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हाई-टेक रोबोटिक सर्जरी पर घोटाले का शक: विपक्ष के बड़े सवाल

Noida, Uttar Pradesh:हाई-टेक के नाम पर खेला बड़ा खेल—रोबोटिक सर्जरी में पारदर्शिता गायब,बड़े घोटाले की आशंका,विपिन परमार हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कांग्रेस सरकार एक बार फिर सवालों के घेरे में है। भाजपा विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए हाई-टेक रोबोटिक सर्जरी मशीनों की खरीद में भारी भ्रष्टाचार, पारदर्शिता और जनहित की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए हैं। विपिन परमार ने कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है कि प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं लाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि टांडा और चमियाना मेडिकल कॉलेजों में लगाई गई रोबोटिक सर्जरी मशीनों की खरीद प्रक्रिया पूरी तरह संदिग्ध है। करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से लाई गई इन मशीनों के टेंडर और आवंटन को लेकर सरकार अब तक कोई स्पष्ट जानकारी देने में विफल रही है。 उन्होंने कहा कि ई-टेंडरिंग के माध्यम से एक विदेशी कंपनी को काम सौंपा गया, लेकिन किन शर्तों पर यह ठेका दिया गया है इसमें कितनी कंपनियों ने भाग लिया और चयन की प्रक्रिया क्या रही—इन सभी सवालों पर सरकार चुप्पी साधे बैठी है। यह चुप्पी अपने आप में बड़े घोटाले की ओर इशारा करती है। परमार ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिस तकनीक को आम जनता की सुविधा के नाम पर लाया गया, वही आज आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई है। जहां एक ओर सामान्य लेप्रोस्कोपिक सर्जरी 20 से 25 हजार रुपये में संभव है, वहीं रोबोटिक सर्जरी का खर्च डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच रहा है। यह स्पष्ट करता है कि यह सुविधा केवल चुनिंदा लोगों के लिए है, न कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए। विधायक परमार ने सरकार से सवाल किया कि क्या आयुष्मान भारत और हिमकेयर जैसी योजनाओं के तहत इन महंगी सर्जरी का लाभ दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो फिर गरीब और बीपीएल वर्ग के मरीजों के लिए इस तकनीक का क्या औचित्य है? परमार ने कहा कि सरकार ने हाई-टेक का दिखावा कर जनता को भ्रमित करने का काम किया है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की बदहाल स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषज्ञों और तकनीकी स्टाफ की भारी कमी है। कई जगह ऑपरेशन थिएटर तक पूरी तरह कार्यशील नहीं हैं, रेडियोलॉजिस्ट और लैब तकनीशियन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे मरीजों को बुनियादी इलाज के लिए भी भटकना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के बजाय केवल दिखावटी योजनाओं और महंगी तकनीकों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार स्वास्थ्य बजट में कटौती हुई है, जबकि प्रदेश में डायबिटीज, कैंसर और ब्लड प्रेशर जैसे गैर-संचारी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार इन गंभीर बीमारियों से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं बना पा रही है। परमार ने दवाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हाल ही में बड़ी संख्या में दवा सैंपल फेल पाए गए हैं, जो प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलते हैं। उन्होंने कहा कि जब दवाएं ही मानकों पर खरी नहीं उतर रही हैं, तो सरकार के दावे पूरी तरह खोखले साबित होते हैं। उन्होंने मांग की कि रोबोटिक सर्जरी मशीनों की खरीद, लागत, टेंडर प्रक्रिया और उनके उपयोग से संबंधित सभी जानकारियां सार्वजनिक की जाएं, ताकि सच्चाई प्रदेश की जनता के सामने आ सके। अंत में विपिन परमार ने कहा कि तकनीक का विरोध नहीं है, लेकिन प्राथमिकता तय करना सरकार की जिम्मेदारी है। जब तक प्रदेश में बुनियादी स्वास्थ्य ढांचा मजबूत नहीं होगा, डॉक्टरों की भर्ती नहीं होगी और सस्ती व सुलभ इलाज व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक ऐसी महंगी तकनीकें केवल दिखावा बनकर रह जाएंगी। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन सवालों का जवाब नहीं दिया गया, तो भाजपा इस मुद्दे को प्रदेशभर में जोरदार तरीके से उठाएगी。
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हिमाचल में एंट्री टैक्स को लेकर तीखा विरोध, विपक्ष का धरना जारी

Noida, Uttar Pradesh:हिमाचल प्रदेश एंट्री टैक्स को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है. मंगलवार को प्रदेश विधानसभा में सदन की कार्रवाई शुरू होने से पहले विपक्ष ने विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन किया. एंट्री टैक्स को लेकर विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर विरोध जताया. इस दौरान विपक्ष के विधायक बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एंट्री टैक्स को लेकर हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में भी विरोध हो रहा है. उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे और जल्दबाजी में फैसले लेने से ऐसी स्थिति पैदा होती है. उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रदेश की जनता के साथ बदसलूकी न हो और इस मुद्दे पर तुरंत फैसला लिया जाए. जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन के भीतर और सदन के बाहर पहले भी एंट्री टैक्स का मुद्दा उठाया गया है, लेकिन प्रदेश सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स को लेकर प्रदेश के अंदर भी नाराज़गी और गुस्सा है, खासकर सीमा क्षेत्रों में लोग रोजमर्रा के जीवन में परेशान हो रहे हैं. रिश्तेदारों के घर जाने तक के लिए एंट्री टैक्स देना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि छोटे वाहनों पर एंट्री टैक्स 40 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है और बड़े वाहनों पर हजार रुपये तक एंट्री टैक्स लगाया गया है. अब पंजाब और हरियाणा भी हिमाचल के वाहनों पर एंट्री टैक्स बढ़ाने की बात कर रहे हैं, जिसके चलते वहां लोग सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं. जयराम ठाकुर ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में कुछ लोग हिमाचल के वाहनों की एंट्री रोकने की बात कर रहे हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने की भी बात कही जा रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री को तुरंत एक्शन लेना चाहिए ताकि पड़ोसी राज्यों में हिमाचल के लोगों के साथ किसी तरह की बदसलूकी न हो. जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल प्रदेश की मदद कर रही है. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए 3920 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है. देश भर में दूसरे नंबर पर हिमाचल को सबसे ज्यादा सहायता दी गई है. उन्होंने कहा कि यह सहायता 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दी गई है ताकि प्रदेश में विकास को गति मिल सके. जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस सहायता को छुपाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी केंद्र सरकार से लगभग 7500 करोड़ रुपये की मदद प्रदेश को मिल चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिमाचल की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया जाना चाहिए.
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FTA से हिमाचल के सेब किसानों को खतरा: विधानसभा ने संकल्प पास किया

Noida, Uttar Pradesh:FTA पर हिमाचल विधानसभा का प्रस्ताव पारित,ठियोग MLA कुलदीप राठौर बोले—सेब उत्पादकों की अर्थव्यवस्था पर खतरा. हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को प्राइवेट मेंबर डे के दौरान एक अहम संकल्प पारित किया गया, जिसमें केंद्र सरकार से मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के प्रभाव को देखते हुए प्रदेश के सेब उत्पादकों के हितों की सुरक्षा के लिए नीति बनाने पर विचार करने की मांग की गई। यह संकल्प ठियोग के विधायक द्वारा सदन में प्रस्तुत किया गया, जिसे चर्चा के बाद सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। संकल्प में यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका, न्यूज़ीलैंड सहित अन्य देशों के साथ हो रहे व्यापार समझौतوں का जिक्र करते हुए कहा गया कि इनसे हिमाचल की बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मीडिया से बातचीत में कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि हिमाचल की करीब 5000 करोड़ रुपये की बागवानी अर्थव्यवस्था दांव पर लगी है और यदि इन समझौतों को इसी तरह लागू किया गया तो प्रदेश के सेब उत्पादकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि हालिया समझौतों में आयात शुल्क को लगातार कम किया जा रहा है, जिससे विदेशी सेब भारतीय बाजार में सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे और स्थानीय उत्पादकों की प्रतिस्पर्धा कमजोर होगी। राठौर ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ समझौते में टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत किया गया है, वहीं न्यूज़ीलैंड के साथ भी शुल्क में कमी की गई है। उन्होंने आशंका जताई कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते में यदि शून्य टैरिफ लागू होता है, तो हिमाचल के बागवानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना लगभग असंभव हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेब उत्पादकों को भारी सब्सिडी और बेहतर बुनियादी ढांचे का लाभ मिलता है, जबकि भारतीय किसानों को ऐसी सुविधाएं नहीं मिलतीं, जिससे यह “समान प्रतिस्पर्धा” नहीं रह जाती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विदेशी कंपनियां अपनी उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों को चुनिंदा बाजारों में भेजती हैं और Indian बाजार में अलग रणनीति अपनाती हैं। राठौर ने कहा कि इस मुद्दे पर विधानसभा में करीब ढाई घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्य इस विषय पर अपेक्षित रूप से मुखर नहीं रहे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह संकल्प अब केंद्र सरकार को भेजा जाएगा और उम्मीद है कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उनके अनुसार, यह केवल हिमाचल का मुद्दा नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों के बागवानों पर भी इसका असर पड़ेगा। राठौर ने यह भी कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर राज्यों को भी “स्टेकहोल्डर” के रूप में शामिल किया जाना चाहिए और केंद्र सरकार को किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले संबंधित राज्यों की राय लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक दबावों के चलते भारत अपने किसानों के हितों से समझौता कर रहा है और यह स्थिति लंबे समय में कृषि अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह हो सकती है। विधायक ने कहा कि विधानसभा में उठाए गए तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर वे इस मुद्दे पर किसी भी मंच पर चर्चा के लिए तैयार हैं और उन्होंने विरोधियों पर गलत आंकड़े पेश करने का आरोप भी लगाया। इस संकल्प के पारित होने के साथ ही हिमाचल विधानसभा ने केंद्र से स्पष्ट रूप से मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों के प्रभाव का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और प्रदेश के बागवानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
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च Chess पर हिल प्रोजेक्ट मुद्दे में अधिकारी-सरकार के बीच जंग, सीएम की खामोशी पर विपक्ष के सवाल

Noida, Uttar Pradesh: भ्रष्ट अधिकारियों के मकड़जाल में मुख्यमंत्री दिख रहे बेबस, सरकार के संरक्षण में अधिकारी कर रहे भ्रष्टाचार, मुख्यमंत्री की खामशी पर विपक्ष ने उठाए सवाल。 चेस्टर हिल प्रोजेक्ट्स मामले में अधिकारियों में छिड़ी आपसी जंग को विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि CS संजय गुप्ता पर गंभीर आरोप लगे हैं और अब CS ने अपनी सफाई में कुछ अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं जिन पर मुख्यमंत्री ने चुप्पी साधी है और मामले की जानकारी न होने की बात कह रहे हैं जबकि सरकार के संरक्षण के बिना इतना बड़ा भ्रष्टाचार नहीं हो सकता。 भाजपा विधायकों ने भी दो बार सदन में मुद्दा उठाया और सरकार से जवाब मांगा कि 118 का उल्लघ्न हुआ है। बेनामी डील का आरोप लग रहा है। एसडीएम स्तर के अधिकारी ने विस्तृत जांच के बाद निर्णय दिया है। सबसे बड़े अधिकारी से जुड़ा मामला हैं इसलिए सदन को बताया जाए कि मामला क्या है? अब पत्रकारों से मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उन्हें तो इस विषय की जानकारी नहीं हैं। मैं नहीं मानता कि उन्हें यह बात पता नहीं हैं। सूबे के मुखिया को अपने सबसे बड़े ब्यूरोक्रेट के बारे में जानकारी नहीं हैं। कैसे सरकार चल रही है। आखिर इस खामोशी का क्या कारण हैं? मुख्यमंत्री की इस बेबसी का क्या कारण हैं? आख़िर वह कुछ बोलने की स्थिति में क्यों नहीं हैं? क्या कारण हैं कि इतने बड़े मामले में वह जानकारी न होने का बहाना बना रहे हैं? इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए क्योंकि आरोप सीएस पर पर है और अब उन्होंने अन्य अधिकारियों पर भी सवाल खड़े किए हैं।मुख्यमंत्री पूरी तरह कंप्रोमाइज़्ड हैं। इसलिए वह कार्रवाई नहीं कर पा रहे है। जब سुक्खू जी विपक्ष में थे तो एक सीएस के ऊपर आरोप लगा रह थे, भ्रष्ट बता रहे थे, जिसे हमारी सरकार ने हटाया लेकिन सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ने उसे अपना प्रिंसिपल एडवाइजर लगा दिया। जयराम ठाकुर नेता विपक्ष
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लLubाणगढ़ गाँव में आवारा कुत्तों के हमलों से बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग घायल

Samrala, Punjab:ਅਵਾਰਾ ਤੇ ਹਲਕੇ ਕੁੱਤੇ ਦੇ ਵੱਢਣ ਕਾਰਨ ਬੱਚਿਆਂ, ਔਰਤਾਂ ਤੇ ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ ਸਮੇਤ ਕਈ ਜਖ਼ਮੀ ਪਿੰਡ ਲੁਬાણਗੜ੍ਹ ਵਿਚ ਦਹਿਸ਼ਤ ਵਾਲਾ ਮਾਹੌਲ ਬਣਿਆ ਔਰਤ ਦਾ ਬੁੱਲ੍ਹ ਤੇ 3 ਸਾਲਾ ਮਾਸੂਮ ਬੱਚੀ ਦਾ ਗੁਪਤ ਅੰਗ ਖਾ ਗਿਆ ਕੁੱਤਾ ਨੇੜ੍ਹਲੇ ਪਿੰਡ ਲੁਬਾਣਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਪਿਛਲੇ 2 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਅਵਾਰਾ ਤੇ ਹਲਕੇ ਹੋਏ ਕੁੱਤਿਆਂ ਨੇ 6 ਤੋਂ ਵੱਧ ਬੱਚਿਆਂ, ਔਰਤਾਂ ਤੇ ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਸ਼ਿਕਾਰ ਬਣਾਇਆ ਕਰ ਗੰਭੀਰ ਰੂਪ ਵਿਚ ਜਖ਼ਮੀ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਪਿੰਡ ਲੁਬਾਣਗੜ੍ਹ ਵਿਚ ਦਹਿਸ਼ਤ ਵਾਲਾ ਮਾਹੌਲ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ ਅਤੇ ਲੋਕ ਡਰਦੇ ਘਰਾਂ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਨਹੀਂ ਨਿਕਲ ਰਹੇ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਦਾਦੀ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਆਪਣੀ ਮਾਸੂਮ 3 ਸਾਲਾ ਪੋਤਰੀ ਨੂੰ ਨਾਲ ਲੈ ਕੇ ਖੇਤਾਂ ਵਿਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦਾ ਚਾਰਾ ਲੈਣ گਈ ਸੀ ਕਿ ਅਚਾਨਕ ਇੱਕ ਅਵਾਰਾ ਕੁੱਤੇ ਨੇ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜੋ ਬੱਚੀ ਨੂੰ ਘੜੀਸ ਕੇ ਖੇਤਾਂ ਵਿਚ ਲੈ ਗਿਆ। ਦਾਦੀ ਵਲੋਂ ਜਦੋਂ ਆਪਣੀ ਪੋਤਰੀ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਕੁੱਤੇ ਨੇ ਦੋਵਾਂ ਨੂੰ ਵੱਢ-ਵੱਢ ਕੇ ਜਖ਼ਮੀ ਕਰ ਦਿੱਤਾ, ਇੱਥੋਂ ਤੱਕ ਮਾਸੂਮ ਬੱਚੀ ਦੇ ਗੁਪਤ ਅੰਗ ’ਤੇ ਵੀ ਕੱਟਣ ਦੇ ਨਿਸ਼ਾਨ ਹਨ। ਉਕਤ ਦੋਵੇਂ ਦਾਦੀ-ਪੋਤੀ ਨੂੰ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿਚ ਇਲਾਜ ਲਈ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ। ਇੱਕ ਹੋਰ ਮਾਮਲੇ ਵਿਚ ਔਰਤ ਨਰਿੰਦਰ ਕੌਰ ਜੋ ਕਿ ਦੁੱਧ ਲੈਣ ਲਈ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਕਿਸੇ ਦੇ ਘਰ ਗਈ ਸੀ ਤਾਂ ਰਸਤੇ ਵਿਚ ਉਕਤ ਅਵਾਰਾ ਕੁੱਤੇ ਨੇ ਹੀ ਰਸਤੇ ਵਿਚ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਇਹ ਔਰਤ ਦੇ ਵੀ ਪੇਟ, ਬਾਹਾਂ ਨੂੰ ਕੱਟਿਆ ਅਤੇ ਉਂਗਲੀ ਤੱਕ ਇਹ ਕੁੱਤਾ ਖਾ ਗਿਆ ਜਿਸ ਨੂੰ ਇਲਾਜ ਲਈ ਹਸਪਤਾਲ ਭਰਤੀ ਕਰਵਾਉਣਾ ਪਿਆ। ਇੱਕ ਮਹਿਲਾ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਜੋ ਕਿ ਆਪਣੇ ਘਰ ਨੇੜ੍ਹੇ ਗੁਆਂਢ ਵਿਚ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਮਿਲਣ ਜਾ ਰਹੀ ਸੀ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਮੂੰਹ ਨੂੰ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਬਣਾਉਂਦਿਆਂ ਅਵਾਰਾ ਕੁੱਤੇ ਨੇ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿਤਾ। ਇਸ ਔਰਤ ਦੇ ਕੁੱਤਾ ਬੁੱਲ੍ਹ ਤੇ ਮੂੰਹ ਨੋਚ ਕੇ ਖਾ ਗਿਆ ਜਿਸ ਦੀ ਗੰਭੀਰ ਹਾਲਤ ਨੂੰ ਦੇਖਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੀ.ਜੀ.ਆਈ. ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਉਣਾ ਪਿਆ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪਿੰਡ ਦੀਆਂ ਕਈ ਹੋਰ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਅਵਾਰਾ ਕੁੱਤੇ ਨੇ ਕੱਟਿਆ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਇਲਾਜ ਲਈ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਉਣਾ ਪਿਆ। ਇਸ ਸਮੇਂ ਪਿੰਡ ਲੁਬਾਣਗੜ੍ਹ ਵਿਚ ਦਹਿਸ਼ਤ ਵਾਲਾ ਮਾਹੌਲ ਹੈ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨ ਆਗੂ ਮਨਰਾਜ ਸਿੰਘ ਲੁਬਾਣਗੜ੍ਹ ਤੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੋਕ ਇਸ ਸਮੇਂ ਬਹੁਤ ਸਹਿਮੇ ਹੋਏ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਘਰਾਂ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਨਹੀਂ ਨਿਕਲ ਰਹੇ, ਇਸ ਲਈ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਤੁਰੰਤ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਆ ਕੇ ਹਲਕੇ ਹੋਏ ਕੁੱਤਿਆਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕਰੇ。
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फाजिल्का में भगवा यात्रा से हिन्दू समाज में एकता की नई पहल

Fazilka, Punjab:फाजिल्का में आज हिंदू जागरण मंच द्वारा शहर भर में भगवा यात्रा निकाली गई । फाजिल्का के शास्त्री चौक से यह भगवा यात्रा शुरू हुई और शहर के गौशाला रोड, मेहरिया बाजार से मेन बहारों से होते हुए चौक घंटा घर पहुंच कर समाप्त हुई । पदाधिकारीयो का कहना है कि भगवा ध्वज हमारी संस्कृति की विशेष पहचान है । और भगवा ध्वज हमारे लिए व पूर्ण हिंदू समाज के साधु संत और ऋषि मुनियों के लिए सदैव त्याग तपस्या और बलिदान का प्रतीक है । इसलिए सभी लोगों को भगवा ध्वज तले एकत्र करना और हिंदू समाज की एकता को बुलंद करना इसका उद्देश्य है । जानकारी देते हुए हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी दर्पण सचदेवा ने बताया कि आज फाजिल्का में 5वीं भगवा यात्रा निकाली जा रही है । जिसका मकसद हिंदू समाज की एकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न समय पर जैसे भगवान राम नवमी पर भगवान राम जी की यात्रा, अष्टमी पर भगवान कृष्ण जी की यात्रा, खाटू श्याम की की यात्रा निकाली जाती है । लेकिन ऐसी यात्रा जो सर्व समाज को जोड़ती है । और एक भगवा ध्वज तले सब एकत्र होते है । और पूरे सनातन समाज को जिसमें हिंदू, सिक्ख, जैन, बुद्ध सहित सब समाज के लोग मिलकर एक भगवा ध्वज तले एकत्र हो शहर भर में भगवा यात्रा निकालते है । और आज वही दिन है कि फाजिल्का शहर में भगवा यात्रा निकाली जा रही है । उन्होंने कहा कि उनके द्वारा इसदिन को हिंदू नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। वहीं समाजसेवी कमलेश्वर गुंबर ने बताया कि आज आप देख सकते है कि आज भगवा यात्रा में लोगों में बहुत ज्यादा उत्साह नजर आ रहा है । जिसने ये साबित कर दिया है कि फाजिल्का में सनातनी पुरजोर ढंग से बसते है और सनातन पहचान का ढंका बजाते है । भगवा यात्रा का मकसद एक ही है कि सभी समाज के लोग मिलकर एक हो और जात पात की विदाई हो। सभी मिलजुल कर रहते हुए देश की तरक्की में अपना योगदान देते हुए भारत को विश्व गुरु बनाए ।
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श्री मुक्तसर साहिब में ASI बलवंत सिंह की मौत, कार के खिलाफ मामला दर्ज

Sri Muktsar Sahib, Punjab:ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ 'ਚ ਭਿਆਨਕ ਸੜਕ ਹਾਦਸੇ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ASI ਦੀ ਮੌਤ ਹਾਦਸੇ ਵਿੱਚ ਬਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਗੰਭੀਰ ਜ਼ਖ਼ਮੀ ਹੋ ਗਏ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਏਮਜ਼ ਬਠਿੰਡਾ ਅਤੇ ਫਿਰ ਹਾਲਤ ਵਿਗੜਨ 'ਤੇ ਡੀਐਮਸੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦਾਖ਼ਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ, ਜਿੱਥੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ। ਥਾਣਾ ਬਰੀਵਾਲਾ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਕਾਰ ਚਾਲਕ ਕ੍ਰਿਪਾਲ ਸਿੰਘ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰ ਲਿਆ ਹੈ。 ਪੁਲਿਸ ਕੋਲ ਦਰਜ ਕਰਵਾਈ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਵਿੱਚ ਰਮਨਦੀਪ ਕੌਰ (ਨਿਵਾਸੀ ਦੋਦਾ) ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਸਦਾ ਪਤੀ ਬਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਵਿੱਚ ਬਤੌਰ ਏ.ਐਸ.ਆਈ. ਥਾਣਾ ਸਿਟੀ ਮੁਕਤਸਰ ਵਿੱਚ ਤਾਇਨਾਤ ਸੀ। 11 ਮਾਰਚ ਨੂੰ ਉਹ ਆਪਣੇ ਬਿਮਾਰ ਚਾਚਾ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ (PB-60-C-3435) 'ਤੇ ਨਾਲ ਲੈ ਕੇ ਡਿਊਟੀ 'ਤੇ ਜਾ ਰਿਹਾ ਸੀ। ਜਦੋਂ ਉਹ ਮਰਾੜ ਕਲਾਂ ਤੋਂ ਸਰਾਏਨਾਗਾ ਵੱਲ ਆ ਰਹੇ ਸਨ, ਤਾਂ ਸਾਹਮਣੇ ਤੋਂ ਆ ਰਹੀ ਇੱਕ ਤੇਜ਼ ਰੱਫ਼ਤਾਰ ਵੈਗਨਰ ਕਾਰ (PB-30-AA-2221) ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਟੱਕਰ ਮਾਰ ਦਿੱਤੀ。
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ANTF बठिंडा ने जलालाबाद में ट्रेप कर 605 ग्राम हेरोइन के साथ दो युवाओं को गिरफ्तार किया

Fazilka, Punjab:ANTF (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) बठिंडा ने ट्रैप लगाकर जलालाबाद में बाइक सवार दो नौजवानों को गिरफ्तार किया है। जिनसे 605 ग्राम हैरोइन बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि गुप्त सूचना के आधार पर ANTF ने कार्यवाही की है और दो युवाओं को पकड़कर अदालत में पेश किया गया तो 3 दिन का पुलिस रिमांड मिला है। जिनसे अब पूछताछ की जाएगी कि हैरोइन की खेप आरोपी कहां से लेकर आए थे और कहां सप्लाई की जानी थी। पकड़े गए दोनों आरोपी जलालाबाद के गांव पीरे के उताड़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जानकारी देते हुए ANTF बठिंडा के अधिकारी एएसआई कुलबीर सिंह ने बताया कि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनसे एक बाइक और 605 ग्राम हेरोइन बरামद हुई है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जसवंत सिंह और मनजिंदर सिंह निवासी गांव पीरे के उताड़ जलालाबाद के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त दो नौजवान जो जलालाबाद हल्के के रहने वाले हैं वह हेरोइन की सप्लाई करने जा रहे हैं। जिसपर उन्होंने ट्रैप लगाकर अनाज मंडी जलालाबाद में दोनों नौजवानों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। जिनसे 605 ग्राम हेरोइन और एक बाइक बरामद हुआ है। उन्होंने कहा कि आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं जिनकी उम्र 20-20 वर्ष है और दोनों ही इकट्ठे पढ़ते रहे हैं। फिलहाल आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें अदालत में पेश किया गया है और तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जिनसे पूछताछ की जाएगी कि आरोपी ये हेरोइन कहां से लाए थे और कहां सप्लाई की जानी थी।
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10 लाख की रंगदारी: परिवार पर गोली धमकी, मोहाली पुलिस से इंसाफ की गुहार

Hoshiarpur, Punjab:काल कर प्रॉपर्टी डीलर से मांगी 10 लाख की फिरौती, न देने पर परिवार सहित गोलियां मारकर मारने की धमकी खरड में प्रापर्टी डीलर का काम कर रहे ब्लाक हाजीपुर के अधीन एक गांव के निवासी से विदेशी नंबर से वाट्सएप काल कर 10 लाख की रंगदारी मांगी गई। आरोपित ने रुपये नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। जिसकी एक ऑडियो भी सामने आई है। उपरांत पीड़ित ने शिकायत डीजीपी पंजाब सहित एस एस पी मोहाली ओर डीएसपी खरड दी गई। लेकिन शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही न होती देख परिवार अब घर में छिपकर बैठा है। दसूहा में रखी प्रेस वार्ता दौरान प्रोपर्टी डीलर दीपक कुमार ने बताया कि वह अपनी विधवा मां ओर पत्नी बच्चों के साथ मोहाली में रहता है। ओर वहां प्रोपर्टी डीलर का काम करता है। पिछले एक माह से लगातार जान से मारने की धमकियों के साथ पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियों के कारण वह सारे काम छोड़ अपनी जान बचाने को लेकर दर दर की ठोकर खा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिस आदमी पर मुझे जान से खतरा ओर जो यह सारी धमकियां दिलवा रहा उसके प्रति भी शिकायत दर्ज करवाई गई। लेकिन अब तक कोई कार्यवाहीं नहीं हुई। शिकायत में उन्होंने बताया कि 21 फरवरी को पहले विदेशी न से फोन आया जिसमें उसने खुद को एक गैंगस्टर बताया ओर जान से मारने की धमकी दी। उसके बाद 6 मार्च ओर फिर 24 मार्च को भी जान से मारने की दी ओर साथ ही साथ 10 लाख की फिरौती मांगी। जिसकी तीन मिनट के करीब एक काल की रिकार्डिंग भी की गई। जो कि शिकायत के साथ पुलिस को दी गई। पहले कुछ दिनों तक पुलिस के आश्वासन पर में अपने परिवार के साथ मोहाली के घर में ही रहा। लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही ओर लगातार धमकियों से डरकर वह अपने परिवार को लेकर गांव पहुंच गया। पीड़ित ने सरकार ओर पुलिस प्रशासन से अपील की के आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर उसे इंसाफ दिलवाया जाए। ताकि मैं अपने काम पर लौटकर अपने परिवार का निर्वाह कर सकूं। झगड़े के बाद आना शुरू हुई धमकियां। पीड़ित दीपक ने बताया कि सोसायटी में झगड़े के बाद से ही धमकियां आनी शुरू हो गई थी। जहां खुद को गैंगस्टर बताकर कोर्ट में न जाने ओर सारा मामला शुरू करने के बाद जान से मारने की धमकियां दी गई। जिसके बाद मेरे द्वारा झगड़े वाले पक्ष में संलिप्त व्यक्ति के खिलाफ जान से मारने की धमकियां दिलवाने के शक में शिकायत दी। आनलाइन ओर खुद जाकर शिकायत के बाद भी पुलिस उनसे पूछताछ नहीं कर रही। जबकि पुलिस को तीन बार जान से मारने की धमकी ओर फिरौती मांगने की सारी ऑडियो पुलिस को दी गई। आखिरी फोन 24 मार्च को आया। जिसमें 3 मिनट 44 सेकेंड बातचीत दौरान आरोपी गैंगस्टर 30 मार्च को कोर्ट में पेश न होने ओर 10 लाख फिरौती न मिलने पर पूरे परिवार मारने की धमकियां देता है.
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कपूरथला में संदिग्ध मौत, नशे के ओवरडोज की आशंका

Kapurthala, Punjab:कपूरथला में संदिग्ध हालात में युवक की मौत, ओवरडोज की आशंका सुनसान इलाके में मिला शव, फैली सनसनी कपूरथला में नशे के बढ़ते मामलों के बीच एक और चिंताजनक घटना सामने आई है। शहर के एक क्षेत्र में एक युवक की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर मिलीं सिरिंजें, ओवरडोज का शक गहराया स्थानीय लोगों के अनुसार प्रथम दृष्टया यह मामला नशे के ओवरडोज का प्रतीत हो रहा है। लोगों का कहना है कि जिस स्थान से युवक का शव मिला वहां बड़ी संख्या में इस्तेमाल की हुई सिरिंजें और टीके बिखरे पड़े थे। मृतक की जेब से भी एक सिरिंज बरामद हुई है, जिससे ओवरडोज की आशंका और गहरा गई है। इलाका बना नशेड़ियों का अड्डा, पहले भी सामने आए मामले इलाके के निवासियों ने बताया कि यह स्थान लंबे समय से नशा करने वालों का अड्डा बना हुआ है, जहां अक्सर नशेड़ी इकट्ठा होकर इंजेक्शन के जरिए नशा करते हैं। कई बार ऐसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जहां नशे के कारण लोगों की जान चली गई। लोगों में रोष, चेकिंग बढ़ाने की मांग स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में नियमित चेकिंग बढ़ाई जाए और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि युवाओं को इस दलदल से बाहर निकाला जा सके। पुलिस ने कहा जांच जारी, पोस्टमार्टम से होगा खुलासा वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और इसे सीधे तौर पर ओवरडोज का मामला कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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