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सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेपाल त्रासदी पर गहरा दुःख जताया, जलवायु परिवर्तन पर चिंता

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह स Suk्हू ने नेपाल में हुई भीषण त्रासदी पर गहरा दु:ख जताया है। उन्होंने कहा कि नेपाल में आई आपदा बेहद बड़ी है और सूत्रों के मुताबिक 133 भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश के किसी नागरिक के लापता होने की जानकारी अभी तक केंद्र सरकार की ओर से उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। वर्ष 2023-24 में हिमाचल प्रदेश में आई आपदाओं के दौरान भी उन्होंने कहा था कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का स्वरूप बदल रहा है। इसका असर पहले हिमाचल प्रदेश और बाद में उत्तराखंड सहित पूरे हिमालयी क्षेत्र में देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बड़ी आपदा में जब बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है, तो इससे बेहद आघात पहुंचता है। नेपाल की त्रासदी के बाद हिमाचल प्रदेश विधानसभा में दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023-24 की आपदाओं के बाद हिमाचल में लगातार आपदा प्रबंधन को लेकर बैठकें होती रही हैं। तेज बारिश, बादल फटने और नदियों में अचानक बाढ़ की स्थिति को लेकर समय रहते अलर्ट जारी किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय हिमाचल में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है, लेकिन जहां तेज बारिश या बादल फटने की घटनाएं होती हैं, वहां प्रशासन को पहले से अलर्ट किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ती आपदाओं के प्रभाव का पूरे एशियाई क्षेत्र में अध्ययन किए जाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में आई आपदाओं के बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात कर आईआईटी, पर्यावरण विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की टीम से अध्ययन करवाने की मांग की थी। इसके बाद एक टीम हिमाचल प्रदेश में अध्ययन के लिए आई थी, लेकिन उस अध्ययन के आगे क्या परिणाम आए, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके अनुभव के आधार पर बादल फटने की घटनाओं का एक बड़ा कारण जलवायु परिवर्तन है और इसके चलते आपदाओं में नुकसान भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में भूस्खलन होना प्राकृतिक प्रक्रिया है। पहाड़ के कटाव के बाद कुछ समय तक भूस्खलन होता है और स्थिति सामान्य होने में समय लगता है। प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1500 करोड़ रुपये की राहत राशि को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी इसकी प्रक्रिया दिल्ली स्तर पर चल रही है। जब तक केंद्र सरकार की ओर से औपचारिक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक हिमाचल यह नहीं मान सकता कि 1500 करोड़ रुपये की राशि मिल गई है। लॉटरी को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉटरी भाग्य का खेल है और किसी व्यक्ति पर इसे खरीदने की कोई बाध्यता नहीं है। जिसकी इच्छा होगी, वही लॉटरी खरीदेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर दिए गए पत्र और उठाए गए सवालों पर भी गौर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लेशियर झीलों को लेकर भी सरकार सतर्क है। उन्होंने बताया कि हाल ही में एक ग्लेशियर झील बनने की जानकारी सामने आई है, जो काफी वर्षों से मौजूद है। ग्लेशियरों का अध्ययन करने वाले अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ इस संबंध में बैठक भी हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर ग्लेशियर कम हो रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर बढ़ भी रहे हैं। ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सड़क की स्थिति ठीक नहीं है तो वाहन चालकों से टोल टैक्स क्यों लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि फोरलेन परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण का खर्च हिमाचल से मांगा जाना भी उचित नहीं है। राज्य के संसाधन सीमित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल अपने जल संसाधनों से जुड़ी रॉयल्टी का 50 प्रतिशत हिस्सा मांग रहा है और इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भी लिखे गए हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर आगे नीतिगत फैसला लेना पड़ेगा। रक्षाबंधन पर छुट्टी घोषित करने को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बहनों और बेटियों के लिए छुट्टी होती थी, लेकिन इस बार सरकार ने पूरे हिमाचल प्रदेश में कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की है। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के इस भावनात्मक त्योहार को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि बहनें बिना किसी परेशानी के अपने भाइयों को राखी बांध सकें और परिवार के साथ त्योहार मना सकें। बाइट—- सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल Pradesh
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मोहाली में किसानों के जत्थे डीआईजी नानक सिंह से मुलाकात, Chandigarh के धरने पर चर्चा

Noida, Uttar Pradesh:ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੱਗਣ ਵਾਲੇ ਧਰਨੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਦੀ ਮੋਹਾਲੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਡੀਆਈਜੀ ਨਾਨਕ ਸਿੰਘ ਦੇ ਨਾਲ ਇਸ ਵਕਤ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਮੀਟਿੰਗ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੱਗਣ ਵਾਲੇ ਧਰਨੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜੋ ਥਾਂ ਉੱਤੇ ਸਹਿਮਤੀ ਜਤਾਈ ਗਈ ਸੀ ਉਸ ਥਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕੁਝ ਦਿੱਕਤ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀਆਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈਆਂ ਹਨ ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਤੋਂ ਹੁਣ ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਵੱਲੋਂ ਜਿਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਰਾਜੇਵਾਲ ਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਲੱਖੋਵਾਲ ਅਤੇ ਬਲਦੇਵ ਸਿੰਘ ਵੱਲੋਂ ਮੋਹਾਲੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਡੀ ਆਈ ਜੀ ਨਾਨਕ ਸਿੰਘ ਦੇ ਨਾਲ ਮੁਲਾਕਾਤ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ............
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हिमाचल प्रदेश में 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर सभी सरकारी विभागों में अवकाश घोषित

Shimla, Himachal Pradesh:रक्षाबंधन के अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 28 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश रहेगा। राज्यपाल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। गौर हो कि इससे पहले हिमाचल में रक्षाबंधन पर केवल महिलाओं को ही अवकाश मिलता रहा है। आदेश के मुताबिक, यह अवकाश हिमाचल प्रदेश सरकार के अधीन आने वाले सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, शिक्षण संस्थानों और अन्य संबंधित संस्थानों पर लागू होगा। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों को रक्षाबंधन का पर्व मनाने की सुविधा देना है。
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पंजाब के कर्मचारियों की महा हड़ताल: बकाया DA और वेतन राहत की मांग

Noida, Uttar Pradesh:ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦਾ ਰੋਸ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜਾਇਜ਼ ਹੈ। ਅੱਜ ਲਗਭਗ 4 ਲੱਖ ਸਰਕਾਰੀ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਅਤੇ ਲੱਖਾਂ ਪੈਨਸ਼ਨਰ ਆਪਣੇ ਜਾਇਜ਼ ਡੀ.ਏ. ਦੇ ਬਕਾਏ ਅਤੇ ਅਨੁਚਿਤ ਤਨਖ਼ਾਹੀ ਸ਼ਰਤਾਂ ਤੋਂ ਰਾਹਤ ਦੀ ਮੰਗ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ‘ਮਹਾ ਹੜਤਾਲ’ ’ਤੇ ਹਨ। ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੀ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਸਿਰਫ਼ ਵਾਅਦੇ karਕੇ ਨਹੀਂ ਰਹਿ ਸਕਦੀ, ਜਦੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਚਲਾਉਣ ਵਾਲੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਆਪਣੇ ਹੱਕਾਂ ਲਈ ਸੜਕਾਂ ’ਤੇ ਉਤਰਨ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਹਨ। ਮੈਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਅਤੇ ਪੈਨਸ਼ਨਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਪੂਰੀ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਨਾਲ ਖੜ੍ਹਾ ਹਾਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜਾਇਜ਼ ਬਕਾਏ ਤੁਰੰਤ ਅਦਾ ਕੀਤੇ ਜਾਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਚਿੰਤਾਵਾਂ ਨੂੰ ਸੁਣਿਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ਼ ਦੇਣ ਵਿੱਚ ਹੋ ਰਹੀ ਦੇਰੀ ਬੰਦ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ। The anger of Punjab’s employees is justified. Nearly 4 lakh government employees and lakhs of pensioners are on ‘Maha Hartal’ today, demanding their legitimate DA arrears and relief from unfair pay conditions. The Bhagwant Mann-led AAP Government cannot keep making promises while those who run Punjab’s administration are forced onto the streets for what is rightfully theirs. I stand firmly with Punjab’s employees and pensioners. Their legitimate dues must be paid, their concerns must be heard, and the government must stop delaying justice.
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अनुराग ठाकुर ने हिमाचल की लॉटरी रोक को बनाए रखने और ई-टेंडर वापस लेने की मांग की

Shimla, Himachal Pradesh:पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में सरकारी लॉटरी दोबारा शुरू करने की तैयारी का विरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर वित्त विभाग की ओर से जारी ई-टेंडर को तत्काल वापस लेने की मांग की है। यह ई-टेंडर ऑनलाइन और ऑफलाइन लॉटरी सिस्टम के लिए सोल सेलिंग एजेंट नियुक्त करने से संबंधित है। अनुराग ठाकुर ने पत्र में कहा कि हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दशक से अधिक समय से लॉटरी पर प्रतिबंध लागू रहा है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की सरकार ने वर्ष 1999 में लॉटरी पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद वर्ष 2007 में तत्कालीन वीरभद्र सिंह सरकार ने लॉटरी दोबारा शुरू किए जाने के बाद इस पर फिर से रोक लगा दी थी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह, प्रेम कुमार धूमल और जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकारों ने आर्थिक दबाव और राजस्व की जरूरतों के बावजूद लॉटरी को बढ़ावा देने से परहेज किया और प्रतिबंध बरकरार रखा। सांसद ने विशेष रूप से प्रस्तावित ऑनलाइन लॉटरी व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में लॉटरी दोबारा शुरू करने से पहले इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, प्रदेश में पहले भी कई परिवार लॉटरी के कारण अपनी तनख्वाह, बचत और पेंशन तक गंवा चुके हैं, जिससे अनेक परिवार आर्थिक संकट में फंसे। अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था में रोजाना 12 ड्रॉ और साल में तीन बंपर ड्रॉ का प्रावधान बताया गया है। ऐसे में लॉटरी केवल दुकानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मोबाइल फोन के जरिए सीधे लोगों के घरों तक पहुंच सकती है। अनुराग ठाकुर ने आशंका जताई कि ऑनलाइन लॉटरी की आसान उपलब्धता का सबसे ज्यादा असर निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर पड़ सकता है। बार-बार ड्रॉ होने से लोगों में लगातार पैसा लगाने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है और इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने का खतरा रहेगा। अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वित्त विभाग की ओर से जारी ई-टेंडर को तत्काल वापस लिया जाए और हिमाचल में सरकारी लॉटरी शुरू करने के प्रस्ताव को पूरी तरह समाप्त किया जाए। अनुराग ठाकुर ने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए ऐसे विकल्प तलाशे जाने चाहिए, जिनका समाज और परिवारों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े。
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हिमाचल में बारिश के बाद सेवाएं प्रभावित, सड़कें बंद और DTR/पेयजल योजनाएं बाधित

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में बारिश के बाद सार्वजनिक सेवाओं पर असर जारी है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 27 अगस्त सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में कुल 91 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 60 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित हैं, जबकि 4 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। जिला स्तर पर सबसे ज्यादा सड़कें मंडी और कुल्लू में बंद हैं। मंडी में 33, कुल्लू में 20 और शिमला में 14 सड़कें बंद हैं। कांगड़ा में 7, चंबा में 5, सिरमौर में 7, ऊना में 4 और लाहौल-स्पीति में 1 सड़क बंद है। बिलासपुर, किन्नौर और सोलन में कोई सड़क बंद नहीं है, जबकि हमीरपुर में भी सड़क बंद होने की सूचना नहीं है। बिजली आपूर्ति की बात करें तो मंडी में सबसे ज्यादा 22 DTR बाधित हैं। कुल्लू में 30 और शिमला में 1 DTR बाधित बताया गया है। कांगड़ा में 3 और चंबा में 4 DTR प्रभावित हैं। पेयजल योजनाओं में कांगड़ा की 1 और शिमला की 1 योजना प्रभावित है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 4 पेयजल योजनाएं बाधित हैं。
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पंजाब में लाखों कर्मचारियों-सेवानिवृत्त की सामूहिक हड़ताल, सरकारी दफ्तर प्रभावित

Chandigarh, Chandigarh:ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਲੱਖਾਂ ਮੁਲਾਜ਼ਮ-ਪੈਨਸ਼ਨਰਾਂ ਦੀ ਹੜਤਾਲ, ਸਰਕਾਰੀ ਕੰਮਕਾਜ ਰਹੇਗਾ ਠੱਪ - ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅੱਜ 65 ਤੋਂ ਵੱਧ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਸਮੂਹਿਕ ਹੜਤਾਲ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ。 - ਹੜਤਾਲ ਵਿੱਚ ਲੱਖਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਅਤੇ ਪੈਨਸ਼ਨਰ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਹੈ。 - ਹੜਤਾਲ ਕਾਰਨ ਸਰਕਾਰੀ ਦਫ਼ਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਕੰਮਕਾਜ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਰਹੇਗਾ。 - ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਓਪੀਡੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਬੰਦ ਰਹਿਣਗੀਆਂ, ਜਦਕਿ ਐਮਰਜੈਂਸੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਚਾਲੂ ਰਹਿਣਗੀਆਂ。 - ਦੁਪਹਿਰ 1 ਵਜੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨਾਲ ਜਲੰਧਰ ਵਿੱਚ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਹੋਵੇਗੀ。 - ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀ ਮੁੱਖ ਮੰਗ ਪੰਜਾਬ ਵੇਤਨਮਾਨ ਦੀ ਬਹਾਲੀ ਹੈ。 - ਪੁਰਾਣੀ ਪੈਨਸ਼ਨ ਸਕੀਮ (OPS) ਮੁੜ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ。 - ਮਹਿੰਗਾਈ ਭੱਤੇ ਦੀਆਂ ਲੰਬਿਤ 18 ਫੀਸਦੀ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਏਰੀਅਰ ਸਮੇਤ ਤੁਰੰਤ ਜਾਰੀ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਹੈ。 - ਸਾਰੇ ਕੱਚੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਰੈਗੂਲਰ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਵੀ ਅੰਦੋਲਨ ਦਾ ਅਹਿਮ ਹਿੱਸਾ ਹੈ。 - ਹੜਤਾਲ ਵਿੱਚ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਮੰਚ ਪੰਜਾਬ, ਪੰਜਾਬ ਸਟੇਟ ਐਂਟਰੀਜ਼ ਯੂਨੀਅਨ, ਅਧਿਆਪਕ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ, ਡਾਕਟਰ, ਨਰਸਾਂ, ਪੈਰਾ-ਮੈਡੀਕਲ ਸਟਾਫ ਅਤੇ ਆਊਟਸੋਰਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਸਮੇਤ ਕਈ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ。 - ਪੈਨਸ਼ਨਭੋਗੀ ਫਰੰਟ ਮੁਤਾਬਕ ਕਰੀਬ ਲੱਖਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੈਨਸ਼ਨਰ ਵੀ ਹੜਤਾਲ ਦਾ ਹਿੱਸਾ । - ਇਹ ਹੜਤਾਲ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਬੰਦ ਦੀ ਕਾਲ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਚੱਕਾ ਜਾਮ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗਾ ਅਤੇ ਜ਼ਬਰਦਸਤੀ ਦੁਕਾਨਾਂ ਬੰਦ ਨਹੀਂ ਕਰਵਾਈਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ。 - ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਆਗੂਆਂ ਮੁਤਾਬਕ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਆਵਾਜਾਈ ਆਮ ਰੱਖਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ。 ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਸਰਕਾਰੀ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਅਤੇ ਪੈਨਸ਼ਨਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੀਆਂ ਲੰਬਿਤ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸਮੂਹਿਕ ਹੜਤਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। 65 ਤੋਂ ਵੱਧ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਦੇ ਸਾਂਝੇ ਮੰਚ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਇਸ ਹੜਤਾਲ ਵਿੱਚ ਕਰੀਬ 7 ਲੱਖ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਅਤੇ ਪੈਨਸ਼ਨਰ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਕਾਰਨ ਸਰਕਾਰੀ ਦਫ਼ਤਰਾਂ ਦਾ ਕੰਮਕਾਜ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ。 ਹੜਤਾਲ ਦੌਰਾਨ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਦੀਆਂ ਓਪੀਡੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਬੰਦ ਰਹਿਣਗੀਆਂ, ਹਾਲਾਂਕਿ ਐਮਰਜੈਂਸੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਜਾਰੀ ਰਹਿਣਗੀਆਂ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸਿਵਲ ਸਕੱਤਰੇਤ, ਮਿੰਨੀ ਸਕੱਤਰੇਤ, ਤਹਿਸੀਲ ਦਫਤਰਾਂ, ਅਧਿਆਪਕ ਵਰਗ, ਡਾਕਟਰਾਂ, ਨਰਸਾਂ, ਪੈਰਾ-ਮੈਡੀਕਲ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸਰਕਾਰੀ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ ਕਰਮਚਾਰੀ ਵੀ ਹੜਤਾਲ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ। ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਗਾਂ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਵੇਤਨਮਾਨ ਦੀ ਬਹਾਲੀ, ਪੁਰਾਣੀ ਪੈਨਸ਼ਨ ਸਕੀਮ ਲਾਗੂ ਕਰਨਾ, ਮਹਿੰਗਾਈ ਭੱਤੇ ਦੀਆਂ ਲੰਬਿਤ 18 ਫੀਸਦੀ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਏਰੀਅਰ ਸਮੇਤ ਜਾਰੀ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਕੱਚੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਪੱਕਾ ਕਰਨਾ ਸ਼ਾਮਲ ਹੈ。 ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ ਦੁਪਹਿਰ 1 ਵਜੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨਾਲ ਜਲੰਧਰ ਵਿੱਚ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਹੋਣੀ ਹੈ। ਹੁਣ ਨਜ਼ਰ ਇਸ ਗੱਲ ’ਤੇ ਰਹੇਗੀ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਆਗੂਆਂ ਵਿਚਾਲੇ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਗੱਲਬਾਤ ਨਾਲ ਮੰਗਾਂ ਦਾ ਕੋਈ ਹੱਲ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਜਾਂ ਹੜਤਾਲ ਅੱਗੇ ਵੀ ਜਾਰੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ。 ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕੀਤਾ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਪੂਰੇ پنجاب ਨੂੰ ਬੰਦ ਕਰਨ ਦੀ ਕਾਲ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਨਾ ਚੱਕਾ ਜਾਮ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਦੁਕਾਨਾਂ ਜ਼ਬਰਦਸਤੀ ਬੰਦ ਕਰਵਾਈਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ。
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शामली में हरियाणी स्टार अंकित बालियान की गोली से हत्या, परिवार ने एनकाउंटर की मांग

Noida, Uttar Pradesh:शामली बेकिंग न्यूज हरियाणी एक्टर व सिंगर अंकित बालियान की शामली में गोलियों से भूनकर हत्या. शामली के गांव बंतीखेडा के मूल निवासी थे अंकित बालियान. हरियाणा के रोहतक व सोनीपत में रहकर बतौर सिंगर एक्टर काम करते थे अंकित. उनका सबसे हिट गाना .....भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान, जज के भी आवेंगे पसीने देखिये काफी हिट हुआ था. शामली सदर कोतवाली क्षेत्र के सिटी में दिन में अज्ञात दर्जन बदमाशों ने गोली मारकर हत्या की. अंकित शामली के आर्यपुरी नालापाठी स्थित जिम से वर्कआउट करके वापस अपने घर लौट रहे थे। घटना के बाद परिजनों ने शव को बाजार के सामने रखकर जाम लगा दिया और पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों ने आरोपियों के एनकाउंटर और बुलडोजर चलाने की मांग की है। घटना से शामली में दहशत कुलगुल हो गई है। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। मृतक के परिवार के अनुसार अंकित के खिलाफ किसी प्रकार का अभी खुलासा नहीं हुआ है; कार से होकर जाते समय अज्ञात हमलावरों ने उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी पर हमला किया। जांच अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। एंकर बाइट: शामली से स्पोर्ट बाइट: परिजन एनपी सिंह एसपी शामली ने बताया कि घटना की सूचना शाम 7:00 बजे मिली थी; मौके पर पुलिस जांच कर रही है, सीसीटीवी फुटेज देखी जा रही है और जल्दी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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