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MPMadan Pal Singh ArkvanshiFollow12 Mar 2025, 02:14 pm

Sitapur - एसडीएम को सौंपा ज्ञापन,पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग

Terwa, Uttar Pradesh:

सीतापुर, महोली पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के द्वारा मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा. संगठन के सिधौली तहसील अध्यक्ष मिथलेश बाजपेयी ने बताया महोली तहसील के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी को हत्यारो को जल्द से जल्द पुलिस गिरिफ्तार करे और म्रतक पत्रकार के परिवार को सरकारी नौकरी 50 लाख आर्थिक सहायता दी जाए. उन्होंने बताया म्रतक स्व राघवेंद्र बाजपेयी के परिवार साथ पूरा पत्रकार समाज साथ में कदम से कदम मिलाते हुए साथ है।

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भदोही पुलिस ने पानी के टैंटर में छिपाकर बिहार ले जा रही शराब पकड़ी

Bhadohi Nagar Palika, Uttar Pradesh:भदोही पुलिस को अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है. गोपीगंज थाना पुलिस ने पानी के टैंकर में छिपाकर बिहार ले जाई जा रही करीब 11 लाख रुपये की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है. पुलिस ने मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार कर ट्रैक्टर और पानी का टैंकर भी कब्जे में ले लिया है. पुलिस के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर गोपीगंज थाना पुलिस ने जीटी रोड स्थित गेराई पावर हाउस के पास घेराबंदी की. इस दौरान एक महिंद्रा ट्रैक्टर और उससे जुड़े पानी के टैंकर की तलाशी लेने पर 114 पेटियों में रखी 1005 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 11 लाख रुपये बताई जा रही है. मामले में पुलिस ने शामली निवासी मनोज उर्फ राहुल सैनी को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि शराब की खेप बिहार पहुंचाई जानी थी, जहां इसे ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाया जाता था. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है.
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सुजय विक्हे के निरीक्षण के बाद नगर–मनमाड महामार्ग पर ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी

Shirdi, Maharashtra:नगर–मनमाड महामार्गाच्या कामाची माजी खा.सुजय विखे कडून यांची पाहणी... सावळीविहीर येथील उड्डाणपुलाच्या कामामुळे वाहतुकीवर मोठा परिणाम... कामात ठेकेदारांकडून त्रुटी झाल्याची सुजय विखेंनी स्पष्ट कबुली... अधिकारी आणि ठेकेदारांना तातडीने सुधारणा करण्याचे निर्देश... पुढील तीन दिवसांत वाहतुकीची समस्या कमी होणार असल्याचा सुजय विखेंचा दावा... गुरु पौर्णिमेपूर्वी रस्त्याची एक बाजू वाहतुकीसाठी खुली करण्याचे नियोजन... महामार्गालगतची अतिक्रमणे हटविण्याबाबत प्रशासनाला सुजय विखेंच्या सूचना...
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एलजी शासन बनाम क्षेत्रीय दल: शहीद स्मृति पर कश्मीर में राजनैतिक रस्साकशी तेज

Chaka, कश्मीर में एलजी प्रशासन बनाम क्षेत्रीय दल; मुखी मंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा- "अधिकारी मेहमान हैं, शहीदों की यादें स्थायी" तो महबूबा मुफ्ती बोली "शहीद हमारे हीरो हैं इन का अस्तित्व नहीं मिटाया जा सकता" 13 जुलाई, जिसे कश्मीर में 'शहीद दिवस' के रूप में याद किया जाता है, इस साल राजनीतिक रस्साकशी का केंद्र बन गया। 1931 के शहीदों की मजार (नक्शबंद साहब) तक जाने पर लगाई गई पाबंदियों ने सत्तारूढ़ दल नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी जैसे प्रमुख क्षेत्रीय दलों को एलजी प्रशासन के खिलाफ खड़ा कर दिया है। जहाँ एक तरफ प्रशासन इसे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का विषय बता रहा है, वहीं दूसरी ओर उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने इसे इतिहास मिटाने की कोशिश और लोकतांत्रिक पर हमला करार दिया है। मुखी मंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके पिता आज पार्टी मुखियाले पहुंचे और नेशनल कांफ्रنس के अनी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्तों के साथ पार्टी मुखियाले में ही 1931 में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसे पहले नेशनल कांफ्रेंस की दिग्गज नेता और कैबिनिट मंत्री सकीना इतु ने X पर वीडियो अपलोड करते दावा किया कि उसे शहीद कब्रिस्तान जाने से रोका गया। सत्तारूढ़ दल नेता के और जम्मू कश्मीर के मुखीमंत्री उमर अब्दुल्ला बी एलजी प्रशासन को अड़े हाथों लेते आरोप लगाया की ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि यह शहीद मुसलमान थे। उमर अब्दुल्ला ने शहीद मजार पर जाने से रोकने के प्रशासन के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रशासन को 'अस्थायी' बताते हुए कहा कि यह दमनकारी नीति लंबे समय तक नहीं चलेगी। उमर ने बोला "जो लोग आज हमें शहीद कब्रिस्तान पर जाने से रोक रहे हैं, वे चंद दिन के मेहमान हैं। ये कब्रें यहाँ थीं, यहाँ हैं और यहीं रहेंगी। आज नहीं तो कल, हम दोबारा वहां जाएंगे, वहां फूल अर्पित करेंगे और शहीदों के लिए फातिहा पढ़ेंगे।" उमर ने प्रशासन को नसीहत भी दी इतिहास पड़े की यह लड़ाई धर्म की लड़ाई नहीं थी, बल्कि यह 'शख्सी राज' और ब्रिटिश औपनिवेशिक प्रभाव के खिलाफ 'जम्हूरियत' और 'असूलों' की लड़ाई थी। उमर बोले " यह निहायत ही अफ़सोस की बात है कि वो लोग जो 13 जुलाई को अंग्रेज़ों के राज़ के ख़िलाफ़, शख़्सी राज़ के ख़िलाफ़ और जम्हूरियत के लिए अपनी क़ीमती जानें कुर्बान कर गए, आज उनकी शहादत को सलाम करने की हमें इजाज़त नहीं दी जा रही। काश यह जो फ़ैसला लिया गया, शहीद मज़ार को बंद करने का, यह फ़ैसला लेने वाले अगर दो मिनट जम्मू कश्मीर की हिस्ट्री पढ़ते तो समझ जाते कि इस फ़ैसले से उन्होंने तमाम वो लोग जिन्होंने आज़ादी से पहले अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ते अपनी जानों को क़ुर्बान किया, उन सबों की क़ुर्बानियां आज नज़र अंदाज़ की गईं। यह लड़ाई जिसको सिर्फ़ मज़हब के तराज़ू में तोला जा रहा है, इन शहीदों की शहादत को सिर्फ़ इसलिए नज़र अंदाज़ किया जा रहा है क्योंकि वो मुसलमान थे और यहां का महाराजा मुसलमान नहीं था। लेकिन यह लड़ाई मज़हब की नहीं थी, यह लड़ाई असूलों की लड़ाई थी, यह लड़ाई जम्हूरियत की लड़ाई थी और सबसे ज़्यादा यह लड़ाई अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ आज़ादी की लड़ाई थी। लेकिन आज हमें कहा जा रहा है कि अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ाई करना और मुल्क की आज़ादी में एक रोल अदा करना वो ग़लत था। हम इस चीज़ को कबूल नहीं करते, न कभी कबूल किया है, न आगे कभी करेंगे।" उमर ही नहीं बल्कि जम्मू कश्मीर की मुखी विपक्ष दल पीडीपी के नेताओं ने भी एलजी प्रशासन पर कदगन लगाने के आरोप लगाते प्रशासन की निंदा की। पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी दफ्तर पहुंच कर दफ़्तर में ही शहीदों को फूल अर्पित किए और कहा की बीजेपी यह सब जान बूझ कर कर रही है अगर उनका हीरो गोडसे हैं तो यह हमारे हीरो है। मुफ्ती ने इन शहीदों की तुलना देश बड़े बड़े शहीदों की की। उन्होंने कहा: "आज का दिन 13 जुलाई का है। आज के दिन 22 लोगों ने श्रीनगर के सेंट्रल जेल के बाहर अपनी जानें कुर्बान कीं। उस वक्त का जो शख्सी राज था, उसके खिलाफ, जुल्म के खिलाफ, तशद्दुद के खिलाफ और हमारी कौम को बेदार किया। मगर मुझे अफसोस है इस बात का कि उस वक्त पूरे मुल्क में अंग्रेजों के खिलाफ एक मुहिम चल रही थी, जिसमें बड़ी-बड़ी शहादत हुई। शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव, राजगुरु, शहीद अशफाक उल्ला खान साहब जिनको हम मानते हैं। हम उनको हमेशा इज्जत करते हैं। उनकी कुर्बानी को हम, कबूल करते हैं, मानते हैं वो कुर्बान। मगर जहां तक कश्मीरीयों की कुर्बानी का सवाल है, इसको बीजेपी ने हिंदू-मुस्लिम का सवाल बनाया है, डोगरा-कश्मीरी का सवाल बनाया है, जम्मू-क Kashmir का सवाल बनाया है। बीजेपी जम्मू-कश्मीर के लोगों के ज़ेहन पर पाबंदी नहीं लगा सकती है। अगर बीजेपी इससे ज्यादा भी कोशिश करेगी कि वो हमारे ज़ेहन पर कंट्रोल करे, वो हमारे हीरो हैं। जिस तरह शहीद भगत सिंह जी, जिस तरह सुखदेव, जिस तरह अशफाक उल्ला खान साहब, जिस तरह गांधी जी, जिस तरह उनके गोडसे हीरो हैं बीजेपी के, हमारे ये... 1931 में जो हमारे कश्मीरी लोग उस वक्त शहीद हो गए, आवामी रूल की खातिर, वो हमारे शहीद रहे हैं और रहेंगे." यह घटनाक्रम जम्मू-कश्मीर में इतिहास और स्मृति की राजनीति के एक गहरे ध्रुवीकरण को दर्शाता है। जहाँ एलजी प्रशासन सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाने की बात कर रहा है, वहीं क्षेत्रीय दलों ने इसे 'जम्हूरियत' की हत्या बोलकर प्रशासन पर बड़े आरोप लगाए हैं। यह संग्राम केवल एक दिन तक सीमित रहते नहीं दिखता है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि जम्मू-कश्मीर की सत्तारूढ़ दल सहित मुख्यधारा की पार्टियाँ और एलजी प्रशासन के बीच टकराव अधिक रहा है।
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भागलपुर एयरपोर्ट क्षेत्र के 845 मकानों पर नोटिस से बवाल, प्रदर्शन जारी

Naya Chak, Bihar:एंकर - भागलपुर में एयरपोर्ट के आसपास बने 845 मकानों को नगर निगम की ओर से जारी नोटिस के बाद बवाल शुरू हो गया है। आज दो दर्जन से अधिक मकान मालिक नगर निगम कार्यालय पहुंचे और नगर आयुक्त का घेराव करने की कोशिश की। नगर आयुक्त के कार्यालय में नहीं मिलने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और निगम कार्यालय परिसर में जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद उन्होंने मेयर वसुंधरा लाल से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी। मेयर ने उन्हें आश्वस्त किया है हम किसी भी मकान पर आंच नहीं आने देंगे। वहीं लोगों का आरोप है कि वर्षों पहले रजिस्ट्री और भवन का नक्शा पास कराने के बाद अब अचानक दस्तावेज मांगकर मकानों को अवैध बताने की तैयारी की जा रही है। हवाई अड्डा क्षेत्र के आसपास बने 845 भवनों को नगर निगम ने नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर स्वीकृत भवन नक्शा या भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण यानी एएआई की एनओसी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर भवनों के खिलाफ अवैध निर्माण मानते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसी नोटिस के विरोध में मंगलवार को दो दर्जन से अधिक मकानों के मालिक नगर निगम कार्यालय पहुंचे। उनका कहना था कि वे नगर आयुक्त से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि आखिर इतने वर्षों बाद यह नोटिस क्यों जारी किया गया है। नगर आयुक्त के कार्यालय में नहीं मिलने पर लोगों का आक्रोश बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने निगम परिसर में जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया。 प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि उन्होंने वर्षों पहले विधिवत जमीन की रजिस्ट्री कराई थी, नगर निगम से भवन का नक्शा भी स्वीकृत कराया था और तब कहीं जाकर मकान बनाया। अब अचानक नोटिस भेजकर दोबारा कागजात मांगना लोगों को मानसिक रूप से परेशान करने जैसा है। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर कार्रवाई का आधार क्या है。 वहीं नगर निगम का कहना है कि एयरपोर्ट क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भवनों की वैधता की जांच की जा रही है। सभी भवन स्वामियों को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए 14 जुलाई, 18 जुलाई, 24 जुलाई और 8 अगस्त की तिथियां निर्धारित की गई हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई भवन स्वामी निर्धारित समय पर संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता है या सुनवाई में उपस्थित नहीं होता है तो बिहार नगर निकाय अधिनियम के तहत एकतरफा निर्णय लेते हुए अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है。 Byte- शैलेश कुमार, स्थानीय गृह स्वामी Byte- मुकेश मिश्रा, स्थानीय गृह स्वामी Byte - वसुंधरा लाल, मेयर भागलपुर
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ग्वालियर: दबिश के बाद आरोपी बालकनी से कूदकर घायल, वारंट की तलाश जारी

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर में दो मामलों में वांटेड चल रहे वारंटी को पकड़ने गई पुलिस को देखकर आरोपी दो मंजिला मकान से कूद गया। हादसे में उसके हाथ-पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना कंपू थाना क्षेत्र गुढ़ागुड़ी का नाका की है। पुलिस के अनुसार सरकारी मल्टी में रहने वाला विशाल पुलिस की गुंडा सूची में दर्ज है। उस पर करीब 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दो वारंट उसकी तलाश में थे। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात पुलिस उसे पकड़ने उसके घर पहुंची। बताया गया कि इससे पहले भी विशाल को पकड़ने के लिए कई बार दबिश दी गई, लेकिन हर बार वह बालकनी से भाग निकलता था। रविवार रात पुलिस ने फिर घर घेर लिया। उस समय विशाल नशे में था। पुलिस को गेट पर खड़ा देखकर वह घबरा गया और बालकनी से भागने की कोशिश की। लेकिन नशे की वजह से वह पाइप ठीक से नहीं पकड़ पाया और दो मंजिला मकान से नीचे कूद गया। गिरने से उसके हाथ-पैर टूट गए और चेहरे पर भी गहरी चोटें आई हैं। हादसे के बाद परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर विशाल को धक्का देकर नीचे गिराने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी खुद कूदा है। पुलिस ने घायल विशाल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। साथ ही वारंट का पालन कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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पीपलू में ट्रांसफॉर्मर खराब: 17 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप, ग्रामीणों ने हाईवे जाम

Tonk, Rajasthan: पीपलू, टोंक पीपलू शहर के रानोली रोड पर ट्रांसफॉर्मर में खराबी, 17 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप गुस्साए ग्रामीणों, महिलाओं ने किया स्टेट हाईवे 121 जाम बिजली के खंभे पर स्पार्किंग के बाद रविवार रात हुआ था ट्रांसफॉर्मर खराब 30 से अधिक उपभोक्ता भीषण गर्मी में बिजली के बिना परेशान कनिष्ठ अभियंता से संपर्क नहीं, कार्यालय में भी नहीं हो रही सुनवाई ग्रामीणों ने जल्द बिजली बहाल करने की उठाई मांग रात 10 बजे से क्षेत्र में अंधेरा, पेयजल व घरेलू कार्य प्रभावित बिजली निगम की व्यवस्था पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
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बेगूं में अफीम किसानों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर NDPS Act दुरुपयोग रोकने की मांग

Begun, Rajasthan:बेगूं चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं में भारतीय किसान संघ राजस्थान प्रदेश, चित्तौड़ प्रांत के तत्वावधान में अफीम उत्पादक किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बेगूं उपखंड अधिकारी अंकित सामरिया के माध्यम से ज्ञापन देकर NDPS Act की धारा 8/29 के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने, सरकार द्वारा डोडा चूरा का उचित मूल्य देकर वास्तविक खरीद सुनिश्चित करने तथा अफीम उत्पादक किसानों की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। इस दौरान प्रदेश अफीम आयाम प्रमुख बद्रीलाल जाट, जिला उपाध्यक्ष भूरालाल धाकड़, जिला मंत्री लाभचंद धाकड़, तहसील अध्यक्ष घीसालाल धाकड़, तहसील मंत्री बाबूलाल धाकड़ सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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गढ़वा में अवैध संबंध के चलते पत्नी और देवर ने पति की हत्या, 48 घंटे में हुआ पर्दाफाश

Narayanpur, Jharkhand:झारखण्ड के गढ़वा जिले मे पत्नी बनी हत्यारीन, जंगल मे देवर से बना रही थी अवैध संबंध पति ने देखा तो देवर के साथ मिलकर पति को लगा दिया ठिकाने, अवैध संबंध की जानकारी समाज को ना हो तो पति की कर दी हत्या, फिर दिया उसे आत्महत्या का रूप, पुलिस ने किया खुलाशा , पत्नी और देवर गिरफ्तार। जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव के पत्थरपनिया के जंगल में पेड़ से लटकता पुलिस ने एक शव को किया था बरामद जिसकी पहचान गोला कोरवा के रूप मे की गई थी लोग इसे आत्महत्या मान रहे थे लेकिन माँ के दिल इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या मान रही تھی ज़ब पुलिस ने आवेदन के आधार पर तहकीकात शुरू की तो खुलाशा हुआ यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इस चर्चित कांड का उदभेदन कर दिया। इस मामले मे पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके छोटे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जानकारी डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने सोमवार को चिनिया थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। डीएसपी ने बताया कि 11 जुलाई को पाल्हे गांव के जंगल में गोला कोरवा का शव गमछे के सहारे पेड़ से लटका मिला था। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए आवेदन दिया। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के भाई नारायण कोरवा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसका अपने बड़े भाई की पत्नी सकलपतीया देवी के साथ अवैध संबंध था। घटना वाले दिन गोला कोरवा ने दोनों को जंगल में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी और घटना को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से शव को गमछे के सहारे पेड़ से लटका दिया, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने अनुसंधान के दौरान मृतक की पत्नी सकलपतीया देवी को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने भी हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है। मामले में अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है। डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने बताया कि पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाते हुए बेहद कम समय में इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया हैं।
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दलित छात्रा पर मुस्लिम युवकों की छेड़खानी, दरोगा ने पिता को चाटा

Bareilly, Uttar Pradesh:वीओ 01 इज्जत नगर थाना क्षेत्र के बैरियर वन चौकी के आलोक नगर में एक दलित छात्रा को कुछ मुस्लिम लड़के आये दिन छेड़छाड़ करते हैं, जिसमे एक युवक मोनीश खान है जो उसको घर से उठा ले जाने की धमकी देता है, और लड़की के पिता को गालियां देता है, चुकी लड़की दलित है तो उसको जातिसूचक शब्दो से भी परेशान करते हैं, कल रात लड़की जब ट्यूशन से घर आ रही थी तो मोनीश ने उसका रास्ता रोक लिया, विरोध करने और उसको जान से मारने की धमकी दी साथ ही उसको घर से उठा ले जाने की भी बात कही बाइट पीड़ित युवती वीओ 02 पीड़ित ने जब सारी बात अपने परिवार को बताई तो मोनीश और उसके साथियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिवार बैरियर वन चौकी पहुँचा तो वहाँ मौजूद आफताब दरोगा ने छात्रा के पिता को चाटा मारकर भगा दिया, उसने कहा कि भाग जा यहाँ से , जब कुछ हिन्दू संगठन मौके पर पहुँचें तो थाना इज्जतनगर में कार्रवाई का आश्वासन दिया बाइट पीड़ित के पिता वीओ 03 इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे हैं और योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगा रहे हैं अब देखना यह होगा कि पुलिस इस पूरे मामले में क्या करवाई करती है, बाइट मिंटू सिंह, हिंदूवादी नेता
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बस्ती में पोखरे में डूबकर दो बच्चों की दर्दनाक मौत, गांव में मातम

Basti, Uttar Pradesh:शाम को घर से निकले दो मासूम किसी ने नहीं सोचा था कि उनकी हंसी हमेशा के लिए खामोश हो जाएगी। खेलते-खेलते दोनों दोस्त गांव के पोखरे तक पहुंचे, लेकिन पानी की गहराई उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गई। घंटों तक परिजन उन्हें तलाशते रहे, और जब सच्चाई सामने आई तो पूरे गांव में मातम छा गया। बस्ती जिले के मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के बोदवल गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। गांव के रहने वाले आठ वर्षीय अनुज और नौ वर्षीय गणेश अपने छह वर्षीय साथी युवराज के साथ गांव के पोखरे में नहाने गए थे।नहाने के दौरान अनुज और गणेश गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। मासूम युवराज यह मंजर देखकर घबरा गया और डर के कारण सीधे अपने घर पहुंच गया। उसने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।सूचना मिलते ही मुण्डेरवा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से पोखरे में तलाश अभियान शुरू कराया। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव पोखरे से बाहर निकाले गए।दोनों मासूमों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। जिस घर में कुछ घंटे पहले बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब सिर्फ मातम पसरा है। पूरे गांव की आंखें नम हैं और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है। पुलिस दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला पोखरे में डूबने से मौत का है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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