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रोपड़ में सड़क किनारे कचरा फेंकने पर तीन के खिलाफ केस दर्ज, सफाई कर्मचारियों की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ

Rupnagar, Punjab:ਰੋਪੜ ਰੋਪੜ ਵਿੱਚ ਸੜਕ ਕKINਾਰੇ কੂੜਾ ਸੁੱਟਣ ਤੇ ਤਿੰਨ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਖਿਲਾਫ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ । ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਐਸਡੀਐਮ ਦੇ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਪੇਸ਼। ਰੋਪੜ ਛੋਟੀ ਹਵੇਲੀ ਦੇ ਨਜ਼ਦੀਕ ਪਹਿਲਾਂ ਇੱਕ ਕੂੜੇ ਦਾ ਡੰਪ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਸੀ ਪ੍ਰੰਤੂ ਮਿਊਸੀਪਲ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਮਸ਼ੀਨਾਂ ਲਗਾ ਕੇ ਉਥੋਂ ਕੂੜਾ ਸਾਫ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ। ਅਤੇ ਟੋਬੇ ਦੀ ਸਫਾਈ ਦਾ ਕੰਮ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਸੇ ਥਾਂ ਉੱਤੇ ਅੱਜ ਤਿੰਨ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਕੂੜਾ ਸੁੱਟਿਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਮੌਕੇ ਤੇ ਮੌਜੂਦ ਮਸੀਪਲ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੇ ਜਦੋਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਣਾ ਚਾਹੇ ਤਾਂ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਉਹਨਾਂ ਨਾਲ ਬਹਿਸਬਾਜੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਅਤੇ ਮਿਊਸੀਪਲ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੇ ਸਿਟੀ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਇਸ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਇਹਨਾਂ ਤਿੰਨਾਂ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਖਿਲਾਫ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਤਿੰਨਾਂ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਐਸਡੀਐਮ ਦੇ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਐਸਐਚ ਓ ਪਵਨ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸਫਾਈ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਦੇ ਰੋਕਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਵੀ ਇਹਨਾਂ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਵੱਲੋਂ कੂੜਾ ਸੁੱਟਣ ਤੋਂ ਨਾ ਰੁਕੇ ਅਤੇ ਮਿਊਸੀਪਲ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਸੈਂਟਰੀ ਇੰਸਪੈਕਟਰ ਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਉੱਤੇ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅੱਜ ਐਸਡੀਐਮ ਦੇ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਐਸਐਚਓ ਨੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਤਿੰਨੋ ਵਿਅਕਤੀ ਪਿੰਡ ਸ਼ਾਮਪੁਰਾ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਹਨ ਇਹਨਾਂ ਕੀ ਪਹਿਚਾਨ ਇਸਤਾਕ ਅਲੀ ਕਮਲ ਕਾਂਤ ਅਤੇ ਨਿਸ਼ਾ ਦਲੀ ਵਜੋਂ ਹੋਈ ਹੈ। Byte ਐਸਐਚ ਓ ਪਵਨ ਚੌਧਰੀ ਥਾਣਾ ਸਿਟੀ ਰੋਪੜ
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रोपड़ के मार्ग पर गंदगी के ढेर, रोगों का खतरा— प्रशासन ने सफाई का भरोसा

Rupnagar, Punjab:ਰੋਪੜ ਦੇ ਵਿਚ ਮिंਨੀ ਸਕੱਤਰੇਤ ਤੋਂ ਆਈ ਆਈ ਟੀ ਵੱਲ ਜਾਂਦੀ ਮੁੱਖ ਸੜਕ ਤੇ ਗੰਦਗੀ ਦੇ ਢੇਰ ਲਗਾਤਾਰ ਵੱਧਦੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ ਤੇ ਇਹ ਢੇਰ ਗੰਦਗੀ ਦੇ ਡੰਪ ਵਿੱਚ ਤਬਦੀਲ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਜਿੱਥੇ ਰੋਪੜ ਦਾ ਇਹ ਮੁੱਖ ਮਾਰਗ ਬਦਸੂਰਤ ਹੋਇਆ ਪਿਆ ਹੈ ਉੱਥੇ ਹੀ ਵਾਰਡ ਨੰ.17 ਦੇ ਵਸਨੀਕਾਂ ਲਈ ਇਹ ਗੰਦਗੀ ਦੇ ਡੰਪ ਵੱਡੀ ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨੀ ਵੀ ਬਣੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਇਸਦੇ ਕਾਰਨ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਫੈਲਣ ਦਾ ਖ਼ਤਰਾ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ ਤੇ ਇਥੇ ਸਫਾਈ ਨਾ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਲੋਕ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸ਼ਨ ਨੂੰ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰਨ ਦੀ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦੇ ਰਹੇ ਹਨ। ਜਦ ਕਿ ਇਸੇ ਇਲਾਕੇ ਚ ਬਣੇ ਸੀਵਰੇਜ ਟਰੀਰਮੈਂਟ ਚ ਬੰਦ ਪਈਆਂ ਮਸ਼ੀਨਾਂ ਦਾ ਵੀ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਨੋਟਿਸ ਲਿਆ। ਲੋਕਾਂ ਚ ਰੋਸ ਦੇ ਚੱਲਦਿਆਂ ਅੱਜ ਹਲਕੇ ਦੇ ਵਿਧਾਇਕ ਤੇ ਏ.ਡੀ.ਸੀ ਸਮੇਤ ਨਗਰ ਕੋਸਲ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਮੋਕੇ ਤੇ ਪੁੱਜ ਕੇ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲਿਆ ਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੇ ਇਕ ਹਫਤੇ ਵਿਚ ਇਹ ਗੰਦਗੀ ਦੇ ਢੇਰ ਇੱਥੋਂ ਸਾਫ ਕਰਨ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਜਦ ਕਿ ਵਰਡ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਗੰਦਗੀ ਦੇ ਢੇਰ ਸਾਫ ਹੋਣ ਤੇ ਉਹ ਇੱਥੇ ਵਾਲੀਬਾਲ ਦਾ ਗਰਾਊਂਡ ਬਣਾ ਦੇਣਗੇ ਤਾਂ ਜੋ ਇਹ ਥਾਂ ਗੰਦਗੀ ਦਾ ਡੰਪ ਨਾ ਬਣ ਸਕੇ.
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भारतीय रेलवे ने अम्बाला मंडल के लिए 201 करोड़ कवच परियोजना मंजूर की

Noida, Uttar Pradesh:भारतीय रेलवे ने उत्तरी रेलवे के अंबाला मंडल के लिए 201 करोड़ रुपये की कवच परियोजना को स्‍वीकृति दी ‘कवच’ प्रणाली अंबाला छावनी-लुधियाना, कालका-चंडीगढ़-न्यू मोरिंडा-साहनेवाल तथा हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के अन्य प्रमुख रेल मार्गों पर स्‍थापित की जाएगी रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे ने उत्तरी रेलवे के अंबाला मंडल के शेष ब्रॉड गेज रेल खंडों पर ‘कवच’ प्रणाली स्थापित करने की स्‍वीकृति प्रदान की है। यह परियोजना 811 किलोमीटर के मार्ग को कवर करती है और इसके लिए 201 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। इस कार्य को भारतीय रेलवे के शेष मार्गों पर ‘एलटीई-आधारित संचार नेटवर्क’ के साथ कवच प्रणाली के प्रावधान वाले व्यापक कार्यक्रम के तहत मंजूरी दी गई है। इस स्वीकृत कार्य के अंतर्गत अंबाला मंडल के कई महत्वपूर्ण रेल मार्ग शामिल होंगे, जिनमें अंबाला छावनी-लुधियाना, कालका-चंडीगढ़-न्यू मोरिंडा-साहनेवाल, सरहिंद-दौलतपुर चौक, राजपुरा-बठिंडा-श्री गंगानगर और लुधियाना-धुरी-जाखल रेलखंड शामिल हैं। ये मार्ग हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश राज्यों को जोड़ने वाले प्रमुख रेल गलियारों के रूप में कार्य करते हैं। यहां से भारी मात्रा में यात्री और मालगाडि़यों का आवागमन होता है, जो इस पूरे क्षेत्र में लोगों और सामान की आवाजाही में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘कवच’ स्वदेशी रूप से विकसित एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली है, जिसे परिचालन सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्रणाली रेड सिग्नल पार करने (एसपीएड) की घटनाओं को रोकने में मदद करती है, असुरक्षित स्थितियों से बचने के लिए आवश्यकता पड़ने पर स्वचालित रूप से ब्रेक लगाती है, गंभीर परिस्थितियों में ट्रेन की गति को नियंत्रित करती है और ट्रेनों की आपस में होने वाली टक्करों के जोखिम को काफी हद तक कम करती है। भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क पर अधिक व्‍यस्‍तता वाले और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्गों पर सुरक्षा, विश्वसनीयता और क्षमता बढ़ाने के निरंतर प्रयासों के तहत चरणबद्ध तरीके से ‘कवच’ प्रणाली का विस्तार कर रहा है।
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हिमाचल में शिक्षा कानून बदले: इंटरिम मान्यता खत्म, कक्षा 5 और 8 में पुनर्परीक्षा अनिवार्य

Shimla, Himachal Pradesh:मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम- 2025 में संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी की है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर द्वारा जारी यह अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। संशोधित नियम अब हिमाचल प्रदेश निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (प्रथम संशोधन) नियम, 2026 के नाम से लागू होंगे। संशोधन के तहत दो प्रमुख बदलाव किए गए हैं। पहले बदलाव में स्कूलों को दी जाने वाली तीन वर्ष की अंतरिम मान्यता की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसके लिए नियम-9 में संशोधन किया गया है। नए प्रावधान के अनुसार स्कूलों की मान्यता की अवधि अब राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी अधिसूचनाओं के अनुसार निर्धारित की जाएगी। इससे पहले शिक्षा उपनिदेशक या खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी स्कूलों को तीन वर्ष की अवधि के लिए अंतरिम मान्यता प्रदान करते थे। अब इस तीन वर्षीय अवधि का प्रावधान हटा दिया गया है। दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों से जुड़ा है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025 में नियम 10-क के तहत यह व्यवस्था लागू की थी कि प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष के अंत में पांचवीं और आठवीं कक्षा की नियमित परीक्षा आयोजित की जाएगी। अब यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई छात्र इस परीक्षा में सफल नहीं होता है, तो उसे दो महीने के भीतर पुनः परीक्षा का अवसर दिया जाएगा। यदि छात्र पुनर्परीक्षा में भी सफल नहीं हो पाता है, तो उसे उसी कक्षा में रोक दिया जाएगा। यानी अब पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को परीक्षा में असफल रहने पर अगली कक्षा में स्वतः प्रोन्नत नहीं किया जाएगा। हालांकि नियमों में यह भी प्रावधान है कि किसी भी बच्चे को उसकी प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक, यानी आठवीं कक्षा तक विद्यालय से निष्कासित नहीं किया जाएगा। लेकिन नए संशोधन के बाद पांचवीं और आठवीं कक्षा में परीक्षा में असफल रहने वाले विद्यार्थियों को उसी कक्षा में रोकने का प्रावधान नियमों का हिस्सा बन गया है।
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श्री आनंदपुर साहिब के पहाड़ी जंगलों में भयावह आग, वनजीव खतरे में

Anandpur Sahib, Punjab:गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं आम हो जाती हैं। आज श्री आनंदपुर साहिब के पहाड़ी इलाक़े से लगे झिंजड़ी और थप्पल के जंगलों में अचानक भीषण आग लग गयी। आग ने जंगल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कीमती वनस्पति और वन्यजीव खतरे में पड़ गए। आग की ऊंची लपटें और धुआँ दूर-दूर तक दिखे। आग के कारण जंगलों में मौजूद जीव-जंतु, पक्षी और वनस्पति को भारी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चला है; गर्मी और सूखे जंगलों के चलते ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं, जिसे लेकर पर्यावरण प्रेमियों ने भी चिंता जताई है।
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HPTDC ने VIP, मीडिया छूट समाप्त कर दी; वित्तीय संकट का हवाला

Shimla, Himachal Pradesh:HPTDC ने खत्म की वीआईपी और मीडिया छूट, वित्तीय संकट का हवाला देकर तत्काल आदेश जारी हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने होटलों में चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्यों और मान्यता प्राप्त मीडिया कर्मियों को दी जाने वाली डिस्काउंट/रियायती सुविधा तत्काल प्रभाव से वापस ले ली है। जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देशों और HPTDC की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सभी होटल इकाइयों और डीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश जारी होने की तारीख से संबंधित श्रेणियों को कोई भी छूट न दी जाए। साथ ही, इन निर्देशों के पालन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
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पंजाब में नेहरी पानी 35,000 क्यूसेक पहुँचा, आरोप-विरोध पर कठोर जाँच के निर्देश

Kot Kapura, Punjab:ਹਲਕਾ ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਥਾੜਾ ਵਿਖੇ ਨਹਿਰੀ ਸੂਏ ਵਿੱਚ ਪਏ ਪਾੜ ਦਾ ਖੁਦ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲੈਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਬਾਰੀਕੀ ਨਾਲ ਜਾਂਚ ਕਰਨ ਅਤੇ ਭਵਿੱਖ ਵਿੱਚ ਅਜਿਹੀ ਘਟਨਾ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਪੁਖਤਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨ ਦੇ ਸਖ਼ਤ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ ਹਨ। ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਪਾੜ ਪਿੱਛੇ ਕਿਸੇ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਦਾ ਖਦਸ਼ਾ ਵੀ ਜਤਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਦੀ ਮੁਕੰਮਲ ਜਾਂਚ ਹੋਵੇਗੀ。 ਇਹ ਸੂਆ ਬਾਮਣ ਵਾਲੇ ਕੋਲ ਪਹਿਲਾਂ ਹਰ ਸਾਲ ਟੁੱਟਦਾ ਸੀ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਸੈਂਕੜੇ ਏਕੜ ਸਬਜ਼ੀ ਬਰਬਾਦ ਹੁੰਦੀ ਸੀ, ਪਰ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ‘ਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਪੱਕਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ。 ਮਾਣਯੋਗ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸ. ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਜੀ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਦੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਕ੍ਰਾਂਤੀਕਾਰੀ ਕਦਮ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਜਿੱਥੇ ਪਹਿਲਾਂ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ਼ 20,000 ਕਿਊਸਿਕ ਪਾਣੀ ਮਿਲਦਾ ਸੀ ਅਤੇ ਸਾਡੀਆਂ ਨਹਿਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ਼ ਨਾਅਰੇ ਹੀ ਜਾਂਦੇ ਸੀ, ਉੱਥੇ ਅੱਜ ਸਾਡੀ ਸਰਕਾਰ ਲਗਭਗ ਦੁੱਗਣਾ—35,000 ਕਿਊਸਿਕ ਪਾਣੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਖੇਤਾਂ ਨੂੰ ਦੇ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸ ਨਾਲ ਧਰਤੀ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਬੱਚਤ ਹੋਵੇਗੀ。 ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਸਪੀਕਰ, ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ
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रावी दरिया के पक्का बांध का वादा अधूरा, बरसात से पहले खतरा बना रहा

Pathankot, Punjab:रावी दरिया पर पक्का तुसी बंद न बनने के कारण लोगों में सहम, एक बार फिर भाड़ की चपेट में आने का खतरा है. पंजाब सरकार ने रावी दरिया पर पक्का बंद बनाने का एलान किया था, जिला पठानकोट के भारत–पाक सरहद के साथ लगते 70 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए, पंजाब के निचले इलाके भी जलमग्न हुए, कई लोग घरों से बेघर हुए और दुकानों को भी नुकसान हुआ. पानी घटने के बाद सरकार ने कथलोर पुल के पास मिट्टी की बोरियाँ लगाकर तुसी बंद बांधा और कहा गया कि इसे पक्का किया जाएगा ताकि दोबारा बाढ़ से रोका जा सके, पर एक साल बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई. अब बरसात के द्वारा खतरा फिर सताने लगा है. ग्रामीणों ने कहा कि पिछले साल बारिश में हुई तबाही के बाद सरकार ने ध्यान नहीं दिया, और मिट्टी से बने तुसी बंद पहली बरसात में चपेट में आ जाएगा. लोगों की दुकान, घर, खेत, फसल, जानवर बुरी तरह प्रभावित हुए लेकिन मुआवजा नहीं मिला. मांग है कि पक्का बंद बनाकर राहत दी जाए.
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