icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

विश्व मानक दिवस 2026: सतत ऊर्जा के लिए मानकों की अहम भूमिका पर जोर

Chandigarh, Chandigarh:विश्व मानक दिवस 2026 के अवसर पर भारतीय मानक ब्यूरो ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-7: किफायती एवं स्वच्छ ऊर्जा की प्राप्ति में मानकों की भूमिका को रेखांकित किया चंडीगढ़, 14 अक्टूबर 2026: भारतीय मानक ब्यूरो, उत्तर क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा होटल शिवालिकव्यू, चंडीगढ़ में विश्व मानक दिवस 2026 मनाया गया। इस वर्ष का विषय "बेहतर विश्व के लिए साझा दृष्टिकोण - सतत विकास लक्ष्य-7: किफायती एवं स्वच्छ ऊर्जा" था。 प्रत्येक वर्ष 14 अक्टूबर को विश्वभर में विश्व मानक दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य हमारे दैनिक जीवन तथा वैश्विक आर्थिक एवं सामाजिक विकास में मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना और उन हजारों विशेषज्ञों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करना है, जो आपसी सहमति एवं सहयोग के माध्यम से इन मानकों का विकास करते हैं। इस अवसर पर हरियाणा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले एवं मुद्रण तथा लेखन सामग्री के माननीय राज्य मंत्री श्री राजेश नागर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में चंडीगढ़ के माननीय महापौर श्री सौरभ जोशी; हरियाणा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री अमनीत पी. कुमार; उद्योग जगत के प्रतिनिधि, बी आई एस लाइसेंसधारी, उपभोक्ता संगठन, तकनीकी विशेषज्ञ तथा अन्य हितधारक भी उपस्थित रहे。 हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले एवं मुद्रण तथा लेखन सामग्री के माननीय राज्य मंत्री श्री राजेश नागर जी ने गुणवत्ता, सतत विकास और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने में मानकों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विश्व मानक दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि भारत वैश्विक मानकीकरण व्यवस्था का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि परस्पर जुड़ती जा रही दुनिया में भारतीय उद्योग अकेला रहकर कार्य नहीं कर सकता और हरियाणा अथवा भारत के किसी भी भाग में निर्मित उत्पादों को न केवल देश के भीतर, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में भी उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा। उन्होंने आगे कहा कि इस संदर्भ में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बीआईएस वह संस्थागत ढाँचा प्रदान करता है, जिसके माध्यम से भारत उत्पादों, प्रक्रियाओं एवं सेवाओं के लिए मानकों का विकास, अनुरक्षण और संवर्धन करता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत में निर्मित प्रत्येक उत्पाद पर विश्वभर में विश्वास किया जाना चाहिए। आईएसआई मार्क, बीआईएस प्रमाणन तथा हॉलमार्किंग उपभोक्ताओं के लिए विश्वसनीयता और विश्वास के प्रतीक हैं। मानकों की स्वैच्छिक प्रकृति के संबंध में उन्होंने कहा कि जहाँ जनहित में आवश्यक समझा जाता है, वहाँ भारत सरकार द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण आदेश जारी करके निर्दिष्ट भारतीय मानकों का अनुपालन अनिवार्य किया जाता है。 उद्योग जगत एवं उपभोक्ताओं के बीच गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बीआईएस के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने गुणवत्ता-आधारित एवं सतत भविष्य के निर्माण हेतु मानकों को व्यापक स्तर पर अपनाने का आह्वान किया。 चंडीगढ़ के माननीय महापौर श्री सौरभ जोशी जी ने शहरों को अधिक सुरक्षित, दक्ष एवं सतत बनाने में मानकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा तथा ऊर्जा-दक्ष सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र में चंडीगढ़ द्वारा की जा रही पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क प्रकाश व्यवस्था, जलापूर्ति, जल निकासी तथा सार्वजनिक निर्माण जैसे दैनिक शहरी आधारभूत ढाँचे में भी मानकों का विशेष महत्व है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सार्वजनिक आधारभूत संरचनाओं की योजना बनाने एवं खरीद प्रक्रिया से लेकर निर्माण और रख-रखाव तक, प्रत्येक चरण में गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि ये सार्वजनिक आधारभूत संरचनाएँ सुरक्षित एवं टिकाऊ बनी रहें और नागरिकों को उनका समुचित लाभ प्राप्त हो।
0
0
Report

पंजाब में नशे के खिलाफ़ कार्यकर्ता की हत्या पर किसान संगठनों का विरोध प्रदर्शन

Kot Kapura, Punjab:ਨਸ਼ਿਆਂ ਦਾ ਡਟ ਕੇ ਵਿਰੋਧ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਪਰਮਿੰਦਰ ਝੋਟੇ ਦਾ ਕਲ ਮਾਨਸਾ ਵਿਖੇ ਇੱਕ ਦਵਾਈ ਵਿਕ੍ਰੇਤਾ ਵੱਲੋ ਗੋਲੀਆ ਮਾਰ ਕੇ ਕਤਲ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਜਿਸ ਦੇ ਰੋਸ ਵਜੋ ਸਾਰੀਆ ਸਿਆਸੀ ਪਾਰਟੀਆਂ,ਸਮਾਜਸੇਵੀ ਸੰਸਥਾਵਾਂ,ਕਿਸਾਨਾਂ ਵੱਲੋ ਇਸ ਦੀ ਨਿੰਦਾ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।ਅੱਜ ਫਰੀਦਕੋਟ ਚ ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਵੱਲੋਂ ਰੋਸ ਜਾਹਿਰ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਦਾ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਪੋਸਟਰ ਪਾੜੇ ਗਏ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਨਸ਼ਿਆ ਦੇ ਵਪਾਰੀਆਂ ਖਿਲਾਫ ਨਾਹਰੇ ਬਾਜ਼ੀ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਕਿਸਾਨ ਜੱਥੇਬੰਦੀ ਬੀਕੇਯੂ ਫ਼ਤਹਿ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ਼ਰਨਜੀਤ ਸਰਾ ਅਤੇ ਮਿਸਲ ਸਤਲੁਜ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਗੋਲਡੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਪਰਮਿੰਦਰ ਦੇ ਕਤਲ ਪਿੱਛੇ ਨਿੱਜੀ ਰੰਜਿਸ਼ ਦੱਸ ਰਹੀ ਹੈ ਪਰ ਹਕੀਕਤ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਨਸ਼ਿਆ ਅਤੇ ਨਸ਼ੇ ਤਸਕਰਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਲੜਾਈ ਲਦ ਰਿਹਾ ਸੀ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਨੌਜਵਾਨੀ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਦੀ ਲੜਾਈ ਲੜ ਰਿਹਾ ਸੀ ਨਾ ਕੇ ਨਿੱਜੀ ਲੜਾਈ ਲੜ ਰਿਹਾ ਸੀ ਪਰ ਉਹ ਨਾ ਤਾਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਅਤੇ ਨੇ ਹੀ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਨੂੰ ਰਾਸ ਆ ਰਹੀ ਸੀ ਇਸ ਲਈ ਉਸਨੂੰ ਸੋਚੀ ਸਮਝੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਤਹਿਤ ਕਤਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਸੀਂ ਝੋਟੇ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲ ਖੜੇ ਹਾਂ ਅਤੇ ਖਦੇ ਰਹਾਂਗੇ ਅਤੇ ਨਸ਼ਿਆ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਆਪਣੀ ਅਵਾਜ਼ ਬੁਲੰਦ ਕਰਦੇ ਰਹਾਂਗੇ ਇਸੇ ਲਈ ਅੱਜ ਜੌ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਦਾਅਵਿਆਂ ਦੀ ਪੋਲ ਖੋਲ ਰਹੇ ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਦੇ ਪੋਸਟਰ ਫਾੜ ਰਹੇ ਹਾਂ ਅਤੇ ਕਲ ਜੌ ਪੰਜਾਬ ਬੰਦ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਉਸ ਨੂੰ ਵੀ ਸਫਲ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਾਰੇ ਦੁਕानदारਾਂ ਅਤੇ ਸਕੂਲਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸਰਕਾਰੀ ਦਫਤਰਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਅਪੀਲ ਕਰਦੇ ਹਾਂ ਕਿ ਕਲ ਬੰਦ ਦੌਰਾਨ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਮਰਥਨ ਦੇਣ। ਬਾਈਟ - ਸ਼ਰਨਜੀਤ ਸਰਾ ਕਿਸਾਨ ਆਗੂ ਬਾਈਟ  - ਰਨਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਗੋਲਡੀ ਮਿਸ਼ਨ ਸਤਲੁਜ ਆਗੂ
0
0
Report
Advertisement

कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन PLB बोनस मंजूर कर दिया

Noida, Uttar Pradesh:कैबिनेट मे तीन बड़े फैसले रेलवे कर्मचारियों को बोनस का एलान 2009 करोड़ का बोनस 11 लाख से ज्यादा रेलवे कर्मचारियों को रेलवे के 12 लाख टोटल कर्मचारी है 78 दिन का बोनस 11 लाख 40 हजार कर्मचारी को दूसरा फैसला है सोशल सिक्योरिटी नेट बढ़ाने का 2031 तक इसको बढ़ाया गया दिव्यांग जनों को योग्यता 80 परसेंट था उसको आधा 40 परसेंट कर दिया गया पहले 18 साल से बड़े दिब्यांजन को फायदा मिलता था अब जन्म से मिलेगी 3 करोड़ 20 लाख लोग कवर होंगे प्रधानमंत्री सामाजिक योजना कहा जायेगा तीसरा फैसला IDBI रिस्ट्रक्चरइंग करने का कैबिनेट के बड़े फैसले रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) देने को मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिन के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को मंजूरी दी। 11.40 लाख से अधिक रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा बोनस। बोनस के भुगतान पर कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक पात्र रेलवे कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये का बोनस मिलेगा। ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, टेक्नीशियन, पॉइंट्समैन और अन्य ग्रुप-C कर्मचारियों को मिलेगा लाभ। रेलवे कर्मचारियों को हर साल दुर्गा पूजा और दशहरा की छुट्टियों से पहले PLB का भुगतान किया जाता है। वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे ने 1,670 मिलियन टन माल की रिकॉर्ड लोडिंग की। इस दौरान रेलवे ने करीब 7.41 अरब यात्रियों को सफर कराया। रेलवे के प्रदर्शन को देखते हुए कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए बोनस देने का फैसला।
0
0
Report

तहबाजारियों के पुनर्वास को लेकर हंगामा, निगम ने करोड़ के कॉम्प्लेक्स से विकल्प खोजे

Shimla, Himachal Pradesh:लोअर बाजार से तहबाजारियों को हटाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। चार महीने से रोजगार ठप होने से परेशान तहबाजारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। बुधवार को तहबाजारी नगर निगम के उपमहापौर कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन अदालत के आदेशों का हवाला दिए जाने के कारण बैठक में कोई समाधान नहीं निकल सका। इस दौरान तहबाजाजारी यूनियन के अध्यक्ष पवन ने आरोप लगाया कि चार महीने से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित है और प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों पर दुकानों और गोदामों से सामान उठाने और काम करने वाले युवाओं का सामान छीनने के आरोप लगाए। पवन ने कहा कि स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बावजूद लोगों पर 5,000 से 10,000 रुपये तक जुर्माना लगाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो तहबाजारी सड़कों पर उतरेंगे और मंत्रियों व विधायकों के कार्यक्रमों में काले झंडे दिखाकर विरोध करेंगे। वहीं, महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि तहबाजारियों और वेंडर्स के पुनर्वास के लिए छह सदस्यीय मॉनिटरिंग कमेटी बनाई गई है। राम बाजार, संजीवनी, पंप हाउस के पास और रिज के नीचे घोड़ों के पास करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में पुनर्वास के विकल्प तलाशे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का टेंडर और अवार्ड हो चुका है और रिकॉर्ड के अनुसार इसमें भी कई लोगों को समायोजित किया जा रहा है। महापौर ने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई तय नियमों के तहत होती है। प्रशासन तहबाजारियों की आजीविका सुरक्षित रखने के लिए नए स्थान तलाश रहा है, लेकिन नियमों से हटकर काम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार और सामान छीनने की घटनाओं पर भी चर्चा की गई है और अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित नियमों के अनुसार ही काम करेंगे।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

हिमाचल प्रदेश में चार नए जिलों के गठन पर आयोग छह महीने में रिपोर्ट

Shimla, Himachal Pradesh:हimachal प्रदेश में नए जिले बनाने की संभावनाओं और मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव को लेकर सरकार ने कवायद तेज कर दी है। प्रदेश में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए चार सदस्यीय आयोग का गठन किया गया है। राज्यपाल की ओर से 14 अक्टूबर को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। छह महीने में इसकी रिपोर्ट सौंपी जानी है। माना जा रहा है कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले चार नए जिलों का गठन किया जा सकता है। इस आयोग को गठन की तारीख से छह महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। आयोग प्रदेश में जिलों, उपमंडलों, तहसीलों, उप-तहसीलों, विकास खंडों और विभिन्न विभागों के अन्य प्रशासनिक प्रभागों की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करेगा। यह आयोग आकलन करेगा कि किन क्षेत्रों में नई प्रशासनिक इकाइयां बनाने, मौजूदा इकाइयों का विलय करने, उनका विभाजन करने या पुनर्गठन करने की जरूरत है। इसके लिए जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों, पहुंच, प्रशासनिक दक्षता और जनसुविधा को आधार बनाया जाएगा। आयोग सिफारिशें तैयार करने से पहले संबंधित हितधारकों, जनप्रतिनिधियों और विभागों से परामर्श करेगा। साथ ही, नई प्रशासनिक इकाइयां बनाने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों पर आने वाले खर्च का आकलन भी किया जाएगा। आयोग को मौजूदा कार्यालयों की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले बिना संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के सुझाव भी देने होंगे। आयोग की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी करेंगे। आयोग में अधिवक्ता विशाल पंवार और सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी राजेश शर्मा को सदस्य बनाया गया है। वहीं, भूमि अभिलेख विभाग के निदेशक आयोग के सदस्य सचिव होंगे। आयोग का मुख्यालय शिमला में रहेगा। राजस्व विभाग और संबंधित उपायुक्त आयोग को प्रशासनिक सहायता, रिकॉर्ड और जनसांख्यिकीय आंकड़े उपलब्ध करवाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग आयोग के लिए कार्यालय, कर्मचारी, वाहन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करेगा। अधिसूचना में नए जिले बनाने का कोई अंतिम निर्णय नहीं बताया गया है। आयोग की सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रदेश में किन प्रशासनिक इकाइयों में बदलाव की जरूरत है।
0
0
Report

अमृतसर के दुर्गियाना तीर्थ पर 10 दिन का लंगूर मेला शुरू, देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे

Amritsar, Punjab:ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸਕ ਦੁਰਗਿਆਨਾ ਤੀਰਥ ਸਥਿਤ ਵੱਡਾ ਹਨੁਮਾਨ ਮੰਦਰ ਵਿੱਚ ਨਰਾਟਿਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਵਿਸ਼ਵ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਲੰਗੂਰ ਮੇਲੇ ਦੀ ਹੋਈ ਸ਼ੁਰੂਆਤ। ਸੰਤਾਨ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਦੀ ਮਨੋਕਾਮਨਾ ਪੂਰੀ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਾਤਾ-ਪਿਤਾ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹਨ ਲੰਗੂਰ, ਅਤੇ 10 ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਸਖ਼ਤ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਕਰਦੇ ਹਨ ਪਾਲਣਾ। ਰਮਾਇਣ ਕਾਲ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਪਵਿੱਤਰ ਵਟਵ੍ਰਿਕਸ਼ ਅਤੇ ਬੈਠੀ ਮੁਦਰਾ ਵਿੱਚ ਵਿਰਾਜਮਾਨ ਹਨੂਮਾਨ ਜੀ ਦੇ ਦਰਸ਼ਨਾਂ ਲਈ ਦੇਸ਼-ਵਿਦੇਸ਼ ਤੋਂ/pਹੁੰਚ ਰਹੇ ਹਨ ਸ਼ਰਧਾਲੂ। ਅਮਰੀਕਾ ਅਤੇ ਪੁਣੇ ਤੋਂ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ 'ਤੇ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਵੱਡਾ ਹਨੁਮਾਨ ਮੰਦਰ ਪਹੁੰਚੇ ਹਨ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਲੰਗੂਰ ਬਣਾਇਆ ਹੈ। ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਦੁਰਗਿਆਨਾ ਤੀਰਥ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ਵ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਲੰਗੂਰ ਮੇਲਾ ਸ਼ੁਰੂ, ਨਰਾਟਿਆਂ ਦੌਰਾਨ ਆਪਣੇ ਮੰਦਰ ਵਿੱਚ ਗੂੰਜ ਰਹੇ ਹਨ ਵਜਰੰਗ ਬਲੀ ਜੈ ਹਨੁਮਾਨ ਜੀ ਦੇ ਜੈਕਾਰੇ। ਪਵਿੱਤਰ ਧਾਰਮਿਕ ਨਗਰੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸਕ ਸ੍ਰੀ ਦੁਰਗਿਆਨਾ ਤੀਰਥ ਵੱਡਾ ਹਨੁਮਾਨ ਮੰਦਰ ਵਿਖੇ ਸ਼ਾਰਦੀਆ ਨਰਾਟਿਆਂ ਦੇ ਪਾਵਨ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਵਿਸ਼ਵ ਪ੍ਰਸਿੱਧ 10 ਰੋਜ਼ਾ ਲੰਗੂਰ ਮੇਲਾ ਪੂਰੀ ਸ਼ਰਧਾ ਤੇ ਉਤਸ਼ਾਹ ਦੇ ਨਾਲ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਚੁੱਕਾ ਹੈ। ਸਵੇਰੇ 4 ਵਜੇ ਹੀ ਵੱਡੇ hanੁਮਾਨ ਮੰਦਰ ਦੇ ਕਪਾਟ ਖੁੱਲ੍ਹ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਸਵੇਰ ਤੋਂ ਹੀ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਦੀਆਂ ਲੰਬੀਆਂ-ਲੰਬੀਆਂ ਕਤਾਰਾਂ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ। ਮੰਦਰ ਵਿੱਚ ਲੰਗੂਰ ਦਾ ਰੂਪ ਧਾਰਨ ਕੀਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀ ਭਾਰੀ ਭੀੜ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲਦੀ ਹੈ। ਆਸਥਾ ਤੇ ਪੁਰਾਤਨ ਪਰੰਪਰਾ ਦਾ ਅਲੌਕਿਕ ਸੰਗਮ ਹਰ ਸਾਲ ਦੇਸ਼-ਵਿਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਵੱਲ ਖਿੱਚਦਾ ਹੈ। ਰਾਮਾਇਣ ਕਾਲ ਨਾਲ ਜੁੜੀ ਹੈ ਪਵਿੱਤਰ ਮਾਨਤਾ। ਮੰਦਰ ਦੇ ਮੁੱਖ ਪੁਜਾਰੀ ਸ਼ੁਭਮ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਇਸ ਪ੍ਰਾਚੀਨ ਪਰੰਪਰਾ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਸਥਾਨ ਦਾ ਇਤਿਹਾਸ ਤ੍ਰੇਤਾ ਯੁੱਗ ਅਤੇ ਰਮਾਇਣ ਕਾਲ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਧਾਰਮਿਕ ਮਾਨਤਾ ਅਨੁਸਾਰ ਲਵ ਅਤੇ ਕੁਸ਼ ਨੇ ਅਸ਼ਵਮੇਧ ਯੱਗ ਦੇ ਘੋੜੇ ਨੂੰ ਫੜਨ ਸਮੇਂ ਸੰਕਟ ਮੋਚਨ ਹਨੁਮਾਨ ਜੀ ਨੂੰ ਇਸੇ ਵਟਵ੍ਰਿਕਸ਼ ਨਾਲ ਬੰਨ੍ਹ ਦਿੱਤਾ ਸੀ। ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਬੰਧਨ ਮੁਕਤ ਹੋਣ 'ਤੇ ਬਜਰੰਗ ਬਲੀ ਨੇ ਆਸ਼ੀਰਵਾਦ ਦਿੱਤਾ ਸੀ ਕਿ ਇੱਥੇ ਸੰਤਾਨ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਦੀ ਇੱਛਾ ਲੈ ਕੇ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਦੀ ਮਨੋਕਾਮਨਾ ਪੂਰੀ ਹੋਵੇਗੀ। ਇਸੇ ਮਾਨਤਾ ਦੇ ਚੱਲਦਿਆਂ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀ ਸੰਤਾਨ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਦੀ ਮੰਨਤ ਪੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਹ ਨਰਾਟਿਆਂ ਦੌਰਾਨ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਲੰਗੂਰ ਦਾ ਰੂਪ ਦੇ ਕੇ ਭਗਵਾਨ ਹਨੂਮਾਨ ਜੀ ਦੇ ਚਰਨਾਂ ਵਿੱਚ ਨਤਮਸਤਕ ਹੋਣ ਲਈ ਲਿਆਉਂਦੇ ਹਨ। ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਪਰੰਪਰਾ ਕਲਯੁੱਗ ਦੇ ਆਰੰਭ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਚਲਦੀ ਆ ਰਹੀ ਹੈ। 10 ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਸਖ਼ਤ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਕਰਨੀ ਪੈਨੰਦੀ ਹੈ ਪਾਲਣਾ। ਪੁਜਾਰੀ ਸ਼ੁਭਮ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੋ ਬੱਚੇ ਲੰਗੂਰ ਬਣਦੇ ਹਨ, ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਨਰਾਤੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਦਸਵੀਂ ਤਰੀਕ ਤੱਕ ਕਈ ਸਖ਼ਤ ਧਾਰਮਿਕ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕਰਨੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਲਾਲ ਰੰਗ ਦਾ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਬਾਣਾ ਪਹਿਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਪੈਰਾਂ ਵਿੱਚ ਘੁੰਗਰੂ, ਸਿਰ ਤੇ ਟੋਪੀ ਅਤੇ ਹੱਥ ਵਿੱਚ ਛੜੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਇਹਨਾਂ ਦਸਾਂ ਦਿਨਾਂ ਦੌਰਾਨ ਬੱਚੇ ਜ਼ਮੀਨ 'ਤੇ ਸੌਂਦੇ ਹਨ, ਨੰਗੇ ਪੈਰੀਂ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਦੋ ਵਾਰ ਮੰਦਰ ਆ ਕੇ ਮੱਥਾ ਟੇਕਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਚਾਕੂ ਨਾਲ ਕੱਟੇ ਭੋਜਨ, ਲਸਣ, ਪਿਆਜ਼ ਅਤੇ ਤਾਮਸਿਕ ਭੋਜਨ ਦਾ ਤਿਆਗ ਵੀ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। 121 ਸ਼ੁਭਮ ਸ਼ਰਮਾ, ਮੁੱਖ ਪੁਜਾਰੀ, ਵੱਡਾ ਹਨੁਮਾਨ ਮੰਦਰ। ਵੱਡਾ ਹਨੁਮਾਨ ਮੰਦਰ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਰਕੇਸ਼ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਈ ਸਦੀਆਂ ਤੋਂ ਇੱਥੇ ਲੰਗੂਰ ਮੇਲਾ ਚੱਲਦਾ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਵਾਰ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਦੁਰਗਿਆਨਾ ਮੰਦਰੀ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ 400 ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਾਲੰਟੀਅਰ ਲਗਾਏ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਵੀ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ, ਤਾਂ ਜੋ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮੁਸ਼ਕਲ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਨਾ ਕਰਨਾ ਪਵੇ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਰ ਸਾਲ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਇਸ ਸਾਲ ਵੀ ਕਈ ਲাখਿਆਂ ਬੱਚੇ ਲੰਗੂਰ ਬਣੇ ਹਨ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦੇਸ਼-ਵਿਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਪਹੁੰਚ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਲੰਗੂਰ ਬਣਾ ਰਹੇ ਹਨ ਕਿਉਂਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਮਨnokਾਮਨਾ/ਮੰਨਤ ਪੂਰੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ। 121 ਯੂ.ਐੱਸ.ਏ. ਤੋਂ ਆਏ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਮੰਨਤ ਮੰਗੀ ਸੀ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਮੰਨਤ ਪੂਰੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ है। ਉਹ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਸੋਚ ਰਹੇ ਸਨ ਕਿ ਉਹ اپنے ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਲੰਗੂਰ ਬਣਾਉਣ। ਇਸ ਸਾਲ ਹਨੁਮਾਨ ਜੀ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਬੁਲਾਇਆ ਹੈ ਤੇ ਉਹ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ 'ਤੇ ਅਮਰੀਕਾ ਤੋਂ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਆਏ ਹਨ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਬੱਚੇ ਨੂੰ ਲੰਗੂਰ ਬਣਾਇਆ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਸੀਂ ਜ਼ਰੂਰ ਵਿਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਰਹਿੰਦੇ ਹਾਂ, ਪਰ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਸਨਾਤਨ ਧਰਮ ਦਾ ਸਨਮਾਨ ਕਰਦੇ ਹਾਂ ਅਤੇ ਜੋ ਵੀ ਸਾਡੇ ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ ਦੇ ਰੀਤੀ-ਰਿਵਾਜ ਹਨ, ਅਸੀਂ ਉਹ ਸਾਰੇ ਮੰਨਦੇ ਹਾਂ। 121 ਯੂ.ਐੱਸ.ਏ. ਤੋਂ ਆਏ ਸ਼ਰਧਾਲੂ। ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਪੁਣੇ ਤੋਂ ਆਏ ਪਰਿਵਾਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਡੀ ਮੰਨਤ پੂਰੀ ਹੋਈ ਸੀ, ਜਿਸ ਕਾਰਕੇ ਅਸੀਂ ਖ਼ਾਸ ਪੁਣੇ ਤੋਂ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਆਏ ਹਾਂ ਅਤੇ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਲੰਗੂਰ ਬਣਾਇਆ ਹੈ। ਅਸੀਂ ਹੁਣ 10 ਦਿਨ ਇੱਥੇ ਹੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਰਹਾਂਗੇ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਦੋਵੇਂ ਟਾਈਮ ਹਨੂਮਾਨ ਜੀ ਅੱਗੇ ਨਤਮਸਤਕ ਕਰਵਾਵਾਂਗੇ। 121 ਪੁਣੇ ਤੋਂ ਆਏ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਿਤ ਸਿੱਖ ਜੋੜੇ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਮੰਨਤ ਪੂਰੀ ਹੋਈ ਸੀ, ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਦੋਵੇਂ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਲੰਗੂਰ ਬਣਾਇਆ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਇੱਥੇ ਆ ਕੇ ਕਾਫ਼ੀ ਸਕੂਨ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਵੱਡੇ ਹਨੁਮਾਨ ਮੰਦਰ ਆ ਰਹੇ ਹਨ, ਅਤੇ जो ਵੀ ਮਨੋਕਾਮਨਾ ਭਗਵਾਨ ਹਨੂਮਾਨ ਜੀ ਕੋਲੋਂ ਮੰਗਦੇ ਹਨ, ਉਹ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਪੂਰੀ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਹੋਰ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਮੰਦਰ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚੇ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਨੂੰ ਇਸ ਮੰਦਰ ਵਿੱਚ ਆ ਕੇ ਕਾਫ਼ੀ ਸਕੂਨ ਮਿਲਦਾ ਹੈ। ਅਸੀਂ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਇਸ ਮੰਦਰ ਵਿੱਚ ਆ ਰਹੇ ਹਾਂ ਅਤੇ ਹਰ ਸਾਲ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਲ langੂਰ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹਾਂ। ਬਾਈਟ ਸ਼ਰਧਾਲੂ
0
0
Report
Advertisement

हिमाचल के पहाड़ों में कचरा संकट, राज्यपाल locals से स्वच्छता का आह्वान

Shimla, Himachal Pradesh:"बाहर से आकर कोई सोचें, उससे पहले स्थानीय लोगों को सोचने की जरूरत" पहाड़ों पर प्रदूषण को लेकर राज्यपाल ने जताई चिंता अक्षर से आत्मबोध पुस्तक का राज्यपाल ने किया लोकार्पण, बोले- राष्ट्रीय एकता के लिए भाषा एक महत्वपूर्ण घटक हिमाचल के पहाड़ों पर बढ़ रहे कचरे के ढेरों को लेकर प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने चिंता व्यक्त की है। हिंदी पार्श्व गायिका सोना महापात्रा की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस विषय पर बाहरी लोगों के सोचने से पहले स्थानीय लोगों को सोचने की आवश्यकता है। साथ ही प्रदेश को घर की तरह स्वच्छ रखने का प्रयास किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने लोकभवन में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति सत प्रकाश बंसल द्वारा लिखित पुस्तक अक्षर से आत्मबोध तक के लोकार्पण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नौतोड़ और नौणी विश्वविद्यालय समेत तमाम विषयों पर प्रतिक्रिया दी। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि किसी बाहरी व्यक्ति के इस विषय पर चिंता जताने से पहले जरूरी है कि स्थानीय लोग खुद हिमाचल को अपना घर समझकर इसकी स्वच्छता के बारे में सोचें। उन्होंने कहा कि प्रदेश को भी अपने घर की तरह स्वच्छ रखने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कचरे के कारण प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित होती है और इससे बाहर से आने वाले लोगों के बीच भी गलत संदेश जाता है। राज्यपाल ने कहा कि स्वच्छता पर ध्यान देने से ही प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश सरकार के साथ-साथ समाज की भागीदारी की भी परम आवश्यकता है। ‘अक्षर से आत्मबोध’ तक पुस्तक के लेखन के लिए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति सत प्रकाश बंसल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुस्तक त्रिभाषा सूत्र पर केंद्रित है और नई शिक्षा नीति में इस सूत्र को मजबूती के साथ शामिल करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भाषा राष्ट्रीय एकता में एक महत्वपूर्ण घटक साबित हो सकती है। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषाओं की लिपि भी तैयार की जानी चाहिए, अन्यथा ये भाषाएं लुप्त हो जाएंगी। वहीं, नौतोड़ के मामले पर बोलते हुए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि साल 1997 तक नियम था कि दो हजार रुपये से कम आय वाले लोगों को इसका लाभ मिलता था। कविंद्र गुप्ता ने कहा कि लोकभवन में डिप्टी कमिश्नर से इसे लेकर जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस पर काम होगा। वहीं, नौणी यूनिवर्सिटी में कुलपति और रजिस्ट्रार के बीच हुए विवाद को लेकर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि मामले को चर्चा के बाद सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विवाद कोई बड़ी बात नहीं है, कभी-कभी घरों में भी फसाद हो जाते हैं। अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी पर राज्यपाल ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने कहा कि देश में सनातन और हिंदुत्व को जगाने में अशोक सिंघल की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के निर्माण में भी उनकी बहुत बड़ी भूमिका है। राज्यपाल ने देशवासियों से अपील की है कि वे अपनी संस्कृति, हिंदुत्व और सनातन परंपरा को समझने का प्रयास करें और इसके बारे में नई पीढ़ी को भी बताएं。
0
0
Report

NSUI पर पुलिस मारपीट के आरोप, राहुल गांधी ने कहा विरोध जारी

Noida, Uttar Pradesh:NSUI Students फिलहाल बोल रहे हैं।पुलिस अफसर पर NSUI कार्यकर्ताओं ने लगाए मारपीट के आरोप Rahul Gandhi ये शेरनी है। NSUI के कार्यकर्ता कल CP में Peaceful Protest कर रहे थे...पुलिस कांस्टेबल ने मुझे कल बहुत मारा...बाल पकड़ कर उन्होंने मुझे मारा..पुलिस कांस्टेबल ने गला दबा के मारा...केरल की एक female Protesters के साथ भी पुलिस ने मारपीट की। एक कान से सुनाई नहीं दे रहा है..Rahul Gandhi ने भी यह बात दोहराई। अमित शाह जी ये सब हिन्दुस्तान की आवाज हैं...इस आवाज के सामने खड़े मत होइए...आप वीडियो बनाए...Evidence हमारे पास bhejiye ज्ञानेश कुमार, अमित शाह, पीएम मोदी जिनको सजा देनी होगी दिया जायगा एक Protest...एक आवाज है...
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top