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Sultanpur228125

Sultanpur: राष्ट्रीय लोक अदालत में उमड़ी फरियादियों की भीड़

May 10, 2025 09:18:56
Katka, Uttar Pradesh

सुल्तानपुर में आज 10 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत की शुरुआत हो गई है ।आम जन अपनी समस्याओं के निस्तारण करने के लिए जनपद सुल्तानपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय में आ रहे हैं। फरियादों की भीड़ भी बढ़ गई है। जनपद न्यायाधीश लक्ष्मीकांत शुक्ला ने कहा है कि मामलों का अधिक मामलों का निस्तारण करते हुए त्वरित न्याय दिलाने का कार्य करें।

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CJCHAMPESH JOSHI
Mar 28, 2026 18:15:49
Kondagaon, Chhattisgarh:कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक के ग्राम बैलगांव में एक अनोखी शादी इन दिनों पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां एक युवक ने एक ही मंडप में दो युवतियों के साथ पूरे रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। यह त्रिकोणीय विवाह सामाजिक रूप से असामान्य होने के बावजूद आपसी सहमति और परंपराओं के आधार पर संपन्न हुआ। बैलगांव निवासी हितेश यादव का दोनों युवतियों—फूलबती नाग और यामिनी देहारी—के साथ पहले से प्रेम संबंध था। हितेश ने सबसे पहले शंकरपुर (फरसगांव) निवासी फूलबती को विवाह का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उसने उस समय मना कर दिया। इसके बाद हितेश ने बनियागांव (धनोरा) निवासी यामिनी को शादी के लिए प्रस्ताव दिया, जिसे उसने स्वीकार कर लिया。 इसी बीच बाद में फूलबती ने भी विवाह के लिए अपनी सहमति जता दी। ऐसे में तीनों के बीच आपसी सहमति बनी और दोनों परिवारों के साथ चर्चा कर इस अनोखे विवाह का निर्णय लिया गया। खास बात यह रही कि दोनों दुल्हनों के परिवार बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंचे, जहां पूरे पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक मान्यताओं के साथ विवाह संपन्न हुआ。 इस विवाह समारोह में ओबीसी और आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों, रिश्तेदारों और समाज के लोगों ने भी इसमें सहभागिता निभाई। बताया जा रहा है कि विवाह के दौरान सौहार्दपूर्ण माहौल रहा और किसी प्रकार का विवाद सामने नहीं आया。 हालांकि, इस घटना को लेकर अब तक यादव समाज या आदिवासी समाज की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, सोशल मीडिया पर यह शादी तेजी से वायरल हो रही है और लोग इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। बाइट : हितेश यादव, दूल्हा
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 28, 2026 18:15:20
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एटीएम काटकर चोरी के मामले में दो आरोपियों को जमानत देते हुए एक अनोखी शर्त लागू की है। जस्टिस चन्द्र प्रकाश श्रीमाली की बेंच ने आरोपियों को 30 दिनों तक प्रतिदिन पांच पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का निर्देश दिया है।इसके साथ ही कोर्ट ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सहित राज्य के प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों को अपराधियों के पुनर्वास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के आदेश भी दिए हैं। मामला डीडवाना-कुचामन जिले के खुनखुना थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि वारिस उर्फ लहकी और उस्मान उर्फ अंधा ने एसबीआई के एटीएम को गैस कटर से काटकर नकदी चोरी की। दोनों आरोपी 9 जनवरी 2026 से जेल में बंद थे। जांच पूरी होने और कोई बरामदगी शेष नहीं रहने के आधार पर कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी को एक लाख रुपए के निजी मुचलके और 50-50 हजार रुपए के दो जमानतदार प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पौधारोपण की शर्त लागू करते हुए कहा कि यह कार्य एक सप्ताह के भीतर शुरू किया जाए। वन विभाग को पौधे उपलब्ध कराने और फोटो-वीडियो के साथ रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने इस आदेश के माध्यम से सुधारात्मक न्याय पर जोर देते हुए कहा कि केवल सजा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराधियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी जरूरी है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि अपराध के कारणों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए राज्य स्तर पर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। डीजीपी को आदेश दिया गया कि सभी थाना अधिकारियों और जांच अधिकारियों को निर्देशित कर आरोपियों की सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। इससे न्यायालय को यह तय करने में मदद मिलेगी कि आरोपी के लिए कौन से सुधारात्मक कदम उपयुक्त होंगे। इसके अलावा प्रत्येक जिले में पुलिस अधीक्षक स्तर के नोडल अधिकारी की नियुक्ति, पुलिस थानों में रजिस्टर और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पुनर्वास की प्रक्रिया की निगरानी करने को कहा गया है। राजस्थान state विधिक सेवा प्राधिकरण को काउंसलिंग, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्स्थापन की योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने इस आदेश की प्रति एक्टिंग चीफ जस्टिस के समक्ष रजिस्टर जनरल के माध्यम से रखी जाए, और उनसे अनुरोध किया जाए कि वे इसे सभी जिला न्यायाधीशों और डीएलएसए के अध्यक्षों के बीच प्रसारित करें, ताकि अपराधियों को दी गई सामाजिक सेवाओं की निगरानी और कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ मुख्य सचिव व डीजीपी को भी आदेश की प्रति भेजी जाए और तीन माह में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 28, 2026 18:02:33
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। जैसलमेर शहर में प्रतिबंधित क्षेत्र में बने मकानों को लेकर चल रहे विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए फिलहाल ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कार्य के इस आदेश से सैकड़ों परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिनके घरों पर बुलडोजर चलने का खतरा मंडरा रहा था। मामलے की सुनवाई न्यायाधीश कुलदीप माथुर की एकलपीठ में अमरदीन खान सहित अन्य की याचिकाओं को एक साथ सुना गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि जैसलमेर के संबंधित क्षेत्र में 300 से 400 से अधिक मकान लंबे समय से बने हुए हैं और इनमें बड़ी संख्या में लोग निवास कर रहे हैं। उनका कहना था कि इन निर्माणों के लिए समय-समय पर स्थानीय प्रशासन से अनुमति भी ली गई थी, लेकिन अब अचानक कुछ लोगों को ही नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा रही है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा चयनित तरीके से कार्रवाई करना मनमाना और भेदभावपूर्ण है। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 (एएमएएसआर के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। उनके अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में किए गए सभी अवैध निर्माणों को नोटिस दिए गए हैं और जिन मामलों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनमें ही ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए हैं।हाईकोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला कलेक्टर जैसलमेर को निर्देश दिया है कि वे 8 अप्रैल 2026 को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसमें प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की योजना, उपलब्ध विकल्पों और प्रशासन की कार्रवाई का पूरा विवरण शामिल करने को कहा गया है। साथ ही राज्य सरकार से भी इस मामले में स्पष्ट रुख रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस आदेश से प्रभावित परिवारों को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन मामले का अंतिम निर्णय आने तक स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 28, 2026 18:02:18
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने नीट (पीजी)-2025 के तहत एमडी कोर्स में प्रवेश से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि प्रशासनिक गाइडलाइन या सूचना बुलेटिन, वैधानिक नियमों से ऊपर नहीं हो सकते। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता डॉ. परणिका शर्मा को राहत देते हुए डॉ. संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज, जोधपुर में एमडी (एनेस्थीसियोलॉजी) कोर्स में सात दिन के भीतर प्रवेश देने के आदेश दिए। अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने बताया कि याचिकाकर्ता ने वर्ष 2023 में एमबीबीएस पूर्ण करने के बाद छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल से प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन प्राप्त किया और इंटर्नशिप पूरी की। नीट पीजी-2025 में सफल होने के बाद काउंसलिंग के अंतिम राउंड में उन्हें जोधपुर मेडिकल कॉलेज आवंटित किया गया था। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने परमानेंट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं होने के आधार पर प्रवेश देने से मना कर दिया, जबकि याचिकाकर्ता ने आवश्यक अंडरटेकिंग और अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर दिए थे और स्थायी पंजीकरण की प्रक्रिया भी जारी थी। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन, 2000 के नियम 8(3) के अनुसार, अभ्यर्थी को प्रवेश के एक माह के भीतर परमानेंट रजिस्ट्रेशन प्रस्तुत करना होता है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि जब वैधानिक नियम स्पष्ट रूप से समय सीमा प्रदान करते हैं, तो सूचना बुलेटिन के माध्यम से अतिरिक्त शर्तें थोपना अनुचित है। राज्य सरकार और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी के तर्कों को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को अपात्र घोषित करना मनमाना और विधिविरुद्ध है। कोर्ट ने प्रवेश से इंकार के आदेश को निरस्त करते हुए संबंधित कॉलेज को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को निर्धारित समय में एमडी कोर्स में प्रवेश दिया जाए।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 28, 2026 18:01:39
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। एनडीपीएस न्यायालय जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश मधुसूदन मिश्रा ने 17 साल पुराने अवैध मादक पदार्थ अफीम एवं स्मैक के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी महिला को 3 वर्षों का कठोर कारावास और 30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। विशिष्ट लोक अभियोजक एनडीपीएस गोविन्द जोशी ने बताया कि दिनांक 21/05/2009 को पुलिस थाना महामंदिर के तत्कालीन थानाधिकारी ओमप्रकाश गौतम ने पुलिस थाना महामंदिर के आवासीय क्वार्टर में से पुलिस कॉन्टेबल की पत्नी सरिता से 70 ग्राम अफीम, 10 ग्राम स्मैक और 153000 नकद बरामद किए थे। थाने का यह क्वार्टर पुलिस कॉन्टेबल भजनलाल के नाम से आवंटित था, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर बाद अनुसंधान आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। वर्तमान में अवैध मादक पदार्थों के मामलों में उतरोतर वृद्धि होने, अवैध मादक पदार्थों से युवाओं का भविष्य बर्बाद होने से यह अपराध गंभीर किस्म की प्रकृति के अपराध होने और उसका समाज में प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की वजह से आरोपियों को कठोरतम सजा देने की मांग की जबकि आरोपियों ने नरमी बरतने का आग्रह किया। विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत कुल 21 गवाह, 76 दस्तावेजी साक्ष्य और 7 आर्टिकल के आधार पर अभियुक्ता सरिता पत्नि भजनलाल विश्नोई निवासी खारा, फलोदी, जोधपुर को अवैध मादक पदार्थ अफीम एवं स्मैक रखने के आरोप में दोषी ठहराते हुए 03 वर्षों का कठोर कारावास व 30 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
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SRShivam RAj
Mar 28, 2026 18:01:20
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 28, 2026 18:00:33
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर के वन क्षेत्रों में अतिक्रमण के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने राम जी व्यास की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि पूर्व में जारी निर्देशों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2026 को होगी। सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि संबंधित वन क्षेत्र करीब 50 किलोमीटर तक फैला हुआ है, जहां समय के साथ कई कॉलोनियां और जरूरतमंद लोगों के मकान विकसित हो गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने एक योजना तैयार की है, जिसके तहत अतिक्रमित वन भूमि के बराबर नए क्षेत्र में वन विकसित किया जाएगा। महाधिवक्ता ने कहा कि पूरे क्षेत्र का सर्वे कराया जा चुका है और उसी आधार पर वन विकास की योजना बनाई गई है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जोधपुर के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और शहर के आसपास हरित क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोर्ट को यह भी बताया गया कि हाल ही में जिन वन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल बनाई गई है, वहां किसी भी नए अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि ब Bound्री वॉल बनने के बाद किसी ने कब्जा किया है, तो उसे कानून के अनुसार हटाया जाएगा। सरकार ने अतिक्रमण हटाने और प्रस्तावित वन विकास योजना की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए अदालत से समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। साथ ही यह भी कहा कि पहले दिए गए सभी निर्देश प्रभावी रहेंगे।
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NSNITIN SRIVASTAVA
Mar 28, 2026 18:00:20
Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- निकाह समारोह में खाना बना आफत, 30 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार बाराबंकी में देवा थाना क्षेत्र के कस्बा स्थित मोहल्ला लालापुर में शनिवार को आयोजित एक निकाह समारोह उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब भोजन करने के बाद करीब 30 लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवा में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत खतरे से बाहर बताई है। जानकारी के अनुसार, लालापुर निवासी मोहम्मद मुहीद की पुत्री सलमा का निकाह था, जिसमें निन्दूरा ब्लॉक के खिंझना गांव से बारात आई थी। दोपहर करीब दो बजे बारातियों और मेहमानों ने भोजन किया। इसके कुछ घंटों बाद ही कई लोगों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर जैसी शिकायतें होने लगीं। शाम होते-होते हालत बिगड़ने पर एक-एक कर लोग इलाज के लिए सीएचसी पहुंचने लगे। रात करीब नौ बजे तक मोहम्मद शरिक, मोहम्मद सफात, सान वारिश, जिया, फाहरुन निशा, मो. अनीश, रफिया, मो. जावेद, रहमा, मो. इरफान, जब्बार और असमीन रजा समेत लगभग 30 लोग अस्पताल पहुंच चुके थे। सीएचसी के चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि सभी मरीजों को समय पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जिससे उनकी स्थिति अब नियंत्रण में है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (सीओ) संगम कुमार और कोतवाल अजय कुमार त्रिपाठी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अवधेश कुमार और तहसीलदार भूपेंद्र विक्रम सिंह भी मौके पर पहुंचे तथा पूरे मामले की निगरानी की। अधिकारियों ने चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए और घटना की जांच शुरू करा दी है। प्राथमिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि भोजन में इस्तेमाल किया गया खोया खराब होने के कारण यह घटना हुई। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है। बाइट- डॉ अवधेश कुमार यादव, सीएमओ, बाराबंकी।
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