतृत्व से इस्तीफा मांग
Amritsar, Punjab:पवित्र सराय विवाद पर अकाली नेताओं का तीखा हमला: श्री आनंदपुर साहिब में मर्यादा के कथित उल्लंघन पर एसजीपीसी और नेतृत्व से मांगा इस्तीफा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) चुनाव की मांग तेज: 15 वर्षों से चुनाव न होने पर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप। 'वारिस पंजाब' और पंथिक मसलों पर एकजुटता का आह्वान: पंजाब के असल अधिकारों और नौजवानी के भविष्य के लिए नई लीडरशिप की जरूरत। आनंदपुर साहिब घटना की निष्पक्ष जांच की मांग: जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दिया अल्टीमेटम। अमृतसर: पंजाब की धार्मिक और राजनीतिक सियासत में इन दिनों श्री आनंदपुर साहिब के पवित्र स्थान और सरायों से जुड़े विवाद को लेकर घमासान मचा हुआ है। हाल ही में अटारी और अमृतसर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अकाली दल वारिस के नेताओं और पंथिक प्रतिनिधियों ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और अकाली दल के मौजूदा प्रबंधन पर जमकर निशाना साधा। नेताओं ने आरोप लगाया कि पवित्र संस्थाओं और गुरुद्वारों के मान-सम्मान को ठेस पहुँचाई जा रही है, जिससे देश-विदेश में बैठी समूची सिख संगत में गहरा रोष और निराशा है। पवित्र सराय विवाद और मर्यादा का हनन मीडिया से बातचीत में नेताओं ने श्री आनंदपुर साहिब स्थित सरायों से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस पावन धरती पर नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने चरण डाले और दशमेश पिता ने खालसा पंथ की साजना की, उस स्थान पर ऐसी घटनाएं होना बेहद शर्मनाक और दुखदाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस आधार पर गाड़ियां, सेवादार और सुविधाएं मुहैया करवाई गईं और इसके पीछे क्या साजिश थी? उन्होंने कहा कि पवित्र स्थानों पर मर्यादा का कोई भी उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। नेताओं का कहना है कि चाहे कोई एसजीपीसी का प्रधान हो, जत्थेदार हो या अकाली दल का कोई बड़ा चेहरा, मर्यादा के नियम सभी के लिए समान हैं और पंथ के सामने सभी को जवाबदेह होना पड़ेगा। SGPC चुनावों में देरी पर केंद्र व राज्य सरकार घेरी उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के चुनाव पिछले करीब 15 सालों से नहीं करवाए गए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार और पंजाब सरकार दोनों को समान रूप से जिम्मेदार ठहराया गया। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत हर पांच साल बाद चुनाव होने चाहिए ताकि संस्थाओं में काबिज लोगों को दोबारा जनता और संगत की अदालत में जाना पड़े। चुनाव न होने की वजह से संस्थाओं पर एकाधिकार की मानसिकता बन चुकी है। उन्होंने मांग की कि निष्पक्ष और तुरंत चुनाव कराए जाएं ताकि पंथ-परस्त और साफ छवि वाले योग्य चेहरे गुरुद्वारों और संस्थाओं के प्रबंधन की बागडोर संभाल सकें। पंथिक लीडरशिप से इस्तीफे और उच्चस्तरीय जांच की मांग नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि आनंदपुर साहिब प्रकरण में जो भी लोग प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जिम्मेदार हैं, वे अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रबंधन और उच्च पदों पर बैठे पदाधिकारियों को तुरंत अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। इसके लिए धार्मिक और कानूनी जानकारों की एक स्वतंत्र समिति बनाकर पूरे मामले की तहकीकात कराने की अपील की गई, ताकि साजिश रचने वाले और मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाले चेहरे संगत के सामने बेनकाब हो सकें। पंजाब, नौजवानी और वारिस पंजाब का संदर्भ प्रेस वार्ता के दौरान यह बात भी जोर-शोर से रखी गई कि आज पंजाब की नौजवानी नशे और अन्य सामाजिक संकटों से जूझ रही है। ऐसे समय में 'वारिस पंजाब' और पंथिक अधिकारों की बात करने वाली लीडरशिप को लेकर लोगों में एक उम्मीद जागी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के बुनियादी अधिकारों, पानी के मसलों और नौजवानी को बचाने के लिए समूचे पंथ और पंजाबियों को एकजुट होना होगा। नेताओं ने आह्वान किया कि आपसी मतभेदों को भुलाकर गुरु साहिबानों द्वारा दर्शाए गए मार्ग पर चलते हुए ऐतिहासिक संस्थाओं की पवित्रता बहाल करने के लिए सभी को एक मंच पर आना चाहिए।0
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हिंदी में शीर्षक: पंजाब में स्पेस कमी से चावल मिलर्स चिंतित, पुरानी फसल स्टोरेज की समस्या गहरा रही
Samrala, Punjab:ਰਾਇਸ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਮਾਛੀਵਾੜਾ ਵੱਲੋਂ ਐਲਾਨ :- ਜਦ ਤкаў ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਦੀ ਬਣਦੀ ਸਪੇਸ ਮਹੀਆ ਨਹੀਂ ਕਰਵਾਈ ਜਾਂਦੀ ਤੇ 10% ਰਾਈਸ ਬਾਰੇ ਕੋਈ ਵਧੀਆ ਫੈਸਲਾ ਨਹੀਂ ਲੈਂਦੀ ਸਰਕਾਰ ਤਦ ਤੱਕ ਅਸੀਂ ਮਿਲਿੰਗ ਨਾ ਕਰਨ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਹਾਂ ! ਸਪੇਸ ਦੀ ਭਾਰੀ ਕਮੀ ਕਾਰਨ ਝੋਨੇ ਦੀ ਖਰੀਦ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਰਾਈਸ ਮਿੱਲਰਾਂ ਨੇ ਜਤਾਈ ਚਿੰਤਾ, ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਦਾ ਮਾਲ ਚੁੱਕਣ ਦੀ ਮੰਗ ਰਾਇਸ ਐਸੋਸੀਐਸ਼ਨ ਮਾਛੀਵਾੜਾ ਵੱਲੋਂ ਅੱਜ ਕੀਤੀ ਗਈ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਦੌਰਾਨ ਰਾਈਸ ਮਿੱਲ ਦੇ ਮਾਲਕਾਂ ਵਲੋਂ ਝੋਨੇ ਦੇ ਨਵੇਂ ਸੀਜ਼ਨ ਦੀ ਖਰੀਦ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਗੰਭੀਰ ਚਿੰਤਾ ਜ਼ਾਹਰ ਕੀਤੀ। ਅਸ਼ੋਕ ਸੂਦ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਸਮੇਂ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਸਮੱਸਿਆ ਸਪੇਸ ਦੀ ਕਮੀ ਦੀ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਦਾ ਚਾਵਲ ਅਤੇ ਝੋਨਾ ਅਜੇ ਵੀ ਮਿੱਲਾਂ ਵਿੱਚ ਪਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ ਅਤੇ ਨਵਾਂ ਸੀਜ਼ਨ ਸਿਰ ’ਤੇ ਆ ਚੁੱਕਾ ਹੈ । ਰਾਈਸ ਮਿੱਲ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਦਾ ਮਾਲ ਅਜੇ ਤੱਕ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਹੀਂ ਚੁੱਕਿਆ ਗਿਆ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਮਿੱਲਾਂ ਵਿੱਚ ਨਵੇਂ ਸੀਜ਼ਨ ਲਈ ਜਗ੍ਹਾ ਨਹੀਂ ਬਣ ਸਕੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਵੀ ਨਹੀਂ ਚਾਹੁੰਦੇ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨੀ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪਵੇ, ਪਰ ਮੌਜੂਦਾ ਹਾਲਾਤ ਬਹੁਤ ਗੰਭੀਰ ਹਨ। । ਜਿੱਥੇ ਪਹਿਲਾਂ ਕਰੀਬ 14 ਫੀਸਦੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚੌਲਾਂ ਦੀ ਰਿਕਵਰੀ ਹੁੰਦੀ ਸੀ, ਉੱਥੇ ਹੁਣ 9 ਤੋਂ 10 ਫੀਸਦੀ ਦੇ ਕਰੀਬ ਰਿਕਵਰੀ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸ ਕਾਰਨ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਿਲ 5 ਤੋਂ 6 ਕੁਲੋ ਤੱਕ ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋਣ ਦੀ ਗੱਲ ਕਹੀ ਗਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਮਿੱਲਰਾਂ ਨੂੰ ਜੋ ਸਪੇਸ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਈ ਜਾਣੀ ਸੀ, ਉਹ ਮਾਰਚ-ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਸੀਜ਼ਨ ਖਤਮ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਜ ਮਿਲ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਸੀ, ਪਰ ਸਤੰਬਰ ਮਹੀਨਾ ਆ ਜਾਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਅਜੇ ਤੱਕ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਦਾ ਮਾਲ ਪਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਓਹਨਾਂ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਅੱਗੇ ਮੰਗ ਰੱਖੀ ਕਿ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਦਾ ਪਿਆ ਚਾਵਲ ਅਤੇ ਮਾਲ ਚੁੱਕਿਆ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਜੋ ਮਿੱਲਾਂ ਵਿੱਚ ਨਵੇਂ ਸੀਜ਼ਨ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਪੇਸ ਬਣ ਸਕੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਪੁਰਾਣਾ ਮਾਲ ਹੀ ਨਹੀਂ ਚੁੱਕਿਆ ਜਾਂਦਾ ਤਾਂ ਨਵੇਂ ਸੀਜ਼ਨ ਦੀ ਖਰੀਦ ਦੌਰਾਨ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਰ ਗੰਭੀਰ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਮਾਛੀਵਾੜਾ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੋਹਿਤ ਕੁੰਦਰਾ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ੈਲਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸਪੇਸ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦਾ ਸਵਾਗਤ ਕਰਦਿਆਂ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਮੋਹਿਤ ਕੁੰਦਰਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਦਾ ਝੋਨਾ ਅਜੇ ਵੀ ਕਈ ਸ਼ੈਲਰਾਂ ਵਿੱਚ ਪਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਨਵੀਂ ਫਸਲ ਦੀ ਆਮਦ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ’ਤੇ ਸਪੇਸ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਚਿੰਤਾ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਸਪੇਸ ਵਧਾਉਣ ਅਤੇ ਖਾਲੀ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਜੋ ਕਦਮ ਚੁੱਕੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ, ਉਹ ਸ਼ਲਾਘਾਯੋਗ ਹਨ। ਜੇਕਰ ਸ਼ੈਲਰਾਂ ਵਿੱਚ ਪਈ ਪੁਰਾਣੀ ਫਸਲ ਦੀ ਸਪੇਸ ਜਲਦ ਖਾਲੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਨਵੀਂ ਫਸਲ ਦੀ ਖਰੀਦ ਅਤੇ ਸਟੋਰੇਜ ਵਿੱਚ ਵੱਡੀ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀਂ ਆਵੇਗੀ। ਮੋਹਿਤ ਕੁੰਦਰਾ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਝੋਨੇ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਚੁੱਕਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲਿਫਟਿੰਗ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਹੁੰਦੀ ਰਹੇ ਅਤੇ ਸ਼ੈਲਰਾਂ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਪੇਸ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਆਪਣੀ ਫਸਲ ਲੈ ਕੇ ਆਉਣ ਸਮੇਂ ਕਿਸੇ ਵੱਡੀ ਸਮੱਸਿਆ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਨਹੀਂ ਕਰਨਾ ਪਵੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਸਾਲ ਝੋਨੇ ਦੀ ਫਸਲ ਵੀ ਵਧੀਆ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਵੱਡੀ ਆਮਦ ਹੋਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ। ਇਸ ਲਈ ਸ਼ੈਲਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸਪੇਸ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਹੱਲ ਕਰਨਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ。0
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तरुणप्रीत सिंह सौंड़ ने अमरिंदर पर नशा-यात्रा का तंज, पंजाब में राजनीति गरम
Khanna, Punjab:ਖੰਨਾ ਚ ਮਾਨ ਦੇ ਮੁਨਾਫੇ ਮੁਹਿੰਮ ਸ਼ੁਰੂ, ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤ ਪੰਜਾਬ ਯਾਤਰਾ ’ਤੇ ਆਪ ਮੰਤਰੀ ਤਰੁਨਪ੍ਰੀਤ ਸੌਂਦ ਦਾ ਤੰਜ, ਕਿਹਾ - ਕੈਪਟਨ ਨੇ 5 ਸਾਲ ਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦਾ ਲੱਕ ਨਹੀਂ ਤੋੜਿਆ, ਖੁਦ ਦੇ ਲੱਕ ਦਾ ਆਪ੍ਰੇਸ਼ਨ ਜ਼ਰੂਰ ਕਰਵਾ ਲਿਆ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ੇ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਭਾਜਪਾ ਵੱਲੋਂ ਕੱਢੀ ਜਾ ਰਹੀ ‘ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤ ਪੰਜਾਬ ਯਾਤਰਾ’ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸਿਆਸੀ ਤਕਰਾਰ ਤੇਜ਼ ਹੋ ਗਈ ਹੈ। ਖੰਨਾ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਤਰੁਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਸੌਂਦ ਨੇ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਮੁਹਿੰਮ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਦਿਆਂ ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਮੌਜੂਦਾ ਭਾਜਪਾ ਆਗੂ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਕਾਰਜਕਾਲ ਨੂੰ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ਨਾਲ ਜੋੜਿਆ。 ਮੰਤਰੀ ਸੌਂਦ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ 2007 ਤੋਂ 2017 ਤੱਕ ਅਕਾਲੀ-ਭਾਜਪਾ ਅਤੇ ਕਾਂਗਰਸ ਦੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੌਰਾਨ ਨਸ਼ੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਵਧੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਵੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚੋਂ ਨਸ਼ਾ ਖਤਮ ਕਰਨ ਦਾ ਵਾਅਦਾ ਕੀਤਾ ਸੀ, ਗੁਟਕਾ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਝੂਠੀ ਸਹੁੰ ਖਾਧੀ ਸੀ। ਸੌਂਦ ਨੇ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ’ਤੇ ਤੰਜ ਕੱਸਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੈਪਟਨ ਨੇ ਗੁਟਕਾ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਸਹੁੰ ਚੁੱਕ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦਾ ਲੱਕ ਤੋੜਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਸੀ, ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕਾਰਜਕਾਲ ਦੌਰਾਨ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦਾ ‘ਲੱਕ’ ਨਹੀਂ ਟੁੱਟਿਆ। ਸੌਂਦ ਨੇ ਵਿਅੰਗ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦਾ ਲੱਕ ਤਾਂ ਨਹੀਂ ਟੁੱਟਿਆ, ਪਰ ਸਰਕਾਰ ਦੇ 5 ਸਾਲ ਦੌਰਾਨ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਲੱਕ ਦਾ ਆਪ੍ਰੇਸ਼ਨ ਜ਼ਰੂਰ ਹੋ ਗਿਆ ਸੀ。 ਦੱਸ ਦਈਏ ਕਿ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਤਰੁਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਸੌਂਦ ਉਸ ਸਮੇਂ ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਸੀ ਜਦੋਂ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਖੰਨਾ ਹਲਕੇ ਵਿੱਚ ‘ਮਾਨ ਦੇ ਮੁਨਾਫੇ’ ਮੁਹਿੰਮ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ। ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਅਤੇ ਵਰਕਰਾਂ ਸਮੇਤ ਉਹ ਸ਼ਹਰ ਦੇ ਮੁੱਖ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਡੋਰ-ਟੂ-ਡੋਰ ਗਏ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਉਪਲਬਧੀਆਂ ਸਬੰਧੀ ਪੰਫਲੇਟ ਵੰਡੇ。 ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਸੌਂਦ ਨੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਕਿਸੇ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤੇ ਵਾਅਦੇ ਪੂਰੇ ਕਰਕੇ ਦਿਖਾਏ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਢੇ ਚਾਰ sਲ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਨਿਚੋੜ ਕੱਢੀਏ ਤਾਂ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਇੱਕ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਸਾਲਾਨਾ 1 ਲੱਖ 82 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਦਾ ਮੁਨਾਫਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਉਪਲਬਧੀਆਂ ਲੈ ਕੇ ਪਾਰਟੀ ਆਗੂ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਉਮੀਦ ਹੈ ਕਿ ਲੋਕ ਮੁੜ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਮਰਥਨ ਦੇਣਗੇ।0
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पंजाब में Census 2027 Phase-II की तैयारी तेज, अधिकारी तैयार
Noida, Uttar Pradesh:Information and Public Relations Department, Punjab Punjab Gears Up for Census 2027 Chief Secretary KAP Sinha Chairs State-Level Conference of Principal Census Officers for Phase-II Preparedness Comprehensive roadmap for Population Enumeration discussed; CS stresses collective ownership, accurate coverage and timely execution Chandigarh, September 21: A one-day Conference of Principal Census Officers (PCOs) for Phase-II of Census 2027 – Population Enumeration was held today at Hotel Mount View, Chandigarh, under the chairmanship of Mr. KAP Sinha, Chief Secretary, Punjab, to review the preparedness and operational readiness for the forthcoming Population Enumeration phase of Census 2027. The conference was attended by members of the State Level Census Coordination Committee (SLCCC), Divisional Commissioners and all Principal Census Officers, comprising the Deputy Commissioners of the Districts and Municipal Commissioners of the Municipal Corporations. At the outset, Dr. Navjot Khosa, Director, Census Operations, Punjab, welcomed the Chief Secretary, members of the SLCCC, Divisional Commissioners and all Principal Census Officers. The conference provided a comprehensive overview of the key components of Phase-II of Census 2027, including Population Enumeration preparedness, Enumeration Block finalisation, Human Resource planning, Training and deployment, PE questionnaire, Digital Tools, Self-Enumeration, Media and Publicity, field-level preparedness and administrative responsibilities. Detailed presentations were made on operational and technical aspects to ensure coordinated, timely and accurate implementation of the Census within the stipulated timelines. Chief Secretary Emphasizes Census as a National Exercise: Addressing the participants, the Chief Secretary, emphasized that the Census is one of the most significant national exercises undertaken by the country and constitutes a vital foundation for demographic and socio-economic information used in governance, planning, policy formulation and delivery of public services. He stressed that the successful conduct of the Census requires not only meticulous administrative preparedness but also commitment, coordination, ownership and a strong sense of responsibility at every level. He called upon all Principal Census Officers to accord the exercise the highest priority and discharge their responsibilities with full dedication, accountability and ownership. The Chief Secretary further emphasized that every stage of the Census process must be carefully planned, closely supervised and completed within the prescribed timelines. He underscored the importance of seamless coordination among the district administration, municipal bodies and all concerned departments to ensure complete coverage and maintain the accuracy, quality and credibility of the Census exercise. He further called upon the PCOs to provide effective leadership to the entire field machinery, ensuring that all Census functionaries are adequately trained, fully sensitised to their roles and responsibilities and prepared to undertake field operations in accordance with the prescribed guidelines. Highlighting the importance of Census 2027 for the country, the Chief Secretary stated that Punjab has an important responsibility in ensuring the successful and accurate conduct of the exercise in the State. He urged all PCOs to personally monitor the preparedness and execution of the Census in their respective jurisdictions and ensure that the exercise is carried out with the highest standards of dedication, accuracy, completeness and responsibility. State Nodal Officer Stresses Strict Adherence to Guidelines and Timelines: The State Nodal Officer briefed the participants on the administrative and coordination framework for Phase-II and stressed the importance of strict adherence to Census guidelines, prescribed procedures and timelines at every stage. Addressing the PCOs, the State Nodal Officer said that close and continuous monitoring must begin from the preparatory stage, covering finalisation of Enumeration Blocks and Human Resources, training, deployment of field functionaries and field execution. The PCOs were advised to establish effective review and monitoring mechanisms at the district and charge levels, with continuous supervision and timely resolution of operational issues. Particular emphasis was placed on inter-departmental coordination and regular assessment of preparedness so that any gaps are identified and addressed well before the commencement of field operations. The State Nodal Officer further added that every level of the Census machinery must have complete clarity regarding its assigned responsibilities and that all activities must be undertaken strictly in accordance with the approved Census procedures and timelines. The PCOs were urged to maintain close oversight from the initial stage of preparedness through the completion of field operations, ensuring coordinated execution and timely corrective action wherever required. Director Census Operations Highlights Phase-II Preparedness, EB Finalisation, HR Planning and Training: Dr. Navjot Khosa, Director, Census Operations, Punjab, apprised the participants of the schedule and major operational requirements for Phase-II of Census 2027. Further, the PE questionnaire having 40 questions on various parameters was also discussed in detail. Timeline for Phase-II – Population Enumeration: Self Enumeration: 16th November, 2026 to 30th November, 2026 Phase-II: 1st December, 2026 to 4th January, 2027 Revisional Round: 5th January, 2027 to 9th January, 2027 Reference Date: 00.00 hours of the 5th Day of January, 2027 The Director, Census, also made a detailed presentation on the key technical and operational components of Census 2027, covering the Overview of Phase-II, Formation of Enumeration Block, Human Resource Planning and Rationalization, Training Cascade, Self-Enumeration, Digital Tools, Budget and Media & Publicity. She provided comprehensive guidance on the preparedness requirements and implementation framework for each component, with emphasis on coordinated planning, timely execution, effective use of technology and robust field-level preparedness for the successful conduct of Population Enumeration. The effective leadership, close supervision and meticulous preparation would be the key pillars for successful implementation of the Population Enumeration phase, said Dr.Najot Khosa pointing out the critical role of the PCOs, as the Principal District-level authorities, in translating Census guidelines into effective, coordinated and timely field-level action. She stressed the need for timely completion of all preparatory activities, particularly finalisation of Enumeration Blocks, Human Resource planning and deployment of census functionaries. Emphasis was also laid on ensuring that adequate and appropriately trained personnel are available well in advance for the smooth conduct of field operations. The Director highlighted the importance of the training cascade, including timely completion of Field Training to ensure that all functionaries are adequately oriented and fully conversant with their roles, responsibilities, procedures and digital tools before deployment. She further underscored the need for robust monitoring mechanisms and close supervisory arrangements at every level, along with effective use of digital tools for timely reporting, monitoring and resolution of operational issues. Special focus was laid on ensuring complete coverage of inaccessible, difficult and vulnerable areas. The Director urged the PCOs to identify such areas in advance and make appropriate field and supervisory arrangements to ensure their comprehensive coverage and keep its proper documentation. The Director also highlighted the importance of public awareness and effective publicity of the Self-Enumeration. She called for coordinated efforts at the district and field levels to sensitise citizens about the Census process, encourage participation and facilitate effective use of the Self-Enumeration facility. The PCOs were also briefed on their key responsibilities relating to timely finalisation of census functionaries, training arrangements, field preparedness, inter-departmental coordination, monitoring of field operations, and publicity of Self-Enumeration and resolution of operational issues at the district and charge levels. Way Forward: The conference concluded with a detailed discussion on the way forward, with emphasis on complete coverage without omission and duplication, coordinated, time-bound and accountable action by all stakeholders for the successful implementation of Phase-II of Census 2027 in Punjab. The Chief Secretary reiterated the importance of collective ownership, close coordination and continuous monitoring by all concerned departments and field-level functionaries. He called upon all Principal Census Officers to personally lead and closely supervise the preparations in their respective jurisdictions and ensure that every stage of the Census is executed with dedication, responsibility, accuracy and completeness. The conference reaffirmed the collective commitment of all stakeholders towards ensuring the smooth, timely, accurate and comprehensive conduct of Phase-II of Census 2027 in Punjab.0
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अमृतसर में 23 सितंबर को NRI मिलनी: प्रवासी पंजाबी की शिकायतें सीधे निपटेंगी
Noida, Uttar Pradesh:ਸੂਚਨਾ ਤੇ ਲੋਕ ਸੰਪਰਕ ਵਿਭਾਗ, ਪੰਜਾਬ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿੱਚ 23 ਸਤੰਬਰ ਨੂੰ ਹੋਵੇਗੀ ਐਨ.ਆਰ.ਆਈ. ਮਿਲਣੀ; ਚਾਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਦੇ ਪਰਵਾਸੀ ਪੰਜਾਬੀ ਲੈਣਗੇ ਭਾਗ: ਡਾ. ਰਵਜੋਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਸਿੱਧੀ ਗੱਲਬਾਤ ਅਤੇ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਹੀ ਹੱਲ ਰਾਹੀਂ ਪਰਵਾਸੀ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੀਆਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਦੇ ਨਿਪਟਾਰੇ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 21 ਸਤੰਬਰ: ਪਰਵਾਸੀ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨੂੰ ਦਰਪੇਸ਼ ਮਸਲਿਆਂ ਅਤੇ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਦਾ ਤੁਰੰਤ ਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਨਿਪਟਾਰਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਆਪਣੀਆਂ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ਾਂ ਜਾਰੀ ਰੱਖਦਿਆਂ, ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸ. ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ 23 ਸਤੰਬਰ, 2026 ਨੂੰ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿਖ਼ੇ 'ਐਨ.ਆਰ.ਆਈ. ਮਿਲਣੀ' ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇਗੀ। ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਵਿਸਥਾਰਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਐਨ.ਆਰ.ਆਈ. ਮਾਮਲਿਆਂ ਬਾਰੇ ਮੰਤਰੀ ਡਾ. ਰਵਜੋਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਐਨ.ਆਰ.ਆਈ. ਮਿਲਣੀ ਪਰਵਾਸੀ ਭਾਰਤੀਆਂ ਨੂੰ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਉੱਚ ਸਿਵਲ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆਪਣੀਆਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ, ਮਸਲੇ ਅਤੇ ਸੁਝਾਅ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ 'ਤੇ ਰੱਖਣ ਦਾ ਮੌਕਾ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਪਹਿਲ ਦਾ ਮਕਸਦ ਪਰਵਾਸੀ ਭਾਰਤੀਆਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਨੂੰ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ 'ਤੇ ਸੁਣਿਆ ਜਾਣਾ ਅਤੇ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ ਆਪਸੀ ਤਾਲਮੇਲ ਰਾਹੀਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਨਿਪਟਾਰੇ ਲਈ ਹਰ ਸੰਭਵ ਯਤਨ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ। ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਐਨ.ਆਰ.ਆਈ. ਮਿਲਣੀ ਬੁੱਧਵਾਰ, 23 ਸਤੰਬਰ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ 11:00 ਵਜੇ ਹੋਟਲ ਲੀ ਮੈਰੀਡੀਅਨ, ਨੇੜੇ ਰਾਜਾਸਾਂਸੀ ਹਵਾਈ ਅੱਡਾ, ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਖੇ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇਗੀ। ਇਸ ਸਮਾਗਮ ਵਿੱਚ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ, ਪਠਾਨਕੋਟ, ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਅਤੇ ਤਰਨਤਾਰਨ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਪਰਵਾਸੀ ਪੰਜਾਬੀ ਹਿੱਸਾ ਲੈ ਸਕਣਗੇ ਅਤੇ ਸਬੰਧਤ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ साहਮਣੇ ਆਪਣੇ ਮੁੱਦੇ ਪੇਸ਼ ਕਰ ਸਕਣਗੇ। ਡਾ. ਰਵਜੋਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸ. ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪਰਵਾਸੀ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨਾਲ ਸਿੱਧਾ ਰਾਬਤਾ ਕਾਇਮ ਕਰਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਦੇ ਨਿਪਟਾਰੇ ਵਿੱਚ ਤੇਜ਼ੀ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਸੂਬੇ ਭਰ ਵਿੱਚ ਲਗਾਤਾਰ ਐਨ.ਆਰ.ਆਈ. ਮਿਲਣੀਆਂ ਕਰਵਾਈਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਐਸ.ਏ.ਐਸ. ਨਗਰ (ਮੋਹਾਲੀ), ਲੁਧਿਆਣਾ਼ਾ, ਮਾਨਸਾ ਅਤੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿਖੇ ਐਨ.ਆਰ.ਆਈ. ਮਿਲਣੀਆਂ ਕਰਵਾਏ ਜਾ ਚੁੱਕੀਆਂ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਪਰਵਾਸੀ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੇ ਮਸਲਿਆਂ ਨੂੰ ਵਿਚਾਰਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਪਰਵਾਸੀ ਪੰਜਾਬੀ ਭਾਈਚਾਰੇ ਨੂੰ ਵੱਡੇ ਪੰਜਾਬੀ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਅਨਿੱਖੜਵਾਂ ਅੰਗ ਮੰਨਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਸੰਵਾਦ, ਪਾਰਦਰਸ਼ਤਾ ਅਤੇ ਜਵਾਬਦੇਹ ਸ਼ਾਸਨ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਰਵਾਸੀ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨੂੰ ਦਰਪੇਸ਼ ਹੋਰ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਜਾਇਦਾਦਦੇ ਵਿਵਾਦਾਂ, ਪਰਿਵਾਰਕ ਤੇ ਵੈਵਾਹਿਕ ਮਾਮਲਿਆਂ, ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਅਤੇ ਕਾਨੂਨੀ ਮੁੱਦਿਆਂ 'ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਧਿਆਨ ਦੇਣਾ ਜਾਰੀ ਰੱਖਿਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਡਾ. ਰਵਜੋਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਸਬੰਧਤ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਦੇ ਪਰਵਾਸੀ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਐਨ.ਆਰ.ਆਈ. ਮਿਲਣੀ ਵਿੱਚ ਉਤਸ਼ਾਹ ਨਾਲ ਹਿੱਸਾ ਲੈਣ ਅਤੇ ਆਪਣੀਆਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਤੇ ਸੁਝਾਅ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਸਾਹਮਣੇ ਰੱਖਣ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਜਿਹਾ ਸਿੱਧਾ ਸੰਵਾਦ ਵਿਭਾਗਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਬਿਹਤਰ ਤਾਲਮੇਲ ਬਣਾਉਣ ਅਤੇ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦੇ ਹੱਲ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਨੂੰ ਤੇਜ਼ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਸਹਾਈ ਸਾਬਤ ਹੋਵੇਗਾ।0
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हरपाल सिंह चीमा की मीटिंग से कर्मचारियों के मसलों में त्वरित समाधान की उम्मीद
Noida, Uttar Pradesh:ਸੂਚਨਾ ਅਤੇ ਲੋਕ ਸੰਪਰਕ ਵਿਭਾਗਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਵੱਲੋਂ Mullajam Union ਨਾਲ ਵਿਸਤ੍ਰਿਤ ਮੀਟਿੰਗਾਂ, ਮਿਡ-ਡੇ-ਮੀਲ ਅਤੇ ਮਾਣ-ਭੱਤਾ ਵਰਕਰਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਭਰੋਸਾ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵਰਕਰਾਂ ਦੀਆਂ ਜਾਇਜ਼ ਮੰਗਾਂ ਹੱਲ ਕਰਨ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ: ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਵਿਭਾਗਾਂ ਨੂੰ ਵਰਕਰਾਂ ਦੇ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਅਤੇ ਵਿੱਤੀ ਮਾਮਲਿਆਂ ਦੀਆਂ ਤਜਵੀਜ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਤੇਜ਼ੀ ਲਿਆਉਣ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼: ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਵੱਲੋਂ ਸਿੱਖਿਆ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਮਿਡ-ਡੇ-ਮੀਲ ਵਰਕਰਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਆ ਰਹੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਤੁਰੰਤ ਹੱਲ ਕਰਨ ਦੀਆਂ ਹਦਾਇਤਾਂ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 21 ਸਤੰਬਰ 2026 ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੇ ਮਸਲਿਆਂ ਦੇ ਹੱਲ ਲਈ ਗਠਿਤ ਕੈਬਨਿਟ ਸਬ-ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਵਜੋਂ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਅੱਜ ਇੱਥੇ ਮਿਡ-ਡੇ-ਮੀਲ ਸਕੀਮ ਅਧੀਨ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀਆਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਯੂਨੀਅਨਾਂ ਅਤੇ ਮਾਣ-ਭੱਤਾ ਵਰਕਰਾਂ ਦੇ ਸਾਂਝੇ ਮੋਰਚੇ ਨਾਲ ਵਿਸਤ੍ਰਿਤ ਮੀਟਿੰਗਾਂ ਕੀਤੀਆਂ। ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਵਰਕਰਾਂ ਦੀਆਂ ਯੂਨੀਅਨਾਂ ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਅਤੇ ਮਸਲਿਆਂ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰਪੂਰਵਕ ਵਿਚਾਰ-ਵਟਾਂਦਰਾ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਮੈਂ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗਾਂ ਨੂੰ ਵਿਭਾਗੀ ਪੱਧਰ ਦੇ ਮਸਲਿਆਂ ਨੂੰ ਪਹਿਲ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਹੱਲ ਕਰਨ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ ਹਨ। ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਦੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਸਾਰੀਆਂ ਜਾਇਜ਼ ਤਜਵੀਜ਼ਾਂ ਪਰਸੋਨਲ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਭੇਜੀਆਂ ਜਾਣ, ਜਦੋਂ ਕਿ ਵਿੱਤੀ ਪਹਿਲੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਤ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਭੇਜੇ ਜਾਣ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ।” ਮੀਟਿੰਗਾਂ ਦੌਰਾਨ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਯੂਨੀਅਨ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਨੂੰ ਭਰੋਸਾ ਦਿਵਾਇਆ, “ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵਰਕਰਾਂ ਦੀਆਂ ਜਾਇਜ਼ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਹੱਲ ਕਰਨ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਚਨਬੱਧ ਹੈ, ਅਤੇ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਲੋੜੀਂਦੀ ਕਾਗਜ਼ੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਜਾਰੀ ਹੈ।” ਕੰਮਿਆਂ ਲਈ ਤੁਰੰਤ ਰਾਹਤ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਵਾਸਤੇ, ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਸਿੱਖਿਆ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਸਖ਼ਤ ਹਦਾਇਤਾਂ ਜਾਰੀ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ, “ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੱਧਰੀ ਅਧਿਕਾਰੀ ਮਿਡ-ਡੇ-ਮੀਲ ਵਰਕਰਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਆ ਰਹੀਆਂ ਵਿਵਹਾਰਕ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦੀ ਸਰਗਰਮੀ ਨਾਲ ਨਿਗਰਾਨੀ ਕਰਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਤੁਰੰਤ ਹੱਲ ਕੱਢਣ।” ਮੀਟਿੰਗ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਦੌਰਾਨ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਨੁਮਾਇੰਦਿਆਂ ਨੇ ਕਮੇਟੀ ਅੱਗੇ ਆਪੋ-ਆਪਣੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਿਕਾਈਤਾਂ ਰੱਖੀਆਂ। ਵਫ਼ਦਾਂ ਵਿੱਚ ਮਿਡ-ਡੇ-ਮੀਲ ਕੁੱਕ ਯੂਨੀਅਨ (ਬੀ.ਐਮ.ਐਸ.) ਵੱਲੋਂ ਕਰਮ ਚੰਦ ਚਿੰਡਾਲੀਆ, ਕਮਲਜੀਤ ਕੌਰ, ਪਰਮਜੀਤ ਕੌਰ ਅਤੇ ਮੁਮਤਾਜ਼ਘੁੰਗਰਾਣਾ, ਲਾਲ ਝੰਡਾ ਮਿਡ-ਡੇ-ਮੀਲ ਵਰਕਰਜ਼ ਯੂਨੀਅਨ ਵੱਲੋਂ ਜਸਮੇਲ ਕੌਰ ਬੀੜਕਲਾਂ, ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਆਦਮਪੁਰ, ਦੇਵਰਾਜ ਵਰਮਾ, ਮੱਖਣ ਸਿੰਘ ਜਖੇਪਲ ਅਤੇ ਹਰਪਾਲ ਕੌਰ ਸ਼ਾਮਲ ਸਨ। ਡੈਮੋਕ੍ਰੇਟਿਕ ਮਿਡ-ਡੇ-ਮੀਲ ਕੁੱਕ ਫਰੰਟ ਦੀ ਨੁਮਾਇੰਦਗੀ ਹਰਜਿੰਦਰ ਕੌਰ ਲੋਪੇ, ਜੰਗਬਹਾਦਰ ਕੌਰ ਅਤੇ ਸਿਮਰਜੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਮਿਡ-ਡੇ-ਮੀਲ ਵਰਕਰਜ਼ ਯੂਨੀਅਨ ਵੱਲੋਂ ਬਿਮਲਾ ਦੇਵੀ, ਪ੍ਰਵੀਨ ਬਾਲਾ, ਕਮਲੇਸ਼ ਕੌਰ ਅਤੇ ਕਮਲਜੀਤ ਕੌਰ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ। ਮਿਡ-ਡੇ-ਮੀਲ ਦਫ਼ਤਰੀ ਕਰਮਚਾਰੀ ਯੂਨੀਅਨ ਵੱਲੋਂ ਦੀਪਕ ਨਾਗਪਾਲ, ਪ੍ਰਵੀਨ ਸ਼ਰਮਾ, ਵਿਜੇ ਕੁਮਾਰ ਅਤੇ ਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਤੇਜਾ ਨੇ ਆਪਣੇ ਮਸਲੇ ਰੱਖੇ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਮਾਣ-ਭੱਤਾ ਵਰਕਰਜ਼ ਸਾਂਝਾ ਮੋਰਚਾ ਵੱਲੋਂ ਪਰਮਜੀਤ ਕੌਰ, ਲਖਵਿੰਦਰ ਕੌਰ, ਮਮਤਾ ਸ਼ਰਮਾ, ਸਰਬਜੀਤ ਕੌਰ, ਸ਼ਕੁੰਤਲਾ ਅਤੇ ਰਮਨਜੀਤ ਨੇ ਵੀ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ।0
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शिमला NDPS मामले में 4.13 करोड़ मूल्य की संपत्तियाँ जब्त, आर्थिक आधार खंगाला गया
Shimla, Himachal Pradesh:शिमला पुलिस ने एनडीपीएस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी करीब 4.13 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां जब्त की हैं। पुलिस के अनुसार, इन संपत्तियों को नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियां यानी Drug Proceeds पाया गया है। पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज अभियोग संख्या 107, दिनांक 14 अगस्त 2024, धारा 21 और 29 NDPS Act के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। 13 अगस्त 2024 को पुराना बस स्टैंड शिमला स्थित एक होटल से सूरज निवासी लखीसराय, बिहार, हाल दक्षिण दिल्ली और रोहित पाण्डे निवासी आरा, बिहार, हाल दक्षिण दिल्ली के कब्जे से करीब 6.5 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। मामले की आगामी जांच में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि वर्ष 2026 में इस मामले में फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन की गई। जांच के दौरान आरोपियों और उनसे जुड़े व्यक्तियों की संपत्तियों की जांच की गई। इस दौरान 9 आरोपियों और 10 एसोसिएट्स/सहयोगियों यानी कुल 19 व्यक्तियों के नाम पर चल और अचल संपत्तियां चिन्हित की गईं। इन संपत्तियों में दो रेजिडेंशियल लैंड प्लॉट, दो आवासीय भवन, एक अपार्टमेंट, एक होम-स्टे और लग्जури वाहन शामिल हैं। इनमें Mahindra Thar, Hyundai Creta, Maruti Suzuki Grand Vitara और Tata Nexon सहित अन्य वाहन भी शामिल हैं। कुल 20 संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 4.13 करोड़ रुपये है। ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के दौरान इन संपत्तियों के संबंध में संबंधित आरोपियों और उनके एसोसिएट्स की कोई ज्ञात और वैध आय का पर्याप्त स्रोत सामने नहीं आया। उपलब्ध वित्तीय और संपत्ति संबंधी तथ्यों के परीक्षण के आधार पर इन संपत्तियों को नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियां पाया गया। इसी आधार पर NDPS Act के प्रावधानों के तहत इन्हें जब्त करने की कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ शिमला पुलिस की रणनीति में बदलाव को दर्शाती है। अब कार्रवाई केवल नशे की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके आर्थिक आधार और Drug Proceeds तक भी विस्तारित की जा रही है। नशा तस्करी से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत जब्त किया जा रहा है, ताकि नशे के अवैध कारोबार की आर्थिक रीढ़ को कमजोर किया जा सके। शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक कुल 15 एनडीपीएस मामलों में 68 आरोपियों और उनके एसोसिएट्स की 12.52 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। इनमें रेजिडेंशियल और कमर्शियल लैंड प्लॉट्स, रेजिडेंशियल अपार्टमेंट्स, कमर्शियल शॉप्स, लग्जरी और कमर्शियल गाड़ियाँ, बैंक डिपॉजिट्स, कैश और गोल्ड ऑर्नामेंट्स आदि शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2024 और 2025 में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।0
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चंडीगढ़ अमन अरोड़ा Sangrur मुद्दे पर बयान, शिवराज चौहान की टिप्पणी और केंद्र नोटिस
Noida, Uttar Pradesh:Chandigarh: Aman Arora (Punjab Minister) on Sangrur issue / Shivraj Singh Chouhan's remarks / Centre's notification on stubble burning0
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सुधीर शर्मा का जयसिंहपुर विकास पर तीखा हमला, सुक्खू सरकार को चुनौती
Jaisinghpur, Himachal Pradesh:ज़िला कांगड़ा के जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने प्रदेश की सुक्खू सरकार में मंत्री और जयसिंहपुर के विधायक यादविंदर गोमा पर तीखे राजनीतिक हमले किए। इस दौरान उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन में शामिल होने को अपनी बड़ी राजनीतिक भूल बताते हुए जयसिंहपुर की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। गौर हो कि तब सुधीर शर्मा कांग्रेस में थे और अब वे बीजेपी से विधायक हैं। सुधीर शर्मा ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान रविंद्र धीमान भाजपा प्रत्याशी थे और वह कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन करवाने जयसिंहपुर आये थे। उन्होंने कहा कि अब उन्हें लगता है कि उस समय जयसिंहपुर आना उनके राजनीतिक जीवन की “बहुत बड़ी भूल” थी। उन्होंने इसी बात के लिए जयसिंहपुर की जनता से माफी मांगी। सुधीर शर्मा ने जयसिंहपुर के विकास को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के कार्यकाल में जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में जितने विकास कार्य हुए, उतنے पहले कभी नहीं हुए थे। हिमाचल प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश का हर वर्ग परेशान है। उन्होंने बेरोजगार युवाओं, कर्मचारियों, महिलाओं और किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि किसी को भी चैन और सुख नहीं मिल रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में “सुख सिर्फ उन्हीं लोगों को है जो सचिवालय में बैठे हैं”, जबकि आम लोगों के लिए सरकार तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय के नए भवन को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि केंद्रीय विश्वविद्यालय से जुड़े निर्माण कार्यों के लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं। समारोह में मौजूद नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से सुधीर शर्मा ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अब बहुत कम समय बचा है। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार के चार साल के कार्यकाल में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं और विकास कहीं नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि केवल इस सरकार में मित्रों का विकास हो रहा है। सुधीर शर्मा ने दावा किया कि भविष्य में भाजपा की सरकार बनने पर विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले भी पांच साल भाजपा की सरकार के दौरान जो विकास कार्य हुए थे, वही क्षेत्र में हुए हैं। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में जयसिंहपुर क्षेत्र में कोई विकास कार्य नजर नहीं आ रहे हैं। सुधीर शर्मा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “यह कांग्रेस, असली कांग्रेस भी नहीं है। न यह राजा वीरभद्र सिंह वाली कांग्रेस है, न ही स्वर्गीय पंडित संत राम वाली; यह तो बस सुक्खू की कांग्रेस है.”0
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पठानकोट में युवती से गैंगरेप: चार युवकों पर FIR, पुरानी रंजिश का आरोप
Pathankot, Punjab:पठानकोट में युवती से गैंगरेप का आरोप, चार युवकों पर FIR, पुरानी रंजिश को लेकर वारदात का आरोप पठानकोट के थाना सदर क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। गांव की रहने वाली एक युवती ने गांव के ही चार युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के मुताबिक, यह वारदात उस समय हुई जब वह Chandigarh से वापस अपने गांव लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार युवकों ने पहले उसे टक्कर मारी और फिर सड़क किनारे ले जाकर उसके साथ मारपीट की और दुष्कर्म किया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पुराने विवाद के दौरान बनाए गए वीडियो को लेकर उनसे रंजिश रखते थे। मामले में थाना सदर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया जा रहा है। पीड़िता के मुताबिक, वह 20 सितंबर को Chandigarh से वापस लौटी थी। मलिकपुर में उतरने के बाद उसने अपने भाई को फोन किया, लेकिन भाई के व्यस्त होने के कारण वह पैदल ही गांव की तरफ निकल गई। आरोप है कि गांव के रास्ते में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार युवक पीछे से आए और युवती को टक्कर मार दी। युवती सड़क किनारे झाड़ियों में गिर गई। इसके बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और जबरन दुष्करण किया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस दौरान आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया और पुराने विवाद के दौरान बनाए गए वीडियो को लेकर उसे धमकाया और तंज कसा। पीड़ित पीड़िता की मां ने इस पूरे मामले को पुरानी रंजिश से जोड़ते हुए पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि करीब एक महीने पहले दुकान के निर्माण को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें आरोपी कथित तौर पर बड़ी संख्या में लोगों के साथ उनके परिवार पर हमला किया था। परिवार का आरोप है कि उस दौरान पीड़िता ने अपने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो बनाया था। मां के मुताबिक, आरोपी इसी वीडियो को लेकर परिवार से रंजिश रखने लगे थे। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि अगर उस समय पुलिस ने सख्त कार्रवाई की होती, तो आज उनकी बेटी के साथ यह घटना नहीं होती। पीड़िता के बयानों के आधार पर थाना सदर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(1) और IPC की धारा 376(D) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच जारी है। घटना की सूचना के बाद FSL टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य जुटाए हैं। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी करवाया जा रहा है。0
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पातड़ां नगर परिषद ने 58 सफाई कर्मचारी और 14 सीवरमैनों को रेगुलर किया
Patran, Punjab:नगर कौंसिल पातड़ां के 58 सफाई सेवकों और 14 सीवरमैनों को रेगुलर करने का प्रस्ताव पास, कर्मचारियों ने ढोल की थाप पर भंगड़ा डाला खुशी की लहर. वर्ष 2021 की नीति के तहत ठेका आधार (इन-सोर्स) पर भर्ती कर्मचारियों को रेगुलर करने के फैसले से कर्मचारियों में खुशी की लहर. नगर कौंसिल पातड़ां की ओर से प्रधान अमरित पाल कालेका की अगवाई में आयोजित बैठक में वर्ष 2021 की नीति के तहत ठेका आधार (इन-सोर्स) पर भर्ती किए गए सफाई सेवकों और सीवरमैनों को रेगुलर करने का प्रस्ताव पास किया गया. बैठक में 58 सफाई सेवकों और 14 सीवरमैनों को रेगुलर करने के फैसले के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई. प्रस्ताव पास होने की खुशी में सफाई सेवकों ने ढोल की थाप पर भंगड़ा डालकर खुशी का इजहार किया. कर्मचारियों ने नगर कौंसिल पातड़ां के प्रधान अमरित पाल कालेका सहित कौंसलरों का हार डालकर स्वागत किया और एक-दूसरे को लड्डू बांटकर खुशी मनाई. नगर कौंसिल प्रधान अमरित पाल कालेका ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि नगर कौंसिल के सफाई कर्मचारी पिछले लंबे समय से ठेका आधार पर अपनी सेवाएं निभा रहे थे. पंजाब सरकार की नीति के तहत इन कर्मचारियों को रेगुलर करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए बैठक में 58 सफाई सेवकों और 12 सीवरमैनों को रेगुलर करने का प्रस्ताव पास किया गया है. उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. कर्मचारियों के लंबे समय से चले आ रहे मामले का समाधान होने से उन्हें राहत मिलेगी और वे और अधिक उत्साह के साथ अपनी सेवाएं निभाएंगे. इस मौके पर सफाई सेवकों ने रेगुलर करने की प्रक्रिया शुरू होने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, हरजोत सिंह बैंस, हरपाल सिंह चीमा, नगर कौंसिल पातड़ां के प्रधान अमरित पाल कालेका, ईओ बलजिंदर सिंह और समूह कौंसलरों का धन्यवाद किया. कर्मचारियों ने कहा कि सरकार के इस फैसले से उनके परिवारों को भी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है.0
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