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सरकारी जमीन पर निर्माण रोकना पड़ा भारी
Husain Nagar, Uttar Pradesh:उन्नाव-सदर कोतवाली क्षेत्र के हिरण नगर में जी एस की जमीन पर कब्ज़ा कर निर्माण से रोकने पर रविन्द्र कुमार को भारी पड़ गया। बता दे कि जी एस की जमीन पर कब्जे का ये मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसके बाद भी निर्माण कार्य होता देख जब उसको रोका गया तो पीड़ित युवक को भारी पड़ गया और उसकी पिटाई हो गई, मामला इतना बढ़ गया कि पीड़ित युवक के गंभीर चोटे आई और पीड़ित युवक अपनी बेटी के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच कर एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।
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बागपत में गौकशी के विरुद्ध दूसरी मुठभेड़, गौतस्कर घायल
Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत में 24 घंटे के अंदर पुलिस और बदमाशों के बीच दूसरी मुठभेड़ हुई है जहां थाना दोघट पुलिस और गौकशों के बीच मुठभेड़ हो गई और मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली से गौकशी करने वाला जावेद घायल हुआ है जिसके कब्जे से तमंचा, कारतूस और गौकशी में इस्तेमाल उपकरण बरामद हुए हैं और गौकशी करने वाली एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है। दरअसल आपको बता दें कि दोघट थाना पुलिस को एक मकान में गोकशी होने की सूचना मिली थी जिसके चलते पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो वहां गोवंश के अवशेष बरामद हुए और मौके से एक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया जिससे पूछताछ के बाद गोकशी करने में जावेद और महिला के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपी के जंगलों में छिपे होने की सूचना पर सरोरा गांव के जंगलों में घेराबंदी की गई तो मुठभेड़ के दौरान जावेद नाम के गौतस्कर गोली लगने से घायल हो गया जिसके कब्जे से एक तमंचा मय कारतूस और गौकशी करने में इस्तेमाल उपकरण भी बरामद हुए हैं. आपको बता दें कि जनपद बागपत में ये 24 घंटे के अंदर गौकशों के विरुद्ध ये दूसरी मुठभेड़ है.0
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बिसाऊ होटल: घरेलू गैस सिलेंडर के अवैध व्यवसायिक उपयोग पर छापा
Jhunjhunu, Rajasthan:बिसाऊ, झुंझुनूं बिसाऊ में रसद विभाग की कार्रवाई होटल से 4 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त कॉमर्शियल की जगह घरेलू सिलेंडरों का हो रहा था इस्तेमाल स्टेशन रोड स्थित होटल पर रसद विभाग का छापा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज जब्त सिलेंडर इंडेन गैस एजेंसी को सौंपे गए घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ रसद विभाग ने कार्रवाई करते हुए झुंझुनूं जिले के बिसाऊ कस्बे के स्टेशन रोड स्थित एक होटल से चार घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। प्रवर्तन अधिकारी रामावतार के नेतृत्व में रसद विभाग की टीम ने होटल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान होटल में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के स्थान पर घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जाना पाया गया। नियमों के उल्लंघन पर विभाग ने मौके से चार घरेलू गैस सिलेंडर जब्त कर उन्हें बिसाऊ इंडेन गैस एजेंसी को सुपुर्द कर दिया। प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जिला कलक्टर न्यायालय में इस्तगासा भी दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है। होटल, मैरिज गार्डन, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठानों को केवल कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों का ही उपयोग करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी。0
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नकली पिस्टलों से लूट: फारबिसगंज में गिरफ्तारी, CCTV में कैद घटना
Forbesganj, Bihar:बाजारों में नकली पिस्टल से अपराधी डराने-लूटपाट कर रहे हैं; लाइटर और खिलौने के नाम पर ये पिस्टल容易 मिल जाते हैं जो असली पिस्टल जैसी दिखती हैं. फारबिसगंज, अररिया में एक मामला: नकली पिस्टल से लूट. पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक अपराधी मो आजाद को गिरफ्तार किया. उसके पास से लूटे गए मोबाइल, पैसे, पर्स बरामद. घटना सुबह 3 बजे केंद्रीय विद्यालय पटना के शिक्षक सुशांत शर्मा ट्रेन पकड़ने जा रहे थे; रास्ते में पिस्टल और चाकू दिखाकर मोबाइल और पैसे लूट लिए गए. शिक्षक ने अपराधी को पकड़ लिया और पिस्टल छीन लिया, अपराधी फरार हो गया. बाद में CCTV फुटेज में पूरी घटना कैद. बरामद पिस्टल नकली निकला.0
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लोयल में जलभराव से मरीज और गर्भवती महिलाएं परेशान, स्थायी निस्तारण की मांग
Jhunjhunu, Rajasthan:खेतड़ी, झुंझुनूं लोयल में जलभराव की समस्या, ग्रामीणों में आक्रोश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व चारावास मार्ग पर जलभराव बारिश में मुख्य सड़क बनी तालाब, आवागमन में परेशानी जलभराव से मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी पानी में छिपे गड्ढों से दोपहिया चालक हो रहे हादसों का शिकार जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की ग्रामीणों ने उठाई मांग झुंJhुनझुनूं जिले के खेतड़ी उपखंड के लोयल गांव में जलभराव की समस्या ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। बरसात के दौरान लोयल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और माननगर-चारावास जाने वाला मुख्य मार्ग पानी से लबालब भर जाता है, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि एमडीआर-93 से माननगर होते हुए चारावास जाने वाले मार्ग पर करीब 100 मीटर तक पानी भर जाता है। जलभराव के कारण सड़क पूरी तरह पानी में डूब जाती है और गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। वहीं विद्यार्थियों, राहगीरों और स्थानीय लोगों को भी आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि इसी मार्ग से लोयल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचा जाता है। बारिश के दौरान मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को अस्पताल पहुंचाने में गंभीर परेशानी होती है। कई बार गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता, जिससे उनकी जान पर भी जोखिम बन जाता है। ग्रामीणों बताया कि जलभराव के कारण आसपास के दुकानदारों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाते और पानी में फिसलने से कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल, ग्रामीण सेवा शिविर और अन्य माध्यमों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।0
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भादरिया माता मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर रुद्राभिषेक, श्रद्धालुओं का उत्साह
Jaisalmer, Rajasthan:जैसलमेर के लाठी क्षेत्र के शक्तिपीठ भादरिया माता मंदिर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। आस-पास के गांव जिलों के श्रद्धालु भादरिया पहुंचकर महाराज की समाधि के दर्शन किए। गुरु पूर्णिमा के अवसर दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। इसमें कई संत व श्रद्धालु उपस्थित रहे। गुरु पूर्णिमा को लेकर भक्तों में उत्साह देखा गया। श्रद्धालुओं ने भादरिया पहुंचकर महाराज की समाधि पर मत्था टेककर अमन चैन की कामना की। भादरिया माता मंदिर में बुधवार को संत हरवंश सिंह निर्मल उर्फ भादरिया महाराज की चरण पादुकाओं की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही फलोदी से आए आचार्य महेन्द्र पुरोहित, उप आचार्य रमेश पुरोहित, बालकिशन शर्मा सहित कई वेदपाठियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महाराज की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में निखिलेश राठी, कविश चांडक, कुमार संभव ने शुभमुहूर्त में महाराज की पूजा-अर्चना के साथ उन्हें पुष्प अर्पित किए। भादरिया मंदिर पर गुरु पूर्णिमा पर रुद्राभिषेक किया गया। इसमें मुख्य यजमान के रूप में पोकरण के राधेश्याम गांधी उपस्थित रहे। इसके साथ ही कई भक्तों द्वारा शिवलिंग पर दूध चढ़ाया। आचार्य महेन्द्र पुरोहित के सान्निध्य में रुद्राभिषेक किया गया। जगदंबा सेवा समिति के सचिव जुगलकिशोर आसेरा सहित उपस्थित श्रद्धालुओं ने रुद्राभिषेक के अवसर पर अच्छी बरसात व देश में अमन-चैन की कामना की। इसके साथ महाआरती का आयोजन किया। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भादरिया राय मंदिर पर गुरु पूर्णिमा पर पूर्व संध्या भजन संध्या हुई, जिसमें जैसलमेर सहित कई जिलों के गायक कलाकारों ने रातभर भजनों की प्रस्तुतियां दीं, वहीं कस्तूरबा छात्रावास की बालिकाओं ने भजन का गाकर सभी श्रोता झूम उठे। क्षेत्र कई गायक कलाकारों ने भजन प्रस्तुत किए।0
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बूंदी हिंडोली में अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई; 18 युवकों की पहचान
Noida, Uttar Pradesh:बूंदी जिले के हिंडोली में अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की. कार्रवाई के दौरान पुलिस की गतिविधियों की रेकी कर रहे एक युवक को हिरासत में लिया गया. पुलिस के अनुसार युवक के मोबाइल की जांच में सोशल मीडिया ग्रुप की चैट मिली, जिसमें पुलिस की गतिविधियों और बजरी परिवहन से जुड़ी सूचनाएं साझा की जा रही थीं. शुरुआती जांच में रेकी गैंग से जुड़े 18 युवकों की पहचान हुई है. पुलिस सभी की तलाश में जुटी है. थाने, डीएसपी कार्यालय और चौराहों पर निगरानी रखकर बजरी वाहनों की सूचना ग्रुप में साझा की जाती थी. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.0
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हनुमानगढ़ में गुरु पूर्णिमा पर गुरु-शिष्य सम्मान कार्यक्रम
Hanumangarh, Rajasthan:Location- Hanumangarh (Rajasthan) गुरु पूर्णिमा पर गुरु-शिष्यों का सम्मान, शिक्षा और संस्कार का दिया संदेश हनुमानगढ़ में भारत विकास परिषद द्वारा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विभिन्न विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर गुरुजनों एवं मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। परिषद के पदाधिकारियों ने शिक्षकों को भारतीय संस्कृति का आधार बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। इस दौरान विद्यार्थियों को गुरु पूर्णिमा का महत्व बताते हुए कहा गया कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का कार्य भी करते हैं। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति ज्ञान, संस्कार एवं सफलता प्राप्त करता है। कार्यक्रम में शिक्षकों को सम्मान-पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। विद्यार्थियों से गुरुजनों के प्रति सम्मान, अनुशासन और संस्कार बनाए रखने का आह्वान किया गया। विद्यालय परिवार ने परिषद के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला कदम बताया।0
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सामोद में दूध बिक्री मामले में पुलिस ने 3 हजार किलो पाउडर बरामद
Jaipur, Rajasthan:चौमूं जयपुर मिड- डे मील में मिलने वाले दूध को बेचने का मामला सामोद के चीथवाड़ी में कल हुई थी बड़ी कार्रवाई स्कूल में बच्चों को मिलने वाले दूध को बेचा गया बाजार में दूध पॉउडर मावा भट्टियों पर पहुंचने से पहले ही पहुंच गई पुलिस पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत सरकार बच्चों को करती हैं निःशुल्क वितरण पुलिस ने दूध के पैकेट से भरी पिकअप को किया बरामद पिकअप चालक सहित कुछ लोगों को पुलिस ने किया था डिटेन करीब 3 हजार किलो दूध पाउडर के पैकेट किये गए बरामद अभी तक भी पुलिस थाने में जिम्मेदारों ने दर्ज नहीं कराया मुकदमा मुकदमा दर्ज होने के बाद ही आगे बढ़ पाएगी जांच आखिर बड़ा सवाल 24 घंटे बाद भी मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया जिम्मेदारों ने जबकि सामोद पुलिस ने सम्बंधित विभागों को दी सूचना भीलवाड़ा, गंगानगर, जयपुर के गोविंदगढ़ से जुड़े हैं माफियाओं के तार आखिर कब दर्ज होगा मुकदमा...?0
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श्रावण आरम्भ: रांची के पहाड़ी शिव मंदिर में तैयारियाँ पूरी, सुरक्षा बढ़ी
Ranchi, Jharkhand:कल से श्रावण के पावन माह की शुरुआत होने जा रही है। इसे लेकर राजधानी रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है और साफ-सफाई के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इस बार श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग बनाए गए हैं। प्रवेश पीछे स्थित सेंट्रल मार्ग से होगा, जबकि मुख्य मार्ग से निकास होगा। रविवार और सोमवार को श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक अर्घ से कर सकेंगे, जबकि अन्य दिनों में नियमित पूजा-अर्चना की व्यवस्था रहेगी. सुरक्षा के लिहाज से भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में पहले से मौजूद 64 सीसीटीवी कैमरों के अलावा 100 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। वहीं 150 से अधिक प्रशासनिक और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी. पहाड़ी मंदिर विकास समिति का कहना है कि जिला प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। कुल मिलाकर, श्रावण माह को लेकर ऐतिहासिक पहाड़ियों मंदिर शिवभक्तों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।0
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जयपुर के सरस निकुंज में मुस्लिम संत सनम साहब की गुरु भक्ति कथा
Jaipur, Rajasthan:दीपक गोयल जयपुर एक मुस्लिम युवक... संस्कृत सीखता है, अपनी मां को वाल्मीकि रामायण सुनाता है... और फिर वैष्णव संत बनकर गुरु की शरण में पहुंच जाता है। जयपुर के सरस निकुंज में आज भी लगा है उस ‘सनम साहब’ की तस्वीर..जो बता रही है कि गुरु के दरबार में धर्म नहीं पूछा जाता, सिर्फ श्रद्धा देखी जाती है। गुरु पूर्णिमा पर देखिए... एक ऐसी गुरु-भक्ति की कहानी, जहां मां की इच्छा से शुरू हुआ सफर भक्ति में जाकर पूरा हुआ। तस्वीर में चेहरे कई हैं... लेकिन कहानी एक ऐसी है, जिसे सुनकर आप ठहर जाएंगे। गुरु-शिष्यों की कतार में एक तस्वीर है एक मुस्लिम संत की। नाम मोहम्मद याकूब... जिन्हें गुरु ने प्यार से नाम दिया सनम साहब। मां रामायण सुनना चाहती थीं... बेटे ने संस्कृत सीखी। रामायण सुनाने की यह यात्रा यहीं खत्म नहीं हुई। रामायण ने याकूब के भीतर अध्यात्म का ऐसा बीज बोया, जिसने उन्हें वैष्णव भक्ति की राह पर ला खड़ा किया। अलवर में याकूब की मुलाकात शुक संप्रदाय के संत सरस माधुरी शरण महाराज से हुई। उन्होंने गुरु से शिष्य बनाने का आग्रह किया। 11 दिसंबर 1912 को सरस माधुरी शरण महाराज ने मोहम्मद याकूब को दीक्षा दी। दीक्षा के बाद उनका नाम रखा गया श्यामाशरण, लेकिन गुरु उन्हें प्यार से सनम साहब कहकर पुकारते थे। इसके बाद सनम साहब सरस निकुंज की धार्मिक परंपरा का हिस्सा बन गए। रासलीला में शामिल हुए, वृंदावन जाते रहे, अजमेर में राधाष्टमी मनाते रहे और वैष्णव परंपरा के धार्मिक उत्सवों में पूरी श्रद्धा से शामिल होते रहे। आज भी सरस निकुंज में गुरु परंपरा के संतों के बीच सनम साहब की तस्वीर उसी सम्मान के साथ मौजूद है। तस्वीर नहीं, भक्ति का दस्तावेज हैं...सरस निकुंज की झांकी में श्री शुक सखिजी और श्रीप्रेम मंजरीजी की सेवा भावना के साथ गुरु परंपरा में सरस माधुरी शरण, रसिक माधुरी शरण और सनम साहब भी स्मरण किए जाते हैं। यानी एक ही परंपरा में अलग-अलग पहचानें नहीं, एक ही भाव भक्ति। सरस माधुरी शरण महाराज के बारे में सनम साहब ने श्री सरस सागर में लिखा कि वह उस दिन को कभी नहीं भूलेंगे, जिस दिन सतगुरु ने उन्हें अपना शिष्य बनाया। सरस निकुंज पीठ के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया के मुताबिक, सनम साहब की कहानी आज के दौर में और भी प्रासंगिक हो जाती है। मां की सेवा से शुरू हुई यह यात्रा भगवान की सेवा तक पहुंची। गुरु के सामने धर्म नहीं, श्रद्धा मायने रखती है। सरस निकुंज पीठ की करीब 150 साल पुरानी परंपरा में दिल्ली से जयपुर आई शुक संप्रदाय की धारा के पहले आचार्य सरस माधुरी शरण महाराज रहे। उनके बाद रसिक माधुरी शरण महाराज और अब वर्तमान में अलबेली माधुरी शरण महाराज पीठ पर विराजमान हैं। बहरहाल, भारत की भक्ति परंपरा में ऐसे उदाहरण पहले भी मिलते हैं। मुस्लिम संत-कवि रसखान ने कृष्ण भक्ति को अपने काव्य का केंद्र बनाया। वहीं काले खां करौली के मदनमोहनजी महाराज के अनन्य भक्त माने जाते हैं। यानी सदियों से भक्ति ने पहचान की दीवारों को चुनौती दी है। और आज गुरु पूर्णिमा पर जयपुर के सरस निकुंज की दीवार पर लगी सनम साहब की तस्वीर उसी परंपरा की एक जीवंत याद है। एक मुस्लिम युवक... जिसने मां के लिए संस्कृत सीखी। रामायण पढ़ी..रामायण सुनाते-सुनाते कृष्ण भक्ति में डूब गया...और आखिरकार वैष्णव संत बनकर गुरु की शरण में पहुंच गया। शायद इसीलिए गुरु पूर्णिमा का सबसे बड़ा संदेश यही है गुरु के द्वार पर पहचान नहीं पूछी जाती...वहां सिर्फ श्रद्धा देखी जाती है।0
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जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में सावन के लहरिया रंग में गणेशजी का श्रृंगार
Jaipur, Rajasthan:सावन की फुहारों के बीच लहरिया रंग में सजा गणेशजी का दरबार मोतीडूंगरी गणेशजी महाराज धारण की खास लहरिया पोशाक रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ भी राजस्थानी रंग में जयपुर में सावन की फुहारों के साथ अब भगवान गणेश भी राजस्थानी रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। जयपुर के प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में इस सावन भगवान गजानन को लहरिया पोशाक धारण करवाई गई। बुधवार और रविवार को भक्तों को गणेशजी महाराज के लहरिया श्रृंगार के दर्शन होंगे। खास बात ये है कि इस बार सिर्फ गणेशजी ही नहीं, बल्कि रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ भी लहरिया पोशाक में नजर आएंगे। सावन... यानी हरियाली, बारिश और राजस्थान के पारंपरिक रंगों का महीना। इसी सावनी रंगत को अब जयपुर के आराध्य देव मोतीडूंगरी गणेशजी के दरबार में भी देखा जा रहा हैं। भगवान गणेशजी महाराज को इस बार सावन के माह में खास लहरिया पोशाक धारण करवाई जाएगी। बुधवार और रविवार को भक्तों को गजानन महाराज के इस खास स्वरूप के दर्शन होंगे। गणेशजी की पोशाक को खास तौर पर तैयार करवाया गया है। लहरिया कपड़े पर बारीक आरातारी का काम किया गया है। पोशाक के साथ भगवान गणेशजी के लिए लहरिया साफा भी तैयार करवाया गया है। यानी सावन के महीने में गजानन महाराज का श्रृंगार पूरी तरह राजस्थानी रंग और परंपरा में नजर आएगा। इस पोशाक को तैयार करना भी अपने आप में खास है। भगवान गणेशजी की एक पोशाक के लिए करीब 30 मीटर कपड़ा और 30 मीटर अस्तर इस्तेमाल होता है। इस बार मंदिर ट्रस्ट की ओर से चार लहरिया पोशाकें तैयार करवाई गई हैं। पहले पूरे सावन के लिए एक ही पोशाक तैयार karvai जाती थी, लेकिन इस बार चार पोशाकों के जरिए अलग-अलग अवसरों पर गजानन महाराज का लहरिया श्रृंगार किया जाएगा। गणेशजी के साथ मंदिर में विरাজमान रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ को भी लहरिया पोशाक धारण करवाई जाएगी। यानी सावन में मोतीडूंगरी का पूरा गणेश दरबार राजस्थान के पारंपरिक लहरिया रंग में रंगा दिखाई देगा। महंत मोतीडूंगरी गणेश मंदिर कैलाश शर्मा ने बताया की इस सावन मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में आस्था के साथ राजस्थान की लोक संस्कृति का रंग भी नजर आएगा। बारिश की बूंदों, सावन की हरियाली और लहरिया के रंगों के बीच गजानन महाराज के ये विशेष दर्शन भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे। लहरिया सिर्फ कपड़े का डिजाइन नहीं, बल्कि राजस्थान की पहचान और सावन की रंगीन परंपरा से जुड़ा हुआ है। सावन में महिलाएं लहरिया की साड़ियां और चुनरियां पहनती हैं, बाजार लहरिया के रंगों से सजते हैं और अब इसी परंपरा की झलक जयपुर के आराध्य देव के दरबार में भी दिखाई देगी। बहरहाल, करीब 265 साल पुरानी आस्था, सावन का मौसम और राजस्थान का पारंपरिक लहरिया रंग इस बार मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में इन तीनों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। बुधवार और रविवार को जब गणेशजी महाराज लहरिया साफे और पोशाक में दर्शन देंगे, तो भक्तों के लिए ये नजारा भी किसी उत्सव से कम नहीं होगा।0
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गांव के सरकारी स्कूल में अध्यापकों के विवाद से तालाबंदी, ग्रामीण धरना पर
Sri Ganganagar, Rajasthan:विद्यालय में अध्यापकों की आपसी खींचतान और विवाद से तंग आकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। विद्यालय में शैक्षणिक माहौल खराब होने से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी और विद्यालय परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि अध्यापकों के बीच लंबे समय से चल रहे इस विवाद के संबंध में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को पूर्व में भी सूचित किया गया था, लेकिन किसी ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया। अधिकारियों की इस अनदेखी के चलते ग्रामीणों को मजबूरन तालाबंदी का कदम उठाना पड़ा। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के बाद भी शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं और मीडिया के सवालों से बचते नजर आ रहे हैं। धरना स्थल पर ग्रामीणों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और कमरेड श्योपत राम भी डटे हुए हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का साफ कहना है कि जब तक विद्यालय के पूरे स्टाफ का यहां से तबादला नहीं कर दिया जाता और नया स्टाफ तैनात नहीं होता, तब तक यह तालाबंदी और धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।0
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नर्मदापुरम (मध्य प्रदेश) में किसान मांगों के मद्देनजर दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी
Noida, Uttar Pradesh:NARMADAPURAM (MADHYA PRADESH) FARMERS CONTINUE PROTEST OVER DEMANDS ON SECOND DAY / VISUALS / FARMERS REAX0
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पहलगाम में भूमि पूजन से अमरनाथ यात्रा की धार्मिक रस्में सुरक्षा के बीच पूरी
Aram Pora, Ganderbal, شری امرناتھ یاترا کے سلسلے میں پہلگام میں بھومی پوجن کی مذہبی رسومات عقیدت و احترام کے ساتھ ادا کی جا رہی ہیں۔ سرینگر کے تاریخی دشنامی اکھاڑے سے روانہ ہونے والی مقدس چھڑی مبارک پہلگام پہنچ گئی، جہاں خصوصی پوجا کا اہتمام کیا گیا۔اس موقع پر کشمیری پنڈت برادری کی بڑی تعداد نے خصوصی پوجا میں شرکت کی اور یاترا کی کامیابی، امن اور خیر و عافیت کے لیے دعائیں کیں۔ انتظامیہ نے تقریب کے لیے سکیورٹی اور دیگر انتظامات کو یقینی بنایا، جبکہ عقیدت مند مذہبی رسومات میں بھرپور انداز میں شریک ہوئے۔0
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बेला में पुल टूटने से 60 हजार लोग मुख्य मार्ग से कटे, प्रशासन चेत जाये?
Jammu, उफनता नाला, टूटा पुल और 60 हज़ार लोगों की पुकार... प्रशासन कब जागेगा?\n\nकठुआ: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाके अब भी मुख्य सड़कों से कटे हुए हैं, तो कई गांवों में लोगों के घरों तक पानी पहुंच चुका है। लेकिन कठुआ जिले के बेला इलाके की तस्वीर सबसे ज्यादा भयावह है, जहां एक पुल के पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने से 60 हजार से अधिक आबादी का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है।\n\nज़मीन पर हकीकत जानने और प्रशासन तक लोगों की आवाज़ पहुंचाने के लिए ज़ी न्यूज़ की टीम अपनी जान जोखिम में डालकर तेज बहाव वाले नाले को पार करते हुए प्रभावित गांवों तक पहुंची। टीम ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी परेशानियों को करीब से देखा, जो अब तक प्रशासनिक फाइलों से दूर हैं।\n\nपिछले साल बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ पुल, इस बार पूरी तरह बह गया\n\nस्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले साल आई बाढ़ में इस पुल को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद प्रशासन की ओर से स्थायी पुल का निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर एक अस्थायी रास्ता तैयार किया था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने उसे भी बहा दिया। अब लोगों के सामने सिर्फ दो ही विकल्प हैं—या तो जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को पार करें या फिर 25 से 30 किलोमीटर लंबा दूसरा रास्ता अपनाएं। स्थानीय लोगों ने बताया कि जो रास्ता पहले 5 मिनट में तैय हो जाता था आज उसके लिए हमें 3 घंटे लग जाते हैं।\n\nस्कूल, अस्पताल और सरकारी सेवाएं सब प्रभावित\n\nग्रामीणों ने बताया कि पुल टूटने से सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ाने आने वाले शिक्षक, स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात कर्मचारी और अन्य सरकारी कर्मचारी भी समय पर अपने कार्यस्थल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।\n\nआपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के समय हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, क्योंकि एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकती।\n\nग्रामीणों का आरोप—प्रशासन ने छोड़ दिया भगवान भरोसे\n\nग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद से लगातार प्रशासन से गुहार लगाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। उनका आरोप है कि प्रशासन उनकी सुध लेने तक नहीं पहुंचा।\n\nग्रामीणों की मांग\n\nग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि युद्ध स्तर पर नए पुल का निर्माण कराया जाए या फिर तत्काल वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग बनाया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज, मजदूरों की रोज़ी-रोटी और सरकारी सेवाएं फिर से सामान्य हो सकें।0
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