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जौनपुर में अपहरण व हत्याकांड पर ग्रामीणों का विरोध, SP ने दी प्रतिक्रिया
Varanasi, Uttar Pradesh:जौनपुर के थाना बरसठी क्षेत्र में अपहृत विवेक यादव के हत्याकांड के विरोध में ग्रामवासियों ने निगोह बाजार में जाम लगाया और उपद्रव किया। इस घटना पर पुलिस अधीक्षक जौनपुर, डॉ. अजय पाल शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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आगरा में 3 बाल अपचारियों के साथ मोबाइल छिनैती करने वाला शातिर गिरफ्तार
Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग मोबाईल छीनेती की घटना का पुलिस ने किया खुलासा एक शातिर लुटेरे को किया गिरफ्तार 3 बाल अपचारियों के साथ मिलकर छिनैती की घटना को देता था अंजाम कब्जे से 16 मोबाइल फोन बरामद बरामद मोबाईल फोनों की कीमत लगभग 3.50 लाख रुपए थाना शाहगंज पुलिस ने की कार्रवाई0
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मोदी के नेतृत्व में भारत विश्वगुरु बनने की राह पर, मंत्री का बड़ा दावा
Bageshwar, Uttarakhand:बागेश्वर दौरे पर पहुंचे उत्तराखण्ड सरकार के प्रभारी मंत्री राम सिंह कैड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। प्रेस वार्ता के दौरान कैड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे भगवान की तरह हैं, जिनके नेतृत्व में भारत तेजी से विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी देश के सबसे लोकप्रिय और सबसे अधिक बार निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में शामिल हैं तथा उनकी नीतियों का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है。 इस दौरान कैड़ा ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में विकास योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थीं और एक रुपया भेजने पर लाभार्थी तक महज 25 पैसा पहुंचता था। जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक के माध्यम से योजनाओं का पूरा लाभ जनता तक पहुंचा रही है। मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।0
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तेजस्वी यादव ने NDA की दिवалिया वित्तीय नीतियों से बिहार को कंगाल बताया
Patna, Bihar:नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर NDA और बिहार के मुख्यमंत्री पर साधा निशाना एनडीए की दिवालिया राजनीति और नौसिखिए नेतृत्व के कारण बिहार कंगाल होने के कगार पर! जनता के सवालों का जवाब दो! तेजस्वी यादव ने लिखा की हम सभी में लिए अत्यंत चिंता का विषय है कि एनडीए की दिवालिया राजनीति और दिवालिए नेतृत्व के कारण प्रदेश की बिगड़ चुकी वित्तीय स्थिति, घटता राजस्व, बढ़ता राजकोषीय घाटा, अत्यधिक कर्ज, भारी ब्याज अदायगी तथा खोखली व अदूरदर्शी नीतियों के कारण हमारा बिहार कंगाल होने के कगार पर है। खज़ाना खाली होने के कारण प्रदेश में अराजकत वित्तीय हालात है। नौसिखिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार का बजटीय प्रबंधन इतना बुरा, वित्तीय स्थिति इतनी बदतर और परिस्थितियां इतनी भयावह है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के मात्र तीन महीने ही बीते है और सामान्य मासिक पेंशन दिए जाने वाले जैसे रूटीन भुगतान और कार्यों के लिए भी आकस्मिक निधि से 3662 करोड़ रुपए की निकासी करनी पड़ रही है। सरकार को वित्तीय संकट की सच्चाई स्वीकार कर, आम जनता को गुमराह करने के बदले राज्यवासियों को स्पष्टता से बताना चाहिए कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आई कि रूटीन भुगतान के लिए नियमित बजटीय व्यवस्था की बजाय आकस्मिकता निधि का सहारा लेना पड़ रहा है ? मेरे तथ्यात्मक, वास्तविक, तर्कपूर्ण सवालों का जवाब देने की बजाय एनडीए सरकार भ्रामक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बचकाने कार्य कर रही है। सरकार में बैठे लोगों को आकस्मिकता निधि के संबंध में सर्वप्रथम संविधान के अनुच्छेद 267(1) एवं (2) में अंकित प्रावधानों का अवलोकन करना उचित होगा। संविधान के अनुसार, “According to article 267(1) Parliament may by law establish a contingency fund, which shall be placed at the disposal of the President, for the purposes of meeting unforeseen expenditure. Similarly, in article 267(2) it is provisioned that the legislature of a state may by law established a contingency fund which shall be placed at the disposal of the governor to enable advances for the purpose of meeting unforeseen expenditure. संवैधानिक प्रावधानों के अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि नार्मल और रूटीन मामलों में इस फंड का इस्तेमाल नहीं किया जाना है। राज्य में अचानक आए किसी संकट से निपटने के लिए राज्यपाल इस निधि से अग्रिम राशि की मंजूरी दे सकते हैं ऐसी स्थिति में सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन जो दशकों से नियमित तरीके से हर महीने लाभुक के खाते में जाती रही है, अब बिना व्यवस्था परिवर्तन ऐसी क्या विचित्र वित्तीय परिस्थिति उत्पन्न हो गई कि सामान्य मासिक पेंशन दिए जाने के लिए भी आकस्मिक निधि का इस्तेमाल किया गया। अगर सरकार को सामान्य और नियमित खर्च के लिए भी आकस्मिक निधि का उपयोग करना पड़ रहा है तो फिर विकास कार्यों और अन्य परियोजनाओं के लिए धनराशि कहाँ से आएगी? क्या पेंशन कोई आकस्मिक खर्च है? पेंशनधारक और हमारे सम्मानित बुजुर्ग और माता-बहने आपदा नहीं हो सकते जिनके लिए आपको आपदा राशि से भुगतान करना पड़े? सरकार इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की जगह मामले को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। बिहार सरकार द्वारा इसे बजटीय प्रबंधन मात्र बताकर इसके सैद्धांतिक पक्ष और मूल कारण बताने से बचने का प्रयास किया गया है। सरकार की आर्थिक स्थिति दयनीय है इसलिए पब्लिक डोमेन में सरकार इसे स्वीकार करने से डर रही है। बिहार के वित्तीय हालात को लेकर जो संकेत मिल रहे हैं वो चिंताजनक है। वित्तीय वर्ष 27-27 बजट में बताया गया है कि वर्ष 25-26 में बिहार का राजकोषीय घाटा 11.8% के चिंताजनक स्तर पर पहुँच चुका है। इस संबंध में यह स्पष्ट करना जरूरी है की राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम के तहत राजकोषीय घाटा 3% से अधिक नहीं होना चाहिए परंतु बिहार सरकार का राजकोषीय घाटा लक्ष्य के तीन से पाँच गुना तक अधिक हो रहा है। बिहार में वित्तीय प्रबंधन को लेकर सवाल पहले से ही उठ रहे हैं, लेकिन अब एक ऐसा प्रावधान सामने आया है जो केवल वित्तीय अनुशासन ही नहीं बल्कि प्रशासनिक विवेक पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। कुछ माह पूर्व NDA सरकार एक संशोधन लेकर आयी है , जिससे प्रावधान किया गया कि बिहार आकस्मिकता निधि का आकार किसी भी वित्त वर्ष में उस वर्ष के बजटीय व्यय के 10% तक बढ़ाया जा सकता है। पहले बिहार आकस्मिकता निधि का आकार 350 करोड़ रुपये था। सामान्य समझ यही कहती है कि आकस्मिकता निधि का उद्देश्य सीमित होना चाहिए क्योंकि इसका इस्तेमाल केवल अप्रत्याशित और आपात परिस्थितियों में किया जाना है लेकिन बिहार सरकार ने ऐसा प्रावधान कर दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर इस निधि को हजारों करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है और सदन को अंधेरे में रखकर मनमाने तरीके से खर्च किया जा सकता है। इसे ऐसे समझिए कि वित्त वर्ष 2026-27 के कुल अनुमानित बजटीय व्यय 3,24,925 करोड़ रुपये का 10% अर्थात् 32,492 करोड़ रुपये आकस्मिकता निधि के रूप में उपलब्ध कराया जा सकता है जबकि इस समय भारत की राष्ट्रीय आकस्मिकता निधि का आकार 30,000 करोड़ रुपए है। दूसरे शब्दों में कहें, तो बिहार सरकार ने ऐसा प्रावधान बना लिया है, जिसके तहत बिहार की आकस्मिकता निधि का आकार पूरे देश की आकस्मिकता निधि से भी बड़ा हो सकता है। यहाँ सवाल केवल आँकड़ों का नहीं है। सवाल उस सोच का है, जो इस तरह के प्रावधान के पीछे काम कर रही है। आकस्मिकता निधि का मूल उद्देश्य क्या है? संविधान में इसका विचार इसलिए रखा गया था ताकि अचानक उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों में सरकार तत्काल खर्च कर सके। यह कोई समानांतर बजट नहीं है। यह कोई दूसरा खजाना नहीं है। यह कोई ऐसा साधन नहीं है, जिसके जरिए सामान्य वित्तीय प्रबंधन की खामियों और असफल नीतियों को ढका जा सके? सोचिए, जिस राज्य का राजकोषीय घाटा लगातार लक्ष्य से कई गुना ऊपर जा रहा हो, जिस राज्य को पेंशन जैसे नियमित भुगतान के लिए भी आकस्मिकता निधि का सहारा लेना पड़ रहा हो, उसी राज्य की सरकार अपने हाथ में 32 हजार करोड़ रुपए से अधिक की आकस्मिक निधि रखने की शक्ति हासिल कर लेती है। सरकार कह सकती है कि यह केवल एक सक्षमकारी प्रावधान है और इसका मतलब यह नहीं कि पूरी राशि का उपयोग किया जाएगा लेकिन फिर सवाल यह है कि ऐसी व्यवस्था की जरूरत ही क्यों पड़ी? और सबसे दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रीय आकस्मिकता निधि राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में आती है, जबकि राज्य की आकस्मिकता निधि राज्यपाल के माध्यम से संचालित होती है। परिणाम यह है कि बिहार सरकार ने ऐसा कानूनी ढाँचा तैयार कर लिया है, जिसमें एक राज्यपाल के नियंत्रण वाली आकस्मिकता निधि का आकार राष्ट्रपति के नियंत्रण वाली राष्ट्रीय आकस्मिकता निधि से भी ज़्यादा हो सकता है यह बताता है कि बिहार में आकस्मिकता निधि की अवधारणा कितनी असामान्य दिशा में ले जाई गयी है। वास्तव में किसी भी लोकतांत्रिक वित्तीय व्यवस्था का आधार पारदर्शिता और विधायिका की निगरानी होता है। बजट इसलिए बनाया जाता है, ताकि जनता और विधानसभा को पता रहे कि पैसा कहाँ से आयेगा और कहाँ खर्च होगा? बिहार सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर ऐसी कौन सी संभावित परिस्थितियाँ हैं जिनके लिए 350 करोड़ रुपये की निधि को बढ़ाकर 32,842 करोड़ रुपये तक ले जाने की शक्ति अपने पास रखी गयी है? क्या डबल इंजन सरकार में बिहार ऐसी आपदा का सामना कर रहा है? जिसके लिए राष्ट्रीय आकस्मिकता निधि से भी बड़ी व्यवस्था की जरूरत पड़े? यदि नहीं, तो फिर इस प्रावधान का औचित्य क्या है। वित्तीय प्रबंधन में एक सिद्धांत होता है कि असाधारण शक्तियाँ केवल असाधारण परिस्थितियों के लिए होनी चाहिए लेकिन बिहार में ऐसा लगता है कि पहले शक्ति हासिल कर ली गयी है और बाद में उसके औचित्य की तलाश की जा रही है। आशा है एनडीए का नौसिखिया और अनाड़ी नेतृत्व मेरे सवालों का जवाब देगा。0
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मधेपुरा में तीन थानाध्यक्षों को शौर्यपूर्वक श्रद्धांजलि, गार्ड ऑफ ऑनर
Madanpur, Bihar:सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मधेपुरा जिले के तीन थानाध्यक्षों को शुक्रवार को पुलिस लाइन में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। जैसे ही तीनों पुलिस अधिकारियों के पार्थिव शरीर पुलिस लाइन पहुंचे, पूरा माहौल गमगीन हो उठा। पुलिस पदाधिकारी, जवान, प्रशासनिक अधिकारी और परिजन अपने आंसू नहीं रोक सके। बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में रतवारा थानाध्यक्ष सजन कुमार, अरार थानाध्यक्ष अमरेंद्र ज्ञानेंद्र तथा बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार की मौत हो गई थी। हादसे में वाहन चालक की भी जान चली गई थी। सभी पुलिस पदाधिकारी पटना से प्रशिक्षण प्राप्त कर मधेपुरा लौट रहे थे, तभी यह दर्दनाक दुर्घटना हुई। पोस्टमार्टम के बाद तीनों अधिकारियों के पार्थिव शरीर को मधेपुरा पुलिस लाइन लाया गया, जहां कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष, जिलाधिकारी अभिषेक रंजन, पुलिस अधीक्षक डॉ. संदीप सिंह, डीएसपी प्रविंदर भारती, उदाकिशुनगंज एसडीपीओ अविनाश कुमार, ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा, प्रशिक्षु डीएसपी नुरुल हक, डीएसपी मुख्यालय सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिस कांस्टेबलों ने भी अपने दिवंगत अधिकारियों को नम आंखों से श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस दौरान पूरे परिसर में शोक और संवेदना का माहौल व्याप्त रहा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद तीनों दिवंगत पुलिस अधिकारियों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके उपरांत उनके पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक आवास के लिए रवाना किया गया। इस दौरान मौजूद परिजनों की आंखें नम थीं। माता-पिता, भाई और अन्य स्वजन बार-बार भावुक होकर बदहवास हो जा रहे थे। अधिकारियों ने उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। इस अवसर पर डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने कहा कि यह केवल तीन पुलिस अधिकारियों का नहीं, बल्कि पूरे पुलिस परिवार का अपूरणीय नुकसान है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पुलिस महकमा दिवंगत अधिकारियों के परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। हादसे में जान गंवाने वाले रतवारा थानाध्यक्ष सजन कुमार रोहतास जिले के डेहरी-ऑन-सोन के निवासी तथा वर्ष 2018 बैच के अधिकारी थे। अरार थानाध्यक्ष अमरेंद्रKnowledgeदमKnowledgeेंद्र कटिहार जिले के मनिहारी प्रखंड अंतर्गत आजमपुर गोला के निवासी एवं वर्ष 2009 बैच के अधिकारी थे। बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार कैमूर जिले के निवासी एवं वर्ष 2018 बैच के पुलिस पदाधिकारी थे। वही चालक उदाकिशुनगंज के रहने वाले थे। तीनों अधिकारियों के असामयिक निधन से मधेपुरा जिला पुलिस बल में शोक की लहर है। पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने अपने साथियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित व्यक्तित्व को याद किया। बाइट : डॉ. कुमार आशीष,डीआईजी सहरसा0
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पहाड़गंज के 15 होटल बंद, प्रशासन ने चेकिंग के बाद एक्शन शुरू किया
Delhi, Delhi:ज़ी मीडिया की खबर का बड़ा असर पहाड़ गंज में अभी तक 15 होटल बंद दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुई होटल के अंदर अग्निकांड के बाद लगातार जी मीडिया रियलिटी चेक कर रहा है ऐसे में हमने पहाड़गंज में कई होटलों में रियलिटी चेक किया इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और जिन होटलों के अंदर अनियमितता पाए कहीं उनको नोटिस दिया गया है जिसमें करीब 15 होटल अभी तक बंद किए गए है पहाड़गंज से निगम पार्षद मनीष चड्ढा के मुताबिक लगातार ऐसे होटल की चेकिंग की जा रही है अगर उनमें कोई अनियमित पाई जाती है तो उनको नोटिस दिया जा रहा है0
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हंगामे के बीच Environment Minister Rav Narvir की परिवेदना समिति बैठक; मीडिया के प्रवेश पर रोक
Jhajjar, Haryana:पर्यावरण मंत्री अंदर लेते रहे बैठक,बाहर लोग करते रहे हंगामा :बैठक में परिवाद न रखने से नाराज दिखाई दिए लोग :अंदर जाने के लिए पुलिस कर्मियों से भी लोग उलझे :नीचे सुलझाने वाले विवाद को परिवेदना समिति की बैठक में रखे से नाराज दिखे मंत्री राव नरवीर कहा: प्रशासन को दिए है आदेश,परिवेदना समिति की बैठक में रखे जाए केवल बड़े मामले :मीडिया को बैठक में न आने के सवाल का मंत्री महादेय ने दिया जवाब :मंत्री बोले,कुछ मामले ऐसे जिनकी गोपनियता जरूरी,मीडिया करेगी सवाल तो वह खुद देंगे जवाब : प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवव्था को लेकर दिया जवाब,कहा:समय रहते कानून कर रहा है अपना काम :भाजपा की प्रदेश व केन्द्र की कार्यशैली को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवाल पर भी बोले मंत्री कहा: विपक्ष का काम केवल आलोचना करना,सरकार कर रही है अपने ढंग से लोगों के काम :कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल व कुलदीप वत्स ने भी लिया परिवेदना समिती की बैठक में भाग :भुक्कल बोली,बैठक में रखने वाले मामलों का समय रहते हो निदान एंकर रीड़ झज्जर,हरियाणा ------------------------------ जिला परिवेदना समिति की बैठक के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे कई लोग बैठक में परिवाद नहीं रखे जाने से नाराज हो गए। एक ओर जहां प्रदेश के पर्यावरण मंत्री राव नरवीर सिंह बैठक की अध्यक्षता कर अधिकारियों के साथ मामलों की समीक्षा कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर बैठक स्थल के बाहर लोग अपनी शिकायतों को लेकर हंगामा करते हुए दिखाई दिए। इस दौरान हंगामा करने वाले नाराज लोगों की पुलिस के कर्मचारियों और अधिकारियों से नोंक-झोंक भी हुई। बैठक में अपनी बात न रखे जाने से नाराज कुछ लोगों की पुलिस कर्मियों के साथ भी तीखी बहस हो गई। कई लोग बैठक कक्ष के अंदर जाने की कोशिश करते नजर आए, जिन्हें पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस ने मीडिया कर्मियों को भी बैठक में न जाने से रोका। बाद में बैठक से बाहर आने के बाद मंत्री राव नरवीर स्वयं इस मामले में सफाई देते हुए दिखाई दिए।मीडिया को बैठक में प्रवेश नहीं दिए जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि कुछ मामलों की प्रकृति ऐसी होती है जिनमें गोपनीयता बनाए रखना आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि यदि मीडिया को किसी विषय पर जानकारी चाहिए तो वह स्वयं बैठक के बाद जवाब देने के लिए उपलब्ध हैं। मीडिया से बातचीत किए जाने के दौरान मंत्री राव नरवीर सिंह ने उन मामलों पर भी नाराजगी जताई जिन्हें स्थानीय स्तर पर सुलझाया जा सकता था, लेकिन उन्हें जिला परिवेदना समिति की बैठक तक पहुंचा दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समिति की बैठकों में केवल बड़े और गंभीर मामलों को ही रखा जाए, जबकि छोटे विवादों का समाधान संबंधित विभाग और प्रशासनिक स्तर पर समय रहते किया जाए। इस दौरान विशेष बात यह देखने को मिली की मीडिया कर्मियों के हर सवाल का जवाब मंत्री महोदय गोलमोल तरीके से देते हुए दिखाई दिए। प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है और कानून समय रहते अपना कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि अपराध के मामलों में कार्रवाई लगातार जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।एसआईआर को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि हर विस क्षेत्र में काफी बोगस वोट बनी हुई है। उनके ही विस क्षेत्र बादशाहपुर हलके में भी काफी वोट गलत व दो-दो बनी हुई है। लेकिन एसआईआर के तहत ऐसी वोट को हर हाल मेें काट दिया जाएगा। भाजपा सरकार की कार्यशैली पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि विपक्ष का काम आलोचना करना है, जबकि सरकार अपने तरीके से जनता के हित में कार्य कर रही है और विकास तथा जनसमस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है। बैठक में कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल और कुलदीप वत्स भी मौजूद रहे। गीता भुक्कल ने कहा कि जिला परिवेदना समिति में आने वाले मामलों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान होना चाहिए ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों से जनता की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की भी अपील की。 बाइट: मंत्री राव नरवीर सिंह व कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल。 झज्जर सुमित कुमार0
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नीरज कुमार के दावे पर तेजस्वी का हमला, बिहार में शौचालय खर्च का विवाद
Patna, Bihar:लोकेशन — पटना JDU ऑफिस में MLC नीरज कुमार की प्रेस कॉन्फ्रेंस। कल लालू यादव का जन्मदिन था, हम उनको स्वास्थ रहने की कामना करते है। कल शुभ दिन, था कल भी तेजस्वी यादव असत्य बोलने से बाज नहीं आए। यह ट्विटर बबुआ है। तेजस्वी ने ट्वीट के कहा 4 माह पहले प्रगति यात्रा के कार्यक्रम के दौरान 7 लाख की अलगत से VVIP टॉयलेट का निर्माण कराया गया। आपने कहा 1 बना है, हम कह रहे कि 4 बना था, 4 लाख रुपया खर्च हुआ है। आपको जानकारी का अभाव है, आप बिहार में रहते कहा है। जब आप थे तो समाधान यात्रा हुआ था, एक शौचालय की कीमत 1 लाख 73 हजार खर्च हुआ था। और अभी एक शौचालय पर 1 लाख 56 हजार खर्च हुआ है। तो आपने झूठ क्यों बोला, आप जब सरकार में थे, तो ध्यान कहा था। एकादशी के दिन झूठ बोल दिए। कंगन विवाद पर MLC नीरज कुमार ने कहा। राबड़ी जी वहा हीरा नहीं तो पत्थर दे दिए क्या। अपने छोटू छलिया को ठग लिया क्या। कैसा सिला दिया अपने प्यार का। छोटू छलिया को सामने लाइए, और बताइए कि वो हीरा था कि पत्थर। हम आर्थिक इकाई को पत्र लिखने वाले है। इसको जांच की मांग करेंगे, हमें तो लगता है राबड़ी आवास में कोई खजाना है, वही से उन्होंने यह निकल कर दिया है। राबड़ी देवी की स्थिति अब यह होगयी की उन्होंने हीरा दिया और सुनील सिंह ने उससे पत्थर बता दिया। यह तो राजद के राजमाता का अपमान है। सही कौन, जल्दी बताइए। बाइट — नीरज कुमार, मुख्य प्रवक्ता, जेडीयू0
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यमुनानगर में शैलजा का भाजपा पर निशाना: मतदाता सूची पुनरीक्षण पारदर्शिता जरूरी
Yamuna Nagar, Haryana:एंकर : यमुनानगर पहुंचीं कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद Kumari Selja ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के बहाने विपक्षी दलों के समर्थकों के वोट काटने की कोशिश की जा सकती है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपने मतदाता सूची में नाम की जांच करने और सतर्क रहने की अपील की। वीओ : यमुनानगर में विशेष बातचीत करते हुए कुंवारी शैलजा ने कहा कि भाजपा उन क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास कर सकती है, जहां कांग्रेस का मजबूत जनाधार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का वोट बेहद महत्वपूर्ण होता है और किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं कटना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समय-समय पर मतदाता सूची की जांच करते रहें और यह सुनिश्चित करें कि उनका नाम सूची में दर्ज है। शैलजा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की नागरिकता या पहचान को लेकर संदेह है, तो उसकी जांच करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले पूरी छानबीन और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। कुंवारी शैलजा ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होना चाहिए, ताकि किसी भी योग्य मतदाता के अधिकारों का हनन न हो और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास बना रहे।0
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कुमारी सैलजा ने अटल लाइब्रेरी नामकरण पर सरकार पर तीखा हमला: लोकतंत्र की चिंता
Jhanj Kalan, Haryana:नाम बदलने की राजनीति पर भड़कीं कुमारी सैलजा--- कहाबाबा साहेब के नाम की लाइब्रेरी का नाम बदलना निंदनीय' जींद के अंबेडकर चौक पर रोष प्रदर्शन में हुईं शामिल भाजपा सरकार के 12 साल के जश्न को बताया 'खोखला' देश में लोकतंत्र खतरे में, संस्थाओं की निष्पक्षता खत्म और चुनाव तंत्र पर उठाए गंभीर सवाल भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से संचालित पुस्तकालय (लाइब्रेरी) का नाम बदलकर 'अटल पुस्तकालय' किए जाने के विरोध में आज जींद के ऐतिहासिक रानी तालाब स्थित अंबेडकर चौक पर जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में सिरसा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने विशेष रूप से शिरकत कर अपना पूर्ण समर्थन दिया। इस दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने सरकार की नीतियों, कार्यशैली और देश के मौजूदा हालातों पर कड़ा प्रहार किया। कुमारी सैलजा ने पुस्तकालय का नाम बदलने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह बेहद दुखद है कि भाजपा सरकार केवल नाम बदलकर अपनी पीठ थपथपाने में जुटी है। जो लाइब्रेरी पहले से बनी हुई है, उसकी पुताई करवाकर, नया फ्लेक टांगकर और चार कुर्सियां व किताबें रखकर उसे अटल लाइब्रेरी का नाम दे दिया गया। अगर आपको पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर कुछ करना ही है, तो किसी नए बड़े प्रोजेक्ट की नींव रखिए, नया निर्माण करवाइए।" उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और शहीद भगत सिंह के नाम पर बनी संस्थाओं में हमारे होनार_READ_MORE_books पढ़ रहे हैं। सरकार नया काम करने के बजाय पुरानी योजनाओं और भवनों पर नया नाम लिखकर वाहवाही लूटने का 'फर्जी' प्रयास कर रही है, जिसे जनता अब अच्छी तरह समझ चुकी है। चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए सांसद ने कार्यकर्ताओं और आम जनता को आगाह किया। उन्होंने कहा, "हमें मतदाता सूचियों को लेकर बहुत सतर्क रहना होगा, ताकि किसी भी असली मतदाता का वोट गलत ढंग से न कटे। अगर एक बार किसी का वोट कट गया, तो उसके बाद कोई अपील या दलील काम नहीं आती और लोग फंस जाते हैं। भाजपा के इशारे पर चलने वाले तंत्र ने अपनी निष्पक्षता पूरी तरह खो दी है, इसलिए हमें पहले से ही सजग रहना होगा।" केंद्र व राज्य सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर मनाए जा रहे जश्न को कुमारी सैलजा ने 'खोखला जश्न' करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि विकास धरातल से गायब है, तो जश्न किस बात का? देश में लोकतंत्र का सरेआम हनन हो रहा है और संवैधानिक संस्थाओं पर से आम नागरिक का विश्वास उठ चुका है। हालिया राजनीति ताजा घटनाक्रमों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, "अभी दो दिन पहले मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जिस तरह दुर्भावनापूर्ण तरीके से खारिज किया गया और दूसरी तरफ झारखंड में समय सीमा बीतने व कई त्रुटियां होने के बावजूद एक निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन स्वीकार कर लिया गया, वह साफ दिखाता है कि संस्थाएँ निष्पक्ष नहीं रहीं। हमार_READ_MORE नेहरू जी, बाबा साहेब और देश के संस्थापक पिताओं ने जिस लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी थी, आज वह गंभीर खतरे में है। आम नागरिक असमंजस में है कि वह न्याय के लिए किसके पास जाए। जींद0
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जींद के नागरिक अस्पताल में सीएमओ ड्राइवर 44 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
Jhanj Kalan, Haryana:जींद नागरिक अस्पताल में सीएमओ ड्राइवर जगदीश 44 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार. हैंडीकैप सर्टिफिकेट रिन्यू कराने के नाम पर 44 हजार की रिश्वत ली. सिरसा विजिलेंस के हत्थे चढ़ा जगदीश. हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को जींद के नागरिक अस्पताल में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीएमओ कार्यालय के ड्राइवर को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया. जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर सुरेश कुमार (एसीपी यूनिट सिरसा) के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने नागरिक अस्पताल जींद में छापेमारी की. जगदीश पुत्र हीरा सिंह, निवासी गांव फूलिया खुर्द, जिला जींद, जो सीएमओ कार्यालय में ड्राइवर के पद पर कार्यरत है, को 44 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए काबू किया गया. कहा गया कि आरोपी ने हैंडीकैप प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के बदले रिश्वत की मांग की थी. शिकायतकर्ता सोनू पुत्र सूर्या राम निवासी फूलिया खुर्द ने विजिलेंस को इसकी शिकायत दी. सत्यापन के बाद टीम ने कार्रवाई की और आरोपी को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया. बरामद राशि कब्जे में ली गई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई. आरोपी को पूछताछ के लिए विजिलेंस कार्यालय ले जाया गया है, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कार्रवाई हो रही है. स्वास्थ्य विभाग और नागरिक अस्पताल परिसर में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा. अधिकारी कह रहे हैं कि मामले की गहन जांच जारी है और आगे की कार्रवाई तथ्य के आधार पर होगी.0
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मोदी सरकार के 12 साल: भारत ने विकास के नए आयाम बनाए
Delhi, Delhi:आज का दिन खुशी और सैलिब्रेट करने का दिन है। लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 12 वर्ष पूरे किए। 12 साल विकास किया। अंतिम व्यक्ति तक विकास पंहुचाया, 12 साल प्रधानमंत्री ने 24×7 काम किया। इन 12 वर्षों में भारत ने खेत खलिहान से चंद्रयान तक, गांवों की चौपाल से विश्व पटल तक काम किया। - अर्बन ट्रांसपोर्ट, 2014 तक 248 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क था जोकि अब बढ़कर 1095 किलोमीटर हो गया। - हवाई यात्रा को बढ़ाया 364 एयरपोर्ट चल रहे हैं। - गांवों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा। - आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्यूफैक्चर बन गया। - सेमी कंडक्टर बन रहे हैं। - डिफेंस कोरिडोर बन रहा है। - आज 2 लाख से ज्यादा स्टार्ट अप हैं। यूनिकार्न कंपनियां हैं। - मोदी जी के राज में नोर्थ ईस्ट के राज्यों को मुख्य धारा से जोड़ा गया। - अयोध्या समेत कई स्थलों का रिडेवलपमेंट किया गया। - 25 करोड़ को गरीबी से निकाला। - 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। - आयकर की सीमा बढ़ाकर 12 लाख किया। - 1 करोड़ सोलर रुफ टॉप लगाए गए। - आयुष्मान योजना से लोगों को इलाज़ की चिंता नहीं है। - 74 लाख से ज्यादा रहडी पटरी वालों को ऋण दिया गया। - जनधन खाते खुलवाए गए। - देश में 23 नये AIIMS बनाए गए। - मिशन इंद्रधनुष के तहत साढ़े 5 करोड़ बच्चों का टिकाकरण किया गया। - अमृत 2 के तहत केंद्र सरकार ने यमुना के लिए 3 हजार करोड़ आवंटित किए। पिछली सरकार को दिए थे। लेकिन इस्तेमाल नहीं हुआ। - कूड़े के पहाड़ों की सफाई के लिए 1550 करोड़ दिए। - 821 करोड़ रुपए साशकीय के लिए दिए। - दिल्ली में केंद्र की मदद से 400 किलोमीटर की मेट्रो लाइन हो चुकी है, 180 किलोमीटर पर काम चल रहा है। यह किसी भी अन्य राज्य से दिल्ली में सबसे ज्यादा है। - हमें लगभग 1.20 लाख करोड़ दिल्ली के लिए इन 12 सालों में मिला। - UER 2, मेरठ एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, नमो मेट्रो दिए। एयरपोर्ट को आधुनिक किया। - भारत मंडपम बना, यशोभूमि बना। अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर। - केंद्र सरकार ने दिल्ली को 4500 इलैक्ट्रिक बसें दीं। - दिल्ली में तकरीबन पौने 3 लाख उज्जवला योजना दी। - दिल्ली में स्ट्रीट वेंडर्स को साढ़े 300 करोड़ ऋण दिया। - दिल्ली में आयुष्मान योजना के तहत 43 हजार लोगों का इलाज हो चुका है। पहले लाभ नहीं मिलता था। - 370 आरोग्य मंदिर बना चुके हैं। केंद्र सरकार की मदद से 1100 करोड़ तक लेकर के जाएंगे। - इज ऑफ डूइंग के तहत परेशानियों को कम किया जा रहा है। - छोटे उल्लंघनों पर जेल की जगह जुर्माने का प्रावधान किया। - केंद्र सरकार की मदद से सोलर एनर्जी को बढ़ावा। - 13/14 साल की बच्चियों को HPV टिकाकरण केंद्र सरकार की मदद से किया जा रहा है। - पहले जमीन ना मिलने की वजह से केंद्र विद्यालय नहीं खुलते थे। हम अब खोल रहे हैं। - नमामि गंगे के तहत दिल्ली जल बोर्ड को 1200 करोड़ मिले। - यमुना सफाई के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ कोर्डिनेशन कर काम किया जा रहा है। ऐसी अनेकों योजनाएं हैं। प्रधानमंत्री जी का विकसित भारत का मिशन सभी भारत वासियों का मिशन बन चुका है। 140 करोड़ देश वासियों और 2.5 दिल्ली वासियों की ओर से प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद। हमारे मोदी जी आज लांगेस्ट इलेक्टेड वर्किंग PM बने हैं। उनके अनावृत 24/7 देश के लिए काम करने का जज्बा है।0
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पार्षद गगनदीप चौधरी की संपत्तियों पर प्रशासन का बुलडोजर, उत्तर दिल्ली दहशत
Delhi, Delhi:पार्षद पर चला पीला पंजा。 एंकर उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में आज अब तक की सबसे बड़ी डिमोलिशन कार्रवाई देखने को मिली। हैरानी की बात यह रही कि इस बार कार्रवाई आम लोगों के मकानों पर नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद गगनदीप चौधरी की संपत्तियों पर हुई। सुबह होते ही पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और फिर चला प्रशासन का पीला पंजा। तस्वीरें उत्तरी दिल्ली के मिलन विहार इलाके की हैं, जहां शुक्रवार सुबह दिन निकलते ही भारी पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स और स्थानीय पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। प्रशासन ने सबसे पहले आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद गगनदीप चौधरी को नजरबंद किया और उसके बाद शुरू हुई बड़ी डिमोलिशन कार्रवाई。 कार्रवाई के दौरान पहले पार्षद के परिवार से जुड़ी संपत्तियों को निशाना बनाया गया। इसके बाद पार्षद कार्यालय के ठीक बराबर स्थित मां अंबे मंदिर परिसर पर भी बुलडोजर चलाया गया। देखते ही देखते कई निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में डर और बेचैनी का माहौल पैदा कर दिया है। मिलन विहार, वजीराबाद, संगम विहार और जगतपुर जैसे इलाकों को ओ-जोन घोषित किए जाने के बाद लगातार चल रही कार्रवाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है。 इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया है। कुछ दिनों पहले सांसद मनोज तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गगनदीप चौधरी की संपत्ति को सरकारी जमीन पर बना बताया था और कार्रवाई की बात कही थी। वहीं गगनदीप चौधरी लगातार दस्तावेज दिखाकर जमीन को निजी संपत्ति बताते रहे। अब निगम पार्षद के वकील रामबीर चौहान का दावा है कि जिस संपत्ति पर डिमोलिशन किया गया, उस पर अदालत का स्टे आदेश मौजूद है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई या फिर प्रशासनिक सख्ती की मिसाल है। फिलहाल यह जांच का विषय है。 फिलहाल मिलन विहार में चली इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया कि जब प्रशासन का पीला पंजा चलता है, तो उसके सामने आम आदमी और जनप्रतिनिधि के बीच कोई फर्क दिखाई नहीं देता। रिपोर्ट / नसीम अहमद उत्तरी दिल्ली0
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देवघर बस टर्मिनल के पास युवक की हत्या, पुलिस जांच में जुटी
Deoghar, Jharkhand:देवघर के इंटर स्टेट बस टर्मिनल के समीप आज एक युवक की लाश पुलिस ने बरामद की है पुलिस ने युवक का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भेज दिया है वहीं युवक की पहचान बांका जिला के राजदीप कुमार के रूप में हुई है मृतक के बड़े भाई के अनुसार राजदीप कुमार देवघर में रहकर ड्राइवर का काम करता था और बांका के ही कुछ साथियों के साथ बस टर्मिनल के समीप ही रहता था वही आज बस टर्मिनल के समीप इसकी लाश मिली है और लाश को देखकर यह लगता है कि इसके साथ ही रहने वाले लोगों के द्वारा इसकी हत्या कर दी गई है वही इस मामले को लेकर पुलिस को सूचना दे दी गई है पुलिस पूरे मामले को लेकर छानबीन में जुटी हुई है।0
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हापुड़ में सब्सिडी यूरिया की बड़ी खेप पकड़ी, ग्रामीणों की सूझबूझ से कालाबाजारी उजागर
Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में सब्सिडी वाले यूरिया की एक बड़ी खेप बरामद हुई है. ग्रामीणों की सर्तकता और कृषि विभाग की मुस्तैदी के चलते कालाबाजारी के लिए जा रहे ट्रक में लदे 225 कट्टे यूरिया को बरामद किया गया है. जानकारी के अनुसार मेरठ से एक ट्रक, जिसमें सब्सिडी वाले यूरिया के 225 कट्टे लदे हुए थे, शुक्रवार को हापुड़ के देहात क्षेत्र के असरा मुरादपुर गांव के पास संकरी रास्ता होने के चलते अनियंत्रित होकर पलट गया. इस हादसे के बाद जब गांव के लोग मौके पर पहुंचे, उन्होंने देखा कि ट्रक के अंदर सरकारी सब्सीडी वाला यारा फर्टिलाइजर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का नीम लेपित यूरिया लदा हुआ था. ग्रामीणों को शक तब हुआ जब ट्रक चालक ने आनन-फानन में मालिक को सूचना दी और 15-16 मजदूरों को बुलाकर यूरिया के कट्टों को दूसरे वाहन में शिफ्ट करना शुरू कर दिया. ग्रामीणों ने तुरंत भांप लिया कि यह यूरिया का सही रूट नहीं है और यहां कुछ गड़बड़ है. ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग दी. सूचना मिलते ही कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश आनन-फानन में अपनी टीम सहित मौके पर पहुंच गये. कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों के द्वारा सूचना दी गई कि गांव में एक यूरिया से लदा हुआ ट्रक खेत में पलट गया है. जिसके बाद यूरिया को दूसरे ट्रक में भरा जा रहा है. सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और जब जांच की, तो पता चला कि यह यूरिया मेरठ के किठौर जा रहा था. लेकिन, मौके पर ट्रक ड्राईवर द्वारा जो बिल दिखाया गया वो किसी और कंपनी का था और कल की डेट का था. आज जो यूरिया पाया गया है वो यारा कंपनी का है, जिसका कोई बिल नहीं दिखाया जा सका. कृषि अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों की समझदारी के चलते यह पकड़ा गया है. क्योंकि ग्रामीणों द्वारा पकड़ लिया कि मेरठ से किठौर जाने का यह रूट नहीं बनता है. यहां कालाबाजारी और डायवर्जन की पूरी संभावना थी, जिसे इन लोगों ने रोक कर रखा. कृषि अधिकारी ने बताया कि यूरिया के 225 बैग को मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में थाने में जमा कराकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. मौके पर ड्राइवर और मालिक मौजूद हैं, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. वहीं, इस मामले में ग्रामीणों की जागरूकता ने यह साबित कर दिया है कि अगर जनता सतर्क रहे, तो भ्रष्टाचार और कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकती है0
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जालौन में बेटी की शादी से पहले पिता का सड़क हादसे में निधन
Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के सिरसाकलार थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। बेटी की शादी की तैयारियों में जुटे बाइक सवार पिता की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के मुताबिक, सिरसाकलार थाना क्षेत्र के ग्राम उद निवासी राजेंद्र सिंह (44 वर्ष) अपनी बेटी की शादी के निमंत्रण पत्र बांटकर घर वापस लौट रहे थे। उनकी बेटी का विवाह आगामी 21 तारीख को निर्धारित था और परिवार में शादी की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं। बताया जा रहा है कि घर लौटते समय रास्ते में किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राजेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। परिजनों के अनुसार, जिस घर में बेटी की शादी को लेकर उत्साह और खुशियों का माहौल था, वहां अचानक मातम छा गया। शादी की तैयारियों में जुटा पूरा परिवार इस दुखद घटना से गहरे सदमे में है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।0
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