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मध्यप्रदेश बैतूल में नकाबपोश हमला: 24 घंटे में गुत्थी सुलझी, आरोपी सलाखों के पीछे

Betul, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ अंधे कत्ल के प्रयास की गुत्थी को पुलिस ने महज 24 घंटे में सुलझा लिया। नकाबपोश हमलावर ने पति-पत्नी पर जानलेवा हमला किया, लेकिन पत्नी की बहादुरी और पुलिस की सूझबूझ से आरोपी अब सलाखों के पीछे है। घटना 1 अप्रैल 2026 की दोपहर करीब 3 बजे की है, जब थाना चोपना क्षेत्र के ग्राम शिवसागर पुलिया के पास विप्लव विश्वास और उनकी पत्नी सुशांति विश्वास पर एक नकाबपोश हमलावर ने धारदार हथियार ‘दाव’ से हमला कर दिया। हमला इतना खतरनाक था कि विप्लव का बायां हाथ कलाई से लगभग अलग हो गया और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। हमले के दौरान पत्नी सुशांति विश्वास ने अदम्य साहस दिखाते हुए हमलावर का सामना किया और अपने पति की जान बचाई और राहगीरों की मदद से घायल पति को तुरंत घोड़ाडोंगरी अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। मामला की गंभीरता को देखते हुए बैतूल पुलिस तुरंत एक्शन में आई और तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान पत्नी के शक के आधार पर पुलिस ने आरोपी प्रणव मिस्त्री को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि पुरानी रंजिश और सामाजिक बदनामी के चलते उसने बदले की भावना में इस हमले को अंजाम दिया। इस केस में सबसे अहम कड़ी बनी डिजिटल ट्रांजैक्शन। आरोपी ने हमले के लिए ‘दाव’ 850 में खरीदा था और पेमेंट ऑनलाइन किया था। पुलिस ने इस डिजिटल सबूत के आधार पर केस को मजबूत किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल ‘दाव’ मोटरसाइकिल, घटना के समय पहने कपड़े बरामद कर लिए हैं। घायल विप्लव विश्वास का इलाज AIIMS भोपाल में जारी है, जहां उनका जटिल ऑपरेशन किया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बैतूल में अंधे कत्ल के प्रयास का ये मामला अब पूरी तरह से सुलझ चुका है। एक तरफ पत्नी की बहादुरी ने जान बचाई, तो वहीं पुलिस की कार्रवाई ने आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
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बिलासपुर नगर निगम ने मार्च तक 102.32 करोड़ राजस्व वसूला; नया रिकॉर्ड

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। इतिहास में पहली बार नगर निगम बिलासपुर ने राजस्व में मार्च महीने तक 100 करोड़ वसूल लिया है । पुराने अपने सभी रिकार्ड को तोड़ते हुए नगर निगम ने 31 मार्च तक समस्त राजस्व आय में वृद्धि करते हुए 102 करोड़ 32 लाख रूपये वसूला है। शासन द्वारा कर भुगतान में एक माह 30 अप्रैल तक दिए छूट के बाद यह आंकड़ा और भी बढ़ेगा। पिछले वर्ष से अधिक वसूली के लक्ष्य को पूरा करने के लिए निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने सभी आरआई और एआरआई को 30 अप्रेल तक वसूली पूरा करने के निर्देश दिए और राजस्व वसूली में वृद्धि होने पर टीम का उत्साहवर्धन भी किया। पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम ने संपत्तिकर,समेकित यूजर चार्ज, भूखण्ड,दुकान, नीलामी,किराया समेत अन्य स्त्रोत को मिलाकर 31 मार्च तक 90 करोड़ 11 लाख वसूला था,जो रिकार्ड था। मगर इस साल पूर्व निर्धारित तिथि 31 मार्च तक निगम ने पुराने रिकार्ड को तोड़ते हुए 102 करोड़ 32 लाख की वसूली की है। इस साल सबसे खास बात यह है की राजस्व का मुख्य आधार संपत्तिकर,समेकित और यूजर चार्ज को मिलाकर 62 करोड़ 68 लाख 40 हजार वसूला गया है ।दुकान, भूखण्ड,किराया समेत अन्य स्त्रोत से 37 करोड़ 93 लाख 86 हजार वसूला गया है। पहली बार मार्च महीने तक 100 करोड़ की वसूली करने के लिए नगर निगम ने कई माह पूर्व से ही निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश में अभियान शुरू कर दिया था। डोर टू डोर संपर्क,शिविर, बड़े बकायादारों से सख्ती और नवाचार तथा ऑनलाइन सुविधा से निगम अपने लक्ष्य के करीब पहुंचा है। राजस्व वसूली को एक प्रकार से अभियान का रूप देते हुए लगातार माॅनिटरिंग की गई है।
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संतकबीरनगर पुलिस ने मोबाइल चोरी के साथ गांजे के व्यापारियों को गिरफ्तार

Uska Khurd, Uttar Pradesh:संतकबीरनगर जिले में पुलिस ने मोबाइल चोरी की घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने चोरी की 11 मोबाइल और 2 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। पुलिस के-hत्थे चढ़े दोनों अभियुक्त रेकी कर रात में गांवों और चौराहों पर सो रहे लोगों की मोबाइल चोरी की घटना को अंजाम देते थे और उसे बेच देते थे। इसके साथ ही दोनों अभियुक्त अवैध गांजा भी बेचने का काम करते थे। पुलिस लाइन ने ASP सुशील कुमार सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि दोनों अभियुक्तों ने कोतवाली क्षेत्र के एक ईंट भठ्ठे पर खड़की तोड़कर रात में 4 मोबाइल चोरी की घटना को अंजाम दिया था। पीड़ित کی शिकायत پر पुलिस کیس दर्ज कर मामले छानबीन में जुटी थी। पुलिस ने मोबाइल चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो अभियुक्तों चोरी की 11 मोबाइल और अवैध गांजा के साथ गिरफ्तार किया है。
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ईरान-इजरायल तनाव के बीच Ghazipur बिजली विभाग हाई अलर्ट, इंडक्शन चूल्हा से खपत बढ़ी

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर ईरान-इजरायल तनाव में गैस सिलेंडर की कमी के बीच बिजली की खपत बढ़ी. सिलेंडर की कमी की वजह से इंडक्शन चूल्हा की बढ़ी मांग, इंडक्शन चूल्हा की मार्केट में हुई कमी. पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर अनिल वर्मा ने दी जानकारी. कहा- गैस सिलेंडर की संभावित कमी पर इंडक्शन चूल्हा की मांग के बीच बिजली खपत बढ़ी. बढ़ती गर्मी और बिजली की खपत को देखते हुए बिजली विभाग अलर्ट मोड में. जिला के सभी फीडरों को किया गया अलर्ट, सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त के निर्देश. गर्मी में ट्रांसफार्मर के जलने को लेकर बैकअप में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की डिमांड की गई है. गर्मी और बढ़ती बिजली की खपत को देखते हुए फॉल्ट तुरंत ठीक करने का आदेश. ट्रांसफार्मरों को सक्रिय रखने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश. ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात और पेट्रोल-डीजल के साथ गैस सिलेंडर की संभावित किल्लत के बीच गाजीपुर में बिजली व्यवस्था को लेकर बिजली का विभाग सतर्क हो गया है। बढ़ती गर्मी और बिजली की खपत को देखते हुए विद्युत विभाग ने सभी केंद्र व उपकेंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा है। अधिकारी और लाइनमैनों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी फॉल्ट को तत्काल ठीक किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) अनिल वर्मा ने बताया कि ईरान-इजराइल तनाव में गैस सिलेंडर की सम्भावित कमी के बीच बिजली की खपत बढ़ी। लोग इंडक्शन चूल्हा का इस्तेमाल किया जा रहा है। कहा कि मार्केट में इंडक्शन चूल्हा की कमी हो गई है. लेकिन इस बीच बिजली व्यवस्था पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। बिजली व्यवस्था लोगों को निर्वाध रूप से मिले। इसके लिए बिजली विभाग के केंद्र व उप केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी कर्मचारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी में ट्रांसफॉर्मर के जलने को लेकर बैकअप में अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर की डिमांड की गई है। गर्मी और बढ़ती बिजली की खपत को देखते हुए फॉल्ट तुरंत ठीक करने का आदेश. ट्रांसफार्मरों को सक्रिय रखने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश. बाइट- अनिल वर्मा- चीफ इंजीनियर, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, वाराणसी
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देवरिया: फर्जी कंपनी से 60 करोड़ के ऑनलाइन ठगी का आरोपी गिरफ्तार

Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया जनपद में साइबर क्राइम टीम को बड़ी सफलता मिली है। फर्जी कंपनी बनाकर म्यूल अकाउंट के जरिए ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से बड़ी संख्या में बैंक दस्तावेज, चेकबुक, एटीएम कार्ड, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी अब तक करीब 60 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन से जुड़ा पाया गया है। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है। बरहज थाना क्षेत्र से आरोपी को माखन लाल गुप्ता के नाम पर फर्जी कंपनी के नाम पर कई बैंक खाते संचालित कर रहा था। जांच में सामने आया कि इन खातों में अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए गए। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 11 चेकबुक, 9 एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, कई कंपनी दस्तावेज, 2 डेल लैपटॉप और मोबाइल हेडसेट बरामद किए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IT Act समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पंचकूला नगर निगम घोटाले में विकास कौशिक को कोर्ट के सामने पेश किया गया

Panchkula, Haryana:हरियाणा बैंकिंग घोटाले में पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन सीनियर अकाउंट आफिसर व कालका नगर परिषद के वर्तमान में EO विकास कौशिक को एसीबी ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में पेश कर ACB ने आरोपी से पूछताछ के लिए 7 दिन का रिमांड मांगा है। जिस पर अभी कोर्ट ने फैसला नहीं सुनाया है। पंचकूला कोर्ट में पेश करते हुए ACB ने बताया कि आरोपी ने घोटाले से जुड़ी जाली मोहरें अपनी जींद के बडीवरा गांव स्थित अपने ससुराल में छिपा रखी हैं, जहां से उन्हें बरामद किया जाना है। आरोपी मूलरूप से रोहतक के इंद्रगढ़ गांव का रहने वाला है।पंचकूला ACB टीम के द्वारा आरोपी से इस तरह के दूसरे फ्रॉड का पता लगाया जाएगा, जिससे की सरकारी धन के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके। आरोपी से बैंक दस्तावेज निजी डायरी, जुर्म से कमाए पैसे से खरीद की गई चल सम्पत्ति बरामद की जानी है। इसके अलावा जुर्म के कमाए पैसे से आरोपियों द्वारा खरीदी गई अचल सम्पत्तियों की डिटेल पता की जानी है और जरुरी रिकार्ड इकटठा किया जाना है। अनुसन्धान के लिए सरकारी खजाने से जुड़े कई लेयर वाले बड़े पैमाने के फाईनेंसिल फाड के काम्पलेक्स नेचर का पता लगाना जरुरी है, इसलिए ट्रांसेक्शन की प्रति एक एन्ट्री की जांच आरोपी से पूछताछ करनी होगी। हरियाणा के पंचकूला नगर निगम फ्रॉड केस में एसीबी ने विकास कौशिक तत्कालीन सीनियर अकाउंट ऑफिसर (पंचकूला नगर निगम) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी विकास कौशिक फिलहाल कालका नगर परिषद में बतौर EO कार्यरत था।पहले खोला फर्जी खाता : विकास कौशिक बतौर सेक्शन ऑफिसर नगर निगम पंचकूला में तैनात था, तो उसी दौरान आरोपी विकास कौशिक और पुष्पेंद्र मैनेजर कोटक महिंद्रा बैंक सेक्टर-11 पंचकूला ने मई 2020 में नगर निगम पंचकूला का एक फर्जी बैंक खाता (2015073031) खोला। जिसके लिए उसने कमिश्नर नगर निगम पंचकूला व सीनियर अकाउंट ऑफिसर की मोहरें लगा दी। उन मोहरों पर तत्कालीन आयुक्त सुमेधा कटारिया, आई.ए.एस. व तत्कालीन सीनियर अकाउंट ऑफिसर सुशील कुमार के जाली हस्ताक्षर कर दिए गए। दूसरी बार फिर खुलवाया अकाउंटः जिसके बाद आरोपी विकास कौशिक व पुष्पेंद्र ने मिलकर जून 2022 में फिर से नगर निगम पंचकूला के नाम एक और जाली खाता (2046279112) कोटक महिंद्रा बैंक पंचकूला में खुलवाया। इसके भी अकाउंट ओपनिंग फॉर्म पर बतौर सीनियर अकाउंट ऑफिसर आरोपी विकास कौशिक ने अपने हस्ताक्षर किए तथा दूसरे सिग्नेचरी DMC नगर निगम की जाली मोहर लगा दी थी।फर्जी साइन से चला रहा था खेल: आरोपी विकास कौशिक व पुष्पेंद्र नगर निगम पंचकूला के फर्जी डेबिट पत्र (आरटीजीएस/एनईएफटी नोट) बनाने के बाद फर्जी डेबिट नोट पर एक सिग्नेचरी के रूप में आरोपी विकास कौशिक अपने हस्ताक्षर कर देता था तथा दूसरे सिग्नेचरी के हस्ताक्षर जाली कर दिए जाते थे। एफडी प्री-मैच्योर तुड़वाकर करते थे ट्रांसफर: फर्जी बैंक खातों से इन डेबिट पत्रों के माध्यम से पुष्पेंद्र अपने अन्य बैंक खातों में नगर निगम के रुपए स्थानांतरित कर लेता था। आरोपी विकास कौशिक व पुष्पेंद्र कोटक महिंद्रा मैनेजर द्वारा फर्जी डेबिट पत्र (आरटीजीएस/एनईएफटी नोट) से नगर निगम पंचकूला के असल खातों में जो एफडी बनी होती थी, उनको प्री-मैच्योर तुड़वाकर उसकी राशि को फर्जी हस्ताक्षर कर नगर निगम पंचकूला के नाम से खोले गए फर्जी खाता नंबर 2015073031 व 2046279112 में ट्रांसफर कर देते थे।
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जयपुर में ब्लाइंड मर्डर: पत्नी ने पति की हत्या कर शव जलाया, खुलासा

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में करधनी थाना क्षेत्र के शिवनगर बाइपास के पास एक बोरे में शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर देखा गया कि शव को बुरी तरह जलाकर पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई। डॉग स्क्वॉड, एफएसएल और अन्य तकनीकी टीमों की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि एक महिला और एक किशोर रात करीब 3 बजे साइकिल रिक्शा में शव को बोरे में डालकर घटनास्थल पर फेंकने आए थे। मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी 35 वर्षीय शेख साहन के रूप में हुई, जो जयपुर में रह रहा था और अक्सर शराब के नशे में पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था। पूछताछ में आरोपी पत्नी मौसमी ने कबूल किया कि पति की रोजाना मारपीट से तंग आकर उसने 2 अप्रैल की रात हथौड़े से सिर पर वार कर और रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद बेटे के साथ मिलकर शव को बोरे में डालकर सुनसान जगह पर फेंक दिया और पहचान छिपाने के लिए पेट्रोल डालकर जला दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और नाबालिग बेटे को निरुद्ध किया गया है।
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SC के फैसले से ओवरएज उम्मीदवारों को प्रवेश नहीं, 5 और 6 अप्रैल परीक्षा

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली - राजस्थान में SI की परीक्षा की भर्ती का मामला.... राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन की याचिका पर सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच ने की सुनवाई... SC ने अपने कल के आदेश में बदलाव करते हुए कहा कि सभी ओवरएज (उम्र से ज्यादा) उम्मीदवार परीक्षा नहीं दे सकेंगे..... सिर्फ इस मामले में याचिकाकर्ता सूरजमल मीणा और वे लगभग 713 उम्मीदवार ही परीक्षा दे पाएंगे जिन्होंने पहले कोर्ट में केस किया था और जिन्हें राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन(RPSC) ने एडमिट कार्ड दिया हुआ है.... बाकी ओवरएज उम्मीदवारों को परीक्षा देने की इजाज़त नहीं होगी.... SC ने साफ किया कि जिन्होंने इस मामले को लेकर कोर्ट में याचिका नहीं लगाई थी, उन्हें भी परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं होगी... सुप्रीम कोर्ट का आज का आदेश इसलिए इस अहम है क्योंकि कल के आदेश से जो राहत का रास्ता दूसरे कैंडिडेट्स के लिए खुल रहा था, वो अब बंद हो गया है। अब बाकी कैंडिडेट्स को परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं होगी.... SC ने साफ किया कि परीक्षा निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से होगा यानि परीक्षा 5 अप्रैल और 6 अप्रैल को होगी राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन ने परीक्षा में हो रही व्यवहारिक दिक्कतो का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। आयोग ने SC के कल दिए आदेश में बदलाव की मांग की थी। कमीशन का कहना था कि इस भर्ती में लगभग 7.7 लाख उम्मीदवार शामिल हो रहे हैं। परीक्षा 41 शहरों में 1173 केंद्रों पर हो रही है। अगर अचानक बहुत सारे ओवरएज उम्मीदवारों को अनुमति दी गई तो पूरी परीक्षा व्यवस्था बिगड़ सकती है
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अखिलेश यादव की बैठक: सपा बूथ स्तर पर मजबूती और योजनाओं का घर-घर प्रचार

Lucknow, Uttar Pradesh:2027 चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी में बड़ी बैठक अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं के साथ की उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अब करीब आने वाले हैं ऐसे में समाजवादी पार्टी आज प्रदेश के सभी प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी कार्यालय में एक बड़ी बैठक की इस बैठक में कार्यकर्ताओं को अखिलेश यादव ने निर्देश दिए की बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत किया, pda के तहत और लोगों के बीच जाकर उनको पार्टी से जोड़ा जाए संगठन को मजबूत किया जाए 2012 में जब उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार थी जिन-जिन योजनाओं को सपा ने लागू किया उन योजनाओं को घर-घर लोगों को बताया जाए कि अगर सरकार बनती है दोबारा और योजनाओं को सपा पार्टी प्रदेश में लागू करेगी बैठक के बाद कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें निर्देश दिया गया है कि बीजेपी के जो सफल योजनाएं हैं उनको जनता की भी ले जाएं जो गैस सिलेंडर की किल्लत है उसको जनता के बीच जाकर पूरा करें SIR में जिन लोगों के नाम कट गए हैं साथी 18 साल पूरे होने वाले युवाओं युवतियों के वोटर का कार्ड भी बनवाया जाए जिससे वह ज्यादा से ज्यादा वोट दे सके
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दुआरे के बाहर धुएं से स्कूल बना गैस चैंबर, 45 बच्चे अस्पताल में

Kushinagar, Uttar Pradesh:कुशीनगर में ग्रीन लैंड इंटरनेशनल स्कूल के बाहर कूड़ा और पराली व सूखे हुए भांग के पौधे जलाने से उठे जहरीले धुएं ने स्कूल परिसर को चपेट में ले लिया। धुआं इतना घना था कि क्लास में बैठे बच्चों को सांस लेने में दिक़्त हुई और करीब 45 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में सभी बच्चों को सेवरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ बच्चों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। अभी सभी बच्चों का इलाज जारी है। प्रशासन में हड़कंप मच गया; DM, SP, BSA, ADM, SDM और CO समेत कई अधिकारी अस्पताल पहुंच गए और बच्चों की भर्ती तथा इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया गया। यूपी सरकार के पिछड़ा आयोग के सदस्य फुलबदन कुशवाहा भी पहुंचे और कहा कि गुड फ्राइडे होने के बावजूद स्कूल कब खोला गया, यह लापरवाही है; ऐसी बातों पर कड़ी कार्रवाई होगी। कुशीनगर BSA ने स्कूल की जांच शुरू कर दी क्योंकि मान्यता 1–8 तक की है, फिर भी स्कूल 12 तक चला रहा था। प्रशासन ने आगे ऐसी लापरवाही रोकने के लिए सख्ती दिखाई है ताकि भविष्य में अन्य स्कूल ऐसी गलती न करें। राहत यह है कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं; लेकिन सवाल है कि आखिर बाहर से धुआं किसकी लापरवाही से उठा। जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
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कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति पर भारी भ्रष्टाचार के आरोप, SIT जांच की मांग

Patna, Bihar:बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के वर्तमान कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह के द्वारा विश्वविद्यालय में की गयी वैज्ञानिको, शिक्षकों और कई शिक्षकेतर पदों पर की गयी नियुक्ति की प्रक्रिया में धांधली, प्रशासनिक और अकादमिक अनियमितताओं के सम्बन्ध में दिनांक- 26.09.2025 को प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से साक्ष्य सहित एवं पत्र के माध्यम से जानकारी मुख्यमंत्री जी और महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति महोदय, बिहार को दिया। इसके बावजूद बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति (VC) के विरुद्ध गठित आरोपों के सम्बन्ध में अब तक कोई जांच/कार्रवाई नहीं होना कुलपति के भ्रष्टाचार और अनियमितता को बढ़ावा देने जैसा प्रतीत हो रहा है। हाल ही में कुलपति के विरुद्ध कई अन्य गंभीर भ्रष्टाचार के मामले सामने आये हैं— 1. कुलपति ने अपने बेटी अमिता सिंह को बिज़नेस मैनेजर के पद पर नियुक्त करने के लिए उस पद की अहर्ता और मानदेय में मनमाने तरीके से बदलाव करते हुए मेघावी अभ्यर्थी के स्थान पर अल्प योग्यता वाली अपनी बेटी की महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया है। कुलपति ने SABAGRI योजना अंतर्गत इन्क्यूबेशन सेंटर में बिज़नेस मेनेजर के लिए निर्धारित मानदेय 30,000/- रुपये से बढाकर 1,25,000/- रुपया कर दिया। यही नहीं कुलपति की बेटी उक्त पद पर योगदान के उपरांत कभी भी नियमित सेवा नहीं दे रही है। महीने में मुश्किल से 02 से 05 दिन की उपस्थिति पर 1,25,000/- का भुगतान उन्हें पिछले 03 वर्ष से किया जा रहा है जो सरकारी राजस्व का गबन है। 2. विश्वविद्यालय में संविदा के आधार पर मानव सेवा प्रदान करने वाली एजेंसी M/s Lions Force Solution India Pvt. Ltd, Noida में कुलपति के बेटे आदर्श कुमार और इनके करीबी रिश्तेदार साझेदार है। निविदा प्रक्रिया में अन्य सभी एजेंसी के बेहतर होने के बावजूद एक ही दर पर सेवा प्रदान करने की शर्त के बावजूद निविदा प्रक्रिया में घपला करते हुए अपने रिश्तेदार को विश्वविद्यालय में सेवा के लिए चयन किया गया जो घोर अनियमितता का परिचायक है। 3. उक्त एजेंसी द्वारा प्रतिमाह संविदा कर्मी के वेतन से अवैध तरीके से एक निश्चित राशि लेवी के रूप में काटी है और लगभग 25 लाख रूपये राशि प्रतिमाह लेवी के रूप में सीधे कुलपति और उनके रिश्तेदार को प्राप्त होता है। किशनगंज के सांसद महोदय ने भी उक्त मामले को जोरदार तरीके से उठाया है जो गंभीर जांच का विषय है। 4. कुलपति द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक (विषय वस्तु विशेषज्ञ) के नियमित पद पर विज्ञापित विज्ञापन संख्या 02/2023 दिनांक-28.02.2023 द्वारा Agronomy विषय अंतर्गत 07 पद के स्थान पर 08 अभ्यर्थियों को नियुक्त किया है। यह देखते हुए कि उनके करीबी राम नरेश (उत्तर प्रदेश) का चयन मेघा के अनुसार किया जाना नामुमकिन है, उन्होंने एक अतिरिक्त पद पर मनमाने तरीके से नियुक्त कर मोटी धनराशि प्राप्त की है। इस तरह एक UR के विज्ञप्त पद पर दो अभ्यर्थी श्रीमती संजू कुमारी और श्री राम नरेश को नियुक्त कर दिया गया है। 5. कृषि विभाग के मंत्री के निर्गत निदेश पत्रांक- 3346 दिनांक 13.08.2024 एवं सरकार के पत्रांक-1442 दिनांक 20.03.2025 द्वारा बिहार कृषि विश्वविद्यालय स्तर के नियमित और संविदा पदों की सभी नियुक्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाए जाने के बावजूद कुलपति द्वारा अपनी धृष्टता दिखाते हुए प्रशाखा पदाधिकारी, सहायक कुलसचिव और निदेशक कार्य एवं संयंत्र जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपने चहेते लोगों को मोटी धनराशि लेकर नियुक्ति कर दिया गया है। 6. सरकार द्वारा विश्वविद्यालय स्तर से कुलपति द्वारा की गयी नियुक्ति प्रक्रिया में भारी अनियमितता को देखते हुए सभी नियमित पदों की नियुक्तियों को BPSC या अन्य सरकारी आयोग से कराये जाने सम्बन्धी विधेयक विधानमंडल से पारित होने के बावजूद कृषि विभाग के अधिकारीयों की उदासीनता की वजह से लंबित है। 7. तत्कालीन कृषि मंत्री, बिहार सरकार द्वारा वर्तमान कुलपति पर लगातार नियुक्ति प्रक्रिया में भारी घांघली, प्रशासनिक, वित्तीय एवं अकादमिक अनियमितता की गंभीरता को देखते हुए दो बार जांच समिति का गठन पत्रांक - कु. शि. को.-4973 दिनांक - 21.11.2024 एवं कृ. शि. को.-59/2024-2629 दिनांक 23.05.2025 गठित किया गया। परन्तु विभाग के कुछ पदाधिकारियों की मिलीभगत के कारण उक्त जांच कार्रवाई को अब तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है और कुलपति को बचाने का काम कर रहे है। 8. कुलपति ने सरकार द्वारा वेतनमद के लिए प्रदत्त लगभग 15 लाख रूपये से अधिक अपने चहेते करीबी डॉ. एच्. पी. सिंह के NGO - "Confederation of Horticulture Association of India (CHAI)" को राशि प्रदान की है जो सरकारी राजस्व का सरासर गबन हैं। 9. यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि उक्त विज्ञापन संख्या 02/2023 दिनांक- 28.02.2023 में कोटि के चयन हेतु विश्वविद्यालय के परिनियम द्वारा M.Sc के अंक में निर्धारित 55% के स्थान पर 50% यानी 5% छुट का जिक्र जानबूझकर अंकित नहीं किया गया ताकि कम से कम अभ्यर्थी SC/ST कोटि के उम्मीदवार नियुक्त हो सके। उक्त नियुक्ति प्रक्रिया में अंततः अभ्यर्थी की कमी के कारण 06 पद रिक्त रह गया। 10. कुलपति ने वैज्ञानिक/सहायक प्राध्यापकों के लगभग 300 पदों पर की गयी नियमित नियुक्ति में सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया है। दुसरे राज्य के महिला अभ्यर्थियों को UR (Female) के आरक्षण का लाभ दिया गया है। यही नहीं EBC कोटि के अभ्यर्थियों को EWS कोटि के रिक्त पद पर चयन किया गया है। फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र पर अनुभव का लाभ देते हुए कुलपति ने अपने चहेते लोगों को नियुक्त किया गया है जो बेहद गंभीर मामला है और उच्च स्तरीय जांच अपेक्षित है। 11. कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय में एक करोड़ 75 लाख रूपये की कीमत का Plant Phenotype system with Camera के खरीद फरोख्त में भरी अनियमितता बरती गयी। उक्त मशीन की خرید के लिये निर्धारित मानदंडो क पालन नहीं किया गया है और बाज़ार मूल्य से ज्यादा मूल्य पर खरीद की गयी है। मशीन को उपयोग में लाने के लि एजेंसी को मशीन का भुगतान करने से पूर्व एजेंसी द्वारा विश्वविद्यालय के दो वैज्ञानिक को जर्मनी में प्रशिक्षण दिलाय जाना था। परन्तु कुलपति द्वारा वैज्ञानिकों को प्रशिक्षण दिलाये बिना ही एजेंसी को एक करोड़ 75 लाख रूपये क भुगतान कर दिया गया मोटी धनराशि कमीशन के रूप में प्राप्त किया। 12. डॉ. अनिल कुमार सिंह, निदेशक अनुसंधान की अध्यक्षता में ही NICRA एवं CRA प्रोजेक्ट अंतर्गत सभी UIR कोटि के पद पर चयनित Research Associate, Technical Assistant एवं Young Professional के पद पर ज्यादातर अपने करीबी लोग खासकर मिर्जापुर जिला, उत्तरप्रदेश के लोगों को नियुक्त कर लाभ पहुंचाया गया है। 13. इसी प्रकार कुलपति ने विश्वविद्यालय में पेटेंट के नाम पर कृषि अनुसन्धान में एक बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया है । कुलपति और उनके रिश्तेदार डॉ. अनिल कुमार सिंह, निदेशक अनुसंधान ने मिलकर एक ही वर्ष में विश्वविद्यालय के लाखो रूपये खर्च करके अपने नाम पर 20 से अधिक पेटेंट को बिना अनुसंधान कार्य एवं प्रयोगशाला में गए बिना अन्य वैज्ञानिकों की सहायता से हासिल कर लिए। ये दोनों पूर्व की 20 से 25 वर्षों की सेवा में एक भी पेटेंट हासिल नहीं कर सके परन्तु बिहार कृषि विश्विद्यालय के वैज्ञानिको के मेहनत से हासिल पेटेंट में अपने को जोड़कर अपना उल्लू सीधा करने में सफल हुए है। आज विश्वविद्यालय की 20 से 25 लाख रूपये सरकारी राशि बर्बाद होने के बावजूद विश्वविद्यालय के नाम पर एक भी पेटेंट नहीं है जिसकी जांच आवश्यक है। 14. सबसे बड़ी बात है कि कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह के विरुद्ध पूर्व विश्वविद्यालय CSUAT, Kanpur में कई अनियमिता के आरोपों की SIT जांच में उनके दोषी पाए जाने के आलोक में उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपराधिक कार्यवाई दर्ज करने पर विचार किया गया। SIT जांच में पर दोषी पाए गए व्यक्ति को समान पद पर कैसे बनाये रखा जा सकता है। 15. वर्ष 2012 में सहायक प्राध्यापक के भर्ती घोटाले में नामजद अभियुक्त और वर्तमान में जमानत पर चल रहे डॉ. मुकेश कुमार वाघवानी को वर्तमान कुलपति द्वारा पहले निदेशक प्रशासन का पद भार दिया गया और उनसे हाल ही में 300 पदों पर वैज्ञानिक / सहायक प्राध्यापक के नियमित नियुक्ति हेतु नियुक्ति पत्र निर्गत कराया गया और नियुक्ति प्रक्रिया में भारी धांधली की गयी। बाद में पारितोषिक के रूप में उनको College of Agri Business Administration, Sabour का प्रिंसिपल बना दिया गया जो अत्यंत गंभीर मामला है। 16. ऐसे ही एक अन्य अभियुक्त अमित कुमार, उप निदेशक प्रशासन जो वर्ष 2012 में सहायक प्राध्यापक के नियुक्ति घोटाले में जेल गए थे और वर्तमान में जमानत पर विश्वविद्यालय में कार्यरत है, उनको कुलपति द्वारा उच्च न्यायलय पटना के निर्देश के बावजूद हाल ही में MACP वेतन उत्क्रमण का विशेष लाभ दिया जाता है और बदले में उनसे मनमाना नीतिगत निर्णय का कार्य कराया जाता है।
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