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গত কয়দিন আগে তোর বল বৃষ্টি ফ ছাড়েলে টিভিসি থেকে দামোদর নদীর জল
Panagarh, West Bengal:তিরবাটির আস্থান গুলিত পল্পিত হয় হুগলি মেদিনীপুর পাশাপাশি পশ্চিম বর্ধমান জেলা কাঁকসা আমলা জোড়া গ্রাম পঞ্চায়েতে অন্তগ্রত দুর্গাপুর পাশে কয়টি গ্রাম।
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कंबल के बदले मोबाइल लेकर साइबर ठगी का जाल बुनने वाला गैंग पकड़ा, 5 गिरफ्तार
Parasa Buzurg, Uttar Pradesh:महराजगंज, 15 अप्रैल। जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने परतावल क्षेत्र से 05 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, मदरबोर्ड और अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस के अनुसार, अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन एवं पुलिस उप महानिरीक्षक गोरखपुर रेंज एस. चनप्पा के निर्देश तथा पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह सफलता मिली। साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव और श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह की टीम ने परतावल नहर पटरी से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब बरामद मोबाइलों के IMEI और डेटा का तकनीकी विश्लेषण कर रही है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। *ऐसे करते थे ठगी* पूछताछ में सामने आया कि आरोपी गांव-गांव घूमकर लोगों को पुराने मोबाइल के बदले कंबल या बर्तन देते थे। इस तरह इकट्ठा किए गए मोबाइल को कोलकाता में एक साथी को बेच दिया जाता था, जहां से ये मोबाइल साइबर अपराधियों तक पहुंचते थे। इन मोबाइलों के मदरबोर्ड में मौजूद IMEI का इस्तेमाल कर आरोपी OTP फ्रॉड, फिशिंग और फर्जी कॉलिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। बिहार के रहने वाले हैं आरोपी गिरफ्तार सभी आरोपी बिहार के पूर्वी चंपारण और मोतिहारी जिले के निवासी हैं और संगठित साइबर गिरोह के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना मुन्ना कुमार पहले से इस तरह के अपराध में संलिप्त रहा है। भारी मात्रा में सामान बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से— 318 एंड्रॉइड मोबाइल फोन (लगभग 80 लाख रुपये मूल्य) 110 मोबाइल मदरबोर्ड 05 मोबाइल फोन (जामा तलाशी में) 55 फर्जी बिल/पर्चियां 5700 रुपये नकद 05 मोटरसाइकिल बरामद किए हैं। अंतर्राज्यीय नेटवर्क की जांच जारी पुलिस के मुताबिक, यह एक संगठित अंतर्राज्यीय साइबर नेटवर्क है, जो अपराधियों को तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराता था। मामले में बैंकिंग और हवाला लेन-देन की भी जांच की जा रही है। एसपी की अपील एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने टीम को बधाई देते हुए आम जनता से अपील की है कि पुराने मोबाइल फोन बेचते समय सतर्क रहें और केवल अधिकृत या विश्वसनीय माध्यमों से ही लेन-देन करें।0
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कुरुक्षेत्र अनाज मंडी के बाहर गेहूं लोड ट्रालियों की लंबी कतार, किसान परेशान
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र अनाज मंडी के बाहर आज कई किलोमीटर की गेहूं से भरी ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइन लगी हुई है। कई घंटे से लाइनों में लगे किसान परेशान नजर आ रहे हैं। किसानों ने जानकारी देते हुए कहा कि आज सुबह से लाइनों में लगे हुए हैं। अपनी गेहूं की फसल को लेकर अनाज मंडी में आना था लेकिन अनाज मंडी में आने से पहले ही कई किलोमीटर की लाइन लगी हुई है। और आज सुबह से वह लाइनों में लगे हुए हैं। जिससे उनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि किसानों को परेशान ना करें और अनाज में अच्छी व्यवस्था करें।0
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विदिशा के आदर्श राजपूत ने MP बोर्ड में सातवां स्थान पाया
Vidisha, Madhya Pradesh:एमपी बोर्ड रिजल्ट: विदिशा के पुरनपुरा गली में खुशी की लहर, आदर्श राजपूत ने किया कमाल... मध्य प्रदेश बोर्ड के रिजल्ट जारी होते ही पुरनपुरा गली में जश्न का माहौल बन गया। इस खुशी की वजह बने यहां के होनहार छात्र आदर्श राजपूत, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया है। सरकारी स्कूल में पढ़ाई करने वाले आदर्श ने यह साबित कर दिया कि सफलता के लिए महंगी कोचिंग नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और सही रणनीति जरूरी होती है। उन्होंने 500 में से 493 अंक प्राप्त कर अपने परिवार, स्कूल और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के, रोजाना लगभग 5 घंटे नियमित पढ़ाई की। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर पूरा फोकस रखा। आदर्श का मानना है कि सिलेबस का कोई भी टॉपिक छोड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि परीक्षा में कहीं से भी प्रश्न आ सकते हैं। आगे की पढ़ाई को लेकर आदर्श ने साइंस स्ट्रीम में रुचि जताई है। उनका सपना है कि वे भविष्य में एक सफल वैज्ञानिक बनें और देश का नाम रोशन करें। आदर्श की इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता। पूरे इलाके में आज जश्न का माहौल है, और हर कोई आदर्श की इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है।0
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उदयपुर ढाबा हत्याकांड: 7 आरोपी को उम्रकैद, 3 बरी
Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला से बड़ी खबर — जिले के बहुचर्चित उदयपुर ढाबा हत्याकांड में आज अदालत का फैसला आ गया है। अपर सत्र न्यायालय निवास ने इस मामले में 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि 3 आरोपियों को बरी कर दिया गया है। मामला थाना बीजाडांडी क्षेत्र के उदयपुर स्थित एक ढाबे का है, जहां 12 अगस्त 2021 को جبलपुर निवासी बबलू पंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद मामला अपर सत्र न्यायालय निवास में दिसंबर 2021 से विचाराधीन था। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी अमित, सौरभ, बाबा सुखदेव, हिमांशु, आकाश सोनकर, विशाल और रोहित सोनकर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, आरोपी कैलाश यादव, सुमित और नीरज सोनकर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपियों आकाश और अमित का मृतक बबलू पंडा से पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद था, जो इस हत्याकांड की वजह बना। फैसले को देखते हुए अदालत परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। फीसला - विजय अहिरवार - एडीपीओ - मण्डला filhaal, इस चर्चित हत्याकांड में आए फैसले से न्याय की प्रक्रिया पूरी हुई है ओर दोषियों को सजा0
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रॉबर्ट वाड्रा के समन से बढ़ी मुश्किलें, ED केस में नया मोड़
Noida, Uttar Pradesh:रॉबर्ट वाड्रा की बढ़ी मुश्किलें! कोर्ट ने किया समन, अब आगे क्या होगा! गुरुग्राम में ज़मीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा और बाकी को समन जारी किया है। कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों को 16 मई को पेशी के लिए समन किया है। ED ने जुलाई 2025 में इस केस में चार्जशीट दाखिल की थी। वाड्रा के खिलाफ केस क्या है यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम जिले के शिकोहपुर गांव की जमीन डील से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने 2008 में ओमकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड सेedas 3 एकड़ ज़मीन साढ़े 7 करोड़ रुपये में खरीदी थी। ED के मुताबिक सेल डीड में यह दिखाया गया था कि भुगतान हो चुका है जबकि असल में उस वक़्त भुगतान नहीं हुआ था। साढ़े 7 करोड़ का रुपये जो चेक रिकॉर्ड में दाखाया गया था, वो कभी भुनाया नहीं गया। 7.50 करोड़ में खरीदी ज़मीन 58 करोड़ में बेची इस केस में आरोप है कि फरवरी 2008 में इस ज़मीन की खरीद के तुरंत बाद वाड्रा की कंपनी ने ज़मीन का लैंड यूज बदलने के लिए आवेदन कर दिया। उस वक़्त हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा थे।लगभग डेढ़ महीने बाद ही मार्च 2008 में ज़मीन का लैंड यूज़ कृषि से कॉलोनी/डेवलपमेंट के लिए बदल दिया गया, जिसके चलते जमीन की कीमत बहुत बढ़ गई। आरोप लगा कि वाड्रा के राजनीतिक रसूख के चलते इतनी जल्दी लैंड यूज बदलने को लेकर मंजूरी मिल गई। इस इजाज़त के मिलने के तीन महीने बाद ही वाड्रा की कंपनी ने इस ज़मीन को बेचने के लिए DLF के साथ 58 करोड़ में समझौता किया यानी साढ़े 7 करोड़ में मिली ज़मीन को कुछ ही महीने में 7 गुनी से भी ज़्यादा कीमत पर बेंच दिया गया। ED का केस इस केस में गुरुग्राम पुलिस ने धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज, आपराधिक साजिश के आरोप में सितंबर 2018 में FIR दर्ज की। इसमें वाड्रा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम भी आया। ED ने भी उसी साल केस दर्ज किया और जांच शुरू की। जुलाई 2025 में ED ने रॉबर्ट वाड्रा समेत 11 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ED और वाड्रा की दलील ED ने कोर्ट को बताया कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का एकदम साफ और स्पष्ट मामला है। उसके पास इसे साबित करने के लिए पुख्ता दस्तावेजी सबूत और गवाहों के बयान है। ED के मुताबिक वाड्रा को इस जमीन सौदे से जो 58 करोड़ का लाभ हुआ, वो अवैध कमाई थी। इस पैसे को वैध दिखाने और छुपाने के लिए अलग-अलग कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। उससे नई प्रॉपर्टी खरीद गई। वही वाड्रा के वकील की ओर से दलील दी गई कि उनके खिलाफ मामला राजनीति से प्रेरित है। उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस बनता ही नहीं है। अब आगे क्या होगा अब 16 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर रॉबर्ट वाड्रा और बाकी आरोपी कोर्ट में पेश होंगे। वो ज़मानत के लिए अर्जी दे सकते हैं। कोर्ट से चार्जशीट की कॉपी आरोपियों के वकील को दी जाएगी ताकि वो आरोप तय करने के पहलू पर जिरह के ख़ुद को तैयार कर सके। उसके बाद बहस सुनने के बाद कोर्ट आरोप तय करेगा। कोर्ट ने आरोप तय होने के बाद ही ट्रायल शुरू होगा जिसमें आगे चलकर कोर्ट तय करेगा कि वाड्रा का दोष बनता है या नहीं। इस बीच रॉबर्ट वाड्रा के पास यह भी विकल्प है कि वो चाहे तो इस स्टेज पर यानि चार्जशीट पर संज्ञान लेकर समन जारी करने के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते है।0
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नाबालिग युवती पिटवाने वाली लेडी गैंग का वीडियो वायरल, पुलिस जांच शुरू
Indore, Madhya Pradesh:लेडी गैंग ने नाबालिक युवती को पिटा. मिली जानकारी अनुसार बहला-फुसलाकर फ्लैट पर ले गए बाल खींचकर जमीन पर पटका. लात, घूंसे और डंडे से युवती को बेरहमी से पीटा. मारपीट का वीडियो वायरल. नाबालिक पर रंगदारी दिखाने के लिए लेडी गैंग ने पिटा. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस जांच में जुटी.0
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नाशिक कन्वर्शन रैकेट: व्हाट्सएप्प ग्रुप में रणनीति खुलकर सामने आई
Mumbai, Maharashtra:क्या नाशिक में कन्वर्शन रैकेट व्हाट्सप्प ग्रुप पर बना रहा था आगे की रणनीति? नाशिक में MNC कंपनी में सेक्स स्कैंडल और कन्वर्शन रैकेट की जांच में जुटी SIT टीम ने बेहद चौकाने वाली जानकारी दी हैl सूत्रों के मुताबिक अभी तक इस मामले में कुल 7 आरोपी पकडे गए है जिनमे से एक HR हेड पर काम करने वाली अश्विनी है जबकि बाकी के 6 आरोपी इस IT कंपनी में टीम लीडर के तौर पर काम करते है जिन पर पीड़ित लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने और दो लोगो का धर्म परिवर्तन करने का आरोप है जिनमे से एक लड़की और एक लड़का हैl इन 6 लोगो ने एक सीक्रेट व्हाट्सप्प ग्रुप बनाया हुआ था जिसमे इन 6 आरोपियों के अलावा 4-5 लोग और भी शामिल थेl पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस सीक्रेट व्हाट्सप्प ग्रुप में ये सभी मेंबर्स अलग अलग लड़कियों को फंसाने, और जो फँस चुकी है उनका आगे कैसे एक्सप्लॉइट करना है, उसकी रणनीति तय की जाती थीl पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसी व्हाट्सप्प ग्रुप में जाल में फंस चुकी लड़कियों की तस्वीरें और वीडियोस शेयर किये गये थेl पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसी ग्रुप में IT कंपनी में काम करने वाली वो लड़कियां जो सॉफ्ट टारगेट बन सकती है, उनको भी डिसकस किया जाता थाl लड़कियों को डिसकस करने के साथ ही ये भी बात होती थी की किसको कैसे अप्प्रोच करना है और ऑफिस में कौन किसको अप्प्रोच कर रहा हैl सेक्सुअल एक्सप्लोइटेशन के अलावा इस्लामिक तरीको को कैसे धीरे धीरे थोपा जाये, कैसे हिंदू स्टाफ के सामने सॉफ्ट नैरेटिव बना कर हिंदू देवी देवताओ को लेकर भ्र्म पैदा किया जाये, कैसे हिंदू स्टॉफ के मन में अपने ही पूजा पद्धति और रीति रिवाज़ को लेकर शक़ पैदा किया जाये, इसके लिए भी रणनिति बनाई जाती थीl नाशिक पुलिस ने इन सभी 6 आरोपियों के मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा हुआ है ताकि डिलीट किये गए मैसेज, फोटो और वीडियोस को वापस से रिट्रीव किया जा सके ताकि केस को मजबूत आधार मिल सकेl इसके अलावा इन 6 लोगो के अलावा बाकि के 4-5 लोगो को भी आइडेंटीफाई किया गया है, ये भी जांचा जा रहा है की इनमे से कौन कौन भारत के दूसरे राज्यों का है और क्या कोई भारत के बाहर से भी इस ग्रुप में जुड़ा हुआ था क्या…..0
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नीतीश कुमार के हटते ही बिहार सरकार वेबसाइट पर सम्राट चौधरी की तस्वीर
Patna, Bihar:नीतीश कुमार की विदाई के साथ ही बदल गयी बिहार सर्कार की वेबसाईट की सूरत : नीतीश कुमार की जगह अब सम्राट चौधरी की तस्वीर बिहार में सुशासन बाबू के सत्ता से विदा होते ही सबसे बड़ा परिवर्तन बिहार सरकार की वेबसाईट को दिख गयी जहाँ अब नीतीश कुमार की जगह सम्राट चौधरी की तस्वीर लग गयी है . सत्ता परिवर्तन के साथ ही प्रशासनिक तंत्र परिवर्तन से साफ़ हो गया कि अब बिहार के चौधरी सम्राट है . आज पटना के लोक भवन में शपथ के साथ ही नए बिहार सरकार के web साईट से नीतीश कुमार की तस्वीर हटा दी गयी और उनकी जगह सम्राट चौधरी की तस्वीर लग गयी . राज्य सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ ही सरकार के गृह विभाग, सामान्य प्रशासन और कैबिनेट विभाग तक, हर जगह सम्राट चौधरी की तस्वीर चिपका दी गयी . बिहार सरकार के वेब साईट पर इस बदलाव को लेकर आईटी विभाग की चर्चा तेज हो गयी है . शपथ ग्रहण के एक घंटा बीते भी नहीं कि सरकार का मुख्य वेब साईट और सोशल मिडिया प्लेटफार्म को अपडेट कर दिया गया . वेब साईट में अपडेशन एक प्रक्रिया है लेकिन इसे इतनी जल्दी पूरा किया जाएगा यह इस बात का संकेत है की इस बदलाव की तैयारी प्रशासनिक स्तर पर पहले ही कर लिया गया था . सम्राट चौधरी शपथ ग्रहण के बाद कामकाज सम्हालने पहुंचे और औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला. सम्राट सचिवालय पहुंचेऔर जिम्मेदारी संभालते ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में प्रशासनिक कामकाज को मजबूत करने पर जोर दिया . सीएम सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि उन्होंने काम शुरू कर दिया है. राज्य की जनता को बेहतर प्रशासन मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में नरेंद्र मोदी और नीतीश मॉडल के आधार पर ही काम काज आगे बढ़ाया जाएगा .0
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उमर अब्दुल्ला ने JKLI युद्ध स्मारक का उद्घाटन कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी
Chaka, शहीद स्मारक का उद्घाटन—जो शहीदों के बलिदान का प्रतीक है—महज़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके बलिदान को श्रद्धांजलि देने का एक सम्मानजनक कार्य है। आज JAK LI युद्ध स्मारक पर, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (JAK LI) के सैनिक "राष्ट्र का गौरव" हैं और उन्होंने उनके बलिदान के अद्वितीय इतिहास की सराहना की। उन्होंने इस बात को दोहराया कि यह रेजिमेंट जम्मू और कश्मीर की एकता का प्रतिनिधित्व करती है, जो सभी पृष्ठभूमियों के सैनिकों को एक झंडे के नीचे सेवा करने के लिए एकजुट करती है। श्रीनगर के रंगरेथ में स्थित जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (JAK LI) रेजिमेंटल सेंटर में मौजूद JAK LI युद्ध स्मारक, एक पवित्र स्थल है जो रेजिमेंट के उन सैनिकों की याद दिलाता है जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। यह शहीदों, विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर के शहीदों को सम्मानित करने का एक मुख्य केंद्र है। उमर अब्दुल्ला तीसरी पीढ़ी के ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने आज JKLI (जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री) बल के नवीनीकृत युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया। इस रेजिमेंट का गठन 'मलेशिया फोर्स' के रूप में तब किया गया था जब 1948 में जम्मू और कश्मीर के युवाओं ने पाकिस्तान के कबायली घुसपैठियों के खिलाफ लड़ने के लिये स्वेच्छा से आगे कदम बढ़ाया था; यह 1972 तक जम्मू और कश्मीर की एक समर्पित सेना के रूप में बनी रही, जिसके बाद इसे भारतीय सेना का हिस्सा बना दिया गया। 1953 में, उमर के दादा शेख मोहम्मद अब्दुल्ला—जो उस समय जम्मू और कश्मीर के प्रधानमंत्री थे—ने हफ्ता चिनार में JKLI युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया था; बाद में इस बल ने JKLI के रूप में अपना मुख्यालय रंगरेथ स्थानांतरित कर लिया, जहाँ 1998 में उमर के पिता डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने युद्ध स्मारक की एक प्रतिकृति (replica) का उद्घाटन किया था, और आज उमर ने अंतिम युद्ध स्मारक स्तंभ का उद्घाटन किया। बाइट (बयान) मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, "आज़ादी के बाद हमारे देश का इतिहास JKLI के बिना अधूरा है, जो 1973 तक 'मलेशिया' के नाम से जानी जाती थी। जम्मू-कश्मीर और JKLI ने एक साथ प्रगति की है; यह रेजिमेंट हमारी अपनी है, हमारी धरती से जुड़ी हुई है, और इसने राष्ट्र के लिए अपना रक्त बहाया है—उसी रक्त को सलाम करने के लिए यह स्मारक बनाया गया है।" यह स्मारक श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित JAKLI रेजिमेंटल सेंटर, रंगरेथ में स्थित है। यह JAK LI रेजिमेंट का स्मारक है।0
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राजस्थान में ग्राम-शहरी वार्ड के मास्टर प्लान हेतु जनता की भागीदारी बढ़ेगी
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में गांवों और शहरी वार्डों के विकास को लेकर सरकार ने बड़ी प्लानिंग शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के तहत अब हर पंचायत और वार्ड का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। मुख्य सचिव ने साफ निर्देश दिए हैं कि 15 मई तक ये प्लान हर हाल में तैयार होकर पोर्टल पर अपलोड हो जाएं। खास बात ये है कि इस पूरी प्रक्रिया में अब आम जनता की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी QR कोड फीडबैक और GIS मैपिंग के जरिए लोगों की राय सीधे प्लानिंग में शामिल होगी। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की प्रगति की मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अभियान में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम और GIS मैपिंग का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने कलेक्टर्स को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से भाग लेने और जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने टाइमलाइन तय करते हुए कहा कि 20 अप्रैल तक फोकस ग्रुप डिस्कशन, 25 अप्रैल तक ड्राफ्ट मास्टर प्लान और 15 मई तक फाइनल प्लान तैयार कर अपलोड किया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही, आईटी विभाग को QR फीडबैक सिस्टम जल्द विकसित करने और नवगठित ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवकों की आईडी मैपिंग पूरी करने के निर्देश दिए। प्रमुख शासन सचिव आयोजना भवानी सिंह देथा ने बताया कि अभियान के लिए जिला स्तर पर संयुक्त टीमें और हेल्पडेस्क बनाए गए हैं। पोर्टल के जरिए डेटा एंट्री, GIS मैपिंग और मास्टर प्लान अपलोड किया जा रहा है, जबकि मोबाइल ऐप से जियो-टैग्ड फोटो अपलोड की सुविधा भी दी गई है। अब तक करीब 90% इकाइयों की SSO आईडी मैपिंग पूरी हो चुकी है। अभियान के तहत ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड के लिए 11 सेक्शन में डिजिटल बेसलाइन तैयार की जा रही है। इसमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, जल प्रबंधन, पर्यटन और सुशासन जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसी आधार पर 2030, 2035 और 2047 तक का विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। 19 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान 15 मई तक चलेगा। इसके तहत राज्य के 766 स्थानीय निकायों के 24,648 ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों को शामिल किया गया है, जहां डेटा एंट्री और प्लानिंग का काम तेजी से चल रहा है। बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन, पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी जिला कलेक्टर्स और नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।0
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उत्तर-पश्चिम रेलवे पर कवच से ट्रेनों में हादसों की रोकथाम शुरू
Jaipur, Rajasthan:ट्रेनों का सुरक्षा 'कवच'! - उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच प्रणाली और ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य हुआ तेज - 5561 किमी रेलमार्ग पर लगेगी कवच प्रणाली, ट्रेनों में हादसों पर लग सकेगी रोक जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे पर अगले साल से ट्रेनों का सुरक्षा कवच तैयार हो जाएगा। ट्रेन एक्सीडेंट रोकने की दिशा में रेलवे प्रशासन कवच तकनीक को शुरू कर रहा है। वहीं ऑटोमैटिक सिग्नलिंग, रेल लाइन दोहरीकरण और नई रेल लाइनों के कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। दरअसल रेलवे सुरक्षा और आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे अब अत्याधुनिक ‘कवच’ प्रणाली और ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का तेजी से विस्तार कर रहा है। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के समयबद्ध संचालन के रूप में सामने आएगा। अब तक उत्तर-पश्चिम रेलवे में 313 किलोमीटर रेल लाइनों पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू की जा चुकी है। जिसमें से 139 किलोमीटर का काम वर्ष 2024–25 के दौरान पूरा हुआ। यह दर्शाता है कि रेलवे में डिजिटल और सुरक्षित संचालन की दिशा में तेज प्रगति से कार्य किया जा रहा है। वहीं रेल हादसों को रोकने की दिशा में कवच प्रणाली को लेकर तेजी से कार्य किया जा रहा है। रेल हादसों को रोकने और ट्रेनों के बीच टक्कर की आशंका खत्म करने के लिए कवच प्रणाली लगाई जा रही है। उत्तर-पश्चिम रेलवे में 5561 किलोमीटर रेल नेटवर्क पर कवच प्रणाली लगाई जा रही है। उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच की प्रोग्रेस - 2600 करोड़ रुपए की लागत से कवच प्रणाली लगाई जा रही - उत्तर-पश्चिम रेलवे में 5561 किमी रेल रूट पर लगेगी प्रणाली - 280 किमी नई रेल लाइन परियोजना में भी इस तकनीक को शामिल किया - 1586 रूट किमी पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का टेंडर जारी - इस रूट पर ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने का 72 प्रतिशत कार्य पूरा - 250 टावर लगाने की योजना, इनमें से 227 टॉवरों का कार्य प्रगति पर - अगले वर्ष 250 किमी रेलमार्ग पर कवच प्रणाली शुरू करने का लक्ष्य तारंगा हिल-आबू रोड परियोजना को लेकर कार्य शुरू वहीं उत्तर-पश्चिम रेलवे में 19 हजार करोड़ की रेलवे की परियोजनाएं निर्माणाधीन स्थिति में हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि 1546 किलोमीटर लंबाई की नई रेल लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन की परियोजनाएं प्रक्रियाधीन हैं। इन प्रोजेक्ट्स की लागत करीब 19 हजार करोड़ रुपए है। इनमें तारंगा हिल–आबू रोड (अंबाजी मार्ग) परियोजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसके सर्वेक्षण के बाद मौके पर कार्य शुरू हो चुका है। इसके अलावा 1340 किलोमीटर की परियोजनाएं स्वीकृति के चरण में हैं, जिनकी अनुमानित लागत 19,500 करोड़ रुपए है। रेलवे का लक्ष्य अगले दो वर्षों में हर साल 300–400 किमी रेल प्रोजेक्ट्स के कार्य को पूरा करना है। वहीं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे के स्टेशनों का बड़े पैमाने पर पुनर्विकास किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर कवच प्रणाली और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से उत्तर पश्चिम रेलवे सुरक्षित, तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क की ओर तेजी से बढ़ रहा है।0
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जौनपुर के सेहरा में युवक ने नीम के पेड़ पर फांसी लगाकर की आत्महत्या
Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर रामपुर थाना क्षेत्र के सेहरा गांव में एक युवक ने नीम के पेड़ फांसी लगाकर जान दे दी0
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सुल्तानपुर में 15 कुंतल से अधिक गांजे के साथ दो गिरफ्तार
Sultanpur, Uttar Pradesh:सुल्तानपुर की पुलिस अधीक्षक चारू निगम के नेतृत्व में कुड़वार थाने की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 15 कुंतल से अधिक मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया गया है। क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सावंत ने बताया कि कुड़वार थाने की पुलिस और एसओजी टीम ने रावनिया पूरब गांव के पास सुल्तानपुर लखनऊ जाने वाले हाईवे से नासिर पुत्र स्वर्गीय अली हसन जो की मुजफ्फरनगर जिले के सिकरेड़ा गांव का है और उसके साथी वर्ष आर्य पुत्र जय नारायण जो लखनऊ जिले के थाना पारा का रहने वाला है, इनके पास से 15 कुंतल से अधिक गांजा जो की 50 बोरी में पैक किया गया था और एक ट्रक से लखनऊ ले जाया जा रहा था उसे भी उनके पास से बरामद कर लिया गया है। सीओ सिटी में बताया कि यह खेप उड़ीसा से लखनऊ ले जाई जा रही थी तभी पुलिस ने इन दोनों गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से दो मोबाइल और लगभग चार हजार रुपए नगद भी बरामद किए हैं।0
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उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच प्रणाली से ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ेगी
Jaipur, Rajasthan:काशीराम चौधरी लोकेश- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - ट्रेनों का सुरक्षा 'कवच'! - उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच प्रणाली - ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य हुआ तेज - 5561 किमी रेलमार्ग पर लगेगी कवच प्रणाली - ट्रेनों के हादसों पर लग सकेगी रोक - 1546 किमी रेल लाइनों के कार्य भी जारी एंकर उत्तर पश्चिम रेलवे पर अगले साल से ट्रेनों का सुरक्षा कवच तैयार हो जाएगा। ट्रेन एक्सीडेंट रोकने की दिशा में रेलवे प्रशासन कवच तकनीक को शुरू कर रहा है। वहीं ऑटोमैटिक सिग्नलिंग, रेल लाइन दोहरीकरण और नई रेल लाइनों के कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 रेलवे सुरक्षा और आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे अब अत्याधुनिक ‘कवच’ प्रणाली और ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का तेजी से विस्तार कर रहा है। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के समयबद्ध संचालन के रूप में सामने आएगा। अब तक उत्तर-पश्चिम रेलवे में 313 किलोमीटर रेल लाइनों पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू की जा चुकी है। जिसमें से 139 किलोमीटर का काम वर्ष 2024–25 के दौरान पूरा हुआ। यह दर्शाता है कि रेलवे में डिजिटल और सुरक्षित संचालन की दिशा में तेज प्रगति से कार्य किया जा रहा है। वहीं रेल हादसों को रोकने की दिशा में कवच प्रणाली को लेकर तेजी से कार्य किया जा रहा है। रेल हादसों को रोकने और ट्रेनों के बीच टक्कर की आशंका खत्म करने के लिए कवच प्रणाली लगाई जा रही है। उत्तर-पश्चिम रेलवे में 5561 किलोमीटर रेल नेटवर्क पर कवच प्रणाली लगाई जा रही है। Gfx In उत्तर-पश्चिम रेलवे में कवच की प्रोग्रेस - 2600 करोड़ रुपए की लागत से कवच प्रणाली लगाई जा रही - उत्तर-पश्चिम रेलवे में 5561 किमी रेल रूट पर लगेगी प्रणाली - 280 किमी नई रेल लाइन परियोजना में भी इस तकनीक को शामिल किया - 1586 रूट किमी पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का टेंडर जारी - इस रूट पर ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने का 72 प्रतिशत कार्य पूरा - 250 टावर लगाने की योजना, इनमें से 227 टॉवरों का कार्य प्रगति पर - अगले वर्ष 250 किमी रेलमार्ग पर कवच प्रणाली शुरू करने का लक्ष्य Gfx Out वाइट- अमित सुदर्शन, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-पश्चिम रेलवे वीओ- 2 वहीं उत्तर-पश्चिम रेलवे में 19 हजार करोड़ की रेलवे की परियोजनाएं निर्माणाधीन स्थिति में हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे में 1546 किलोमीटर लंबाई की नई रेल लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन की परियोजनाएं प्रक्रियाधीन हैं। इन प्रोजेक्ट्स की लागत करीब 19 हजार करोड़ रुपए है। इनमें तारंगा हिल–आबू रोड (अंबाजी मार्ग) परियोजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसके अलावा 1340 किलोमीटर की परियोजनाएं स्वीकृति के चरण में हैं, जिनकी अनुमानित लागत 19,500 करोड़ रुपए है। रेलवे का लक्ष्य अगले दो वर्षों में हर साल 300–400 किमी रेल प्रोजेक्ट्स के कार्य को पूरा करना है। वहीं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे के स्टेशनों का बड़े पैमाने पर पुनर्विकास किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर कवच प्रणाली और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से उत्तर पश्चिम रेलवे सुरक्षित, तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क की ओर तेजी से बढ़ रहा है。0
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राजस्थान में ग्राम-शहरी वार्ड मास्टर प्लान 15 मई तक पोर्टल पर अपलोड
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में गांवों और शहरी वार्डों के विकास को लेकर सरकार ने बड़ी प्लानिंग शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के तहत अब हर पंचायत और वार्ड का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। मुख्य सचिव ने साफ निर्देश दिए हैं कि 15 मई तक ये प्लान हर हाल में तैयार होकर पोर्टल पर अपलोड हो जाएं। खास बात ये है कि इस पूरी प्रक्रिया में अब आम जनता की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी QR कोड फीडबैक और GIS मैपिंग के जरिए लोगों की राय सीधे प्लानिंग में शामिल होगी। मुख्य सचिव ने की समीक्षा, QR फीडबैक से जुड़ेंगे लोग मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की प्रगति की मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों और जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के लिए डायनामिक मास्टर प्लान तैयार कर 15 मई तक पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अभियान में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम और GIS मैपिंग का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने कलेक्टर्स को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से भाग लेने और जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने टाइमलाइन तय करते हुए कहा कि 20 अप्रैल तक फोकस ग्रुप डिस्कशन, 25 अप्रैल तक ड्राफ्ट मास्टर प्लान और 15 मई तक फाइनल प्लान तैयार कर अपलोड किया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही, आईटी विभाग को QR फीडबैक सिस्टम जल्द विकसित करने और नवगठित ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवकों की आईडी मैपिंग पूरी करने के निर्देश दिए। 90% से ज्यादा आईडि मैपिंग पूरी प्रमुख शासन सचिव आयोजना भवानी सिंह देथा ने बताया कि अभियान के लिए जिला स्तर पर संयुक्त टीमें और हेल्पडेस्क बनाए गए हैं। पोर्टल के जरिए डेटा एंट्री, GIS मैपिंग और मास्टर प्लान अपलोड किया जा रहा है, जबकि मोबाइल ऐप से जियो-टैग्ड फोटो अपलोड की सुविधा भी दी गई है। अब तक करीब 90% इकाइयों की SSO आईडी मैपिंग पूरी हो चुकी है। 2030 से 2047 तक का विकास रोडमैप अभियान के तहत ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड के लिए 11 सेक्शन में डिजिटल बेसलाइन तैयार की जा रही है। इसमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, जल प्रबंधन, पर्यटन और सुशासन जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसी आधार पर 2030, 2035 और 2047 तक का विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। 766 निकाय, 24,648 इकाइयां शामिल 19 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान 15 मई तक चलेगा। इसके तहत राज्य के 766 स्थानीय निकायों के 24,648 ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों को शामिल किया गया है, जहां डेटा एंट्री और प्लानिंग का काम तेजी से चल रहा है। बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन, पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी जिला कलेक्टर्स और नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।0
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