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Umesh Trivedi Adv Beuro PinewZUmesh Trivedi Adv Beuro PinewZFollow29 Nov 2025, 11:22 am
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शेखावाटी हवेलियों के संरक्षण पर मुख्यमंत्री की कड़ी प्रतिबद्धता

Jaipur, Rajasthan:जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, जल उपलब्धता और राजस्थान के विकास को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। शेखावाटी हेरिटेज एवं विकास समिट-2026 में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शेखावाटी की हवेलियां राजस्थान की समृद्ध विरासत हैं। इनके मूल स्वरूप के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। हवेलियों के संरक्षण के साथ क्षेत्र की पारंपरिक चित्रकारी करने वाले कलाकारों को भी आगे लाया जाएगा। शेखावाटी हेरिटेज सबमिट के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शेखावाटी क्षेत्रवासियों का अभिनंदन करते हुए क्षेत्र के देवी-देवताओं का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि शेखावाटी ने वीरता और पराक्रम की बदौलत देशभर में अपनी पहचान बनाई है। देश में कहीं भी जाने पर उन्हें शेखावाटी के प्रवासी लोग मिलते हैं। प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी मिट्टी का मान-सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने हवेलियों के संरक्षण का अनुभव साझा करते हुए बताया कि शेखावाटी की यात्रा के दौरान कुछ हवेलियों के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ देखकर उन्हें दुख हुआ था। इस पर उन्होंने तत्काल जिला कलेक्टर को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को बचाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। बाईट - भजनलाल शर्मा- मुख्यमंत्री आदि बातें-presence के साथ आईं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में इस अभियान के तहत 29 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। जल संकट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गठन के बाद प्रदेश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास का रोडमैप तैयार किया। यमुना जल समझौते पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि शेखावाटी के खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी और जीण माता के आशीर्वाद से हरियाणा में भाजपा की सरकार बनी। चूरू में 800 करोड़ रुपये के रिजर्वायर का शिलान्यास हो चुका है। आने वाले समय में पूरे शेखावाटी क्षेत्र को पानी उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा। बाईट - भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री
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राजस्थान में पीएम ई-बस से सार्वजनिक परिवहन तेज़, जयपुर को 103 ई-बसें मिलीं

Jaipur, Rajasthan:जयपुर पीएम ई-बस से मिल रही नई गति प्रदेश में स्वच्छ-सुलभ सार्वजनिक परिवहन बढ़ी रफ़्तार राज्य के 9 शहरों के लिए 1150 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत, अब तक मिली 250 ई-बस जयपुर को अब तक मिली 103 ई-बस, 450 ई-बसें और 50 डबल डेकर ई-बसें मिलेगी जल्द प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम ई-बस सेवा योजना देश के शहरी परिवहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव का आधार बन रही है। इससे स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत प्रारम्भ में राजस्थान के आठ शहरों के लिए कुल 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई थी। परंतु राज्य सरकार के विशेष प्रयासों और मजबूत प्रबंधन के चलते प्रदेश के लिए अतिरिक्त बसें स्वीकृत कराई गईं है, जिससे राजस्थान के लिए कुल 1150 ई-बसें मंजूर हो चुकी हैं। जयपुर के लिए 550, जोधपुर के लिए 125, अजमेर एवं कोटा के लिए 100-100, बीकानेर के लिए 75, भीलवाड़ा, अलवर, उदयपुर और सीकर के लिए 50 ई-बसें स्वीकृत की गई हैं। राज्य को अब तक 250 ई-बसें प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें से 103 बसें जयपुर के लिए जेसीटीएसएल को मिली हैं। 58 बसों का संचालन बगराना डिपो से किया जा रहा है जबकि शेष बसों का संचालन टोडी डिपो से शीघ्र ही प्रारम्भ किया जाएगा। सीसीटीवी, पैनिक बटन जैसी तकनीकों से सुसज्जित हैं ई-बसें अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित ये ई-बसें वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और दिव्यांगजनों के लिए किफायती और आरामदायक सफर सुनिश्चित करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, बसों में लगे सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और सुरक्षा उपकरणों से महिला सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। डिपो एवं चार्जिंग इन्फ्रा विकसित करने पर फोकस बजट घोषणा 2025-26 की अनुपालना में बाकी 450 ई-बस और 50 डबल डेकर ई-बस प्राप्त करने की प्रक्रिया जेसीटीएसएल द्वारा की जा रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बसों की खरीद और उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी संपूर्ण व्यवस्था तैयार करने पर है, जिससे बसों का नियमित संचालन हो और यात्रियों को सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवा मिल सके।
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रक्सौल सीमा पर एसटीएफ ने 4 करोड़ रुपये की स्मैक पकड़ी, 2 तस्कर गिरफ्तार

Motihari, Bihar:रक्सौल में पुलिस-एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 4 करोड़ रुपये की स्मैक बरामद; दो तस्कर गिरफ्तार, स्कॉर्पियो जप्त लखनऊ से रक्सौल के रास्ते नेपाल ले जाई जा रही थी 1 किलो 800 ग्राम स्मैक जैसी नशीली पदार्थ रक्सौल :- भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रक्सौल पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ रुपये मूल्य की स्मैक जप्त किया है। इस मामले में पुलिस ने दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक नई स्कॉर्पियो को भी पुलिस ने जब्त किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, रक्सौल के डीएसपी मनीष आनंद को गुप्त सूचना मिली थी कि लखनऊ से स्मैक की बड़ी खेप लेकर तस्कर रक्सौल बॉर्डर के रास्ते नेपाल जाने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी ने पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम के साथ छापेमारी की रणनीति बनाई । इसके बाद रक्सौल के लक्ष्मीपुर चेकपोस्ट के पास पुलिस टीम ने मोतिहारी की ओर से तेज गति से आ रही एक स्कॉर्पियो को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से 1 किलो 800 ग्राम स्मैक जैसा नशीला पदार्थ बरामद हुआ । इसके बाद पुलिस ने वाहन को जब्त करते हुए उसमें सवार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों के नाम सामने आने की चर्चा पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने रक्सौल में सक्रिय कथित ड्रग्स तस्करी नेटवर्क के संबंध में अहम जानकारी दिया है। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अब इन जानकारियों के आधार पर तस्करी की कड़ियों को जोड़ने और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। ड्रग्स तस्करी पर कार्रवाई को लेकर फिर चर्चा में सीमा क्षेत्र भारत-नेपाल सीमा से सटे रक्सौल में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में पुलिस और एसटीएफ की यह संयुक्त कार्रवाई तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है। गौरत है कि हाल ही में देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात द्वारा ड्रग्स तस्करी की रोकथाम के लिए की गई कार्रवाई की सराहना की थी। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मामले की जांच के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। इस कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में तस्करी के नेटवर्क से जुड़े और कितने लोगों की भूमिका सामने आती है। पकड़े गए दो तस्कर मोतिहारी के रामगढ़वा और रक्सौल के रहने वाले हैं। जिस नई स्कॉर्पियो से ड्रग की खेप लाई गई थी वह तस्कर के भाई के नाम पर है।
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राजस्थान में Sawai Madhopur व जैसलमेर में पर्यटन पुलिस थाने शुरू, सुरक्षा बढ़ेगी

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ अब पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है... रणथंभौर में बाघों का दीदार करने आने वाले पर्यटकों हों या जैसलमेर के रेतीले धोरों और Sonar किले की सैर करने वाले सैलानी... इनकी सुरक्षा और सहायता के लिए पर्यटन पुलिस का दायरा बढ़ाने की तैयारी है..पुलिस मुख्यालय का सवाई माधोपुर और जैसलमेर में नए पर्यटन पुलिस थाने खोलने का प्रस्ताव है... पुलिस मुख्यालय ने दोनों जिलों में थाने स्थापित करने के लिए गृह विभाग से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मांगी है... दो नए पर्यटन पुलिस थानों का प्रस्ताव राजस्थान में पर्यटन पुलिस का विस्तार करने की तैयारी है... पुलिस मुख्यालय ने सवाई माधोपुर और जैसलमेर में एक-एक नया पर्यटन पुलिस थाना खोलने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा है... इसके लिए जरूरी पदों और संसाधनों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मांगी गई है... प्रस्ताव का मकसद पर्यटन स्थलों पर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना... उन्हें जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराना... और पर्यटकों के साथ होने वाले अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई करना है... इसके अलावा पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को परेशान करने वाले बिना लाइसेंसधारी लपकों के खिलाफ पर्यटन एक्ट-2010 के तहत कार्रवाई पर भी जोर दिया गया है... रणथंभौर से सोनार किले तक सुरक्षा पर फोकस.... सवाई माधोपुर में रणथंभौर टाइगर रिजर्व पर्यटकों के आकर्षण का बड़ा केंद्र है... इसके अलावा त्रिनेत्र गणेश मंदिर और चौथ माता मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं... वहीं जैसलमेर में सोनार किला, पटवों की हवेली, सालमसिंह की हवेली, सम और खुड़ी के रेतीले धोरे तथा तनोट माता मंदिर पर्यटकों को आकर्षित करते हैं... इन दोनों जिलों में देशी और विदेशी पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए अलग पर्यटन पुलिस थानों की जरूरत महसूस की गई है... प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर पर्यटकों की सुरक्षा और सहायता के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था विकसित करने का रास्ता साफ हो सकता है... सवाई माधोपुर और जैसलमेर में पिछले दो साल में आए देशी-विदेशी सैलानी... सवाई माधोपुर वर्ष 2024 विदेशी पर्यटक 70,133 व स्वदेशी पर्यटक 1 करोड़ 52 लाख 83 हजार 450; वर्ष 2025 में विदेशी पर्यटक 74 हजार 63 तथा स्वदेशी पर्यटक 1 करोड़ 48 लाख 58 हजार 681... जैसलमेर वर्ष 2024 विदेशी पर्यटक 1 लाख 61 हजार 884 व स्वदेशी पर्यटक 2 करोड़ 24 लाख 16 हजार 810; वर्ष 2025 में विदेशी पर्यटक एक लाख, 53 हजार 716 तथा स्वदेशी पर्यटक 2 करोड़ 18 लाख 32 हजार 835 आए... जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में पहले से व्यवस्था... राजस्थान में पर्यटन पुलिस की व्यवस्था पहले से चल रही है... वर्ष 2013-14 की बजट घोषणा के तहत जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में तीन पर्यटन पुलिस थाने स्वीकृत किए गए थे... पुलिस मुख्यालय के अनुसार इन तीनों थानों में कुल 150 पद स्वीकृत हैं... इनमें 3 पुलिस निरीक्षक, 6 उपनिरीक्षक, 12 सहायक उपनिरीक्षक, 9 हेड कांस्टेबल, 114 कांस्टेबल और 6 ड्राइवर के पद शामिल हैं... अब सवाई माधोपुर और जैसलमेर में नए थाने खोलने का प्रस्ताव इसी व्यवस्था के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है... तीन थानों में दर्ज अपराधों के आंकड़े... पर्यटन पुलिस थानों में दर्ज अपराधों के आंकड़े भी सामने आए हैं... वर्ष 2024 में जयपुर में 76, जोधपुर में 18 और उदयपुर में 104 अपराध दर्ज किए गए.. तीनों थानों में कुल 198 मामले दर्ज हुए... वर्ष 2025 में जयपुर में 108, जोधपुर में 18 और उदयपुर में 108 अपराध दर्ज हुए... पिछले साल कुल मिलाकर 234 मामले दर्ज किए गए... वहीं वर्ष 2026 में सितंबर तक जयपुर में 95, जोधपुर में 10 और उदयपुर में 88 अपराध दर्ज हुए इस अवधि में तीनों थानों में कुल मिलाकर 193 मामले दर्ज हुए... अब गृह विभाग की मंजूरी का इंतजार सवाई माधोपुर और जैसलमेर में पर्यटन पुलिस थाने खोलने के लिए नए पदों और जरूरी संसाधनों की स्वीकृति मिलना आवश्यक है... पुलिस मुख्यालय ने इसी संबंध में गृह विभाग से प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मांगी है... हालांकि, फिलहाल यह प्रस्तावित योजना है... सरकार की मंजूरी के बाद ही थानों की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी... राजस्थान की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका है... ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और उन्हें परेशान करने वाले तत्वों पर नियंत्रण... पर्यटन पुलिस की भूमिका को और महत्वपूर्ण बनाते हैं... अब नजर सरकार के फैसले पर है... सवाई माधोपुर और जैसलमेर में पर्यटन पुलिस थानों के प्रस्ताव को कब मंजूरी मिलती है... यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा...
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झारखंड में बीजेपी के पुनः मजबूत होने का संकल्प, नितिन नबीन ने कहा

Ranchi, Jharkhand:रांची कार्यसमिति की बैठक में बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा उत्तर प्रदेश से बिहार आता हूं, बिहार से झारखंड होते बंगाल और उड़ीसा जाता हूं तो एक कसक होती है, कि झारखंड में कब भाजपामय बनेगा। इस कार्यसमिति से संकल्प मिशन के रुप में जाना चाहिए कि जो गढ़ था भाजपा का आज वो गढ़ कमजोर हुआ है। हम सब को मिल कर इसके लिए काम करना है। पूरी ताकत से शिद्दत से खड़ा होना है। आज भाजपा का नेतृत्व और विचार हर कोने में है,सिर्फ उसे समेटने की आवश्यकता है। झारखंड में बीजेपी के कार्यकर्ता कमल खिलाने के लिए पूरी ताकत से लगेगें। बाइट ....नितिन नबीन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, बीजेपी
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बिहार में 5 साल में 12 लाख रोजगार, 20 हजार एकड़ जमीन से उद्योगिक क्रांति

Gaya, Bihar:बिहार बदलेगा, रोजगार यहीं मिलेगा: 5 साल में 12 लाख लोगों को नौकरी देने का सम्राट चौधरी का लक्ष्य बिहार अब सिर्फ अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए नहीं, बल्कि उद्योग, निवेश और रोजगार के नए केंद्र के रूप में भी पहचान बनाने की तैयारी में है। गया में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी के लोगो और वेबसाइट लॉन्च समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उद्योगपतियों को निवेश का न्योता देते हुए अगले पांच वर्षों में बिहार के 12 लाख लोगों को राज्य में ही रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा। उन्होंने फरवरी 2027 में बिहार बिजनेस कनेक्ट के बड़े आयोजन, 20 हजार एकड़ औद्योगिक जमीन उपलब्ध कराने और मगध क्षेत्र में नई टाउनशिप विकसित करने की योजनाओं का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के लिए यह सुखद पल है, क्योंकि अब राज्य उद्योग और निवेश के लिए तैयार है। इसी संदेश के साथ बिहार बिजनेस कनेक्ट का थीम ‘बिहार है तैयार’ रखा गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक राज्य में सड़क, बिजली, भोजन और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने पर जोर रहा। अब बिहार को औद्योगिक विकास के अगले चरण में ले जाने का समय है। बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड के लोगो और वेबसाइट लॉन्च तथा बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 के कर्टन रेजर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मगध की धरती ने भारत को स्वर्णिम इतिहास दिया है। यहीं भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ और गया की धार्मिक महत्ता के कारण दुनिया भर से लोग यहां आते हैं। बिहार अनेक धर्मों और संस्कृतियों का संगम है। अब इस विरासत के साथ औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई पहचान देनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार की कमी के कारण बिहार के लाखों लोगों को दूसरे राज्यों में काम करने जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि करीब पांच लाख बिहारी दूसरे राज्यों में राशन उठा रहे हैं और सात लाख लोग मजदूरी के लिए बिहार से बाहर जाते हैं। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में इन 12 लाख लोगों को बिहार में ही रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बिहार से बाहर रह रहे उद्योगपतियों और प्रवासी बिहारियों से राज्य में निवेश करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि लोग अपनी कर्मभूमि के अनुभव और संसाधनों का इस्तेमाल अपनी जन्मभूमि के विकास में करें। उन्होंने बिहार के बाहर रह रहे प्रवासी बिहारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एनआरआई सेल खोलने की अपील भी की। सम्राट चौधरी ने कहा कि उद्योगों की स्थापना के लिए जमीन, पानी और बिजली सबसे जरूरी संसाधन हैं। सरकार इन तीनों क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। उनके अनुसार बिहार में पहले करीब 350 मेगावाट बिजली का उपयोग होता था, जबकि अब खपत लगभग 10 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है। अगले पांच वर्षों में 20 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की दिशा में काम किया जाएगा। इसमें ग्रीन एनर्जी, सौर ऊर्जा और हाइड्रोजन ऊर्जा को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि औरंगाबाद में बिजली क्षेत्र में करीब 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश की दिशा में काम हो रहा है। इसके अलावा राज्य में स्टील प्लांट, खाद उद्योग और अन्य बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि छह स्टील प्लांट से जुड़े निवेशकों ने सरकार के साथ एमओयू किया है और बिहार को स्टील हब बनाने की दिशा में काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि फरवरी 2027 में बिहार बिजनेस कनेक्ट का बड़ा आयोजन किया जाएगा। इसमें देश-विदेश के निवेशकों और उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तब तक सरकार के पास उद्योगों के लिए 20 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 15 नीतियां बनाई गई हैं, ताकि राज्य का सर्वांगीण विकास हो सके। सरकार का उद्देश्य निवेशकों के लिए प्रक्रिया आसान बनाना और उद्योग लगाने में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। उन्होंने कहा कि सहयोग पोर्टल पर निर्धारित 30 दिनों में काम नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ स्वतः कार्रवाई और निलंबन की व्यवस्था का प्रावधान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, 30 दिनों के भीतर लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था भी उद्योगों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने गया के औद्योगिक और शहरी विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि गया बिहार के सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। यहां धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। सरकार गया में ‘मगध’ के नाम से नई टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि टाउनशिप की योजना इस तरह बनाई जानी चाहिए कि भगवान बुद्ध को मानने वाले दुनिया भर के पर्यटकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकें। बोधगया में बेहतर सड़कें, आधुनिक टाउनशिप और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष गया में करीब 35 लाख लोग आए थे, जबकि इस वर्ष पिंडदान के लिए आने वालों की संख्या 50 लाख से अधिक रही। उन्होंने कहा कि गया और बोधगया को अंतरराष्ट्रीय स्तर से जोड़ने के लिए बेहतर हवाई संपर्क जरूरी है। इसके लिए केंद्र सरकार से भी सहयोग मांगा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित टाउनशिप में ड्राई पोर्ट की सुविधा विकसित करने की जरूरत बताई, ताकि उद्योगों और कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री ने मगध क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाने की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कम बारिश के बावजूद गंगा, सोन और गंडक नदियों में पानी की स्थिति को देखते हुए जल प्रबंधन पर काम करना जरूरी है। सरकार ने सोन नदी को फल्गु नदी से जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है। हरिहरगंज से फल्गु नदी तक पानी पहुंचाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विस्तार के लिए पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। पानी की व्यवस्था बेहतर होने से मगध क्षेत्र में उद्योगों और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार ۾ आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। उनके मुताबिक, रेलवे क्षेत्र में करीब एक लाख करोड़ रुपये और सड़क क्षेत्र में करीब चार लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े कार्य चल रहे हैं। पटना एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाकर एक करोड़ यात्रियों तक करने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि दरभंगा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का काम शुरू हो चुका है। भागलपुर और सोनपुर में पीपीपी मॉडल पर एयरपोर्ट विकसित करने की योजना भी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बोधगया से पटना पहुंचने में छह से सात घंटे लगते थे, जबकि अब करीब डेढ़ से दो घंटे में यात्रा पूरी हो जाती है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़क और कनेक्टिविटी के विकास से उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की छवि बदलने के लिए केवल सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज, उद्यमियों और निवेशकों को भी इसमें भागीदार बनना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार की पुरानी छवि से बाहर निकलकर राज्य को वैश्विक स्तर की औद्योगिक सुविधाओं से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने गया को धार्मिक पहचान के साथ औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से बिहार में निवेश करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की अपील करते हुए कहा कि बिहार की समृद्धि ही राज्य के लोगों को अपने घर में बेहतर भविष्य बनाने का अवसर देगी。 स्पीच:- सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री बिहार
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1984 के शहीदों की याद में कांग्रेस-सरकार के बयानबाजी पर बहस

Chandigarh, Chandigarh:मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी का बयान लोकतंत्र में हर दल को अपनी बात रखने का अधिकार और हम उसका सम्मान करते हैं नवंबर 1984 वही तारीख जब दिल्ली में सिख विरोधी हिंसा का दौरा हुआ शुरू तारीखें केवल कैलेंडर में नहीं देश की स्मृति में भी होती है दर्ज जिस दिन सिख समाज अपने शहीदों को याद कर सर झुकाता है उस दिन कांग्रेस मंच सजाकर नारे लगाएगी 1984 के प्रति हमारी भावना राजनीति की नहीं संवेदना और कर्तव्य की हरियाणा में भी 1984 की हिंसा के जख्म गहरे, प्रदेश में 121 लोगों की जान गई हमारी सरकार द्वारा इन 121 परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जाएगी सरदार त्रिलोचन सिंह का बयान कोई विपक्ष का आरोप नहीं कांग्रेस के अपने घर से आई गवाही जो प्रक्रिया कांग्रेस के समय में सुधार थी वही आज वोट चोरी कैसे हुई, यह दोहरा मापदंड नहीं चलेगा यदि मतदाता सूची साफ होगी तभी चुनाव साफ होंगे जिनके दौर में बूथ लूटे जाते थे वह आज लोकतंत्र की पहरेदारी का पाठ पढ़ा रहे हैं
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झांसी में किन्नरों का सड़क जाम: पुलिस लाइन के सामने नग्न प्रदर्शन से यातायात बाधित

Jhansi, Uttar Pradesh:एंकर- झांसी में नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित पुलिस लाइन और एसएसपी कार्यालय के सामने मेन रोड पर किन्नरों ने कपड़े उतारकर सड़क जाम कर जमकर हंगामा किया। आरोप है कि यातायात रोककर बीच सड़क पर एक राहगीर की कार के ऊपर चढ़ कर हंगामा किया और इस दौरान किन्नरों ने राहगीर और पुलिसकर्मी के साथ भी मारपीट की गई। करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और यातायात को सुचारू करा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। वी/ओ.1-बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले दो किन्नर गुटों में क्षेत्र बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था। जब प्रदर्शनकारी किन्नर पुलिस के पास मदद मांगने गए तो उनकी सुनवाई नहीं हुई, इससे नाराज होकर आज उन्होंने एसएसपी कार्यालय के गेट के सामने प्रदर्शन किया और पुलिस लाइन के सामने मेन रोड पर कपड़े उतारकर यातायात रोका फिर जमकर नग्न अवस्था में हंगामा किया। राहगीरों के साथ कहासुनी हुई। जब एक पुलिसकर्मी समझाने पहुंचा तो उसके साथ भी मारपीट कर दी गई। खुद को घिरता देख सुरक्षा कर्मी ने दौड़ लगाकर अपनी जान बचाई और थाने में सूचना दी। सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हंगामा कर रहे लोगों को पकड़कर पुलिस लाइन ले जाया गया। इस दौरान किसी पुलिसकर्मी ने किन्नर को धमकी दी, जिससे आक्रोशित होकर एक किन्नर ने पुलिस लाइन गेट से अपना सिर टकरा लिया। वहीं इस मामले पर थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने कहा कि ये किन्नरों का सांकेतिक प्रदर्शन है।
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जयपुर के खोले के हनुमान मंदिर में भक्तों का संगम और संतों का आशीर्वाद

Jaipur, Rajasthan:राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध खोले के हनुमान मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भक्ति, श्रद्धा और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष राजेश मंगल ने साधु-संतों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन में बड़ी संख्या में भाजपा नेता भी पहुंचे और संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया। इस मौके पर आचार्य प्रमोद कृष्णम, शनि धाम के दाती महाराज और आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालिका नंद गिरी सहित अनेक संत-महात्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम के तहत सवामणी का आयोजन भी किया गया। इसके साथ ही साधु-संतों, महात्माओं और आमजन के लिए प्रसादी की व्यवस्था की गई। धार्मिक आस्था के केंद्र खोले के हनुमान मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम में धर्म, अध्यात्म और सामाजिक सद्भाव की झलक देखने को मिली।
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उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के लिए अमिट स्याही खरीद के लिए टेंडर जारी

Lucknow, Uttar Pradesh:2410ZUP_LKO_PANCHAYAT_WKT उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव में इस्तेमाल होने वाली 5 लाख शीशी अमिट स्याही की खरीद के लिए टेंडर जारी किया है। टेंडर प्रक्रिया 27 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच पूरी की जाएगी। चुनाव में मतदान के दौरान मतदाताओं की उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाती है, ताकि दोबारा मतदान की संभावना को रोका जा सके। ऐसे में चुनाव से जुड़ी जरूरी सामग्री की खरीद की प्रक्रिया शुरू होने के बाद पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। हालांकि, पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। अब देखना होगा कि निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम को लेकर आगे क्या कदम उठाता है.
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हरियाणा में 10,757 अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के लिए सरकार से ठोस कदम शुरू

Chandigarh, Chandigarh:10,757 अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करे सरकार: कृष्ण धारशूल 21 वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों को तीन वर्षीय नीति के तहत नियमित करने की मांग; 25 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र में होगी न्याय रैली चंडीगढ़, 24 अक्टूबर 2026। अतिथि अध्यापक संयुक्त संघर्ष मोर्चा, हरियाणा प्रदेश ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि माननीय न्यायालय के आदेशों की भावना का सम्मान करते हुए शिक्षा विभाग में पिछले 21 वर्षों से सेवाएं दे रहे 10,757 अतिथि अध्यापकों को वर्ष 2014 में बनाई गई तीन वर्षीय नीति के तहत नियमित करने की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारशूल ने कहा कि अतिथि अध्यापक पिछले 21 वर्षों से हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी विद्यार्थियों को शिक्षित करने और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके बावजूद उनके नियमितीकरण का मामला लंबित है, जिससे शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारशूल ने कहा, “अतिथि अध्यापक पिछले 21 वर्षों से हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के भविष्य को प्राथमिकता दी है। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उनकी वर्षों की सेवाओं और योगदान को उचित सम्मान देते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू करे। हमारी मांग है कि माननीय न्यायालय के 25 मई 2026 के आदेश के अनुरूप वर्ष 2014 में बनाई गई तीन वर्षीय नीति के तहत अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। सरकार को इस मामले में अनावश्यक देरी किए बिना स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए, ताकि 10,757 शिक्षकों और उनके परिवारों को भविष्य की अनिश्चितता से राहत मिल सके।” उन्होंने आगे कहा कि अतिथि अध्यापकीय अपने अधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करके नियमितीकरण की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी करनी चाहिए, ताकि शिक्षकों को उनकी सेवा स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके। व्यक्तिगत सुनवाई के बाद भी अंतिम निर्णय का इंतजार मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि अतिथि अध्यापकों से संबंधित मामलों में विभागीय स्तर पर व्यक्तिगत सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियमितीकरण को लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि संबंधित मामलों का शीघ्र निपटारा कर शिक्षकों को राहत प्रदान की जाए। 21 अक्टूबर को सिरसा से शुरू हुई न्याय यात्रा प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप झरौली ने बताया कि अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की मांग को लेकर 21 अक्टूबर को सिरसा से न्याय यात्रा शुरू की गई है, जो 25 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र पहुंचेगी। कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाली न्याय रैली में प्रदेशभर के अतिथि अध्यापक शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने बताया कि न्याय रैली के बाद अतिथि अध्यापक न्याय रथ के साथ पैदल march करते हुए चंडीगढ़ पहुंचेंगे और राज्यपाल के समक्ष अपनी मांग रखेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य अतिथि अध्यापकों की समस्याओं और नियमितीकरण की मांग को सरकार तक पहुंचाना है। मोर्चा के पदाधिकारी रहे उपस्थित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारशूल, महिला विंग की अध्यक्ष मैना यादव, महासचिव रघु वत्स और प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप झरौली विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा संयोजक सुभाष रविश (कैथल), वरिष्ठ उपप्रधान पवन जाखड़ (झज्जर), कोषाध्यक्ष गुरुदत्त शास्त्री (कुरुक्षेत्र), सह-कोषाध्यक्ष हरदीप गिल (सिरसा), सचिव विकास रविश (कैथल) और सोशल मीडिया प्रभारी सतीश यादव (महेंद्रगढ़), सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। मंडल अध्यक्षों में प्रदीप गुर्जर (अंबाला), फतेहराम (फरीदाबाद), नरेश यादव (गुरुग्राम), रविंद्र ख्यालिया (हिसार), नरेंद्र सिंह संधू (करनाल) और शमशेर सिंह (रोहतक) का भी संगठनात्मक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान है। अंत में मोर्चा ने हरियाणा सरकार से अपील की कि 10,757 अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सकारात्मक निर्णय लिया जाए। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान होने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा।
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