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पंचायतों के सहयोग से कांगड़ा में टीबी मुक्त भारत का सपना साकार होगा

mathura, Dharamshala, Himachal Pradesh:टीबी से लड़ने में पंचायतों की भूमिका अहम, सामुदायिक सहयोग से साकार,होगा टीबी मुक्त भारत का सपना: एडीसी विनय कुमार अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने कहा कि क्षय रोग (टीबी) के खिलाफ लड़ाई में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामुदायिक सहयोग, जनजागरूकता और समय पर उपचार के माध्यम से ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में जिला कांगड़ा की 287 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया, जिनमें 69 पंचायतों ने सिल्वर तथा 37 पंचायतों ने गोल्ड श्रेणी प्राप्त की। यह उपलब्धि कांगड़ा को प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल करती है। एडीसी विनय कुमार गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला में आयोजित जिला क्षय रोग मंच, जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति तथा को-माॅर्बिडिटी समिति की संयुक्त बहु-क्षेत्रीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में जिला कांगड़ा में कुल 2,807 टीबी रोगी दर्ज किए गए थे, जबकि वर्ष 2026 में जनवरी से मई तक 1,180 नए टीबी रोगियों की पहचान की जा चुकी है। इस अवसर पर उन्होंने टीबी मुक्त भारत ऐप तथा खुशी एआई चैटबाॅट का शुभारंभ करते हुए इनके व्यापक उपयोग पर बल दिया और सभी टीबी रोगियों को ऐप से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का एक व्यापक आंदोलन है। समय पर जांच, उचित उपचार, पोषण सहायता और सामाजिक समर्थन के माध्यम से ही टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। एडीसी ने टीबी रोगियों को पोषण सहायता उपलब्ध करवाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि संतुलित एवं पर्याप्त पोषण से रोगियों के शीघ्र स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में 478 मरीजों को नियमित सहायता प्रदान की जा रही है तथा जनवरी से मई 2026 के दौरान 2,163 पोषण किट वितरित की गई हैं। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विवेक करोल ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के तहत पिछले 80 दिनों में जिले में 225 आयुष्मान आरोग्य शिविर-organized: हुए हैं जिनमें 13,350 लोगों ने भाग लिया। अभियान के दौरान 33,900 एक्स-रे किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले के 969 उच्च जोखिम वाले गांवों में से अब तक 205 गांवों को कवर किया जा चुका है। बाइट : एडीसी कांगड़ा विनय कुमार
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सास-साले के प्रताड़ना से दामाद ने नहर में छलांग लगाई; कर्ज रहा प्रमुख कारण

Fatehgarh Sahib, Punjab:फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी सास और साले की प्रताड़ना से तंग आकर नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मिले सुसाइड नोट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस ने मृतक के साले और सास के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। मृतक की पहचान गांव दालोमाजरा निवासी जोगिंदर चौहान के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जोगिंदर पिछले काफी समय से मानसिक तनाव में था। आरोप है कि उसने अपने साले के विवाह के लिए करीब 2 लाख रुपये का कर्ज लिया था। शादी होने के बाद जब उसने पैसे वापस मांगे तो विवाद शुरू हो गया। मृतक के पिता सुरेश चौहान के अनुसार उनके बेटे ने मौत को गले लगाने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था। इस नोट में उसने अपनी सास और साले को अपनी परेशानी और मानसिक तनाव का जिम्मेदार बताया है। परिवार का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर दोनों ने जोगिंदर को लगातार परेशान किया और उसके साथ मारपीट तक की गई। पुलिस जांच के अनुसार 6 जून 2026 को जोगिंदर ने सरहिंद-पटियाला रोड पर गांव आदमपुर के पास नहर में छलांग लगा दी थी। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई, लेकिन कई दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार 10 जून को उसकी लाश पटियाला के जयनगर इलाके के पास नहर से बरामद हुई। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के दौरान सामने आए सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने मृतक के साले गुरप्रीत सिंह और सास सोमा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सहायक थानेदार मान सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आर्थिक लेन-देन और पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी。
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जमीनी विवाद में बुजुर्ग की पिटाई से मौत, परिवार गिरफ्तारी अंतिम संस्कार नहीं करेगा

Samrala, Punjab:ਜਮੀਨੀ ਵਿਵਾਦ ’ਚ ਫੈਸਲਾ ਕਰਵਾਉਣ ਗਏ ਬਜ਼ੁਰਗ ਦੀ ਕੁੱਟਮਾਰ ਵਿਚ ਹੋਈ ਮੌਤ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਵਲੋਂ ਮੁਲਜਮ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਨਾ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਤੱਕ ਅੰਤਿਮ ਸਸਕਾਰ ਨਾ ਕਰਨ ਦਾ ਫੈਸਲ, ਮਾਮਲਾ ਥਾਣਾ ਕੂੰਮਕਲਾਂ ਅਧੀਨ ਪੈਂਦੇ ਪਿੰਡ ਬੌਂਕੜ ਗੁੱਜਰਾਂ ਦਾ ਲੰਘੀ 22 ਮਈ ਨੂੰ ਥਾਣਾ ਕੰਮਕਲਾਂ ਅਧੀਨ ਪੈਂਦੇ ਪਿੰਡ ਬੌਂਕੜ ਗੁੱਜਰਾਂ ਵਿਖੇ ਜਮੀਨੀ ਵਿਵਾਦ ਵਿਚ ਫੈਸਲਾ ਕਰਵਾਉਣ ਗਏ ਬਜ਼ੁਰਗ ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਦੀ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕੁੱਟਮਾਰ ਹੋਈ ਸੀ ਜਿਸ ਨੇ ਅੱਜ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿਚ ਇਲਾਜ ਦੌਰਾਨ ਦਮ ਤੋੜ ਦਿੱਤਾ। ਮ੍ਰਿਤਕ ਬਜ਼ੁਰਗ ਦੇ ਪੋਤੇ ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਸਦਾ ਦਾਦਾ ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਦੋ ਧਿਰਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਚੱਲ ਰਹੇ ਜਮੀਨੀ ਵਿਵਾਦ ਨੂੰ ਸੁਲਝਾਉਣ ਲਈ ਫੈਸਲਾ ਕਰਵਾਉਣ ਗਿਆ ਸੀ। ਉੱਥੇ ਹੋਏ ਝਗੜੇ ਦੌਰਾਨ ਇੱਕ ਧਿਰ ਵਲੋਂ ਉਸਦੇਦਾਦੇ ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਟ੍ਰੈਕਟਰ ਮਾਰ ਕੇ ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ। ਫਿਰ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕਹੀਆਂ ਤੇ ਹੋਰ ਡੰਡਿਆਂ ਨਾਲ ਉਸਦੀ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕੁੱਟਮਾਰ ਕੀਤੀ। ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਆਪਣੇ ਦਾਦੇ ਨੂੰ ਇਲਾਜ ਲਈ ਲੁਧਿਆਣਾ ਹਸਪਤਾਲ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਇਆ ਸੀ ਜਿੱਥੇ ਉਹ ਜ਼ਖਮਾਂ ਦੀ ਤਾਬ ਨਾ ਝੱਲਦਾ ਹੋਇਆ ਦਮ ਤੋੜ ਗਿਆ। ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਲੋਂ ਪੁਲਸ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਤੇ ਰਾਜਸ਼ੀ ਆਗੂਆਂ ਤੱਕ ਵੀ ਪਹੁੰਚ ਕੀਤੀ ਗਈ ਕਿ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੇ ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਦੀ ਬੇਰਹਿਮੀ ਨਾਲ ਕੁੱਟਮਾਰ ਕੀਤੀ ਹੈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕੋਈ ਸੁਣਵਾਈ ਨਾ ਹੋਈ। ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੁਲਸ ਵਲੋਂ ਹੁਣ ਦਬਾਅ ਪਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਮ੍ਰਿਤਕ ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਦਾ ਪੋਸਟ ਮਾਰਟਮ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਵੇ ਪਰ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਵਲੋਂ ਇਹ ਫੈਸਲਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਜਦੋਂ ਤੱਕ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬਜ਼ੁਰਗ ਨੂੰ ਕਤਲ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਮੁਲਜ਼ਮ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਨਹੀਂ ਜਾਂਦੇ ਉਦੋਂ ਤੱਕ ਉਹ ਅੰਤਿਮ ਸਸਕਾਰ ਨਹੀਂ ਕਰਨਗੇ। ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਥਾਣਾ ਕੂੰਮਕਲਾਂ ਦੇ ਮੁਖੀ ਇੰਸਪੈਕਟਰ ਮਧੂ ਬਾਲਾ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ 22 ਮਈ ਨੂੰ ਜਮੀਨੀ ਵਿਵਾਦ ਕਾਰਨ 2 ਧਿਰਾਂ ਵਿਚ ਝਗੜਾ ਹੋਇਆ ਜਿਸ ਸਬੰਧੀ ਪੁਲਸ ਨੇ ਦੋਵਾਂ ਧਿਰਾਂ ਦੇ ਬਿਆਨ ਦਰਜ ਕਰ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰ ਲਿਆ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਅੱਜ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿਚ ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਦੀ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿਚ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਦਾ ਪੋਸਟ ਮਾਰਟਮ ਕਰਵਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦੇ ਬਿਆਨ ਦਰਜ ਕਰ ਕਾਨੂਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਅਮਲ ਵਿਚ ਲਿਆਂਦੀ ਜਾਵੇਗੀ。
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हिमाचल के मुख्यमंत्री ने नीति आयोग बैठक में वित्तीय राहत और हरित ऊर्जा पर केंद्र से सहायता मांगी

Shimla, Himachal Pradesh:मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में भाग लिया। बैठक का विषय ‘विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ था। बैठक में देशभर में समावेशी विकास सुनिश्चित करने तथा विकसित भारत के दृष्टिकोण को ठोस परिणामों में परिवर्तित करने की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के समक्ष मौजूदा वित्तीय चुनौतियों को प्रमुखता से उठाते हुए प्रधानमंत्री से राज्य के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आग्रह किया, जो राजस्व घाटा अनुदान की समाप्ति, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान, जलविद्युत परियोजनाओं में मुफ्त बिजली के हिस्से में कमी और जीएसटी व्यवस्था से उत्पन्न राजस्व हानि का आकलन कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति में हिमाचल प्रदेश महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहा है, लेकिन उक्त परिस्थितियों के कारण राज्य को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार राज्य को उसका न्यायोचित हिस्सा प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान की समाप्ति से प्रदेश की अर्थव्यवस्था बहुत प्रभावित हुई है। राज्य को प्रदान किए गए 25,000 करोड़ रुपये इस नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने विकास गतिविधियों को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए इस राशि को बढ़ाकर 50,000 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का ‘ग्रीन फ्रंटियर’ है और विकसित भारत के लक्ष्य को वास्तविक रूप देने के लिए केंद्र सरकार को राज्य की विशेष आवश्यकताओं पर ध्यान देना चाहिए। CM ने कहा कि भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के एक अध्ययन के अनुसार हिमाचल प्रदेश देश को प्रतिवर्ष लगभग 90,000 करोड़ रुपये मूल्य की पारिस्थितिकीय सेवाएं प्रदान करता है, लेकिन इसके अनुरूप राज्य को कोई पर्याप्त आर्थिक प्रतिपूर्ति नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 13,000 मेगावाट विद्युत उत्पादन होने के बावजूद राज्य को मुफ्त बिजली का उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है। इसके अतिरिक्त भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से राज्य को लगभग 7,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि भी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं का सबसे अधिक प्रभाव झेलने के बावजूद प्रदेश को केंद्र द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि का अभी भी इंतजार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीएसटी व्यवस्था के कारण पिछले eight वर्षों में राज्य को लगभग 25,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने मानव विकास सूचकांकों में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश वर्ष 2025 में पूर्ण साक्षर घोषित हुआ तथा वर्ष 2026 में स्कूल शिक्षा प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक में राज्य में छठा स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2022 में उनकी सरकार के कार्यभार संभालने के समय राज्य इस सूचकांक में 21वें स्थान पर था। उच्च शिक्षा में प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात 43 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से 28.4 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में भी राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख किया। CM सुक्खू ने कहा कि सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, पंप स्टोरेज तथा बैटरी स्टोरेज जैसी पहलों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने चंद्रभागा-रावी-ब्यास लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान राज्य के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के लगभग 1.5 लाख निर्धन परिवारों की पहचान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर हवाई संपर्क की आवश्यकता पर बल देते हुए गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार और विकास का मुद्दा उठाया, ताकि हिमाचल प्रदेश को ‘वन स्टेट, वन इंटरनेशनल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने बच्चों के पोषण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच डेटा साझाकरण को महत्त्वपूर्ण बताते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित, सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित तथा साक्ष्य-आधारित निगरानी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान की भी जानकारी दी। उन्होंने खुफिया तंत्र को सुदृढ़ बनाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उप-राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, विशेष आमंत्रित सदस्य, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य व मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव के.के. पंत भी उपस्थित थे।
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सुल्तानपुर लोढ़ी की पंचायत ने आम आदमी पार्टी में शामिल होने का ऐलान कर दिया

Kapurthala, Punjab:ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ : ਕਰਮਜੀਤਪੁਰ ਦੀ ਸਮੁੱਚੀ ਪੰਚਾਇਤ ਨੇ ਫੜਿਆ ‘ਆਪ’ ਦਾ ਪੱਲਾ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਸੱਜਣ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕੀਤਾ ਸਨਮਾਨਿਤ, ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਗ੍ਰਾਂਟਾਂ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਭਰੋਸਾ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ, 11 ਜੂਨ : ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਹਲਕਾ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਵਿੱਚ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ ਉਸ ਵੇਲੇ ਵੱਡੀ ਸਿਆਸੀ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਮਿਲੀ ਜਦੋਂ ਪਿੰਡ ਕਰਮਜੀਤਪੁਰ ਦੀ ਸਮੁੱਚੀ ਪੰਚਾਇਤ ਨੇ ਰਵਾਇਤੀ ਸਿਆਸੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੂੰ ਅਲਵਿਦਾ ਕਹਿ ਕੇ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਹਲਕਾ ਇੰਚਾਰਜ ਅਤੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਸੱਜਣ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਪੰਚਾਇਤ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦਾ ਸਿਰੋਪਾਓ ਪਾ ਕੇ ਨਿੱਘਾ ਸਵਾਗਤ ਕੀਤਾ。 ਪਾਰਟੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਸਰਪੰਚ ਅਤੇ ਪੰਚਾਂ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਸੱਜਣ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਲੋਕ-ਪੱਖੀ ਨੀਤੀਆਂ ਅਤੇ ਵਿਕਾਸਮੁਖੀ ਕਾਰਜਾਂ ਕਾਰਨ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਜਨ ਆਧਾਰ ਲਗਾਤਾਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਹਲਕੇ ਦੇ ਬਹੁਤਾਤ ਪਿੰਡਾਂ ਦੀਆਂ ਪੰਚਾਇਤਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ‘ਆਪ’ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋ ਚੁੱਕੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਪਾਰਟੀ ਹੋਰ ਵੱਡੀ ਤਾਕਤ ਵਜੋਂ ਉਭਰੇਗੀ。 ਚੀਮਾ ਨੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਵਿਰੋਧੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਗੁਆ ਚੁੱਕੀਆਂ ਹਨ, ਜਦਕਿ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀਆਂ ਨੀਤੀਆਂ ਤੋਂ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋ ਕੇ ਲੋਕ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਪਾਰਟੀ ਨਾਲ ਜੁੜ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਭਰੋਸਾ ਦਿਵਾਇਆ ਕਿ ਪਾਰਟੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਹਰ ਆਗੂ ਅਤੇ ਵਰਕਰ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਮਾਣ-ਸਤਿਕਾਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ。 ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਪਾਰਟੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਏ ਪਿੰਡ ਕਰਮਜੀਤਪੁਰ ਦੇ ਸਰਪੰਚ ਅਤੇ ਪੰਚਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ, ਮੁਫ਼ਤ ਬਿਜਲੀ, ਸਿਹਤ ਅਤੇ ਸਿੱਖਿਆ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਸੁਧਾਰਾਂ ਤੋਂ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਇਹ ਫ਼ੈਸਲਾ ਲਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਪਿੰਡ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਭਲਾਈ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਕੰਮ ਕਰਨਗੇ。 ਚੇਅਰਮੈਨ ਸੱਜਣ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਪੰਚਾਇਤ ਨੂੰ ਭਰੋਸਾ ਦਿਵਾਇਆ ਕਿ ਪਿੰਡ ਕਰਮਜੀਤਪੁਰ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪਹਿਲ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਗ੍ਰਾਂਟਾਂ ਜਾਰੀ ਕਰਵਾਈਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ ਤਾਂ ਜੋ ਪਿੰਡ ਦਾ ਸਰਵਪੱਖੀ ਵਿਕਾਸ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ。 ਇਸ ਮੌਕੇ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਕਈ ਸੀਨੀਅਰ ਆਗੂ, ਵਰਕਰ ਅਤੇ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਪਤਵੰਤੇ ਸੱਜਣ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ。
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अமृतसर से 9 बांग्लादेशी नागरिक स्वदेश लौटे, परिजनों से मिलने की उम्मीद बढ़ी

Ludhiana, Punjab:अमृतसर से 9 बांग्लादेशी नागरिक स्वदेश रवाना, कानूनी प्रक्रिया पूरी कर परिवारों से मिलाने की पहल अमृतसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर केंद्रीय जेल के ट्रांजिट कैंप में रह रहे नौ बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेज दिया गया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इन नागरिकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित की गई। इस कदम को मानवीय दृष्टिकोण और विधिक सहायता व्यवस्था का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार लंबे समय से केंद्रीय जेल अमृतसर के ट्रांजिट कैंप में रह रहे इन नागरिकों के मामलों की निगरानी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा की जा रही थी। संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर उनकी वापसी से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को पूरा किया गया। इसके बाद उन्हें सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं के साथ बांग्लादेश सीमा की ओर रवाना किया गया। अधिकारियों के अनुसार इन नागरिकों को लगभग 30 घंटे की रेल यात्रा के जरिए सीमा तक पहुंचाया जाएगा। वहां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उन्हें बांग्लादेश के संबंधित अधिकारियों के सुपुर्द किया जाएगा। इसके बाद वे अपने परिवारों और स्वजनों से मिल सकेंगे। पूरी प्रक्रिया जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष जतिंदर कौर के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमरदीप सिंह बैंस ने विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रत्यावर्तन प्रक्रिया को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि विदेशी नागरिकों के अधिकारों और उनकी मानवीय गरिमा की रक्षा करना भी संस्थान की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से संबंधित व्यक्तियों को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई गई और उनके मामलों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में केंद्रीय जेल प्रशासन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। जेल अधीक्षक राजीव कुमार अरोड़ा और अतिरिक्त अधीक्षक नविंदर सिंह ने सभी प्रशासनिक औपचारिकताओं को समय पर पूरा करवाने तथा नागरिकों की सुरक्षित रवानगी सुनिश्चित करने में सहयोग दिया। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से अपने परिवारों से दूर रह रहे इन नागरिकों के लिए यह वापसी एक नई उम्मीद लेकर आई है। संयुक्त प्रयासों के कारण उनका अपने परिजनों से पुनर्मिलन संभव हो सकेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि भविष्य में भी जरूरतमंद व्यक्तियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इसी प्रकार कार्य जारी रखा जाएगा।
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श्री अकाल तख्त के निर्देशों को लेकर सिख समुदाय में राजनीतिक बहस तेज

Chandigarh, Chandigarh:ਡਾਕਟਰ ਚੀਮਾ ...... ਗਿਆਨੀ ਰਘਵੀਰ ਸਿੰਘ ਵਾਲੇ ਮੁੱਦੇ ਉੱਤੇ ਪ੍ਰਤੀਕਰਮ ........ ਅੱਜ ਦੀ ਘਟਨਾ ਨੇ ਕੌਮ ਦੇ ਹਿਰਦੇ ਵਲੁੰਦਰ ਦਿੱਤੇ ਸਿੱਖ ਕੌਮ ਲਈ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ ਸਹਿਬ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਅਦਾਲਤ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕਦੀ ...... ਤਨਖਾਹ ਸਿੱਖਿਆ ਦੇ ਕੇ ਸੱਚੇ ਰਾਹ ਤੇ ਤੁਰਨ ਲਈ ਲਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਾਡੀ ਉਸ ਮਹਾਨ ਸੰਸਥਾ ਦੀ ਮਰਿਆਦਾ ਨੂੰ ਸੱਟ ਵੱਜੀ ਇਕ 2004 ਨੂੰ ਇੱਕ ਆਦੇਸ਼ ਜਿਹੜਾ ਉਹ ਜਾਰੀ ਕੀਤਾ ਸੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸਾਹਿਬਾਨ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਅਤੇ ਦੂਸਰੇ ਧਾਰਮਿਕ ਤੇ ਸਿੱਖ ਸਮਾਜਿਕ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਮੱਤ ਭੇਦਾ ਸੰਬੰਧੀ ਚੱਲ ਰਹੇ ਅਦਾਲਤੀ ਮੁਕਦਮਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸਬੰਧਤ ਧਿਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸਮੇਂ ਸਮੇਂ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਵੱਲੋਂ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਗਏ ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਨੂੰ ਅਦਾਲਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਸਮੂਹ ਸਿੱਖ ਸੰਗਤਾਂ ਨੂੰ ਵਿਦਤ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਕਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਵੱਲੋਂ ਭੇਜੇ ਗਏ 15 ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਆਦਿ ਨੂੰ ਅਦਾਲਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਸਮੂਹ ਸਿੱਖ ਸੰਗਤਾਂ ਇਸ ਸਖਤੀ ਦੇ ਨਾਲ ਅਮਲ ਕਰ ਇਹ ਜਿਹੜਾ ਆਦੇਸ਼ ਹੈ ਦੋ ਇਕ ਦੋ ਜਨਵਰੀ 2004 ਨੂ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਉਸ ਸਮੇਂ ਦੇ ਜਥੇਦਾਰ ਸਾਹਿਬ ਸਿੰਘ ਸਾਹਿਬ ਗਿਆਨੀ ਜੋਗਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਵੇਦਾਂਤੀ ਸਾਹਿਬ\nਕਿ ਕਈ ਵਾਰੀ ਜਿਹੜੇ ਮਸਲੇ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਉੱਤੇ ਨਿਬੇੜੇ ਜਾਂਦੇ ਆ ਕੁਝ ਲੋਕੀ ਉਹਨਾਂ ਦਸਤਾਵੇਜਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਅਦਾਲਤਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਲੜਾਈ ਲੜਨੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਸੀ। ਇਹ ਆਦੇਸ਼ ਹੈ ਇਹ ਤਾਂ ਸੰਗਤ ਵਾਸਤੇ ਸੀ ਅੱਜ ਉਹਦੇ ਤੋਂ ਕਈ ਕਦਮ ਅੱਗੇ ਜਾ ਕੇ ਜਿਹਦੀ ਅੱਜ ਤੱਕ ਸਿੱਖ ਇਤਿਹਾਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਕਿਤੇ ਮੇਰਾ ਖਿਆਲ ਉਦਾਹਰਣ ਨਹੀਂ ਮਿਲਦੀ ਕਿ ਜਥੇਦਾਰ ਸਾਹਿਬ ਜਿਨਾਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੀ ਸਾਰੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਪੇਸ਼ ਹੋਈ ਸੀ ਜਿਨਾਂ ਨੇ ਫੈਸਲਾ ਸੁਣਾਇਆ ਸੀ ਜਿਨਾਂ ਨੇ ਤਨਖਾਹ ਲਾਈ ਸੀ ਜਿਨਾਂ ਨੇ ਤਨਖਾਹ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਅਰਦਾਸ ਕਰਕੇ ਦੋਸ਼ ਮੁਕਤ ਕਰਾ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਉਹ ਜਥੇਦਾਰ ਸਾਹਿਬ ਅੱਜ ਇਨੀ ਨੀਵੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਖੇਡ ਰਹੇ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਮਾਨ ਮਰਿਆਦਾ ਨੂੰ ਇਡੀ ਡੂੰਘੀ ਸੱਟ ਮਾਰ ਰਿਹਾ ਕਿ ਅੱਜ ਉਹ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਹੱਥਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਖੇਡਦੇ ਹੋਏ ਆਪ ਜਾ ਕੇ ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਦੀਆਂ ਐਸਆਈਟੀ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਕਮੇਟੀਆਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਪੇਸ਼ ਹੋ ਰਿਹਾ ਮੈਂ ਸਮਝਦਾ ਅੱਜ ਮੇਰਾ ਦਿਲ ਜਿਹੜਾ ਬਹੁਤ ਦੁਖ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਮਾੜੀ ਹਰਕਤ ਕੀ ਹੋ ਸਕਦੀ Jਹਿਹਾ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਹ ਜਦੋਂ ਸਾਡੇ ਖਿਲਾਫ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਕੋਈ ਸਾਡੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨੇ ਦਿੱਤੀ ਸੀ ਤੇ ਉਹਦਾ ਸਪਸ਼ਟੀਕਰਨ ਸਾਡੇ ਤੋਂ ਮੰਗਿਆ ਗਿਆ ਸੀ ਤੇ ਅਸੀਂ ਉਹ ਵਿਸਥਾਰ ਦੇ ਵਿੱਚ 24 ਜੁਲਾਈ 2024 ਨੂੰ ਬੜਾ ਵਿਸਤਾਰ ਨਮਰਤਾ ਸਾਹਿਬ ਉਹਦਾ ਜਵਾਬ ਜਿਹੜਾ ਉਹ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਸਰਦਾਰ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਸਾਹਿਬ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਜਿਹੜੇ ਕੁਝ ਖਾਸ ਲਫਜ਼ ਹ ਉਹਨਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਫਿਰ ਦੁਹਰਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਕਿ ਸਾਰਾ ਇਹ ਰਿਕਾਰਡ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਉੱਤੇ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਅਸੀਂ ਦਸਤਖਤ ਕਰਕੇ ਹੱਥੀ ਦਿੱਤਾ ਇਹ ਨਹੀਂ ਕਿ ਕੋਈ ਅੱਜ ਅਸੀਂ ਕੋਈ ਨਵਾਂ ਡਾਕੂਮੈਂਟ ਪੇਸ਼ ਕਰ ਸਕੇ ਇਸੇ ਡਾਕੂਮੈਂਟ ਦੇ ਆਧਾਰ ਦੇ ਉੱਤੇ ਉਥੇ ਪੇਸ਼ ਹੋ ਕੇ ਤੇ ਤਨਖਾਹ ਲੱਗੀ ਸੀ ਤੇ ਇਹਦੇ ਵਿੱਚ ਕੀ ਲਿਖਿਆ ਕਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਬਖਸ਼ਿੰਦ ਗੁਰੂ ਦਾ ਬਖਸ਼ਿੰਦ ਤਖਤ ਹ ਸਮਰੱਥ ਗੁਰੂ ਜਾਣੀ ਜਾਣ ਹੈ ਤੇ ਅੱਗੇ ਅਸੀਂ ਕੀ ਲਿਖਿਆ ਸੀ ਤਰਕ ਤੇ ਦਲੀਲਾਂ ਉਥੇ ਹੁੰਦੀਆਂ ਨੇ ਜਿੱਥੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਸਮਝਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਕੁਝ ਲੁਕਾਉਣ ਦੀ ਮਨਸ਼ਾ ਹੋਵੇ ਦਾਸ ਗੁਰੂ ਘਰ ਦਾ ਨਿਮਾਣਾ ਸੇਵਕ ਹ ਹਮੇਸ਼ਾ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਅਤੇ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਰਿਹਾ ਮੈਂ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇ ਸੱਚੇ ਦਿਲੋ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਅੱਗੇ जोਦਰੀ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ ਜੋ ਵੀ ਸਾਡੇ ਖਿਲਾਫ ਲਿਖ ਕੇ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਦਾਸ ਉਸ ਵਾਸਤੇ ਗੁਰੂ ਦੇ ਮਹਾਨ ਤਖਤ ਤੇ ਹਾਜ਼ਰ ਹੋ ਕੇ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਅਤੇ ਗੁਰੂ ਪੰਥ ਪਾਸੋਂ ਬਿਨਾਂ ਸ਼ਬਦ ਖਿਮਾ ਜਾਚਨਾ ਕਰਦਾ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਮੁਖੀ ਹੋਣ ਦੇ ਨਾਤੇ ਦਾਸ ਸਾਰੀਆਂ ਭੁੱਲਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਝੋਲੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉੰਦਾ ਹੈ ਚਾਹੇ ਭੁੱਲਾਂ ਰਾਜਨੀਤੀ ਕੋਲੋਂ ਹੋਈਆਂ ਹਨ ਜਾਂ ਸਰਕਾਰ ਕੋਲੋਂ ਦਾਸ ਅਚੇਤ ਵਿੱਚ ਹੋਜਾ ਇਹਨਾਂ ਸਾਰੀਆਂ ਚੇਤ ਚੇਤ ਵਿੱਚ ਹੋਈਆਂ ਇਹਨਾਂ ਸਾਰੀਆਂ ਭੁੱਲਾਂ ਤੇ ਖਿਮਾ ਦਾ ਜਾਚਕ ਅਰਦਾਸ ਕਰਕੇ ਸੇਵਾ ਮੁਕਤ ਨਹੀਂ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਤੇ ਸਿੰਘ ਸਾਹਿਬ ਅੱਜ ਸੇਵਾ ਮੁਕਤ ਹੋ ਕੇ ਤੇ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਨਾਲ ਰਲ ਕੇ ਜਿਹੜੀ ਖੇਡ ਖੇਡ ਗਏ ਆ ਦੇਖੋ ਜੇਕਰ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਜਾਂ ਕਿਸੇ ਅਕਾਲੀ ਲੀਡਰ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਕੇਸ ਦਰਜ ਕਰਨਾ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਤਰੀਕੇ ਜੋ ਮਰਜੀ ਖੇਤਰ ਚ ਕਰ ਸਰਕਾਰਾਂ ਕੀ ਝੂਠੇ ਬਸੇਰੇ ਦਰਜ ਕਰ ਜਿੱਥੇ ਮਰਜ਼ੀ ਖੜਾ ਦ ਸਾਨੂੰ ਉਹਦਾ ਦੁੱਖ ਨਹੀਂ ਸੀ ਹੋਣਾ ਠੀਕ ਹੈ ਰਾਜਨੀਤੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਇਹ ਪੋਲੀਟਿਕਸ ਚੱਲਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਢੰਗ ਤਰੀਕੇ ਨੂੰ ਵਰਤਿਆ ਗਿਆ ਇਹ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਅਸੀਂ ਆਪਣੀ ਜਨਰੇਸ਼ਨ ਨੂੰ ਸਨੇਹਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਆ ਓਹ ਆਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਔਖਾ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ کوئی ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਇਸ਼ੂ نہیں ਹੈ ਇਹ ਤਖਤ ਦੀ ਮਾਦ ਮਰਿਆਦਾ ਨੂੰ ਕਾਇਮ ਰੱਖਣ ਦਾ ਸਮਾਂ ਇਸ ਕਰਕੇ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਇਹ ਜਿਹੜਾ ਜੋ ਕੁਝ ਹੋਇਆ ਇਹਦੇ ਖਿਲਾਫ ਸੱਚੇ ਆਵਾਜ਼ ਉਠਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਮੈਂ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਜਥੇਦਾਰ ਸਾਹਿਬ ਤੋਂ ਵੀ ਬੇਨਤੀ ਕਰਦਾ ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਵੇਲੇ ਉਹ ਮੌਕੇ ਦੇ ਉੱਤੇ ਜਥੇਦਾਰ ਨੇ ਇਹ ਜੋ कुछ ਹੋਇਆ ਇਹ ਜਿਹੜਾ ਮੈਂ ਹੁਕਮਨਾਮਾ ਪੜ ਕੇ ਸੁਣਾਇਆ ਦੋ ਇਕ 2004 ਦਾ ਉਹਦੀ ਸਾਫ ਸਾਫ ਲੱਗਣਾ ਔਰ ਮਰਿਆਦਾ ਦਾ ਕਾਰਨ ਮੈਂ ਆਸ ਕਰਦਾ ਕਿ ਸਿੰਘ ਸਾਹਿਬ ਆਪ ਵੀ ਇਹਦਾ ਗੰਭੀਰਤਾ ਦੇ ਨਾਲ ਨੋਟਿਸ ਲੈਣਗੇ ਔਰ ਸਿੱਖ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵੀ ਭਾਵੇਂ ਕਈ ਵਾਰੀ ਡਿਫਰਸ ਵੀ ਹੁੰਦੇ ਪਰ ਇਥੇ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖਤ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਸ਼ਾਨੋ ਸੌਖਤ ਦਾ ਸਵਾਲ ਹੈ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਚੀਜ਼ ਦਾ ਸਵਾਲ ਨਹੀਂ ਹੈ ਜੇ ਇਸ ਤਰਹਾਂ ਦੇ ਕੰਮ ਚੱਲ ਪਏ ਤੇ ਇਹ ਬੜੀਆਂ ਵੱਡੀਆਂ ਸਾਜਿਸ਼ਾਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਇਹ ਸਾਡੇ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਤਬਾਹ ਕਰਨ ਲਈ ਕਲੇਰ....... ਨੈਰੇਟਿਵ ਸਿਰਜਿਆ ਕੀ ਜਾ ਰਹੀ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਜਿਹੜੇ ਮੁਖੀ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਪਿਛਲੇ ਦਿਨਾਂ ਚ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਪੰਜ ਟਵੀਟ ਇਹ ਬੇਅਦਬੀ ਤੇ ਗੋਲੀਕਾਂਡ ਦੇ ਮਸਲਿਆਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਆਏ ਨੇ ਕਿਉਂਕਿ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਆਪਣੀ ਸ਼ਾਖ ਗਵਾ ਚੁੱਕੀ 2017 ਦੀ ਜਿਹੜੀ ਹਾਰ ਹੈ ਉਹ ਕੰਮ ਤੇ ਲਿਖੀ ਪੜੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਿੱਚ ਜਿਹੜੇ ਕੋਲ ਇਸ਼ੂਜ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਐਡਰੈਸ ਕਰਨ ਦੀ ਥਾਂ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਭਟਕਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਔਰ ਇਹ ਕੋਈ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਨਹੀਂ ਲਗਾਤਾਰ 2017 ਤੋਂ ਅੱਜ 2026 ਆ ਗਿਆ ਜਦੋਂ ਵੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਆਪਣੀ ਹੱਕੀ ਮੰਗਾਂ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਜੋ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਵਾਅਦੇ ਕੀਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਅੱਗੋਂ ਜਵਾਬ ਇਕੋ ਆਇਆ ਕਿ ਜੀ ਜਾਂਚ ਚੱਲ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਅਸੀਂ ਸੰਬੰਧ ਭੇਜ ਰਹੇ ਆ ਤੇ ਕਿਹੜੀ ਜਾਂਚ ਹ ਜਿਹੜੀ ਅੱਜ ਤੱਕ ਦੋ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੇ ਮੁਕਮਲ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਚਾਹੇ ਫਿਰ ਕਾਂਗਰਸ ਦਾ ਪੰਜ ਸਾਲ ਦਾ ਰੱਜ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ ਤੇ ਹੁਣੇ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਸਾਢੇ ਚਾਰ ਸਾਲ ਦਾ ਜਿਹੜਾ ਟਾਈਮ ਪੀਰੀਅਡ ਹ ਇਹ ਜਿਹੜੀ ਜਾਂਚ ਹ ਇਹ ਅੱਜ ਤੱਕ ਅਧੂਰੀ ਤੇ ਪੈਂਡਿੰਗ ਚੱਲ ਆ ਰਹੀ ਹੈ FIR ਨੰਬਰ 130 ਹੇਅਦਾ ਜਿਹੜਾ ਆਖਰੀ ਚਲਾਨ ਹ ਇਹ 2022 ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਹੋਇਆ ਤੇ ਇਹ ਉਹ ਐਫ ਆਈਆਰ ਜਿਹਦੇ ਚ ਮਾਨਯੋਗ ਪੰਜਾਬ ਤੇ ਹਰਿਆਣਾ ਹਾਈਕੋਰਟ ਨੇ ਕੁੰਵਰ ਵਿਜੇ ਪ੍ਰਤਾਪ ਸਿੰਘ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਸਟਰਿਕਚਰਸ ਪਾਸ ਕੀਤੇ ਸੀ ਕਿ ਇੱਕ ਜਾਂਚ ਨਹੀਂ ਇੱਕ ਫਿਲਮ ਦੀ ਕਹਾਣੀ ਲਿਖੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਕੁਵਰ ਵਿਜੇ ਪ੍ਰਤਾਪ ਤੇ ਆਪਣੇ ਪਾਤਰ ਨੇ ਉਹ ਇੱਕ ਮਨ ਕਰਤ ਕਹਾਣੀ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ ਇਨਵੈਸਟੀਗੇਸ਼ਨ ਨੂੰ ਕਰ ਰਹੇ ਨੇ ਉਹ ਇਨਵੈਸਟੀਗੇਸ਼ਨ ਖਾਰਜ ਹੋਈ ਤੇ ਉਸ ਸਮੇਂ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਰਦਾਰ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਸਿੰਘ ਜੀ ਬਾਦਲ ਬਾਰੇ ਹਾਈਕੋਰਟ ਨੇ ਲਿਖਿਆ ਕਿ ਅਗਰ ਇੱਕ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਰਾਤ ਨੂੰ ਅਫਸਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰਦੇ ਨੇ ਤਾਂ ਇਹਦਾ ਮਤਲਬ ਹੈ ਕਿ ਓਹਨਾ ਨੂ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਜਨਤਾ ਦੀ ਫ਼ਿਕਰ ਹੈ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਨੂੰ ਇੱਕ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇੱਕ ਹਰ ਇੱਕ ਝੂਠੇ ਮੁਕਦਮੇ ਝੁਲਝਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਹੈ ਪਰ ਕਿਉਂਕਿ ਲੱਭਦਾ ਕੁਛ ਨਹੀਂ ਫਿਰ ਇੱਕ ਮੁਕਦਮਾ ਛੱਡਦੇ ਨੇ ਤੇ ਦੂਜੇ ਮੁਕਦਮੇ ਤੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ ਕਦੇ ਬੈਂਕ ਅਕਾਊਂਟ ਕੰਗਾਲਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਹੈ ਕਦੇ ਸਾਡੀਆਂ ਸਿੱਖ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਦਖਲ ਅੰਦਾਜ਼ੀ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਹੈ ਤੇ ਜਦੋਂ ਇੱਕ ਪਾਸੋਂ ਇਹ ਸਰਕਾਰ ਥੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਫਿਰ ਇਹ ਨਵੀਂ ਚੀਜ਼ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰ ਦਿ ਘਿਆਣੀ ਰਗਵੀਰ ਤੇ ......ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਨਾਲ ਨਿੱਜੀ ਕਿੜ ਹੁਣ ਤੁਸੀਂ ਕਡ ਰਹੇ ਆ ਤੁਹਾਡਾ ਆਪਣਾ ਅਹੁਦਾ ਖੁਸ ਗਿਆ ਹੈ ਇਸ ਕਰਕੇ ਇਹ ਜਿਹੜੇ ਅੱਜ ਸਟੇਟਮੈਂਟਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਨੇ ਇਹ ਮਰਿਆਦਾ ਦਾ ਵੀ ਘਾਣ ਹੈ ਇਹ ਜਿਹੜੀਆਂ ਸਾਜਿਸ਼ਾਂ ਸਾਡੇ ਮਹਾਨ ਸਥਾਨਾਂ ਦੇ ਨਾਂ ਤੇ ਖੇਡੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਨੇ ਜਿਹੜੇ ਮੁਕਦਮੇ ਨੇ ਇਹ ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਦਾਲਤ ਚ ਨਹੀਂ ਟਿਕ ਸਕਦੇ ਪਰ ਮਾਯੂਸੀ ਹ ਰੋਸ ਹ ਦਿਲ ਉਦਾਸ ਹੈ ਕਿ ਆਪਦੀ ਸਿਆਸੀ ਨਿੱਜੀ ਕਿੜਾ ਦੇ ਲਈ ਆਪਦੇ ਸਿਆਸੀ ਮੁਫਾਦਾਂ ਦੇ ਲਈ ਆਪਦੀ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਨਕਾਮੀਅਲ ਪਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਹ ਸਿੱਖ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਨੂੰ ਜਹੜਾ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਢਾ ਲਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਹੈ ਸਿੱਖ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਜਿਹੜੇ ਜਥੇਦਾਰ ਰਹੇ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਵਰਤਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਮੋਢਿਆਂ ਤੇ ਰੱਖ ਕੇ ਜਿਹੜੀ ਬੰਦੂਕ ਆਪਦੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਮਤਾਬ ਸਾਧਨ ਦੇ ਲਈ ਚਲਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਇਹਦੇ ਤੋਂ ਬਹੁਤ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅੱਜ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕ ਨਾਨਕ ਨਾਮ ਲੇਵਾ ਦੇਸ਼ ਵਿਦੇਸ਼ ਚ ਕਿਤੇ ਵੀ ਬੈਠੇ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਠੇਸ ਵੱਜੀ ਹੈ
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