icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
221001
JAVED KHANJAVED KHANFollow4 Nov 2024, 01:35 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

राम जन्मभूमि के सीईओ चयन: 18 उम्मीदवारों में से 3 नाम पैनल के पास

Noida, Uttar Pradesh:श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन की प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के लिए 34 बिंदुओं वाला विस्तृत मूल्यांकन प्रारूप तैयार किया गया है तीन सदस्यीय चयन समिति (सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी) की ओर से लिए गए इंटरव्यू में भीड़ प्रबंधन, धार्मिक जुड़ाव, नेतृत्व क्षमता से जुड़े सवाल पर अधिक जोर रहा चयन समिति ने आवेदकों से कम से कम 20 वर्ष का अनुभव मांगा था आवेदकों से सवाल पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने कार्यकाल में 1,000 से 5,000 या उससे अधिक कर्मचारियों का नेतृत्व किया है या नहीं राम मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन और पर्वों पर लाखों की भीड़ को देखते हुए चयन प्रक्रिया में भीड़ प्रबंधन को महत्वपूर्ण मानदंड बनाया गया है इंटरव्यू में पैनल के सदस्यों ने आवेदकों से पूछा कि उन्होंने अब तक कौन-कौन से बड़े आयोजनों का संचालन या प्रबंधन किया है, उन आयोजनों में कितने लोग शामिल हुए, आयोजन कितने दिनों तक चला, किस वर्ष आयोजित हुआ और उसमें उनकी भूमिका क्या रही सामाजिक और धार्मिक अनुभव से जुड़े कई प्रश्न भी किए गए समिति को अंतिम 18 आवेदकों में से तीन सर्वश्रेष्ठ नामों का पैनल तैयार कर दो सितंबर से पहले ट्रस्ट को सौंपना है दो सिंतबर को ट्रस्ट की बैठक में सीईओ का नाम घोषित किया जा सकता है सूत्रों के अनुसार सीईओ की नियुक्ति में संघ के पदाधिकारियो की भी पंसद व राय देखी व जानी जाएगी यह बात भी सामने आ रही है कि संघ की पृष्ठभूमि से जुड़ा कोई सेवानिवृत्त अधिकारी भी सीईओ हो सकता है सीईओ पद के लिए आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों से सामान्य प्रशासन, वित्त, मानव संसाधन, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था में कम से कम 20 वर्ष के अनुभव की जानकारी मांगी गई थी सीईओ चयन के लिए 18 अभ्यर्थियों में से तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा, जिनका अंतिम इंटरव्यू श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट करेगा ट्रस्ट की अंतिम स्वीकृति के बाद एक अभ्यर्थी को राम मंदिर का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया जाएगा ट्रस्ट ने सीईओ पद के लिए 50 से 70 वर्ष आयु सीमा निर्धारित की है नियुक्ति प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष के लिए होगी, जिसे कार्य प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद मंदिर के दैनिक प्रशासन और पेशेवर प्रबंधन का सबसे重要 दायित्व संभालेगा, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली पूरी तरह ट्रस्ट के अधीन होगी सीईओ ट्रस्ट के प्रति जवाबदेह रहेगा और ट्रस्ट के निर्णयों को लागू करने का कार्य करेगा ट्रस्ट की संगठनात्मक संरचना में महासचिव का पद सबसे प्रभावशाली बना रहेगा ट्रस्ट की संरचना में महासचिव का पद सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है महासचिव ट्रस्ट के Meetings के संचालन, एजेंडा तय करने, प्रस्तावों के क्रियान्वयन की निगरानी, विभिन्न समितियों और प्रशासन के बीच समन्वय तथा ट्रस्ट की ओर से लिए गए निर्णयों के अनुपालन की जिम्मेदारी निभाता है सीईओ भी अपने कार्यों के लिए ट्रस्ट और व्यावहारिक रूप से महासचिव के प्रति जवाबदेह रहेगा सीईओ की प्रमुख जिम्मेदारी राम मंदिर परिसर की प्रशासनिक और प्रबंधकीय व्यवस्था का संचालन करना होगी इसमें मंदिर के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, कर्मचारियों का प्रबंधन, मानव संसाधन, वित्तीय अनुशासन, सुरक्षा व्यवस्था, जनसंपर्क, श्रद्धालु सुविधाओं का विस्तार, भीड़ प्रबंधन तथा विभिन्न एजेंसियों के साथ तालमेल शामिल रहेगा इसके अलावा मंदिर परिसर में होने वाले बड़े धार्मिक आयोजनों, उत्सवों और विशेष अवसरों की व्यवस्थाओं की निगरानी भी सीईओ की जिम्मेदारी होगी
0
0
Report

जेन-जी युवाओं से सीधे संवाद के लिए भाजपा की जमीन-स्तर पर तैयारी

Noida, Uttar Pradesh:वाक थ्रू पैकेज स्टोरी एंकर--चुनावी साल में सरकार से नाराज जेन-जी यानि युवा शक्ति को साधन के लिए प्रदेश भाजपा भी जमीनी स्तर पर उतरकर काम करने की रणनीति अपनाएगी। खासतौर पर नई युवा पीढ़ी के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा की युवा टोली स्कूल-कॉलेजों तक पहुंचकर युवाओं से सीधा संवाद करेगे। इसमें भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारियों और जिला स्तरीय टीम की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। हालांकि यह अभियान प्रदेश के मुख्य संगठन और भाजयुमो की प्रदेश संगठन के गठन के बाद शुरू होगी। दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए जेन जी आंदोलन का इफेक्ट ही है कि अब भाजपा युवा नेताओं को स्कूल-कॉलेजों में संवाद के लिए भेजेगी। बाईट बृजेश पाठक यूपी डिप्टी सीएम (कल की पीसी से निकाल लीजिए) सूत्रों के मुताबिक इस अभियान के तहत विधानसभावार 10-10 युवाओं की टीमें तैयार की जाएंगी। युवा टोली का मुख्य फोकस कॉलेज और स्कूलों में पढ़ने वाले युवाओं के बीच पहुंच बनाने पर रहेगा। टीम के सदस्य युवाओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सरकार को लेकर उनकी राय जानेंगे। इसके साथ ही सरकार की ओर से युवाओं के लिए शुरू की गई various योजनाओं, रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों, शिक्षा और कौशल विकास की योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, युवा मोर्चा की इन टीमों को सिर्फ सरकार की उपलब्धियां बताने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ किए जा रहे प्रचार का जवाब देने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। युवाओं के बीच सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पहुंच रहे संदेशों को ध्यान में रखते हुए भाजपा की युवा टोली तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखने का प्रयास करेगी। सीएम योगी की बाईट निकाल लीजिए भाजपा की रणनीति का एक अहम हिस्सा सीधे संवाद को बनाया गया है। पार्टी मानती है कि जेन-जी का बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है और पारंपरिक राजनीतिक संवाद के बजाय वह सवालों के सीधे जवाब चाहती है
0
0
Report
Advertisement

Jharkhand Flood: 360 Students Walk River to School Amid No Bridge

Narayanpur, Jharkhand:झारखंड के गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के सिरोईकला उत्क्रमित उच्च विद्यालय में पढ़ने वाले लगभग 360 छात्र-छात्राएं और शिक्षक हर दिन नदी पार कर स्कूल आते-जाते हैं क्योंकि सुरक्षित सड़क या पुल उपलब्ध नहीं है. बरसात में नदी उफान पर होने पर कई दिनों तक स्कूल जाना बंद रहता है. नदी पार करने के कारण छात्र-छात्राओं के स्कूल ड्रेस भी भीग जाते हैं और एक अनहोनी का डर बना रहता है. 2015 में उत्क्रमित मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय का दर्जा मिला था. वर्तमान में यहाँ लगभग 360 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन शिक्षा तक पहुँचने का सुरक्षित रास्ता अब तक नहीं बनाया गया. ग्रामीणों, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सरकार से जल्द नदी पर पुल बनवाने की मांग की है. जिला डीसी ने कहा है कि यह देखा जाएगा कि कौन विभाग पुल बनाएगा, ताकि बच्चों की मांग जल्द पूरी हो सके.
0
0
Report

सरकार ने 890 जमीनी प्रकरणों में नियमभंग पाए; 397 मामलों में कड़ी कार्रवाई

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:छत्रपती संभाजी नगरात शासकीय आणि वर्ग-२ च्या जमिनींच्या संरक्षणासाठी प्रशासनाने उघडलेल्या ८९० फायलींपैकी तब्बल ३९७ प्रकरणांमध्ये शर्तभंग झाल्याचे समोर आले आहे. या सर्व जमिनींचे पुनर्ग्रहण करण्याची म्हणजे सरकारजमा करण्याची कायदेशीर प्रक्रिया तातडीनेपूर्ण करून नियमानुसार कडक कारवाई करण्याचे निर्देश जिल्हाधिकारी यांनी दिले आहेत. प्रशासनाच्या या आक्रमक भूमिकेमुळे बेकायदेशीरपणे जमिनींचे व्यवहार करणाऱ्यांचे धाबे दणाणले आहेत. ग्रामीण भागातील ३३६ आणि शहरी भागातील ५५४ अशी एकूण ८९० प्रकरणे तपासण्यात आली. या तपासणीअंती तब्बल ३९७ प्रकरणांमध्ये प्रदान आदेशातील अटी व शर्तीचा भंग झाल्याचे निष्पन्न झाले आहे.
0
0
Report

आंगनबाड़ी भवन तुड़वाने के आरोप: सरपंच पर सवाल, प्रशासन जांच की तैयारी

Sakti, सक्ती जिले के ग्राम पंचायत रनपोटा में शासकीय आंगनबाडी भवन को कथित रूप से बिना अनुमति तुड़वाए जाने और उसके स्थान की जमीन को निजी व्यक्ति को बेचने के आरोप ने पंचायत व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की सरपंच भारती साहू पर पद का कथित दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत रनपोटा स्थित शासकीय आंगनबाड़ी भवन क्रमांक-1 को मशीन लगाकर तुड़वा दिया गया। आरोप है कि भवन को गिराने से पहले न तो ग्राम पंचायत में इस संबंध में कोई विधिवत प्रस्ताव पारित किया गया और न ही संबंधित विभाग अथवा सक्षम अधिकारी से अनुमति ली गई। यही वजह है कि अब ग्रामीण इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सरकारी भवन को किसके आदेश पर और किस आधार पर तोड़ा गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आंगनबाड़ी भवन को तुड़वाने के पीछे शासकीय जमीन का लाभ एक निजी व्यक्ति लक्ष्मीन चौहान को पहुंचाने का प्रयास किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति ग्राम पंचायत रनपोटा का निवासी नहीं है, बल्कि दूसरे गांव का रहने वाला है। ग्रामीणों का दावा है कि शासकीय जमीन को कथित तौर 50 हजार रुपए का लेनदेन भी हुआ है,, मामले में जिला कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने स्पष्ट किया है कि मीडिया के माध्यम से मामला उनके संज्ञान में आया है,,अगर मामले की सत्यता होगी तो सरपंच के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पंचायत रनपोटा में आंगनबाड़ी भवन को तोड़ने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। अगर सरपंच द्वारा बिना अनुमति का भवन तोड़ा गया हो और बेचा गया है तो ये गलत है। उस पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।” अब प्रशासनिक स्तर पर यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि भवन किस आदेश या प्रक्रिया के तहत तोड़ा गया और उसे तोड़ने के बाद निकले सरकारी संसाधनों अथवा जमीन के संबंध में क्या कार्रवाई की गई। ग्रामीणों ने कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को दी शिकायत में आंगनबाड़ी भवन तोड़े जाने के साथ-साथ जमीन के उपयोग और कथित लेन-देन की भी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासकीय भवन को बिना अनुमति तोड़ा गया है और सरकारी जमीन के संबंध में किसी निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की कोशिश हुई है तो यह गंभीर मामला है। अब प्रशासनिक जांच में यह देखा जाएगा कि आंगनबाड़ी भवन को तोड़ने के लिए कोई पंचायत प्रस्ताव, तकनीकी रिपोर्ट अथवा सक्षम अधिकारी की अनुमति मौजूद थी या नहीं। साथ ही शासकीय जमीन के संबंध में किसी प्रकार का हस्तांतरण, कब्जा या लेन-देन हुआ है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी。
0
0
Report
Advertisement

मालेगांव के चाळीसगाव फाटे पर विमल गुटखा जप्त, आरोपी गिरफ्तार

Nashik, Maharashtra:मालेगावच्या चाळीसगाव फाट्यावर लाखोंचा गुटखा पोलिसांकडून जप्त. मालेगाव पोलिसांची मोठी कारवाई. अपर पोलिस अधीक्षक सूरज गुंजाळ मालेगाव यांना मिळालेल्या गुप्त बातमीवरून रात्री मुंबई आग्रा महामार्गावर चाळीसगाव फाट्याजवळ अर्प पोलिस अधीक्षक मालेगाव यांच्या विशेष पथकातील अंमलदार पो.हवा राकेश उबाळे, पो.शि. राकेश जाधव, पो.शि.दिनेश शेरावते, पो. शि. अक्षय चौधरी, पो.शि. राम निसाळ तांत्रिक विश्लेषण विभागाचे पो.हवा.हेमंत गिलबिले अशांनी धुळे कडून येणारी सफेद रंगाची महिंद्रा XUV ५०० गाडी क्र.४६ AP ४०३५ गाडीला ताब्यात घेऊन गाडीची झडती घेतली असता गाडी मधे महाराष्ट्र शासनाने प्रतिबंध केलेला 6 लाख 67 हजार 210 रुपयांचा विमल पान मसाला गुटका मिळून आला. महेंद्रा XUV गाडी 5 लाख रुपये असा एकूण 11 लाख 67 हजार 210 रुपयांचा मुद्देमाल पोलिसांनी जप्त केला असून संशयित आरोपी शेख वाहिद शेख सलीम रा.अक्सा कॉलनी मालेगाव २)जुनेद शेख खलील रा- हजार खोली मालेगाव यांना अटक केली असून जैद मेंबर पूर्ण नाव माहीत नाही हा मात्र घटनास्थावरून फरार झाला आहे.
0
0
Report

जलकुंभी फंसे दो भैंसों में एक की मौत, ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत के बाद शव निकाला

Jaunpur, Uttar Pradesh:जलकुंभी के जाल में फंसी दो भैंसें, एक की मौत; ग्रामीणों ने घंटों की मशक्कत के बाद निकाला शव जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र में सई नदी पर स्थित शाही पुल के नीचे जमा घनी जलकुंभी ग्रामीणों और पशुपालकों के लिए मुसीबत बन गई है। जलकुंभी में फंसने से दो भैंसें नदी में फंस गईं। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव का प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीणों की तत्परता से एक भैंस को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दूसरी भैंस जलकुंभी में फंसकर नदी की गहराई में चली गई। काफी तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद ग्रामीणों ने लालपुर स्थित स्मैला घाट पर जाल लगाकर तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद भैंस का शव जाल में फंसकर बाहर निकाला गया। घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को भी दे दी गई है, जिसके बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित पशुपालक शिव कुमार यादव, निवासी महिमापुर खालिप्ता, ने बताया कि उन्होंने हाल ही में परिवार के जीवन-यापन के लिए दोनों भैंसें खरीदी थीं। एक भैंस की मौत से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित ने शासन और प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सई नदी में जलकुंभी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। वर्ष 2025 में भी इसी तरह जलकुंभी में फंसने के कारण करीब 13 भैंसें बह गई थीं। इसके बावजूद नदी से जलकुंभी हटाने और पशुओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी की सफाई कराने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है।
0
0
Report
Advertisement

DM का औचक निरीक्षण: CHC में खामियाँ मिलीं, अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद

Jaunpur, Uttar Pradesh:बदलापुर तहसील एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का अचानक निरीक्षण कर स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की हकीकत परखी गई। डीएम के अचानक पहुंचते ही Hospital परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान कई व्यवस्थाओं में कमियां सामने आईं, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। CHC के निरीक्षण के दौरान मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति, दवा वितरण, साफ-सफाई और अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। फार्मेसी की जांच में फार्मासिस्ट द्वारा जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई और संबंधित फार्मासिस्ट को शोकॉज नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को दवा और इलाज के लिए किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अस्पताल में जरूरी दवाओं की उपलब्धता और उनका नियमानुसार वितरण सुनिश्चित किया जाए। मेडिकल स्टोरों पर भी पहुंची जांच टीम। CHC के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने अस्पताल के आसपास संचालित मेडिकल स्टोरों की भी जांच की। कुछ दुकानदारों द्वारा लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन किए जाने के बावजूद आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं कराए जाने की जानकारी सामने आई। इस पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगने और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद मिला, तकनीशियन शटर गिराकर चला गया। निरीक्षण के दौरान एक अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद मिला। बताया गया कि जिलाधिकारी के पहुंचते ही सेंटर का तकनीशियन शटर बंद कर वहां से चला गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर की पुनः जांच कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने संबंधित चिकित्सक की मौजूदगी के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों द्वारा चिकित्सक के बाहर होने की बात बताए जाने पर डीएम ने सवाल उठाया कि चिकित्सक की अनुपस्थिति में अल्ट्रासाउंड जांच किस तरह संचालित की जा रही है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने तहसील स्तर के अधिकारियों को केंद्र की तत्काल जांच कराने और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार सील करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नागरिकों ने DM के सामने स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रखीं। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विभिन्न शिकायतें भी कीं। डीएम ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में चिकित्सकों और कर्मचारियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित हो। मरीजों को आवश्यक दवाएं, जांच और उपचार की सुविधा निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। तहसील कार्यालय में लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश। इसके बाद जिलाधिकारी ने बदलापुर तहसील परिसर और कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कार्यालयों में व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए पुराने और लंबित वादों की समीक्षा की। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण कराया जाए। तहसील परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने नियमित सफाई कराने और परिसर को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं से भी संवाद किया और उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने। संबंधित अधिकारियों को अधिवक्ताओं द्वारा उठाई गई समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी कार्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। निरीक्षण में मिली कमियों को निर्धारित समय में दूर कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
0
0
Report
Advertisement

मेरठ के किठौली में आवारा कुत्तों के हमले से किसान की मौत, दहशत

मेरठ: जानी के किठौली में कुत्तों के हमले से किसान की मौत, गांव में दहशत. मेरठ, 12 अगस्त 2026 — जानी थाना क्षेत्र के गांव किठौली में आवारा कुत्तों के हमले में एक किसान की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक की पहचान लख्मी सैनी पुत्र रामशरण निवासी किठौली के रूप में हुई है. बताया गया कि लख्मी सैनी गांव के ही बेल्लू की जमीन ठेके पर लेकर खेती करते थे. उनके खेत में ईख की फसल खड़ी थी. खेत में मिला शव मंगलवार को जब लख्मी सैनी देर तक घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की. काफी देर तक पता न चलने पर परिजन खेत के पास पहुंचे. वहां लख्मी सैनी मृत अवस्था में पड़े मिले. उनके शरीर पर कुत्तों के हमले और नोचने के कई निशान थे. आशंका जताई जा रही है कि कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला किया था. पुलिस ने शुरू की कार्रवाई सूचना मिलने पर जानी पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना की जानकारी जुटाई जा रही है. घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है. परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
0
0
Report

लाहौल-स्पीति के मुंची नाले में भयंकर फ्लैश फ्लड, कृषि भूमि डूबी

Yoche, Himachal Pradesh:लाहौल-स्पीति के मुंची नाला में भयंकर फ़्लैश फ्लड , कृषि भूमि बही पिछले 24 घंटे से बारिश का दौर लगातार जारी है। प्रदेश के कई इलाकों से भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने की तस्वीरें सामने आ रही हैं। इसी बीच लाहौल-स्पीति से भयंकर फ़्लैश फ्लड की तस्वीर सामने आई है। तिंनो गांव के समीप मुंची नाला में अचानक तेज बाढ़ आ गई। देखते ही देखते नाले का पानी आसपास के इलाकों में फैल गया । राहत की बात यह है कि इस घटना में अभी तक किसी तरह के जानी नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, खेतों में पानी घुसने से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है और नाले के दूसरी ओर मवेशी रात भर से फंसे रहे, जिन्हें आज सुबह ग्रामीण उफनते नाले से निकलने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top