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Devendra KumarDevendra KumarFollow29 Nov 2024, 07:20 am

उन्नाव- बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र आगरा - लखनऊ एक्सप्रेसव पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की मौत

Bangarmau, Uttar Pradesh:

बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र गांव सिरधरपुर निवासी जान मोहम्मद बाइक से हरदोई जनपद के बघौली क्षेत्र गांव महेरी रिश्तेदारी गए थे। जहां से लौटते वक्त आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे सर्विस रोड पर किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी ,जिसमें वो बुरी तरह घायल हो गया। राहगीरों ने जब देखा तो पुलिस को सूचना दी, मौके पर पुलिस पहुंची और नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उसे भर्ती कराया जहां के डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।

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ड्रोन से खेती और सिंचाई सुधरेगी; सहकारी सप्ताह में सदस्यता व वृक्षारोपण पर जोर

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित द्वारा 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारी सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। सप्ताहभर चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को मजबूत करना, सदस्यता बढ़ाना और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रजनीस सिंह, उपाध्यक्ष रजनी साहू और यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि सहकारी सप्ताह के दौरान सदस्यता अभियान, संगोष्ठियां, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान तथा ड्रोन आधारित कृषि एवं सिंचाई तकनीक पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ किसानों को ड्रोन तकनीक के माध्यम से खेती और सिंचाई के आधुनिक तरीकों की जानकारी देंगे, जिससे उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान भी चलाए जाएंगे। इस दौरान सहकारी संस्थाओं में नए सदस्यों को जोड़ने के लिए विशेष सदस्यता अभियान संचालित होगा। सहकारी सप्ताह के तहत रायपुर में लगभग 300 प्रतिभागियों की मौजूदगी में राज्य स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। साथ ही सहकारिता क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण परियोजना का भूमिपूजन भी प्रस्तावित है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि यह आयोजन सहकारिता के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा。
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शाहजहांपुर में खेत में युवती की हत्या: दुपट्टे से गला घोंटकर शव मिला

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:शाहजहांपुर में एक अज्ञात युवती की हत्या की सनसनीखे घटना सामने आई है। यहां गन्ने के खेत में युक्ति की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। युवती की दुपट्टे से गला घोटकर हत्या की गई है। उसके गले में दुपट्टा कसा हुआ मिला है। फिलहाल पुलिस और फोरेंसिक की टीम ने छानबीन शुरू कर दी है। हत्या की ये घटना थाना सिधौली क्षेत्र के गिहारपुर गांव की है। जहां गांव के बाहर लोगों ने गन्ने के खेत में एक युवती की लाश पड़ी देखी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। युवती उसके ही दुपट्टे से गला घोटकर उसकी हत्या की गई थी। आशंका व्यक्त की जा रही है कि युक्ति की हत्या करके शव को यहां फेंका गया है। मौके पर फॉरेंसिक की टीम ने सुबह इकट्ठा किए है। हालांकि मृतक युवती की पहचान अभी नहीं हो पाई है। हत्या की वारदात के बाद पुलिस ने मामले में गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।
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ओबरा की खदान के विरोध में महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, तनाव फैल गया

Obra, Uttar Pradesh:Anchor: सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब गांव की आबादी के करीब संचालित की जा रही पत्थर खदान का ग्रामीणों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। विरोध की अगुवाई महिलाओं ने की और देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि पत्थरबाजी तक की नौबत आ गई। खदान संचालकों और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद मौके पर डायल-112 पुलिस पहुंची और स्थिति को संभालने में जुट गई। VO: तस्वीरें ओबरा थाना क्षेत्र के खैरेटिया गांव की हैं, जहां आबादी के नजदीक संचालित हो रही पत्थर खदान को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान संचालन से उड़ने वाली धूल, धमाकों और भारी वाहनों की आवाजाही से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। इसी विरोध के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी सड़क पर उतर आईं और विरोध प्रदर्शन के बीच पत्थरबाजी की घटना सामने आई। इस दौरान खदान संचालकों और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
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फर्रुखाबाद में बिजली करंट से मिस्त्री योगेन्द्र शाक्य की मौत, परिवार में कोहराम

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में बिजली करंट से मिस्त्री योगेन्द्र शाक्य की मौत हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया। थाना मऊदरवाजा के ग्राम अजमतपुर निवासी मेघनाथ शाक्य का 32 वर्षीय पुत्र योगेन्द्र शनिवार को बाईपास पर कृष्णा पेट्रोल पंप के निकट बिजली की फिटिंग का कार्य कर रहा था। उसी समय अचानक बिजली का करंट लगने से उसकी हालत गंभीर हो गई। आनन फानन में मकान मालिक विनोद कुमार और किराएदार हरिश्चंद्र गंभीर हालत में योगेंद्र को लेकर जिला अस्पताल लोहिया पहुंचे, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने बिजली मिस्त्री योगेंद्र को मृत घोषित कर दिया और शव को मोर्चरी में रखवा कर पुलिस सूचना भेज दी। योगेंद्र की बाईपास से रेलवे क्रॉसिंग की ओर जाने वाले रास्ते के नुक्कड़ पर बिजली की दुकान है। योगेंद्र चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत पर परिवार में कोहरा मच गया। मां और पत्नी रिचा सहित परिवार की महिलाओं रो-रो कर बुरा हाल हो गया। योगेंद्र अपने पीछे ढाई वर्ष का पुत्र नितांश छोड़ गया है।
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दहेज प्रताड़ना की आशंका: दो माह पहले शादी के बाद विवाहिता फांसी पर लटकी मिली

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर के चौरासी थाना क्षेत्र के माल चौकी गांव में एक विवाहिता घर में फांसी के फंदे पर लटकी मिली। दो माह पहले उसकी शादी हुई थी। घटना के बाद सनसनी फैल गई। पिता ने दहेज प्रताड़ना ओर हत्या की आशंका जताई है। चौरासी थाना पुलिस के अनुसार कल्पना पत्नी अरविंद रोत निवासी माल चौकी का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। उसकी शादी करीब दो माह पहले ही हुई थी। घटना के समय कल्पना घर में अकेली थी, जबकि उसका पति और ससुर काम के सिलसिले में अहमदाबाद गए हुए थे। मृतका के पिता लक्ष्मण अमरा डामोर, निवासी गड़ा मालजी, थाना सदर, ने चौरासी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनकी पुत्री को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने इस मामले में हत्या की आशंका भी जताई है। पुलिस ने पीहर पक्ष की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया। मामले की जांच सीमलवाड़ा डीएसपी मदनलाल विश्नोई के निर्देशन में की जा रही है। पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच में जुटी है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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जेल से रिहा हिस्ट्रीशीटर के गैंगस्टर प्रदर्शन के बाद 10 आरोपी गिरफ्तार

Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ में जेल से रिहा होने के बाद हिस्ट्रीशीटर कबीर संजरी ने साथियों के साथ गैंगस्टर स्टाइल में शक्ति प्रदर्शन किया था। जिसके बाद एक्शन में आई झालावाड़ पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दहशत फैलाने के आरोप में कबीर संजरी समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बदमाशों की तीन कारें भी जब्त कीं गई है। झालावाड़ में जेल से रिहा होने के बाद गैंगस्टर स्टाइल में शक्ति प्रदर्शन करना एक हिस्ट्रीशीटर और उसके साथियों को बेहद भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर रील और वीडियो वायरल कर आमजन में दहशत फैलाने की कोशिश के आरोप में झालावाड़ की कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर कबीर संजरी सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई तीन कारों को भी जब्त कर लिया है। झालावाड़ एसपी अमित बुडानिया ने बताया कि झालावाड़ के नला मोहल्ला निवासी हिस्ट्रीशीटर कबीर संजरी बीते 24 जून को जिला कारागृह से रिहा हुआ था। कबीर की रिहाई के वक्त उसे लेने के लिए करीब 20 से 25 साथी कई चार पहिया वाहनों के साथ जेल के मुख्य द्वार पर पहुंच गए। वहां सभी ने मिलकर एक बड़ा काफिला तैयार किया और शक्ति प्रदर्शन शुरू कर दिया। जेल से निकलने के बाद कबीर संजरी को साथ लेकर वाहनों का यह काफिला शहर के प्रमुख और व्यस्त बाजारों से गुजरा। इस दौरान युवकों द्वारा जमकर नारेबाजी की गई और तेज गति तथा लापरवाही से वाहन चलाए गए। इस पूरे घटनाक्रम का बकायदा वीडियो और रील बनाई गई, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि इस वीडियो को वायरल करने का मुख्य उद्देश्य अपराधी छवि और गैंग का प्रभाव दिखाकर जनता के बीच डर का माहौल पैदा करना था। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा और वृत्ताधिकारी हर्षराज सिंह खरेड़ा के सुपरविजन में कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने वायरल वीडियो के आधार पर हुड़दंग करने वाले आरोपियों की पहचान की और शुक्रवार को दबिश देकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। झालावाड़ एसपी अमित बुडानिया ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए अपराध का महिमामंडन करने, हथियारों का प्रदर्शन करने या गैंग की छवि बनाकर दहशत फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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कोटगेट पुलिस ने नीलकंठ ऑपरेशन में नकबजन सावन को किया गिरफ्तार

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से खबर ऑपरेशन 'नीलकंठ' के तहत कोटगेट पुलिस की बड़ी कार्रवाई नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करने वाला शातिर नकबजन गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपी से करीब 17 लाख रुपये के चोरी के सोने-चांदी के जेवरात बरामद थाना स्तर पर गठित टीम को मिली बड़ी सफलता तकनीकी साक्ष्यों और सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी को दबोचा पूछताछ में आरोपी ने भगवानपुरा बस्ती में हुई जेवर चोरी की वारदात कबूली गिरफ्तार आरोपी सावन उर्फ लालू उर्फ लालिया नागौर का निवासी, हाल कोटगेट क्षेत्र में रह रहा था आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में चोरी और नकबजनी के कई मामले दर्ज आईजी ओमप्रकाश के निर्देशन, एसपी मृदुल कच्छावा के विशेष अभियान 'ऑपरेशन नीलकंठ' के तहत कार्रवाई एएसपी चक्रवर्ती सिंह राठौड़, सीओ अनुज जाल के सुपरविजन एवं सीआई धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई को दिया गया अंजाम
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मोदी सरकार के 12 साल: बीजेपी के जनसंपर्क अभियान में सांसद-विधायक सक्रिय नहीं

Jaipur, Rajasthan:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर बीजेपी ने पूरे देश में विशेष जनसंपर्क अभियान शुरू किया। राजस्थान में भी सांसदों, विधायकों और पूर्व प्रत्याशियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जनता के बीच संवाद करने और केंद्र सरकार की उपलब्धियां बताने का जिम्मा दिया गया। लेकिन अभियान की समीक्षा हुई तो तस्वीर उम्मीद के मुताबिक नहीं मिली। संगठन को तीन बार रिमाइंडर भेजना पड़ा... तीन बार डेडलाइन बढ़ानी पड़ी... फिर भी बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने अभियान का अपडेट तक नहीं दिया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सत्ता में आने के बाद कुछ जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताएं बदली हैं? लोकसभा चुनाव में जीत और प्रदेश में सरकार बनने के बाद बीजेपी अब अपनी राजनीतिक जमीन को और मजबूत करने में जुटी है। इसी रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर विशेष जनसंपर्क अभियान शुरू किया गया। मकसद साफ था... सरकार की योजनाएं...विकास कार्य... और उपलब्धियों को सीधे जनता तक पहुंचाना। इसके लिए सांसदों...विधायकों.. सांसद-विधायक प्रत्याशियों तक को जिम्मेदारी दी गई। हर जनप्रतिनिधि को निर्देश था कि...अपने क्षेत्र में जनसंवाद करें...चौपाल करें.. प्रबुद्धजनों के साथ चर्चा करें...रात्रि विश्राम करें...पौधारोपण करें...स्वच्छता कार्यक्रम चलाएं। इतना ही नहीं पूरी गतिविधि का रिकॉर्ड सरल एप पर अपलोड करें। लेकिन...जब संगठन ने समीक्षा की...तो कई जगह तस्वीर उम्मीद से बिल्कुल अलग मिली। हालांकि जयपुर श सांसद मंजू शर्मा.सहित कुछ सांसदों ने टारगेट पूरा किया। बाद में रिपोर्ट नहीं आई तो संगठन ने अभियान की अंतिम तिथि पहले 21 जून तय की। फिर इसे बढ़ाकर 25 जून किया गया और अब इसे 30 जून तक बढ़ाया गया। बीच-बीच में लगातार रिमाइंडर भी भेजे गए, लेकिन... इसके बावजूद बड़ी संख्या में सांसदों... विधायकों...प्रत्याशियों ने अभियान में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई। यही वजह है कि अब यह मुद्दा संगठन के भीतर चर्चा का विषय बन गया है अगर मंत्रियों की बात करें...तो तस्वीर और भी दिलचस्प है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा...उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी... और कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने अभियान में भाग लिया। लेकिन...बाकी अधिकांश मंत्री अभियान में सक्रिय नहीं आए। यानी...जिस अभियान को संगठन सबसे महत्वपूर्ण बता रहा था...उसी में मंत्रियों ने भागीदारी नहीं निभाकर बेरूखी दिखाई। यही वजह है? कि अब बीजेपी के भीतर एक सवाल तेजी से उठ रहा है। क्या सरकार बनने के बाद...कुछ जनप्रतिनिधियों का झुकाव संगठन से ज्यादा सत्ता और प्रशासनिक कामकाज की ओर हो गया है? क्या चुनावी जीत के बाद संगठनात्मक कार्यक्रम प्राथमिकता में पीछे चले गए हैं? हालांकि...पार्टी सार्वजनिक तौर पर इसे अनुशासन का मुद्दा नहीं मान रही...लेकिन...समीक्षा जरूर की जा रही है。 प्रदेश संगठन का कहना है कि...अभी भी जिन जनप्रतिनिधियों ने अभियान पूरा नहीं किया है...उन्हें जल्द से जल्द कार्यक्रम आयोजित करने...फोटो अपलोड करने...और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए पार्टी की ओर से एक परफॉर्मा मंत्रियों और विधायकों को भेजा गया है। इसे भरकर वापस कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साफ संकेत है...संगठन इस अभियान को केवल औपचारिकता नहीं बनने देना चाहता। बीजेपी लगातार चुनावी मोड में रहने की रणनीति पर काम करती रही है। ऐसे में...जनसंपर्क अभियान...कार्यकर्ता संवाद...बूथ सक्रियता... और लाभार्थियों तक पहुंच...संगठन की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। यही वजह है कि...इस अभियान में कम भागीदारी को संगठन हल्के में लेने के मूड में नहीं दिख रहा। हर अभियान में जन प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं की भागीदारी का हिसाब रखा जा रहा है इधर पार्टी का संदेश बिल्कुल साफ है। इस अभियान से सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचें...कार्यकर्ता सक्रिय रहें... और संगठन मजबूत हो...यही इस अभियान का उद्देश्य है। लेकिन...अगर जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अपेक्षित नहीं रहती...तो सबसे बड़ा सवाल संगठनात्मक अनुशासन पर ही खड़ा होगा। अब देखना होगा... कि अभियान पूरा होने के बाद...संगठन की समीक्षा में किसकी रिपोर्ट मजबूत निकलती है...और किसकी कमजोर।
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