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MTManish Thakur30 Jul 2025, 09:51 am

खराहल घाटी में बिजली महादेव रोपवे के खिलाफ हजारों का प्रदर्शन!

Kullu, Himachal Pradesh:जिला कुल्लू की खराहल घाटी के बिजली महादेव रोपवे को लेकर जहां 25 जुलाई को ढालपुर में हजारों की संख्या में लोगों ने धरना प्रदर्शन किया। तो वहीं मंडी सहित अन्य इलाकों में भी विभिन्न संगठनों के द्वारा इस बारे सरकार को ज्ञापन भेजे गए हैं। ज्ञापन में मांग रखी गई है कि बिजली महादेव रोपवे का देव वाणी में विरोध किया गया है। ऐसे में प्रदेश सरकार इस बारे केंद्र सरकार को अवगत करवाए और इस रोपवे को रद्द किया जाए। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को बिजली महादेव रोपवे विरोध समिति का प्रतिनिधि मंडल ढालपुर में डीसी कार्यालय पहुंचा और डीसी से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल में शामिल एचपीएमसी के पूर्व उपाध्यक्ष राम सिंह ने कहा कि 25 जुलाई को जो प्रदर्शन हुआ उससे यह साफ हो गया कि जिला कुल्लू ही नहीं बल्कि प्रदेश की जनता भी बिजली महादेव रोपवे का विरोध कर रही है। वही जगह-जगह देवी देवताओं के माध्यम से भी हरियानो को निर्देश दिए जा रहे हैं कि भगवान बिजली महादेव की भूमि से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ ना की जाए। ऐसे में डीसी कुल्लू से भी इस बारे चर्चा की गई है और यह साफ किया गया कि बिजली महादेव रोपवे का हर बार विरोध किया जाएगा। ऐसे में प्रशासन को जो समिति के द्वारा ज्ञापन भेजा गया है। वह सरकार के माध्यम से उसे केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत करें। ताकि केंद्र सरकार को भी पता चल सके कि यहां की जनता रोपवे के समर्थन में बिल्कुल भी नहीं है। राम सिंह ने कहा कि समिति के पदाधिकारी को एक प्रतिनिधिमंडल भी दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करेगा और बिजली महादेव रोपवे को लेकर आम जनता की क्या राय है। उसके बारे में भी उन्हें उन्हें अवगत करवाया जाएगा। बाइट - राम सिंह पदाधिकारी रोपवे विरोध समिति
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मंडी–मनाली फोरलेन: सुरक्षा मॉडल से स्थायी और आसान सफर

Shimla, Himachal Pradesh:मंडी–मनाली फोरलेन: खतरे का इलाज, सुरक्षित सफर का प्लान मंडी–मनाली फोरलेन: हर मानसून की परीक्षा 130 खतरे والی जगहیں: NHAI کا پورا میپ 46 साइट्स پر شروع हुआ सुरक्षा کا کام ₹876 करोड़: पहाड़ और नदी की सुरक्षा ₹4,256 करोड़ کا मेگا सेफ्टी प्लان ₹1,354 करोड़: ब्यास کے कटाव پر وار ₹2,902 करोड़: पहाड़ को मिलेगा सुरक्षा कवच पहाड़ नहीं गिरेगा? Engineering کا सुरक्षा कवच जलोड़ी سے مانالی तक: کہاں-कहाँ ہوگا کام؟ पंडोह–हनोगी: لینڈس्लाइड سے ملےگی राहत؟ ٹنل खुलेगी, सफर आसान होगा! جہاں پہاڑ کٹنا خطرہ, وہاں بنےگی सुरंग Pandoh Bypass سے Ch.201-203 تک: بڑا بای پاس प्लान 9 Mile پر Viaduct: پہاڑ काटنے کی بجائے اوپر سے راستہ मंडी–मनाली کا नया सुरक्षा मॉडल: मरम्मत نہیں, स्थायी समाधान بارिश आएगी... पहाड़ भी रहेंगे... लेकिन क्या हाईवे रुकेगा?
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MCM DAV कॉलेज के बाहर गहरी रूट मामले पर पंजाब मानव अधिकार आयोग ने नोटिस

Chandigarh, Chandigarh:MCM DAV ਕਾਲਜ ਦੇ ਬਾਹਰ ‘ਗਹਿਰੀ ਰੂਟ’ ਮਾਮਲੇ ’ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੇ ਲਿਆ ਨੋਟਿਸ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਸੈਕਟਰ-36A ਸਥਿਤ MCM DAV ਕਾਲਜ ਦੇ ਬਾਹਰ ‘ਗਹੀਰੀ ਰੂਟ’ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੇ ਗੰਭੀਰ ਚਿੰਤਾਵਾਂ ਦਾ ਨੋਟਿਸ ਲਿਆ ਹੈ। ਇਹ ਮਾਮਲਾ ਸੈਕਟਰ-36A ਦੇ ਵਸਨੀਕ ਕੁਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਰਾਣਾ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਇੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਵਿੱਚ ਕਾਲਜ ਦੇ ਬਾਹਰ ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਰੁਕਾਵਟ, ਤੇਜ਼ ਅਤੇ ਹੌਲੀ ਡਰਾਈਵਿੰਗ ਅਤੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਦੇ ਇਕੱਠ ਸਬੰਧੀ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਏ ਗਏ ਹਨ。 ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਲੜਾਈ-ਝਗੜੇ, ਛੇੜਛਾੜ, ਇਤਰਾਜ਼ਯੋਗ ਟਿੱਪਣੀਆਂ ਅਤੇ ਲੜਕੀਆਂ ਦੀ ਬਿਨਾਂ ਇਜਾਜ਼ਤ ਵੀਡੀਓ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਵੀ ਲਗਾਏ ਗਏ ਹਨ。 ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਮੁਤਾਬਕ 6 ਅਗਸਤ 2026 ਨੂੰ ਕਾਲਜ ਦੇ ਗੇਟ ਦੇ ਬਾਹਰ ਦੋ ਧਿਰਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਲੜਾਈ ਹੋਈ, ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦੁਪਹਿਰ ਕਰੀਬ 2:35 ਵਜੇ PCR ਨੂੰ ਬੁਲਾਇਆ ਗਿਆ। ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੇ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਨੂੰ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ SSP ਕੋਲ ਭੇਜ ਕੇ ਵਿਸਥਾਰਤ ਰਿਪੋਰਟ ਮੰਗੀ ਹੈ। ਰਿਪੋਰਟ ਅਗਲੀ ਸੁਣਵਾਈ ਤੋਂ ਇੱਕ ਹਫ਼ਤਾ ਪਹਿਲਾਂ ਦੇਣ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਹਨ। ਸ਼ਿਕਾਇਤਕਰਤਾ ਨੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਨਿਯਮਤ ਪੁਲਿਸ ਮੌਜੂਦਗੀ, ਵਰਕਾ ਬੂਥ ਨੇੜੇ ਪੁਲਿਸ ਬੀਟ ਦਫ਼ਤਰ ਅਤੇ ਵਾਹਨਾਂ ਦੀ ਆਵਾਜਾਈ ਨੂੰ ਕੰਟਰੋਲ ਕਰਨ ਲਈ ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਚੈਕਿੰਗ ਪੁਆਇੰਟ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਵਿਦਿਅਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਦੇ ਜਨਤਕ ਸਥਾਨ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਅਤੇ ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਲਈ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਅਤੇ ਵਿਵਸਥਿਤ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ। ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੇ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਸੈਕਟਰ-36A ਸਥਿਤ MCM DAV ਕਾਲਜ ਦੇ ਬਾਹਰ ‘ਗਹਿਰੀ ਰੂਟ’ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਕਥਿਤ ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਅਤੇ ਸੁਰੱਖਿਆ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦਾ ਗੰਭੀਰ ਨੋਟਿਸ ਲਿਆ ਹੈ। ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੇ ਸੈਕਟਰ-36A ਦੇ ਵਸਨੀਕ ਕੁਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਰਾਣਾ ਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ’ਤੇ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦਿਆਂ ਮਾਮਲਾ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ SSP ਨੂੰ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵਿਸਥਾਰਤ ਰਿਪੋਰਟ ਮੰਗੀ ਹੈ。 ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਵਿੱਚ ਕਾਲਜ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਦੇ ਇਕੱਠ, ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਵਿੱਚ ਰੁਕਾਵਟ, ਕਥਿਤ ਛੇੜਛਾੜ, ਇਤਰਾਜ਼ਯੋਗ ਟਿੱਪਣੀਆਂ ਅਤੇ ਲੜਕੀਆਂ ਦੀ ਬਿਨਾਂ ਇਜਾਜ਼ਤ ਰਿਕਾਰਡਿੰਗ ਵਰਗੇ ਮਾਮਲੇ ਉਠਾਏ ਗਏ ਹਨ। ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਵਿੱਚ 6 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਕਾਲਜ ਗੇਟ ਦੇ ਬਾਹਰ ਹੋਈ ਕਥਿਤ ਲੜਾਈ ਦਾ ਵੀ ਜ਼ਿਕਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਨਿਯਮਤ ਮੌਜੂਦਗੀ, ਪੁਲਿਸ ਬੀਟ ਦਫਤਰ ਅਤੇ ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਚੈਕਿੰਗ ਵਰਗੇ ਰੋਕਥਾਮੀ ਕਦਮਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ਨੂੰ ਵੀ ਰਿਕਾਰਡ ’ਤੇ ਲਿਆ ਹੈ。
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ग्रेवाल ने चंडीगढ़ मीटिंग में अल्पसंख्यक समाज के लिए बेहतर व्यवस्था की जरूरत पर जोर

Chandigarh, Chandigarh:नैशनल माइनोरिटी कमीशन के चेयरमैन हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि चंडीगढ़ में आज मीटिंग कार सुझाव माँगे गए हैं ताकि माइनॉरिटी से जुड़े समाज के लिए अच्छी व्यवस्था बनायी जा सके उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हो या विपक्ष की क्यों न को उन्हें सरकार का विरोध करना चाहिए ना कि देश का विरोध करना चाहिए और न ही देश की परंपराओं का विरोध नहीं करना चाहिए । उन्होंने कहा कि कैदियों के लिए नियम क़ानून बने हैं उसके अनुसार ही कारोबार मिलती है आप जानते ही हो कैसे बसों से निकाल कर लोगों को मारा गया किसी ने पगड़ी पहनी तो किसी ने टोपी पहनी थी। संविधान और क़ानून के अनुसार काम होता है उस रास्ते को अपनाएं। उन्होंने कहा कि वह संवैधानिक पद गए हैं इस लिए अकाली BJP गठबंधन को लेकर कुछ नहीं कहेंगे
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हरजीत ग्रेवाल ने चंडीगढ़ मीटिंग से मिनॉरिटी नीति सुधार की मांग

Chandigarh, Chandigarh:नैशनल माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि चंडीगढ़ में आज मीटिंग कार सुझाव माँगे गए हैं ताकि माइनॉरिटी से जुड़े समाज के लिए अच्छी व्यवस्था बनायी जा सके उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हो या विपक्ष की क्यों न को उन्हें सरकार का विरोध करना चाहिए ना कि देश का विरोध करना चाहिए और न ही देश की परंपराओं का विरोध नहीं करना चाहिए । उन्होंने कहा कि कैदियों के लिए नियम क़ानून बने हैं उसके अनुसार ही कारोबार मिलती है आप जानते ही हो कैसे बसों से निकाल कर लोगों को मारा गया किसी ने पगड़ी पहनी तो किसी ने टोपी पहनी थी। संविधान और क़ानून के अनुसार काम होता है उस रास्ते को अपनाएं। उन्होंने कहा कि वह संवैधानिक पद गए हैं इस लिए अकाली BJP गठबंधन को लेकर कुछ नहीं कहेंगे
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भगवंत मान का गोइंदवाल साहिब में वर्चुअल संबोधन, माताओं-बहनों को वित्तीय सहायता

Amritsar, Punjab:गोइंदवाल साहिब में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वर्चुअल शिरकत माता-बहनों के सत्कार योजना के तहत फॉर्म भरने वाली सखियों के खातों में डाली गई राशि गोइंदवाल साहिब में आज आयोजित किए गए कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वर्चुअल रूप से शिरकत की。 इस मौके पर माता-बहनों के सत्कार योजना के तहत महिलाओं और बेटियों के फॉर्म भरने वाली सखियों के बैंक खातों में भी राशि ट्रांसफर की गई。 इस योजना के तहत पहले महिलाओं के खातों में 3 हजार और 4 हजार 500 रुपये की राशि पंजाब सरकार की ओर से डाली गई थी। वहीं, आज उन सखियों के खातों में भी पैसे डाले गए, जिन्होंने महिलाओं और बेटियों के फॉर्म भरने में मदद की थी。 मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कार्यक्रम में वर्चुअल संबोधन के दौरान लोगों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि वह खुद कार्यक्रम में पहुंचना चाहते थे, लेकिन उनके हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने के कारण वह गोइंदवल साहिब नहीं पहुंच सके。 वहीं, मौके पर मीडिया टीम ने माताओं, बहनों और बेटियों से बातचीत की। महिलाओं ने सरकार की ओर से मिली आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया।
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हिमाचल विधानसभा में विजिलेंस जांच को लेकर मुख्यमंत्री पर भाजपा विधायक का sख्त हमला

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के चौथे दिन स्वास्थ्य पर चर्चा के दौरान सदन में विजिलेंस जांच के मुद्दे ने फिर जोर पकड़ा। श्री नैना देवी से भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने विजिलेंस जांच को लेकर मुख्यमंत्री पर तीखा कटाक्ष किया है। दरअसल रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर जवाबी हमला बोला जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा था कि जिन नेताओं के नाम भाजपा ने अपनी 2017 की चार्जशीट में लिखे थे राज्य सरकार अब उन्हीं पर कार्रवाई कर रही है。 भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री पर जवाबी हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में विजिलेंस जांच को लेकर दिए गए वक्तव्य के दौरान भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन का जिक्र किया। रणधीर शर्मा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को इन दोनों नेताओं के फोबिया से ग्रस्त हैं। दिन के साथ-साथ रात में भी मुख्यमंत्री को इन दोनों नेताओं के सपने आने लगे हैं。 इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विधायक रणधीर शर्मा को रोका। उन्होंने सदस्य रणधीर शर्मा को नियम- 130 के तहत चर्चा के लिए ले गए स्वास्थ्य के विषय पर बोलने के लिए कहा। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि जब मुख्यमंत्री देखना नहीं थे। उन्होंने कहा कि जो सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं हो सकता है, उसे कार्यवाही से हटाया जाएगा। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भाजपा की 2017 की चार्जशीट में दर्ज नाम पर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। रणधीर शर्मा ने कहा कि इस चार्जशीट में 32 कांग्रेस नेताओं के नाम शामिल हैं। लेकिन चुनकर केवल दो नेताओं के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए हैं। रणधीर शर्मा ने कहा कि किस आधार पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से विजिलेंस जांच बिठाई जा रही है। सदन में चार्जशीट की कॉपी लेकर पहुंचे रणधीर शर्मा ने कहा कि इस चार्जशीट में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह का भी नाम है। साथ ही उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार का नाम भी शामिल है। रणधीर शर्मा ने इन नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि बाकी सभी को छोड़कर ये तीनों नेता अपनी जांच करवा लें तो साबित हो जाएगा कि सरकार वास्तव में चार्जशीट के आधार पर जांच करवा रही है।
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हिमाचल विधानसभा में राष्ट्रगान बनाम राष्ट्रगीत के विवाद पर मंत्री धर्माणी का भाजपा पर पलटवार

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर छिड़े विवाद ने अब सियासी रंग ले लिया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों देश के सम्मान के प्रतीक हैं, ऐसे में दोनों की तुलना कर विवाद खड़ा करने वालों को माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से भाजपा विधायक दल पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने विधानसभा सचिवालय के वीडियो का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से माफी मांगने की मांग की थी। अब धर्माणी ने भाजपा की इस मांग पर पलटवार किया है। धर्माणी ने कहा कि राष्ट्रगान के लिए विधानसभा अध्यक्ष की ओर से आदेश दिए जाने के बाद सभी सदस्यों का सावधान मुद्रा में खड़ा होना स्वाभाविक है। लेकिन राष्ट्रगान शुरू होने से ठीक पहले और उसके तुरंत बाद भाजपा विधायकों की ओर से सदन की शुरुआत राष्ट्रगान के बजाय राष्ट्रगीत से किए जाने की बात कहना सवाल खड़े करता है। मंत्री ने कहा कि संसद से पारित कानून और बाद में जारी अधिसूचना में कहीं भी यह निर्देश नहीं दिया गया है कि विधानसभा में पहले राष्ट्रगान ही गाया जाएगा या राष्ट्रगीत। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा की व्यवस्था और परंपरा पर निर्भर करता है और विधानसभा अध्यक्ष इस मामले में अपना निर्णय पहले ही सुना चुके हैं। धर्माणी ने भाजपा पर राष्ट्रवाद के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा बार-बार ऐसे मुद्दे उठाकर जनता का ध्यान दूसरे गंभीर मामलों से भटकाने की कोशिश करती है। मंत्री ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और जमीनों की खरीद में कथित धांधली के आरोपों का भी जिक्र किया। इसके अलावा नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि पेपर लीक को लेकर देशभर के युवाओं में आक्रोश है। धर्माणी ने हिमाचल में पुलिस और जेबीटी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग को बंद कर भर्ती व्यवस्था में बदलाव किया, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। धर्माणी ने आरोप लगाया कि भाजपा इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए वंदे मातरम् को लेकर विवाद खड़ा कर रही है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् सम्मान और आस्था का प्रतीक है, लेकिन राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की तुलना कर राजनीतिक विवाद पैदा करना उचित नहीं है।
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हिमाचल में मानसून के ढलान संकेत, नुकसान के बीच राहत की उम्मीद बढ़ी

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता अब धीरे-धीरे कम होने के संकेत हैं, लेकिन बीते दिनों की बारिश ने प्रदेश में बड़ा नुकसान हुआ है। राज्य में अभी भी 98 सड़कें बंद पड़ी हैं। इसके अलावा 5 स्थानों पर बिजली आपूर्ति और 20 स्थानों पर जलापूर्ति बाधित है। हालांकि राहत की बात यह है कि बीते दिनों के मुकाबले बारिश का असर अब कम होता दिखाई दे रहा है। बीती शाम हुई तेज बारिश के बाद अब मौसम में सुधार के संकेत हैं और मानसून की सक्रियता कम होने का पूर्वानुमान है। वहीं, 30 जून से अब तक हिमाचल प्रदेश को 1168 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। इस अवधि में कुल 237 लोगों की मौत है। इनमें 98 लोगों की जान प्राकृतिक आपदाओं में गई, जबकि 139 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है। अब प्रशासन का फोकस बंद सड़कों को बहाल करने के साथ बिजली और जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने पर है.
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